Category: प्रिंट, टीवी, वेब, ब्लाग, सिनेमा, साहित्य... Published Date Written by B4M
हिन्दुस्तान अखबार में लगता है कि लोगों की आंखों ने काम करना बन्द कर दिया है या फिर प्रबंधन ने अंधों की भर्ती कर ली है। अब छोटी-मोटी गलती तो आम बात है लेकिन हिन्दुस्तान बदायूं का संस्करण बड़ी गलतियों के लिए पहचाना जाने लगा है। कोढ़ में खाज बरेली वाले कर देते हैं। ताजा वाकया हिन्दुस्तान बदायूं के 31 दिसम्बर-11 के संस्करण का है।
इसमें पेज तीन पर बीते साल का विदाई देते हुए आठ कॉलम की एक खबर लगाई गई है। हेडिंग है- 'कछला पुल से मिली वर्ष 2011 की सबसे बड़ी खुशी'। इस खबर के साथ दो खबरें संक्षेप की लगी है। मजे की बात यह है कि इस खबर को ही पेज पांच का भी लीड बना दिया गया है। संक्षेप वाली खबरें भी रिपीट कर दी गई है। बस हेडिंग थोड़ा सा अलग है- 'कछला पुल वर्ष 2011 की सबसे बड़ी उपलब्धि' यानी हेडिंग में मामूली सा फेरबदल करके दो पेजों पर एक सी खबरें लगा दी गईं और किसी ने नहीं देखा। न तो डेस्क वाले ने न पेजीनेटर ने और न ही एनई ने। यानी 'हर शाख पे उल्लू बैठा है'। जिसने भी सुबह अखबार खोला वह हिन्दुस्तान की इस रिपीटेशन वाली बेवकूफी पर हंसे बगैर नहीं रह सका। आप भी देखिये दोनों खबरों की कटिंग...


एक पत्रकार द्वारा भेजा गया पत्र.