किसी अखबार ने नहीं छापी एमसीडी भर्ती घोटाले की खबर, एक अधिकारी ने सबको मैनेज किया

सभी खबर अगर समाचारपत्र और न्यूज चैनल में चलती तो शायद भड़ास की जरूरत न पड़ती। आखिरकार आज मुझे भी पत्रकार होते हुए अपनी वेदना को लोगों तक पहुंचाने के लिए भड़ास का सहारा लेना पड़ रहा है। दिल्ली नगर निगम (उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी दिल्ली) में प्रचार सहायक के छह पदों के लिए निकाली गई भर्ती में आरक्षित वर्ग का कोटा समाप्त करने वाले अधिकारी योगेन्द्र सिंह मान ने अपने रसकू और पद के दम पर पत्रकारों को मैनेज कर लिया है। कुछ पत्रकार इसलिए खबर नहीं लिख पाए कि उनके, उनसे ताल्लुकात है। जिन पत्रकारों ने खबर लिखने की हिम्मत दिखाई उन पत्रकारों को पहले तो स्वयं फोन कर खबर रोकने का प्रयास किया गया। जब बात नहीं बनी तो ऊपर (चीफ रिपोर्टर और एडिटर) से फोन कर मैनेज कर लिया गया।

निर्माण निगम के भ्रष्ट एमडी आरके गोयल की लोकायुक्त से शिकायत

लखनऊ : निर्माण निगम के भ्रष्ट एमडी आरके गोयल के कारनामों की कलई अब खुलने लगी है। इसने अपना साम्राज्य खड़ा करने के लिए मैनेजमेंट का बड़ा सहारा लिया। किसी जमाने में मायावती का दुलारा रहा गोयल अब सपा नेताओं को अपने पैसे के दम पर मैनेज करना चाहता है। मगर अब धीरे-धीरे इसके भ्रष्टाचार की परते खुलने लगी हैं। 

यूपी, बिहार के व्यापम की तस्वीर तो और अधिक भयावह

जो कुछ “व्यापम” नाम से मध्य प्रदेश में हुआ और जो अन्य प्रदेशों में भी दूसरे नामों, दूसरे प्रकारों, दूसरी सीमा तक हो रहा है वह भयावह है । बिहार में एक बार में ही चौदह सौ अध्यापक स्वयं नौकरी छोड़ ग़ायब हो गये । ये सब अवैध ढंग से नौकरी में आये थे । उत्तर प्रदेश में एक चौथाई प्राइमरी स्कूलों में डुप्लीकेट अध्यापक तैनात हैं (नौकरी किसी के नाम है पढ़ाने कोई और आता है)।

पत्रकार संदीप कोठाऱी हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार

बालाघाट जिले के बैहर में खरीदी गई जमीन के सौदे में की गई दलाली और बाद में जमीन में भागीदारी बनाये जाने की चाहत के कारण ही संदीप कोठारी एवं कथित आरोपियों के बीच हुई अनबन के चलते उसकी हत्या कर दी गई। इस घटनाक्रम का मास्टर माइंड राकेश नर्सवानी अब पुलिस की गिरफ्त में है। उसे पुलिस द्वारा 8-9 जुलाई की मध्य रात्रि बोनकटा के समीप परसवाडा घाट से घेराबंदी कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। वह परिवारजनों से मिलने कटंगी पहुंचने की फिराक में था। 

रामपुर हिन्दुस्तान ब्यूरो चीफ बने विपिन शर्मा

हिन्दुस्तान ने रामपुर में एक बार फिर फेरबदल किया है। यहीं स्टि्ंगर रहे विपिन कुमार शर्मा को उनकी मेहनत को देखते हुए मार्च माह में ऑनरोल लेते हुए स्टाफर बना दिया गया। अब बीते दिन उन्हें रामपुर में ही ब्यूरो चीफ बनाकर प्रोन्नति दे दी। जबकि पूर्व में ब्यूरो चीफ रहे संतोष सिंह के बाद आए संजय सिंह को फिर से मुरादाबाद रिपोर्टिंग टीम का हिस्सा बना दिया गया।

हिंदुस्‍तान नोएडा को छोड़ प्रभात और मनोज पहुंचे दैनिक जागरण

हिंदुस्‍तान प्रबंधन की भेदभाव पूर्ण नीतियों और दमनकारी माहौल से खफा होकर दो कर्मियों ने जागरण का दामन थाम लिया है। दैनिक हिंदस्‍तान नोएडा में कार्यरत प्रभात उपाध्‍याय एजुकेशन बीट देखते थे। प्रभात ने स्‍थानीय संपादक के बेहूदापूर्ण व्‍यवहार से नाराज होकर पिछले दिनों दैनिक जागरण का दामन थाम लिया। 

वाह रे चाटुकारिता, कप्तान की दावत में छलके जाम, पत्रकार हुए मदहोश

मऊ (उत्तरप्रदेश) : प्रदेश में पुलिस द्वारा पत्रकारों पर जुल्म ढाए जा रहे हैं, कही पत्रकार की माँ को पेट्रोल डालकर फूंका जा रहा है तो कही पत्रकार को जिन्दा जलाया गया। चारो तरफ पत्रकारों में प्रशासन को लेकर गुस्सा है, कही प्रोटेस्ट मार्च किया जा रहा तो कही पत्रकार सुरक्षा अधिनयम बनाने की मांग हो रही। पत्रकारो का एकजुट होना तो दूर, यहां के पत्रकार सोमवार को सभी मर्यादाओं को लांघकर पहुंच गए कप्तान की दावत में। जमकर जाम छलकाए गए। 

‘व्यापमं’ पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजनाथ की आपात बैठक, शाम को राष्ट्रपति से मिलेंगे, रामनरेश का इस्तीफा संभव

नई दिल्ली : व्यापमं घोटाले में गवर्नर रामनरेश यादव को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह इमरजेंसी बैठक कर रहे हैं। इसमें गवर्नर के भविष्‍य को लेकर फैसला हो सकता है। किसी इस तरह के निर्णय पर अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश से लौटने के बाद अगले हफ्ते हो सकती है। आज शाम 6 बजे गृह मंत्री राजनाथ सिंह राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे। व्यापमं घोटाले मे यादव पर गंभीर आरोप लगे हैं। केंद्र सरकार राज्यपाल रामनरेश यादव को आज सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी होने के बाद इस्तीफा देने को कह सकती है। 

सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला : व्यापमं के सारे मामले सीबीआई को सौंपे, राज्यपाल को भी नोटिस

नई दिल्ली : व्यापमं मामले पर अहम फैसला लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सारे मामले सीबीआई को सौंप दिए हैं। हालांकि ये जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होगी या नहीं, इसके लिए कोर्ट ने सीबीआई से 24 जलाई तक जवाब मांगा है।

अंदेशा : अक्षय के हाथ लगे थे व्यापम के कुछ अहम सुराग !

क्या अक्षय के हाथ व्यापम घोटाले के कुछ बेहद अहम दस्तावेज़ लगे थे ? क्या अक्षय का मध्य प्रदेश में पीछा किया जा रहा था ? एम्स अस्पताल के पूर्व सतर्कता प्रमुख संजीव चतुर्वेदी के मुताबिक अक्षय से बात करने वाले वो आखिरी लोगों में से एक थे. संजीव का कहना है की उनकी शनिवार की सुबह 9.30 के आस पास फ़ोन पर अक्षय से एक खबर को लेकर बातचीत हुई. 

अक्षय के परिजनों ने सीएम शिवराज से मदद लेने से किया इनकार

पिछले दिनो रहस्यमय हालात में जान गंवा बैठे न्यूज चैनल ‘आज तक’ के खोजी रिपोर्टर अक्षय सिंह के परिवार ने मध्य प्रदेश सरकार से किसी भी तरह की आर्थिक मदद लेने से साफ मना कर दिया है। उऩकी मांग है कि अक्षय की मौत की घटना की निष्पक्ष जांच हो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अक्षय के परिजनों से मुलाकात कर हर तरह से मदद करने की बात कही थी। 

दिल्ली में पत्रकारों ने बिगुल बजाया, पैदल मार्च, पुलिस बल प्रयोग, केंद्र को 15 दिन का अल्टीमेटम

 देश भर में हो रहे पत्रकार उत्पीड़न और पत्रकारों की हत्याओं के विरोध में एनसीआर पत्रकार संघर्ष समिति ने बुधवार को नोएडा से दिल्ली तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया। नोएडा से पैदल दिल्ली पहुंचे सैकड़ों की संख्या में पत्रकारों को दिल्ली पुलिस ने तिलक ब्रिज के पास रोक लिया और बल प्रयोग करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। बाद में जंतर मंतर पर ले जाकर मुक्त किया। वहीं पर दिल्ली पुलिस के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। 

नोएडा से दिल्ली पैदल मार्च पर निकले पत्रकार

बाराबंकी पुलिस कांड : दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई – पुलिस महानिदेशक

लखनऊ। बलात्कार करने में नाकाम बाराबंकी पुलिस द्वारा थाने में पेट्रोल छिडक कर जलाई गयी पत्रकार की मां की हत्या की घटना पर उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने की कडी निंदा की है। एसोसिएशन की लखनऊ इकाई के एक प्रतिनिधि मण्डल ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जगमोहन यादव को एक ज्ञापन देकर मांग की है कि घटना में शामिल आरोपी एसओ और दरोगा को तत्काल गिरफ्तार किया जाय व घटना की सी0बी0आई0 से जांच कराई जाय।

समाजवादी पत्रकार दाह-संस्कार योजना, सूचना विभाग ने लागू की गाइड लाइन

लखनऊ। पत्रकारों पर लगातार हो रहे जानलेवा हमलों से हत-आहत लोगों के लिए एक नायाब राहत योजना शुरू की गई है। सूचना विभाग द्वारा लागू की गई इस योजना का नाम “उप्र समाजवादी पत्रकार दाह संस्कार एवं राहत योजना” दिया गया है। इस योजना को उप्र मान्यता पत्रकार समिति के शीर्ष पदाधिकारियों के निर्देशन में संपादित किया जाएगा, जिसको विभिन्न जिलों में समिति द्वारा चयनित पुलिस अफसरों द्वारा लागू किया जायेगा। 

पत्रकारों की हत्या और उत्पीड़न के विरोध में नोएडा से दिल्ली तक पैदल मार्च, पुलिस ने रोका, सड़क पर धरना

देश भर में पत्रकारों की जघन्य हत्याओं और उत्पीड़न के खिलाफ नोएडा से निकला पत्रकारों का विरोध मार्च आईटीओ के पास प्रगति मैदान-मंडी हाउस से पहले तिलक ब्रिज चौराहे के पास दिल्ली पुलिस ने रोक लिया। विरोध में पत्रकार बीच चौराहे सड़क पर बैठ गए। लंबी हुज्जत नारेबाजी भाषणबाजी के बाद गिरफ्तार कर जंतर मंतर ले जाकर छोड़ दिए गए। तब जंतर मंतर से पहले सड़क जाम कर फिर धरने पर बैठ गए। दिल्ली पुलिस को इन जुझारू दिलेर पत्रकारों ने नाकों चने चबवा दिए। 

बुधवार को नोएडा से दिल्ली तक पैदल मार्च का नेतृत्व करते भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह और वरिष्ठ पत्रकार राजीव शर्मा

सीएम शिवराज और ‘आजतक’ संवाददाता राहुल करैया में गोपनीय मुलाक़ात, अक्षय की मौत पर संदेह गहराया

भोपाल : व्यापम की स्टोरी कवर करने दिल्ली से आए ‘आजतक’ चैनल के विशेष संवाददाता अक्षय सिंह की झाबुआ में संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के वक़्त इंदौर के ‘आजतक’ संवाददाता राहुल करैया भी उनके साथ थे। वे ही इस घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह भी हैं। आज (बुधवार) भोपाल में राहुल को मुख्यमंत्री हॉउस बुलाया गया, जहाँ उनके और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के बीच गोपनीय मुलाक़ात हुई! 

