Category: आवाजाही, कानाफूसी, सुख-दुख, इंटरव्यू... Published on Friday, 04 November 2011 20:22 Written by B4M
जांजगीर (छत्तीसगढ़) के प्रेस कार्यालय से कार्य खत्म कर अपने घर चांपा लौट रहे 28 वर्षीय ‘नवभारत’ के पत्रकार आशीष पांडे की मौत हो गई। एक पिकअप वाहन ने गेमनपुल पर उनकी बाइक को ठोकर मार दिया। इससे युवा पत्रकार को गंभीर चोंटे आईं। उसके बाद वह रेलिंग के किनारे होने से नदी में गिर गया। घटना के बाद कुछ लोगों ने नदी में उतर उसकी जान बचाने की कोशिश की और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से जिले के पत्रकारों में शोक व्याप्त है।
गुरुवार की रात करीब 9 बजे जांजगीर स्थित नवभारत के जिला कार्यालय से पत्रकार आशीष पांडे काम खत्म कर निकले। उन्होंने अपने सहकर्मियों को लछनपुर स्थित साईं मंदिर में दर्शन कर घर जाने की बात कही। बाद में खबर आई कि आशीष को गेमनपुल के पास एक पिकअप वाहन ने चपेट में ले लिया है। इससे वह हसदेव नदी में गिर गए हैं। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि पुल की रेलिंग टूट गई और बाइक वहां किनारे में लटक गई। साथ ही पिकअप वाहन भी पलटी खाकर किनारे लटक गया। घटना के बाद
वाहन का चालक वहां से फरार हो गया। मामले में चांपा पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है।
मूलतः ग्राम पचोरी के रहने वाले आशीष पांडे का बचपन चांपा में बीता, वहीं पढ़ाई-लिखाई हुई। उसके बाद आशीष पत्रकारिता जगत में आए। बहुत ही कम बरसों में आशीष ने चांपा क्षेत्र में एक पत्रकार के रूप में बेहतर पकड़ बना ली थी। पत्रकार के सड़क हादसे में मौत की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते चांपा के बीडीएम अस्पताल में सैकड़ों लोगों व पत्रकारों की भीड़ लग गई। जिले के जिस भी पत्रकार को घटना की जानकारी मिली, पहले तो किसी को विश्वास नहीं हुआ। एक जुझारू युवा पत्रकार की असामयिक मौत ने पत्रकारिता जगत सन्न रह गया। दूसरी ओर घटना के बाद से ही आशीष के परिवार के लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा है। परिवार में चार बहनों व दो भाइयों में सबसे छोटा आशीष सबका दुलारा था। यही कारण है कि परिवारवालों के लिए यह घटना, किसी सदमे से कम नहीं है और रो-रोकर उन लोगों का हाल-बेहाल है।
युवा पत्रकार आशीष पांडे की अंत्येष्ठि उनके गृहग्राम पचोरी में की गई। यहां परिवार के लोगों के अलावा बड़ी संख्या में पत्रकार तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए विधानसभा उपाध्यक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि आज हमारे बीच एक जुझारू तथा मिलनसार पत्रकार नहीं है। नियति को कुछ और ही मंजूर था। उन्होंने परिवार के लोगों को ढांढस बंधाया तथा ईश्वर से उनकी आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना की। पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एक अरसे से पत्रकार आशीष से उनका संपर्क रहा है, वे अपने कार्य को बखूबी निभाते थे। लोगों की समस्याओं को अपनी समझकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते थे। इस दौरान उन्हें उपस्थित पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों तथा गणमान्य नागरिकों ने दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी।
जांजगीर से पत्रकार राजकुमार साहू की रिपोर्ट।