मजीठिया वेतनमान की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 03 अगस्त को

मजीठिया वेतनमान की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। 03 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिससे सिद्ध हो जाएगा कि किसी भी प्रिंट मीडिया संस्थान ने मजीठिया वेतनमान नहीं दिया है। अब आगे का कार्य वकीलों की बहस पर टिका होगा। 

बलात्‍कारी, उगाहबाज, ठग और धोखेबाज गिरोह से पत्रकार हेमन्‍त तिवारी की गलबहियां

लखनऊ: देहरादून की युवती के साथ बलात्‍कार और उगाही के आरोपी वरिष्‍ठ पत्रकार की पहुंच समझनी हो तो आइये। इस फोटो को निहारिये, और फिर आपको अपने आप ही पता चल जाएगा कि बलात्‍कार, ठगी, उगाही, धोखाधड़ी जैसे जघन्‍य अपराधों और अपराधियों की असल शरण-स्‍थली क्‍या और कहां है।

उत्तर प्रदेश के भ्रष्ट नेताओं और अफसरशाहों के तलवे मत चाटो मीडिया के दलालों : अनूप गुप्ता

लखनऊ : वरिष्ठ पत्रकार अनूप गुप्ता ने पिछले दिनो दलाल पत्रकारों को ललकारते हुए एक धरना-प्रदर्शन के दौरान कहा कि जब पत्रकार की हत्या होती है, हमारे बीच से ही भाड़ और दलाल तत्व सत्ता प्रतिष्ठान के तलवे धोने पहुंच जाते हैं। ऐसा नहीं होता तो किसी माई के लाल में नहीं थी कि जगेंद्र …

जन सरोकारों से कटने का दंड, ‘आजतक’ तो लुढ़का ही, ‘सर्कस न्यूज चैनल तेज’ भी फीका पड़ा

इन दिनों सोशल मीडिया में आजतक की साख पर सवाल उठ रहे हैं। अपने रिपोर्टर अक्षय की मौत के बाद से ही ये चैनल सोशल मीडिया की सुर्ख़ियों में आ गया है। जिस तरह से आजतक ने अपने ही रिपोर्टर अक्षय की मौत से किनारा किया, उससे सोशल मीडिया में खासी नाराज़गी है।

झारखंड सरकार का विज्ञापन 20 (जे) का तोड़, श्रमायुक्‍त ने पेश की नजीर

राम ए यादव : साथियों, सुप्रीम कोर्ट के 28 अप्रैल 2015 के आदेश के आलोक में झारखंड, रांची के श्रमायुक्‍त ने नजीर पेश की है। उन्‍होंने श्रमजीवी पत्रकार (सेवा की शर्तें) और प्रकीर्ण उपबन्‍ध अधिनियम  1955 के उपखण्ड 20 (जे) के संदर्भ में विज्ञापन देकर सभी साथियों के मन से खौफ और भ्रम को दूर कर दिया है। विज्ञापन में स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया गया है कि सभी साथी इस एक्‍ट के तहत मजीठिया वेजबोर्ड के अनुसार वेतन, एरियर, ग्रेच्युटी आदि पाने के अधिकारी हैं। बेशक संस्‍थान (समाचार पत्र या मैग्‍जीन) ने मजीठिया को लेकर उनको धोखे में रखकर या जबरन किसी डाक्‍यूमेंट (कागजात) पर हस्‍ताक्षर क्‍यों न करवा रखा हो।

 

दिल्ली सरकार ने पत्रकार अक्षय की बहन को दी असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी

व्यापम घोटाले की कवरेज के दौरान मारे गए न्यूज चैनल आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध हालात में हुई मौत के बाद दिल्ली सरकार ने अक्षय की बहन को नौकरी देने की घोषणा की थी। अब उसी घोषणा पर अमल करते हुए सरकार ने अक्षय की बहन को डीएसआईआईडीसी की लीगल सेल में असिस्टेंट मैनेजर का जॉब ऑफर किया है। इस संबंध में डीएसआईआईडीसी के चीफ मैनेजर ने अपॉइंटमेंट का ऑफर लेटर भी जारी करके अक्षय की बहन पक्षी सिंह को भेज दिया है।

अपनी पुरानी आदत के मुताबिक आखिर में दगा दे ही गए ‘दगाश्री’

नोएडा : विश्व में ऐसी कोई हड़ताल नहीं हुई होगी, जो अनंत काल तक चली हो। हड़ताल शुरू होती है तो खत्म भी होती है और खत्म होने पर सवाल होने या यूं कहें कि क्या खोया, क्या पाया रूपी समीक्षा होती है । सहारा इंडिया के मीडिया ग्रुप में हड़ताल हुई, चार पांच दिनों तक चली और अपने अभिभावक सहाराश्री (जो अब दगाश्री) के नाम से जाने जा रहे हैं, के एक संदेश पर उनके प्यारे प्यारे कर्तव्य योगियों ने कार्य बहिष्कार समाप्त कर दिया । जो लोग हड़ताल तुड़वने में व्यस्त रहे, उन्हें तो सेलरी नहीं भेजी। उनको तो सही दंड मिला। जो निचले स्तर के कर्मचारी थे उन्हे आधा दे भी दिया। 

‘समाचार प्लस’ प्रबंधन भड़ास पर मुकदमे की तैयारी कर रहा, देखें कंप्लेन फारमेट जिस पर इंप्लाइज से जबरन साइन कराया जा रहा है

{jcomments off}नोएडा के सेक्टर 63 स्थित न्यूज चैनल ‘समाचार प्लस’ के वॉश रूम में पिछले दिनो संस्थान की ही एक लड़की का एमएमएस बनाने का समाचार भड़ास4मीडिया पर प्रकाशित हो जाने के बाद चैनल प्रबंधन अपनी व्यवस्था दुरुस्त करने की बजाय भड़ास4मीडिया के ही खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। चैनल प्रबंधन इसके लिए पेशबंदी करते हुए अपने कर्माचरियों से एक रेडीमेट कंप्लेन फार्म पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बना रहा है।

वरिष्ठ आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर के खिलाफ अब सतर्कता जांच भी शुरू हो गयी है. आईजी कार्मिक बी पी जोगदंड की ओर से श्री ठाकुर को भेजे पत्र में कहा गया है कि वे अपना और अपने पर आधारित व्यक्तियों के सम्पूर्ण चल-अचल संपत्ति का विवरण 19 जुलाई 2015 तक प्रस्तुत करें. 

 फाइल फोटो 

बाकी की तो छोड़िए, आईएएस वरूण ने बेटी को गोली मारी थी, गणेश ने उसकी बेटी परोसी थी!

लखनऊ: आप सरकारी अफसर-मुलाजिम हैं ना। फिर ठीक है। आइये, अब मैं ताल ठोंक कर दावा करता हूं कि आप में से काफी लोग अपनी बेटी-बहन के प्रति या तो इतना अत्‍याचार करते हैं, कि उनकी नृशंस हत्‍या तक कर सकते हैं, उसके साथ अमानवीयता की पराकाष्‍ठा तक पहुंच जाते हैं। और तो हमारे इसी समुदाय के कुछ लोग तो अपनी भूख शान्‍त करने के लिए उस लड़की के पास पहुंच जाते हैं जो खुद अपनी ही बेटी होती है। उनमें से कुछ लोग उस वक्‍त क्‍या करते होंगे, यह तो मैं नहीं बता सकता, लेकिन कुछ लोगों के बारे में तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि वे अपनी ऐसी कमीनगी का ठीकरा अपनी ही ऐसी बहन-बेटी की हत्‍या के तौर पर फोड़ते हैं। मकसद यह कि हम पाक-साफ हैं और हमेशा रहेंगे।

वाह रे प्रसार भारती ! किसान चैनल के बहाने 45 करोड़ में से 6.31 करोड़ अमिताभ बच्चन को थमा दिया

दूरदर्शन के ‘किसान चैनल’ को 26 मई को लॉन्च किया गया था। इस चैनल का ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन हैं। चैनल का कुल बजट केवल 45 करोड़ है। इसमें से 6.31 करोड़ रूपये सिर्फ अमिताभ को दे दिए गए हैं। दूरदर्शन के अफसरों के मुताबिक डीडी ने अपने इतिहास में चैनल की पब्लिसिटी के लिए इतना बड़ा अमाउंट पहले कभी किसी सेलिब्रिटी को नहीं दिया था। अब अमिताभ को दिए गए इस बड़े पेमेंट को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

पत्रकार को जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज

बिलासपुर : वरिष्ठ पत्रकार रविवार डॉट कॉम के संपादक आलोक प्रकाश पुतुल को गत दिनो फोन पर एक युवक ने जान से मारने की धमकी दी। पुतुल ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। 

पत्रकारों के सम्मान की रक्षा का संघर्ष जारी रहेगा : आईजेए

बिल्थरारोड (उ.प्र.) : पत्रकारों के सम्मान और उनकी रक्षा के लिए इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन सदैव संघर्ष करता रहेगा और मीडियाकर्मियों के हित में चलाये गए हर मिशन में हमें पूरी सफलता भी मिलेगी लेकिन यह तभी संभव है, जब क्षेत्र का हर पत्रकार अपना व्यक्तिगत द्वेष छोड़कर एक हो। 

बिल्थरारोड इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की बैठक में मौजूद राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी व अन्य पत्रकार

फेडरेशन के बैनर तले एकजुट हों यूनियनें, जय श्रमिक, जय बांस !!

कहा था न कि आप बांस नहीं करोगे तो आपको बांस कर दिया जाएगा। एक कहावत है-फटने लगी तो हर कोई बोला, हाजमोला हाजमोला। हम बात कर रहे हैं यूनियनों के जरिये अखबार प्रबंधन पर दबाव बनाने की। यह एक शुभ संकेत है कि कर्मचारियों की एकता रंग लाई और हाल ही में तीन-तीन यूनियनें चल पड़ी हैं। एक यूपी न्‍यूजपेपर कर्मचारी यूनियन, दूसरी जागरण प्रकाशन लिमिटेड कर्मचारी यूनियन 2015 और तीसरी सहारा कर्मचारियों की यूनियन। लेकिन आपने देखा कि किस प्रकार शांत माहौल होने पर भी सहारा के मुख्‍य द्वार पर भारी पुलिस बल जमा हो गया। कहीं यह कर्मचारियों को भयभीत करने का कुचक्र तो नहीं था।

दैनिक जागरण में जिस भी नेता का आधा पेज इंटरव्यू छपा, उसकी सरकार चली गई

यह महज एक दुर्योग है या कुछ और। पर बात तथ्‍य पर आधारित है। दैनिक जागरण में जब भी किसी मुख्‍यमंत्री का इंटरव्‍यू आधे पेज से अधिक स्‍थान में छपा, उसकी सरकार चली गई। इसी प्रकार का एक और दुर्योग प्रचलित है कि जो भी मुख्‍यमंत्री नोएडा आया, उसकी सरकार चली गई। आखिर ऐसा क्‍यों होता आया है, बात समझ से परे है। फिर भी मैं सोचता हूं कि जो काम जनहित से परे स्‍वार्थ के लिए किया जाता है, उसमें ये दुर्योग जरूर आते हैं।

मुंबई में एक पत्रकार की हत्या, एक अगवा और एक की हालत गंभीर

मुंबई : महानगरी में आज एक पत्रकार की हत्या कर दी गई। अन्य दो पत्रकारों पर जानलेवा हमला कर उन्हे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया गया. उनमें एक पत्रकार को अगवा कर लिया गया है, उसका कोई अता-पता नहीं है। एक पत्रकार को गंभीर हालत में हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। 

मुंबई में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करते पत्रकार

विप्रो कंपनी बेरोजगारों से कर रही भारी उगाही, धमकाने के लिए जाली सीबीआई टीम बनाई, मामला पहुंचा हाईकोर्ट !