पुलिस बर्बरता और अपराधियों को संरक्षण दे रही यूपी सरकार – रिहाई मंच

 लखनऊ : रिहाई मंच ने बाराबंकी में पत्रकार की मां के साथ थाने में बलात्कार करने के प्रयास में विफल होने के बाद एसओ राय साहब यादव और एसआई अखिलेश राय द्वारा जिंदा जला दिए जाने की घटना को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बलात्कारी व अपराधी पुलिस अधिकारियों को खुला संरक्षण देने का नतीजा बताया है। मंच ने कानपुर में सपा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन कानपुर ग्रामीण का बोर्ड लगे मकान के अंदर सेक्स रैकेट के खुलासे और उसमें सपा नेता दीपक गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद सपा के मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और नेताओं के फार्म हाउसों तथा रिसार्ट पर छापा मारने की मांग की है।

थाने में महिला को जिंदा जलाने की घटना की हो सीबीआई जांच – आइपीएफ

लखनऊ : बाराबंकी के कोठी थाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्री नीतू को पुलिस द्वारा जिंदा जलाकर मार डालने की घटना पर आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) की प्रदेश अध्यक्ष प्रो0 कमर जहां ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। आइपीएफ अध्यक्ष ने महिला की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करते हुए उ0 प्र0 सरकार से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने और मृतक महिला के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। 

क्राइम रिपोर्टर का मोहताज़ बना प्रभात खबर

भागलपुर : बिहार के भागलपुर में प्रभात खबर में क्राइम रिपोर्टर की सीट सूनी हो गयी है। भास्कर की लॉन्चिंग से पत्रकारों की आवाजाही तो जारी थी ही, चर्चित क्राइम रिपोर्टर राकेश पुरोहितवार के भास्कर ज्वाइन करने के बाद प्रभात खबर में क्राइम रिपोर्टिंग के लिए कोई अन्य रिपोर्टर तैयार नहीं हो रहा है।

जागरण में जुनून को मिसाल बना दो, तभी मशाल रोशन होगी

दैनिक जागरण पत्र ही नहीं मित्र की भाषा को दरकिनार कर जिन कर्मचारियों की मेहनत, लगन, कर्मठता, ईमानदारी के बलबूते आसमान की ऊंचाइयों को हिंदी भाषा का सर्वाधिक पठनीय अखबार कहलाने का तमगा अपने पास सुरक्षित रखने में कामयाब रहने वाला, आज अपने कर्मचारियों को ध्वस्त करने की हरसंभव कोशिश कर रहा है। यही कर्मचारी दैनिक जागरण को अपना मित्र मानने की भूल पिछले 25 सालों से करते आ रहे हैं।

पत्रकारिता में ज्यादातर बड़े नाम वाले दिल के गंदे, दिमाग से कमीने!

एक भुग्तभोगी महिला पत्रकार की आपबीती : बहुत दिनों से दिल दिमाग परेशान है। करीब दो हफ्तों से। पहली नजर में आपको ये मेरी लाचारी या व्यक्तिगत मामला लग सकता है। बहुत आम बात भी लग सकती है क्योंकि समाज ऐसा ही है।  लेकिन ये बेचैनी, ये घुटन हर उस लड़की की हो सकती है, यशवंत जी, जो बिना किसी समझौते के अपने रास्ते बनाना चाहती है। ये सब लिखने से बहुत दिनों से खुद को रोक रही थी मगर आज नहीं लिख पाई तो शायद सो नहीं पाऊंगी।

राजस्थान : मजीठिया संघर्ष में कूदे कौंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स अध्यक्ष

राजस्थान में मजीठिया वेज बोर्ड के लिए संघर्ष कर रहे अखबारों के पत्रकारो के साथ कौंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स ने भी संघर्ष का ऐलान कर दिया है. जयपुर में मंगलवार को कौंसिल ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष और टीवी पत्रकार अनिल त्रिवेदी के नेतृत्व में पत्रकारो का प्रतिनिधिमंडल श्रम आयुक्त राजस्थान रजत मिश्रा से मिला और उन्हे 4 पेज का ज्ञापन सौंपा. 

बिल्डर की मनमानी पर गुस्सा फूटा, पुलिस और किसान आमने-सामने

मिर्जापुर (यूपी) : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान 62 और 70 पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए। 

मिर्जापुर में बिल्डर की मनमानी से गुस्सा किसान निर्माण स्थल की ओर कूंच करते हुए

व्यापमं : वामदलों का प्रदर्शन आज, किसी पर भरोसा नहीं, चौथे खम्भे को देंगे ज्ञापन

बादल सरोज : चार वामपंथी दलों के साझे आव्हान पर 8 जुलाई को व्यापमं के मुख्यालय पर एक प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन के जरिये जो मानें उठायी जाएंगी उनमे प्रदेश को मौतों की महामारी से बचाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के तत्काल इस्तीफा देने , मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने , एसआईटी और एसटीएफ की भी जांच कर यह पता लगाने कि उन्होंने कितने सबूत मिटाकर किन किन को बचाया है, शामिल हैं। 

दुनिया देखी तो समझ में आया, संघ का थॉट पूरा एक गोरखधंधा

मुझे संघ की थॉट प्रोसेस नापसन्द हैं। नापसन्द क्या मुझे वो सिस्टम वाहियात लगता है दरअसल। अब पूछेंगे क्यों? क्योंकि..मैं 10 साल संघ के सरस्वती शिशु मन्दिर से पासआउट हूँ। स्कूल से बाहर निकली और जब थोड़ी दुनिया देखी तो समझ आया कि वो तो पूरा एक गोरखधंधा है। कैसे? स्कूल छोटा था। अगर दोपहर की शिफ्ट के …

स्त्री विमर्श के बहाने….वाह रे मीडिया, तो तू इसलिए भांड कहलाता है !

कुछ दिनों पहले अमरीकी मीडिया सहित गॉसिप पिपासु अंतरराष्ट्रीय मीडिया को एक खास खबर हाथ लग गई। ऑलंपियन ब्रूस जेनर ने अपना लिंग परिवर्तन करा महिला होकर विश्व को दिखा दिया। ब्रूस जेनर कीपींग अप विद कर्देशियन रियलिटी धारावाहिक की सोशलाइट किम कर्देशियन के स्टेप पिता हैं। उनकी पत्नी क्रिस जेनर को तीन सितारा पुत्रियां – कर्टनी, किम और क्लोय हैं, जबकि उनके साथ उनकी दो पुत्रियां कायली, केंडल हैं। खास बात यह है कि बकौल ब्रूस यह निर्णय काफी कठिन था और वे बचपन से ही महिला बनना चाहते थे।विदेशी मीडिया उनके रोते – भावुक होकर कहानी कहने के इंटरव्यू लेने में जुट गया… मेरे मन में आया कि अगर ये बूढ़ऊ मेरे सामने पड़ जाए तो दो चप्पल की मारूं….. बूढ़ऊ, जिंदगी भर पूरे मजे लूट लेने के बाद तुझे सठिया उमर में यह करामात सूझी है। और कुछ नहीं बचा था?? करावाना था तो बाली उमर में ही क्यों न कराया, कईंयों का भला होता वहां,… पांच युवा पुत्रियों और एक पुत्र का पिता होकर अब नाना बनने के बाद तेरे ये खयालात उड़ने लगे…(मुझे शांत होना चाहिए क्योंकि ये मेरे व्यक्तिगत विचार हैं। आप के अलग हो सकते हैं)

पहले चित्र में ब्रूस जेनर लिंग परिवर्तन के बाद, दूसरे चित्र में अपनी बॉलोजिकल पुत्रियों के साथ 

पत्रकार की मां को फूंकने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन

बाराबंकी के कोठी थाने में पत्रकार की मां को जलाने के विरोध में पत्रकारों ने जिला पंचायत सभागार में बैठक कर आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जमकर गुस्से का इजहार किया। घटना की पुरजोर मजामत की और एक मिनट का मौन रखकर मृतक की आत्मशांति के लिए दुआ की। 

व्यापम घोटाले में एक बड़ा नाम भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी का भी!

सुधांशु त्रिवेदी का व्यापम घोटाले से क्या रिश्ता है? क्या टेलीविज़न पर अक्सर दिखने वाला बीजेपी का न भूलने वाला चेहरा सुधांशु त्रिवेदी, व्यापम घोटाले से किस प्रकार जुड़े है? क्या अभी सुधांशु त्रिवेदी व्यापम में बड़े पद पर नहीं थे?

