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महाराष्ट्र के पत्रकारों का गुस्सा रंग लाया

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कवरेज बंद ; महाराष्ट्र विधानसभा कवर करने गए पत्रकारों ने कुछ इस अंदाज में विरोध जताया. पत्रकारों की सुरक्षा के लिए महाराष्ट्र में बनेगा कानून : मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन- कानून में होगा गैर-जमानती प्रावधान : विधानमंडल कवर करने वाले पत्रकारों ने सुरक्षा की मांग की : चिकित्सकों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित विधेयक की तर्ज पर पत्रकार एवं प्रसार माध्यमों पर होने वाले हमले को रोकने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में आरआर पाटील ने कानून बनाने का आश्वासन दिया है। सोमवार को विधानमंडल के दोनों सदनों के कवरेज करने वाले पत्रकार सदन की प्रेस गैलरी में बैठने के बजाय विधानसभा के बाहर काला रिबन लगाकर बैठे।

अपने मागों के समर्थन में नारे लगाने लगे। पत्रकारों के धरने को मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन पाटील, विपक्ष नेता एकनाथ खड़से, विधानपरिषद सदस्य व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष नितिन गड़करी, मनसे गटनेता बाला नांदगावंकर ने भेंट दी। विधानसभा का कामकाज शुरू होते ही मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने पुणे के पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश कुटे पर हुए जानलेवा हमले का निषेध कर मामले पर गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि डॉक्टरों पर होने वाले हमलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए सरकार नए कानून बनाने का प्रस्ताव बना रही है। इसी की तर्ज पर पत्रकारों पर हो रहे हमलों पर रोक लगाने के लिए भी प्रस्ताव बनाने के बारे में सरकार सोच रही है।

नारे लगाते पत्रकार

मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि गत कई वर्षों से सरकार केवल आश्वासन ही दे रही है। ठोस कदम कब उठाएगी? विपक्ष ने इस कानून के प्रस्ताव को शीतसत्र में ही रखने की मांग की। इस पर गृहमंत्री आर. आर. पाटील ने कहा कि पिछले दिनों एक चैनल पर हमले की घटना में सरकार ने उचित कार्रवाई की है लेकिन यह कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। इसलिए स्वतंत्र बिल लाने की आवश्यकता है। शीतसत्र में यदि तकनीकी कार्रवाई पूरी होती है तो यह प्रस्ताव रखने की हर संभव कोशिश की जाएगी।

योगेश कुटे के मामले में सरकार का पक्ष न्यायालय में रखने के लिए एड. एस. के. जैन को नियुक्त करने की पत्रकारों की मांग को विपक्ष ने सदन में उठाकर समर्थन दिया। इसे गृहमंत्री आर.आर.पाटील ने स्वीकार किया और हमलों की जांच के लिए गठित कमेटी के कार्यों पर विशेष ध्यान देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ के अध्यक्ष शिरीष बोरकर, सचिव संजय लोखंडे, लोकमत के नगर संपादक यदु जोशी, इंडिया न्यूज के राजेश तिवारी, दैनिक1857 के संजय कुमार (संजय स्वदेश) समेत नागपुर और पुणे के अनेक पत्रकार उपस्थित थे।

आंदोलनकारी पत्रकारों की समस्याओं को सुनते मुख्यमंत्री.

Comments (1)Add Comment
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written by RAVIKANT KAMBLE, February 05, 2010
kay baat hai sir bahut badhiya likhe ho mukhyamantri majbur ho gaya patrakaro se baat karne ko bahut badhiya iam prou of you sir....................................age likhate raho........................best of luck.............................

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