A+ A A-

  • Published in प्रिंट

Amitaabh Srivastava : एक ऐसे समय में जब केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकारों पर मीडिया की आज़ादी का गला घोंटने और उसे पालतू बनाने के आरोप लग रहे हैं, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का नेशनल हेराल्ड के संपादक को यह कहना कि आप कांग्रेस पार्टी , उसके विचारों, मेरे और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ खुल कर अपनी आलोचनात्मक राय रखने के लिए आज़ाद हैं क्योंकि ये हमारे लिए ज़रूरी है कि हम उस पर गौर करें, मायने रखता है, भले ही यह किसी राजनैतिक रणनीति का हिस्सा क्यों न हो.

अगर राहुल गाँधी आत्मालोचना को लेकर इतने गंभीर हैं और अपने इस बयान को आने वाले दिनों में सचमुच निभा ले गए तो वो कहीं सरकार बना पाएं या नहीं, राजनीति में उनका कद और सम्मान ज़रूर बढ़ेगा. अगर मुख्यधारा के मीडिया में राहुल गाँधी के इस बयान को प्रमुखता नहीं मिली तो अफ़सोस की बात होगी.

वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ श्रीवास्तव की एफबी वॉल से.

Leave your comments

Post comment as a guest

0
Your comments are subjected to administrator's moderation.
terms and condition.

People in this conversation

  • Guest - lalit

    kya 10 saal se rahul gandhi apni alochna nahi sun rahe kya /05 saal ka bachha jaise nanihaal jane ki jid karta hai waise hi last week rahul mandsaur jaa raha tha

    from Delhi, India

Latest Bhadas