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मुजफ्फरनगर स्थित समाचार टुडे ऑफिस के नीचे कुछ लोगों का आपस में विवाद हो गया था. उसी वक्त एंकर मनीष वर्मा, रिपोर्टर विकास सैनी और कैमरामैन अक्षय ठाकुर ऑफिस से नीचे उतर रहे थे। चूंकि मामला ऑफिस के पास का था तो जाहिर है हमारी टीम ने उन लोगों को आपस में झगड़ा करने से रोका। बस ये ही हमारी टीम का सबसे बड़ा गुनाह बन गया। उसी वक्त आरोपी सागर द्वारा फोन करके बुलाए गए 15-20 लड़के हथियारों से लैस होकर मौके पर आ गए और आते ही समाचार टुडे की टीम पर टूट पड़े।

शोर-शराबा सुनकर मैं भी मौके पर पहुंच गया तो अपनी टीम पर इस तरह से हमला होते देख रहा नहीं गया.. अपनी टीम को बचाने के लिए उनके बीच कूद पड़ा. मुझे बस मेरा पत्रकार विकास सैनी और कैमरामैन अक्षय दिखाई दे रहा था। अक्षय पर कई लोग बुरी तरह से वार कर रहे थे, जबकि विकास उसे आरोपियों के कब्जे से निकालने की कोशिश में जूझ रहा था। मैने भी अक्षय पर होने वाले वारों को अपने ऊपर सहते हुए उसे बचाया और आरोपियों से दूर करने की कोशिश करने लगा, मगर उन पर जैसे खून सवार था। आरोपियों ने मुझे भी नहीं बख्शा और मुझ पर भी लाठी-डंड़ों और तमंचों आदि से टूट पड़े.... मुझ अपने चोट का उस वक्त अहसास हुआ जब मैं पूरी तरह से लहूलुहान हो गया.... नाक से लहू की धारा बह निकली और पूरे कपड़े लाल हो गए। बस फिर मैं एक साइड में जाकर बैठ गया।

इसी बीच सूचना मिलते ही हमारे साथी सचिन जौहरी, विजय मुंडे, पवन अग्रवाल, विकास बालियान और विराज तोमर आदि मौके पर पहुंच गए... मगर तब तक आरोपी हमारी बैंड बजाकर फरार हो चुके थे। उसी वक्त नगर कोतवाल भी उधर से गुजर रहे थे, जिन्होंने थाना सीमा के बाहर का मामला होने के बाद भी मीडिया साथियों की मदद से हमें जिला अस्पताल पहुंचाया.. सीओ सिटी डॉ तेजवीर सिंह और सिविल लाइन थाना प्रभारी भी रातभर भाग दौड़ करते रहे... मीडियाकर्मियों की मदद से दो आरोपियों को रात में ही पकड़कर सलाखों के पीछे ठूंस दिया।

समाचार टुडे के दफ्तर से लेकर जिला अस्पताल और थाना सिविल लाइन तक सीओ सिटी खुद कमान संभाले रहे.... मगर अफसोस की बात सुपर कॉर्प अपने कंमाड हाऊस पर आराम फरमाते रहे। मुजफ्फरनगर से लखनऊ और दिल्ली तक मामले की गूंज पहुंची.... तमाम लोगों ने अपने-अपने स्तर और विभिन्न माध्यमों से हाल-चाल के साथ-साथ मामले की जानकारी ली... डीएम जीएस प्रियदर्शी लगातार फोन पर संपंर्क साधे रहे... सुबह अस्पताल में उनके निर्देश पर एसडीएम सदर भी पहुंचे और हालचाल जाना..

ये हमला चाहे अचानक हुआ या फिर किसी सोची समझी साज़िश के हिस्से के तहत, इसके पीछे कोई भी हो, वो ये जान ले, मैं अमित सैनी हूं,  ना कभी किसी का दबाव माना और ना ही मानूंगा. डंके की चोट पर जुर्म के रहनुमाओं की काली हकीकत का पर्दाफाश जारी रहेगा.

आपका
अमित सैनी
एडिटर इन चीफ
समाचार टुडे

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