यूपी के 85% दर्शक केवल दो रीजनल न्यूज चैनलों के पास, शेष 15% परसेंट में 9 चैनल खेल रहे, देखें नाम

यूपी और उत्तराखंड केंद्रित रीजनल न्यूज चैनलों का नाम लें तो केवल दो न्यूज चैनल ऐसे हैं जिनका एकछत्र राज है. पिचासी परसेंट मार्केट पर इन्हीं दोनों का कब्जा है. बाकी पंद्रह परसेंट से भी कम में नौ न्यूज चैनल संघर्ष कर रहे हैं.

जिन दो न्यूज चैनलों का जलवा बुलंद है यूपी में, उनमें नंबर वन पर है न्यूज स्टेट यूपी यूके. यह चैनल अकेले साठ परसेंट से अधिक टीआरपी हासिल करता है. इसी ग्रुप का नेशनल चैनल है, न्यूज नेशन. कहा जाता है कि इस चैनल में बसपा से जुड़े लोगों का पैसा लगा है.

दूसरे नंबर पर है न्यूज18यूपी-यूके. यह चैनल पहले ईटीवी यूपी के नाम से जाना जाता था. अब ये अंबानी का चैनल हो गया है. न्यूज18यूपी-यूके पच्चीस फीसदी से भी ज्यादा टीआरपी हासिल करता है. इस तरह न्यूज स्टेट और न्यूज18यूपी-यूके की टीआरपी जोड़ दें तो यह पच्चासी फीसदी के पार चला जाता है.

शेष नौ न्यूज चैनलों समाचार प्लस, जी यूपी-यूके, भारत समाचार, टीवी100, हिंदी खबर, इंडिया न्यूज यूपी, एचएनएन 24×7, सहारा समय यूपी उत्तराखंड, के न्यूज इंडिया की टीआरपी जोड़ दिया जाए तो यह पंद्रह फीसदी से भी कम बैठता है. देखें यूपी और उत्तराखंड के रीजनल न्यूज चैनलों की इस साल के पैंतीसवें हफ्ते की टीआरपी…

Wk35 (25th-31st Aug’18), UP/UK, NCCS 15+ Yrs, 24 Hrs, Rel.Share %.

News State UP/UK- 60.8%

News18 UP/UK- 25.8%

Samachar Plus UP- 5.4%

Zee UP/UK- 4.1%

Bharat Samachar- 1.9%

TV 100- 0.8%

Hindi Khabar- 0.7%

India News UP- 0.5

हिंदी के राष्ट्रीय न्यूज चैनलों का हाल जानें….

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Comments on “यूपी के 85% दर्शक केवल दो रीजनल न्यूज चैनलों के पास, शेष 15% परसेंट में 9 चैनल खेल रहे, देखें नाम

  • Aamir Kirmani says:

    मुझे नहीं लगता कि न्यूज़ स्टेट या न्यूज़ नेशन टीवी चैनल यूपी के रीजनल चैनल की लिस्ट में पहले नंबर पर होगा।
    मैंने जितने लोगों से बात की है उनमें से कोई भी व्यक्ति यह चैनल नहीं देखता और न ही पसंद करता है
    क्योंकि न तो इसकी खबरों में और न एंकरिंग में कोई दम खम दिखाई देती है।
    ईटीवी जिसे न्यूज़ 18 यूपी कहा जाता है, इसके बाद भारत समाचार अच्छी टीआरपी बटोर रहा है
    लेकिन टीआरपी का पैमाना आज तक मेरी समझ में नहीं आया, शायद इसमें भी कोई खेल होता होगा, जितनी अधिकतर टीआरपी मतलब उतने ज्यादा विज्ञापन।
    अपनी टीआरपी अधिक दिखाने के लिए सौदेबाजी ज़रूर होती होगी।

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