प्रिय मेरे छोटो-बड़े भाइयों, बहनों आज यहाँ मैं विप्रो कंपनी के दोगले चेहरे से अवगत करना चाहता हूं। जहाँ देश में बेरोजगारी फैली हुई है, वहीं विप्रो कंपनी द्वारा देश के बेकसूर नौजवानों के भविष्य के साथ एक भद्दा मजाक किया जा रहा है। पहले कंपनी बेरोजगारों से सिक्योरिटी मनी के रूप में कुछ पैसे मांगती है और कुछ प्रक्रिया दिखाती है, जिससे बेरोजगार उसके झांसे में आ जाए। फिर उस बेरोजगार के माध्यम से और बेरोजगारों को जोड़ने की बात करती है। जब तक बेरोजगार कंपनी को पैसों के लिए कुछ बेरोजगार देता रहता है, तब तक कंपनी उसे भ्रमित करती रहती है। जैसे ही बेरोजगार अन्य बेरोजगारों को मुहैया कराने से मन कर देता है, कंपनी ये कह कर कि सारी प्रक्रिया गलत है, भगा देती है।

विप्रो कंपनी के खिलाफ कोर्ट और पुलिस में प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेजों की छाया प्रतियां –

गाजियाबाद में निजी फ्लैट पर टाइम्स ऑफ इंडिया का जबरन कब्जा, मालिक का अपहरण कराया, पीएम से गुहार

गाजियाबाद (उ.प्र.) : बड़े अखबार घराने भी अब किस तरह माफिया तत्वों की तरह अपराध जगत में घुस चुके हैं, इसका एक ताजा वाकया संज्ञान में आया है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने राजेंद्रनगर (साहिबाबाद) सेक्टर-2 में एस के ठाकुर पुत्र जे एन ठाकुर के आरएच-47 एचआईजी डुपलेक्स फ्लैट पर कब्जा कर लिया है। ठाकुर ने अपना फ्लैट खाली कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। 

मजीठिया : अखबार मालिकों से अपना हक मांगें, झारखंड में भी पत्रकारों के लिए विज्ञापन प्रकाशित

झारखंड : इस समय देश के विभिन्न राज्यों में मजीठिया वेतनमान के संबंध में जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत श्रम विभाग अखबारों की वैतनिक हकीकत खंगालने में जुटा हुआ है। इसके लिए सीधे कोर्ट ने राज्य सरकारों को कड़े निर्देश जारी कर रखे हैं। इसके तहत झारखंड में भी अखबार के जिन साथियों का मजीठिया वेज बोर्ड के तहत पैसा बकाया है, अखबार मालिकों से उसकी वसूली के लिए वे झारखंड सरकार के पास आवेदन कर सकते हैं। सरकार की ओर से इसका विज्ञापन प्रकाशित करा दिया गया है।

नौकरी के नाम पर आबरू से खेलने वाले दल्लों से बच के रहना ‘समाचार प्लस’ की लड़कियों!

{jcomments off}नॉएडा सेक्टर 63 में काम कर रही मेरी दोस्त (छोटी बहन जैसी) कल से परेशान है. परेशानी की वजह है समाचार प्लस न्यूज़ चैनल, जिसके फीमेल बाथरूम से एक ख़ुफ़िया कैमरा मिला है. चैनल में चर्चा है कि किसी महिला एंकर का एमएमएस बनाने के लिए कैमरा किसी उच्च पदस्थ शख्स ने लगवाया था. जिसे कल एक महिला पत्रकार द्वारा ध्यान देने पर पकड़ा गया. कल से चैनल में हल्ला मचा हुआ है.

कभी रवीश कुमार मत बनना

अपने आप को नौजवानों की आंखों में चमकते देखना किसे नहीं अच्छा लगता होगा। कोई आप से मिलकर इतना हैरान हो जाए कि उसे सबकुछ सपने जैसा लगने लगे तो आप भी मान लेंगे कि मुझे भी अच्छा लगता होगा। कोई सेल्फी खींचा रहा है कोई आटोग्राफ ले रहा है। लेकिन जैसे जैसे मैं इन  हैरत भरी निगाहों की हक़ीक़त से वाक़िफ़ होता जा रहा हूं, वैसे वैसे मेरी खुशी कम होती जा रही है। मैं सून्न हो जाता हूं। चुपचाप आपके बीच खड़ा रहता हूं और दुल्हन की तरह हर निगाह से देखे जाने की बेबसी को झेलता रहता हूं। एक डर सा लगता है। चूंकि आप इसे अतिविनम्रता न समझ लें इसलिए एक मिनट के लिए मान लेता हूं कि मुझे बहुत अच्छा लगता है। मेरे लिए यह भी मानना आसान नहीं है लेकिन यह इसलिए ज़रूरी हो जाता है कि आप फिर मानने लगते हैं कि हर कोई इसी दिन के लिए तो जीता है। उसका नाम हो जाए। अगर सामान्य लोग ऐसा बर्ताव करें तो मुझे ख़ास फ़र्क नहीं पड़ता। मैं उनकी इनायत समझ कर स्वीकार कर लेता हूं लेकिन पत्रकारिता का कोई छात्र इस हैरत से लबालब होकर मुझस मिलने आए तो मुझे लगता है कि उनसे साफ़ साफ़ बात करनी चाहिए।

भड़ास की खबर सच साबित हुई, ‘समाचार प्लस’ चैनल के हेड ऑफिस में एमएमएस बनाया

{jcomments off}नोएडा : नोएडा के फेज-3 (सेक्टर 63) स्थित ‘समाचार प्लस’ न्यूज चैनल के हेड ऑफिस के वॉशरूम में एक महिला कर्मी का एमएमएस बनाया गया। पीड़िता के चीखने पर हरकत करने वाले चैनल के कैब चालक को दबोच लिया गया। 

मुंबई में विस्फोट की कवरेज करने पहुंचीं महिला पत्रकारों पर हमला

मुंबई में दो महिला पत्रकार समेत तीन पत्रकारों को बुरी तरह से पीटा गया. मुंबई के सांताक्रुझ में गोलीबार इलाके में एक गैस सिलिंडर का विस्फोट हुआ. इस दुर्घटना को कवर करने प्रिन्ट और इलेक्टॉनिक मिडिया के रिपोर्टर तथा कैमरामैन घटनास्थल पर पहुंच गये. पत्रकार अपना काम कर रहे थे. इतने में कुछ असामाजिक तत्वों ने हाथों में चप्पल लेकर एबीपी माझा की रिपोर्टर मनश्री तथा टीवी-9 की कविता और श्रीकांत शंखपाल को पीटना शुरू कर दिया. 

आह आकाशवाणी, वाह आकाशवाणी…

लिखने और फिर छपने के चस्का लगने के दिन थे.. उत्तर प्रदेश के आखिरी छोर पर स्थित बलिया में हिंदी साहित्य की पढ़ाई करते वक्त कलम ना सिर्फ चल पड़ी थी..बल्कि उसे राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में जगह भी मिलने लगी थी..तब के गांव आज की तुलना में कहीं ज्यादा गांव थे..ललित निबंधकार विवेकी राय के शब्दों को उधार लूं तो देसज गांव…जिसमें उसका भूगोल ही नहीं, अपनी सोच और संस्कृति भी समाहित होती थी…तब के गांवों में रोजाना देसी चूल्हे से उठता धुआं भी उन दिनों के गांवों को प्रदूषित नहीं कर पाया था.

एस एन झा या भवेश नंदन झा के गजबे दुनिया

आर्द्रा मूवीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दूरदर्शन बिहार के लिए देश-विदेश में रह रहे दर्शकों को ध्यान में रखते हुए एक धारावाहिक का निर्माण किया गया है, जिसका नाम है अमूल “एस.एन.झा के गजबे दुनिया”. मैथिली भाषा में प्रसारित हो रहे इस हास्य धारावहिक का प्रसारण 16 जुलाई से हो रहा है. इसे हर बृहस्पतिवार को शाम 6:00 बजे से प्रसारित किया जाएगा. इसके प्रस्तुतकर्ता हैं अमूल. “एस. एन. झा के गजबे दुनिया” एक महत्वाकांक्षी पत्रकार एस.एन.झा (सूर्य नारायण झा) के पत्रकारिता जीवन और आम जनता की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने जैसे मुद्दे को लेकर बनाया गया है. अपने शुरूआती दिनों में पत्रकारिता करने वाले निर्माता-निर्देशक भवेश नन्दन यकीन के साथ कहते हैं कि ये धारावाहिक सभी वर्गों को पसंद आएगा.

यादव सिंह मामले की सीबीआई जांच यूपी सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलेगी

डॉ. नूतन ठाकुर : मेरे द्वारा इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर पीआईएल पर नॉएडा के इंजीनियर यादव सिंह मामले की सीबीआई जाँच के आदेश हो गए. अखिलेश सरकार ने सीबीआई जांच रोकने को एड़ी-चोटी लगा लिया और स्वयं महाधिवक्ता कई दिन इसका विरोध करते रहे पर अंत में कोर्ट ने मेरी प्रार्थना स्वीकार की. यह स्थिति अखिलेश सरकार की वास्तविक भष्ट लोगों के प्रति सहानुभूति को दिखाता है. अब ये जांच यूपी सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोलेगी.

राजग सरकार जल्द ही देश का नाम सिर्फ ‘इंडिया’ करने वाली है !

राजग सरकार को सत्ता में आए एक वर्ष से अधिक हो चुका है। राष्ट्रवादी सरकार से जैसी उम्मीद थी, उसके विपरीत हर नयी योजना का नाम अंग्रेजी में रख रही है और इन नयी नयी योजनाओं के प्रतीक-चिह्न बनाने के लिए केवल अंग्रेजी विज्ञापन अंग्रेजी के महँगे अख़बारों में छपवाए जा रहे हैं। इन योजनाओं के लिए सुझाव भी जनता से अंग्रेजी माध्यम में बनी वेबसाइटों और अंग्रेजी में छपे दिशा निर्देशों और नियमों के द्वारा आमंत्रित किए जा रहे हैं।  नयी योजनाओं के लोकार्पण के कार्यक्रम अब लांच फंक्शन कहलाते हैं और इनमें सभी बैनर, पोस्टर और अतिथि नामपट आदि केवल अंग्रेजी में छपवाए जाते हैं।  आश्चर्य इस बात का है कि विदेशी सरकारें प्रमं की विदेश यात्राओं के दौरान ये सब अपने देश की भाषा एवं हिंदी में तैयार करवाती हैं ताकि भारत से घनिष्ठता और उसके प्रति सम्मान को सिद्ध कर सकें। 

लोहिया के सपनों को तोड़ता मुलायम का नव-समाजवाद

अजीब व्यवस्था है जिसमें कोई गायत्री प्रजापति  या कोई राममूर्ति वर्मा अवैध खनन के आरोप के बावजूद हमारा रहनुमा बना रहता है पर इनके गैर-कानूनी हरकतों के खिलाफ आवाज उठाने वाला आई आई टी से पढ़ा भारतीय पुलिस सेवा का अधिकारी अमिताभ ठाकुर बलात्कार का आरोप झेलता इस बात पर निलंबित हो जाता है कि राज्य छोड़ने के लिए राज्य के पुलिस प्रमुख से इजाजत नहीं ली थी. उत्तर प्रदेश के समाजवादी शासन में लगभग हर दूसरे मंत्री पर हत्या से लेकर बलात्कार, भ्रष्टाचार या अवैध खनन के मुकदमें हैं. पर यादव सिंह फलता –फूलता है और दुर्गा शक्ति नागपाल या अमिताभ ठाकुर सजा के हकदार होते हैं.     

