जस्टिस काटजू और टाइम्स ऑफ इंडिया को कोर्ट का नोटिस

इलाहाबाद की जिला अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कण्डेय काटजू के खिलाफ क्रिमिनल केस की अर्जी मंजूर करते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। गाय के मांस संबंधी काटजू के बयान पर जस्टिस काटजू जवाब मांगते हुए कोर्ट ने टाइम्स ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी कर दिया है, क्योंकि उसने खबर प्रकाशित की थी। 

पुलिसकर्मी ने अपने पैंट की जीप खोल पत्रकार को जलील किया

केरल : यहां के एक पत्रकार से अभद्रता कर रहे पुलिस कर्मी ने अपने पैंट की ज़िप खोल दी. मीडिया में मामला सुर्खियों में आने पर पता चला कि पुलिसकर्मी एक्सिडेंट के बाद एक व्यक्ति को पीट रहे थे। पत्रकार मोहम्मद रफी ने उसे अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस पुलिस वाले आग बबूला हो गए। 

सीएम शिवराज ने किया ‘सुबह सवेरे’ के नव-कलेवर अंक का विमोचन

भोपाल : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को भोपाल में दैनिक ‘सुबह सवेरे’ के नव-कलेवर अंक का विमोचन किया। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कुछ सनसनीखेज बनाने की होड़ में रचनात्मक और सकारात्मक पत्रकारिता कहीं पीछे छूट गई है। जबकि रचनात्‍मक और सकारात्‍मक पत्रकारिता के माध्यम से ही देश, प्रदेश और समाज की सेवा की जा सकती है।

‘सुबह सवेरे’ के नव-कलेवर अंक का विमोचन करते मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह एवं अन्य

सेक्स रैकेट में पत्रकारों के लिप्त होने की जांच कराएंगे एसएसपी

रविवार को ग्रेटर नोएडा के चाई सेक्टर में चल रहे सेक्स रैकेट मामले में पुलिस और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के कुछ पत्रकारों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जिन दो इलेकट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों का नाम लिया जा रहा है, दलालों द्वारा दी गयी पूरी बाइट में कहीं भी उन पत्रकारों के रैकेट में शामिल होने की पुष्टि नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई गाइड लाइंस के अनुसार पुलिस कभी भी किसी आरोपी की बाइट थाने में नहीं कराती, फिर भी पुलिस ने उनकी बाइट करायी, जिसमें पत्रकारों द्वारा बार-बार पूछे जाने पर भी दलालों ने पत्रकारों द्वारा संरक्षण की बात कहीं नहीं बोली। उसके बावजूद पुलिस ने दो इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के नाम फर्द में डाल दिये। जबकि पुलिस को पहले जांच करनी चाहिए थी। 

आलोचना की संस्कृति खतरे में है : प्रो.मैनेजर पाण्डेय

लखनऊ : आज के भारत में लोकतंत्र और आलोचना की संस्कृति – यह विषय था लखनऊ में जन संस्कृति मंच के तत्वाधान में आयोजित संगोष्ठी का। अध्यक्षता की वरिष्ठ लेखक रवींद्र वर्मा ने। मुख्य वक्ता थे -वरिष्ठ आलोचक प्रो.मैनेजर पाण्डेय। प्रो.पाण्डेय ने इंगित किया कि पश्चिम में डेमोस अर्थात जनसाधारण शब्द का प्रयोग होता है। अब्राहम लिंकन ने कहा था जनता का शासन, जनता द्वारा और जनता के लिए। हमारे देश में केंद्र में सरकार है और अनेक राज्यों की सरकारें हैं। मालूम नहीं चलता कि कौन सी सरकार है जनता के लिए और जनता द्वारा? यहां पूंजीतंत्र है – अंबानी और अडानी का तंत्र है। दबंगों का राज्य है। वही नेता हैं, वही विधायक हैं। वही कानून बनाते हैं और खुद को कानून से ऊपर रखते हैं। 

लखनऊ में जनसंस्कृति मंच की संगोष्ठी को सम्बोधित करते प्रो.मैनेजर पांडेय

एसपी बिजनौर ने पहले तो विकलांग को थप्पड़ मारा, फिर रात के अंधेरे में हाथ जोड़कर माफी मांगी

बिजनौर :  जिले के एसपी गुंडा-माफिया तत्वों और राजनेताओं से तो डरते हैं, विकलांगों को बहादुरी दिखाते हैं, जो खुद ही मुकद्दर के मारे हुए हैं। एसपी ने वर्दी के जुनून में एक विकलांग को थप्पड़ तो जड़ दिया मगर जब पेंशन और राशन कार्ड मांगने पहुंच सभी विकलांग आमरण अनशन पर बैठक गए तो देर रात डीएम के साथ वहां पहुंचकर रात के अंधेरे में हाथ जोड़कर माफी मांग ली। 

