Category: आवाजाही, कानाफूसी, सुख-दुख, इंटरव्यू... Published on Tuesday, 24 January 2012 19:59 Written by B4M
: कानाफूसी : खबर है कि दिल्ली-एनसीआर के पत्रकार अब गमला चोरी पर भी उतर आए हैं. हालांकि कई पत्रकारों की गाडि़यों से सुरक्षागार्डों ने गमला उतरवा लिया पर कई भागने में सफल रहे. बताया जा रहा है कि मयूर विहार फेस वन में दिल्ली को बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी बीएसईएस ने शनिवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया था. इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दिल्ली की सीएम शीला दीक्षित थीं. इस कार्यक्रम में दिल्ली के कई पत्रकार भी आमंत्रित थे. कई लोग बीट के चक्कर में पहुंच गए थे.
सीएम का कार्यक्रम था तो कंपनी ने साज-सजावट भी कर रखी थी. महंगे और सुंदर गमले भी सजाए गए थे. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीएम चली गईं तो चार पहिया गाड़ियों से आए पत्रकार एक-दो या तीन जो अपनी गाड़ी में जितना गमला रख सकता था, रखने लगा. इसमें कई पत्रकार शामिल थे. बीएसईएस के कर्मचारियों ने जब सरेआम गमला की चोरी होते देखी तो वे पत्रकारों को रोकने लगे. पर पत्रकार मानने को तैयार ही नहीं हुए.
बिजली कंपनी वालों ने अपने वरिष्ठों को यह बात बताई तो वे आए तथा गमला ले जाने से मना किया. पत्रकारों तथा बिजली कंपनियों के अधिकारियों में बहसा-बहसी भी हुई, पर पत्रकार बेशर्मी पर उतरे हुए थे और गमलों को अपनी गाडि़यों से नीचे रखने को तैयार नहीं थे. बताया जा रहा है कि इसके बाद कंपनी वालों ने सुरक्षा गार्डों को बुलवाकर गमले उतरवाए तथा इंट्री वाले गेट पर सबकी तलाश लेकर गाड़ी को बाहर जाने दिया. जिन इक्का-दुक्का पत्रकारों ने गाड़ी बाहर खड़ी की थी और गमला रख चुके थे, वो गमला लेकर भागने में सफल रहे.
पत्रकारों की गमला चोरी और सीनाजोरी की इस घटना को लेकर मौके पर काफी चर्चा रही. जो पत्रकार इसमें शामिल नहीं थे या चार पहिया वाहन के अभाव में शामिल हो पाने में अक्षम थे, वे अपने को शर्मिंदा महसूस कर रहे थे. कई वरिष्ठ पत्रकारों की इस छोटी हरकत के चलते बिजली कंपनी के अधिकारियों ने दूसरे पत्रकारों को खूब सुनाई तथा पत्रकारिता की भी ऐसी तैसी की. बहरहाल, अपने वरिष्ठों की इन कारगुजारियों से कुछ युवा पत्रकार आहत हैं तो कुछ इससे सीख ले रहे हैं.