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मेरे पर उंगली उठाने वाला पत्रकार अफ़जाल इदरीसी हिस्ट्रीशीटर अपराधी है : शारिब जाफ़री

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नमस्कार, महोदय आप को विनम्रतापूर्वक अवगत कराना है कि अफ़ज़ाल इदरीसी हुसैनगंज कोतवाली कमिश्नरेट लखनऊ का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है, जिस के ख़िलाफ़ एक दर्जन से ज़्यादा मुक़दमा दर्ज है। अधिकतर मुक़दमों में चार्जशीट अदालत में दाख़िल की जा चुकी है।

उक्त अपराधी विभिन्न लोगों के ख़िलाफ़ प्रार्थना पत्र दे कर गुण्डा टैक्स / वसूली का प्रयास करता है। मेरे विरुद्ध भी यह प्रार्थना पत्र देता रहता है। यह शातिर अपराधी है। इसका भाई इक़बाल इदरीसी भी बलात्कार के आरोप में चौक कोतवाली लखनऊ से जेल जा चुका है।

मेरे विरुद्ध उक्त अपराधी जो आरोप लगा रहा है, वो निराधार एवं बेबुनियाद है। उक्त अपराधी द्वारा जिस वेब पोर्टल ‘आज की ख़बर’ को फ़र्ज़ी बताया जा रहा है, वो आज भी चल रहा है। उस का लिंक भी आप उपलब्ध करा रहा हूँ।

https://www.aajkikhabar.com/

अपराधी की क्रिमिनल हिस्ट्री आप को सुलभ सन्दर्भ हेतु प्रेषित कर रहा हूँ।

आपराधिक इतिहास
अफ़ज़ाल इदरीसी पुत्र अब्दुल रशीद इदरीसी
निवासी- 50/113 जय नारायण रोड हुसैनगंज लखनऊ

एच एस न – 119ए

1- मु.अ.सं. 484/08 धारा 384,323, 504 आईपीसी कोतवाली बाज़ारख़ाला, लखनऊ
2- मु.अ.सं. 82/08 धारा 506 आईपीसी कोतवाली हुसैनगंज, लखनऊ
3- मु.अ.सं. 268/09 धारा 452,323,504, 506 आईपीसी कोतवाली हुसैनगंज, लखनऊ
4- मु.अ.सं. 311/11 धारा 323, 504, 506 आईपीसी कोतवाली हुसैनगंज, लखनऊ
5- मु.अ.सं. 22/12 धारा 507 आईपीसी थाना ठाकुरगंज, लखनऊ
6- मु.अ.सं. 188/12 धारा 406,420, 506 आईपीसी थाना गोमतीनगर, लखनऊ
7- मु.अ.सं. 107/12 धारा 384,504, 506, 427 आईपीसी कोतवाली बाज़ारख़ाला, लखनऊ
8- मु.अ.सं. 163/12 धारा 504,506 आईपीसी कोतवाली वजीरगंज, लखनऊ
9- मु.अ.सं. 235/12 धारा 392, 506 आईपीसी कोतवाली हुसैनगंज, लखनऊ
10- मु.अ.सं. 364/12 धारा 420,467,468आईपीसी व 103/104 ट्रेड मार्क अधिनियम कोतवाली वजीरगंज, लखनऊ
11- मु.अ.सं. 10/13 धारा 110जी द. प्र. सं. कोतवाली हुसैनगंज, लखनऊ

12 – मु .अ. स. 55/14 धारा 323 /504 आईपीसी, कोतवाली हुसैनगंज लखनऊ

धन्यवाद

शारिब जाफ़री
वरिष्ठ प्रमुख संवाददाता
आलमी सहारा
सहारा टीवी नेटवर्क


मूल खबर-

शारिब जाफरी फिर बन गए मान्यता प्राप्त पत्रकार, एएच इदरीसी ने पत्र लिख कर लगाए गंभीर आरोप


अपने पर लगे आरोपों पर इदरीसी ने भड़ास को जो पक्ष भेजा है, वो यूँ है-

सेवा में
श्रीमान सम्पादक महोदय
भड़ास नेटवर्क उ,प्र,
महोदय।
प्राथी लगभग 40 वर्षों से पत्रकारिता क्षेत्र में बड़ी ईमानदारी से कार्य करता आ रहा है और प्रार्थी द्वारा देशविरोधी एवं आंतगवादी गतिविधियां में लिप्त कुछ कथाकथित पत्रकारों के खिलाफ अपने समाचार पत्र में उनके नाम सहित काले कारनामों खुलासा करने से सपा सरकार के मंत्री शिवपाल करीबी राज्य मुख्यालय के पत्रकार आसिफ रजा जाफरी वा उनका भांजा शारिब जाफरी की दलाली एवं राष्ट्रविरोधी गतिविधियों लिप्त होने का खुलासा करने से नाराज़ आसिफ एवं शारिब ने अपने 23 कथाकथित पत्रकार साथीयों के साथ मिलकर अन्य थानों में मेरे खिलाफ लगभग 7 झूठे मुकदमे दर्ज कराए इसी झूठे मुकदमे के आधार पर फर्जी हिस्टीशिट खुलवा दी.