जागरण के ‘रेडियो सिटी’ के खिलाफ टीवी टुडे का सौ करोड़ मानहानि का दावा

टीवी टुडे नेटवर्क ने अपने सलाहकार संपादक राजदीप सरदेसाई पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने मुंबई हाईकोर्ट में दैनिक जागरण के एफएम स्‍टेशन ‘रेडियो सिटी’ के खिलाफ 100 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया है। मुंबई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम पटेल की पीठ में विचाराधीन मामले पर तात्कालिक निर्देश दिया गया है कि ‘रेडियो सिटी’ प्रबंधन उस टिप्पणी का दोबारा प्रसारण न करे। मामले पर 11 अगस्त को अंतिम सुनवाई होनी है। अदालत ने रेडियो सिटी को 28 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। 

पत्रकार आयोग के गठन पर विचार करेगी बिहार सरकार

विक्रमगंज (रोहतास) : पत्रकारों की मांग पर बिहार सरकार ने नियमावली में संशोधन कर, पत्रकार आयोग के गठन और कैशलेस मेडिक्लेम दुर्घटना बीमा योजना लागू करने सहित 18 सूत्री मांगों को संज्ञान लिया है। बिहार वर्किंग जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संयोजक एवं वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेश किशोर तिवारी ने बताया कि सरकार के संज्ञान लेने से आंचलिक पत्रकारों में हर्ष व्याप्त है। –

मीडिया का दमन करने की कोशिश, केंद्रीय गृह मंत्रालय में अब पत्रकारों के प्रवेश पर पाबंदी

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रवक्ता को छोड़कर अपने दूसरे अधिकारियों से पत्रकारों के मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब मीडिया तक सूचनाएं पहुंचाने के दिशानिर्देश तय किए गए हैं. पत्रकारों ने विरोध जताते हुए कहा है कि यह मीडिया का दमन करने की कोशिश है.

यादव सिंह पीआईएल आदेश : आईटी छापा ‘मेकॉन-यादवसिंह’ ग्रुप पर था – हाईकोर्ट

लखनऊ : इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच में चीफ जस्टिस डॉ डी वाई चंद्रचूड और जस्टिस एस एन शुक्ला की बेंच द्वारा एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर की यादव सिंह के खिलाफ दायर पीआईएल के पारित आदेश से स्पष्ट होता है कि यादव सिंह के घर पर 27 और 28 नवम्बर 2014 का आयकर छापा मेकॉन-यादव सिंह ग्रुप पर हो रहे ओपरेशन का हिस्सा था.

 

लंदन के विश्व विख्यात अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को जापानी मीडिया ग्रुप ‘निक्की’ ने आठ हजार करोड़ में खरीदा

लंदन : आखिरकार, ब्रिटेन के 171 साल पुराने पब्लिशिंग हाउस पियर्सन के विश्व विख्यात अखबार फाइनेंशियल टाइम्स को जापानी मीडिया ग्रुप ‘निक्की’ ने 1.3 बिलियन डॉलर (8212 करोड़ रुपए) में खरीद लिया। इस डील में एफटी ग्रुप के ‘द इकोनॉमिस्ट’ मैगजीन या थेम्स नदी के किनारे बने लंदन हेडक्वार्टर्स के 50 परसेंट स्टैक साझा नहीं। निक्की ग्रुप के सीईओ और चेयरमैन सुनिओ किटा ने कहा कि हम फाइनेंशियल टाइम्स को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं। 

राघवेंद्र हत्याकांड : गूंजा भड़ास, मुंबई के पत्रकारों ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर प्रशासन की बोलती बंद की

यशवंत भाई,

सहयोग के लिए आपका आभार. जिस पत्रकार की हत्या से मुंबई के मठाधीश बन बैठे पत्रकारों का दिल नहीं पसीजा, वहीं आंदोलन की ख़बर को प्रधानता देकर आपने इस आवाज़ को गली से निकाल कर दिल्ली तक पहुंचा दिया. आपके और हमारे अन्य पत्रकार भाइयों के समर्थन ने पत्रकार राघवेंद्र दूबे की आत्मा को सच्ची श्रद्धांजलि देने में मदद की है.

