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बिलासपुर : जगदलपुर की साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था सूत्र द्वारा कोलकाता के युवा साहित्यकार विमलेश त्रिपाठी को उनके काव्य संग्रह 'हम बचे रहेंगे' के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सूत्र सम्मान से सम्मानित किया गया. न्यायधानी के होटल महुआ में आयोजित इस सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि अलवर (राजस्थान) के वरिष्ठ आलोचक जीवन सिंह थे व अध्यक्षता राजिम के वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने की. इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजेश्वर सक्सेना व संजीव बक्शी उपस्थित थे.
सम्मान के रूप में श्री त्रिपाठी को नगद राशि के साथ प्रशस्ति पत्र और शाल श्रीफल प्रदान किया. समारोह में सम्मानित रचनाकार युवा कवि विमलेश त्रिपाठी व समकालीन कविता पर मुख्य अतिथि ने सारगर्भित वक्तव्य दिए. इस अवसर पर वरिष्ठ आलोचक जीवन सिंह ने कहा कि विमलेश की कविताएं साहित्य व कविता को बचाने की कविता है. जनपदीय लोकचेतना की वजह से आज सहित्य बचा है. ऐसे विरोधाभाषी समय में जब विचारधाराओं और इतिहास के अंत की बातें की जा रही हैं, सूत्र सम्मान बचे रहने की उम्मीद को बचाता है.
बिलासपुर के वरिष्ठ साहित्यकार राजेश्वर सक्सेना ने स्वत: को सीखने की प्रक्रिया में रुपांतरित करने की बात कही. उन्होंने कहा कि साहित्य प्रत्यक्ष रूप में क्रांति नहीं करता, लेकिन क्रांति के लिए जमीन तैयार करता है और वही व्यक्ति चेतना के रूप में क्रांति को जन्म देता है. कार्यक्रम में सूत्र के अध्यक्ष विजय सिंह स्वागत भाषण दिया और सूत्र सम्मान के बारे में जानकारी दी. समारोह का संचालन सतीश सिंह (जांजगीर) ने किया. इस अवसर पर सतीश जायसवाल, शाकिर अली, सामाजिक कार्यकर्ता सत्यभामा अवस्थी, देवांशु पाल, त्रिजुगी कौशिक आदि बड़ी संख्या में साहित्यकार व साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे.