उत्तर प्रदेश में सुरक्षित नहीं हैं पत्रकार

ये उत्तर प्रदेश है। यहाँ कानून नहीं, बल्कि राजनेताओं, मंत्रियों, किस्म-किस्म के माफिया, अपरााधियों, भाड़े के हत्यारों का राज  चलता है। आजकल इस राज्य में गुण्डागर्दी अपने चरम पर है और पूरी तरह ‘जंगलराज’ कायम है।

‘दबंग दुनिया’ के संपादक ने आपरेटरों को दी गालियां, कार्य बहिष्कार, मानहानि का दावा करेंगे

भोपाल : दबंग दुनिया भोपाल के संपादक विजय शुक्ला जब से आए हैं कर्मचाारियों को लगातार परेशान कर रहे हैं। उनकी इस हरकत से कई लोग पहले ही छोड़कर जा चुके हैं। आज तो हद हो गई। विजय शुक्ला ने अचानक किसी बात पर आपरेटरों के साथ बदतमीजी पूर्ण व्यवहार कर दिया। गालियां भी दीं।

सीकरौरा नरसंहार : सुनवाई के दौरान गुम हुई फाइल मिली, बढ़ेंगी डान बृजेश सिंह की मुश्किलें

सीकरौरा नरसंहार एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार चर्चा का मुख्य बिन्दु समाजसेवी राकेश न्यायिक हैं। न्यायिक ने तमाम न्यायालयों के अभिलेखों कें आधार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सीकरौरा नरसंहार की फाइल जानबूझ कर जिला शासकीय अधिवक्ता अनिल सिंह व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं, अन्य पुलिस, न्यायिक कर्मचारियों की मिलीभगत से गुम कर दी गई। पिछले 8 सालों से गिरफ्तार व देश के विभिन्न जेलो में बन्द होते हुए वर्तमान में वाराणसी के केन्द्रीय कारागार शिवपुर में निरुद्ध माफिया डान बृजेश सिंह को आज तक उपरोक्त मुकदमे में तलब कर रिमांड तक नहीं बनवाया गया है बल्कि अभियुक्तों को बचाने के लिए सत्र न्यायालय की पत्रावली तक को गायब करा दिया गया है। 

जम्मू अमर उजाला की मीटिंग में संपादक के खिलाफ स्ट्रिंगर्स के बागी तेवर, हाथापाई की नौबत

जम्मू कश्मीर में पिछले 11 वर्षो से संपादक रवींद्र श्रीवास्तव के खिलाफ रिटेनर और स्ट्रिंगर पहली बार खुल कर सामने आ गए। विगत 22 जून को जम्मू प्रेस क्लब में अमर उजाला के सभी हेड मौजूद थे। उनकी मीटिंग हुई। कार्यकारी संपादक उदय सिन्हा के अलावा मार्केंटिंग और सर्कुलेशन के हेड भी मीटिंग में थे। रेवेन्यू कम हो रहा है, इस पर पहली बार मीटिंग हुई। मुद्दा रेवेन्यू बढ़ाने का रहा लेकिन बैठक में स्ट्रिंगरों ने खुलेआम रवींद्र श्रीवास्तव के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि पिछले 12 साल से इनके उत्पीड़न के चलते सिर्फ हजार-दो हजार की सैलरी पा रहे हैं। सभी ने एक एक कर अपने पक्ष रखे। रवींद्र श्रीवास्तव तो क्या जवाब देते, सभी सीनियर्स भी स्थिति पर खामोश और अवाक रह गए। उदय सिन्हा बीच में नहीं आते तो मामला बिगड़ चुका था और हाथापाई की नौबत आने ही वाली थी। 

जिसने ‘जनसंदेश’ की धज्जियां उड़ाईं, आज वही संपादक

सतना (मप्र) : जनसंदेश जब बाजार में आया तो उन दिनों सतना में ये कहा जाता था कि ये दिल्ली का अखबार हैं. उसके पीछे का कारण बताया जाता था कि पेपर के संपादक और पूरी टीम बाहर की है. 16 नंबर पेज को लेकर बवाल होता था. जिसे लोकल करने की मांग होती थी. जैसा वहां के पेपरों का 16 नंबर पेज लोकल था. जनसंदेश में काम करने वाले रिपोर्टर दिमाग कहीं और से लेते थे. पेपर को डुबाने की पूरी तैयारी थी . या मालिकों तक यह संदेश जाये कि बाहर की टीम बेकार है, काम नहीं कर पा रही है. 

धर्मशाला में खुला एफआईआर लाइव डाट कॉम का आफिस

हिमाचल प्रदेश में एक नया न्यूज पोर्टल खुलने जा रहा है। इसका  नाम काफी आकर्षक रखा गया है। यह है एफआईआरलाइव डाट काम (www.firlive.com)। इस न्यूज पोर्टल का हैड आफिस डिपो बाजार धर्मशाला में खोला गया है। इसे एक वरिष्ठ पत्रकार ने शुरू किया है। इस पोर्टल के अलावा एफआईआर नाम से ही एक साप्ताहिक टेबुलाएड अखबार भी निकालने की तैयारी है। 

पत्रकार धीरज पाण्डेय को सच्ची श्रद्धांजलि

प्रिय पत्रकार साथियों, 

साथियों मेरी जानकारी में सम्बन्धों का तात्पर्य संवेदना से है। अमर उजाला बस्ती के ब्यूरो चीफ धीरज पाण्डेय के साथ जो भी हुआ, वह अप्रत्याशित ही सही परन्तु बेहद खेद जनक एवं दुखदायी है। बड़े ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि जिस संस्था से वे सात वर्षों तक जुड़े रहे दुघर्टना के बाद उस परिवार का कोई भी जिम्मेदार सदस्य उन्हे अस्पताल में देखने तक नहीं गया। बीस दिनों तक जिन्दगी और मौत से लड़ने के बाद 25 जून 2015 को अन्तिम सांसे लीं। 

क्रिकेट के खेल को ही खत्म कर दें, तब अनैतिकता खत्म होगी

इंडियन प्रीमियर लीग के अध्यक्ष/कमिश्नर, चैंपियंस लीग के अध्यक्ष, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष, मोदी इंटरप्राइज़ेज़ के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के कार्यकारी निदेशक के रूप में दुनिया भर में अपनी योग्यता का झंडा गाड़ चुके ललित कुमार मोदी आज कल फिर न सिर्फ चर्चाओं में हैं, बल्कि भारत सरकार के लिए बेवजह मुसीबत बने हुए हैं। विवाद की जड़ में क्रिकेट है, इसलिए बात पहले क्रिकेट की ही करते हैं। क्रिकेट का विस्तार सट्टेबाजों ने ही किया है। क्रिकेट का खेल अनैतिकता की गोद में ही फला-फूला है, इसलिए क्रिकेट से जुड़े लोगों से नैतिकता की कल्पना भी नहीं करनी चाहिए।

किसे कहें मुसलमान ?

परसों जुमा के दिन कुवैत की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ते लोगों पर हमला हुआ.उसी दिन ट्यूनीशिया की मस्जिद में हमला और उसी दिन ही फ़्रांस में मज़हब के नाम पर खुनी खेल.मरने वाले भी मुस्लिम और मारने वाले भी.किसे कहा जाये मुसलमान।मरने वालों को या मारने वालों को.चौदह सौ बरस पहले भी ऐसा ही हुआ था.जब करबला में मैदान में एक तरफ हज़रत मुहम्मद साहेब के नवासे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम अपने चन्द साथियों के साथ थे और दूसरी तरह उनके सामने यज़ीद के वो हज़ारों लोग थे जो अपने आपको मुसलमान कहते थे लेकिन इस्लाम को मानने में उनकी दिलचस्पी नहीं थी.वही मंज़र आज भी मौजूद है.एक तरफ इस्लाम के मानने वाले मुस्लिम हैं और दूसरी तरफ इस्लाम के नाम पर हाहाकार मचाने वाले।

हिमाचल में मजीठिया छानबीन के नाम पर श्रम विभाग की खानापूरी

धर्मशाला : मजीठिया वेतनमान मामले पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मद्देनजर हिमाचल प्रदेश में भी श्रम विभाग सक्रिय हो गया है। अखबारों के कार्यालयों में मजीठिया मामले को लेकर छानबीन शुरू हो गई है। दैनिक जागरण धर्मशाला की बनोई स्थित यूनिट में छानबीन के दौरान लेबर इंस्पेक्टर को कर्मचारियों ने घेर लिया। 

कानपुर में चार पत्रकारों पर हमला, कार से धक्का मारकर जान लेने की कोशिश

कानपुर : महानगर के स्टॉक एक्सचेंज चौराहे पर गत दिनो ‘हिंदुस्तान; में कार्यरत हैदर नकवी, फोटो जर्नलिस्ट मनोज यादव समेत चार पत्रकारों पर कुछ लोगों ने हमला कर जान लेने की कोशिश की। उनके साथ जमकर मारपीट करने के साथ ही उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का दुष्प्रयास किया गया। 

उद्यमी किरण मजूमदार शॉ ने एनडीटीवी पर गुस्सा ट्विट किया

महिला उद्यमी किरण मजमूदार शॉ ने एनडीटीवी के खिलाफ ट्विटर पर अपने गुस्से का इजहार किया है। उन्होंने ट्विटर पर एनडीटीवी को टैग करते हुए लिखा है- ‘Most disappointed that @ndtv with all its rhetoric on responsible reporting stoops so low as to use a morphed pic of me n Vasundaraji Shame.’

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (4) : खुलासों से बौखलाए स्वयंभू पत्रकार नेता, दे रहे धमकियां और गालियां

प्रेस क्लब पर फ़र्ज़ी स्वयंभू पत्रकार नेताओं ने कब्ज़ा किया लेकिन उसके 6 महीने बाद ही अचानक सभी पत्रकारों को एक मेल से सूचना मिली कि श्याम नगर में नया प्रेस क्लब रजिस्टर्ड हो गया है जिसके अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौड़, उपाध्यक्ष मयंक शुक्ला, और महामंत्री आलोक कुमार है। पत्रकारों में भ्रम फ़ैल गया कि शहर में दो कानपुर प्रेस क्लब कैसे बन गए? 

मथुरा में पत्रकार को लोहे की रॉड से पीट पीटकर अधमरा किया

मथुरा की आनंद पुरी कॉलोनी (कृष्णा नगर) में सड़क के किनारे गंदगी फेंकने का विरोध करने पर शनिवार शाम कुछ लोगों ने पत्रकार अरुण चतुर्वेदी पर हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से घायल हो गए। 

बिहार के पत्रकार कुमार अविनाश का असामायिक निधन

डी डी न्यूज़ नई दिल्ली प्रोग्राम से जुड़े बिहार के पत्रकार कुमार अविनाश का असामायिक निधन हो गया है। 26 को इनके बड़े भाई कुमार आलोक जो वरीय संवाददाता हैं, डी डी न्यूज़ में पटना से टूर समाप्त कर दिल्ली वापस गए थे। अविनाश से मैं मिला नहीं हूँ, लेकिन 19 जून की रात में …

सोशल मीडिया पर भारी पड़ेगी जाति-धर्म पर गलत टिप्पणी, रासुका लगेगा

लखनऊ : सोशल मीडिया पर धर्म, सम्प्रदाय व जाति विशेष पर भड़काऊ कमेंट करने वालों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं आपत्तिजनक पोस्ट पर कमेंट, लाइक व शेयर करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी। 

पीएम साहब, टी वी चैनलों पर बैठा आपका ‘चतुर गैंग’ काम न आएगा

सार्वजनिक जीवन में आप सवालों से मुँह चुराकर भाग नहीं सकते । सवाल अपने लिये माध्यम खोज लेते हैं अपने प्रियतम तक पहुँचने का , उसकी नींद चैन उड़ाने का ! फ़िलहाल हमारे प्रधानमंत्री जी यह सोच रहे हैं कि वे मीडिया की जद से बाहर रहकर इन सवालों को समय की गाद के नीचे दबाने में कामयाब हो जायेंगे जिन्होंने देश के आसमान में डेरा डाल दिया है ! ..और आप सोच रहे होंगे कि टी वी चैनलों पर बैठा आपका “चतुर गैंग” आदमी के मल से बैठक में लेप लगायेगा और परफ़्यूम छिड़क कर बदबू रोक लेगा ? पी एम साहेब ऐसा हो नहीं पाता !

मुआवजा मिल गया न, तो अब जंग छेड़ो दोस्‍तों, ताकि जगेन्‍द्र की चिता को न्‍याय मिले

कुछ मित्रों को लगता है कि जागेन्‍द्र के परिवारों को 30 लाख रूपये, दो बच्‍चों को सरकारी नौकरी और उसके घर की दूसरे से कब्‍जायी पांच एकड़ जमीन को छ़ुडवाने के सरकारी फैसले के बाद उनका परिवार संतुष्‍ट है और सरकार भी हल्‍की हो गयी है। ऐसे लोगों को लगता है कि यह तो धोखाबाजी हो गयी। जागेन्‍द्र के लिए जंग लड़ी हम सब लोगों ने और मलायी काट लिया उसके घरवालों ने, सरकार ने और सरकारी दलाल पत्रकारों ने। उन्‍हें लगता है कि अब यह सारा मामला ठण्‍डा हो चुका है और इस देश में अब इसके बाद कुछ भी नहीं हो सकता है। क्‍योंकि लोगों ने एक-दूसरे को खरीद-बेच लिया है।

आकाशवाणी इलाहाबाद के पदाधिकारियों तुम्हें श्रोताओं के हितों का ध्यान नहीं, डूब मरो

बेहद घटिया नीति और नीयत का परिचय देता हुआ आकाशवाणी इलाहाबाद। ‘विविधभारती-सेवा’ के अन्तर्गत जितने भी कार्यक्रम इलाहाबाद से प्रसारित किये जाते हैं, उन सभी में कार्यक्रमों को जारी रखते हुए विज्ञापनों का प्रसारण किया जाता है | इससे यहाँ के ‘मरे हुए लोग’ (आवाज़ नहीं उठा सकते |) न तो कोई पूरा गीत सुन पाते हैं और न आवश्यक जानकारी प्राप्त कर पाते हैं |

शशि शेखर का शब्द-ज्ञान : लेख का शीर्षक ‘जागृत जनों का जनतंत्र’, ‘जागृत’ कोई शब्द नहीं, ‘जन’ बहुबचन, ‘जनो’ अशुद्ध

यह लेख आज 28 जून , 2015 ‘हिन्दुस्तान’ समाचारपत्र के समस्त संस्करणों में पृष्ठ-संख्या छह पर शीर्षक के रूप में प्रकाशित है, जो पूर्णतः अशुद्ध है | इसे विधिवत जानते हुए भी इस सन्दर्भ में मैंने अपने परम शुभेच्छु, विचक्षण श्रद्धेय पण्डित रमेश प्रसाद शुक्ल जी से परामर्श किया था क्योंकि आज मैंने देश के एक विश्रुत समाचारपत्र के ‘प्रधान सम्पादक’ श्री शशि शेखर के भाषा-ज्ञान पर साधिकार अँगुली उठायी है, जो ‘हिन्दुस्तान’ समाचारपत्र के सारे संस्करणों के शीर्षस्थ पत्रकार हैं। शुद्ध शीर्षक होगा- ‘जाग्रत जन का जनतन्त्र’ । 

स्टिंग के नाम पर फिरौती में नया खुलासा, जिस शख्स को पहरेदार समझा, वह तो लुटेरा निकला !

पदमपति शर्मा : समझ में नहीं आ रहा कि कोई किस कदर नीचे गिर सकता है ! आपने पढ़ा होगा कि मीडिया में स्टिंग के नाम पर किस कदर एक्सटार्शन यानी फिरौती वसूली जा रही है डंके की चोट पर. एक ऐसी मेल की कापी हाथ लगी है जो आपको हिला देने के लिए काफी है. आपने पिछले दिनो पढ़ा होगा कि ‘आपरेशन जोंक’ के नाम पर किस कदर धतकरम किए गए. चलिए बताते हैं कि कैसे जिस शख्स को पहरेदार समझ कर अपना दुखड़ा एक नामी रेडियोलाजिस्ट ने रोया और गुहार की कि स्टिंग के नाम पर उसको ब्लैकमेल करने वाले का वह पर्दाफाश करे दरअसल वही फिरौती का मास्टर माइंड यानी लुटेरा निकला और उसी ने सारा जाल बट्टा फैला रखा था. 

विजय त्रिपाठी बने कानपुर अमर उजाला के संपादक, हरिश्चंद्र का देहरादून तबादला

कानपुर अमर उजाला के संपादक हरिश्चंद्र सिंह का स्थानांतरण देहरादून हो गया है। उनके स्थान पर देहरादून अमर उजाला के संपादक विजय त्रिपाठी अब कानपुर यूनिट के संपादकीय प्रमुख होंगे। 

उपराष्ट्रपति करेंगे रामगोपाल यादव की पुस्तक का विमोचन

राज्यसभा सदस्य एवं समाजवादी पार्टी के महासचिव-प्रवक्ता प्रो. रामगोपाल यादव के भाषणों पर आधारित पुस्तक का विमोचन यादव के जन्मदिन 29 जून को इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी करेंगे।

अंधेरे से उजाले की ओर पाक्षिक पत्रिका ‘शुक्लपक्ष’

निशिकांत ठाकुर : ‘शुक्लपक्ष’ पाक्षिक  पत्रिका का स्वरूप पूरी तरह से राजनीतिक होगा, लेकिन अन्य विषयों को कतई नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। मसलन- खेल, मनोरंजन, यूथ, धर्म-अध्यात्म, साहित्य, ज्योतिष, आधी आबादी, साइंस-टेक्नोलाजी, करियर, विदेश, बालजगत, बिजनेस-कारोबार, क्राइम से जुड़े आलेख पत्रिका में अनिवार्य रूप से समाहित होंगे, ताकि इसे समाज के हर वर्ग के साथ हर आयु-वर्ग एवं हर लिंग की पत्रिका बनाया जा सके। पत्रिका में हम ज्वलंत समस्याओं, यानी घटनाओं को छुएंगे जरूर, लेकिन यह महज रिपोर्ट नहीं होगी, बल्कि वर्तमान के जरिये भविष्य को फोकस करने वाले विश्लेषणात्मक आलेख होंगे, जिनकी पुष्टि तथ्य, आंकड़े, आकलन व संबंधित लोगों से बातचीत करेंगे। 

