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दाखिले पर लगी पाबंदी खत्म कराने के नाम पर प्राइवेट मेडिकल कालेजों से रिश्वत लेते धरे गए वीके शर्मा के बारे में कई नई जानकारियां सामने आ रही हैं. इंडिया टीवी के वरिष्ठ पत्रकार रहे हेमंत शर्मा के खास आदमी वीके शर्मा ने यूनिटेक क्लब में एक शानदार पार्टी दी थी. यह काकटेल पार्टी हेमंत शर्मा की बेटी की शादी के उपलक्ष्य में दी गई थी. समारोह का मुख्य अतिथि कुमार विश्वास को बनाया गया था. नोएडा में यूनिटेक कंपनी के आफिस के बगल में स्थित यूनिटेक क्लब के इस आयोजन के लिए जो कार्ड छपा था, उसमें RSVP में वीके शर्मा का नाम था. यह कार्ड हेमंत शर्मा के करीबी मित्रों, परिचितों और हाई प्रोफाइल लोगों को भेजा गया था.

पार्टी में शिरकत करने वाले एक शख्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कार्ड और आयोजन को देखकर खेल समझ में आ रहा था. वीके शर्मा ने इस आयोजन पर अपना पैसा इनवेस्ट किया था. हेमंत की बेटी की शादी के उपलक्ष्य में दसियों जगह पार्टियां होती रहीं. यूनिटेक क्लब वाली पार्टी का सारा खर्चा वीके शर्मा ने उठाया था और वह खुद होस्ट की भूमिका में था. आखिर इतना याराना किस बात के लिए था. सारा खेल अब समझ में आ रहा है.

लखननऊ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हेमंत शर्मा एक जमाने में जब लखनऊ में जनसत्ता अखबार में काम करते थे, स्कूटर से चला करते थे. आज वह ढेर सारी संपत्ति के मालिक हैं. नोएडा में उनके सैकड़ों करोड़ के फ्लैट हैं. उनकी बेटी की शादी में पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत ढेर सारे बड़े लोग आए थे जो ये बताने के लिए काफी है कि यह हेमंत शर्मा नामक शख्स इन दिनों देश का सबसे ताकतवर (सत्ता से संबंध और काम निकाल लेने की क्षमता रखने के संदर्भ में, अर्थात पावर ब्रोकिंग एंड लायजनिंग) पत्रकार है. पिछले तीन चार साल से इस शख्स ने अपने पुराने और गरीब परिचितों को भूलना शुरू कर दिया था. अब ये केवल बड़े लोगों से ही संबंध रखने लगे थे. यही कारण है कि हेमंत शर्मा के करीबियों में अब सिर्फ उद्योगपति, ब्रोकर, नौकरशाह और नेता रह गए थे.

चर्चा तो यहां तक है कि रजत शर्मा भी अब हेमंत शर्मा के रसूख को देखकर मन ही मन जलने लगे थे. राज्यसभा में खुद को न भिजवाए जाने के कारण भी रजत शर्मा इन दिनों हेमंत शर्मा से नाराज चल रहे थे. सीबीआई जांच में हेमंत शर्मा का नाम देख रजत शर्मा ने इसे लाठी भी न टूटे और सांप भी मर जाए टाइप अच्छा मौका मानते हुए फौरन उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया.

कुछ लोगों का कहना है कि हेमंत शर्मा केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद से बेहद सक्रिय हो गए थे और उनके कारनामों की चर्चा प्रधानमंत्री तक पहुंचने लगी थी. भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस का नारा देने वाले पीएम जब खुद हेमंत शर्मा की बेटी की शादी में शामिल हुए तो लोग ये मानने लगे कि हेमंत शर्मा जैसा पावरफुल फिलहाल कोई दूसरा जर्नलिस्ट नहीं, उन पर पीएम मोदी का भी हाथ है. अब जब सीबीआई जांच में हेमंत का नाम आने लगा है तो सवाल पीएम मोदी की कथनी और करनी पर भी उठने लगे हैं. क्या पीएम मोदी अपनी जीरो टालरेंस वाली नीति पर अमल करते हुए सीबीआई जांच को बिना दबाव में होने देंगे और असल दोषियों तक सीबीआई को पहुंचने देंगे या फिर मोदी के खास लोग पूरे मामले पर पर्दा डलवाने के लिए सीबीआई को दबाव में लेकर छोटे मोहरों को ही बलि का बकरा बनाकर मामले को शांत करा देंगे.

वीके शर्मा कई स्कूल चलाता है जहां वह खुद मैनेजिंग डायरेक्टर है और उसका बेटा वैभव शर्मा डायरेक्टर. फिलहाल ये दोनों बाप बेटे गिरफ्तार हैं और सीबीआई की रिमांड पर हैं. इनके स्कूल की वेबसाइट पर इनका जो प्रोफाइल है, वह इस प्रकार है....

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