कानपुर में पत्रकार को दो गोलियां मारी गईं, हालत गंभीर

कानपुर में एक पत्रकार को गोली मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

भोपाल हरिभूमि के संपादक बने प्रमोद भारद्वाज

भोपाल : शाम के लीडिंग अग्निबाण समाचार पत्र समूह में इंदौर के संपादक प्रमोद भारद्वाज ने चार साल की लंबी पारी के बाद इस्तीफा दे दिया है। वे चार महीने पहले ही पूरे ग्रुप की कमान संभालने के लिए भोपाल से इंदौर कॉरपोरेट आफिस भेजे गए थे। पर उनका मन नहीं रमा। वे सुबह के अखबार में वापसी चाहते थे। अग्निबाण को उन्होंने ही भोपाल में एक ब्रांड के रूप में स्थापित किया था।

व्यापमं घोटाले की सीबीआई जांच कराने को तैयार हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान, हाईकोर्ट से करेंगे सिफारिश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व्यापमं घोटाले की सीबीआई से जांच कराने का घोषणा कर दी है। प्रदेश सरकार इसके लिए हाईकोर्ट में सिफारिश करेगी। गत दिनो इसी घोटाले की कवरेज करने मध्य प्रदेश गए आज तक के रिपोर्टर अक्षय सिंह की संदिग्ध हालात मे जान चली गई थी। अब तक लगभग 46 लोग इस घोटाले के षड्यंत्रकारियों के खूनी कारनामों की भेट चढ़ चुके हैं। चौहान ने एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा कि मैं रातभर नहीं सोया और जागता रहा। उन्‍होंने कहा कि मेरा निवेदन है कि सीबीआई से जांच कराई जाए। उनका कहना है कि व्‍यापम घोटाले की सीबीआई जांच के लिए वो हाईकोर्ट से अपील करेंगे।

अक्षय पर बाय लाइन पाने की होड़ में व्यापमं और मीडिया का सच

जयदीप कर्णिक : मैं अक्षय सिंह को नहीं जानता। ऐसे ही मैं निर्भया, आरुषि और जेसिका लाल को भी नहीं जानता था। मैं तो तेजस्वी तेस्कर को भी नहीं जानता। इन सबमें क्या समानता है? और इस सबका राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म रंग दे बसंती से क्या लेना-देना है? अगर आपने फिल्म देखी है और पिछले दो दिन में अचानक व्यापमं घोटाले को मिली राष्ट्रव्यापी कवरेज को आप देख रहे हैं तो आप ख़ुद ही तार आपस में जोड़ लेंगे।

पुलिस द्वारा फूंकी गई पत्रकार की मां ने दम तोड़ा, मजिस्ट्रेटी जांच, सीमएम ने कहा- कड़ी कार्रवाई होगी

बाराबंकी :  एसओ और एसआई द्वारा जिंदा जलाने की कोशिश के दौरान घायल नीतू  (40) ने दम तोड़ दिया है। उसके पति को पुलिस ने किसी मामले में थाने में  बंद कर दिया था। वह पति को छुड़ाने कोठी थाने पहुंची थी। इसी दौरान एसओ राय सिंह यादव और एसआई अखिलेश ने उसे कमरे में बुलाया और रेप करने की कोशिश की। विरोध करने पर थाने में रखे मिट्टी का तेल उसपर उड़ेल दिया और आग लगा दी। आग से महिला करीब 86 फीसदी झुलस गई। उसे लखनऊ रेफर किया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।

अक्षय सिंह कांड : शिवराज सिंह, आप निष्कलंक हैं तो FBI टेस्ट आप के लिए आखिरी मौका

अक्षय मेरा कितना करीबी था, ये मुझे बताने कि ज़रुरत नही. मुझे कुछ लिखने की भी ज़रुरत नही है. कुछ सवाल मेरा अब हर समय पीछा कर रहे हैं ? इनका जवाब नहीं मिला तो खुद अपनी नज़र से गिर जाऊँगा ? अक्षय व्यापम घोटाले की खबर को स्पाई कैम से शूट करना चाहता था. मैंने उसे मना किया और कहा कि सारी स्टोरी ओपन कैमरे से शूट करो. साथ में कैमरा मैन लेकर जाओ. ओपन कैमरे पर अब तक मरे या मारे गये गवाहों के परिवार वालों की बाइट रिकॉर्ड करो. अदालतों से दस्तावेज़ निकलवाओ और उन्हें कैमरे पर शूट करो. घोटाले का सच बाहर आ जायेगा.

पत्रकार मुझसे यूपी की खराब कानून व्यवस्था की शिकायत करते हैं : राज्यपाल नाइक

अजय कुमार : उत्तर प्रदेश के 28 वें राज्यपाल राम नाईक को कार्यभार ग्रहण किए एक वर्ष हो चुका है। अब तक उनके कई फैसलों पर विवाद भी हो चुका है। वह कहते हैं, पत्रकारों ने भी मुझसे यूपी की बिगड़ी कानून व्यवस्था की शिकायत की है। मैंने भी कई बार मुख्यमंत्री से कानून व्यवस्था पर शिकायत की है। 

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक से बातचीत करते वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार

जब आईपीएस अमिताभ ठाकुर को आया एक मंत्री का फोन

अमिताभ ठाकुर : आज जब मुझे फोन पर एक व्यक्ति ने कहा कि आपसे यूपी के बेसिक शिक्षा मंत्री श्री राम गोविन्द चौधरी बात करना चाहते हैं तो मैं काफी अचंभित और कुछ परेशान हुआ क्योंकि अपने परिवर्तित स्वरुप और सामाजिक अवतार में अब मुझे सत्तानशीं किसी भी व्यक्ति का फोन नहीं आता है, चाहे वह नेता हों, अधिकारी हों या सत्ता के गलियारे का कोई अन्य शख्स. 

यूपी : इस वहशीपने का न जाने अंत कब होगा, दरोगा की करतूत पर पत्रकारों में रोष

बाराबंकी :  एक महिला ने एसओ और एसआई पर खुद को जिंदा जलाने का आरोप लगाया है। पीड़ित महिला नीतू  (40) का आरोप है कि उसके पति को पुलिस ने किसी मामले में थाने में  बंद कर दिया था। वह पति को छुड़ाने कोठी थाने पहुंची थी। इसी दौरान एसओ राय सिंह यादव और एसआई अखिलेश ने उसे कमरे में बुलाया और रेप करने की कोशिश की। विरोध करने पर थाने में रखे मिट्टी का तेल उसपर उड़ेल दिया और आग लगा दी। आग से महिला करीब 86 फीसदी झुलस गई है। उसे लखनऊ रेफर किया गया है। मामले में आरोपी एसओ और एसआई पर आईपीसी की धारा 342, 504, 506, 511 के तहत मुकदमा दर्द कर लिया है। दोनों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस जांच-पड़ताल में जुट गई है। वही कोठी के अमर उजाला के पत्रकार की माँ के सात हुई इस घटना की गांधी सभागार में पत्रकारों ने बैठक कर कड़े शब्दों में निंदा करते हुए तत्काल दरोगा की गिरफ़्तारी और चिकित्सा के लिए एक ज्ञापन जिलाधिकारी के ज़रिये मुख्यमंत्री को भेजा हैं।

सितारों की आँखों में सपने

आँखों में पल रहे सपनों ने  इन्हें चमक दी और ये सितारे बन गए, आज ये सितारे मां बाप की आँखों के तारे हैं …..और शायद आगे भी रहेंगे क्योंकि मां बाप तो आखिर मां बाप हैं …जी आपने सही पहचाना मै उन्हीं  सितारों की बात कर रहा जिन्होंने आई.ए.एस. की परीक्षा में टॉप कर अपने सपनों को एक आयाम देने की कोशिश में अपने घर परिवार और इलाके का नाम रोशन कर दिया…खास बात ये कि इस परीक्षा के टॉप फाइव में चार लड़कियां हैं।

मीडिया संस्थानों में चुपचाप चल रहा ‘व्यापम’ जैसा घिनौना खेल

इन दिनों देशभर में ‘व्यापम’ भर्ती घोटाले पर बवाल मचा है। ये घोटाला अपने नज़दीकी, रिश्तेदार या अयोग्य लोगों को धनबल के आधार पर सरकारी नौकरियों और मेडिकल-इंजीनियरिंग में प्रवेश दिलाने का है। घोटाले के उजागर होने के बाद से ही देशभर में मानो भूचाल आ गया है। ऐसे में मीडिया संस्थानों के आंतरिक भर्ती-भ्रष्टाचार पर कहावत याद आती है कि जिसके घर शीशे के होते हैं, पत्थरों से वैर नहीं पालता। बीते दिनों डीडी न्यूज़ में 10-12 पदों के लिए 500 से ज़्यादा अनुभवी पत्रकारों की भर्ती परीक्षा आयोजित की गयी थी, जिसके पैटर्न की सूचना प्रकाशित करना भी प्रसार भारती ने उचित नहीं समझा। राज्यसभा टीवी ने अयोग्य लोगों को भर्ती करने का अभियान जारी रखा हुआ है। इन भर्ती परीक्षाओं में ओएमआर शीट का इस्तेमाल न किये जाने, प्रश्नपत्रों की गोपनीयता संदिग्ध होने सहित कईं खामियां देखी गयीं जो व्यापम की तर्ज पर घोटाले की तरफ इशारा करती हैं। निजी मीडिया संस्थानों में तो और भी बुरे हाल हैं। ताज़ा मामला देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थान होने का दावा करने वाले ज़ी न्यूज़ समूह का है। आज तक, इण्डिया टीवी से लेकर एनडी टीवी और न्यूज़ नेशन से लेकर न्यूज़ 24 तक ऐसा कोई मीडिया संस्थान नहीं जो हायर एन्ड फायर का घिनौना खेल खेल कर हज़ारों होनहार पत्रकारों का भविष्य तबाह करने की इस दौड़ में शामिल न हो। 

भास्कर के बूढ़े एडिटर अपने इंतजाम में व्यस्त, रिपोर्टर मस्त, काम-काज ध्वस्त

दैनिक भास्कर के अजमेर संस्करण में पिछले कई महीनों से पत्रकारों की मौज हो रही है। इसका कारण बुजुर्ग संपादक रमेश अग्रवाल का दूसरे कामों में व्यस्त होना है। संपादक अग्रवाल ऐसे तो करीब दो साल पहले ही रिटायर हो चुके हैं, मगर वो अब एक्सटेंशन पर हैं। 

 

अगर हार्ट अटैक से मरे अक्षय सिंह तो मुंह से झाग क्यों निकला!

अपुष्ट जानकारी के अनुसार पोस्ट मार्टम में मौत का कारण ह्रदय गति का रुकना बताया गया है और यदि यही रिपोर्ट में निकला तो क्या कोई भी इस पर विश्वास करेगा ? हालांकि मैं मेडिकल का छात्र नहीं रहा हूं पर इतनी जानकारी है कि हार्ट अटैक में सीने में दर्द होता है बदन पसीने से नहा उठता है पर मुंह से झाग निकलता है, यह पहले नहीं सुना. सामान्यत: झाग जहर खुरानी से ही निकलता है…मैं जम्प नहीं कर रहा पर अंदेशा है कि कहीं कोई अत्यंत संवेदनशील जहरीला रसायन तो शरीर के किसी अंग पर नहीं लगा दिया गया था, जिसने समय के साथ, असर दिखाया ? सुनंदा पुष्कर की मौत इससे मिलती जुलती नहीं क्या ? कई चिकित्सक मित्र हैं, बताएं …कि क्या हुआ होगा…

अक्षय की मौत पर भी ब्रांडिंग का भूखा ‘आजतक’ शिवराज सरकार से सिर्फ बिचौलिये की भूमिका निभा रहा

युवा पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध हालात में हमेशा के लिए चले गए। लगभग 12-13 सालों से सहारा टीवी के वक्त से जानता था। आजतक चैनल अपने संवाददाता की मौत पर भी खबर परोस कर अपनी ही ब्रांडिंग करने में लगा है क्योंकि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस घटना के बाद चैनल शिवराज सरकार के मध्यस्थ की भूमिका में दिख रहा है। सबसे तेज नं0- 1 चैनल को इस घटना को सबसे बड़ी खबर बनाना चाहिये था और अक्षय की मौत को इत्तिफाक न मानते हुये इसके राज – रहस्य के उजागर करने की बात करनी चाहिये थी, केन्द्र-राज्य सरकार से लगातार सवाल पूछने चाहिये थे। 

