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जबलपुर । मिलौनीगंज में रहने वाले पत्रकार मनीष गुप्ता (47) की बुधवार दोपहर ग्वारीघाट के जिलहरीघाट में लाश मिलने से सनसनी फैल गई। मनीष 30 जनवरी मंगलवार से लापता थे। उनकी पत्नी राखी गुप्ता ने हनुमानताल थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। मनीष की मौत को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। कोई आत्महत्या बता रहा है तो कोई हादसा, लेकिन परिस्थितियां हत्या की तरफ इशारा कर रहीं हैं। ग्वारीघाट टीआई राकेश तिवारी ने बताया कि बुधवार की सुबह 10 बजे जिलहरी घाट में एक लाश उतराती हुई दिखी। इसके बाद नाविकों ने उसे बाहर निकाला। मृतक इनर और लोवर पहने हुए था। पुलिस ने जिलेभर के थानों में हुलिया भेजकर जानकारी जुटाई तो मृतक की पहचान मिलौनीगंज निवासी मनीष गुप्ता के रूप में हुई।

हनुमानताल पुलिस ने बताया कि मनीष की पत्नी राखी गुप्ता निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। राखी ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की सुबह 11 बजे मनीष घर पहुंचे और अपनी बाइक खड़ी करने के बाद उसकी एक्टिवा लेकर शाम तक लौटने की बात कही। लेकिन देर शाम तक घर नहीं पहुंचे। राखी लगातार मनीष को फोन लगाती रहीं, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। जिसके कारण उन्होंने थाने में सूचना दी। मनीष गुप्ता के साथ काम करने वाले और परिजन के अनुसार आर्थिक तंगी के कारण मनीष कुछ समय से काफी परेशान थे। उनके परिवार में पत्नी राखी और दो बच्चे हैं। बेटा हार्दिक गोवा में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ एक निजी कंपनी में पार्ट टाइम नौकरी करता है। 15 दिन पहले ही बेटा छुट्टियों पर घर आया था। वह एक सप्ताह पहले वापस गया है। बेटी अंशिका कक्षा 10वीं में पढ़ती है।

ग्वारीघाट के जिलहरी घाट में मृत मिले पत्रकार मनीष गुप्ता की एक्टिवा श्मशानघाट में खड़ी हुई मिली। एक्टिवा की डिक्की में मनीष का मोबाइल और 3 हजार रुपए रखे हुए मिले लेकिन उसकी जैकिट और कपड़े गायब हैं। इससे मामला संदिग्ध बना हुआ है। इधर गुरुवार की दोपहर मनीष का बेटा हार्दिक मुंबई से शहर पहुंचा, जिसके बाद शाम 4 बजे उसका अंतिम संस्कार करियापाथर श्मशानघाट में किया गया। ग्वारीघाट थाना प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि जांच के दौरान बुधवार की देर रात ग्वारीघाट मुक्तिधाम के पास एक एक्टिवा खड़ी मिली। मोबाइल की कॉलडिटेल को चेक किया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट नहीं मिली है, जिसके कारण मौत की वजह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी। 30 जनवरी को मनीष के गायब होने के दिन उसके घर में आग लग गई थी, जिसके कारण पूरी गृहस्थी का सामान भी जल गया था। लिहाजा ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि पहले से आर्थिक तंगी झेल रहे मनीष ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली।

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