अमर उजाला के संपादक तो धीरज को देखने तक नहीं गए, जगदंबिका पाल बने मुसीबत में मददगार

अमर उजाला के पत्रकार धीरज पांडेय तो इस दुनिया से चले गए लेकिन उनके जाने का दर्द बहुतो से बर्दाश्त नहीं हो रहा। सबसे दुखद रहा अमर उजाला के गोरखपुर संपादक प्रभात सिंह और न्यूज एडिटर मृगांक सिंह का अमानवीय रवैया। धीरज इतने दिन से अस्पताल में मृत्यु से जूझ रहे थे, ये दोनो शख्स उन्हें देखने तक नहीं पहुंचे। उनके इलाज पर घर वालों के लगभग तीन लाख रुपए खर्च हो गए। 

सांप की मति मारी गयी कि और कोई नहीं मिला, भड़ास को डंस लिया

वरिष्ठ पत्रकार पलाश विश्वास अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं:   सांप की मति मारी गयी कि और कोई नहीं मिला, भड़ास को डंस लिया!उम्मीद है कि सारे सांपों के जहर के दांत उखाड़ने की उसकी मुहिम से डरकर सांपों से डर डर कर जीने वाली हमारी मीडिया बिरादरी कम से कम इस सर्पदंश के बाद डरना छोड़ देगी। यशवंत, भड़ास के ताजा फेसबुक स्टेटस से परेशान हूं। मीडिया के महाबदमाशों से निपटने के लिए यह अपना बदमाश सांप से अपना बचाव नहीं कर सका और डंसवा कर यूपी के पत्रकार जलाओ राज में अस्पताल में है। वैसे सांपों से हमारा वास्ता हर वक्त है। मीडिया में सांप ही सांप भरे पड़े हैं। यशवंत को भी डंसवाने की आदत होगी। उम्मीद है कि इस काटे का असर न होगा।

सांप के डंस लेने से गाजीपुर के अस्पताल में पड़े यशवंत सिंह

संदीप-जगेंद्र हत्याकांड : खनन माफिया के सरपरस्त आम इंसान नहीं

उत्तरप्रदेश के जगेंद्र सिंह और मध्यप्रदेश के संदीप कोठारी की हत्याओं में एक समानता है और वह है दोनों अपने—अपने राज्यों के खनन माफिया के खिलाफ खबरें लिख रहे थे। ये वो माफिया है जिसकी सरपरस्ती भारत के हर राज्य में पॉवरफुल मंत्रियों नेताओं के पास होती है। ये माफिया इतना बेखौफ है कि पत्रकार तो बहुत दूर की बात है अगर कोई पुलिस अधिकारी, तहसीलदार या अन्य कोई इनके क्षेत्र में कार्रवाई के लिये घुस जाये तो ये दिनदहाडे ट्रेक्टर, डंफर से उसे कुचलने में कोताही नहीं बरतते।

पत्रकारों के खिलाफ बेखौफ होते जा रहे वर्दी वाले गुंडे, फोटो जर्नलिस्ट को थाने लेजाकर पीटा

जगदलपुर : रायपुर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के फोटो जर्नलिस्ट अमन दीप ओमी से सोमवार रात 11 बजे पुलिस ने मारपीट की तथा थाने में बैठा दिया। वह पुलिस द्वारा एक बुजुर्ग ड्राइवर की पिटाई करने के दौरान तस्वीर ले रहा था। रात में हाता मैदान के पास एक ट्रक व कार चालक के मध्य ओवर टेक करने को लेकर हुए विवाद के बाद बोधघाट व कोतवाली टाउन मोबाइल वहां पहुंची थी। पुलिसकर्मी बुजुर्ग ड्राइवर पर शराब पीने की बात कहते मारपीट कर रहे थे। इसी दौरान फोटो जर्नलिस्ट अमनदीप वहां पहुंचे और तस्वीरें ले रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद एक उप निरीक्षक ने उनसे गाली-गलौज कर मारपीट की। इसके बाद उसे कोतवाली थाने में लाकर बिठा दिया गया। थाने के भीतर एक प्रधान आरक्षक ने उसे बेल्ट से मारा। वहां मौजूद एएसआई साहू ने धक्कामुक्की की। 

नशीला दूध पिलाकर रेप करने का आरोप लगाया महिला पत्रकार ने

हरिद्वार में एक महिला पत्रकार ने युवक पर नशीला पदार्थ पिलाकर उसका बलात्कार करने का आरोप लगाते हुए नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। दूसरी ओर युवक ने भी खुद को पीड़ित बताते हुए तहरीर दी है। दिल्ली की रहने वाली महिला पत्रकार साप्ताहिक अखबार निकालती हैं। उनका कहना है कि भूपतवाला की गंगाधाम धर्मशाला में वह ठहरती हैं। इसी दौरान उनकी पहचान प्रबंधक अमरनाथ के पुत्र चिराग शर्मा से हो गई।

जगेन्द्र प्रकरण : याचिकाकर्ता सतीश जैन और दिल्ली के पत्रकार विशेष ध्यान दें

मैं हमेशा कहता हूँ कि अच्छा, बुरा कुछ नहीं होता। अति ही बुराई है। सद्कर्म की भी अति हो जाये, तो परिणाम नकारात्मक ही आता है। आप आगे को भागिए और भागते रहिये, तो एक दिन लौट कर वहीं आ जायेंगे, जहां से चले थे, ऐसे ही पीछे को दौड़ने पर होगा। पीछे को दौड़ने वाला भी रुके न, तो वो भी एक दिन वहीं आ जायेगा, जहां से भागा था, इसीलिए बीच की अवस्था को शिखर कहा जाता है, संतुलन जीवन की सर्वश्रेष्ठ अवस्था है। शिखर पर ठहरे रहना होता है, मतलब संतुलन बनाये रखना होता है, लेकिन कोई शिखर पर पहुंचने के बाद भी संतुलन न बना सके, तो उस पार नीचे जाने का ही रास्ता होता है फिर। खैर, मन धर्म-अध्यात्म और कर्म पर चर्चा का नहीं है। मन है शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र कांड पर बात करने का। इस प्रकरण में भी समाजसेवा की थोड़ी अति हो गई, जिससे परिणाम अपेक्षित नहीं आ पा रहा है। लखनऊ के चर्चित अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में ही गहन अध्ययन के बाद जगेन्द्र प्रकरण में जनहित याचिका दायर की थी, जिस पर सरकार से जवाब माँगा गया। आशा थी कि बहस के बाद सीबीआई जांच के आदेश हो जायेंगे, उससे पहले दिल्ली के पत्रकार सतीश जैन ने उच्चतम न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर दी, जिस पर उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और प्रदेश सरकार से जवाब माँगा है।

उप श्रमायुक्त से मिले रांची के अखबार कर्मी, शनिवार को फिर मिलेंगे

मंगलवार को रांची के अखबार कर्मियों ने उप श्रमायुक्त उमेश प्रसाद सिंह और अन्य श्रम अधिकारियों से मुलाकात की. 

गुलाब कोठारी को पीड़ित पत्रकारों ने घेरा, नारेबाजी-पर्चा वितरण के बीच हाथापाई की नौबत

राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को उदयपुर के राजस्थान विद्यापीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों के विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान बंटे पर्चों ने कोठारी की हवा हवाई बातों की कलई खोल कर रख दी। गौरतलब है कि कोठारी पर पत्रकारों के लिए बने मजीठिया वेतन आयोग की सिफारिशों को अपने अख़बार में लागू नहीं करने पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा कसने से बौखलाकर उन्होंने करीब चार दर्जन कर्मचारियों को गैर कानूनी रूप से ट्रान्सफर और टर्मिनेट कर दिया है।

आपातकाल की 40वीं बरसी पर कुछ विचारणीय सवाल

इस 25 जून की आधी रात को आपातकाल की 40वीं बरसी पर आपातकाल और उस अवधि में हुए दमन-उत्पीड़न और असहमति के स्वरों और शब्दों को दबाने के प्रयासों को न सिर्फ याद रखने बल्कि उनके प्रति चौकस रहने की भी जरूरत है ताकि देश और देशवाशियों को दोबारा वैसे काले दिनों का सामना नहीं करना पड़े और भविष्य में भी कोई सत्तारूढ़ दल और उसका नेता वैसी हरकत की हिमाकत नहीं कर सके. दरअसल, आपातकाल एक खास तरह की राजनीतिक संस्कृति और प्रवृत्ति का परिचायक था. जिसे लागू तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था लेकिन बाद के दिनों-वर्षों में और आज भी वह एकाधिकारवादी प्रवृत्ति कमोबेस सभी राजनीतिक दलों और नेताओं में देखने को मिलती रही है. एक तरह  देखें तो देश आज एक अघोषित आपातकाल की ओर ही बढ़ रहा है जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ी दिख रही है. भाजपा के वरिष्ठ और बुजुर्ग नेता लालकृष्ण आडवाणी ने हमारी मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था में ही इन प्रवृत्तियों के मौजूद रहने और आपातकाल के भविष्य में भी लागू किये जाने की आशंकाएं बरकार रहने का संकेत देकर इस चर्चा को और भी मौजूं बना दिया है.