मुलायम को अमिताभ की पहली शह

अमिताभ ठाकुर की मुलायम सिंह यादव को पहली शह। अरबों रुपए के घोटाले में फंसे नॉएडा के इंजीनियर यादव सिंह को मुलायम सिंह और उन के पुत्र अखिलेश यादव लगातार बचाते रहे । पर अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर द्वारा दायर पी आई एल पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने यादव सिंह मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी कर दिए । 

तहसीन जैदी ने सहारा समय छोड़ा

रायपुर (छत्तीसगढ़) :  पिछले 15 वर्षों से यहां सहारा समय में पत्रकार/ कैमरामैन/मार्केटिंग मैनेजर/डिस्ट्रीब्यूटर का काम देखते रहे तहसीन जैदी ने सहारा समय छोड़कर IBC 24 से अपनी नयी पारी की शुरुआत की है।

आईएएस सूर्य प्रताप को पता ही नहीं, हिंदुस्तान लखनऊ में छप गई चार्जशीट की खबर

सुनो सर जी, मार डालो पर.. डराओ मत,सर जी….! आज एक समाचार छपा …”आईएएस सूर्य प्रताप सिंह को चार्जशीट दी गयी ” बड़ा सामायिक है ..पर भैया है कहाँ ये सब ….क्या डरा डरा कर मार डालोगे, सर जी | कोई भी विभागीय कार्रवाई गोपनीय होती है, यही जारी होने वाली नोटिस/चार्जशीट को जारी करने से पहले ही सम्बंधित विभाग द्वारा ‘लीक’ कर दिया जाता है, तो सम्पूर्ण कार्यवाही पूर्वाग्रह से ग्रसित मानी जाएगी| वह भी, किसी एक अखबार को exclusive खबर क्यों? प्रेस कांफ्रेंस या प्रेस नोट क्यों नहीं जारी कर देते, क्या अन्य अख़बारों से डर लगता है कि वे दोनों पक्ष का मत लेकर सच्चाई लिख देंगें? मैं ये सब सरल मन से पूछ रहा हूँ…कोई अहंकारवश नहीं |

‘इंडिया टीवी’ हुआ नंबर वन, ‘आजतक’ का घमंड चूर-चूर, पहुंचा नंबर तीन पर

इस साल के 27वें हफ्ते की हिंदी न्यूज़ चैनल्स की टीआरपी ने मीडिया जगत को चौंका कर रख दिया है। मुद्दत बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की दुनिया में न्यूज चैनल आजतक का तगड़ा झटका लगा है। उसका अहंकार चूर-चूर हो गया है। वह देश का नंबर-1 चैनल था, जो अब नंबर-3 पर चला गया है। वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजीत अंजुम ने आखिरकार India TV को नंबर-1 बना ही दिया।

पांच महिलाओं की लाश की जगह एक महिला से जुड़ी हस्तमैथुन की खबर को तूल दे रहा टाइम्स ऑफ इंडिया!

दो-चार दिनों से बहुत परेशान हूं। वजह है अखबारों की समझ, अदा, शैली और उनकी संवेदनशीलता। लगातार मनन-चिन्‍तन के बाद इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अब बोलना जरूरी है। यह है लखनऊ से प्रकाशित अखबार टाइम्‍स ऑफ इण्डिया। विश्‍वविख्‍यात है, और अंग्रेजी-दां लोगों का पसन्‍दीदा भी। पांच महिलाओं की लाश की जगह एक महिला से जुड़ी हस्तमैथुन की खबर को तूल दे रहा है ये अखबार।

मैं बड़ा चापलूस टाइप का व्‍यक्ति था

फेसबुक पर मैं जैसा दिखता हूं, वैसा हूं नहीं। मैं बड़ा चापलूस टाइप का व्‍यक्ति हुआ करता था। अनायास ही किसी मतलब के व्‍यक्ति की तारीफ कर देना मेरी आदत में शुमार था। लेकिन मेरी इस चापलूसी से मुझे कोई लाभ नहीं मिला। कारण। चापलूसी की कला इतनी विकसित हो चुकी थी कि वहां मेरे लिए कोई स्‍पेस नहीं रह गया था।

दिल्ली जाकर 50 हजार करोड़ का मालिक बन गया कनपुरिया मसाला फरोश, चार हवाई जहाज खरीद लिए

आप ज़िन्दगी भर की कमाई के बाद एक अदद छत नहीं सर पर डाल सके और कानपुर का एक पान मसाला कंपनी का सेल्स मैनेजर दिली आकर 50, 000 करोड़ का मालिक बन गया. आप कभी BMW में पैर नही रख पाए और उसने एक नही, दो नही, चार चार हवाई जहाज खरीद लिए। थोड़े से बरस में ये कैसे मुमकिन है ? ये कौन सा बिज़नेस फार्मूला है ? सारा जहाँ इन्ही पर मेहरबान क्यों हो गया ? या फिर नेताओं का दामन पकड़कर दलाली से दुनिया रातों रात बदली जा सकती है ?

व्यापमं : सीबीआई जांच शुरू होते ही क्लीन चिट की हड़बड़ी

व्यापमं महाघोटाले की जांच जैसे ही सीबीआई के हाथों में सुप्रीम कोर्ट ने सौंपी, तब से ही मध्यप्रदेश से लेकर दिल्ली तक भाजपा में जबरदस्त बेचैनी साफ देखी और महसूस की जा सकती है। अपने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को बार-बार क्लीन चिट देने की हड़बड़ी भी साफ नजर आ रही है और व्यापमं से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए भाजपा ने अपने केन्द्रीय और राज्य मंत्रियों को मैदान में उतारा है, लेकिन सवाल यह है कि आखिर सीबीआई जांच शुरू होते ही क्लीन चिट देने की ये हड़बड़ी क्यों है?

अभिताभ ठाकुर के समर्थन में उमड़ा अलीगढ़, निलंबन वापसी की मांग

अलीगढ़ : सपा सुप्रीमो का कथित ऑडियो सार्वजानिक करने वाले आईपीएस अधिकारी अभिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी के खिलाफ कार्रवाई को अखिलेश सरकार की तानाशाही करार देते हुए अलीगढ़ के लोग अभिताभ ठाकुर के समर्थन में सड़कों पर उतर आये. 

वेतन न मिलने पर सहारा की कैंटीन में कार्यरत कर्मचारी ने दम तोड़ा

नोएडा : राष्ट्रीय सहारा के मुख्यालय में यहां संस्थान के सर्विस डिवीजन की कैंटीन में कार्यरत कर्मचारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। संस्थान से पैसे न मिलने के कारण उसका अपने मकान मालिक से किराये को लेकर झगड़ा हो गया था। सूचना मिलने तक पता चला था कि सहारा प्रबंधन उसका पोस्टमार्टम कराए बगैर अंतिम संस्कार के प्रयास में जुटा था। 

मुलायम-अमिताभ प्रकरण पर चुनी हुई चुप्पियां क्यों?

राजनीति से ही हमारी मीडिया की लाइन तय होती है। जिस विचारधारा का प्रभुत्व होता है वही राज करती है मीडिया के प्राइम टाइम के कार्यक्रमों में! दरअसल हाल ही के एक प्रकरण से यह बिल्कुल साफ हो गया! हाल ही में चर्चित आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के आडियो टेप के मामले का खुलासा हुआ है जिसमें कि मुलायम सिंह यादव एक आईपीएस अधिकारी को सुधर जाने की ‘सलाह’ देते हुए सुन जा सकते हैं। इस टेप का खुलासा तो फक्कड़ पत्रकार भड़ासी यशवंत सिंह ने किया। पर इसके ब्रेक होने के बाद भी लगभग 20 मिनट तक किसी भी न्यूज चैनल ने इस टेप को नहीं चलाया और ना ही हो हल्ला मचा। 

एचटी मीडिया की शुद्ध कमाई में इजाफा

हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लि. (एचएमवीएल) का एकल आधार पर शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 23.11 प्रतिशत बढ़कर 41.71 करोड़ रुपये रहा।

ठाकुर की तरह मैंने भी मुलायम से तंग आकर नौकरी छोड़ी थी : आईपीएस शैलेंद्र सिंह

वाराणसी : एसटीएफ के पूर्व डिप्‍टी एसपी रहे शैलेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह की वजह से ही उन्होंने नौकरी छोड़ दी थी। मुलायम की सरकार गुंडों से बनी है और यही कारण है कि सबसे पहले पुलिस को कंट्रोल में लिया जाता है। वर्ष 2004 में बाहुबली मुख्तार अंसारी पर पोटा की कार्रवाई के कारण उन्हें मुलायम सिंह सरकार ने परेशान किया था। उसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

भास्कर छोड़ मतिकांत, गुंजेश गए हिंदुस्तान, लोकेंद्र ने दबंग दुनिया को ठुकराया

बिहार में भास्कर की लांचिंग से हिंदुस्तान ने भास्कर रांची यूनिट के कई शीर्ष पत्रकारों को अपने खेमे में शामिल कर लिया है। आठ साल से भास्कर का साथ निभा रहे और भास्कर के फाउंडर मेंबर में से एक मतिकांत सिंह ने भास्कर को बाय-बाय कर दिया। मतिकांत सिंह भास्कर के उन चुने गिने पत्रकारों में हैं, जिन्होंने झारखंड में अखबार को मजबूती प्रदान की। झारखंड के सभी संस्करणों के लिए झारखंड और बिहार डेस्क इंचार्ज रहे।

आगरा में डीएफओ ने फोटो रिपोर्टरों को फोर्स से पिटवाया, कैमरे तोड़े, बाद में माफी मांगी

आगरा : सपा सरकार में अधिकारियों का दुस्साहस कितना बढ़ गया है, मीडिया को किस तरह आतंकित करने का प्रयास किया जा रहा है, इसकी ताजा मिसाल है आगरा के डीएफओ की खफ्तुलहवासी।

ठाकुर दम्पति को राजनीति में अपनी किस्मत आज़मानी चाहिए

ह्विसल्ब्लोअर्स, स्वतंत्र या प्रचार के शिकारी किस्म के अधिकारी ? या तीनो ? शीर्षक से एक लेख इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ है, जो अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के सम्बन्ध में है और उसे पढ़ने पर यह आभास होता है कि अमिताभ ठाकुर पुलिस अधिकारी कम और समाज सुधारक अधिक हैं। अभी भी कुछ नहीं बिगड़ा है। ठाकुर दम्पति को राजनीति में अपनी किस्मत आज़मानी चाहिए।

चित्र एवं इंटरव्यू इंडियन एक्सप्रेस से साभार

‘पत्रकार सुरक्षा कानून’ बनाने पर विचार करेगी महाराष्ट्र सरकार, सीएम का आश्वासन

महाराष्ट्र में मिडिया पर बढ़ते हमले से  संतप्त प्रत्रकारों ने समूचे राज्य में  घंटानाद आंदोलन किया और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे पाटील तथा धनजंय मुंडे को 15, 000 एसएमएस भेजकर अपना आक्रोश प्रकट किया. भेजे गये सभी एसएमएस में ‘वुई वाँन्ट प्रेस प्रोटेक्शन ऍक्ट’ की मांग की गई . दिनभर आने वाले एसएमएस से मोबाईल जॅाम हो गये थे, यह जानकरी सीएम तथा विपक्ष के नेताओं ने मंत्रालया वार्ताहर संग के एक कार्यक्रम में दी.

मांगपत्र सौंपते महाराष्ट्र के आंदोलनकारी पत्रकार

‘नालंदा’ एनजीओ की गड़बड़ियों का भेद खोलने पर टर्मिनेशन लेटर थमा दिया

लखनऊ : मैं लगभग सवा साल से लखनऊ में नालंदा नामक एक एन.जी.ओ. में काम कर रहा था, जो प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिय काम करता है. इस एन.जी.ओ. में आर्थिक और प्रशासनिक स्तर पर कई तरह की गड़बड़ियां चल रही थीं, जिनके बारे में हम तीन मित्रों ने मिलकर संस्था के प्रेसीडेंट बिश्वजीत सेन को मेल करके बताया था. हमें नहीं पता था कि इतनी-सी बात के लिये हमें अचानक ही नौकरी से हटा दिया जाएगा. बिना किसी आधार के मुझे अचानक 12 जून को नौकरी से हटा दिया गया. टर्मिनेशन लेटर में लिखा गया कि मेरा परफ़ार्मेंस ठीक नहीं था. 

