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लखनऊ : आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने प्रमुख सचिव गृह से प्रदेश के मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी सहित तमाम वरिष्ठ अफसरों के साथ कमिश्नर, आईजी ज़ोन, डीआईजी रेंज, जिलों के डीएम, एसएसपी आदि अफसरों के सुरक्षाकर्मियों को वापस लेने की मांग की है. साथ ही अन्य लोगों को बिना आकलन सुरक्षा दिए जाने के बारे में जांच कराने की मांग की है.

संलग्न- सुरक्षा सम्बन्धी शासनादेश दिनांक 09 मई 2014

 

उन्होंने कहा कि डॉ, नूतन ठाकुर की याचिका संख्या 6509/2013 में हाई कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 पृष्ठों का एक विस्तृत शासनादेश दिनांक 09 मई 2014 को निर्गत किया था, जिसमे कुल 20 श्रेणी के लोगों के लिए सुरक्षा के सम्बन्ध में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे.

इनमें कहीं भी मुख्य सचिव, डीजीपी, कमिश्नर, डीएम जैसे अफसरों का उल्लेख नहीं है पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक और पुलिस अफसर बिना किसी आकलन के मनमर्जी सुरक्षा लिए चलते हैं. इतना ही नहीं, लखनऊ में लगभग 500 लोगों को मौखिक आदेशों पर पुलिस लाइन्स से सुरक्षा दी गयी है. उन्होंने इस प्रकार शासनादेश के विपरीत दिए गए सभी सुरक्षाकर्मी तत्काल हटाने की मांग की है.

समाचार अंग्रेजी में पढ़ें - 

Take back security from Chief Secy, DGP, Comm, DMs

IPS officer Amitabh Thakur and social activist Dr Nutan Thakur have asked the Principal Secretary Home to take back the security cover of State Chief Secretary, Home Secretary, DGP etc along with Commissioners, Zonal IG Zones, Range DIGs, DMs, SSPs etc. They also sought enquiry into providing state security to many others without threat perception.

They said that after High Court’s order in Dr Thakur’s Writ Petition No 6509 of 2019, the State government passed a 6 page detailed Government order dated 09 May 2014 where procedure of providing security and different categories of protectee have been enumerated in great details.

These categories do not contain Chief Secretary, DGP, Commissioner, DMs etc but very large number of government officials take security cover without any assessment, against the provisions of the GO. In addition, some 500 persons have been provided security by Lucknow police merely on oral orders.

 They have asked taking back all these security personnel provided against the government order.

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