आज़म के भैंस चोरों को पकड़ने पर पुलिस को सौ रुपये इनाम

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज़म खान के भैंस चोर को गिरफ्तार करने वाले मुरादाबाद जिले के मूंढापांडे थानाध्यक्ष रविन्द्र तोमर को सौ रुपये का चेक इनाम के तौर पर भेजा है.

भेजे हुए चेक की प्रति

यह रहा जगेंद्र हत्याकांड के कातिल के फोन कॉल का ऑडियो सच, खुदकुशी का दावा सफेद झूठ

मुख्‍यमंत्री और उनकी पुलिस का कहना है कि जागेन्‍द्र सिंह दाह-हत्‍याकाण्‍ड की अभी जांच की जाएगी। लेकिन इसके पहले ही मैं आप मित्रों को सुना-दिखा रहा हूं कि किस तरह घेर कर मारा गया था जाबांज पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह। मैं दे रहा हूं इससे जुड़े पुख्‍ता प्रमाण, जबकि हमारे मुख्‍यमंत्री ऐलान कर चुके हैं कि जांच के बाद ही किसी पर कोई कार्रवाई की जाएगी। पेश है उस रोंगटे खड़े कर देने वाले काण्‍ड के एक अभियुक्‍त की अपने एक परिचित से हुई बातचीत का ब्‍योरा—- 

अनशन पर बैठी महिला पत्रकार का घर ढहाया, पति समेत गिरफ्तार कर जेल में डाला

छत्तीसगढ़ : उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश में पत्रकारों को जलाकर मार दिये जाने की घटनाओं के बीच छत्तीसगढ के रायगढ़ जिले के खरसिया की महिला पत्रकार आरती वैष्णव के संघर्ष को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता। भ्रष्ट सीएमओ के खिलाफ आवाज उठाने वाली आरती वैष्णव को पहले तो अपना अजन्मा बच्चा खोना पड़ा, उसके बाद लगातार धमकियों का सामना करना पडा।जब कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई तो आरती और उनके ​पति ने महिला सीएमओ के खिलाफ आमरण अनशन शुरू कर दिया। इसे भी तुड़वाने की प्रशासन की तरफ से भरपूर कोशिश की गई लेकिन कल तो​हसीलदार द्वारा किया गया वायदा तोड़ दिया गया। वो भी कुछ इस रूप में कि पहले तो अनशनरत आरती को उनके पति के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। उनका घर जेसीबी से ढहा दिया गया।

कलम की आवाज़ बनो 25 जून को, दिल्ली जंतर मंतर चलो

प्रकाश फुलारा की अपील : मित्रों पत्रकारों पर हो रहे लगातार हमलों और जिस कदर पत्रकारों को जिंदा जलाया जा रहा है के विरोध में 25 जून को सुबह 11 बजे जंतर मंतर पर दिल्ली जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा धरना दिया जा रहा है। सभी पत्रकार इसमें सादर आमन्त्रित हैं। पत्रकार समाज में घट रही घटनाओं …

Market Defaulter Vivek Nagpal May have Links with BCCI Topguns

Vivek Nagpal, who disgraced former IPC commissoner Lalit Modi has called a hawala operator and is allegedly associated with President Pranab Mukherjee’s secretary Omita Paul, is believed to have links to several BCCI top-guns and was one of many businessmen whose phone was tapped by a private detective agency which had also targeted Arun Jaitley two years ago.

रिलायंस जिओ मीडिया को टीवी कंटेंट डिस्‍ट्रीब्‍यूशन के लिए मिली प्रोवीजनल मंजूरी

रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने सोमवार को कहा कि उसकी सब्सिडियरी रिलायंस जिओ मीडिया को संपूर्ण भारत में डिजीटल केबल टीवी क्षेत्र में मल्‍टी सर्विस ऑपरेटर के तौर पर काम करने के लिए सरकार से प्रोवीजनल रजिस्‍ट्रेशन हासिल हो चुका है।

रांची दूरदर्शन के निदेशक घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

रांची दूरदर्शन केंद्र के निदेशक शैलेश पंडित को सीबीआई ने आज पांच हजार रूपये घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। शैलेश पंडित पर पैसे लेकर नौकरी देने का आरोप लगा है। हालांकि इसमें और कितने लोग शामिल हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इस मामले में शैलेश से गहन पूछताछ की जा रही …

वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई का आकस्मिक निधन

वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक प्रफुल्ल बिदवई नहीं रहे। उनका निधन हो गया है। वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने लिखा- उनके निधन से पत्रकारिता को बड़ा सदमा लगा है। जुझारू पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई नहीं रहे और मुझे अभी प्रेस क्लब में पत्रकारिता के बुरे दिनों पर बोलने जाना था। अब क्या बोलूंगा पता नहीं। बिदवईजी के जाने से …

मंडी गोलीकांड : ठेकेदार और प्रशासन की नंगई का पासा उलटा पड़ गया

शिमला : आइआइटी मंडी कांड में सरकारी तंत्र की नंगई के खुले दर्शन किए जा सकते हैं। कहानी सीधी सी है- सैकड़ों मजदूर श्रम कानूनों को लागू कराने के लिए ठेकेदार और सरकारी तंत्र पर दबाव बना रहे थे। शातिर ठेकेदार प्रशासन के नाक के सामने मजदूरों का 24 लाख रुपये का ईपीएफ हड़प चुका था और अब वेतन देने में भी आनाकानी कर रहा था। प्रशासन ने मजदूरों का साथ देने के बजाए ठेकेदार को ही बंदूक की नोक पर ‘समाधान’ करने देने का मौका दिया, लेकिन पासा उलटा पड़ गया।

मुआवजे ने किया सिद्ध किया, मंत्री दोषी

अमर शहीद पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवार द्वारा मुआवजा स्वीकार कर लेने व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बात को मानकर उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा की जा रही जाँच से संतुष्ट होने की बात को दिल का ताड़ बनाकर पेश करने वाले साथियों से मेरा एक प्रश्न है। इन बातों को स्वीकार करने के अलावा उन गरीब, कमजोर, डरे हुए लोगों के पास क्या कोई दूसरा विकल्प था। जगेन्द्र को जिन्दा जला देने वाली घटना को आत्महत्या साबित करने में जुटी यूपी पुलिस के कार्य क्षेत्र में उनको सुरक्षित रहना है या नहीं? इनका फैसला समाजवादी पार्टी के तथाकथित गुंडों एव खाकी के द्वारा ही तो किया जाना है। जिन्दा रहना है तो बात मानो वर्ना कौन बचायेगा हम जगेन्द्र के परिवार को कही भी दोषी साबित नहीं कर सकते। 

जगेन्द्र सिंह हत्याकांड : प्रेस परिषद के खलीफाओं तक ने खूब फायदा उठाया

लाश पर रोटियां कैसे सेंकी जाती हैं, उसका सबसे ज्वलंत प्रमाण है जगेन्द्र सिंह हत्याकांड। छुटभैये पत्रकारों और नेताओं से लेकर प्रेसकौंसिल के खलीफाओं तक ने खूब फायदा उठाया इस प्रकरण का। जिन सरदार शर्मा के खिलाफ अपने जीवित रहते जगेन्द्र सिंह मोर्चा खोले रहे, हर कोई उन्ही से जाके पूछता रहा- जगेन्द्र पत्रकार था, तो कैसे? 

बोकारो में लुटेरों ने दो अखबार विक्रेताओं को पीटा

बोकारो : शहर में अखबार विक्रेता गणोश कुमार व इनके भाई भागीरथ गोराई को लुटेरों ने तमंचे के बट से पीटकर घायल कर दिया। बताया गया कि गणोश व उनके भाई भागीरथ चास मुफस्सिल थाना इलाके के नावाडीह स्थित अपने गांव से नया मोड़ सेंटर आ रहे थे। साइकिल से दोनों भाई जैसे ही गांधी गोलंबर पार कर एडीएम की ओर बढ़े, तभी झाड़ियों से दो बदमाश निकले। 

अखबार के प्रतिनिधि को अगवा करने की कोशिश

दहगवां क्षेत्र में एक अखबार के प्रतिनिधि को बदमाशों ने घेर लिया। उसको अगवा करने की कोशिश भी की, लेकिन वह किसी तरह बच निकला। उसने इस मामले में एसओ पर भी आरोप लगाए हैं। मामले की जांच के लिए एसएसपी को पत्र भी सौंपा है।

काटजू की बात पर मीडिया और सरकार दोनो खामोश क्यों, चीफ जस्टिस पर लगे आरोपों की जांच क्यों नहीं ?