नालंदा प्रबंधन की करतूतों पर प्रकाशित समाचार 

जागरण कर्मचारी लड़ाई जीते, इंक्रिमेंट-प्रमोशन समेत ज्यादातर मांगें प्रबंधन को मंजूर

नोएडा : अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत दैनिक जागरण के कर्मचारियों का प्रबंधन से समझौता हो गया। उनके ज्यादा से ज्यादा मान लेने के लिए प्रबंधन मजबूर हो गया। आंदोलन की दो-तीन खास कामयाबियां रहीं। एक तो काम के घंटे छह सुनिश्चित हो गए, ओवर टाइम ड्यूटी का डबल भुगतान मिलेगा, साथ ही वेतन में दस प्रतिशत तक इंक्रिमेंट होगा। 

 

आईपीएस अमिताभ को निलंबन पत्र की प्रति मिली, साथ में 15 बिन्दुओं का आरोप पत्र भी

आईपीएस अमिताभ ठाकुर को निलंबन की प्रति थमा दी गई है, साथ में उन्हें 15 बिन्दुओं वाला एक आरोप पत्र भी दिया गया है। आरोप पत्र में रामपुर में वाल्मीकि बस्ती उजाड़े जाने से रोके जाने में मदद करने, शाहजहांपुर में जगेन्द्र सिंह मामले में उनके गाँव जाने, उत्तराखंड में डीजीपी बी एस सिद्धू की अनियमितता की जांच करने, आज़म खान की भैंस की त्वरित बरामदगी पर टिप्पणी करने, अमेठी में हरा पेड़ काटने की शिकायत करने, लोगों को कम्पनी द्वारा ठगी करने पर बचाने का प्रयास करने जैसी बातें हैं. 

Sahara Settlement Welcomed

The All India Newspaper Employees Federation (AINEF) and the Delhi Union of Journalists have issued the following statement: As the agitation at the Sahara group in various centres entered the fourth day, the management held talks with the agitating journalists and workers, following the intervention of the Dy. Labour Commissioner, Noida. Representatives of the DUJ along with the Secretary of the Noida unit of the CITU had met the Dy. Labour Commissioner on July 13 seeking his intervention.

हड़ताल बर्दाश्त नहीं, अब होंगे साइड इफेक्ट

हर चीज का असर होता है । बारिश का होता । आमतौर पर इसके बाद मौसम सुहाना हो जाता है तो आंधी का भी असर होता है। हर तरफ धूल ही धूल रहती है । कुछ हड़ताल का असर पहले होता है तो कुछ का बाद में लेकिन होता सबका है । मित्रो कहने का मतलब सहारा में हड़ताल समाप्त हो गई या टूट गई या तोड़वा दी, जो भी हो, यह आपकी एकजुटता के कारण हुआ। अब जरूरत है इसे स्थायी रूप से संगठित रूप देने की । स्थायी स्वरूप तभी हो सकता है, जब आप इसे यूनियन का रूप दें । आप दे सकते हैं। वह इसलिए कि जब आप अखबार का प्रकाशन ठप करा सकते हैं तो यूनियन भी बना सकते हैं । इसे बेहतर तरीके से चला सकते हैं । 

Bhaskar obtaining illegal undertaking from employees, IFWJ writes to Delhi CM

Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) has condemned the sinister attempts of Dainik Bhasker management to obtain forcibly the undertaking from the employees that they do not want the Majithia Award. In an email to Delhi Chief Minister of Delhi Arvind Kejriwal, Labour Minister Gopal Rai and the Labour Commissioner, the Secretary General of the IFWJ Parmanand Pandey, has requested them to intervene to safeguard the interests of the employees. The IFWJ has also sent a protest letter to the Managing Director of the D.B. Corp Ramesh Chandra Agarwal desist from indulging into gross unfair labour practice of getting signatures from employees.

हर माह सपा के शीर्ष तक जाते हैं अवैध खनन के 500 करोड़ रुपए : अमिताभ ठाकुर

निलंबित आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने एक मीडिया रिपोर्टर से विशेष बातचीत में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव की फोन पर धमकी सीधे तौर पर अवैध खनन के मामले से जुड़ी है और इस खनन में हर माह लगभग 500 करोड़ की कमाई ‘टॉप’ तक जाती है।

मजीठिया : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भ्रम फैला रहा मीडिया

नई दिल्ली : भारत के स्वतंत्र मीडिया की बेईमानी की हद हो गई है। खबरों को तोड़ना मरोड़ना तो इनका आए दिन का काम है। अब हालात ये है कि ये सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी भ्रम फैलने से बाज नहीं आ रहे हैं। पिछले साल भर से सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को न लागू करने के लिए लगभग सभी बड़े अखबारों के मालिकों के खिलाफ अवमानना का मामला चल रहा है लेकिन आज तक इस सुनवई की किसी मीडिया ने सुध लेने की जरूरत नहीं महसूस की क्योंकि माननीय सुप्रीम कोर्ट इनके दिग्गज वकीलों के तर्क नकारता रहा। 

सपा बन चुकी है गुंडों का गिरोह, मुलायम हैं सरगना – रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा आईजी नागरिक सुरक्षा अमिताभ ठाकुर को धमकी देने के बाद, सपा मुखिया पर एफआईआर दर्ज न कर उल्टा अमिताभ ठाकुर को ही निलंबित करने की कड़ी भर्त्सना की है। मंच ने अखिलेश यादव द्वारा अपने पिता मुलायम सिंह यादव का बचाव करने वाले बयान पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सूबे में अराजकता फैलाने वाले तत्वों का संरक्षण करने का ही नतीजा है सूबे में ध्वस्त कानून व्यवस्था। इस घटना ने साबित कर दिया कि खनन भ्रष्टाचार समेत सूबे में व्याप्त माफिया राज के सरगना मुलायम सिंह यादव हैं।

अमिताभ-मुलायम प्रकरण : वक्त है, संभल जाइए ‘सरकार’ !

सपा सरकार के साथ यह परेशानी शुरू से ही रही है कि जब-जब उसकी सरकार बनी है, तब-तब प्रदेश में क़ानून व्यवस्था बिगड़ने व उनकी ही पार्टी के लोगों के निरंकुश हो जाने के आरोप उस पर लगे हैं। साथ ही ‘अपनों’ को ‘उपकृत’ करने के आरोप भी लगते ही रहे हैं। युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से लोगों को उम्मीद थी कि वे हालात को कुछ काबू कर पाएंगे किन्तु दुर्भाग्यवश ऐसा हो न सका और उनका स्वागत भी प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर सिलसिलेवार तरीके से हुई हिंसक घटनाओं ने किया, जिसमें जान-माल का ख़ासा नुकसान हुआ। प्रदेश की स्थिति सुधारने को युवा मुख्यमंत्री ने कई अच्छे प्रयास किए किन्तु उनके अपनों ने ही उनके अच्छे कामों पर पलीता लगाने का काम किया और उन्हें मुसीबत में डाल दिया। 

Majithia : We want to assure the court order of july 6 thus clearly enquiry on the alleged non-implementation & the report from inspectors is awaited for action : NUJ

New Delhi : National union of Journalists (NUJ) said ; members are assured by the Hon’ble Supreme Court order of July 6, that the contempt proceedings in the court against newspaper managements are on and would be heard in due course and that the court’s order of July 6  rejects only the second batch of contempt petitions recd after due date.  

मजीठिया : गोरखपुर में 10 अखबारों को श्रम विभाग का नोटिस, पांच बिंदुओं पर जवाब तलब

गोरखपुर : मजीठिया वेज की संस्तुतियों को लागू कराने के सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को अमल में लाने के लिए गोरखपुर जर्नलिस्टस प्रेस क्लब द्वारा बनाए गए दबाव के बाद गोरखपुर का श्रम विभाग हरकत में आ गया है। यहां से प्रकाशित होने वाले दस अखबारों के प्रबंधन से मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियां लागू करने के सबंध में पांच बिंदुओं पर नोटिस से जवाब तलब किया गया है। इस नोटिस के बाद अखबार प्रबंधकों के होश उड गए हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत एचआर के गले आ पड़ी है। उन्हें सूझ नहीं रहा है कि क्या जवाब दें। लिहाजा नोटिस की अवधि लगभग समाप्त होने को है। मात्र तीन अखबारों ने आधा-अधूरा जवाब भेजा है। श्रम विभाग का कहना है कि यदि तय अवधि में जवाब नहीं आते हैं तो अगली कार्रवाई की जाएगी। इसमें औचक छापे पड़ेंगे और जानकारी ली जाएगी। इस दौरान कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

बेशर्मी : नंबर वन चैनल देह दर्शन कराकर बेच रहे पाखंड

देश के प्रमुख समाचार चैनल अपने धंधे के लिए जिस तरह लगातार अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं और जिस हास्यास्पद और फूहड़ तरीके से ज्योतिष के कार्यक्रमों को परोस रहे हैं, उससे लगता है कि उनके मालिकान और बड़े संपादकों की सोच को लकवा मार गया है।

दिल्ली भास्कर की साजिश को कर्मचारियों ने ठोकर मारी, वकील को बैरंग लौटाया

दिल्ली : भास्कर की धोखेबाजी को अंजाम तक पहुंचाने के लिए उसके वकील सचिन गुप्ता ने गत दिनो एक नायाब चाल चली। उसने एक ऐसे पेपर मीडियाकर्मियों से हस्ताक्षर कराने का प्रयास किया, जिसमें कर्मचारियों को उद्धृत किया गया था कि उन्हें मजीठिया वेतनमान मिल चुका है। षड्यंत्र की भनक लगते ही सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर वकील को खरी-खोटी सुनाते हुए दफ्तर से बैरंग लौटा दिया। 

पत्रकारों पर हमले रोकने के लिए क़ानूनी प्रावधान जरूरी : प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया

नई दिल्ली : पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे हमलों पर अब प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने गंभीर रुख अपनाया है। पीसीआई की तरफ से गठित एक सब-कमेटी ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानून बनाने की सिफारिश की है। किसी भी पत्रकार पर हमले को एक संज्ञेय अपराध मानने और कठोर दंड प्रावधान को जरूरी माना गया है। कमेटी के सिफारिशों को पीसीआई ने मंजूर कर लिया है। यह सब कमेटी 2011 में स्थापित की गई थी, जिसने 11 राज्यों मे जाकर शीर्ष सरकारी अधिकारियों और पत्रकार संघों से चर्चा की। इसकी रिपोर्ट के मुताबिक, 1990 से 2015 के बीच भारत मे 80 पत्रकारों की हत्या हुई। सब कमेटी ने कहा है कि पीसीआई को सभी राज्यों को उच्च शक्ति वाली समितियां बनाने का निर्देश देना चाहिए। जिनमें पत्रकारों की संस्थाओं का प्रतिनिधित्व हो और वे पत्रकारों पर हमलों के इन सभी मामलों पर हो रही जांच पर निगरानी रखें।

पांच दिनो की हड़ताल का बहाना लेकर सहारा के वकील सिब्बल पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, नोएडा में मंगलवार शाम तक तनाव बरकरार

दिल्ली : एक तरफ कर्मचारियों को छह-छह महीने से तनख्वाह नहीं, दूसरी तरफ अथाह दौलत में खेलते मालिकान और ऊंची सैलरी से ऐशो आराम का जीवन जी रहे कंपनी के आला अधिकारियों का मीडिया तमाशा पांच दिनो की हड़ताल से अब लड़खड़ाने लगा है। कंपनी के सर्वेसर्वा दिल्ली के तिहाड़ जेल से अपना अंपायर चला रहे हैं। ऐसी विडंबनापूर्ण स्थिति शायद ही दुनिया भर में किसी भी मीडिया घराने की होगी। उधर, सहारा के वकील एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में सहारा में तालाबंदी का हवाला देते हुए हलफनामा दे दिया है। कोर्ट को बताया गया है कि मीडिया हाउस पर तालाबंदी पहले से है और इससे कर्मचारी गुस्से में हैं। संभवतः कोर्ट में कानूनी खेल खेलने के उद्देश्य से ऐसा कहा गया है। इससे ये भी अंदेशा लगाया जा रहा है कि प्रेसर बनाकर ये कही सेबी के देय से मुक्त होने और सुब्रत रॉय को मुक्त कराने का षड्यंत्र तो नहीं है। मंगलवार को दिल्ली में सहारा प्रबंधन और कर्मियों से वार्ता हुई है। सहमति पर मतैक्य नहीं हो सका है। 

वर्धा विश्व विद्यालय के डीन प्रो.अनिल कुमार राय को ‘विदर्भ भूषण’ सम्मान

वर्धा (महाराष्ट्र) : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डीन, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ तथा विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता और संचार एवं मीडिया अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. अनिल कुमार राय को अमरावती के संत ज्ञानेश्वर सांस्कृतिक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘ विदर्भ भूषण’  पुरस्कार 2015 से सम्मानित किया गया। 

गुजरात की सीएम आनंदीबेन ने भ्रष्टाचार से जुटाई 5000 करोड़ की संपत्ति, भास्कर ने खबर छापकर हटाई !

गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और उसके बेटे और बेटी ने भ्रष्टाचार से 5 हजार करोड़ की संपत्ति एकत्रित की. ऐसे चौंकाने वाले आरोप के साथ राज्य के दूसरे नंबर के मंत्री नितिन पटेल का ह्स्ताक्षरित पत्र इन दिनों गुजरात के लोगों के लिए कौतूहल का प्रश्न बना हुआ है। इस पत्र की कॉपी दिव्य भास्कर डॉट काम के पास है और तीन दिन पहले ही यह पत्र रिपोर्ट के साथ दिव्य़ भास्कर डॉट काम ने अपनी वेबसाइट पर लगाया था लेकिन कुछ घंटों में ही इसे दबाववश या किसी कारणवश साइट से हटा लिया।

देश के पीएम नरेंद्र मोदी के साथ गुजरात की सीएम आनंदीबेन पटेल

दैनिक ‘न्यू ब्राइट स्टार’ के गुड़गांव ब्यूरो कार्यालय का उदघाटन

गुडगांव : हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में प्रसारित एनबीएस मीडिया ग्रुप के दैनिक ‘न्यू ब्राइट स्टार’ के गुड़गांव ब्यूरो आफिस का उदघाटन हो गया। 

जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान ने महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता के खिलाफ समन नहीं छापा

मुरादाबाद  : दूसरों के बारे में बड़ी बड़ी हांकने वाले प्रमुख मीडिया घराने अपनी करतूतें छापने से कैसे कतराने लगते हैं, इसकी ताजा मिसाल है मुरादाबाद के इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह राना का मामला। कोर्ट में दैनिक जागरण के मालिक महेंद्र मोहन गुप्ता और प्रधान संपादक संजय गुप्ता के खिलाफ एक गलत खबर प्रकाशित करने का मामला चल रहा है। गत दिनो जब राना के वकील उस केस का समन प्रकाशित कराने जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्तान और आज अखबारों के दफ्तर पहुंचे तो चारो ने उसे प्रकाशित करने से साफ मना कर दिया। अंत में सिर्फ दैनिक केसरी ने समन को प्रकाशित किया।   

रणवीर सेना और बिहार के अखबार

रणवीर सेना के संस्थापक बरमेश्वर नाथ सिंह (ब्रह्मेश्वर सिंह) ऊर्फ मुखिया की तीसरी बरसी पर पटना में 1 जून, 2015 को आयोजित कार्यक्रम के संबंध में बिहार के मीडिया में प्रसारित समाचारों का विश्लेषण करने से पूर्व समाचार की रचना प्रक्रिया और समाचार बनाने वालों की सामाजिक पृष्ठभूमि से उसके अंतर्संबंध से संबंधित कुछ मूलभूत बातों को ध्यान में रख लेना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया मामले पर खारिज कर दीं सभी ताजा अवमानना याचिकाएं

गत वर्ष फरवरी में प्रिंट मीडिया में मजीठिया वेज बोर्ड सिफारिशों को सही ठहराने के बाद से सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिकाओं की बाढ़ आ गई थी, जिनमें वेज बोर्ड को लागू न करने की शिकायतें की गई थीं। पिछले माह इन याचिकाओं की संख्या अचानक बढ़ गई। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस रंजन गागोई की पीठ ने इन सभी ताजा अवमानना याचिकाओं को खारिज कर दिया है। खारिज होने वाली याचिकाओं में ‘भड़ास4मीडिया’ की तरफ से अधिवक्ता उमेश शर्मा की तरफ से दायर कोई याचिका नहीं है।

उपराष्ट्रपति पर भ्रामक प्रसारण करने पर ‘सुदर्शन’ न्यूज टीवी को चेतावनी

नई दिल्ली: सुदर्शन न्यूज टीवी चैनल द्वारा भ्रामक प्रोग्राम के प्रसारण पर उसे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने चेतावनी दी है। 

अवकाश के दिन सूचना प्रसारण मंत्रालय ने रखा इंटरव्यू

देवरिया : लोकसभा टीवी चैनल के 17 से 20 जुलाई को होने वाले इंटरव्यू पर सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, सूचना और प्रसारण मंत्रालय के कैलेंडर के मुताबिक 17 जुलाई को जमात-उल-विदा, 18 को ईद और 19 जुलाई को रविवार है। ऐसे में इस इंटव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए मुश्किल खड़ी हो गई है, क्योंकि कुछ अभ्यर्थी ईद के चलते अपने घर जा चुके हैं।

व्हाट्सएप्प की पोस्ट पर मुक़दमा, ग्रुप और पत्रकार फर्जी करार

कटिहार : पत्रकारों की डर्टी पॉलटिक्स का हब बनता जा रहा है कटिहार । इसमें एक नया अध्याय जुड़ गया है । कटिहार के आकाशवाणी और दूरदर्शन के स्ट्रिंगर मुकेश चौधरी ने पिछले दिनों व्हाट्सएप्प पर एक पोस्ट डाली, जिसमें वो कटिहार के तमाम वैसे पत्रकार, जो व्हाट्सएप्प पर  ग्रुप का संचालन करते हैं, उस ग्रुप को फर्जी और उस पत्रकार को फर्जी करार दे दिया । 

मुलायम, अखिलेश और अमिताभ ठाकुर को अपनी हैसियत पहचाननी होगी

आज एक साथ तीन लोगों से बात करने का मान है..! इनमें से न तो कोई किसी सियासी जमात का वार्ड का अध्यक्ष है, न कोई किसी गांव प्रधान या नगर पालिका का मैंबर, न ही कोई पुलिस की वर्दी से मिलती जुलती वर्दी पहनने वाला होमगार्ड। और ये भी साफ करता चलूं, कि किसी सियासी पार्टी का वार्ड का अध्यक्ष, गांव का प्रधान या नगर पालिका का मेंबर और कोई होमगार्ड का पद। न तो किसी से कम होता है, न ही उसकी ज़िम्मेदारी को हल्का करके देखा जा सकता है, लेकिन मैं जिनसे मुख़ातिब हूं, उनमे से एक तो एक राजनीतिक दल के न सिर्फ राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं बल्कि अगर कहा जाए कि अपने आप में सियासत का चलता फिरता स्कूल भी हैं। इतना ही नहीं उनको देखकर लाखों नौजवानों ने न सिर्फ सियासत में क़दम रखा! बल्कि उनके नाम से जुड़ने में आज भी गर्व महसूस करते हैं। साथ ही देश के सबसे बड़े प्रदेश के कई बार ये मुखिया भी रह चुके हैं और देश के रक्षामंत्री तक की ज़िम्मेदारी भरा ओहदा संभाल चुके हैं।       

आंखो देखी : ये मीडिया का आपातकाल नहीं तो और क्या है!

13 जुलाई, रात के लगभग दस बज चुके थे। मेरे मोबाइल फोन की घंटी बजी। हमारे दैनिक जागरण के सहयोगी रमेश मिश्र का फोन था। उन्‍होंने कहा, क्षेत्राधिकारी द्वितीय डॉक्‍टर अनूप सिंह ने बुलाया है। राष्‍ट्रीय सहारा कार्यालय परिसर में। मैंने तुरंत अपनी मारुति वैन निकाली और हम राष्‍ट्रीय सहारा के मुख्‍य द्वार पर पहुंच गए। चारों ओर पुलिस ही पुलिस। कहीं पीसीआर तो कहीं पुलिस की बुलेरो। यही नहीं, पुलिस के वज्र वाहन समेत कई बड़े वाहन खड़े थे। ऐसा लग रहा था, जैसे कोई बड़ा दंगा हो गया हो। बिना किसी बात के उत्‍तर प्रदेश पुलिस को इस तरह से सक्रिय होते पहली बार देखा।

मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की मीटिंग में खूब लंबी-लंबी छोड़ गए वक्ता-प्रशासक

 अलीगढ़ : पिछले दिनो यहां जिलाधिकारी ने मान्यता प्राप्त पत्रकार स्थायी समिति की मीटिंग ली, जिसमें केवल न्यूज चैनलों के कुछ पत्रकार और जागरण के नवीन सिंह (उर्फ नवीन पटेल) पहुंचे। अमर उजाला, हिंदुस्तान से कोई पत्रकार शामिल नहीं हुआ। ऐसी स्थायी पत्रकार समिति की मीटिंग का क्या औचित्य रहा होगा, ये तो वही जानें, जो बैठक में लंबी लंबी छोड़ रहे थे और वे भी, जो उन्हें टुकर-टुकर ताक-सुन रहे थे।  

शीला चोर है, शीला बेईमान है, ये देखो, केजरी को शर्म नहीं आई

शीला चोर है. शीला को हम जेल भेजेंगे. शीला बेईमान है. इसी तरह के आरोप लगाये जाते थे. अब देखिये एक भ्रष्ट पूर्व मुख्यमंत्री के साथ हंसी-ठिठोली की जा रही है, साथ में स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ़ उठाया जा रहा है। 

हम नेता लोग एक होते हैं जी, दिल पर मत लेना जी

अब सब ठीक है जी. हम राजनीति करना सीख गए हैं जी. लड़ते भिड़ते हैं टीवी पर एफबी पर ट्विटर पर अखबार में लेकिन सिर्फ जनता को दिखाने रिझाने के लिए जी. बाकी तो जानते ही हैं जी कि हम नेता लोग एक होते हैं जी. दिल पर मत लेना जी. पार्टी शार्टी में तो बुलाना ही पड़ता है जी. योगेंद्र यादव प्रशांत भूषण को क्यों नहीं बुलाया जी? 