‘भारतीय जुमला पार्टी’ का ‘शवराज’ हाय हाय : शीतल पी सिंह

मध्य प्रदेश में भारतीय जुमला पार्टी ने हर क़िस्म की सार्वजनिक राजनैतिक नैतिकता की धज्जियाँ उड़ा कर सत्ता क़ायम कर रक्खी है ।

विजय त्रिपाठी के वक्त में टेंशन के लिए तरसता रहा न्यूज रूम

Vivek Singh : देहरादून से विजय त्रिपाठी कानपुर चले गए और उनकी जगह कानपुर से हरीशचंद्र सिंह आ गए। विजय त्रिपाठी मेन स्ट्रीम मीडिया में मेरे पहले बॉस रहे पर मैं इंतजार ही करता रह गया कि कभी मुझसे बॉस की तरह पेश आएंगे। मुझसे क्या, वह किसी से भी कभी बॉस (जैसी बॉस की पारंपरिक छवि है) की तरह पेश आएं हों, याद नहीं आता। 

जागरण की खबर : इसे कहते हैं अनपढ़ पटवारी और बस्ता भारी

दोस्तो, रविवार सुबह ही जब दैनिक जागरण के रेवाड़ी संस्करण के पेज नंबर 3 पर इंसुलेटर फटने से छह घंटे गुल रही बिजली शीर्षक समाचार पढ़ा, तो वास्तव में लगा कि आज पत्रकारिता विषम दौर से गुजर रही है। जिन लोगों को खबर का बेसिक ज्ञान नहीं है, वे लोगों को ज्ञान बांटने का काम कर रहे हैं।

 

अजमेर ‘पत्रिका’ में अहंकारी संपादक का आतंक, दुखद रवैये से स्टॉफ परेशान

राजस्थान पत्रिका अजमेर में जब से उपेंद्र शर्मा को संपादक बनाया गया है, स्टाफ पर मुसीबत टूट पड़ी है। जूनियर रिपोर्टर से सीधे संपादक की कुर्सी पर बैठे उपेंद्र शर्मा किसी को कुछ नहीं समझ रहे। उनसे पहले यहां ज्ञानेश उपाध्याय जैसे धीर-गंभीर और विद्वान संपादक थे। उपाध्याय ने अपने छोटे से कार्यकाल में सभी को मान-सम्मान दिया। लेकिन उपेंद्र शर्मा तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। 

‘झा-झा गैंग’ बनाकर मलाई जीम रहे शिवपूजन, ‘जी पुरवैया’ चले या भाड़ में जाए

जी पुरवैया न्यूज़ में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शिवपूजन झा की  तानाशाही और मनमानी की वजह से एचआर की नौकरी गयी, वजह यह है की शिवपूजन झा यहाँ पर अपनी मर्जी से जो चाहे कर रहे थे। चाहे किसी की नौकरी हो या किसी का इन्क्रीमेंट या किसी का प्रमोशन तक, एचआर को झूठ सच बताकर करवाते रहे। आखिरकार जी मीडिया में बैठे उच्च अधिकारियों की नींद टूटी और जांच कर आनन फानन में कार्रवाई कर दी।

नई दुनिया के मालिक रहे अभय छजलानी खेल संगठनों के नाम पर कमा रहे किराया

मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में विभिन्न समाचार पत्रों को अनेक तरह से उपकृत किया था। इसी का एक उदाहरण है इंदौर के अपने समय के प्रतिष्ठित समाचार पत्र नईदुनिया के प्रधान संपादक रहे अभय छजलानी को बेशकीमती और पॉश इलाके रेसकोर्स रोड पर खेल संगठन बनाने के नाम पर उपकृत किया जाना। जानकारी के खेल गतिविधियों के नाम पर इंदौर के खेल संगठन सरकार से रियायती जमीनें लेकर उनका व्यावसायिक उपयोग करके अपनी जेब भर रहे हैं। 

आखिर क्यों मारे जा रहे पत्रकार

जी हां, बलातकार, दिनदहाड़े हत्या, घपले-घोटाले, अवैध खनन आदि घटनाओं को उजागर व आरोपी को जनता के सामने लाकर बेनकाब करना अगर गुनाह है तो कोई बात नहीं, लेकिन अगर सच है तो फिर इनकी बखिया उधेड़ने वाले पत्रकारों की क्यों सिलसिलेवार हत्याएं हो रही है। आखिर इसकी छानबीन क्यों नहीं हो पा रही है। आखिर क्यों इन घटनाओं में संलिप्तों के आरोपों की जांच में लगे आफिसरों की ही रिपोर्ट को सही मान लिया जाता है, जिसके बारे में जगजाहिर है कि वह अपने दोषी अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट देना तो दूर जुबा तक नहीं खोलेंगे, फिर इन्हीं भ्रष्ट अधिकारियों से क्यों दोषियों की जांच कराई जाती है 

सालभर से लापता पत्रकार को नहीं खोज पाई ‘मोदी के बनारस’ की पुलिस

वाराणसी : हैरत होती है कि सिस्टम कितना नाकारा हो चुका है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की पुलिस एक लापता पत्रकार को साल भर से खोज नहीं पाई है। 

घमंड में चूर बीजेपी महासचिव का शर्मनाक बयान, ‘पत्रकार-वत्रकार छोड़ो यार, अक्षय हमसे बड़ा पत्रकार था क्या!’

मध्यप्रदेश में पत्रकार अक्षय सिंह की रहस्यमय हालात में मौत संबंधी एक सवाल के जवाब में बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बेहूदगी भरा जवाब देते हुए कहा- ‘पत्रकार-वत्रकार छोड़ो यार। वो कोई हमसे भी बड़ा पत्रकार था क्या?’ इस हरकत भरी टिप्पणी पर इसलिए मीडिया में रोष है कि जिस समय विजयवर्गीय जब पत्रकार की मौत का मजाक बना रहे थे, प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी उनके साथ वहीं पर उपस्थित थे। बयान देने के बाद विजयवर्गीय पत्रकारों की हंसी उड़ाते हुए भी दिखे। जोर से ठहाका भी लगाया। 

एम्स में होगी पत्रकार अक्षय के विसरा की जांच, नतीजा गजेंद्र की जांच जैसा होने का अंदेशा

मध्य प्रदेश सरकार ने टीवी पत्रकार अक्षय सिंह के परिवार की उस मांग को मंजूर कर लिया है, जिसमें अक्षय के विसरा की जांच प्रदेश से बाहर कराने की मांग की थी। उनके विसरा नमूने की जांच भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और केन्द्रीय फॉरेंसिंक विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि इसी तरह पत्रकार गजेंद्र सिंह की जांच के बाद बताया गया था कि उन्होंने तो आत्महत्या की थी! कपटी सरकारें जो न कर डालें, कोई क्या कर लेगा। दोनो पत्रकारों की मौत की सीबीआई जांच कराने से दोनो भ्रष्ट सरकारों ने इनकार कर दिया है। सत्ता के साए में अपराधियों, माफिया तत्वों के गिरोह पल रहे हैं। उनके धन-जनबल से सत्ता हासिल करनी है तो तरफदारी पत्रकारों के लिए क्यों होगी। 

मजीठिया : चंडीगढ़ भास्कर श्रम विभाग को चकमा देने की तैयारी में

प्रिंट मीडिया मंडली में इस समय सबसे ज्यादा चर्चा किसकी है? यह सवाल इस मंडली से संबद्ध किसी भी सदस्य-कर्मचारी-कामगार  या फिर किसी बड़े ओहदेदार के समक्ष उछाल दीजिए तो वह छूटते ही बोल पड़ेगा- श्रम विभाग। जी हां, श्रम विभाग और उसके अफसर ही आजकल इस मंडली की चर्चा के केंद्र बिंदु हैं। यह मंडली छोटे-बड़े सभी तबके की अलग-अलग है। पत्रकार-गैर पत्रकार कर्मचारियों की मंडली श्रम महकमे की बाट इसलिए जोह रही है ताकि मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों के मद्देनजर रिपोर्ट वह उनके हक में सुप्रीम कोर्ट में पेश करे। मीडिया मालिकों-मैनेजमेंट की मंडली इस घात में है कि श्रम विभाग ऐसी रिपोर्ट सर्वोच्च अदालत के समक्ष रखे जिसमें दर्ज हो कि मैनेजमेंट ने कर्मचारियों की हर सुख-सुविधा का ख्याल हमेशा रखा है। उसे इतना वेतन देता है-दे रहा है-मिलता रहा है कि कर्मचारी निश्चिंत भाव से बेफिक्र होकर अपने आवंटित काम को अंजाम दे सकें और मैनेजमेंट से कोई गिला शिकवा न करें। 

खबर का खंडन छापने के बाद हिंदुस्तान के रिपोर्टर ने माफी भी मांगी

पाकुड़ (झारखण्ड): पाकुड़ में हिन्दुस्तान समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ कार्तिक कुमार रजक ने पहले तो गलत खबर छापी लेकिन, खबर गलत होने के बाद वकील द्वारा प्लीडर नोटिस मिलते ही रिपोर्टर महोदय ने न सिर्फ खबर का खंडन निकाला बल्कि हाथ से लिख कर माफ़ी भी मांगी ।

पत्रकारों पर पुलिस लाठी चार्ज, क्षुब्ध पत्रकारों और शिक्षकों ने धरना दिया

भबूआ, कैमूर : पिछले दिनो यहां जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों ने शव सदर अस्पताल के सामने रखकर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने जमकर लाठियां चलाईं । फोटो लेने के दौरान कई मीडिया कर्मियों पर भी लाठियां बरसीं। कई पत्रकार घायल हो गए। 

छत्तीसगढ़ में दैनिक नवभारत को अब हर महीने चाहिए 10 लाख

मजीठिया कानून के साथ ही सुप्रीम कोर्ट का मखौल उड़ाते हुए ‘नवभारत’ दैनिक समाचार पत्र ने छत्तीसगढ़ में अपनी बिलासपुर व रायपुर यूनिटों को 1 जुलाई से अलग कर दिया है. जिला  कार्यालयों में खासतौर पर ऐसे लोगो  को प्रमुख के तौर पर बिठाने की तलाश की जाती है, जो प्रेस की आड़ में अपन धँधा चलाते हैं, क्योंकि उगाही का काम केवल ऐसे लोग ही कर सकते हैं.