”देश के चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया का मामला है । क़रीब दस महीनों से प्रधानमंत्री समेत क़ानूनी बिरादरी के महानुभावों और मीडिया में ठोकरें खा रहा है । इसकी जाँच क्यों नहीं होनी चाहिए?” अपने एफबी वाल पर शीतल पी सिंह लिखते हैं – ” देश के प्रधानमंत्री ने मना कर दिया है कि वे गौतम अडानी के बारे में, उनके (प्रधानमंत्री के सरकारी घर में ) आने जाने के बारे में किसी RTI का कोई जवाब नहीं देंगे ? सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काट्जू पिछले आठ महीने से सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के बारे में उन तक पहुँचे दस्तावेज़ों की जाँच की माँग करते प्रतीक्षारत हैं ? व्यावसायिक tycoon और वक़्त फ़िलहाल वांछित ललित मोदी के हवाले से देश के सबसे बड़े अख़बार ने कहा है कि महामहिम राष्ट्रपति की सबसे प्रमुख सहयोगी/सलाहकार/सचिव ओमिता पाल देश के सबसे बड़े हवाला कारोबारी की भागीदार हैं ? इससे बड़े सवाल एक साथ देश के सामने कब थे ? जस्टिस मार्कंडेय काटजू की एक गंभीर टिप्पणी ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। काटजू का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोप सही हैं तो दत्तू को भारत का मुख्य न्यायाधीश नहीं होना चाहिए। इस मामले की जांच जरूरी है। दत्तू पर लगे आरोपों की फाइल काटजू ने तत्कालीन कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, वरिष्ठ अधिवक्ता शांति भूषण, उनके बेटे प्रशांत भूषण, टाइम्स ऑफ इंडिया के धनंजय महापात्रा, इंडियन एक्सप्रेस और द हिंदू के पत्रकारों को उपलब्ध करा दी थी। 

भारत के चीफ जस्टिस एचएल दत्तू एवं जस्टिस मार्कंडेय काटजू

ललित मोदी का विस्फोट : राष्ट्रपति की सेक्रेटरी ओमिता पाल के हवाला सरगना विवेक नागपाल से करीबी रिश्ते

पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी ने एक विस्फोटक सूचना ट्विट की है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक ताजा खबर के मुताबिक ललित का कहना है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सेक्रेटरी ओमिता पाल देश के हवाला कारोबारियों के सरगना विवेक नागपाल की करीबी हैं। गौरतलब है कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर रहे के.के. पॉल की पत्नी अमिता पॉल प्रणब मुखर्जी के समय में वित्त मंत्रालय चलाती थीं। वह लंबे समय से मुखर्जी की करीबी रही हैं। जब वह मुखर्जी केंद्रीय वित्त मंत्री बने तो वे वित्त मंत्रालय में बतौर सलाहकार काम करने लगीं। भले ही वे केवल सलाहकार रही हों लेकिन अधिकारियों के तबादले हों या कोई बडे़ वित्तीय फैसले, अंतिम बात ओमिता की ही मानी जाती थी। जब मुखर्जी राष्ट्रपति बने तो कयास लगाए गए थे कि वह ओमिता को भी राष्ट्रपति भवन ले जा सकते हैं। और हुआ भी वही। वह मुखर्जी की सेक्रेटरी बन गईं। अब हवाला सरगना के साथ ओमिता का नाम जुड़ जाने से, और उन्हें मुखर्जी से संरक्षण के कारण इस कलंकित करने वाले प्रकरण का एक सिरा किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष तक जा रहा है।  

फिर वहीं पर जीमेंगे जागेन्‍द्र सिंह की तेरहवीं का भोज

देख्‍यौ भइया, तेवरिया ऐण्‍ड कम्‍पनी वालों ने तो शाहजहांपुर में जिन्‍दा फूंक डाले गये जागेन्‍द्र सिंह वाला मामिला को 20 लाख रूपया में डन ( नक्‍की-पक्‍का ) कराया था। सरकार और अफसरों के सामने डींगें खूब मारी थी कि,” यह बड़ा मुश्किल काम है। आजकल पत्रकार खुद को बहुत ईमानदार बनते हैं। ऐसे में इन पत्रकारों को सेट करना बड़ा मुश्किल होता है। खुद की छवि की भी बलि देनी पड़ती है।”

भविष्य डिजिटल मीडिया का : एमआइसीए डॉइरेक्टर

कोलकाता : मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशंस, अहमदाबाद (एमआइसीए) के निदेशक डॉ नागेश राव ने कहा है कि भविष्य डिजिटल मीडिया का भविष्य है। इसलिए उद्योग की मांग को देखते हुए एमआइसीए डिजिटल मार्केटिंग के विशेष कोर्स करा रहा है. डॉ नागेश राव ने पत्रकारों को बताया कि किसी ब्रांड को स्थापित करने, उसकी रणनीतिक ढंग से मार्केटिंग करने और अपनी बात को अपने टारगेट ऑडियंस तक क्रिएटिव तरीके से पहुंचाने से जुड़े पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में एमआइसीए एक जाना-माना नाम है.

जगेंद्र की फोरेंसिक रिपोर्ट से घटनाक्रम में नया मोड़, हत्या नहीं, खुदकुशी !!

लखनऊ की फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट ने जगेंद्र हत्‍याकांड को खुदकुशी करार दिया है। बताया गया है कि जगेन्द्र ने खुद आग लगाई थी. छाती के बाईं तरफ से आग से जलने के निशान पाए गए हैं. गौरतलब है कि जगेन्द्र ने घायल होने के बाद बयान दिया था और यूपी के मंत्री राममूर्ति वर्मा और यूपी पुलिस पर आग लगाने का आरोप लगाया था। 

मोदी भक्‍त अखबार की हालत पतली, तेजी से लुढ़क रहा सर्कुलेशन

खबर है कि दैनिक जागरण के प्रसार अधिकारी काफी परेशान हैं। परेशानी के कारणों की सही -सही जानकारी तो नहीं मिल पाई है लेकिन पता चला है कि टाइम्‍स ऑफ इंडिया से आए जीएम भी परेशानी को दूर नहीं कर पा रहे। 

इन्‍दौर प्रेस क्‍लब अध्यक्ष खारीवाल की सदस्यता समाप्त, चुनाव की अटकलें तेज

इंदौर प्रेस क्लब के चुनाव को लेकर इन दिनो घमासान छिड़ा हुआ है। प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रवीण खारीवाल की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। उन्हें वर्ष 2010 में निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत कोर्ट उठने तक की सजा सुनाई गई थी। खालवाल की सदस्यता समाप्ति का आदेश प्रेस क्लब के महासचविव अरविंद तिवारी ने जारी की है। 

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (3) : गलत शपथ पत्र से रजिस्ट्रार को गुमराह किया

कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर के वर्तमान स्वयंभू महामंत्री अवनीश दीक्षित ने गलत शपथ पत्र और प्रार्थना पत्र दे रजिस्ट्रार को गुमराह किया। शपथपत्र और प्रार्थना पत्र के साथ सारे प्रपत्र फ़र्ज़ी लगाये गये थे।

मुद्राराक्षस ने सत्ताओं, शक्ति केंद्रों को ठेंगे पर रखा

बेबाक, बेलौस शख्सियत, तीखी असहमतियों, आलोचनाओं को भी पचा कर मुस्कराते रहने वाले, अपने आलोचक को सर्वाधिक प्रिय मानने वाले, अपनी उपस्थिति से ही सबको ऊर्जस्वित करने की क्षमता से संपन्न मुद्राराक्षस लखनऊ  में  अपनों से रुबरू थे। उनके जन्मदिन की पूर्वसंध्या पर लखनऊ  के जयशंकर सभागार में २०  जून  दिन शनिवार को उन्हें सुनने, उनसे मिलने, उनके बारे में अपनी यादें बांटने तमाम लोग जुटे थे।  वे 82 साल के हो गये। सबने अपने-अपने ढंग से अपनी बातें कहीं। 

गाजीपुर के पत्रकारों ने सरकार को ललकारा, हत्यारों को गिरफ्तार करो

गाजीपुर : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या एवं हत्यारों की गिरफ्तारी न होने तथा प्रदेश भर में पत्रकारो के ऊपर हो रहे हमलों के विरोध में गाजीपुर पत्रकार एसोसिएशन के तत्वाधान में पत्रकारों ने मिश्रबाजार चौराहे से सरयू पाण्डेय पार्क तक मौन जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। 

सवाल सिर्फ यह है कि क्या संदीप पत्रकार था ?