हालात से निबटने के लिए सहारा प्रबंधन ने तालाबंदी की अफवाह फैलाई

लखनऊ : राष्ट्रीय सहारा की नोएडा मुख्यालय समेत ज्यादातर यूनिटों में सोमवार देर शाम को भी कार्य बहिष्कार से गतिरोध बरकरार रहा। लखनऊ कार्यालय में संपादक और जनरल डेस्क इंचार्ज में कहासुनी होने की खबर है। 

नोएडा में आज सहारा के चेयरमैन से जो आज वीडियो कांफ्रेंसिंग होने वाली थी लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं हो सकी। शाम को नोएडा से सहारा प्रबंधन के लोगों ने सभी यूनिटों में एक अफवाह प्रसारित कर दी कि यदि बहिष्कार या हड़ताली जारी रही तो संस्थान तालाबंदी कर देगा। 

जगेंद्र के घर वालों को धमका रहे आरोपी, पीएम से गुहार, पूरा परिवार यूपी छोड़ने की फिराक में

शाहजहांपुर (उ.प्र.) : जिंदा जलाकर मारे गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवार को धमकाया जा रहा है। घटना की सीबीआई जांच करने की मांग करते हुए जगेंद्र के बेटे राहुल ने पिछले दोनो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। तभी से परिवार पर दबाव डाला जा हा है कि वे समझौता कर लें अन्यथा उनके साथ अच्छा न होगा। बताया जा रहा है कि जगेंद्र के दोनो बेटे पिछले कई दिनो से लापता हैं। उनका कोई पता नहीं चल रहा है। जगेन्द्र के पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। 

अपनी गलती से शर्मसार बीबीसी इंडिया ने माफी मांगी

बीबीसी इंडिया को अपनी एक गलती से शर्मसार होकर सोशल मीडिया पर माफी मांगनी पड़ गई। उसने गलती से विंबलडन महिला डबल्स की जीत का सारा श्रेय स्विट्जरलैण्ड की खिलाड़ी मार्टिना हिंगिस को दे दिया। खिताब भारत की सानिया मिर्जा और मार्टिना ने जीता था।  

 

ऑल इंडिया रेडियो में भी अखबारों की तरह अंडरटेकिंग प्रावधान से मची अंधेरगर्दी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार भी दैनिक टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुरस्तान टाइम्‍स और दैनिक हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कार द्वारा अपनाए गए अवैध और असंवैधानिक तरीके से ऑल इंडिया रेडियो को चलाने का ठेका यहां के कुछ अधिकारियों को दे दिया है। पिछले बीस-बीस सालों से काम कर रहे आकस्मिक (कैजुअल्‍स) उदघोषकों और प्रस्तोताओं से इन अखबारों की तरह ही अवैध अंडरटेकिंग लेने के आदेश जारी किए गए हैं। 

छेड़खानी की खबर प्रसारित करने पर फंसा जी न्यूज रिपोर्टर, गिरफ्तारी की मांग, धरना-प्रदर्शन

उरई (उ.प्र.) : विकलांग से मारपीट और छेड़खानी की गलत खबर प्रसारित किए जाने के कारण जालौन ज़ी न्यूज़ के रिपोर्टर मनीष राज फंस गए हैं।

आयोजन एक, खबर दो, रिपोर्टर तीन यानी सिफारिशी खबर !!

आज (13.07.2015) के हिन्दुस्तान टाइम्स में एक दिलचस्प चूक है। उषा उत्थुप से जुड़े एक आयोजन की खबर एक ही अखबार में दो जगह छपी है। इन दो खबरों में एक खबर दो संवाददाताओं ने की है और एक खबर तीसरे संवाददाता ने। वैसे तो यह कोई बड़ी बात नहीं है और अखबारों में एक ही खबर दो जगह या दो बार छपती रहती हैं। ऐसा अखबार बनाने वालों की लापरवाही के साथ-साथ उनके अति उत्साह में भी होता है। प्रस्तुत मामला अति उत्साह का ज्यादा लगता है क्योंकि खबर हिन्दुस्तान टाइम्स अखबार को प्रकाशित करने वाले संस्थान के अन्य उपक्रम या प्रयास एचटी – पेस (पार्टनरशिप फॉर ऐक्शन इन एजुकेशन) से जुड़ी हुई है। इसके तहत मुख्य रूप से स्कूलों की गतिविधियों को प्रकाशित करने, स्कूलों में बच्चों के बीच अखबार को लोकप्रिय बनाने और इसके तहत स्कूलों से जुड़े विज्ञापन बटोरने के काम किए जाते हैं। 

थाने में चैन की बंसी बजा रहे पत्रकार संदीप के हत्यारोपी, परिजनों ने दी खुदकुशी की चेतावनी

बालाघाट (म.प्र.) : पत्रकारों का जैसा हाल उत्तर प्रदेश में, वैसा ही कमोबेश मध्य प्रदेश में भी। पिछले दिनों निर्ममता से मौत के घाट उतारे गए पत्रकार संदीप कोठारी के हत्यारोपियों को पुलिस कटंगी थाने में वीआईपी की तरह सेवाएं दे रही है। लॉकप के बाहर आराम से कूलर की हवा में पलंग पर आरोपी सोते देखे गए। संदीप के परिजनों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पुलिस से उचित कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। पुलिस का यही रवैया रहा तो वो सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे। 

‘आज’ के मालिक शार्दूल विक्रम गुप्त ने अपने कर्मचारी को कफन के पैसे देने से मना किया

वाराणसी : मेडिकल की भाषा में कहें तो मुर्दा वो है, जिसकी दिल की धड़कनें और सांसें थम जाती हैं, पर मुझे समझ में नहीं आता ऐसे  लोगों को किस श्रेणी में रखा जाए, जो सब कुछ जानते-देखते और समझते हुए भी खामोशी का आवरण ओढ़े दूसरों की मजबूरी को तमाशा बना कर रख देते हैं। जो दिखावे के लिए मंदिर में सैकड़ों रुपये पुजारी के हाथों में दान स्वरूप रख देते हैं, पर अपने ही किसी कर्मचारी के गिड़गिड़ाने पर घर पर रखी उसके बेटी की लाश के कफन तक के पैसे देने से इन्कार कर देते हैं, भले ही वो कर्मचारी अपनी मेहनत और हक के पैसे मांग रहा हो। ये कहानी है वरिष्ठ पत्रकार आर. राजीवन की। आर. राजीवन की जुबानी सुनिए उनके शोषण और दुख की कहानी…

सहारा कर्मियों के संघर्ष में हस्तक्षेप करें प्रमुख सचिव श्रम, न्याय दिलाएं : उपजा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने प्रदेश के प्रमुख सचिव श्रम से मांग की है कि वह तत्काल सहारा मामले में हस्तक्षेप करें और श्रमिकों को उनका हक दिलायें। सहारा प्रबंधन द्वारा अखबार कर्मियों को पिछले कई माह से वेतन नहीं दिया जा रहा है। वेतन न मिलने से अखबारकर्मियों ने हड़ताल का रुख कर लिया है। लखनऊ के कर्मचारियों ने कार्यबहिष्कार कर दिया है ।  

सहारा में हड़ताल जारी, वाराणसी के संपादक पिटते-पिटते बचे, लखनऊ में धमकियां

नोएडा राष्ट्रीय सहारा में तीसरे दिन रविवार को भी मीडिया कर्मियों एवं अन्य विभागों के कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। इसके साथ ही लखनऊ, देहरादून, वाराणसी, पटना आदि यूनिटों से भी रविवार रात को कार्यबहिष्कार जारी रहा। वाराणसी से सूचना है कि वहां के संपादक स्नेह रंजन को कर्मचारियों ने दौड़ा लिया। वह पिटते-पिटते बचे। लखनऊ में संपादक मनोज तोमर ने कुटिल चाल चलते हुए कुछ मीडिया कर्मियों को बारी बारी से अपने चेंबर में बुलाकर धमकाया और फुसलाया मगर संपादकीय विभाग के कर्मी काम करने पर सहमत नहीं हुए। तोमर ने धमकाने के अंदाज में उनकी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर ओपी श्रीवास्तव से फोन पर बात कराई लेकिन बात बनी नहीं।  

सुप्रीम कोर्ट स्वत: संज्ञान लेकर अमिताभ ठाकुर को राज्य की प्रताड़ना से बचाए

सर्वोच्च न्यायालय से गुहार. यूपी के आईजी अमिताभ ठाकुर के मामले में दखल दीजिए. सरकार की प्रताड़ना से बचायें, वरना सभी जनवादी और लोकतंत्र के नायक कालकोठरी में होंगे. अब जरा भी देरी न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बना देगी. यूपी सरकार से भरोसा उठ रहा है. सुप्रीम कोर्ट से आस है. पूरा मामला देश के लोकतंत्र और कानूनी प्रक्रिया का माखौल उड़ाते साफ दिख रहा है. अब तो हर पत्रकार और अफसर को डर लगने लगा है कि जो यूपी सरकार के खिलाफ आवाज उठायेगा, वो फर्जी मुकदमे झेलेगा, जेल जायेगा. ये देश की सबसे बड़ी अदालत, अब जनता इंसाफ के लिए आप की तरफ टकटकी लगाये बैठी है. दखल दीजिए. 

मुझे दैनिक जागरण के प्रबंधकों के खिलाफ दर्ज करानी है एफआईआर : श्रीकांत सिंह

दैनिक जागरण के नोएडा कार्यालय में 7 फरवरी 2015 की रात में हुई हड़ताल के बाद तबादले वापस लिए जाने के आदेश पर मुझे जम्‍मू से वापस बुलाया गया था, लेकिन जब मैं नोएडा कार्यालय पहुंचा तो मुझ पर संस्‍थान के गार्डों से हमला करा दिया गया और मुझसे 36 हजार रुपये छीन लिए गए। 100 नंबर पर फोन कर मैंने पुलिस बुला ली, लेकिन दैनिक जागरण का बोर्ड देखकर पुलिस बैरंग लौट गई। उसके बाद मैं पुलिस चौकी, फेस तीन थाना, सीओ टू आफिस और वरिष्‍ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्‍कर लगाता रहा, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दैनिक जागरण बहुत बड़ा बैनर है। उसके किसी भी प्रबंधक के खिलाफ हम एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते, भले ही उन्‍होंने कितना भी बड़ा अपराध क्‍यों न किया हो। तो यह है नोएडा जैसे प्‍लेटिनम शहर की सुरक्षा व्‍यवस्‍था।

अमिताभ को नेता जी की धमकी पर 4pm की चुप्पी समझ से परे

आदरणीय संजय शर्मा भैया, आपके अख़बार ‘4पीएम’ की बेबाकी निष्पक्षता से परिपूर्ण लेखनी का मैं कायल था मगर मुलायम “नेता जी” के आई पी एस Amitabh Thakur जी के धमकी वाले मामले में आपकी और आपके 4pm अख़बार की चुप्पी ….मेरी समझ से परे है। आज फेसबुक पर आपके अख़बार का लिंक ढूढ़ते ढूढ़ते आँखें पथरा गयीं। खैर उम्मीद करूँगा, किसी चैनल पर अमिताभ ठाकुर वाले मामले में आपको उसी निष्पक्षता और बेबाकी से बहस करता देखूं। 

मुलायम-अमिताभ प्रकरण : दैनिक हिन्‍दुस्‍तान लखनऊ ने पहली खबर दबा दिया, दूसरी खिलाफ खबर छाप दिया!

अच्‍छा, इस हालत को क्‍या कहा-माना जाए कि एक खबर को दबा लिया गया है। इतना ही नहीं, इस असल खबर से जुड़ी एक दूसरी खबर उस खबर के खिलाफ छाप दी गयी। इतना भी होता तो बर्दाश्‍त कर लिया जाता। सम्‍पादक ने उससे जुड़ा एक साक्षात्‍कार छाप दिया है। सम्‍पादक है। यह कमाल किया है दैनिक हिन्‍दुस्‍तान के सम्‍पादक केके उपाध्‍याय ने। अरे जनाब, यह करने से पहले आप जरा इतना तो सोच लेते कि आप सम्‍पादन कर रहे हैं या तेल-चटाई का धन्‍धा खोले बैठे हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर

पहले ही कोर्ट मान चुका रेप का आरोप फर्जी, कल हाईकोर्ट में चैलेंज करेंगे IPS अमिताभ ठाकुर

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.नूतन ठाकुर ने कहा है कि जिस महिला के आरोपों पर गोमतीनगर पुलिस ने आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ रेप की रिपोर्ट दर्ज की है, उसके संबंध में लिखित रूप में सीजेएम कोर्ट और हाईकोर्ट को बताया जा चुका है कि आरोप फर्जी हैं। 

पत्रकार साथियों कायर न बनो, भागो नहीं, मीडिया को बदलो, ताकत का एहसास कराओ

प्रिय पत्रकार साथियों, आए दिन सुना जा रहा है कि मीडिया प्रबन्धन या संपादकों की मोनोपोली के चलते हमारे साथी त्याग पत्र देकर भाग रहे हैं। युद्ध क्षेत्र से भागना कायरता है और कायर व बुजदिल सैनिक को सम्मान नहीं मिलता बल्कि उसकी आने वाली पीढ़ी को भी समाज के अपमान का सामना करना पड़ता है। हमारे साथी जिस समस्या से आजिज आकर त्याग पत्र देकर मीडिया से दूर होना चाहते हैं, क्या वे मीडिया से दूर रह कर अपने न्याय की लड़ाई लड़ सकते हैं? 

