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साथियों,

दूसरे तमाम माता-पिता की तरह इन दिनों मैं भी अपनी 12वीं में पढ़ने वाली बेटी के अगले शैक्षणिक सत्र में दाखिले के सिलसिले में परेशान हूँ। मेरी परेशानी का बड़ा कारण यह है कि उसकी दसवीं की मार्कशीट में उसके नाम की स्पेलिंग स्कूल स्टाफ की मेहरबानी से गलत प्रिंट हो गई है और स्कूल का प्रिंसिपल है कि हद दर्जे का घटिया व्यवहार कर रहा है, पैरेंट्स के साथ कपूर नामक का उसका हिंदी टीचर गुंडे के जैसा पेश आता है। मेरे साथ उसने धक्कामुक्की की।

विवरण इस प्रकार से है। मेरी पुत्री शालिनी तिवारी जिसने गवर्नमेंट हाईस्कूल मॉडल टाउन, हिसार से वर्ष 2015 में दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। लेकिन स्कूल वालों की घोर लापरवाही के चलते अंग्रेजी में शालिनी की स्पेलिंग गलत चली गई थी। मैंने इस संबंध में पहले भिवानी बोर्ड से संपर्क किया और वहाँ से जैसे बताया गया उसी के अनुसार शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर जाकर स्पेलिंग करेक्शन का फार्म डाउनलोड किया। उसे लेकर प्रिंसिपल के पास गया और उन्हें बताया कि शिक्षा बोर्ड के क्लर्क के अनुसार स्कूल के रजिस्टर की फोटोकापी के हिसाब से नाम की स्पेलिंग को वेरिफाई किया जाना है। इसके बाद ही नाम ठीक हो पाएगा।

इसके बाद मेरी पुत्री अपनी पहचान की शिक्षिका के पास गई, जिसने रजिस्टर निकालकर जरूरी जानकारियाँ निकालीं और फिर उसे लेकर हेडमास्टर विनोद के पास कुछ पूछने गईं। हेडमास्टर ने कागज फेंकते हुए कहा कि हम सिर्फ वेरीफाई करेंगे, फार्म इनको भरना है। फार्म में जरूरी जानकारी भरी जा चुकी थी। मेरे द्वारा यह कहे जाने पर कि गलती स्कूल स्टाफ की है और ठीक भी उसे ही करवाना होगा। इतने पर एक अन्य स्टाफ (चेहरा याद है नाम नहीं) मुझे धक्का देकर गाली-गलौज करने लगा तथा धमकाते हुए कहा जाओ जो करना है कर लो कुछ नहीं होगा। मेरी माँग है कि उक्त गालीगलौज करने वाले व धमकी देने वाले शिक्षक/कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

कामता प्रसाद
पत्रकार और अनुवादक
1138, अर्बन एस्टेट
हिसार
हरियाणा


कामता प्रसाद दैनिक जागरण समेत कई बड़े अखबारों और मैग्जीनों में काम कर चुके हैं. वे आजाद पत्रकार और अनुवादक के बतौर इन दिनों सक्रिय हैं.

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