यह मप्र है, यहां सबकुछ शांति और सद्भाव के साथ होता है। व्यापमं घोटाले में 28 आरोपियों की मौत हो गई फिर भी शांति है। डीमेट घोटाले में दायें से बायें तक सब के सब फंसे हैं। कुल 5500 फर्जी डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, फिर भी चारों ओर शांति है। पत्रकार संदीप कोठारी हत्याकांड हो गया, तो क्या हुआ, शांति तो शांति ही है। कोई आवाज नहीं उठा रहा। उल्टा पुलिस मरने वाले को ही कुछ इस तरह दोषी ठहरा रही है मानो मौत तो उसका मुकद्दर ही थी। जो हुआ, वही होना था। 

पढ़ते रहें भड़ास, लामबंद हो अब उत्पीड़ित-वंचित मीडिया बिरादरी

हम किसी भी कीमत पर इस कारपोरेट मीडिया के तिलिस्म को किरचों में बिखेरना चाहते हैं। मजीठिया के नाम पर धोखाधड़ी से जिन्हें संशोधित वेतनमान के सिवाय कुछ भी हासिल नहीं हुआ है और अपने अपने दफ्तरों में गुलामों जैसी जिनकी जिंदगी है, बेड़ियां उतार फेंकने की चुनौती वे अब स्वीकार करें। 

 

ज़ी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ से एक साथ 15 लोगों के जबरन इस्तीफे

ज़ी मध्यप्रदेश – छत्तीसगढ़ के चैनल हेड दिलीप तिवारी ने चैनल के कुछ रिपोर्टर सहित इनपुट और आउटपुट के कुल 15 लोगों से जबरिया इस्तीफा ले लिया है।

सहारा में एक और विकेट गिरा, दुग्गल ने ज्वॉइन की डॉबर कंपनी

राष्ट्रीय सहारा देहरादून के बुरे हाल हैं। लगभग एक सप्ताह में तीन लोगों ने संस्थान को अलविदा कह दिया । ताजा मामला एकाउंट हेड रमेश चंद दुग्गल का है । दुग्गल ने डाबर कंपनी को ज्वाइन कर लिया है । ऑफर लेटर प्राप्त हो गया है। अगर सब कुछ ठीकठाक रहा तो जुलाई के पहले …

पत्रकार संदीप का शव थाने में रखकर घेराव, हत्या के विरोध में कटंगी बंद

मंडला (मध्य प्रदेश) : पत्रकार संदीप कोठारी की हत्या के विरोध में सोमवार को कटंगी के बाजार बंद हैं. संदीप के परिजनों ने पुलिस थाने के सामने शव रखकर सीबीआई जांच की मांग की. वह सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक अंतिम संस्कार नहीं किए जाने की बात पर अड़े हुए थे. आखिकरार एएसपी के एसआईटी का गठन कर जांच के एलान के बाद वह अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए. गौरतलब है कि इससे पूर्व प्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर सीबीआई से घटना की जांच कराने की मांग ठुकरा चुके हैं. 

छप्पन लाख में सौदा कर आखिर ढहा ही दिया केदार बाबू का घर

बांदा (उ.प्र.) : आखिरकार, जनकवि जनकवि बाबू केदारनाथ अग्रवाल का मकान ढहा ही दिया गया, और इसी के साथ इस घर से जुड़ी ऐतिहासिक यादें मलबें में बिखर गईं। घर का 56. 64 लाख रुपये में सौदा हो चुका था। जिले के साहित्यकारों ने केदार बाबू की पुत्रवधू की ओर से किया गया सौदे का रजिस्टर्ड इकरारनामा हासिल कर लिया है। उन्होंने मीडिया को इकरारनामे की फोटोकॉपी उपलब्ध करा दी है।

पत्रकार संदीप हत्याकांड की भी सीबीआई जांच से एमपी सरकार का इनकार, जांच एसआईटी को

बालाघाट (म. प्र.) : पत्रकार संदीप कोठारी को अगवा कर जिंदा फूंक देने की घटना की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंप दी गई है। दो आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। तीसरे फरारी पर 30 हजार का इनाम घोषित हो गया है। संदीप के भाई नवनीत का कहना है कि उनके भाई की हत्या में खनिज, भूमाफिया का हाथ है। इस मामले की केद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जाए। इस मांग को राज्य के गृहमंत्री बाबू लाल गौर ने नकार दिया है। कोठारी तीन वर्ष पूर्व एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार थे, वर्तमान में भी वे लेखन का कार्य किए जा रहे थे। आरोपियों का चिटफंड, खनन सहित अन्य कारोबार है। कोठारी इन आरोपियों की गतिविधियों के खिलाफ समाचार लिखते रहे हैं।

पत्रकार आधी जंग जीते, जगेंद्र के परिजनों को 30 लाख मुआवजा, दो को नौकरी का भरोसा दिया सीएम अखिलेश यादव ने

नई दिल्ली: पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड के आरोपी मंत्री पर तो अभी तक कार्रवाई नहीं हुई लेकिन परिवार से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीस लाख रुपए के मुआवजे और घर के दो लोगों को नौकरी का भरोसा दे दिया है. इसके बाद परिवार ने धरना खत्म कर दिया है.

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड पर केंद्र और यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली : शाहजहांपुर के जुझारू पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान ले लिया है। इससे हत्याकांड के आरोपी मंत्री और पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता भी आसान होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। कोर्ट ने हत्याकांड के संबंध में यूपी सरकार, केंद्र सरकार और प्रैस काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस भेजकर दो सप्ताह के भीतर जवाब तलब कर लिया है। 

व्हाट्सअप ने पत्रकारों को किया एकजुट, घेर लिया सीएम का घर

2008 के आस -पास पहली बार सोशल साइट्स पर कदम रखा था। एक आईटी कंपनी में बतौर एसोसिएट कंटेन्ट क्रिएटर लैपटॉप ऑन करने के बटन को दबाने से मैंने आईटी के इस मकड़जाल को धीरे –धीरे सीखा था। सबसे पहले ऑर्कुट फिर ब्लॉग फिर फेसबुक। तीन साल तक फेसबुक पर अपडेट रहने के कई फायदे हुए। लोगों से जान पहचान हुई और पत्रकारिता जगत में इंट्री भी इसी के माध्यम से हुई। इसलिए आज के व्हाट्सअप तुरत फुरत के जमाने में भी फेसबुक को दिल से जुदा करने का मन नहीं होता लेकिन अब व्हाट्सअप पर क्रांति दौड़ रही है।

पत्रकार पर हमले का विरोध, सीएम भी कार्रवाई करा पाने में नाकाम

फोटो जर्नलिस्ट मनोरंजन सिंह पर अधिकारियों के गुंडों और ठेकेदारों द्वारा किए गए कातिलाना हमले का पूरे झारखंड मे विरोध है. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शुक्रवार को उनके घर पहुंचकर घटना की निंदा करते हुए गुंडों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की.

जगेंद्र हत्याकांड पर डीजीपी के खिलाफ कोर्ट जाएंगे कुमार सौवीर

वरिष्ठ पत्रकार कुमार सौवीर ने अपने फेसबुक वाल पर लिखा है – ”यूपी के डीजीपी अरविन्‍द जैन की पुलिस का कमाल यहां शाहजहांपुर में देखें तो आप दांतों तले उंगलियां कुचल डालेंगे, जहां मंत्री का इशारा था, अपराधी मोहरा बना था और अपराधी बना डाला गया हत्‍या का जरिया। सिर्फ दो दिन तक पुलिस ने एक सीधी-सच्‍ची एफआईआर को टाल दिया और उसकी जगह में एक नयी रिपोर्ट दर्ज लिख डालीा ताना-बाना इतना जबर्दस्‍त बुना गया कि उसके बल पर मंत्री-अपराधी-पत्रकार और पुलिस की साजिशों से जगेन्‍द्र सिंह के खिलाफ डेथ-वारण्‍ट तामील करा दिया। अब मैं इस प्रकरण पर सीधे अदालत में ही पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जा रहा हूं, जिसमें डीजीपी अरविन्‍द जैन भी शामिल होंगे, जिन्‍होंने जान-बूझ कर भी एक असल मामले की तहरीर को मनचाहे तरीके से बदलवा दिया।

मजीठिया वेतनमान पर उपायुक्त ने औरंगाबाद भास्कर से जवाब तलब किया

औरंगाबाद दैनिक भास्कर के मराठी दैनिक अखबार दिव्य मराठी को कामगार उप आयुक्त कार्यालय औरंगाबाद विभाग ने मजीठिया के संदर्भ में 19 जून 2015 को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि आप ने मजीठिया वेतनमान अपने यहां लागू किया है नहीं।

कैमूर में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का पुतला फूंका, धरना

भभुआ (बिहार) । कैमूर ज़िला पत्रकार संघ ने यूपी के पत्रकार जगेंद्र सिंह की जघन्य हत्या तथा पीलीभीत के पत्रकार हैदर खान पर सरकारी गुंडों द्वारा किये गए कातिलाना हमले के विरोध में ज़िला समाहरणालय पर एक दिवसीय धरना दिया और सभा की। उसके बाद यू पी के मुख्यमन्त्री अखिलेश यादव का पुतला दहन किया तथा डी एम के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को अपनी मांग को लेकर ज्ञापन दिया।

कैमूर जिला मुख्यालय पर अखिलेश यादव का पुतला दहन करते पत्रकार

लोकायुक्त नियुक्ति के राजनीतीकरण के प्रयास विरोध

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लोकायुक्त नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव और शिकायतकर्ता पर अंकुश लगाने के प्रयासों को तत्काल बंद करने की मांग की है. 

सवाल और आह्वान : जगेन्द्र तो मर गए, क्या आप जिंदा हैं !