मनोज भावुक बने महुआ प्लस के क्रिएटिव कंसल्टेंट

मशहूर भोजपुरी राइटर और टीवी पत्रकार मनोज भावुक भोजपुरी के सबसे लोकप्रिय चैनल ‘महुआ प्लस’ के क्रिएटिव कंसल्टेंट बनाए गए हैं। 

कोर मीडिया और सोशल मीडिया में बेहतर तालमेल पर जोर

रायपुर (छत्तीसगढ़) : न्यू सर्किट हाउस में समन्वय संस्था की कार्यशाला में कोर मीडिया और सोशल मीडिया के बीच बेहतर तालमेल और दोनों में गुणात्मक सुधार पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समानांतर एक और मीडिया शैली का विकास पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुआ है। आम लोगों द्वारा संचालित इस नई मीडिया शैली को सोशल मीडिया कहा जाता है। बहुत से सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और पत्रकारों की राय है कि इन दोनों माध्यमों में यदि बेहतर समन्वय हो तो मीडिया और मजबूती के साथ समाज के लिए काम कर सकेगा।

आईआईसी के सेमिनार हॉल में एक यादगार शाम गुलजार

ये एक अनोखी शाम सिद्ध हुई. इसकी वजह ये थी कि हर विधा का दिग्गज आज शाम को साथ था. वरिष्ठ चित्रकार पद्मश्री एवं पद्म विभूषण कृष्ण खन्ना जी, अशोक बाजपेई जी, उदय प्रकाश जी, कथक नृत्यागंना और प्रणव दा की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी, फोटोग्राफर पार्थिव शाह, मीडिया जगत से प्रियदर्शन एवं शिवकेश मिश्र और इन सबसे बढ़कर प्रतिष्ठित ‘भरत नाट्यम’ नृत्यागंना और कर्नाटक संगीत पारंगत गीता चन्द्रन जी, जिनकी ना केवल प्रतिभाओं की बल्कि उनके बोलने, समझाने, तरीक़े-सलीक़े और हर एक अदा की मैं व्यक्तिगत रूप से मुरीद हूँ… सब एक ही मंच पर मौजूद रहे.

निगम बोध घाट पर अक्षय का अंतिम संस्कार, मौत की एसआईटी जांच कराएंगे एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान

दिल्ली में रविवार दोपहर निगमबोध घाट पर आजतक के रिपोर्टर अक्षय सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अक्षय सिंह को अंतिम विदाई देने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय माकन निगम बोध घाट पर पहुंचे। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मौत की SIT जांच का भरोसा दिया है। शिवराज ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार मामले की जांच में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। 

दिल्ली में रविवार दोपहर निगम बोध घाट पर पत्रकार अक्षय सिंह की अंत्येष्टि में शामिल होने पहुंचे राहुल गांधी, सीएम केजरीवाल, डिप्टी सीएम सिसौदिया

अक्षय सिंह की मौत पर वरिष्ठ पत्रकारों की त्वरित प्रतिक्रियाएं

आजतक के पत्रकार अक्षय सिंह की संदिग्ध हालात में हुई मौत पर देश के वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने अपने एफबी वाल पर त्वरित टिप्पणियां की हैं, इनमें दो वरिष्ठ पत्रकार आज तक से जुड़े रहे हैं। टिप्पणियां इस इस प्रकार हैं – आज तक से जुड़े रहे चर्चित पत्रकार दीपक शर्मा ने लिखा – स्टिंग …

सहारा वाराणसी के खिलाफ पीएफ का मामला भी उठा, जाँच के आदेश

मजीठिया वेज बोर्ड की माँग को लेकर जनवरी 2015 से सक्रिय राष्ट्रीय सहारा वाराणसी में कार्यरत चीफ़ रिपोर्टर सुभाष पाठक ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने के साथ ही अब स्थानीय श्रम कार्यालय में भी लिखित शिकायत की है। पाठक ने ऐसा मजीठिया वेज बोर्ड मामले की सुनवाई के दौरान 28 अप्रैल 2015 को जारी आदेश के मद्देनजर किया है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका में सहारा परिवार के मुखिया सुब्रत राय सहाराए जयब्रत राय एवं सुशांतो राय को पार्टी बनाया है । 

लेबर इंस्पेक्टरों को नहीं पता मजीठिया के हिसाब से सैलरी कैलकुलेशन का फार्मूला

मजीठिया वेज बोर्ड की जांच के लिए लेबर इंस्पेक्टरों को दिए गए सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद श्रम विभाग से बहुत अच्छे की उम्मीद नहीं की जा सकती। क्योंकि अधिकतर लेबर इंस्पेक्टर मजीठिया वेज बोर्ड की एबीसीडी से बाकीफ नहीं हैं और न ही उन्हें मजीठिया वेज बोर्ड के तहत वेतन की गणना करने का अनुभव व प्रशिक्षण दिया गया है। लिहाजा वे विवशता में आदेशों का पालन करने के लिए समाचार पत्रों की यूनिटों व कार्यालयों में तो जा रहे हैं, मगर वहां जाकर क्या करना है इस संबंध में उनके पास कोई गाइडलाइन नहीं है। हिमाचल प्रदेश के संबंध में तो ऐसा ही देखने को मिला है। बाकी प्रदेशों में भी शायद इससे अलग स्थिति नहीं होगी, क्योंकि केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है। 

अकादमिक संस्थानों में संघ के घुसपैठियों का विरोध, देशभर में ‘join The Question March’

भोपाल : यहां के संगठनों, नागरिकों, सांस्कृतिक-मीडियाकर्मी, विद्यार्थियों द्वारा पिछले दिनो भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान  “FTII” पुणे के समर्थन में “Join The Question March” का आयोजन किया। यह विरोध प्रदर्शन भोपाल के बोर्ड आफिस चैराहे पर हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।  गौरतलब है कि हाल ही में सरकार द्वारा भारतीय फिल्म …

जरा सुनो तो सर जी, हमे तो टीवी पर आने का चस्का है, मार ही डालोगे क्या !

हम पर कार्रवाई तो जरूर करें सर जी.. हम तैयार हैं, परन्तु ये तो बता दें कि 2011 के पीसीएस अंतिम परिणाम की संलग्न सूची में कुल चयनित 86 एसडीएम में 54 एक ही जाति के कैसे आ गए ? अनिल यादव पर करम और हम पर सितम, रहने दे अब थोडा सा धरम, सर जी ! हम तो सरकार के एक दीगर कारिन्दा है। हमें तो कभी भी कुचल सकते हो। चलो, हमे तो टीवी पर आने का चस्का है, मार ही डालोगे क्या। 

पेन ड्राइव की जांच पर क्यों घबरा रही शिवराज सरकार !

इंदौर : पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्विजय सिंह द्वारा जो पेन ड्राइव व्यापमं घोटाले के मद्देनजर सौंपी गई थी जिसमें सनसनीखेज खुलासे का दावा किया था उसका भूत एक बार फिर जाग गया है। हालांकि हाईकोर्ट पेन ड्राइव के तथ्यों को खारिज कर चुकी है, लेकिन कल सुनवाई के दौरान इस पेन ड्राइव को जांच के लिए एसटीएफ को सौंपे जाने के निर्णय का शासन की ओर से विरोध किया गया। यह दलील दी गई कि पेन ड्राइव की जांच होने से कानूनी पेंचिदगियां बढ़ेंगी। लिहाजा हाईकोर्ट ने इस पर अंतिम निर्णय 7 जुलाई को लेना तय किया है।

Musical evening “Sapne Surile Sapne “organized by Doordarshan

Come Sunday evening, and a generation of music lovers in Delhi will walk down memory lane, succumbing   to the nostalgia and magic of the legendary singer Mukesh (1923-1976). The walls of Siri Fort Auditorium, New Delhi will rebound with the best of the songs of Mukesh.  Delhi Doordarshan  is once again organising a tribute show in honour of  great  music legends of the past. The musical evening “Sapne Surile Sapne” in memory of Mukesh is being organised by Delhi Doordarshan in association with All India Radio and the Directorate of Film Festivals . 

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर को पत्रकारों की चिंता नहीं

भोपाल : वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने कहा है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्रकारों पर हो रहे हमले से चिंतित है और उनके मन में है कि पत्रकारों की सुरक्षा के लिये भी कानून बने। वहीं प्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने जबलपुर में कहा कि पत्रकार आम नागरिक है। गौर साहब भूल गये कि देश में पत्रकारों को चौथा स्तंभ कहा जाता है।

कर्मचारियों से निपटने के लिए दमन की रणनीति बनाने में जुटा जागरण प्रबंधन, कोई भी कार्रवाई भारी पड़ना भी तय

दैनिक जागरण नोएडा का प्रबंधन अब आंदोलन की धमक से सहम चुका है। अब वह बड़ी कार्रवाई पर मंत्रणा में मशगूल हो गया है। कर्मचारी बहादुरी से अपनी मांगों पर अटल रहते हुए पूरी तरह आरपार की लड़ाई के लिए कमर कस चुके हैं। ताजा सूचना ये मिल रही है कि जागरण मालिक और प्रबंधक अब संस्थान के आंदोलित पुराने कर्मचारियों को हटा कर नई भर्ती करने की योजना बना रहे हैं। नई भर्ती के लिए इंटरव्यू लिए जा रहे हैं। जो लोग यूनियन में शामिल हैं,  उनको हटाने की तैयारी की जा रही है। हालाँकि ये भी कहा जा रहा है की यह चर्चा यूनियन की एकता तोड़ने के लिए प्रबंधन द्वारा फैलाई जा रही है।

दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टियां बांधकर प्रबंधन की नीतियों का विरोध जताते कर्मचारी

मैक्सिको में दो और पत्रकारों की गोली मारकर हत्या

मैक्सिको : दक्षिणी मैक्सिको में रेडियो स्टेशन से बाहर निकलते समय एक पत्रकार को गोली मार दी गई, जबकि पूर्वी राज्य में दूसरे पत्रकार की हत्या कर दी गई।

यूपी में 12 आईपीएस और नौ पीपीएस अफसरों का स्थानांतरण

लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने 12 आईपीएस और नौ पीपीएस अफसरों के तबादले किए हैं. इनमें डीजी स्तर के छह आईपीएस अफसर और इतने ही एडीजी स्तर के आईपीएस अधिकारी शामिल हैं. ट्रांसफर किए गए वरिष्ठ आईपीएस अफसरों में दो नाम ऐसे भी शामिल हैं जिन्हें अभी दो दिन पहले तक प्रदेश के डीजीपी पद का दावेदार गिना जाता था. बरेली के एसपी सिटी राजीव मल्होत्रा को हटा दिया गया है लेकिन उनके स्थान पर उन्हीं समीर सौरभ को लाया गया है जिन्हें अभी कुछ समय पहले ही एसपी सिटी आगरा के पद से एक स्पा सेंटर की संचालिका से लाखों रूपये की वसूली के विवादास्पद मामले में हटाया गया था.

