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  • Published in दिल्ली

 

Vinod Sharma : The NDA seems to be be running it's black money narrative as a television serial. It cannot script a single shot show for the climax it promised the people is a long distance away. In communication terms, it is called the teasing effect. But can boomerang if overused. The downside of it is that you keep reminding people of your inability to meet your own deadlines.

वरिष्ठ पत्रकार विनोद शर्मा के फेसबुक वॉल से.

Mukesh Yadav : मोदी सरकार ब्लैकमनी वालों को बचाने के लिए हर (गैर)कानूनी हथकंडा इस्तेमाल कर रही है! आज तो उसने कोर्ट में दिए गए हलफनामे में यहाँ तक कह दिया कि किसी भारतीय के विदेशों में खता होने का मतलब यह नहीं की वह गैर कानूनी ही हो!  "Every foreign account held by an Indian may not be illegal and names cannot be disclosed unless there is prima facie evidence of wrongdoing..." फिर 136 नाम देने का हल्ला बीजेपी/मोदी सरकार ने मचा रखा था दिए सिर्फ तीन! यह सब तब हो रहा है जब बीजेपी के ही रामजेठ मलानी और सुब्रमण्यम स्वामी लगातार कह रहे हैं कि कोई कानूनी अड़चन नहीं है, सरकार को तुरंत सभी 800 नाम बता देने चाहिए। ये रामदेव कहा भूमिगत हो गए? खोजो भई, इसी बहाने उनके साथ भी सेल्फी वेल्फी ले लेना! ये अन्ना वन्ना कहाँ हैं? ये मोदी अडवाणी की सहानुभूति की बाट झोने वाली किरण विरण बेदी कहाँ हैं? खोजो भई! आपके लिए ग्रुप सेल्फी का एक बढ़िया मौका हो सकता है! काले धन ने मोदी को एक्सपोज कर दिया और मोदी ने मीडिया को...है कोई उम्मीद?

पत्रकार मुकेश यादव के फेसबुक वॉल से.

Badrinath Verma : विदेशों में जमा कालाधन को 100 दिनों में वापस लाने का वादा कर सत्ता शिखर पर पहुंचे नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए पांच महीने से भी अधिक हो गये। कालाधन वापस आना तो दूर, नाम तक का खुलासा नहीं कर पाये। जी हां, खोदा पहाड़ और निकली चुहिया वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए सरकार की तरफ से आज सुप्रीम कोर्ट में महज तीन नामों का खुलासा कर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई। जबकि अगस्त 2011 में विकिलीक्स ने लगभग एक हजार नामों का खुलासा बाकायदा एकाउंट नंबर व उसमें जमा ब्लैक मनी के साथ किया था। इसमें राजीव गांधी, लालू प्रसाद यादव, शरद पवार से लेकर नीरा राडिया तक के नाम हैं। ऐसे में सवाल है कि वित्तमंत्री अरुण जेटली के उस बयान का क्या हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि नाम उजागर होने पर कांग्रेस को शर्मिंदा होना पड़ेगा। फिर आखिर ऐसा क्या हो गया कि कांग्रेस को शर्मिंदगी से बचा लिया गया, कहीं ऐसा तो नहीं कि नाम उजागर होने पर भाजपा के मुंह पर भी कालिख पुत जाएगी। इसीलिए कुत्ता कुत्ते का मांस नहीं खाता कहावत को दृष्टिगत रखते हुए नामों को उजागर करने से परहेज किया गया है। आप मित्रों का क्या ख्याल है....

पत्रकार बद्रीनाथ वर्मा के फेसबुक वॉल से.

Nitish Kumar : काले धन को लाने वालों के काले मन .. देश की जनता मांगेगी हिसाब ! काले धन पर भाजपा सरकार का रुख उनके नेताओं के काले मन को दिखाता है | भ्रष्टाचार और काले धन को मुद्दा बना कर वोट मांगने वाली सरकार पांच महीने के कार्यकाल के बाद केवल तीन लोगों के नाम जारी कर सकी और वो नाम भी पुष्ट नहीं कर पार रही | क्या इस देश में केवल तीन लोगों के पास कालाधन है ? हर रोज़ भाजपा की धोखाधड़ी और झूठ का नया मामला सामने आता है ! BJP पर्याय बन रही है Bhrasht Jhoothi Partyका!

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार के फेसबुक वॉल से.

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