A+ A A-

  • Published in टीवी

लगता है रजत शर्मा और अजित अंजुम के समझ में कुछ आना फाइनली बन्द हो गया और इसके नतीजे में इंडिया टीवी का बंटाधार हो रहा है। कभी दो नंबर पर लगातार अड़े रहकर नंबर एक आजतक को चुनौती देने वाला चैनल इंडिया टीवी आज इतना बुरे हाल में है कि न्यूज़ नेशन जैसे चैनल से पिट गया है। अम्बानी का चैनल लगातार चमकते हुए नंबर चार तक पहुंच गया है।

देखें आंकड़े---

TG:CS15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 26

Aaj Tak 16.6 up 0.1 

Zee News 16.0 up 1 

ABP News 12.0 dn 0.3 

News18 India 10.5 dn 0.3 

News Nation 10.0 up 0.2 

India TV 9.7 dn 0.3 

India News 8.8 dn 0.5 

News 24 7.4 up 0.2 

Tez 3.5 same  

NDTV India 2.8 dn 0.2 

DD News 2.7 up 0.2 

TG: CSAB Male 22+

Zee News 17.7 up 2.1 

Aaj Tak 16.3 same  

ABP News 11.7 same  

News18 India 11.3 dn 0.7 

India TV 10.2 dn 0.5 

News Nation 9.0 dn 0.4 

India News 7.5 dn 0.6 

News 24 6.8 up 0.1 

Tez 3.8 up 0.1 

NDTV India 3.2 dn 0.6 

DD News 2.5 up 0.5

इसके पहले वाले सप्ताहों का हाल जानिए....

xxx

xxx

Tagged under trp17,

Leave your comments

Post comment as a guest

0
Your comments are subjected to administrator's moderation.
terms and condition.

People in this conversation

  • Guest - india tv ka kyu huwa patan

    पत्रकारों को पैसे न देना पड़ा इंडिया टीवी को महंगा ,हुआ महापतन

    इण्डिया टीवी को पत्रकारों का पैसा न देना शायद महंगा पड़ा । इसका कारण जो भी हो लेकिन आज चैनल शीर्ष से उतरकर लगातार महानपतन की ओर जा रहा है । जिस प्रकार एक पेड़ का अस्तित्व उसकी जड़ों से लेकर पत्तों तक में होता है, यानी सबका बराबर और जरुरी योगदान होता है उसी प्रकार किसी कंपनी में भी ऐसा । इस साल के 25वें हफ्ते की हिंदी न्यूज चैनलों की टीआरपी देखने से पता चलता है कि मोदी के 'अच्छे दिनों' में इंडिया टीवी के भयंकर 'बुरे दिन' चल रहे हैं । इसका सबसे बड़ा कारण है कि चैनल के अधिकारियों का स्टिंगरों से गुस्सैल ब्यबहार और स्टिंगरों को पैसे नहीं देना ।

    वर्षों तक स्टिंगर अपने पैसे के लिए चैनल के पास गिड़गिड़ाते रहे लेकिन चैनल पर उसका कोई असर नहीं हुआ । लेकिन आज चैनल को असर दिख रहा होगा , क्यूंकि आज चैनल की टीआरपी पतन पर है । और यही हाल रहा तो कुछ ही महीनों में चैनल टीआरपी की रेस से ही बाहर हो जायेगा । जब चैनल ने स्टिंगरों को दरकिनार कर दिया तो स्टिंगरों ने भी चैनल को दरकिनार कर दिया । आज इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में नए लोग आने से घबराते हैं क्यूंकि चैनल उनको पैसे नहीं देते जिससे इन्हें आर्थिक तौर पर जूझना पड़ता है । लेकिन जब इण्डिया टीवी ने ख़बरों के बदले पैसे देना बंद कर दिया तो स्टिंगरों ने भी दूसरे चैनलों को ख़बरें देना शुरू कर दिया । नतीजा यह हुआ कि जैसे चैनल इन लोगों को महीने में इक्का-दुक्का खबर के पैसे देता था ,वैसे ही इन लोगों ने चैनल के साथ किया और सबके बाद खबर चैनल के पास आने लगी ।

    स्टूडियो में बैठे लोगों को पगार तो मोती दी जाती थी, लेकिन ख़बरें तो स्टिंगरों ने देनी होती हैं, जिन्हे चैनल ने भूखा मार दिया था । आज इण्डिया टीवी के अधिकांश स्टिंगर पहले दूसरे चैनलों को खबर देते हैं और सबके बाद बाह खबर इंडिया टीवी के यहां पहुँचती है , यानी बासी खबर । इस फिल्ड में बासी परोसने बाले का यही हाल होता है जो इण्डिया टीवी का हुआ । बेसक स्टूडियो में बैठे कुछ लोगों ने सोचा होगा कि जो हम कर देंगे बही खबर होगी और दुनिया भी बही देखेगी । ऐसे में स्टिंगरों को किस बात के पैसे देने हैं , जिसका नतीजा आज सबके सामने है । इंडिया टीवी के एक स्टिंगर ने फेसबुक पर लिखा था कि रजत शर्मा ने मेरे हिस्से की कमाई खा ली है, इसकी है, चैनल को जरूर लगनी थी जो आज लग गई । खैर ये किसी स्टिंगर की है है या नहीं इस पर चर्चा नहीं की जा सकती लेकिन चैनल के लिए आत्ममंथन का समय जरूर है .कि स्टिंगरों को फिर से पेट भर रोटी दे दो, अगर चैनल ने अपनी रोटी बचानी है ,अन्यथा समय का चक्र घूम चूका है ।