बुलंदशहर में सहारा के पत्रकार पर सपा नेता का हमला, नाक तोड़ी, सिर फोड़ा

बुलंदशहर (उ.प्र.) : यहां पिछले दिनों राष्ट्रीय सहारा के पत्रकार विपिन शर्मा पर सपा नेता ने अपने बेटों के साथ हमला कर उनकी लाठी-डंडों से पिटाई कर दी। उनका सिर फोड़ दिया। पत्रकार की नाक की हड्डी भी टूट गई। उनसे हमलावर 1.18 लाख रुपए और सोने की चेन भी लूट ले गए।

घाटे से जूझ रहे बीबीसी में होगी 1000 से अधिक कर्मियों की छुट्टी

इस समय घाटे से जूझ रहा बीबीसी (ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन) अपने एक हजार से अधिक कर्मचारियों की छंटनी करने वाला है। इसकी सुगबुगाहट से अंदर ही अंदर रोष की सूचनाएं हैं।

दरोगा के सताए पत्रकार तौसीफ पर तोहमतें जड़ने वालो, मदद नहीं कर रहे तो बदजुबानी भी मत करो

‘भड़ास4मीडिया’ पत्रकारों का एक ऐसा मंच है, जहां खुलकर अपनी बात खुलकर कहना पत्रकारों के लिए हर वक्त मुमकिन रहता है, जहां उनके दुख दर्द की बात समय समय पर की जाती रही है। इसके लिए विशुद्ध रूप से भाई यशवंत सिंह बधाई के पात्र हैं। प्रायः इसी मंच पर पत्रकारों के साथ होने वाले अत्याचार सामने आ पाते हैं। ऐसे में उम्मीद यही की जाती है कि हमारे पत्रकार साथी उचित मार्गदर्शन करते हुए अपने साथ के दुख को बांटने की कोशिश करेंगे। लेकिन इस बार मेरे कुछ साथियों का पत्रकार तौसीफ हाशमी के साथ हुए मामले पर कमेंट देखकर उनसे मुखातिब होने का मन कर रहा है। 

 

इंदौर प्रेस क्लब में अध्यक्ष-महासचिव भिड़े, एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहा रही ‘जय-वीरू’ की जोड़ी

इंदौर प्रेस क्लब में इन दिनों अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल और महासचिव अरविंद तिवारी के बीच जंग छिड़ गई है। कभी ये दोनों ‘शोले’ की जय और वीरू की जोड़ी की तरह साथ थे! आज ये एक-दूसरे को फूटी आँखों नहीं सुहाते! हफ्तेभर पहले अरविंद तिवारी कोर्ट के एक फैसले को आधार पर प्रवीण खारीवाल को अध्यक्ष पद से हटा दिया था! चार दिन पहले खारीवाल रजिस्ट्रार, फर्म एंड सोसायटी के जरिए इस फैसले के खिलाफ स्टे ले लिया और फिर अध्यक्ष बन गए! प्रवीण खारीवाल ने पद पर आते ही प्रेस क्लब महासचिव अरविंद तिवारी के विरुद्ध आरोप पत्र जारी किया और एक नई जंग का एलान कर दिया!

बनारस से ‘सौराष्ट्र भारत’ का प्रकाशन क्यों?

काशी, जिसे पत्रकारिता का गढ़ कहा जाता था और कहा जाता है, आज यहां छोटे अखबार जो सही मायने में पत्रकारिता के प्रति समर्पित हैं, शासन की उपेक्षा से अधिकांश मृतप्राय होते जा रहे हैं। जो गिनते के छोटे पत्र-पत्रिकाएं हैं, वे भी इस समय आर्थिक संकट से जूझ रही हैं। यही हाल छोटे व ग्रामीण पत्रकारों का है, जो शासन की उपेक्षा से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। शासन उनका उत्पीड़न भी कर रहा है। ऐसे एक दो उदाहरण नहीं, अब तो हजारों उदाहरण सामने हैं।

म.प्र. सरकार पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लाएगी : शिवराज

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा में कहा है कि पत्रकारों की अधिमान्यता अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर दो वर्ष की जायेगी । प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रोटेक्शन एक्ट लाया जाएगा। 

जागरण के जिंदा और हिन्दुस्तान-अमर उजाला के मुर्दा पत्रकार

दैनिक जागरण नोएडा में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन इन दिनों मीडिया कर्मियों के बीच सबसे बड़ी खबर है। जागरण कर्मियों ने जो तेवर, उत्साह प्रबंधन के दमनात्मक रवैये के खिलाफ दिखाया है, वह दर्शाता है कि वाकई जागरण के कर्मी जर्नलिस्ट हैं, अन्यथा हिंदी अखबारी मीडिया में हिंदुस्तान  अखबार के भड़ैत पत्रकार भी हैं, जिनकी शशि शेखर के आगे बोली नहीं निकलती। कमोबेश यही हाल अमर उजाला के भी ज्यादातर पत्रकारों का हैं, जो सिर्फ पेट पाल रहे हैं। 

वरिष्ठ पत्रकार एम जे अकबर बने भाजपा के राज्यसभा सांसद

रांची : झारखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए गुरुवार को हुए उपचुनाव में भाजपा के वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर ने भारी जीत हासिल की। उन्होंने विपक्षी झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी को 29 के मुकाबले 48 मतों से पराजित किया।

‘आउटलुक’ की महिला पत्रकार को धमकियां

हैदराबाद : ‘आउटलुक’ पत्रिका ने एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के खिलाफ कथित अपमानजनक और आपत्तिजनक आलेख से पैदा हुए विवाद के बाद अपने संवाददाता को धमकी मिलने के मद्देनजर अब पुलिस का रूख किया है।

नीलेश, राकेश, तुषार राय के बारे में सूचनाएं

नीलेश भगत और राकेश पुरोहितवार ने भागलपुर प्रभात खबर छोड़कर दैनिक भास्कर ज्वॉइन कर लिया है। राष्ट्रीय सहारा वाराणसी के चीफ फोटो जर्नलिस्ट तुषार राय अपनी नई पारी की शुरुआत बिहार के मुजफ्फरपुर से दैनिक भास्कर से शुरू करने जा रहे हैं। वहां भी चीफ फोटो जर्नलिस्ट का कार्यभार संभालेंगे। तुषार राय वाराणसी के सफल …

विभूति रस्तोगी बने राष्ट्रीय उजाला के दिल्ली ब्यूरो चीफ

दिल्ली से हाल ही में लांच हिन्दी अखबार राष्ट्रीय उजाला में वरिष्ठ पत्रकार विभूति कुमार रस्तोगी ने दिल्ली ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी नई पारी की शुरूआत की है। वह लगातार 11 सालों तक दैनिक जागरण दिल्ली में वरिष्ठ संवाददाता रहे हैं।

फोकस न्यूज़ नेशनल पर पहचान का संकट

लॉन्चिंग के बाद से ही जिंदल ग्रुप का फोकस न्यूज़ चैनल पहचान के संकट से गुज़र रहा है। चैनल पर भारी-भरकम खर्च और डिस्ट्रीब्यूशन पर पानी की तरह पैसा बहाए जाने के बाद भी ये चैनल टीआरपी में अपनी जगह नहीं बना पाया है। इस ग्रुप का एक चैनल फोकस हरियाणा जबरन तालाबंदी के चलते पहले ही विवादों में है। अब फोकस नेशनल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। संजीव श्रीवास्तव के  नेतृत्व में लांच हुआ ये चैनल पूरी तरह से घाटे में चल रहा है। चैनल के कार्यक्रमों के स्तरीय ना होने की वजह से चैनल टीआरपी में कहीं नहीं है। जिसके चलते विज्ञापनों का भी अभाव है। चैनल पर हर ब्रेक में जिंदल समूह का अपना निजी विज्ञापन ही चलता है।

हाउसिंग डॉट कॉम के सीईओ राहुल यादव बर्खास्त

रीयल्टी पोर्टल हाउसिंग डॉट कॉम के सीईओ राहुल यादव को बर्खास्त कर दिया गया है। निदेशक मंडल का कहना है कि उनका रवैया उनके पद की गरिमा के अनुकूल नहीं था। नियमित बोर्ड बैठक के बाद तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया है। 

मुस्लिम होना गुनाह है क्या?

विकिपीडिया पर जवाहर लाल नेहरू को मुस्लिम लिख देने से कांग्रेसी भड़के हुए नजर आ रहे हैं। हंगामे के चलते नेहरू-गांधी खानदान के अतीत को जानने की लोगों में एक बार फिर उत्सुकता नजर आ रही है, इसलिए इस खानदान के अतीत पर एक नजर डालते हैं। लोकप्रियता एक सीमा लांघ जाये, तो फिर लोकप्रिय व्यक्ति के जीवन में व्यक्तिगत कुछ नहीं रहता। जनता सब कुछ जानना चाहती है और अगर, जनता को सटीक जानकारी न दी जाये, तो तमाम तरह की भ्रांतियां जन्म ले लेती हैं। नेहरू-गांधी खानदान के संबंध में भी ऐसा ही कुछ है। इस खानदान के व्यक्तियों से जुड़ी घटनायें सार्वजनिक न होने से कई तरह की अफवाहें हमेशा उड़ती रहती हैं। चूँकि भारतीय राजनीति में यह खानदान आज़ादी के समय से ही महत्वपूर्ण भूमिका में रहा है और लगातार बना हुआ है, इसलिए अफवाहें भी लगातार बनी रहती हैं। अफवाहों के आधार पर एक वर्ग इस खानदान के व्यक्तियों को त्यागी और महापुरुष सिद्ध करता रहा है, तो दूसरा पक्ष ऐसी अफवाहें फैलाता रहता है, जिससे इस खानदान के व्यक्तियों का सम्मान क्षीण हो जाये।

कदाचारी पेड न्यूज ने भारतीय लोकतंत्र को सड़ा दिया, भारी भ्रष्टाचार

‘पेड न्यूज’ भारतीय मीडिया में एक ऐसी घटना है, जिसमें भुगतान के बदले में ‘अनुकूल’ लेख राजनीतिज्ञों , व्यवसायियों, मशहूर हस्तियों/दलालों/ललितमोदियों द्वारा प्रायोजित कराये जाते हैं| पी.साईनाथ के अनुसार “पेड न्यूज ” की घटना व्यक्तिगत पत्रकारों और मीडिया कंपनियों के भ्रष्टाचार से परे चली गयी है। अब यह अत्यन्त व्यापक व सुनियोजित प्रक्रिया है, जो भारत में लोकतंत्र को कमजोर करने पर उतारू है | चुनावो में ‘पेड न्यूज़’ एक व्यापक पैमाने पर होने वाला कदाचार है|

ललित मोदी ने एक और ट्वीट में मेरा ईमेल एड्रेस भी रेफरेंस में छाप दिया

ललित मोदी जिसको टच कर दें वो मशहूर ! मैं भी मशहूर होने ही वाला हूँ ! अपने एक ट्वीट में उन्होंने मेरे ई मेल Address को चिपका दिया है । आज उन्होंने दैनिक भाष्कर के पत्रकार शरद गुप्ता के बारे में शाम एक ट्वीट किया कि विवेक नागपाल पर एक स्टोरी छापने के जुर्म …

केजरीवाल ने किया विज्ञापन के बजट में कई गुना इजाफा

दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने विज्ञापन के बजट को कई गुना बढ़ाते हुए 526 करोड़ कर दिया है। टेलिविजन ऐड पर विवाद के बाद इन दिनों रेडियो पर केजरीवाल सरकार का 76 सेकंड का एक विज्ञापन भी चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ‘जो कहा, सो किया’ टैगलाइन के साथ यह विज्ञापन दिन भर में 40 बार चलता है।

