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भोपाल. 300 करोड़ के विज्ञापन घोटाला एवं एक ही परिवार के कई सदस्यों को करोड़ो रुपये देकर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाने पर जनसंपर्क आयुक्त अनुपम राजन, सीएम के सेकेट्री एसके मिश्रा और दो अन्य के खिलाफ धारा 420, 467, 468, 120बी की एफआईआर दर्ज करने का परिवाद सीजेएम कोर्ट में एडवोकेट यावर खान ने विनय डेविड की ओर से पेश किया. कोर्ट ने बयान के लिए 02 /03 / 16 पेशी नियत की है. मध्यप्रदेश का जनसम्पर्क विभाग पत्रकारिता के नाम पर भाई-भतीजावाद, कमीशन आधारित विज्ञापनवाद, चहेतों को आर्थिक लाभ पहुंचाने तथा एक ही परिवार के कई सदस्यों को मीडिया अथवा पत्रकारिता के नाम पर विज्ञापन देने के लिए कुख्यात है.

लोकायुक्त ने कई प्रकरणों में जांच भी की परंतु इस मामले में कभी भी दोषियों को सजा नहीं हुई. इस मामले में आवाज उठाने पर बेखौफ निर्भीक एवं सजग स्वच्छ पत्रकारिता करने वालों को दबाने का प्रयास किया गया. कई पत्रकार संगठनों ने समय-समय पर आंदोलन भी किए. परंतु ऐसे संगठनों में फूट डालकर आंदोलनों को उनके रास्ते से दूर करने की कोशिश भी की जाती रही है.

भोपाल के पत्रकार विनय डेविड ने पूरे तीन सौ करोड़ रुपए के घोटाले के विरुद्ध सीजेएम भोपाल न्यायालय में एक इस्तगासा दायर किया. एडवोकेट यावर खां तथा विनय डेविड के मुताबिक दायर इस्तगासे में प्रमुख सचिव एसके मिश्रा, आयुक्त जनसम्पर्क अनुपम राजन के अलावा दो अन्य के विरुद्ध 420, 467, 468, 120 बी की एफआईआर दर्ज करने के लिए निवेदन किया गया है. सीजेएम भोपाल इस इस्तगासे में दो मार्च 2016 को सभी के कथन लेने के उपरांत अपना निर्णय सुनाएंगे. इस्तगासे से पत्रकार जगत में खुशी की लहर है. वहीं 300 करोड़ के इस घोटाले में लिप्त सभी आरोपी इस इस्तगासे को मैनेज करने के प्रयास भी शुरू कर दिए हैं.

भोपाल से पत्रकार सतीश सिंह की रिपोर्ट.

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