Category: प्रिंट, टीवी, वेब, ब्लाग, सिनेमा, साहित्य... Published on Thursday, 19 January 2012 19:25 Written by B4M
पत्रकार सबकी पोल खोलता है लेकिन जब उसकी पोल खुलती है तो बेशर्म भी शर्मा जाता है. ऐसा ही एक घिनौना काम बिहार के स्टार न्यूज़ के पत्रकार प्रकाश कुमार ने किया है. प्रकाश ने अपनी करतूत से स्टार न्यूज़ के मुंह पर भी कालिख पोत दिया है. बिस्कोमान के महाभ्रष्ट चेयरमैन सुनील सिंह से सांठगाँठ कर प्रकाश ने बिस्कोमान भवन में जालसाजी करके अपने मैगजीन "मग्निफिसेंट इंडिया का दफ्तर खोल लिया. धौंस जमाने के लिए स्टार न्यूज़ का साइन बोर्ड टांग दिया.
इस पत्रकार ने इतना ही नहीं किया बल्कि उसने अपनी मैग्जीन के इस दफ्तर में स्टार न्यूज़ का दफ्तर दिखाकर स्टार न्यूज़ से मोटी रकम किराये के रूप में वसूलने लगा. बिस्कोमान भवन में दफ्तर के स्पेस का किराया ३१ रुपये प्रति स्क्वायर फीट है लेकिन बिस्कोमान के चेयरमैन से मिलकर उसने ६ रुपये प्रति स्क्वायर फीट का किराया तय करा लिया. यानी १५०० स्क्वायर फीट के इस दफ्तर का किराया ४५००० की जगह पर वह महज ९००० रुपये बिस्कोमान को दे रहा था दूसरी तरफ स्टार न्यूज़ से दफ्तर के किराये के रूप में ह़र महीने ३० हजार रुपये वसूल रहा था.
बिस्कोमान के नये एमडी सीके अनिल की नजर इस पर पड़ी. उन्होंने तय किराया ३१ रुपये के हिसाब से देने को कहा तो स्टार न्यूज़ का धौंस उन्हें भी दिखा दिया. न किराया बढ़ाने को तैयार हुआ और ना ही दफ्तर खाली करने को. थक हारकर सीके अनिल ने स्टार न्यूज़ के दफ्तर को सील कर दिया. इस पत्रकार की वजह से एक प्रतिशत न्यूज़ चैनल का दफ्तर सील कर दिया गया. वैसे इस पत्रकार की राम कहानी बहुत बड़ी है. यह अपनी बीबी के नाम से मैगजीन चलाता है. न्यूज़ का काम कम, दबाव बना कर विज्ञापन वसूलने में इसे महारत हासिल है. सबसे जबरन यह हर महीने लाखों रुपये विज्ञापन के नाम पर वसूल रहा है. पहले यह स्टिंग करता है फिर ब्लैकमेलिंग और फिर भी बात नहीं बनी तो स्टार न्यूज़ पर न्यूज़ चलाकर दहशत पैदा कर देता है.
अभी हाल ही में इसने मौर्या होटल में लाखों रुपये खर्च कर अपने बुजुर्ग पिता का जन्म दिन मनाया. तैयारी ऐसी थी कि कोई करोडपति बाप भी अपनी बेटी की शादी में इतना खर्च नहीं कर सकता. झारखण्ड के घोटाला के महानायक मधु कोड़ा से इसके बड़े मधुर सम्बन्ध थे. इसके दफ्तर में मधु कोड़ा कई बार आ चुका है. मधु कोड़ा से मैगजीन के नाम पर यह करोड़ों रुपये वसूल चूका है. पहले यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगे पीछे करता था लेकिन जब इसकी असलियत का पता चला तो सीएम हाउस में इसकी इंट्री बंद हुई.
लेकिन मीडियावाले बड़े बेशर्म हैं. सभी ऐसे ही दलाल हैं. इस दलाल की स्टोरी अखबारों के पेज वन की सुर्खियाँ बननी चाहिए लेकिन कोई खबर नहीं छापेगा क्यूंकि इससे पत्रकारों के घिनौने चेहरे की बड़ी तस्वीर सामने आ जायेगी. अपनी इज्जत बचाने के लिए कम्युनिटी के बहाने सारे दलाल पत्रकार इसे बचाने और एक कर्मठ इमानदार अधिकारी सीके अनिल को फंसाने में जुटे हैं.
उपरोक्त बातें This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. मेल आईडी से भड़ास4मीडिया के पास भेजी गई हैं. अगर कोई इस पर अपनी प्रतिक्रिया देना चाहता है तो नीचे दिए गए कमेंट बाक्स का सहारा ले सकता है या फिर This e-mail address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it. पर मेल कर सकता है.