Category: प्रिंट, टीवी, वेब, ब्लाग, सिनेमा, साहित्य... Published Date Written by B4M
: कानाफूसी : सहारा समय उत्तर प्रदेश-उतराखंड न्यूज चैनल के सदस्यों की बैठक के बाद नोएडा हेड ऑफिस से एक फरमान जारी हुआ है. इस फरमान के तहत रिपोर्टरों को कहा गया है कि टीवी के लिए हर विधानसभा से पांच लाख रुपये चाहिए लेकिन ध्यान रहे कि ये पैसे इस तरह से लिए जाय कि विज्ञापन नहीं लगे, बल्कि जिस प्रत्याशी की बाइट चलायें, उससे पैसे लें और यदि कोई रुपये नहीं दे तो उसकी कवरेज करने की भी जरूरत नहीं. यह भी ध्यान रखने को कहा गया कि इस काम में पारदर्शिता भी होनी चाहिए क्योंकि इस धनराशि का बिल भी नहीं दिया जायेगा लेकिन रिपोर्टरों को 15 प्रतिशत काट कर पैसे जमा करना होगा.
ऐसे फरमान से रिपोर्टरों में भी भारी असंतोष है क्योंकि हेड ऑफिस से सीधे सीधे चौथ वसूली जैसे आदेश दिए गए हैं. कुछ रिपोर्टर तो अपनी नौकरी बचाने के लिए बड़े नेताओं की चमचागिरी में जुट गए हैं और कुछ असमंजस में हैं कि करें तो क्या करें. रिपोर्टर फर्जी तरह से पैसे लेकर जमा करने का मूड बना रहे हैं क्योंकि इस चुनाव में हालात ऐसे बने हैं कि राजनैतिक दलों के उम्मीदवार विज्ञापन ही नहीं दे रहे. उनके उपर अब चुनाव आयोग की पैनी नजर है ताकि किसी भी हालत में पेड न्यूज़ को रोका जाय. अब मीडिया के बड़े अधिकारी ही पेड न्यूज़ करने की बात कह रहे हैं. सूत्र बताते है कि सहारा समय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने रिपोर्टरों के साथ बैठक में धन वसूली के निर्देश मौखिक रूप से सुनाये हैं. प्रश्न ये है कि इतने बड़े न्यूज़ हाउस द्वारा इस तरह से वसूली करना कितना उचित है.
सहारा समय यूपी उत्तराखंड चैनल से संबद्ध एक पत्रकार द्वारा प्रेषित पत्र पर आधारित.