: पत्थर से कूच कर की गई हत्या : गुस्साए पत्रकार बैठे धरने पर : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में दैनिक 'हिन्दुस्तान' के एक पत्रकार की हत्या कर दी गई है. पत्रकार कमलेश कुमार का शव उनके घर 35 किमी दूर वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग के पास स्थित जंगल में मिला. बताया जाता है कि सोनभद्र जिले के बभनी क्षेत्र को कवर करने वाले कमलेश का शव गाढ़ा बैरियर से थोड़ी दूर स्थित डाढ़ा पाथर के जंगल में मिला.






: डिप्रेसन की शिकार थीं सुप्रिया : पहले भी कर चुकी थीं आत्महत्या की कोशिश : इस बाजारवादी व्यवस्था में सब कुछ होने के बावजूद आदमी अकेले है. तनहा है. डिप्रेसन में है. परेशान है. आशंकाओं से भरा है. असुरक्षाबोध से ग्रस्त है. लखनऊ की महिला पत्रकार सुप्रिया योगी की मौत ने शहरी जिंदगी और बाजारीकरण पर सवाल खड़ा किया है. आखिर वो कौन सी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिसमें किसी की मनःस्थिति ऐसी हो रही है जिसमें जीने से ज्यादा सुकून मरने में दिखने लगे. ये कैसा सिस्टम है जो आदमी को सब कुछ दे रहा है पर संतुष्टि व खुशी नहीं प्रदान कर रहा.
: एक इंसान का जाना उर्फ दुबे जी आप सुबह बहुत याद आओगे : मौत हमारे लिए खबर होती है। कई बार तो मौत ही हमारे लिए खबर होती है। दुबे जी के साथ भी यही हुआ। कृष्णन दुबे जी के साथ। दुबे जी अब नहीं रहे। इसके पहले के कुछ दिनों में वे क्या सोच रहे थे?