इंडिया न्यूज पहुंचीं अंजलि, नरेश नोएडा आफिस से अटैच, ओमप्रकाश अश्क फिर जुड़े खबर मंत्र से

अंजलि उपाध्याय ने इंडिया न्यूज चैनल ज्वाइन किया है. उन्होंने सेल्स में मेरठ क्षेत्र का जिम्मा दिया गया है. अंजलि जी न्यूज समेत कई चैनलों में काम कर चुकी हैं और प्रतिभावान मीडियाकर्मी हैं. अंजलि ने जानकारी दी कि उन्होंने अपने जी न्यूज के कार्यकाल के दौरान कुछ लोगों की हरकतों की लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों से की थी, जिसके कारण वो लोग उनको लेकर अनर्गल चीजें मीडिया में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. अंजलि ने बताया कि भड़ास पर भी कुछ लाइनें उनको लेकर प्रकाशित हुई है (जिसे अब हटा दिया गया है), जिससे वो आहत हुई हैं. ऐसे अनर्गल और निराधार आरोपों को आधार बनाकर प्रबंधन को मेरे खिलाफ भड़काया जा रहा है जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हैं. 

नोएडा हिंदुस्‍तान में एक और विकेट चटका, दो और के अखबार छोड़ने की अटकलें

दैनिक हिंदुस्‍तान नोएडा कार्यालय में इन दिनों हताशा का माहौल है। इन्‍क्रीमेंट में उपेक्षा और भेदभाव का शिकार हुए लोग लगातार संस्‍थान का दामन छोड़ रहे हैं। इस माह अब तक तीन लोग संस्थान छोड़ चुके हैं, जिनमें विनीत राय, प्रभात उपाध्‍याय और मनोज द्विवेदी शामिल हैं। 

यूपी : घिनौनी साजिश के तहत आईपीएस अमिताभ ठाकुर के खिलाफ रेप की रिपोर्ट

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सत्ता और शासन की ज्यादतियों से जूझ रहे सीनियर आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के खिलाफ गोमती नगर थाने में बलात्कार का मामला दर्ज कराया गया है। इसके पीछे प्रदेश सरकार का कोई बड़ा षड्यंत्र होने के संकेत हैं। गौरतलब है कि कल ही ठाकुर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह से मिली धमकी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए तहरीर दी थी।  

प्रबंधन के झांसे में दगाबाज निकले पटना और कानपुर के सहारा कर्मी, मास्टर एडिशन छाप दिया

शनिवार रात राष्ट्रीय सहारा की नोएडा, लखनऊ, देहरादून, गोरखपुर, वाराणसी यूनिटों में तो हालात असामान्य रहें, अखबार कर्मियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा लेकिन कानपुर और पटना यूनिट के सहारा कर्मियों ने दगाबाजी कर दी। कानपुर और पटना के न्यूज रूम में प्रबंधन की चाल कामयाब रही। मीडिया कर्मियों ने स्थानीय स्तर पर खबरें संकलित-संपादित कर मास्टर एडिशन छाप दिया। इससे डूबते प्रबंधन को तिनके का सहारा मिल गया।   

होश में आओ मीडिया घरानो, आग लग चुकी है!

लगता है, जिस वक्त की पिछले ढाई दशक से ईमानदार पत्रकारों, जुझारू मीडिया कर्मियों, जनपक्षधर संगठनों को बेसब्री से प्रतीक्षा थी, वह करीब आ रहा है। बात राष्ट्रीय सहारा की हो या दैनिक जागरण की, अब पेड न्यूज के पापियों, लाल कारपेट पर वारांगनाओं के डांस करा रहे सफेदपोश मीडिया धंधेबाजों से हिसाब-किताब बराबर करने का दौर धीरे-धीरे अंगड़ाई ले रहा है। 

सहारा नोएडा की हड़ताल देहरादून पहुंची, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, पटना में भी कार्य बहिष्कार, लखनऊ में झड़प

राष्ट्रीय सहारा मीडिया समूह के हेड ऑफिस नोएडा में विक्षुब्ध मीडिया कर्मियों की अंगड़ाई और उससे पहले दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टियां बांधकर हठी प्रबंधन की मनमानियों को खुलेआम चैलेंज देना पूरे मीडिया जगत के लिए साफ संकेत है कि आने वाले दिन अब उनके लिए पहले की तरह आसान नहीं होंगे। लखनऊ सहारा में संपादक और जनरल डेस्क इंचार्ज की आपस में झड़प हो गई। देहरादून के सहारा कर्मी भी शनिवार को हड़ताल पर चले गए। वाराणसी, गोरखपुर, पटना से भी सूचनाएं मिल रही हैं कि मीडिया कर्मी काम काज छोड़कर किनारे बैठ गए हैं। कमोबेश सभी यूनिटों में शनिवार शाम तक संपादकीय प्रबंधन के हाथ-पांव फूल चुके थे। चिंता थी कि कल तो अमर उजाला में पेपर छपवा लिया, आज अखबार कैसे निकलेगा। 

सहारा : ब्रेकिंग न्यूज़ से नहीं, वेतन से मिलती है बच्चे के स्कूल की फीस और दो वक़्त की रोटी

नोएडा : कई दिनों से पुराने साथियों की नाराज़गी और उनके शिकायती फोन ने बेहद शर्मिंदा कर रखा है। सहारा में लगभग पांच साल साथ काम करने वाले कई साथी इन दिनों बेहद परेशान हैं। कई कई महीनों से उनकी सेलरी नहीं मिली है। चेयरमैन सुब्रतो राय सहारा कई माह से तिहाड़ में हैं। कई माह से सेलरी न मिलने की वजह से अब सहारा कर्मियों की हिम्मत और सब्र जवाब दे गया। और शुक्रवार को सहारा के प्रबंधन के लाख वादों के बावजूद सहारा कर्मी हड़ताल पर चले गये। लेकिन हमने अभी तक इस पूरे मामले पर कुछ नहीं लिखा। 

वेतन नहीं तो काम नहीं, बारिश में भीगकर भी सहारा कर्मी धरने पर अडिग, हड़ताल जारी

राष्ट्रीय सहारा के नोएडा स्थित मुख्यालय पर कल रात से बारिश में भीगते हुए प्रबंधन से सात महीने के बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर धरना दे रहे सहारा कर्मचारी दूसरे दिन भी डटे हुए हैं। सहारा समूह के प्रिंट और इलेक्ट्रानिक दोनो के काम-काज ठप कर मीडियाकर्मी अब बिना वेतन के काम के मूड में नही हैं। उन्होंने ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ का पंफलेट चिपका दिया है और प्रबंधन से पूरे वेतन के भुगतान की तारीख़ तय करने की मांग कर रहे हैं । पूरी रात धरने पर जमे रहे सौ से अधिक सहाराकर्मियों में फूट डालने के मकसद से प्रबंधन ने उर्दू सहारा कर्मियों को सैलरी का आश्वासन दिया लेकिन एकता बरकरार रखते हुए उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया। आंदोलनकारियों ने प्रबंधन द्वारा दिए गए खाद्य पदार्थ भी लेने से मना कर दिया। 

बारिश के बावजूद धरने पर जमे हुए सहारा के कर्मचारी

श्वेता भट्टाचार्या पहुंचीं ईटीवी दिल्ली, हिमांशु तिवारी आई नेक्स्ट के हिस्से बनेंगे

फोकस टेलीविजन नेटवर्क की एंकर / प्रोड्यूसर श्वेता भट्टाचार्या ने अपने पद से इस्तीफा देकर ईटीवी के दिल्ली ब्यूरो में सीनियर एंकर के रूप में ज्वॉइन कर लिया है. वह फोकस नेशनल की प्राइम टाइम फेस रही हैं. वह इसके पहले हैदराबाद ईटीवी से जुड़ी रही हैं. वहीं से उन्होंने फोकस टीवी ज्वाइन किया था. पूरी खबर यूं है: Shweta Bhattacharya joins Etv Delhi. Shweta Bhattacharya was a Famous Face of focus tv national, was working as a Anchor/Producer who left the organisation and joined Etv Delhi as a Senior Anchor. She was associated to Focus Tv since last 2 Years anchored Debate shows, special Reports, did reporting during Delhi Elections for Soecial Delhi based Election Shows. 

अमिताभ ठाकुर को जिस ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ की याद मुलायम ने दिलाई, आखिर वो मसला था क्या… विस्तार से पढ़ें

Himanshu Dwivedi : इमानदार आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन पर धमकी से संबंधित ऑडियो टेप में ‪‎मुलायम‬ ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’ का जिक्र करके कह रहा है कि “क्या वो भूल गए?” और अंत में कहता है कि अबकी बार उससे ज्यादा हो जाएगा! क्या है ये ‘जसराना वाली रामवीर की पार्टी’? दरअसल ये जिक्र था एक घटना का जब समाजवादी पार्टी की पिछली से पिछली सरकार के समय श्री अमिताभ ठाकुर फीरोजाबाद जिले में पुलिस कप्तान के रूप में तैनात थे! तब सीएम मुलायम सिंह यादव हुआ करते थे. ‎फीरोजाबाद‬, इटावा, मैनपुरी यादव बेल्ट होने के कारण मुलायम परिवार का राजनीतिक गढ़ रही है और स्वाभाविक सी बात है कि इनकी दबंगई और गुंडागर्दी का केंद्र भी!

सहारा मीडिया : हड़ताल से अब आया ऊंट पहाड़ के नीचे, कर्मियों से अपील

पहले तो राष्ट्रीय सहारा नोएडा और वाराणसी सहित उन सभी यूनिटों के बहादुर साथियों को सलाम, जिन्होंने कार्य बहिष्कार कर ऐतिहासिक एकजुटता का परिचय दिया। देहरादून यूनिट के लोग कब जगेंगे, यह कहा नहीं जा सकता। लेकिन बाकी तीन यूनिटों के बहादुर साथियों ने सहारा प्रबंधन की हेकड़ी निकाल दी, जो सीना ठोंक कर कहते थे कि हम विश्व सबसे बड़े और एकमात्र संस्थान हैं जहां यूनियन नहीं है। हमारा संस्थान विश्व का सबसे बडा भावनात्मक परिवार है।

जम्मू जागरण के पत्रकार मजीठिया की सिफारिशें लागू कराने पहुंचे उप श्रम आयुक्त के पास

पत्रकार व गैर पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने उप श्रम आयुक्त को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि संस्थान धोखा कर सभी से हस्ताक्षर करवा रहा है। गलत दावा पेश कर रहा है। हमे माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

हमसे ईमानदारी का अब और प्रमाण मत मांगिए

चालीस की चपेट में आते आते स्वास्थ्य की चिन्ताएं सताने लगती हैं। पहले बनारस में रहता था तो मजबूरी में ही सही  गलियों में पैदल चलना खूब हो जाता था, घाट के कार्यक्रमों में शामिल होने जाता तो सीढ़ियां चढ़ने-उतरने की कसरत हो जाती लेकिन जबसे लखनऊ आया हूं, घर से निकलते ही वाहन की सवारी हो जाती है और फिर कुर्सियों पर घण्टों बैठे रहना। वैसे भी मुझे लगता है कि पत्रकारिता की नौकरी कई ज्यादतियों के लिए जिम्मेदार है। 

एसपी बोला – मृत्‍युपूर्व बयान का क्‍या मतलब, डीआईजी बोला- मुझे क्‍या पता

बाराबंकी : कोठी थाने परिसर में एक महिला को जिन्‍दा फूंक डाला गया। बुरी तरह जल चुकी महिला ने मरने के पहले बयान दिया था कि पुलिसवालों ने पहले तो उसके साथ बलात्‍कार की कोशिश की, और जब उसने विरोध किया तो पुलिसवालों ने उसे जिन्‍दा फूंक दिया। कल लखनऊ में इस महिला ने दम तोड़ दिया लेकिन अब तो कमाल हो गया है साहब, कमाल…

कमान्डेंट जी, कुक पद पर नियुक्त कर दें- राम नरेश यादव

मध्य प्रदेश में शायद राज्यपाल के स्तर से सीधे नियुक्ति कराने की परंपरा सी थी. व्यापम घोटाले में फंसे मध्य प्रदेश के राज्यपाल राम नरेश यादव द्वारा यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को लिखे एक पत्र से ऐसा ही दिखता है.

