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मथुरा के नियति हास्पीटल में आज सुबह करीब सवा आठ बजे वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्रवाल जी ने आंखें मूंद ली। उन्होंने आज अखबार में लंबे समय तक क्राइम रिपोर्टर और फिर सिटी इंचार्ज के तौर पर सेवा दी। इससे पहले उन्होंने विकासशील भारत में बतौर क्राइम रिपोर्टर काम किया। आज अखबार छोड़ने के बाद वे डीएलए से जुड़ गए। यहां उन्होंने बतौर सीनियर क्राइम रिपोर्टर काम किया।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका अंतिम पड़ाव पुष्पांजलि ग्रुप के पुष्प सवेरा अखबार में सिटी इंचार्ज के रुप में रहा। ये वही पुष्पांजलि ग्रुप है जिसके हास्पीटल में उनके इलाज के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 साल के इलाज के लिए भेजी गई 5 लाख रुपये की धन राशि का महज 4 महिने में ही गोलमाल कर दिया। हालांकि तमाम मीडियाकर्मियों और सामाजिक व राजनीतिक लोगों ने उनके इलाज में प्रत्यक्ष व परोक्ष सहयोग किया पर उन्हें बचाया न जा सके।

श्री अग्रवाल अपनी नेक, ईमानदार और धारदार क्राइम रिपोर्टिंग के लिए प्रदेशभर में जाने जाते हैं। पिछले 40 सालों में उत्तर प्रदेश का उन जैसा दूसरा तेज तर्रार क्राइम रिपोर्टर न हुआ। उनकी क्राइम बीट पर पकड़ के कारण ही प्रदेश में इन सालों में जो भी डीजीपी हुए वे हमेशा विनोद अग्रवाल से प्रभावित रहे। विनोद अग्रवाल ने अपनी ईमानदार पत्रकारिता की एक नई पीढ़ी तैयार की। उनके सिखाए कई क्राइम रिपोर्टर आजकल मीडिया के नामचीन संस्थानों में सेवाएं दे रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेन्द्र पटेल की एफबी वॉल से.

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