जगमोहन को डीजीपी बनाना साम्प्रदायिक साजिश का हिस्सा – रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने फैजाबाद सांप्रदायिक हिंसा के दौरान अपनी जिम्मेदारी न निभाने के चलते पद से हटा दिए गए आईपीएस अधिकारी जगमोहन यादव को डीजीपी बनाए जाने को सूबे में सांप्रदायिक व जातीय हिंसा को बढ़ावा देने और आगामी पंचायत चुनावों में सपा के लंपट तत्वों की जीत सुनिश्चित करने की योजना का हिस्सा बताया है।

मजीठिया वेज बोर्ड आयोग से संबंधित सुनवाई कोटा में शुरू

कोटा (राजस्थान) : मजीठिया वेज बोर्ड आयोग से संबंधित सुनवाई कार्यक्रम बुधवार से यहां शुरू हो गई, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगी।

केरल विधानसभा में मीडिया पर हमले का विरोध

मीडिया और एक विधायक पर यूडीएफ के कार्यकर्ताओं की ओर से किए गए कथित हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ विपक्ष के सदस्यों ने केरल विधानसभा से बर्हिगमन किया। विपक्ष, मलयालम टीवी चैनल ‘रिपोर्टर’ के प्रमुख संपादक एम वी निकेश कुमार और केसीबी के विधायक के बी गणेश कुमार के पत्थनापुरम स्थित आवास पर हुए कथित हमले के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की अनुमति चाहता था। विधायक ने हाल ही में कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी यूडीएफ से अपने संबंध तोड़ लिए थे।

फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी की बीएसपी ने की शिकायत, सात पर रिपोर्ट

बहराइच (उ.प्र.) : फेसबुक पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणी लिखने पर पुलिस ने विपुल शाह सहित सात युवकों के खिलाफ आईटी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 153 बी , 295 ए के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। 20 जून को आरोपी के फेसबुक एकाउंट पर यह सामग्री पोस्ट की गई, जिसे छह अन्य युवकों ने पसंद किया या उस पर टिप्पणी की। 

दैनिक जागरण के कर्मचारी अब आरपार की लड़ाई के मूड में, काली पट्टियां बांधी, 17 को हड़ताल

दैनिक जागरण प्रबंधन की कर्मचारी विरोधी नीतियों, दंडात्मक कार्रवाइयों, मजीठिया वेतनमान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को न मानने आदि से नाराज कर्मचारी अब आमने सामने की लड़ाई में उतर चुके हैं। जागरण कर्मचारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक सीधे टकराव की लामबंदी के साथ नोएडा और दिल्ली में जागरण कर्मचारी आज पहली जुलाई को काली पट्टियां बांधकर काम कर रहे हैं। वह 17 जुलाई को 24 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। उसके बाद आगे के संघर्ष की रूपरेखा लागू की जाएगी। 

काली पट्टियां बांधकर दैनिक जागरण के नोएडा मुख्यालय पर आंदोलन की राह पर चल पड़े जुझारू कर्मचारी

अखबार के विज्ञापन पर बांग्लादेश में मचा बवाल, खेद जताना पड़ा

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘प्रोथोम आलो’ में छपे विज्ञापन पर बांग्लादेश में बवाल मच गया। अखबार को खेद जताना पड़ा। विज्ञापन में दिखाया गया था कि मुस्तफिजुर ने कप्तान एमएस धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे, शिखर धवन, आर. अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ियों को आधा गंजा कर दिया है। 

सहारा छोड़ रजनीश पहुंचे देहरादून ‘आइ-नेक्स्ट’

रजनीश तारा देहरादून आइ-नेक्स्ट के असिस्टेंट मैनेजर बनाए गए हैं। इससे पहले वह वर्ष 2009 से अब तक राष्ट्रीय सहारा देहरादून में रहे हैं। 

सत्ता का नया पाठ, राजनीति कीजिये नौकरी पाइए

75 के आंदोलन में छात्रों ने जेपी की पीछे खड़े होकर डिग्री गंवाई। नौकरी गंवाई। 89 के आंदोलन में वीपी के पीछे खड़े होकर छात्रों ने आरक्षण को डिग्री पर भारी पाया। सत्ता के गलियारे में जातिवाद की गूंज शुरु हुई। 2013 में सत्ता ने पहले अन्ना आंदोलन को हड़पा और फिर 2015 में सत्ता ने ही छात्रों को रोजगार का सियासी पाठ पढ़ाया। यानी पहली बार खुले तौर पर छात्रों को यह खुले संकेत दिये जा रहे है कि अगर वह राजनीतिक दलों से जुड़ते है तो सत्ता में आने के बाद छात्रो की डिग्री पर उनकी राजनीतिक सक्रियता भारी पड़ेगी। यानी जो छात्र राजनीति से दूर रहते है या सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देते हुये अच्छे नंबरो के लिये दिन रात एक किये होते है आने वाले वक्त में उसका कोई महत्व बचेगा नहीं।

मजीठिया की सिफारिशों के क्रियान्वयन के सम्बन्ध में एक जुलाई से जन-सुनवाई

जयपुुर : राज्य में श्रमजीवी पत्रकार एवं अन्य समाचार पत्रों के कर्मचारियों के लिए गठित मजीठिया वेजबोर्ड अवार्ड की सिफारिशों के क्रियान्वयन एवं वस्तुस्थिति की जानकारी के लिए एक जुलाई से जन सुनवाई कार्यक्रम चलाया जायेगा।

जनवरी तक एक दूसरे से अलग हो जाएंगे सीएनएन और टीवी 18 ब्राडकास्ट

मीडिया कंपनी टीवी 18 ब्राडकास्ट लि. और केबल न्यूज नेटवर्क इंक (सीएनएन) अगले साल जनवरी में अपना गठजोड़ समाप्त कर देंगे। अंग्रेजी समाचार चैनल सीएनएन आईबीएन के लिये 10 साल पुराना ब्रांड लाइसेंसिंग समझौता अगले साल जनवरी में समाप्त हो रहा है। दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान में कहा, ‘‘समझौता खत्म होने के बाद दोनों कंपनी दुनिया के सबसे गतिशील, जटिल और तेजी से बढ़ने वाले बाजारों में से एक बाजार में स्वतंत्र रूप से वृद्धि की रूपरेखा तैयार करेंगी.’’ बंबई शेयर बाजार को दी गई सूचना में अंग्रेजी समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन चलाने वाली टीवी 18 ब्रॉडकास्ट ने कहा कि सीएनएन और वह ‘‘सीएनएन ब्रांड और सीएनएन समाचार सामग्री के इस्तेमाल के लिये दस साल पुराने ब्रांड लाइसेंसिंग और समाचार सेवा व्यवस्था के समझौते को जनवरी 2016 में सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं.’’

गिद्धों से घिरे वक्त में अब आ रही सोशल मीडिया के मोरचे पर डटे पत्रकारों की परीक्षा की घड़ी

हर आरोप जो केजरीवाल पर सुबह टी वी और सोशल मीडिया पर चेपा जाता है शाम होते होते दम तोड़ देता है या बैताल की तरह पुन: उलटकर बीजेपी कांग्रेस पर चिपक जाता है । कल सुबह सुर्ख़ियों में था कि केजरीवाल के मुख्यमंत्री आवास का दो महीने का बिल एक लाख से कुछ ज़्यादा आया है, मामला चटपटा था और प्रथम दृष्टिया “आपियन्स” को बेचैन करने वाला था ।

शुक्रवार को Indian express भी उद्योगपति अंबानी का हो जाएगा!

मीडिया के भी अच्छे दिन आ रहे। हम आलोचनाएं कर रहे और वे सरकारी खजाने सोखकर अपना काम करने में लगे हुए हैं। वरिष्ठ पत्रकार शीतल पी सिंह ने अपने एफबी वॉल पर सूचना दी है कि Indian express भी शुक्रवार को अंबानी का हो जायेगा। 

डेढ़ साल पहले लांच हुआ जिंदल का चैनल ‘फोकस हरियाणा’ बंद, मीडिया कर्मियों ने विरोध जताया

नोएडा : आखिरकार, हरियाणा का एक और चैनल तालाबंदी का शिकार हो गया है। उद्योगपति एवं कांग्रेसी नवीन जिंदल के ‘फोकस हरियाणा’ पर ताला लटक गया है। कल से यह चैनल ऑफ एयर हो गया है। इसके बाद चैनल के कर्मी स्टूडियो में विरोध पर बैठ गए। बिना पूर्व सूचना के नोटिस दिए बगैर काम काज बंद कर दिए जाने से कर्मियों में भारी रोष है।  

चैनल में तालाबंदी के खिलाफ स्टूडियो में जमा होकर विरोध जताते मीडिया कर्मी

गोविंद ठाकरे जबलपुर पात्रिका के संपादक बने

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पत्रिका में कार्यरत सिटी चीफ गोविंद ठाकरे को जबलपुर पत्रिका का स्थानीय संपादक नियुक्त किया गया है। वे पत्रिका में पिछले पांच सालों से कार्यरत हैं। 

‘नेट न्यूट्रीलिटी’ का अनसुलझा सवाल

संचार माध्यमों के विस्तार के साथ ही इंटरनेट ने एक ऐसी दुनिया क्रिएट की, जिसके चलते विश्व-ग्राम की अवधारणा की स्थापना हुई। बहुसंख्या में आज भी लोग इंटरनेट फ्रेंडली भले ही न हुए हों लेकिन ज्यादातर काम इंटरनेट के माध्यम से होने लगा है। बाजार ने जब देखा कि इंटरनेट के बिना अब समाज का काम नहीं चलना है तो उसने अपने पंजे फैलाना आरंभ कर दिया और अपनी मनमर्जी से इंटरनेट यूजर्स के लिए दरें तय कर दीं। 

इटारसी रेल अग्निकाण्ड : जरा सी चूक, हजारों करोड़ स्वाहा

रेल्वे सेफ्टी महकमा और जबलपुर जोन कार्यालय के बीच तालमेल की कमी के चलते लगभग उम्र पूरी कर चुके जले आरआरआई सिस्टम की जगह लेने पहले से तैयार नए आपग्रेडेड सिस्टम को ट्रायल की मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। अब तक 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। केवल पहले 14 दिनों में 600 से ज्यादा पैसेन्जर ट्रेन कैंसल हो चुकी हैं और 350 से ज्यादा के रूट डायवर्ट कर दिए गए हैं। रेल परिचालन को सामान्य करने में 35 दिन लगेंगे और इसकी समय सीमा 22 जुलाई तय की गई है।

न्यूज चैनल के खिलाफ कुमार विश्वास ने लिखाई रिपोर्ट

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने सोमवार को पटेल नगर पुलिस थाने में एक चैनल के मालिक, संपादक और एंकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि उनकी छवि खराब करने के लिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

दिल्ली की पत्रकार निरुपमा पाठक की मौत मामले में प्रियभांशु रंजन बरी

रांची : पत्रकार निरुपमा पाठक मौत मामले में कोडरमा की निचली अदालत ने उसके कथित प्रेमी प्रियभांशु रंजन को बरी कर दिया है।

पत्रकार जगेन्द्र की मौत की जांच रिपोर्ट जल्द, दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी : अखिलेश