मुंबई में जर्नलिस्ट एक्शन कमेटी के झंडे तले मुंह पर काली पट्टी बांधकर राघवेंद्र दूबे हत्याकांड के खिलाफ मौन विरोध करते पत्रकार 

जी संगम : मैडम को खुश करने के लिए एक और पत्रकार की नौकरी खा गए वाशिंद्र मिश्रा

जी मीडिया का एक और चैनल एक बार फिर अपनी काली करतूतों की वजह से सुर्खियों में है। जी संगम के एडिटर वाशिंद्र मिश्रा बड़ी नैतिकता की बात करते हैं लेकिन वह अपने चेलो के साथ मिलकर गरीब पत्रकार की नौकरी खा जाते हैं। वह न्यूज रूम की एक मैडम को खुश करने के लिए एक और परिवार पर गाज गिरा गए।

एलजी साहब, ये तो हद हो गई !

नई दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार के साथ उप राज्यपाल यानि एलजी नजीब जंग के बीच चल रही जंग अब अत्यंत ही फूहड़ और अलोकतांत्रिक हो गई है। एक सामान्य बुद्धि का व्यक्ति भी यह बात समझ सकता है कि विशाल बहुमत से चुनी गई नई दिल्ली की केजरीवाल सरकार को हर तरह से केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा परेशान किया जा रहा है। 

भिवानी में गिर रहा अमर उजाला का सरकुलेशन, 18 महीने में ही सातवीं बार सर्वे

भिवानी (हरियाणा) : जिले में एक बार फिर अमर उजाला ने अपना सातवां सर्वे शुरू कर दिया है। केवल 18 महीनों हुए रिलांचिंग के, और सातवीं बार सर्वे कराया जारहा है। 

मजीठिया: मालिकों के हित में अपनी जिम्मेदारी कर्मचारियों पर थोप रहा श्रम विभाग

मन में मजीठिया और बाहर मक्कार तंत्र का ताना-बाना। अखबार कर्मचारी आज इसी स्थिति में फंसे हुए हैं। उन्हें इससे निकलने का कोई कारगर-प्रभावी रास्ता सूझ नहीं रहा है। या कहें कि सूझने नहीं दिया जा रहा है। आप छूटते ही सवाल दागने की मुद्रा में आएं उससे पहले ही मैं बता देना चाहता हूं कि वह है सरकार का श्रम विभाग। जी हां, श्रम विभाग! जिसे आपकी मदद करनी चाहिए, सहयोग करना चाहिए, सुझाव देने चाहिए, वही अपनी जिम्मेदारी  कर्मचारियों पर थोप रहा है, लाद रहा है। अपनी जिम्मेदारी से बच रहा है, पीछा छुड़ा रहा है।

दैनिक भास्कर का भागलपुर संस्करण भी लांच, इसके बाद मुजफ्फरपुर और गया की बारी

भागलपुर (बिहार) : दैनिक भास्कर के भागलपुर संस्करण का आज 23 जुलाई को विधिवत उद्घाटन हो गया । यह दैनिक भास्कर का पटना के बाद भागलपुर में दूसरा संस्करण है । 

गांधी जी के नग्न स्टैच्यू-विवाद की जांच सात माह बाद शुरू

ब्रिटिश प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने कभी महात्मा गांधी को धोती पहनने पर अर्धनग्न फकीर से संबोधित किया था. लेकिन गुजरात के गांधीनगर में जनवरी 2015 में आयोजित प्रवासी दिवस में गांधीजी की नग्न मूर्तियों के प्रदर्शन को लेकर जो विवाद उठा था अब उसकी जांच सात महीने के बाद प्रारंभ की जा रही है. गौरतलब है कि गांधीनगर के सेक्टर 7 में जांच के आदेश दिए गए हैं और यह जांच भी बार-बार एक सूचना कार्यकर्ता के फरियाद करने पर की जा रही है.

न्यूज चैनलों के जमाने में सिर्फ बयानों पर ही पत्रकारिता और राजनीति

आज-कल एक नई किस्म की राजनीति देश में नजर आ रही है। हालांकि पहले भी होती थी, लेकिन अब मीडिया और खासकर न्यूज चैनलों के जमाने में सिर्फ बयानों और आरोपों पर ही पत्रकारिता के साथ-साथ ये राजनीति भी चल रही है। कांग्रेस के राज में भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए संसद से सड़क तक हल्ला मचाती रही और तबकी नेता प्रतिपक्ष श्रीमती सुषमा स्वराज से लेकर अरुण जेटली प्रधानमंत्री के साथ-साथ आरोपों में घिरे मंत्रियों से इस्तीफा मांगते रहे और सदन की कार्रवाई चलने ही नहीं दी और तब ये भी कहा था कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की ही है। 

