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भड़ास4मीडिया को कई लोगों ने स्क्रीनशाट भेजकर शिकायत की कि इस वेबसाइट पर बेहद घटिया और अश्लील विज्ञापन प्रकाशित प्रसारित किए जा रहे हैं. जब इस मामले की भड़ास की तरफ से जांच कराई गई तो पता चला कि गूगल ने एक ऐसे क्लाइंट का विज्ञापन ले लिया है जो अपने सेक्स प्रोडक्ट की बिक्री के लिए बेहद अश्लील कंटेंट विज्ञापन के साथ डिसप्ले कर रहा है. एडसेंस की सेटिंग के जरिए सेंसटिव कैटगरी के विज्ञापन को ब्लाक किए जाने के बावजूद ये विज्ञापन चलते रहे. अंतत: भड़ास से फिलहाल गूगल के 90 फीसदी विज्ञापन हटा दिए गए हैं. इस अश्लील और घटिया विज्ञापन के प्रकाशन-प्रसारण से पाठकों को जो तकलीफ हुई है, उसके लिए भड़ास क्षमा प्रार्थी है.

ज्ञात हो कि गूगल की तरफ से एक विज्ञापन कोड दिया जाता है जिसे वेबसाइट्स पर विभिन्न जगहों में लगाया जाता है. इस कोड की सेटिंग में गूगल हर बार बदलाव कर नित नए विज्ञापन दिखाता रहता है. इस कोड से वेबसाइट संचालक कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकते. यही कारण है कि कई किस्म के प्रयासों के बाद भी जब अश्लील और घटिया विज्ञापन का चलना नहीं रुका तो अंतत: गूगल के 90 फीसदी विज्ञापन भड़ास पर बंद कर दिए गए. फिलहाल हम लोग कड़ी नजर रखे हुए हैं और अगर स्थिति नहीं सुधरी तो अगले 24 घंटे में गूगल के विज्ञापन हमेशा के लिए बंद कर दिए जाएंगे.

पहले भड़ास की टीम यह समझती रही कि यह सेक्स से रिलेटेड विज्ञापन केवल उन कुछ लोगों को दिख रहे होंगे जिनने अपने मोबाइल या लैपटाप या कंप्यूटर से एडल्ट कंटेंट सर्च किया होगा. गूगल अक्सर यूजर को परसनलाइज विज्ञापन दिखाता है, यानि यूजर जो जो एक्टिविटी अपने मोबाइल / लैपटाप पर करता है, उससे जनित जानकारी के आधार पर वह उसी किस्म का विज्ञापन कंटेंट दिखाता है. मान लीजिए कोई टूर, जहाज, सर्वर आदि सर्च करता है और इसके बारे में बढ़ता है तो गूगल उसे टूर के लिए विभिन्न आफर, जहाज टिकट बुकिंग, सर्वर से रिलेटेड विज्ञापन ही दिखाता है. लेकिन जब बड़ी संख्या में लोगों ने शिकायत की कि भड़ास पर बेहद अश्लील विज्ञापन दिख रहे हैं तो तत्काल गूगल के ज्यादातर विज्ञापन बंद करने का निर्णय लिया गया.

अगर इस मसले पर आपके पास भी कोई तकनीकी ज्ञान / जानकारी हो तो कृपया नीचे कमेंट बाक्स के जरिए शेयर करें या पर मेल करें.

-यशवंत, एडिटर, भड़ास4मीडिया

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  • Guest - umendra singh

    :D आप भी सही हैं और गूगल भी। जो बड़ी संख्या में शिकायत कर रहे हैं ये सब दूध के धुले नही हैं। अपने मोबाइल और लैपटॉप में पोर्न का मज़ा लेने वाले ही हैं। तभी गूगल भी इनको वही दिखा रहा है। बड़ी संख्या के लिए परेशां न होइए। 95% लोग पोर्न देखते हैं।

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