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कर्मचारी परेशान, किसकी बात सुनें और किसकी न सुनें... मुम्बई से एक बड़ी खबर आ रही है। यहाँ श्री अम्बिका प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशंस के कार्मिक प्रबंधक और इसी कंपनी के समाचार पत्र दैनिक यशोभूमि के संपादक आनंद राज्यवर्धन के बीच कर्मचारियों के ड्यूटी टाइम को लेकर ठन गयी है। इन दोनों की लड़ाई में कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। कर्मचारियों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे सम्पादक द्वारा बताए गए ड्यूटी टाइम पर आयें या कार्मिक प्रबंधक ज्ञानेश्वर रहाणे के बताए ड्यूटी टाइम पर।

नया आदेश संपादक का...

लेबर डिपार्टमेंट में जमा एच आर के पत्र में अलग है समय सारणी...

बता दें कि श्री अम्बिका प्रिंटर्स एंड पब्लिकेशंस के कार्मिक प्रबंधक ज्ञानेश्वर रहाणे ने 14 सितंबर 2016 को सरकारी कामगार अधिकारी तथा निरीक्षक को नई ड्यूटी टाइम के बाबत सूचित किया। इसमें दोपहर 1 बजे से सायं 7.45 बजे तक पहली शिफ्ट और दूसरी शिफ्ट शाम 4.30 से रात 11.15 बजे तक का उल्लेख किया गया। 5 जून 2017 को दैनिक यशोभूमि के संपादक आनन्द राज्यवर्धन ने कार्मिक विभाग को एक पत्र लिखकर सभी वर्किंग जर्नलिस्टों की ड्यूटी टाइम बदल दी। सम्पादक ने किसी की ड्यूटी सुबह 11 बजे से तो किसी की 12 से और किसी की 2 बजे, किसी की 3 बजे से, किसी की 4 बजे से, किसी की ड्यूटी 4.30 बजे से लगा दिया। यानी सम्पादक जी ने कई-कई शिफ्ट चालू करा दिया है। इस पत्र में साफ़ लिख दिया है कि नयी शिफ्ट 7 जून 2017 से प्रभावी है।

आपको बता दें कि वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट में पत्रकारों से छह घंटे ड्यूटी लेने का प्रावधान है। एचआर द्वारा लेबर डिपार्टमेंट में दिए गए पत्र और संपादक के नए आदेश पर गौर करें तो पत्रकारों की ड्यूटी 15 मिनट बढ़ा कर कुल 7 घंटे की कर दी गई है। बहरहाल, अब संपादक के इसी नए शिफ्ट को लेकर नए लफड़े हो गए हैं। कार्मिक विभाग का साफ़ कहना है ऑफिसियल सिर्फ 2 शिफ्ट मानी जायेगी, जबकि सम्पादक का कहना है मालिक के बाद मेरा नंबर आता है इसलिए जो शिफ्ट मैंने लिखकर दिया है, उसी शिफ्ट में काम होगा। फिलहाल कर्मचारी भी उहापोह में हैं कि किसकी बात सुनें?

धर्मेन्द्र प्रताप सिंह
मजीठिया क्रांतिकारी
मुंबई

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