A+ A A-

  • Published in सुख-दुख

Ashwini Kumar Srivastava : आठ साल पहले...यानी जब दुनियाभर में मंदी के कारण आर्थिक तबाही मची थी और भारत भी मनमोहन सिंह के नेतृत्व में वैश्विक मंदी से जूझ रहा था... हालांकि उस मंदी में कई देश रसातल में पहुंच गए थे लेकिन भारत बड़ी मजबूती से न सिर्फ बाहर आया था बल्कि दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अमेरिका और चीन से लोहा लेने लगा....

मगर आज यह विनिर्माण क्षेत्र वापस उस वैश्विक मंदी वाले रसातल में कैसे पहुंच गया? आज तो दुनिया में कहीं मंदी भी नहीं है...फिर मोदी जी के कुशल नेतृत्व और अरुण जेटली जैसे मेधावी वित्त मंत्री के निर्देशन में भारत की अर्थव्यवस्था तो अमेरिका और चीन को भी पीछे छोड़ने की तैयारी कर रही है।

हो न हो, ये आंकड़े ही गलत हैं। सब साले मोदी के दुश्मन, मुस्लिमपरस्त और राष्ट्रद्रोही हैं। इन फर्जी आंकड़ों को आज के अखबार में छाप कर वे यह समझ रहे हैं कि मैं मोदी या जेटली पर संदेह करूँगा? मूर्ख हैं ऐसे लोग।

खुद मोदी के सबसे बड़े आर्थिक सूरमा पनगढ़िया भले ही मोदी और जेटली के डूबते हुए आर्थिक जहाज से भाग खड़े हुए हों लेकिन मैं किसी भी हालत में मोदी का समर्थन करना नहीं छोडूंगा। कभी सपने में भी मोदी के किसी फैसले पर उंगली नहीं उठाऊंगा।

दुनिया भले ही इस तरह के आंकड़े देकर हमें भारत की आर्थिक बदहाली का डर दिखाती रहे, मैं तो वही देखूंगा, सुनूंगा और मानूँगा, जो मोदी चाहते हैं।

हटा दो इस तरह की सारी नकारात्मक खबरें मेरे सामने से। मुझे तो वह खबर दिखाओ, जिसमें लिखा हुआ है कि महाराणा प्रताप ने अकबर को हरा दिया था, डोभाल ने पाकिस्तान को घुटने टिकवा दिए थे और चीन हमारी ताकत से थर थर कांप रहा है...

लखनऊ के पत्रकार और उद्यमी अश्विनी कुमार श्रीवास्तव की एफबी वॉल से.

Leave your comments

Post comment as a guest

0
Your comments are subjected to administrator's moderation.
terms and condition.
  • No comments found

Latest Bhadas