विश्व दीपक-
बेरोज़गार युवाओं को ‘कॉक्रोच’ समझने वाले भारत के मुख्य न्यायाधीश इस समय क्या कर रहे हैं – मालूम है? मी लॉर्ड इस समय लंदन की खूबसूरत फिज़ाओं में बैडमिंटन टूर्नामेंट का आनंद ले रहे हैं.
जून का महीना चल रहा है. देश में भयंकर उमस और गर्मी है ऐसे में मी लॉर्ड महोदय यहां कैसे खेलते? पसीना निकलता. कहीं बेहोश हो जाते तो? मी लॉर्ड के मनोरंजन में कहीं कोई कमी न रह जाये इसलिये मोदी जी के कानून मंत्री किरण रिजिजू ने खुद आगे बढ़कर लंदन में टूर्नामेंट कराने का इंतज़ाम कराया.
भारत का कानून मंत्रालय मी लॉर्ड और उनके चेले-चमचों का खेल स्पॉन्सर कर रहा है.
बैडमिंटन तो अकेले खेला नहीं जाता इसलिये मुख्य न्यायाधीश का साथ देने कानून मंत्री रिजिजू भी लंदन पहुंचे हुये हैं. उन्होंने और मी लॉर्ड ने मिलकर बैडमिंटन टूर्नामेंट का उद्घाटन किया. पांच लाख का इनाम भी रखा है. 1000 रुपये एंट्री फीस. सूर्यकांत और रिजिजू के अलावा भारत के 150 जज और वकील इस वक्त लंदन में बैडमिंटन टूर्नामेंट खेल रहे हैं.
कितना सुंदर दृश्य होगा! भारत का मुख्य न्यायाधीश जो युवाओं को ‘कॉक्रोच’ समझता है और युवाओं को ‘कॉक्रोच’ बनाने वाली सरकार का कानून मंत्री एक साथ बैडमिंटन खेल रहे हैं. एक से बढ़कर एक शॉट्स मार रहे हैं. चेले-चमटे तालियां बजा रहे हैं. दमकते-महकते माहौल में बियर, व्हिस्की परोसी जा रही है.
मी लॉर्ड और माननीय मंत्री जब खेल रहे होंगे तब उनके हाथ में रैकेट होगा. जब नहीं खेल रहे होंगे तो हाथ में बियर या व्हिस्की का ग्लास होगा. बैडमिंटन की बारिकियों के अलावा तब दोनों लोग, चुस्कियां लेते हुये, भारत को विश्वगुरु बनाने के लिये गंभीर चर्चा करते होंगे.
ब्रिटेन की राजधानी में, ब्रिटेन के गुलाम भारत की न्यायपालिका और कार्यपालिका का ऐसा मिलन अब तक कम से कम मैंने नहीं देखा या पढ़ा.
मोदी जी चाहते हैं कि जनता सोना न खरीदे, बैलगाड़ी से चले, शादी-ब्याह का आयोजन न करे, पैसा बचाये ताकि उनकी असफलताओं को ढंका जा सके. लेकिन इस देश का इलीट क्लास, देश को चूसकर भी लंदन में मौज कर रहा है. पर मोदी जी कुछ नहीं बोलते.

भारत के जजों और वकीलों के बीच लंदन में एक शानदार बैडमिंटन टूर्नामेंट हो रहा है! इसे कानून मंत्रालय स्पॉन्सर कर रहा है। दूसरे स्पॉन्सरर कई बड़ी कंपनियाँ हैं। इसकी शुरुआत CJI और कानून मंत्री ने की! करीब 150 जज और वकील इसमें भाग ले रहे हैं!
प्रधानमंत्री की सादगी (austerity) की अपील का क्या हुआ? जजों के आचार संहिता का क्या हुआ?
न्यायपालिका की स्वतंत्रता का क्या हुआ?
-प्रशांत भूषण, वरिष्ठ अधिवक्ता
ज़ुबैर-
भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ओर कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल इन दिनों 6 दिनों के दौरे पर लंदन गए हुए हैं! साथ में 75 जज ओर हैं कुछ वरिष्ठ वकील भी है कुल डेढ़ सो लोग हैं!
Vip लोग हैं फर्स्ट क्लास में गए होंगे! इनके टिकट रहने खाने में शायद दसियों करोड़ रुपया खर्च होगा! और ये सारा पेमेंट शायद भारत सरकार को डॉलर ओर पाउंड में करना पड़ेगा!
तो जो सरकार अभी थोड़े दिन पहले जनता से सोना पेट्रोल कम खरीद कर विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की भीख मांग रही थी!
क्या सारा बलिदान ओर अपना पेट काटना जनता का नसीब है?
टैक्स पेयर्स के पैसे से सरकार फिजूलखर्ची क्यों कर रही है??
5 करोड़ मुकदमे यहां पेंडिंग पड़े हैं ओर जनता तारीखों पर परेशान घूम रही है उसके टैक्स के पैसे से जज साहब लंदन में बैडमिंटन खेलेंगे??
सरकार का मंत्री ओर जज एक साथ पिकनिक पर जाएंगे खाएंगे पियेंगे तो क्या गारंटी है ये जज कल को सरकार के फेवर में फैसले नहीं देंगे??
है कोई जवाब देने वाला ??


