प्रियदर्शन- साल १९९३ या १९९४ में कभी ‘नवभारत टाइम्स’ के दफ़्तर में अजित राय पहली बार मिले थे- बिल्कुल तपाक से। उन्होंने बताया कि बीते कई दिनों से वे मेरी तलाश में थे- उन्हें बताया गया था कि प्रियदर्शन एक दाढ़ी-चश्मे वाला लड़का है। मैं उत्फुल्ल था। दिल्ली नया-नया आया था और फ्रीलांसिंग किया करता … Continue reading अजीत राय में कई खूबियां थीं- वे दोस्त बनाना जानते थे और समय पर काम आना भी
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अजीत राय में कई खूबियां थीं- वे दोस्त बनाना जानते थे और समय पर काम आना भी
प्रियदर्शन- साल १९९३ या १९९४ में कभी ‘नवभारत टाइम्स’ के दफ़्तर में अजित राय पहली बार मिले थे- बिल्कुल तपाक से। उन्होंने बताया कि बीते कई दिनों से वे मेरी तलाश में थे- उन्हें बताया गया था कि प्रियदर्शन एक दाढ़ी-चश्मे वाला लड़का है। मैं उत्फुल्ल था। दिल्ली नया-नया आया था और फ्रीलांसिंग किया करता … Continue reading अजीत राय में कई खूबियां थीं- वे दोस्त बनाना जानते थे और समय पर काम आना भी