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राज्य

पश्चिम बंगाल चुनाव : लेफ्ट फ्रंट वापस सत्ता में आ जाए तो हैरत नहीं

बंगाल में लेफ्ट फ्रंट का नारा है- तृणमूल हटाओ, बंगाल बचाओ... मोदी हटाओ, देश बचाओ....

पश्चिम बंगाल में तकरीबन 34 साल तक सत्ता पर काबिज रहनेवाली लेफ्ट फ्रंट इसी नारे के सहारे फिर सत्ता पर काबिज होना चाहती है। इस नारे में बड़ा सवाल भी है। सवाल ये कि तृणमूल सरकार के दौर में लेफ्ट फ्रंट ने ऐसा क्या चमत्कार किया कि वो वापसी की आस लगा बैठी है? क्या, महज कांग्रेस के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष चुनावी गठबंधन लेफ्ट को खोया राज वापिस दिला सकती है? या फिर लेफ्ट फ्रंट को सत्ता से बेदखल करने के लिए मोटे तौर पर जिम्मेदार नंदीग्राम और सिंगूर में हालात बदल गए हैं, जहां पांचवें और छठे दौर में मतदान होने हैं।

  • Written by संजय कुमार
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पश्चिम बंगाल चुनाव : ममता की हालत पतली, रही सही कसर शारदा चिटफंड घोटाला और ‘नारदा’ स्टिंग ऑपरेशन ने पूरी कर दी

त्रिकोणीय मुकाबले में घिरीं ममता बनर्जी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के ताजा हमले से बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आहत हैं। मोदी का कहना है कि बंगाल में परिवर्तन के नाम पर सिर्फ ममता बनर्जी में परिवर्तन हुआ है। अब वो शहंशाह बन गई हैं। बंगाल में उद्योग धंधे चौपट हो गए हैं। जगह-जगह बम बनाने की फैक्ट्री लगी हुई है। 34 साल में लेफ्ट ने बंगाल को बरबाद किया। ममता ने 5 सालों में ही बंगाल को तबाह कर दिया है। लेफ्ट और कांग्रेस से अपने दम पर लड़ रही ममता बनर्जी को उम्मीद नहीं थी कि बीजेपी की ओर से भी उसे कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा।

  • Written by संजय कुमार
  • Category: राज्य
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कानपुर 'लाल इमली महाघोटाले' पर हाईकोर्ट के रुख से वस्त्र मंत्रालय हिला

कानपुर (उ.प्र.) : वस्त्र मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन बीआईसी कानपुर (उ.प्र.) के पुनरुद्धार में हुए लगभग हजार करोड़ के भूखंडीय महाघोटाले ने लाल इमली के लगभग ढाई हजार अधिकारियों, कर्मचारियों की रोजी रोटी पर ऐसी डाकाजनी की है कि उनकी कमर ही टूट गई है। बताते हैं कि हाईकोर्ट के फैसलों के बावजूद इतना बड़ा घोटाला आजतक कानपुर से दिल्ली तक सुर्खियों में न आ पाने की खास वजह है, पर्दे के पीछे इस खेल में एक बड़े मीडिया घराने का मुख्य रूप से संलिप्त होना। सूत्रों के मुताबिक इस मामले पर कोई ठोस कदम उठाने के लिए हाल में ही 8 मई 2015 को दिल्ली में पीएमओ में संयुक्त सचिव स्तर की बैठक में बीआईसी के एमडी श्रीनिवासन पिल्लई के स्थान पर निर्मल सिह्ना को लाये जाने का निर्णय लेना पड़ा है। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है। इस समय सारी हड़बड़ी इसलिए है कि हाईकोर्ट की जवाब तलबी की पूर्व निर्धारित समय सीमा भी पार हो चुकी है।

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बनारस के वरिष्ठ पत्रकार अमरनाथ सिंह का निधन

वाराणसी : प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार और एक प्रात: कालीन हिंदी दैनिक के संरक्षक अमर नाथ सिंह का बुधवार सुबह ककरमत्ता के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में हृदयगति रुकने से निधन हो गया. वह मूलत: बड़ागांव ब्लाग के पतेर गांव के निवासी थे और सिगरा स्थित गांधीनगर कालोनी में रहते थे. 25 जनवरी की शाम हार्ट अटैक के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

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