IIMC 2011-12 बैच के पत्रकार अनिल के साथ ये सब क्या हो रहा है… मदद करें

यशवंत भाई,

आपको याद होगा जब वर्ष 2014 में मैंने आपसे बात की थी और मदद मांगी थी, मेरी जान को खतरा है, तो आपने कहा था कि पूरा मैटर लिखकर भेज दो। फिर अचानक धमकी और लैपटॉप खराब हो जाने के कारण मैं आपको मैटर नहीं भेज पाया था मैं डर गया था। मैं अपनी लाइफ फिर से नए सिरे से शुरु कर चुका था। लेकिन वर्ष 2017 में कर्नाटक से ये कुछ लोग जयपुर आ गए। वहां मेरा दो तरह से हैरासमेंट हुआ था कुछ लोगों ने मेरे पर जानलेवा अटैक किया था, औऱ फिर जान से मारने की धमकी दी औऱ बीच में डिफेंस ने दो महीने के लिए नवंबर माह से पहले मुझे नजर बंद कर दिया था।

अनिल कुमार अमरोही

बैंगलोर से जब मैं लौट रहा था 15 नवंबर के दिन तो मैं ट्रक में भरकर इंडियन आर्मी के कुछ जवान जा रहे थे। उन्होंने अपना रियल चेहरा दिखा दिया था और हैरासमेंट करते हुए कहा था कि देखो दाउद का फैन जा रहा है। मैं जब दिल्ली शाहजहां रोड स्थित पिता जी जो राजस्थान स्टेट गवर्नमेंट में फोर्थ क्लास कर्मचारी हैं को मिले हुए अपने सरकारी क्वार्टर पर आ गया था। लेकिन यहां तक मेरा पीछा करते हुए आए थे फिर इस दौरान घर के सामने एक शख्स देखा गया था, तगड़े बाइसएप्स, चुस्त करके जींस पहनी हुई थी ऊपर मुसी हुई और एक शर्ट थी, हाथ में गुलेल मेरे घर के ठीक दरवाजे के सामने बंदर मार रहा था उससे जब मैंने औऱ मां पूछताछ की तो वह हड़बड़ाया औऱ उसे मैंने पकड़ा तो उसके गले से झटककर एक आईकार्ड सामने आ गया था जिस पर साफ तौर पर मैंने पढ़ा था मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस।

ये देखते ही वह लात-घूंसे मारते हुए इतनी तेजी डिवाइडर पार करते हुए यीपीएससी जामनगर हाउस की तरफ मानसिंह रोड की तरफ तेजी से दौड़ते हुए भागा था। वहीं वन इंडिया डॉटकॉम ने मुझे पुलिस में दी हुई शिकायत भी ये कहते हुए फेसबुक से हटाने के लिए कहा था कि तुम्हें फिर कहीं जॉब नहीं मिलेगी देख लेना.. कभी आईबीएन-7 में भी ट्राई करोगे तो वहां भी नहीं। मैरी उम्र सिर्फ 24-25 साल थी मैं डर गया था मेरा करियर और जिंदगी दांव पर थी मैंने शिकायत वहां से डिलीट मार दी थी लेकिन मैंने वेबसाइट शुरू की तो उस पर एक महीने में पांच बार मालवेयर अटैक किया गया, फिर इसके बाद एक स्टार्टअप खोली फुटवियर की स्टाइलमार फुटवियर ब्रैंड जो वर्ष 2015 में खुला और वर्ष 2017 के जून माह में बंद हुआ कुछ नोटबंदी की घोषणा के बाद हुए नुकसान के कारण तो कुछ हैरासमेंट के कारण। मेरे ब्रैंड के पोस्टर तक बीच से फाड़ दिए गए थे।

अनिल द्वारा अपने फेसबुक वॉल पर डाला गया लैटेस्ट स्टेटस…

अब चार साल बाद, वर्ष 2017 में जयपुर स्थित क्रैजी मीडिया लैब नाम की एक स्टार्टअप में मुझे हायर किया गया वहां जॉब मुझे ज्वॉइन करनी थी कर ली। इसके बाद वहां की एक राजा पार्क गुरुनाकपुरा कॉलोनी जहां मैं रह रहा था वहां मुझे किडनेप कर लिया गया था, जिसके बाद मेरी मॉब लिंचिंग हुई, मैं कहता रहा कि मेरे साथ ऐसा मत करो लेकिन किसी ने नहीं सुनी। मैं वर्ष 2017 के दिसंबर माह में जयपुर से दिल्ली घर वापस आ गया। फिर यहां पर कुछ लोगों ने मेरा डेबिट कार्ड और पर्स चुरा लिया और फिर डॉक्यूमेंट तोड़कर वापस दे दिये, मेरी एफडी से लिया हुआ क्रैडिट कार्ड भी जबरन जमा करवा दिया गया। 10 महीने से ज्यादा हो गया है, बीमार भी पड़ रहा हूं तो घरवालों का सपोर्ट भी नहीं लेने दे रहे हैं मुझे कुत्ता बनाया हुआ है। बाहर जा रहा हूं तो आत्महत्या के लिए उकसा रहे हैं। दिल्ली पुलिस से दो से तीन बार मिल चुका हूं, पुलिस कमीशनर को कई ईमेल कर चुका हूं लेकिन कोई एक्शन नहीं हो रहा है अभी तक।

मैं शिकायत की दूसरी कॉपी जो हाल ही कराई है वो, साथ ही घटना का विवरण जो मैंने एक ऑटो बायोग्राफी में डाला है ये बताने के लिए कि मेरे साथ क्या क्या हुआ सलग्न है।

Thanks & Regards

Anil Kumar Amrohi

Journalist/Former Student Of IIMC

Editor – TheOfficialPost.com

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