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Nirala Bidesia : -ए रायजी. कहां हैं. तनि लगाइये फलाना अखबार के संपादकजी को फोन. बहुत दिन हो गया बतियाये हुए.

-सर, उ अब संपादक नहीं हैं न.

-सब बकबांदर हमरे माथे पड़े हैं.बताये काहे नहीं. कौन बना है नया.

-फलाना जी.

-लीजिए फोन, पुरनका संपादक का नंबर डिलीट कीजिए, नयका का सेभ कीजिए. बात करवाइये. पहिले आप खुद बतिया लीजिए, फिर मेरा करवाइयेगा.

-जी.

(फोन लेकर पुरनका संपादक का नंबर डिलीट हुआ, नया वाला का सेभ हुआ. बात हुई. लिटटी और चाय पर आमंत्रित किये. फिर रायजी से संवाद)

-रायजी, तिसी पाउडर, ओल का आंचार, शहद भेजवा दीजिएगा नयका के यहां. बोल दीजिएगा दिनेशवा को कि पुरनका के यहां भेजना बंद करे. नयका के यहां शुरू करे.

(कानो सुनी नहीं, आंखों देखी. मन सन्न नहीं हुआ बेरहमी से पुराने का नंबर डिलीट होने और नये का सेभ होने से. पुराने के पास मधु, तिसी, अंचार बंद करवाने और नयका का शुरू करवाने से)

पत्रकार निराला 'बेदिसिया' की एफबी वॉल से.

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