लखनऊ : पत्रकार दोस्तों, जगेन्द्र सिंह के जिंदा जलाकर मार दिए जाने के बाद उनका परिवार अब बिखर चुका है। बीबी-बच्चे सड़क पर आ गए हैं और अचानक जिंदगी की छोटी-मोटी जरूरतों तक के लिए भी वे दूसरों पर मोहताज हो गए हैं। आप सभी जानते हैं कि इस स्थिति में आपका अपना परिवार भी कभी भी पहुंच सकता है, यदि आप ईमानदारी से अपनी पेशेगत जिम्मेदारी निभा रहे हैं तो। हालांकि वो लोग जरूर सुरक्षित हैं जिनमें पेशेवाराना ईमानदारी नहीं है और जो छोटी-छोटी खबरों पर भी समझौते कर लेते हैं।

 

जलाकर मारे गये पत्रकार जगेंद्र और संदीप की हत्या का ज़िम्मेदार कौन?

उत्तर प्रदेश में एक पत्रकार की जलने के बाद हुई मौत से ठीक पहले पत्रकार के अंतिम बयान में यह कहा जाना कि “मुझको गिरफ्तार करना था… तो कर लेते मगर पीटा क्यों ? और आग क्यों लगा दी?”, इतने सवालों को खड़ा कर देता है कि न तो उत्तर प्रदेश सरकार उनका जवाब दे पाएगी न ही पत्रकारिता जगत के दिग्गज! अभी ये मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था, कि मध्य प्रदेश में भाजपा शासित सरकार की नाकामी के तौर पर एक पत्रकार की जली हुई लाश बरामद हुई, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि खनन माफिया ने पहले पत्रकार का अपहरण किया और बाद में जलाकर मारा और लाश को दबा दिया। सरकार सपा की हो या बीजेपी की, पत्रकार कहां सुरक्षित है..? ये समझ में नहीं आ रहा ! और इसके लिए दोषी कौन है..? ये भी साफ नहीं हो रहा है !

वरिष्ठ पत्रकार उमेश द्विवेदी का निधन

मुंबई : वरिष्ठ पत्रकार उमेश द्विवेदी का रविवार को अंधेरी के एक अस्पताल में निधन हो गया। उन्होने जनसत्ता, जनसंसार और सहारा समय मुंबई में काम किया था और वे इस समय राष्टीय सहारा मुंबई में कार्यरत थे। मूलत: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले उमेश द्विवेदी ५५ साल के थे। उनके निधन पर …

सीएमओ के हमले में अजन्मा शिशु गंवा चुकी महिला पत्रकार अनशन पर

रायपुर (छत्तीसगढ़) : जिले की खरसिया तहसील में महिला सीएमओ द्वारा किये गये हमले के कारण, सीएमओ का भ्रष्टाचार उजागर करने की सजा आरती को अपने अजन्मे बच्चे को खोकर चुकानी पड़ी । महिला पत्रकार आरती अपने ऊपर हमले के दौरान मारे गये अपने तीन महीने के गर्भस्थ शिशु की हत्या का मामला दर्ज कराने के लिये पिछले डेढ़ साल से संघर्ष कर रही है।

गुस्से में रवीश कुमार, गाली देने वालों का उनके घर तक पीछा करेंगे

कोई मेरे कमेंट में जाकर गाली देने वालों की सामाजिक पृष्ठभूमि का अध्ययन कर सकता है । आसानी से एक ब्लाक का पता चल सकता है जो गाली देता है । गाली और आलोचना में फ़र्क समझता हूँ । आलोचना हमेशा स्वागत योग्य है । यहाँ तक कि दो कप की तस्वीरें लगा देने पर उसी जाति ब्लाक के लोग आए और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे । 

संदीप के माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं, सदमे के डर से बहन ने ताले में बंद किया

बालाघाट (म.प्र.) : पत्रकार संदीप कोठारी के अपहरण की खबर मिलते ही उनकी मां बेहोश हो गईं। पिता प्रकाश चंद्र कोठारी बदहवास से हो गए। रविवार शाम तक उनको पता नहीं था कि बेटे की हत्या हो चुकी है। बहन ने घर के बाहर इसलिए ताला लगा दिया है कि उनके घर कोई आया तो मां-पिता को संदीप की मौत का पता चल जाएगा। 

पत्रकार को छोड़ने के लिए जर्मनी से अल जजीरा की गुजारिश

दोहा : अल जजीरा ने जर्मनी से आग्रह किया है कि वह उसके पत्रकार अहमद मंसूर को तुरंत रिहा कर दे। अहमद मंसूर को मिस्र के अधिकारियों की मांग पर बर्लिन हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया है।

पत्रकार जगेंद्र और संदीप, दोनो की हत्या के पीछे खनन माफिया

बालाघाट (मप्र) : पत्रकार संदीप कोठारी हत्याकांड के संबंध में कटंगी के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस जे एस मरकाम ने बताया कि पुलिस को पता चला है कि तीनों गिरफ्तार आरोपी अवैध खनन और चिटफंड के कारोबार से जुड़े हुए हैं और पत्रकार पर उनके खिलाफ अवैध खनन का एक स्थानीय अदालत में दर्ज प्रकरण वापस लेने का दबाव बना रहे थे। संदीप इसके लिए राजी नहीं था और संभवत: उसे इसकी ही कीमत चुकानी पड़ी है।

जगेन्द्र के परिवार को लालच और धमकियां, डीएम दफ्तर के सामने पत्रकारों ने की तेरहवीं

शाहजहांपुर : पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार को धमकी और लालच देने का सिलसिला जारी है। मृतक के परिजनों ने धमकाने की शिकायत पुलिस में दी है। पिछले सात दिनों से धरने पर बैठे परिजनों ने जगेन्द्र का तेहरवीं संस्कार भी कर दिया। जिले के तमाम पत्रकारों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने जगेन्द्र का तेहरवीं संस्कार किया। इस दौरान पत्रकारों ने हवन पूजन कर 13 ब्राह्मणों को भोजन भी कराया। 

जगेंद्र हत्याकांड : मंत्री, पुलिस और दलाल पत्रकार चौकड़ी की करतूतों का ये है जिन्‍दा सुबूत !

यह है एक निर्भीक पत्रकार को जिन्‍दा फूंकने के लिए हत्‍यारे मंत्री-माफिया-पुलिस और पत्रकारों की चौकड़ी का जिन्‍दा सुबूत। यह सुबूत है कि कैसे जगेन्‍द्र सिंह को मंत्री और पुलिसवालों ने अंतहीन उत्‍पीड़न और मारक तनाव दिये, बल्कि यूपी सरकार में सच बोलने वालों को हश्र क्‍या होता है।

विष्णु प्रभाकर सम्मान समारोह में डॉ.वर्तिका नंदा ने कहा – समाज में हर चुप्पी को तोड़ना होगा

नई दिल्ली : सुप्रसिद्ध साहित्यकार विष्णु प्रभाकर के 104 वें जन्म दिन के अवसर पर गांधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा, विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान, नई दिल्ली और राष्ट्रीय मासिक अनिल संदेश की ओर से​निधि सभागार में आयोजित समारोह में जानी मानी मीडिया विशेषज्ञ डॉ वर्तिका नंदा ने कहा कि आज समाज में हर चुप्पी को तोड़ना होगा। प्रतिरोध की ताकत विकसित करनी होगी। यह हमारे समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। समारोह में बिहार के पत्रकार रविशंकर रवि को विष्णु प्रभाकर पत्रकारिता सम्मान, अयोध्या की बिन्दु पाण्ये ‘विजेता’ को विष्णु प्रभाकर शिक्षा सम्मान, जिन्द की डॅा सुधा मल्होत्रा को विष्णु प्रभाकर साहित्य सम्मान के अलावा फरीदाबाद की रंजना, विशिदा की सार्वजनिक भोजनालय समिति को विष्णु प्रभाकर समाज सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया।

खुलेआम पत्रकारों को धमकी, चाहे जो भी हो, सच्चाई तो छपेगी

सुना है सिवनी में अब ब्लेकमेलर पत्रकार भी पैदा हो गये हैं जो पहले यदा-कदा ही देखने को मिलते थे। नगर का एक मिड डे अखबार (राष्ट्रचंडिका नही) जो लोगों की वाणी कहलाता था जिस पर अब ब्लेकमेलिंग का धब्बा लग गया है। यूं तो सिवनी में ऐसे भी पत्रकार है जिनके पास अखबार न होते हुए भी वह डंके की चोट में वसूली अभियान चलाते हैं। राष्ट्रचंडिका ने पहले भी कई ऐसे पत्रकारों के काले कारनामें सामने लायें हैं जिनका कोई वजूद (अखबार) ही नहीं है। ऐसे पत्रकारों को हम ‘छोटे कद के’ पत्रकार कहेंगे जिनका कद वास्तविकता में लंबा क्यों न हो लेकिन पत्रकारिता में छोटे कद के नाम से ही जाने जायेंगे।

जी मीडिया के चैयरमैन सुभाष चंद्रा और उनके पुत्र पुनीत गोयनका के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूएसबी चौहान ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर जी मीडिया समूह के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा, उनके पुत्र एवं समूह के प्रबंध निदेशक पुनीत गोयनका तथा तीन अन्य के खिलाफ तमनार थाना पुलिस ने जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज की है।

