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पूर्व में फ्रेन्चाइजी के रूप में पटना से प्रकाशित होने वाला दैनिक सन्मार्ग एक बार फिर से 15 अगस्त को पटना से री-लांच हुआ। विनायक विजेता अखबार के विशेष संवाददाता के रूप में अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। 

गौरतलब है कि वर्ष 2007 से इसकी फ्रेन्चाइजी प्रत्युष नेटवर्क, जिसका मालिकाना हक पटना के वरीय पत्रकार श्रीकांत प्रत्युष के हाथों में था, के द्वारा प्रकाशित किया जा रहा था। इस अखबार का प्रकाशन पिछले डेढ़ वर्षों से पटना से बंद था। 15 अगस्त 2015 को री-लांच हुए इस अखबार का स्वामित्व, प्रकाशक मुद्रक व संपादक प्रेम हैं, जो रांची से भी दैनिक ‘सन्मार्ग’ का प्रकाशन करते हैं। 

हालांकि प्रकाशन के पहले दिन इस अखबार में ऐसा कुछ नहीं दिखा, जिससे यह लगे कि यह अखबार पटना से प्रकाशित अन्य अखबारों के लिए निकट भविष्य में कोई चुनौती दे पाएगा। ‘सन्मार्ग’ ग्रुप ने हिन्दी का अखबार दैनिक ‘सन्मार्ग’के साथ उर्दू में ‘अवामी न्यूज’ व अंग्रेजी में  ‘मार्निंग इंडिया’ को भी पटना से लांच किया है। पटना से मिल रही खबरों के अनुसार ‘सन्मार्ग’ प्रबंधन बिहार के चर्चित पत्रकार विनायक विजेता सहित पटना के कुछ वरिष्ठ पत्रकारों को भी अपने साथ जोड़ पटना से प्रकाशित अन्य अखबारों को चुनौती देने की योजना पर काम कर रहा है। 

पटना से प्रकाशित दैनिक हिन्दुस्तान में आठ वर्षों तक वरीय संवाददाता रहे विनायक विजेता को पुलिस विभाग, अपराध और अन्य कुछ महत्वपूर्ण विभागों की खोजी और विस्फोटक खबर जुटाने में माहिर माना जाता है और अगर वह अपनी नई पारी सन्मार्ग के साथ शुरु कर रहे हैं तो वह अन्य अखबारों के संवाददाताओं के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं।

पटना से एक पत्रकार की रिपोर्ट

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