Category: इवेंट, पावर-पुलिस, न्यूज-व्यूज, चर्चा-चिट्ठी... Published on Saturday, 17 December 2011 14:01 Written by कमल सिंह
संपादक जी, मैं जिला बदायूं के कस्बा बिनावर के गांव घटपुरी का रहने वाला हूं। मेरा नाम कमल सिंह है तथा मैं बदायूं से बिनावर टैम्पो चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता हूं। मेरे परिवार में मेरी पत्नी नीरज तथा छोटे-छोटे बच्चे हैं। बड़ी मुश्किल से परिवार का गुजारा होता है। चूंकि टैम्पों चलाने के कारण मैं दिन भर घर से बाहर रहता था, इसी बीच मेरी पत्नी को हिन्दुस्तान अखबार के बिनावर के पत्रकार संदीप तोमर ने बहला फुसला लिया।
संदीप मेरी गैरमौजूदगी में मेरे घर भी रोजाना आने लगा। जब इसकी जानकारी मुझे हुई तो मैंने अपनी पत्नी को बहुत डांटा। इसके बाद पत्नी ने संदीप को घर आने से मना कर दिया लेकिन जब संदीप तोमर को यह पता चला कि मैंने अपनी पत्नी को डांटा है तो उसने मुझे धमकी देना शुरू कर दिया। अखबार में होने के कारण उसने कई बार मेरे घर पर पुलिस के सिपाही भी भिजवाये और मुझे किसी मामले में अंदर डालने की धमकी दी। मैंने काफी बर्दाश्त किया लेकिन अब तो हद ही हो गई है। आये दिन पुलिस वाले मेरी पिटाई करने लग गये हैं और संदीप उनके साथ खड़ा हंसता रहता है। मैं बहुत डर गया हूं।
जब मैंने इस बारे में बदायूं कार्यालय में बैठने वाले अखबार बांटने वाले अधिकारी मुनीष सक्सेना तथा समाचार छापने वाले उपेन्द्र को इस बारे में बताया तो उन्होंने भी उसका ही पक्ष लिया और यह कहकर कार्यालय से भगा दिया कि जब बीबी नहीं संभाली जा रही तो क्या संभालेगा। मजबूर होकर फिर मैंने अपने एक दोस्त को बताया जिसके कोई पत्रकार दोस्त हैं। उन्होंने ही मुझे आपसे बात करने की सलाह तथा फोन नम्बर दिया। अब आपसे निवेदन है कि आप मुझ गरीब की फरियाद सुन लीजिये और मुझे इस संदीप तोमर से मुक्ति दिलाइये। क्योंकि बदनामी की वजह से ही मैं कहीं भी इन लोगों की शिकायत नहीं कर पा रहा हूं।
कमल सिंह
पुत्र श्री जगपाल सिंह
ग्राम व पोस्ट- घटपुरी
थाना- बिनावर
जिला- बदायूं
फोन नम्बर- 8430108323
कमल के आरोप के संदर्भ में संदीप का पक्ष लेने के कई बार फोन किया गया, उनका फोन लगातार व्यस्त बताता रहा बाद में वो नॉट रिचेबल बताने लगा, जिससे उनका पक्ष नहीं लिया जा सका. अगर इस मामले में संदीप अपना पक्ष रखते हैं तो उसे भी ससम्मान प्रकाशित किया जाएगा.