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यूपी के चर्चित टीवी पत्रकार और एडिटर इन चीफ ब्रजेश मिश्र : नई राह की तैयारी...?  (फाइल फोटो)

'नेशनल वायस' चैनल के एडिटर इन चीफ हैं ब्रजेश मिश्रा. जाहिर है, सब कुछ स्मूथ ही रहना चाहिए. लेकिन आजकल लखनऊ के गलियारों में यह खबर उड़ती हुई पाई जा रही है कि 'नेशनल वायस' के दुर्दिन शुरू होने वाले हैं क्योंकि ब्रजेश मिश्रा इस चैनल से खुद को अलग करने की सोच रहे हैं. वजह बताया जा रहा है 'नेशनल वायस' के असली मालिक अतुल गुप्ता हैं जो स्कैन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड को संचालित करते हैं. इसी कंपनी के अधीन नेशनल वायस चैनल है.

अतुल गुप्ता अपनी कंपनी के शेयरों को विजेंद्र के नाम ट्रांसफर नहीं कर रहे हैं. इस कारण विजेंद्र इन शेयर्स को ब्रजेश मिश्रा को नहीं ट्रांसफर कर पा रहे. हालांकि सूत्रों का जो असलल बात कहना है, वह थोड़ी बड़ी-सी और रोचक कहानी है. वह यह कि अतुल गुप्ता और विजेंद्र के बीच भारी झगड़ा है. दोनों के बीच इतनी तगड़ी टांग खिंचाई और आपसी तूतूमैंमैं है कि ये एक दूसरे को नोटिस पर नोटिस भेजते जा रहे हैं. नेशनल वायस चैनल पर इन दोनों के कारण बीसियों करोड़ रुपये का कर्ज है.

चैनल जबसे ब्रजेश मिश्रा के अधीन आया, तबसे इसकी रेटिंग और ब्रांडिंग काफी बढ़ गई. लेकिन चैनल के मालिकानों की सोच का स्तर नहीं बढ़ा. अगर इसी रास्ते पर सब कुछ चलता रहा तो नेशनल वायस भी दर्जनों नए चैनलों की तरह इतिहास का विषय होगा. सब लोग यही मानकर चल रहे थे कि नेशनल वायस को ब्रजेश मिश्रा की टीम ने टेकओवर कर लिया है. पर 'नेशनल वायस' लगता है कि अभिशप्त किस्मत लेकर पैदा हुआ है. चीजें अगर स्मूथ नहीं हुईं तो जल्द ही इस चैनल का दुकान बंद हो सकता है.

ऐसे में लोग कयास लगा रहे हैं कि ब्रजेश मिश्रा चुपचाप नहीं बैठेंगे. वह जल्द कोई धमाका कर सकते हैं. इस पूरे मसले पर जब जानकारी के लिए एडिटर इन चीफ और वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा से संपर्क किया गया तो उन्होंने नो कमेंट कहकर कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. बार-बार पूछे जाने पर उनका जवाब बस इतना-सा था : ''चैनल के आंतरिक मामलों पर हम लोग बाहर बात नहीं करते. अगर कोई डेवलपमेंट होगा तो उसको आफिसियली सभी को बता दिया जाएगा. ऐसा कुछ भी नहीं है जिसे छुपाया जा सके.''

लखनऊ से भड़ास संवाददाता की रिपोर्ट. संपर्क :

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