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प्रेस क्लब आफ इंडिया के गेट पर भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह पर दो लफंगानुमा पत्रकारों ने हमाला किया. इनमें से एक का नाम भूपेंद्र सिंह भुप्पी है और दूसरा अनुराग त्रिपाठी है. प्रेस क्लब के भीतर ये दोनों यशवंत को देखने के बाद अपनी टेबल से उठकर यशवंत की टेबल पर आ गए और बैठकर यशवंत की तारीफें किए जा रहे थे, गले मिल रहे थे. बाहर निकलने पर धोखे से हमला कर दिया.

यशवंत ने हमले के दो दिन बाद पूरी कहानी इस वीडियो के जरिए विस्तार से बताई. साथ ही ऐसे हमलों को लेकर अपनी सोच का इजहार भी किया. नीचे दिए वीडियो पर क्लिक करें:

यशवंत ने उपरोक्त वीडियो के लिंक को फेसबुक पर साझा करते हुए जो लिखा है, वह इस प्रकार है :

उपरोक्त एफबी स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं :

Alok Singh : बहुत दुःखद है इस तरह का विरोध करना। मारपीट और हाथापाई कायराना हरकत है जो कि निंदनीय है। शुक्र है कि आपको ज्यादा चोटें नहीं आई। आपका चश्मा टूट गया। कोई बात नहीं। मिलिये मैं आपको उस से बढ़िया वाला चश्मा दिलवाने का प्रयत्न करूँगा। जल्द स्वस्थ होकर पुनः अपने जीवन का आनंद लें।

Rishabh Yadav : bhaiya lage raho...prerna de raha hai aapka yeh video। भैया आप जब समय मिले तो यह भी बताये की किन कारणों से जेल यात्राएं हुई और ओर नौजवान लोगों के लिए क्या सावधानियां रखना चाहिए। थोड़ा कोर्ट कचहरी का अनुभव भी साझा करें तो बढ़िया रहेगा। लिखें पूरे सिलसिलेवार ढंग से, अगर आप उचित समझें तो।

Hemant Jaiman Dabang : यशवन्त सर आपको कुछ नही होगा। हजारो लोगो की दुआएं आपके साथ है।

Qamer Baig : भड़ास है तो निकलेगी ही किसी के कायराना हरकत के लिए तो भड़ास भर भर के निकले कलम की तेज धार से भड़ास निकालते रहिये सतर्क रहिये होशियार रहिये खुश रहिये और ज़िंदादिली से सभी से मिलते रहिये।

अंशुमान मिश्रा : सर ये कोई आम हमला नहीं बल्कि नाक पर हमला है। अब सवाल नाक का है तो कुछ न कुछ करना ही चाहिए।

Dhananjay Singh : ''थोड़ा मारने दो इसे,बहुत खबरें छापता है" कहते हुए दिल्ली के प्रेस क्लब में भड़ास वाले Yashwant भाई को दो पत्रकारों ने ही पीट दिया......... जाहिर है इस घटना के गवाह भी कई एक रहे ही होंगे... निर्भीक पत्रकारिता पर खुद पत्रकारों की तरफ से हुए इस हमले की मैं निंदा करता हूँ ....खम्भों की यह लड़ाई निंदनीय है... आप भी छापिये न भाई,असहमति है तो किसी को पीट देंगे? ऐसे ही कमजोर पलों में निहायत ही कमजोर लोग पिस्टल भी निकाल लेते हैं और परिणाम अत्यंत भयानक होता है... आशा है देश की राजधानी के प्रेस क्लब में हुई इस घटना के विरोध में तमाम एक्टिविस्ट्स से लगायत प्रधानमंत्री भी ट्विट करेंगे. ऐसी हरकत निंदनीय है, अभी निंदा करिए.

Shahid Naqvi : जब खबर छापने के विरोध में पत्रकार ही पत्रकार पर हमलावर हो तो सच के नज़दीक पहुंचना मुश्किल है। पत्रकार पर किसी भी तरह के हमले की मैं घोर निन्दा करता हूं।

Vaibhav Agrawal : यशवंत जो पत्रकारिता की पोल खोल राजनीती करते है वो निश्चित ही प्रसंशक कम दुश्मन अधिक बनाती है! .. इस ढंग से मार पीट कर इन लोगो ने पत्रकारिता को और अधिक कलंकित किया है! दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, इसमें राजनीतिक लाभ का कोई एंगल न होने की वजह से अधिकतम बिरादरी चुप है! :(

Abdul Noor Shibli : shandar. dono se ab bhi nafrat nahin. wah.

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People in this conversation

  • Guest - Vinod Bhardwaj

    प्रिय भाई यशवन्त, भड़ास के नाम पर तुमने पत्रकारों की आवाज को एक मजबूत मंच दिया है। पत्रकारों के उत्पीड़न के इस संघर्षपूर्ण दौर में ये मंच ही एक आसरा है पीड़ितों का। ईश्वर तुम्हें चिरायु करें। तुम्हारे जैसे भाई और मित्र के यशस्वी व सामर्थ्यवान बने रहने की कामना करता हूँ। दो दिन पूर्व दिल्ली प्रेस क्लब में तुम पर हुए कायराना हमले से सिर्फ आक्रोशित ही नहीं, चिंतित भी हूँ। अपना ध्यान रखो! स्वस्थ रहो!! मस्त रहो!!!
    Vinod Bhardwaj

  • Guest - Ashutosh Agnihotri

    यशवंत भाई इन सबसे निपटने में समर्थ हैं, फिर भी सतर्क रहें। हम सब आपके साथ हैं।

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