समाजवादी पार्टी का युवा चेहरा अखिलेश यादव दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव पार्टी अखिलेश को आगे करके ही लड़ने का मन बना रही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। उनके मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार-दबंगई के आरोप लग रहे हैं। इन मुद्दों पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार …

मजीठिया की राह के दुश्मनों को हर मोर्चे पर शिकस्त दो, अखबार मालिकों की करतूतें उजागर करो

साथियों, हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं है। हम सभी इस शक्तिशाली तंत्र से लड़ रहे हैं। हमारे मन में अन्याय के प्रति आक्रोश तो हो लेकिन ऐसे कोई विचार लिखित रूप में व्यक्त न करें जो उनके लिए हमारे खिलाफ सबूत बने। हम सब फ़िलहाल कानूनी जंग लड़ रहे हैं सशस्त्र लड़ाई नहीं। आप सभी से अनुरोध है कि मजीठिया की राह के दुश्मनों को हर उस मोर्चे पर शिकस्त दें जो उनकी ताकत है।

पत्रिका के पत्रकारों के साथ और अधिक कठोर हुए गुलाब कोठारी

राजस्थान पत्रिका के मालिक गुलाब कोठारी का रवैया अपने ही स्टॉफ के प्रति दिनोदिन और अधिक कठोर होता जा रहा है। अपने खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में अवमानना के छह मामलों का सामना करने के बावजूद उनके रुख में मामूली सा भी बदलाव आने की बजाए मजीठिया मामले पर अवाज उठाने वालों के साथ उनकी सख्ती बढ़ती …

कुमार अविनाश, तुम चले गए, तुम्हारे पीछे-पीछे अभी और आएंगे!

डीडी न्यूज के बुलेटिन एडिटर कुमार अविनाश की शनिवार रात अचानक मौत हो गई। उम्र यही कोई 34 साल और मृत्यु की वजह हार्ट अटैक। पीछे रह गए दो छोटे-छोटे बच्चे, पत्नी और अन्य परिजन। पिछले कुछ दिनों से बेचैनी महसूस कर रहे थे, एक हाथ में दर्द था, बार-बार डॉक्टर के पास चलने के लिए रिपोर्टर्स से आग्रह भी किया, एक दिन दिखाने गए तो सरकारी अस्पतालों में हड़ताल थी। आखिरकार अल्पायु में ही काल ने उनको ग्रस लिया। 

गाजियाबाद में एसओ ने पत्रकार का कैमरा छीना, मारापीटा, पीएम और सीएम से कार्रवाई की फरियाद

‘सतर्क दृष्टि’ के संपादक तौसीफ हाशमी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री, गाजियाबाद के एसएसपी, डीआईजी मेरठ जोन, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, मानवाधिकार आयोग, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया एवं गृह मंत्रालय भारत सरकार को प्रेषित पत्र में एक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए पर्दाफाश किया है कि किस तरह पुलिस देह व्यापार को संरक्षण दे रही है। उन्होंने विजयनगर क्षेत्र (गाजियाबाद) में मुस्लिम नाबालिग लड़की को बेचे जाने के आरोपों की जांच करा कर विजयनगर थाने के एसओ व अन्य पुलिसकर्मियों या दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रोते क्यों हो दुनिया के पहरेदारों

भारत में कुछ स्वयंभू हितैषी और संगठनों को छोड़ दें, तो ना तो पत्रकारों का कोई अधिकृत संगठन है और ना ही उनके हितों की रक्षा करने वाली कोई संस्था। लेकिन पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाने वाली अमेरिकी संस्था कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट ने पिछले दिनों एक सूची जारी की थी। इसमें उन देशों को शामिल किया गया है जहां हाल फिलहाल में या तो पत्रकारों पर हमले बढ़ गए हैं या नियमित होते रहते हैं। सूची में शामिल पहले 15 देशों में भारत भी मौजूद है। भारत 11वें स्थान पर है। जबकि पहले भारत 14वें स्थान पर था। इससे साफ जाहिर हो जाता है कि भारत में पत्रकारों पर हमले बढ़े हैं। ये बेहद अफसोसनाक स्थिति है। जो मीडिया, देश-दुनिया का ठेका लिए बैठा है, खुद वो असुरक्षित होते जा रहा है। मीडिया में काम करने वालों में हमेशा असुरक्षा की भावना बनी रह रही है।

ऐसे तो धुलने से रहा व्यापमं का पाप

मन कसैला सा हो गया है व्यापमं मामले में सरकार का चरित्र देखकर। किस प्रदेश के निवासी हैं हम। लाखों गरीब, योग्य मासूम बच्चों का भविष्य बर्बाद कर दिया गया नोटों की खातिर। जो आरोपी बनाये गये हैं उनमें से भी कितने गुनहगार हैं कितने बेगुनाह कोई हिसाब नहीं। दीनहीन सा मुंह लिये सरकार के लोग कहते हैं किसी जांच की जरूरत नहीं। और सूबे के मुखिया ने मौन धारण किया हुआ है। उनकी नजर में सब विपक्षियों की चाल है। सारे सबूत सारे दस्तावेज….. जय हो मामाजी की हद हो गई ये तो। अगर व्यापमं मामले के आरोपियों और गवाहों की मौत की ही बात करें तो इसके भी सही—सही आंकडे नहीं हैं।

अविनाश : डीडी न्यूज़ अफसरों के तो घड़ियाली आंसू भी सूखे

सोमवार 4.30 बजे डीडी न्यूज़ की चौथी मंजिल पर कमरा संख्या 227 में दूरदर्शन समाचार के स्पेशल सेल में कार्यरत कुमार अविनाश की शनिवार 27 जून 2015 की रात हुई अचानक मौत पर शोक सभा का आयोजन किया गया था। ऑफिस के सभी अनुबंधित कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित हुए। डीडी न्यूज़ के निदेशक सतीश नम्बूंदरीपाद ने शोक सभा का आरंभ करते हुए दो मिनट का मौन धारण कराया। दो मिनट के मौनधारण के दौरान खडे अवस्था में ही कुछ बिन बोले सभी अधिकारी चलते बने। सभी उपस्थित अनुबंधित कर्मचारी अधिकारियों के इस रवैये से अवाक रह गए और एक सुर में उनका विरोध शुरु हो गया। 

संविधान के मौलिक अधिकारों का वजूद खतरे में, कसौटी पर नाकारा यूपी सरकार

अभी तक तो यूपी सरकार की किरकिरी कराने वाले चाचा जान ने कल्वे जव्वाद पर हमला बंद  भी नहीं किया था कि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राम मूर्ति वर्मा का पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड में नामजद होना यूपी सरकार के लिए एक चिंता का सवाल बन गया है । सरकार पत्रकार हत्याकांड में नामजद मंत्री पर कत्तई एक्शन न लेने के मूड में है । अगर नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आकड़ों पर गौर किया जाय तो प्रतिवर्ष जितने पत्रकारों के देश भर में उत्पीड़न के मामले  प्रकाश में आते हैं, उसके 72 % मामले अकेले यूपी के होते हैं, जो राज्य के वजीर ए आलम अखिलेश के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा करते हैं। क्या अखिलेश के अंदर शासन व सत्ता को सुचारु रूप से चल़ाने का म़ाद्दा खत्म हो चुका है? क्या युवा शक्ति के आकलन में कोई सेंध है?

कोरबा : मजीठिया मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फरमान बना मखौल

कोरबा जिले (म.प्र.) के सहायक श्रम आयुक्त ने सूचना के अधिकारी के तहत मांगी गई जानकारी में साफ़ तौर पर ये बात कही है कि 29 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश के तहत उन्हें अब तक कोई निर्देश राज्य शासन अथवा कहीं और से भी प्राप्त नहीं हुआ है। उनके अनुसार, जिन समाचार पत्रों का प्रकाशन जिले में होता है, केवल उन्हीं के विरुद्ध जिला कार्यालय से कार्यवाही संभव है। मतलब कि शाम के पेपर, जो जिले में ही छपते हैं।

‘अच्छे दिन’ आयो रे ! ट्रेनों के गंदे बॉथरूम में आम आदमी का सफ़र

भारतीय ट्रेनों में भीड़ के चित्र पहले भी देखने में आते रहे हैं लेकिन पटरियों के ऊपर से गुजरी विद्युत लाइन ने इस भीड़ की तस्वीर में परिवर्तन कर दिया है। तस्वीर बदली है लेकिन हालत सुधरने के बजाय और बदतर ही हुई है और जो इंतजाम न होने से लाजमी भी है। लेकिन मसला यह भी है कि अब वह भीड़ छतों पर नहीं दिखती। 

जब मासूम बेटे ने दी अपने पत्रकार पिता धीरज पांडेय को मुखाग्नि, डूब मरे अमर उजाला प्रबंधन

तारीख 28 जून। ग्राम-पयासे। जिला महराजगंज। स्थान दिवंगत पत्रकार धीरज पांडेय का घर। बाहर अपने हमउम्र बच्चों के साथ खेलता धीरज का बेटा। कभी घर के अंदर, कभी बाहर। धीरज के पिताजी तख्त पर लेटे हुए। हाथ में प्लास्टर, ठुड्ढी पर टांका। एक भौंह पर लगभग ठीक हो चुका घाव। कैंसर वाले जीव तो अंदर कहीं पैबस्त हैं। अब क्या दु:ख दे पाएंगे। जवान बेटे की मौत से ज्यादा असह्य पीड़ा और क्या हो सकती है।  

अपने पत्रकार पिता धीरज पांडेय के शव को मुखाग्नि देता उनका मासूम पुत्र

दैनिक जागरण मेरठ में भगदड़, कई गए, कई जाने को तैयार, भ्रष्टाचार में डूबे चापलूसों की चांदी

मेरठ दैनिक जागरण इन दिनों अस्‍थिरता और संक्रमणकाल से गुजर रहा है। हालात ऐसे बन पड़े हैं कि काम करने वाले गंभीर पत्रकार जागरण मेरठ को नमस्‍ते करने को मजबूर हैं। जहां कई संजीदा पत्रकार जागरण को अलविदा कह चुके हैं, वहीं कई नए-पुराने काबिल कर्मचारी भी यही राह पकड़ने की असमंजस में हैं। मालिकान और उनके शीर्ष सहयोगियों की अयोग्यता अब यहां के मीडिया कर्मियों के सिर चढ़ कर बोलने लगी है। भ्रष्ट चापलूसों से ज्यादातर कर्मी आजिज आने लगे हैं। 

सीनियरों को पांच लाख न देने पर रिपोर्टर को लॉकअप में रखा, सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगा जेल भेजवाया

सहरसा : वर्षों से दैनिक जागरण में सहरसा से रिपोर्टिंग करते रहे पत्रकार संजय साह का कसूर इतना था कि वह गलत तरिके से धन उगाही कर अपने सीनियरों की तीमारदारी नहीं कर पाते थे। उन्हें सैक्स रैकेट चलाने के आरोप में जेल भेज दिया गया।