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बरेली से खबर आ रही है कि हिंदुस्तान के जिन तीन कर्मचारियों से 7 जनवरी को प्रबंधन ने डीएलसी कार्यालय ले जाकर केस फाइल पर गुपचुप तरीके से शिकायत वापसी के लिए लिखवा के चस्पा करा दिया था, उन तीनों को डीएलसी के सख्त रुख के चलते प्रबंधन को पेश करना पड़ गया।

चीफ कॉपी एडिटर सुनील कुमार मिश्रा, सीनियर सब एडिटर रवि श्रीवास्तव, पेजिनेटर अजय कौशिक को प्रबंधन डीएलसी के सामने ले गया, जहां डीएलसी ने तीनों से सवाल किए कि क्या उनको मजीठिया का लाभ मिल रहा है? तीनों ने इंकार किया। डीएलसी ने पूछा- क्या शिकायत किसी के दबाव में आकर वापस ले रहे हैं? बोले- नहीं कोई दबाव नहीं। तीनों ने कहा-नौकरी और प्रबंधन से लड़ाई दोनों साथ-साथ तो नहीं चल सकती है।

डीएलसी ने शिकायत वापस लेने वाले इन तीनों हिंदुस्तानियों के कथन का क्या अर्थ निकाला है, ये तो शिकायत के अंतिम निस्तारण पर ही पता चलेगा लेकिन इन तीनों कर्मचारियों ने ये बात तो साफ़ कर दी कि बरेली हिंदुस्तान में कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक वेतनमान नहीं मिल रहा है।

दरअसल 7 सितंबर को यूपी के श्रमायुक्त को मजीठिया के अनुसार वेतन न मिलने की बरेली हिंदुस्तान से चीफ कॉपी एडिटर सुनील कुमार मिश्रा की अगुवाई में सीनियर सब एडिटर रवि श्रीवास्तव, सीनियर सब एडिटर निर्मल कान्त शुक्ला, चीफ रिपोर्टर पंकज मिश्रा, पेजिनेटर अजय कौशिक ने शिकायत भेजी थी। श्रमायुक्त ने बरेली डीएलसी को प्रकरण निस्तारित करने का आदेश दिया, जिस पर डीएलसी बरेली सुनवाई कर रहे हैं।

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