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नई दिल्ली। अवैध विदेशी और स्थानीय टेलीविजन चैनल दिखाने वाले केबल ऑपरेटरों के खिलाफ सजा बढ़ाने के बारे में एक विधेयक गुरुवार को लोकसभा में पेश किया गया। संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने केबल टेलीविजन नेटवर्क विनियमन दूसरा संशोधन विधेयक सदन में पेश किया। विधेयक में ऐसे विदेशी और स्थानीय टेलीविजन चैनलों को केबल नेटवर्क के जरिए दिखाने पर सजा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है जो भारत में प्रसारण के लिए रजिस्टर्ड नहीं हैं।
विधेयक में गैरपंजीकृत टेलीविजन चैनलों का प्रसारण करने वाले केबल ऑपरेटरों के लिए दो साल की कैद और एक लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। जो ऑपरेटर दोबारा इस अपराध में पकड़े जाएंगे उनके लिए पांच साल की कैद और तीन लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। मौजूदा समय में पहली बार इस अपराध के लिए दो साल तक कैद और एक हजार रुपए तक जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा यह अपराध करने वाले को पांच वर्ष तक कैद और पांच हजार रुपए तक जुर्माने की सजा दी जा सकती है।
सरकार को पिछले कुछ अरसों में अवैध टेलीविजन चैनलों के प्रसारण के बारे में अनेक शिकायतें मिली हैं। इनके प्रसारण से शांति और सुरक्षा को खतरे की आशंका को देखते हुए सरकार ने केबल ऑपरेटरों पर नकेल कसने का फैसला किया है। साभार : आईबीएन