भास्कर के सताए हुए और श्रम विभाग से निराश नरेंद्र सर्वोदयी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

भास्कर प्रबंधन से परेशान नरेंद्र सर्वोदयी ने भड़सा4मीडिया को लिखे पत्र में बताया है कि किस तरह से भास्कर प्रबंधन ने उन्हें मजीठिया वेतनमान न देने के उद्देश्य से भारत की सीमा पर बाड़मेर कर दिया। उन्होंने अखबार प्रबंधन की तानाशाही और आपबीती इस प्रकार बयान की है – 

अमनमणि और उसके गुंडे दोस्तों का मीडिया पर हमला, उपजा ने की सीएम से कार्रवाई की फरियाद

लखनऊ : मीडिया द्वारा फोटो खींचने पर अमनमणि त्रिपाठी व उनके समर्थकों द्वारा लखनऊ मीडिया पर हमले की उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन की लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अरविन्द शुक्ला ने प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मांग की है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाय।

भागलपुर में भास्कर की आहट से जागरण, हिंदुस्तान और प्रभात खबर में खलबली

भागलपुर में दैनिक भास्कर के आगमन की आहट ने पहले से जमे तीनों मीडिया हाउसों हिंदुस्तान, दैनिक जागरण और प्रभात खबर में उथल पुथल मचा दी है. तीनों अखबार अपने अपने तरीके से भास्कर का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं. एक बात तो तय है कि भास्कर के बाजार में आ जाने के बाद पहले से जमे एक अखबार की लुटिया डूब सकती है. 

पेड न्यूज : दिल्ली क्रिकेट का ‘काला’ कैरेक्टर और बिकाऊ मीडिया की एक और करतूत

दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) की खेल समिति के चुनाव जल्द होने वाले हैं। तीस हज़ारी कोर्ट ने दो पूर्व जजों को चुनाव अधिकारी भी नियुक्त कर दिया है। चुनाव की तिकड़मबाजी अपने चरम पर है। पत्रकारों का इस्तेमाल शुरू हो चुका है। वीरवार को मेल टुडे में स्टोरी पढ़ी, तो शुक्रवार को नवभारत टाइम्स में महानगर खेल के कॉलम में एक खबर देखी।

प्रभात के बारे में भड़ास पर प्रकाशित खबर गलत, कृपया तथ्यों को दुरुस्त करें

संपादक, भड़ास4मीडिया, आपके न्यूज पोर्टल पर “प्रभात और मनोज पहुंचे दैनिक जागरण” नाम से एक खबर प्रकाशित हुई है । गलत तथ्यों पर आधारित यह खबर भ्रामक स्थिति पैदा करने वाली है। इस खबर में ज़िक्र है कि संपादक के बेहूदापूर्ण व्यवहार से नाराज होकर प्रभात ने जागरण ज्वाइन कर लिया है। यह सत्य है कि मैंने जागरण ज्वाइन कर लिया है। पर किसी के व्यवहार से नाराज होकर नहीं किया है।

महिला पत्रकार ने घर में घुसकर स्वतंत्र पत्रकार की मां को पीटा, रिपोर्ट दर्ज

वाराणसी : यहां के एक प्रातः कालीन प्रतिष्ठित अखबार में कार्यरत महिला पत्रकार वंदना सिंह के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोप यह है कि उन्होंने अपने दो भाइयो के साथ अपने ही क्षेत्र के निवासी स्वतंत्र पत्रकार विपिन मिश्रा के घर में घुसकर उनकी माँ धनेश्वरी देवी के साथ मारपीट व गाली गलौज किया। थाना चौक इंस्पेक्टर प्रकाश गुप्ता ने मामले को जाँच में सही पाते हुए तत्काल आई पी सी की धारा 323, 504  के तहत महिला पत्रकार व उनके दोनों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया ।

ये पत्रकारों का दोस्त है या दुश्मन, जांच अधिकारी ही बदलवा दिया!

मामला जनसंदेश टाइम्स, बनारस यूनिट का है, जहाँ अभी बीते सप्ताह PF घोटाले वाली जाँच में नए कोतवाल रतन सिंह यादव जाँच आगे बढ़ाने पर तुल गये थे। कई बार पुलिस पहुंची अखबार के दफ्तर, लेकिन सम्पादक रवींद्र कुमार गायब हो जाते ऐन मौके पर। अंत में पत्रकार विजय विनीत ने दबाव डालकर जांच अधिकारी ही बदलवा दिया। कैसे कैसे लोग हैं पत्रकारिता के नाम पर कलंक। 

बदल रही है हिन्दी की दुनिया

हिन्दी और पत्रकारों के बीच लोकप्रिय साइट भड़ास4मीडिया (Bhadas4Media) पर ‘जिन्दगी’ का विज्ञापन अमैजन की ओर से। हिन्दी के दिन बदलेंगे? सरकारी खरीद के भरोसे रहने वाले हिन्दी के प्रकाशकों ने हिन्दी के लेखकों को खूब छकाया है। किताबें बिकती नहीं हैं, खरीदार कहां हैं – का रोना रोने वाले प्रकाशकों के रहते हुए मुमकिन है कि हिन्दी के लेखक भविष्य में खुद ही प्रकाशक भी बन जाएं। या लेखक और रचना को पहचानने वाले नए प्रकाशक सामने आएं और लेखक पाठकों तक आसानी से पहुंच सकें। भड़ास4मीडिया चलाने वाले यशवंत सिंह नेट पर लिखकर पैसा कमाने के तरीके बताने के लिए अलग आयोजन कर चुके हैं और चाहते हैं कि हिन्दी वाले कुछ अलग और नया करें। आत्म निर्भर हों। इसपर फिर कभी। 

केजरीवाल सरकार ने मीडिया पर कार्रवाई का सर्कुलर वापस लिया

नई दिल्‍ली : एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक केजरीवाल सरकार ने मीडिया संगठनों के खिलाफ मानहानि के मामले दायर करने संबंधी विवादास्पद सर्कुलर को वापस ले लिया है। केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार की ओर से जारी सर्कुलर पर सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश दे दिया था। सर्कुलर वापस लेने का फैसला लगभग दो महीने बाद आया है।

लव यू मनोज, निराश मत होना, ये दिन भी गुजर जाएंगे

जब 2008 में दिल्ली आया, दैनिक जागरण की नौकरी करने तो मयूर विहार फेज 3 में किराए पर मकान मुझे आम आदमी पार्टी के आज गिरफ्तार हुए एमएलए मनोज कुमार ने दिलवाया था. मनोज तब विधायक नहीं थे, उनसे कोई परिचय नहीं था और तब उन दिनों वो दो जून की रोटी के लिए किराए पर मकान दिलवाने से लेकर मकान बिकवाने और होली में रंग बेचने से लेकर दिवाली में पटाखा बेचने तक का काम किया करते थे. 

अमौसी एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में दिखने के बाद कहां गायब हो गया जाकिर

लखनऊ : रिहाई मंच ने आजमगढ़ के ग्राम मोमारिजपुर निवासी मोहम्मद जाकिर के पिछले 13 जून से अमौसी एयरपोर्ट लखनऊ से गायब होने पर अब तक पुलिस द्वारा उन्हें ढूढंने में नाकाम होने को सूबे में ध्वस्त कानून व्यवस्था का नजीर बताया है। 

न्यूज़नेशन के रिपोर्टर ने अन्य पत्रकारों पर निशाना साधा, वकील ने नोटिस भेजा

न्यूज़नेशन के रिपोर्टर मुज़्ज़ामिल दानिश ने सम्भल ज़िले के सभी पोर्टल न्यूज़ रिपोर्टरों पर मुकदमा लिखवाने की बात कही है, साथ ही सभी को फर्जी बताया है। न्यूज़ नेशन के तीन ज़िलों के रिपोर्टर दानिश ने पूरे सम्भल के पोर्टल न्यूज़ रिपोर्टरों को टारगेट कर लिया।

सच की चुगली करते स्क्रीनशॉट

शिवराज जी, जिम्मेदारी तो बनती है

व्यापमं महाघोटाले में देर से ही सही मगर अब देशव्यापी हल्ला मचा है… हम जैसे स्थानीय पत्रकारों को तो इस महाघोटाले की जानकारी पहले से ही थी और अपने स्तर पर इसे उजागर भी करते रहे मगर मध्यप्रदेश में चूंकि विपक्ष यानि कांग्रेस अत्यंत ही निकम्मा और नकारा रहा है, जिसके चलते वह कभी भी व्यापमं जैसे महाघोटाले को जोर-शोर से उठा ही नहीं पाया और नई दिल्ली में भी इसका हल्ला नहीं मचा सका।

व्यापमं : सुप्रीम कोर्ट ने बिगाड़ दिया रामनरेश की इफ्तार पार्टी का जायका, मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी

मध्य प्रदेश व्यापमं मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहां सुकून महसूस कर रहे हैं, वहीं राज्यपाल रामनरेश यादव के दिल की धड़कने बढ़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल को पद से हटाने की याचिका पर नोटिस जारी किया है.

गोरखपुर आइनेक्स्ट में एक और विकेट गिरा

गोरखपुर आइनेक्स्ट में सब एडिटर रहे रासेख कुमार ने दैनिक भास्कर रेवाड़ी (हरियाणा) ज्वॉइन कर लिया है। इससे पहले सीनियर सब एडिटर रवि प्रकाश ने भी एडिटोरियल इंचार्ज अश्विनी पांडेय की प्रताड़ना से आजिज आकर संस्थान छोड़ दिया था। बताते हैं कि राकेश कुमार के जाने की वजह भी पांडेय का रवैया रहा है। उन्हें …

दैनिक छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का प्रकाशन सितंबर से

छत्तीसगढ़ से जल्द ही एक और दैनिक समाचार पत्र ‘‘छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस’’ का प्रकाशन प्रारंभ होने जा रहा है। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का प्रकाशन स्थल कृषि प्रधान जिला जांजगीर-चांपा होगा। वहीं इसका वर्तमान में इसका मुद्रण रायपुर से किया जाएगा जिससे की प्रवेशांक के साथ-साथ ही यह छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिला मुख्यालयों तक पंहुच सके। छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के लिए वर्तमान में रायपुर, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा जिले के लिए विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जा रही है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस का प्रकाशन प्रारंभ किए जाने की योजना है।

पुरोहितवार के भास्कर ज्वॉइन करते ही देवघर प्रभात खबर में खलबली

प्रभात खबर देवघर में काम करने वाले राकेश पुरोहितवार के भास्कर भागलपुर ज्वॉइन करने से देवघर प्रभात खबर में अंदरूनी खुशी का माहौल है। कम वेतन में देवघर में 8-10 सालों से काम कर रहे कर्मचारियों को उम्मीद है कि अब भागलपुर में उनकी सेटिंग हो जाएगी। पहले भी इस बात को इस साईट पर डाला जा चुका था कि देवघर निवासी भागलपुर में कार्यरत एक पत्रकार की जबरदस्त लाबिंग से प्रभात खबर सकते में। अब नाम खुलकर सामने आ गया। 

सहारा देहरादून में भगदड़ जारी, प्रदीप भी गए, एचआर हेड समेत कई और जाने की तैयारी में

राष्ट्रीय सहारा देहरादून संस्करण में चल रही भागदौड़ की अगली कड़ी में लेखा विभाग से प्रदीप श्रीवास्तव के नये ठिकाने की ओर जाने की खबर है। बीते कई माह बिना वेतन के गुजारा कर रहे सहारियन का सब्र धीरे-धीरे जवाब देने लगा है।