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महानायक अमिताभ बच्चन ने कवि डॉ कुमार विश्वास को लीगक नोटिस भिजवाया है। डॉ कुमार विश्वास ने पुराने हिन्दी कवियों को श्रद्धांजलि की श्रृंखला, 'तर्पण' पिछले सप्ताह शुरू की थी। कुमार इस श्रृंखला को ले कर काफ़ी उत्साहित थे और उन्होंने इसका जिक्र अपने ऑफिसियल फेसबुक, ट्वीटर इत्यादि पर भी किया था। इस श्रृंखला में विश्वास लगभग 15 दिवंगत कवियों की कविताओं की संगीतमय प्रस्तुति करते हैं। इन कवियों में बाबा नागार्जुन, दिनकर, निराला, बच्चन, महादेवी, दुष्यंत, भवानी प्रसाद मिश्र के साथ अन्य कवियों की कविताएं शामिल है।

गत शनिवार को कुमार ने इस श्रृंखला के चौथे वीडियो के रूप में 'नीड़ का निर्माण फिर-फिर' नाम से स्व हरिवंश राय बच्चन जी की एक कविता का वीडियो डाला। जब अमिताभ बच्चन के किसी प्रशंसक ने यह वीडियो अमिताभ बच्चन को टैग करते हुए ट्वीट किया तो उन्होंने इसे कॉपीराइट का हनन बताया और लीगल प्रक्रिया की चेतावनी दी

https://twitter.com/SrBachchan/status/884133339782762496

इसके बाद डॉ कुमार विश्वास की ईमेल आईडी पर एक नोटिस भेजा गया। इसमें बच्चन की तरफ से 24 घण्टे के अंदर यह वीडियो डिलीट करने और इस वीडियो से हुई कमाई का हिसाब देने की मांग की गई। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। 

इसके जवाब में डॉ कुमार विश्वास ने बच्चन को ट्वीट के जरिये जवाब दिया कि अन्य कवियों के परिवारों से मुझे (तर्पण के लिए) प्रशंसा मिली जबकि आपकी तरफ से नोटिस मिला। मैं 'बाबूजी' के ट्रिब्यूट वीडियो को डिलीट कर रहा हूं। इससे 32 रुपये की कमाई हुई है। वो मैं आपको भेज रहा हूँ। 

https://twitter.com/DrKumarVishwas/status/885118168171069440

इसके अलावा कुमार ने फेसबुक लाइव के माध्यम से अपने श्रोताओं और प्रशंसकों से बातचीत करते हुए कहा कि 'तर्पण' श्रृंखला के लिए मुझे भवानी दादा, बाबा नागार्जुन, दिनकर जी और दुष्यंत जी आदि के परिवारों से प्रशंसा और आशीर्वाद मिला है। लेकिन यदि अमिताभ बच्चन जी ने इसे कॉपीराइट का हनन बताया है तो मैं उनके आदेश के अनुसार यह वीडियो डिलीट कर रहा हूँ। इससे यूट्यूब के माध्यम से मिले 32 रुपए भी मैं उन्हें भेज रहा हूँ।

मैंने यह श्रृंखला उन दिवंगत महाकवियों को श्रद्धांजलि देने के लिए शुरू की थी जिन्हें हम बचपन से ही सुनते आए हैं। लेकिन यदि अमिताभ बच्चन नहीं चाहते कि हरिवंश राय बच्चन जी की कविताएं इसमें शामिल की जाएं तो मैं उनकी बात मानते हुए हरिवंश जी की बाकी कविताएं भी जनता तक नहीं पहुंचाऊंगा।  हालांकि मैंने हरिवंश जी के दूसरे पुत्र श्री अजिताभ बच्चन जी से इस संदर्भ में बात की थी और इसी वीडियो पर उन्होंने मुझे बधाई का संदेश भी भेजा था। यह उनका कानूनी अधिकार है, इसलिए मैं यह वीडियो वापस ले रहा हूँ।

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