हर बार नया अर्थ देते हैं उद्भ्रांत – जयप्रकाश मानस

विद्वान समीक्षक और लेखक डॉ. सुशील त्रिवेदी ने अपने प्रमुख समीक्षात्मक आलेख में कहा कि उद्भ्रांत हमारे समय के श्वेत-श्याम को पौराणिक मिथकों और प्रतीकों में कहने वाले बहुआयामी कवि हैं और उनकी कविताएँ भी इतनी बहुआयामी कि हर बार नया अर्थ देती हैं । प्रसंग था – रायपुर में संपन्न हिंदी के वरिष्ठ कवि उद्भ्रांत का एकल कविता पाठ, समीक्षा गोष्ठी और सम्मान समारोह ।

काव्यपाठ करते कवि उद्भ्रांत

गीतों की चांदनी में एक माहेश्वर तिवारी का होना

गीतों की चांदनी में एक माहेश्वर तिवारी का होना दूब से भी कोमल मन का होना है । गीतों की चांदनी में चंदन सी खुशबू का होना है । मह-मह महकती धरती और चम-चम चमकते आकाश का होना है । माहेश्वर तिवारी के गीतों की नदी में बहना जैसे अपने मन के साथ बहना है । इस नदी में प्रेम की पुरवाई की पुरकशिश लहरें हैं तो चुभते हुए हिलकोरे भी । भीतर के सन्नाटे भी और इन सन्नाटों में भी अकेलेपन की महागाथा का त्रास और उस की फांस भी । माहेश्वर के गीतों में जो सांघातिक तनाव रह-रह कर उपस्थित होता रहता है ।  निर्मल वर्मा के गद्य सा तनाव रोपते माहेश्वर के गीतों में नालंदा जलता रहता है ।  खरगोश सा सपना उछल कर भागता रहता है ।  घास का घराना कुचलता रहता है ।  बाहर का दर्द भीतर से छूता रहता है , कोयलों के बोल / पपीहे की रटन / पिता की खांसी / थकी मां के भजन बहने लगते हैं।  भाषा का छल , नदी का अकेलापन खुलने लगता है।  और इन्हीं सारी मुश्किलों और झंझावातों में किलकारी का एक दोना भी दिन के संसार में उपस्थित हो मन को थाम लेता है ।

गोरखपुर आइ-नेक्स्ट इंचार्ज ने अपनी शिकायत होने पर रिपोर्टर का ट्रांसफर कर दिया

आइ-नेक्स्ट गोरखपुर के सीनियर रिपोर्टर अभिषेकI सिंह का मैनेजमेंट ने जमशेदपुर ट्रांसफर कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये ट्रांसफर आइ-नेक्स्ट इडिटोरियल इंचार्ज अश्विनी पांडेय ने किया है। अभिषेक सिंह ने संपादकीय प्रबंधन से अपने तबादले की वजह जाननी चाही है। पांडेय ने इस संबंध में उन्हें जानकारी देने से साफ मना कर दिया है। 

हरीश रावत निजी सचिव स्टिंग प्रकरण : बेशर्म ‘हिंदुस्तान’ की पत्रकारिता तो देखिए….

आज का हिंदुस्तान 23 जुलाई 2015, दिल्ली व देहरादून अंक, जिस किसी ने पढ़ा, उसे देखकर कोई अंधा भी बता सकता है कि कांग्रेस को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की जरा भी चिंता नहीं। साथ ही, पूरे देश के अखबारों ने रावत के निजी सचिव की संटिग लीड खबर को जमकर छापा। हिंदुस्तान भारत का अकेला अखबार है जिसे इतनी महत्वपूर्ण खबर नहीं दिखाई दी। दिल्ली में अखबार ने लीड खबर में संसद के हंगामे की चर्चा के साथ चलते- चलते सीएम रावत के निजी सचिव के स्टिंग का हल्का जिक्र करके इतिश्री कर ली।

मीडिया का आपातकाल : उजाले के भीतर छिपा है गहन अंधेरा

पहले थोड़ा आपातकाल की यादें ताजा कर दूं। आपातकाल के दौरान एक कविता लिखी गई, ठेठ अवधी में- माई आन्‍हर बाबू आन्‍हर, हमे छोड़ कुल भाई आन्‍हर, केके केके दिया देखाईं, बिजली एस भौजाई आन्‍हर…. यह कविता यदि आप नहीं समझ पा रहे हैं तो इसका अर्थ भी बता देता हूं। मां अंधी है, पिता अंधे हैं। भाई भी अंधे हैं। किसको किसको दीपक दिखाऊं, बिजली की तरह चमक दमक वाली भाभी भी तो अंधी हैं। आपातकाल के दौरान इस कविता में निहित लक्षणा, व्‍यंजना मोटी बुद्धि के लोगों की समझ में नहीं आई और कवि का कुछ बुरा नहीं हुआ।