1- प्राथी इसके खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 12426/2017 में दाखिल की जिसमें माननीय उच्च न्यायालय ने 03/03/2022 को प्राथी को निर्दोष मानते हुए पुलिस के सभी आरोपो को खारिज करते हुए तत्काल पुलिस को हिस्टीशीट बंद करने का आदेश दिए हैं।
2-मुकदमा थाना हुसैन गंज 268/08 न्यायालय ने प्राथी को दोषमुक्त किया ।
3-मुकदमा थाना हुसैन गंज 235/11 पुलिस जांच में फर्जी पाया गया फाईनल रिपोर्ट लगाई है।
4-मुकदमा थाना ठाकुर गंज 22/12 धारा 507 प्राथी के खिलाफ न्यायालय की रिपोर्ट कोई नहीं।
5-मुकदमा थाना बाजार खाला 482/08 प्राथी के नाम नहीं है फर्जी लिखा गया।
6मुकदमा थाना गोमतीनगर 188/12 धारा 406,420,506,
-आदेश में है।
7-मुकदमा थाना हुसैन गंज 311/11 धारा 323,504,506,
आदेश में है।
8- मुकदमा थाना बाजार खाला
464/08 थाना बाजार खाला धारा506,504, वादी एवं गवाहों का वारन्ट चल रहा है।
9-मुकदमा थाना बाजार खाला 107/12 थाना बाजार खाला धारा504,506,
427,वादी वारंट NBW चलरह है
10- मुकदमा थाना वजीर गंज 364/12 हाईकोर्ट से इस्टेट है

1- शारिब जाफरी पर सरकारी दस्तावेज में कूटरचित साजिश करने पर न्यायालय केस धारा 420,467,468,469,471 है
2-शारिब जाफरी और आसिफ रजा जाफरी को हाईकोर्ट में पूजा चन्द्र द्वारा याचिका में लागे आतंकवादी के आरोपो की छाया प्रति
आपको हाईकोर्ट के आदेश के साथ निचली अदालतों से बरी होने के आदेश भेज रहा हूं।

ए एच इदरीसी

अध्यक्ष

मान्यता प्राप्त उर्दू मीडिया एसोसिएशन

उत्तर प्रदेश

लखनऊ

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  • यशवंत, आप मुझे पिछले 25 सालों से जानते हैं। आपको यह भी यकीन होगा कि मैं कभी भी गलत बात की पैरवी नहीं करता। शारिब जाफरी ना केवल एक उम्दा पत्रकार हैं बल्कि एक बेहद दुर्लभ मुसलमान भी है जिन पर शायद इस्लाम को गर्व होना चाहिए। मैने इनके नायाब कृतित्व और बेहतरीन व्यक्तित्व को ना केवल देखा समझा और महसूस किया है बल्कि मैं उन्हें दिल ही दिल में एक छोटे भाई और बेटे की तरह प्यार करता हूं।
    उनके जैसे निर्मल व्यक्तित्व और प्रकृति के लोगों को जब तकलीफ होती है तो शायद कुदरत भी उस पर आंसू बहाती होगी और अब बेशक अल्लाह बहुत नाराज होता होगा।
    शारिब जैसे लोग पनपेंगे तो अच्छा इस्लाम भी खुद ब खुद पनप जाएगा। तसल्ली वाली बात यह है कि वह देश के बहुत बड़े उर्दू चैनल के उत्तर प्रदेश में प्रमुख हैं और अपने ही नेटवर्क के हिंदी चैनल का भी बहुत सारा काम देख रहे हैं। मैंने शारिब को एक पौधे से वटवृक्ष बनते देखा है।
    शारिब की मुखालफत करने वाले का जो हश्र होगा वह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन यह तय है कि जब नेक इंसानों को तकलीफ होती है तो कुदरत भी उनकी मदद करती है और कानून का अत्यंत विध्वंसक रूप सामने आता है।
    यशवंत मैं आपकी इस बात के लिए सराहना करना चाहूंगा कि आपने शायद का वक्तव्य छापा अगर मैं इस वक्तव्य को ना पढ़ता तो शायद मुझे इस मामले का कभी पता भी नहीं चलता क्योंकि शादी को तकलीफ हुई है यह जानकर मुझे बहुत पीड़ा हो रही है।

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