Category: आवाजाही, कानाफूसी, सुख-दुख, इंटरव्यू... Published on Thursday, 05 January 2012 17:19 Written by B4M
जनता टीवी, हरियाणा के पूर्व ब्यूरोचीफ मयंक जोगी ने बुधवार को तनाव के चलते जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. उनके परिवार के लोगों ने उन्हें तत्काल करनाल के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया, जहां डाक्टरों के अथक प्रयास के बाद मयंक को बचाया जा सका. अब उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि जनता टीवी से लेनदारी-देनदारी को लेकर कुछ विवाद हुआ था, जिसके बाद मयंक ने पीसीआई, चुनाव आयोग तथा पुलिस से शिकायत की थी. इसके पहले चैनल के वाइस प्रेसिडेंट गुरबिदर सिंह ने भी एक फर्जी आईडी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था.
मयंक की पत्नी मनजीत कौर का कहना है कि उनके पति को जनता टीवी की तरफ से नोटिस भेजा गया था, जिसके चलते तनाव में उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की है. अगर इन्हें कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार जनता टीवी प्रबंधन होगा. खबर है कि मयंक की हालत अब स्थिर है, उन्हें आईसीयू से निकालकर जनरल वार्ड में भर्ती करा दिया गया है. बताया जा रहा है कि जब उन्हें ट्रामा सेंटर लाया गया तब उनकी हालत बहुत गंभीर थी, पर सही वक्त पर अस्पताल पहुंच जाने तथा डाक्टरों के मेहनत से उन्हें बचा लिया गया.
खबर है कि इस मामले में हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी मदनलाल अस्पताल पहुंचकर मयंक का बयान लिया है. मदनलाल को ही इस मामले में जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मयंक ने भी भड़ास से बातचीत में खुद को पहले से बेहतर बताया तथा कहा कि मेरे सामने दूसरा कोई विकल्प नहीं था, जिस तरह के आरोप लगे थे उसमें मेरा जहर खाना ही सही था. मेरे चलते मेरे बीबी-बच्चे भी परेशान थे.
इस संदर्भ में जनता टीवी के वाइस चेयरमैन कम चैनल हेड गुरबिंदर सिंह का कहना है कि हमारे तथा मयंक जोगी के बीच सारे मामले सुलझा लिए गए थे. मयंक मुझे फिर से नियुक्ति करने का दबाव डाल रहे थे, जिस पर मैंने सोचने की बात कही थी. साथ ही फर्जी मेल आईडी वाला मामला था, जिसका एफआईआर मैंने दर्ज कराया था, इसे हमलोगों में समझौता हो जाने के बाद भी कानूनी कारणों से विथड्रा कर पाना संभव नहीं था. इसके अलावा जनता टीवी की तरफ से मयंक पर कोई दबाव नहीं था क्योंकि मयंक हमसे मिलकर सारी चीजों को सुलझा चुके थे.