महाराष्‍ट्र के श्रम अधिकारियों को क्‍या वाकई मजीठिया संबंधी कोई आदेश-निर्देश नहीं

मैं एक आरटीआई कार्यकर्ता हूं और स्‍वतंत्र पत्रकारिता भी करता हूं। पिछले दिनों एक आरटीआई के माध्‍यम से जब मैंने मुंबई के लेबर कमिश्‍नर कार्यालय से ये जानना चाहा कि क्‍या मुंबई के एक दिग्‍गज प्रकाशन संस्‍थान मैग्‍ना पब्लिशिंग कंपनी में मजीठिया आयोग की‍ सिफारिशें लागू कर दी गयी हैं, जिसकी स्‍टारडस्‍ट अंग्रेजी, स्‍टारडस्‍ट हिंदी, सैवी हेल्‍थ एंड न्‍यूट्रिशनए सोसायटी, सोसायटी इंटीरियर, सिटाडेल जैसी आधा दर्जन से अधिक पत्रिकाएं प्रकाशित होती हैं, तो लेबर ऑफिसर महेश पाटिल ने मुझे आरटीआई का लिखित जवाब देने की बजाय आरटीआई पर दिये मेरे फोन नं पर मुझसे संपर्क कर मिलने के लिए अपने कार्यालय में बुलाया। वहां मौजूद उनके साथी अधिकारियों उप श्रम आयुक्‍त जाधवए सहायक श्रम आयुक्‍त भुजबल आदि ने हैरत भरे अंदाज में कहा कि ये मजीठिया वेज बोर्ड क्‍या है। 

पंजाब केसरी ग्रुप ने प्रधान मंत्री को भेंट किए राहत फंड के 2.41 करोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 2.41 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट देता हुआ पंजाब केसरी परिवार

दिल्ली : पिछले दिनों पंजाब केसरी ग्रुप के पाठकों की ओर से नेपाल के भूकंप पीड़ितों को प्राइम मिनिस्टर रिलीफ फंड के लिए भेजे गए 2.41 करोड़ रुपए का ड्राफ्ट प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपे गए। 

एएससीआई ने 114 बड़ी कंपनियों के विज्ञापन रोके

एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया ने एक जांच में सौ से अधिक कंपनियों के विज्ञापनों के संबंध में शिकायत सही पाए जाने के बाद उन्हें संदिग्ध मानते हुए रोकने देने का फरमान जारी किया है।

‘ज़ी पुरवइया’ से एंकर सैयद हुसैन का इस्तीफ़ा

सैयद हुसैन ‘ज़ी पुरवइया’ में बतौर सीनियर एंकर कार्यरत थे। वह एंकर हेड का काम संभाल रहे थे। चैनल हेड शिवपूजन झा के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध होकर उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया। सैयद हुसैन चैनल लांच होने के समय से ही जुड़े हुए थे। ज़ी पुरवइया का पहला बुलेटिन भी उन्होंने ही पढ़ा था। इससे पहले …

यूपी में एक और पत्रकार पुलिस की साजिश का शिकार, पीजीआई में भर्ती

सहारनपुर (उ.प्र.) : एसओ के खिलाफ खबर लिखना पत्रकार को इतना मंहगा पड़ गया कि उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दुष्कर्म का मुकदमा कायम होने के बावजूद थानाध्यक्ष ने आरोपी को छोड़ दिया था। पीड़ित पत्रकार की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, उल्टे धमकाया कि नतीजा भुगतने के लिए तैयार रहना। पुलिस के इशारे पर कस्बे के एक नेता ने पत्रकार पर अटैक कर दिया। उनके दो दांत टूट गए, जबड़े में फ्रैक्चर हो गया, आंख घायल हो गई, खून की दो उल्टियां हुईं। वह पीजीआई में भर्ती हैं।  

नई शैली का नया अखबार ‘सुबह सवेरे’ जल्द ही भोपाल से

अपनी तरह की नई शैली की पत्रकारिता वाले हिंदी अख़बार ‘सुबह सवेरे’ की भोपाल में री-लॉन्चिंग की तैयारी है। 2003 से भोपाल से प्रकाशित हो रहे इस अख़बार को अब जाने-माने पत्रकार उमेश त्रिवेदी अपने बैनर पर पाठकों के सामने ला रहे हैं।