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नेटवर्क 18 समूह में विलय होंगे ईटीवी ग्रुप के बारह चैनल!

मल्टी स्क्रीन मीडिया (एमएसएम) और रामोजी राव की इनाडु टीवी (ईटीवी) के बीच बात नहीं बनने के बाद राघव बहल के नेतृत्व वाला नेटवर्क 18 समूह ईटीवी के साथ सौदा कर सकता है। सूत्रों के मुताबिक नेटवर्क 18 समूह, ईटीवी के 11 क्षेत्रीय चैनलों और तेलुगू के एक समाचार चैनल का समूह में विलय करेगा। यह सौदा शेयर अदला-बदली के तहत होगा। सूत्रों ने बताया कि इस सौदे के बाद मुकेश अंबानी खुद या रिलायंस इंडस्ट्रीज के जरिये नई एकीकृत इकाई में अहम रणनीतिक हिस्सेदारी ले सकते हैं।

सौदे से नेटवर्क 18 समूह के पास देश भर में क्षेत्रीय चैनलों का प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा और वह अपने प्रतिद्वंद्वी स्टार और जी को टक्कर दे सकेगा। स्टार के पास स्टार विजय, स्टार प्रभा, स्टार जलसा और एशियानेट जैसे क्षेत्रीय चैनल हैं, वहीं जी के पास 8 क्षेत्रीय चैनल हैं। इस सौदे से मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में उतरने की अंबानी की योजना भी साकार हो सकती है।

हालांकि सौदे की शर्तों का अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि विलय की बातचीत अंतिम दौर में है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सौदे में अर्नस्‍ट ऐंड यंग ने सलाहकार की भूमिका निभाई है। अगर यह सौदा पूरा होता है तो भारत के मीडिया क्षेत्र में यह अब तक का सबसे बड़ा एकीकृत सौदा होगा।

हाल ही में वॉल्ट डिज़्नी ने यूटीवी सॉफ्टवेयर कम्युनिकेशंस में भारतीय प्रवर्तकों और आम शेयरधारकों की हिस्सेदारी खरीदने के लिए सरकार से मंजूरी हासिल की है। यह सौदा करीब 1,853 करोड़ रुपये का है। इनाडु समूह के प्रबंध निदेशक और रामोजी के बेटे सी एच किरण ने भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया। वहीं नेटवर्क 18 के प्रवक्ता से इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। आरआईएल प्रवक्ता को भी इस बारे में ईमेल भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया।

ईटीवी के पास विभिन्न भाषाओं के चैनल हैं, जिनकी पहुंच देश भर में है। कंपनी ईटीवी तेलुगू, बांग्ला और गुजराती मनोरंजन चैनलों के जरिये अमेरिका में भी डिजिटल इंटरटेनमेंट मुहैया करा रही है। ईटीवी के क्षेत्रीय चैनलों का परिचालन समाचार और मनोरंजन मॉडल के तहत किया जाता है। नेटवर्क 18 समूह की दो सूचीबद्घ इकाई नेटवर्क 18 मीडिया ऐंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड समूह की कंपनियों की होल्डिंग कंपनी है। वहीं टीवी 18 ब्रॉडकास्ट लि. के तहत प्रसारण परिसंपत्तियों का परिचालन किया जाता है। टीवी 18 के पास 4 राष्ट्रीय समाचार चैनल- सीएनबीसी टीवी 18, सीएनबीसी आवाज, आईबीएन 7 और सीएनएन आईबीएन हैं। कंपनी की आईबीएन लोकमत में भी 50 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके साथ ही वायकॉम 18 में 50 फीसदी हिस्सेदारी है।

मीडिया विश्लेषकों का कहना है कि यह सौदा काफी दिलचस्प होगा। अगर नेटवर्क 18 समूह नकद में सौदा करता है तो उस पर दबाव बढ़ेगा क्योंकि समूह पर पहले से ही 1,400 करोड़ रुपये का कर्ज है। ऐसे में शेयर स्वैप के तहत सौदा करना सही होगा। कुछ विश्लेषकों का कहना है कि मुकेश अंबानी या उनकी कंपनी इस सौदे में बड़ी हिस्सेदार हो सकती है। साभार : बीएस

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