मस्त मलंग थे अजित राय : कॅरियर में साहित्य की पत्रकारिता से होते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षक का ताज पहन अपनी माटी को रोशन किया!
दिलीप चौबे- अजित सबके मीत। अजित जी की असामयिक निधन की खबर से रात भर बेचैन रहा। जागता रहा। नींद नहीं आई। वह हमारे जनपद(बक्सर) के थे। मुझे अपना अग्रज मानते थे और उसी नजरिये से सम्मान भी करते थे। अजित हर दिल अजीज थे। फेसबुक पर उनके मित्रों और शुभचिन्तकों द्वारा लिखे गए संस्मरण … Continue reading मस्त मलंग थे अजित राय : कॅरियर में साहित्य की पत्रकारिता से होते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षक का ताज पहन अपनी माटी को रोशन किया!
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दिलीप चौबे- अजित सबके मीत। अजित जी की असामयिक निधन की खबर से रात भर बेचैन रहा। जागता रहा। नींद नहीं आई। वह हमारे जनपद(बक्सर) के थे। मुझे अपना अग्रज मानते थे और उसी नजरिये से सम्मान भी करते थे। अजित हर दिल अजीज थे। फेसबुक पर उनके मित्रों और शुभचिन्तकों द्वारा लिखे गए संस्मरण … Continue reading मस्त मलंग थे अजित राय : कॅरियर में साहित्य की पत्रकारिता से होते हुए अंतरराष्ट्रीय फिल्म समीक्षक का ताज पहन अपनी माटी को रोशन किया!