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पत्रकार पर पिस्‍तौल तानने वाले डाक्‍टर के खिलाफ मामला दर्ज, गिरफ्तारी नहीं

: नाराज पत्रकारों ने दिया उपायुक्‍त कार्यालय पर धरना : अंबाला में दैनिक भास्‍कर के पत्रकार पर पिस्तौल तानने व जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी सरकारी डाक्टर के खिलाफ क़ानूनी धारा ३२३ व ५०६ के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, लेकिन अब तक अंबाला पुलिस ने आरोपी डाक्टर की गिरफ्तारी नहीं की है, जिससे अंबाला जिला के सभी पत्रकारों में रोष है। इसी रोष स्वरूप मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर अंबाला के सभी पत्रकारों ने धरना दिया व आरोपी डाक्टर और लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की, पत्रकारों के इस धरने में कई वर्कर्स यूनियनों व सामाजिक संगठनों ने भी सहयोग दिया व जल्द कार्रवाई की मांग की।

देश का चौथा स्तम्भ यानी के मीडिया अब सुरक्षित नहीं है यह बात रोजाना पत्रकारों पर हो रहे हमले से साबित हो रही है। आए दिनों सच छपने की सजा पत्रकारों को मिलती रहती है और उन्हें असमाजिक तत्वों का सामना करना पड़ता है। इतना सब कुछ हो जाने पर भी प्रशासन उफ़ तक नहीं करता और कार्रवाई की बात तो दूर रही। ऐसा ही कुछ हुआ अंबाला के दैनिक भास्‍कर अखबार से पत्रकार सनमित सिंह थिंद के साथ, जिन्होंने एक एक्सीडेंट में मारे गए तीन लोगों की मौत का सही कारण छापा और डाक्टर की लापरवाही को जग जाहिर किया। डा. अरुण दलाल की ड्यूटी से गैरमौजूदगी की वजह से तीनों घायलों को उपचार नहीं मिल पाया था और तीनों की मौत हो गई थी। इस खबर को सनमीत थींद ने प्रमुखता से दैनिक भास्‍कर अखबार में छापा था। लेकिन यह बात अंबाला सिविल हस्पताल में कार्यरत सरकारी डाक्टर अरुण दलाल को नागवार गुजरी और उन्होंने पत्रकार सनमित से मारपीट की और उन पर अपनी पिस्तौल तान दी और जान से मरने की धमकी दी।

इतना सब कुछ होने की जानकारी पुलिस को दी गई लेकिन पुलिस ने कोई भी कदम नहीं उठाया। आरोपी उनकी आँखों के सामने से ही एक एएसआई को गालियां देते हुए निकल गया, पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। काफी देर बाद पत्रकारों का दबाव पडऩे पर मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, पर कार्रवाई तब भी नहीं हुई। अंबाला के तमाम मीडिया ने इसकी निंदा की और कार्रवाई की मांग की लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर पत्रकारों ने सांकेतिक धरना देकर चेतावनी दी है कि अगर जल्द डाक्टर के खिलाफ कार्रवाई ना की गयी तो बुधवार से अम्बाला का तमाम मीडिया अनिश्चितकालीन धरने पर चला जायेगा और इस कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री का पुतला भी फूँका जायेगा, क्योंकि अभी तक उन्होंने भी अरोपी डॉक्टर के खिलाफ किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की है।

अंबाला में पत्रकार पर हुए हमले की निंदा सभी सामाजिक संगठनों व वर्कर्स यूनियनस ने भी की। मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर दिए गये धरने में इन संगठनों ने भी अपना सहयोग व समर्थन दिया। इस अवसर पर हरियाणा यूनियन आफ जर्नलिस्ट, हरियाणा पत्रकार कल्याण मंच, यूनियन आफ जर्नलिस्ट, रोडवेज, बिजली, सर्व कर्मचारी संघ, कर्मचारी महासंघ हरियाणा, सरगोधा बिरादरी, जाट महासभा, राजपूत सभा, शिव सेना सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने समर्थन दिया व जल्द कार्रवाई की मांग की। एक आरटीआई कार्यकर्ता ने इस मामले में आरटीआई लगा कर प्रशासन से कार्रवाई ना करने का कारण भी पूछा है। पत्रकार पर हमला हुए आज तीन दिन निकल चुके हैं, पर अब तक कोई भी कार्रवाई  पुलिस ने आरोपी डाक्टर के खिलाफ नहीं की है, अगर यही हमला किसी प्रशासनिक अधिकारी या पुलिस कर्मचारी पर हुआ होता तो कानून की धाराएं और मजबूत होती तथा आरोपी सलाखों के पीछे होता, इससे साबित होता है कि अंबाला प्रशासन आम जनता के प्रति कितना इमानदार है।

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