 

डीडब्ल्यू का नया अंग्रेजी चैनल 22 जून को लांच

डॉयचे वेले का नया अंग्रेजी चैनल सोमवार, 22 जून को लांच हो रहा है। इसका न्यूज स्टूडियो नए अंदाज में नजर आएगा। स्टूडियो का मुख्य आकर्षण है दो मीटर ऊंची, 12 मीटर लंबी और एक टन भारी हाई डेफिनिशन वीडियो स्क्रीन। दुनिया भर में सोशल मीडिया पर चल रहे ट्रेंड्स के बारे में डीडब्ल्यू के संपादक लाइव रिपोर्टिंग करेंगे। नए सोशल मीडिया डेस्क और संवाददाताओं के नेटवर्क के जरिए डीडब्ल्यू अपना लक्ष्य हासिल करना चाहता है। डॉयचे वेले चारों भाषाओं में प्रसारण जारी रखेगा।

विवेचना पत्र में पुलिस ने पत्रकार संदीप कोठारी को भी सजायाफ्ता अपराधी करार दिया

पत्रकार संदीप कोठारी हत्या कांड के संबंध में मध्य प्रदेश के कटंगी थाने की पुलिस को दी प्राथमिक सूचना में ललितकुमार राहगडाले ने बताया है कि वह 19 जून को रात साढ़े 12 बजे बाइक से बालाघाट से संदीप के साथ आ रहे थे। आगासी रेलवे क्रासिंग के कुछ दूर एक सफेद रंग की कार नंबर एमएच40केआर 2255 ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। कार को ब्रजेश डहरवाल चला रहा था। कार में दो लोग और बैठे हुए थे। बाइक गिराने के बाद वे तीनो संदीप कोठारी को अपहृत कर बालाघाट की ओर ले गए। 

संदीप हत्याकांड में दबोचे गए दो आरोपी

हिंदी के चंबल का एक बाग़ी मुद्राराक्षस

अगर मुद्राराक्षस के लिए मुझ से कोई एक वाक्य में पूछे तो मैं कहूंगा कि हिंदी जगत अगर चंबल है तो मुद्राराक्षस इस चंबल के बाग़ी हैं । जन्मजात बाग़ी । ज़िंदगी में उलटी तैराकी और सर्वदा धारा के ख़िलाफ़ चलने वाला कोई व्यक्ति देखना हो तो आप लखनऊ आइए और मुद्राराक्षस से मिलिए। आप हंसते , मुसकुराते तमाम मुर्दों से मिलना भूल जाएंगे। हिप्पोक्रेटों से मिलना भूल जाएंगे । मुद्राराक्षस की सारी ज़िंदगी इसी उलटी तैराकी में तितर-बितर हो गई लेकिन इस बात का मलाल भी उन को कभी भी नहीं हुआ । उन को कभी लगा नहीं कि यह सब कर के उन्हों ने कोई ग़लती कर दी हो । वास्तव में हिंदी जगत में वह इकलौते आदि विद्रोही हैं। बहुत ही आत्मीय किस्म के आदि विद्रोही। पल में तोला , पल में माशा ! वह अभी आप से नाराज़ हो जाएंगे और तुरंत ही आप पर फ़िदा भी हो जाएंगे । वह कब क्या कर और कह बैठेंगे , वह ख़ुद नहीं जानते। लेकिन जानने वाले जानते हैं कि वह सर्वदा प्रतिपक्ष में रहने वाले मानुष हैं ।

पत्रकार संदीप हत्याकांड के दो आरोपी दबोचे गए, मध्यप्रदेश पुलिस पूछताछ-छानबीन में जुटी

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के कटंगी निवासी युवा पत्रकार संदीप कोठारी की हत्या किए जाने की आशंका के बीच पुलिस संदिग्ध आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अपनी जांच में जुट गयी है।

हत्यारों द्वारा नृशंसता पूर्वक मौत के घाट उतारे गए युवा पत्रकार संदीप कोठारी के शव के घटनास्थल से लिए गए चित्र……..

‘पीपली लाइव’ की डायरेक्टर अनुषा के पति फारूकी अमेरिकी महिला से रेप के आरोप में गिरफ्तार

फिल्म ‘पीपली लाइव’ की डायरेक्टर अनुषा रिजवी के पति महमूद फारूकी को रेप के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला 28 मार्च का है। अमेरिकी युवती ने फारूकी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। दिल्ली पुलिस ने फारूकी को जेल भेज दिया। पीड़ित युवती अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में रिसर्चर है।

कातिलों और बेशर्मों के खिलाफ लखनऊ में शुरू हो गई जगेंद्र के परिजनों को इंसाफ दिलाने की जंग

गज़ब हो गया। पहले यही बड़ी बिरादरी कस्बाई बिरादरी को दलाल के तौर पर पुकारती थी, आज वही लखनऊ-राजधानी वाली की बड़ी बिरादरी के लोगों ने छोटी बिरादरी के पहले कहे गए अदने से ‘दलाल’ पत्रकार शहीद जगेंद्र सिंह को गांधी प्रतिमा पर एक बड़े सम्मलेन में अपनी श्रद्धालियां अर्पित कर दिया। हज़रतगंज के जीपीओ चौराहे स्थित गांधी प्रतिमा पार्क पर खूब भीड़ जुटी। सभी के चेहरों पर आक्रोश था, व्यथा थी, गुस्सा था। यकीन मानिये कि आज मैं बेहद खुश हूँ। आज मुझे अहसास हो गया है कि हम बहुत जल्द ही जगेंद्र सिंह और उसके प्रियजन और मित्रों की जीत हासिल कर सकेंगे। बहुत दिनों बाद आज लग रहा है कि शायद मेरा ब्लड प्रेशर अब संभल जाए। जी भर कर रोने का भी मन कर रहा है।

जीएम की हरकतों से नेशनल दुनिया के कर्मचारी गुस्से में

नोएडा : नेशनल दुनिया के नोएडा कार्यालय में आजकल अखबार के मुख्य महाप्रबंधक मनीष अवस्थी की कार्यशैली को लेकर व्यापक रोष व्याप्त है । पिछले कई माह से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है. अपने चाटुकार कर्मचारियों को गुपचुप वेतन दिलवाया जा रहा है । मनीष के इस सौतेले रवैये से सम्पादकीय व अन्य विभाग के कर्मचारियों में रोष है। 

रतनलाल जोशी स्मृति शताब्दी समारोह में मूल्यपरक पत्रकारिता की वकालत

राजगढ़ (म.प्र.) : वरिष्ठ पत्रकार महेश श्रीवास्तव ने कहा कि पत्रकारिता क्षेत्र में आने वालों को यह समझना होगा कि वे इस क्षेत्र में क्यों आना चाहते हैं. यदि पत्रकार बनकर रौब झाड़ऩे अथवा बड़े लोगों से सम्पर्क बनाकर स्वार्थ प्राप्ति की ही धारणा है तो इस उद्देश्य के साथ इस पेशे में आने  से बचना चाहिये. आज की पत्रकारिता खतरनाक है. जो व्यक्ति अपने स्वार्थों को तिलांजलि देकर कांटे भरे रास्तों में अंधेरे में चलने की हिम्मत रखता है, समाज को कुछ देने की लालसा रखता है, उसे ही आगे आना चाहिये. पत्रकारिता के माध्यम से हम सकारात्मक कार्य करते हुए अपने जीवन को धन्य बना सकते है. 

मणिकर्णिका घाट पर सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेन्द्र राय की अंत्येष्ठि

‘साझा संस्कृति मंच’ के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्ता धर्मेन्द्र राय की अंत्येष्ठि शनिवार को मणिकर्णिका घाट पर की गई। वह गत दिनों प्रतापगढ़ होटल अग्निकांड में मारे गए थे। उनके इकलौते पुत्र आशुतोष राय ने मुखाग्नि दी। परिवार में उनकी पत्नी, पुत्र आशुतोष और एक पुत्री आकांक्षा है।

हिंदुस्तान, सहारा, पत्रिका और दूरदर्शन से आवाजाही की सूचनाएं

गोरखपुर हिंदुस्तान में इन दिनो संपादक दिनेश पाठक के जाने को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। बताया जा रहा है कि इलाहाबाद से सुनील द्विवेदी को गोरखपुर स्थानांतरित किया जा रहा है। सुनील इससे पहले आइनेक्स्ट गोरखपुर में काम कर चुके हैं। गोरखपुर आइनेक्स्ट से कुछ रिपोर्टरों के हिंदुस्तान ज्वॉइन करने की संभावनाएं अभी से चर्चा में हैं। 

देश में आज भी अघोषित आपात काल कायम

आपातकाल की चालीसवीं वर्ष गांठ के अवसर पर राजनीतिक विमर्श का एक दौर चल पड़ा है। लालकृष्‍ण आडवाणी के बाद अब पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने भी आपातकाल की संभावना से इंकार नहीं किया है। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि ‘आज राजनीति में द्वेष और बदले की भावना बढ़ गई है। इस लिहाज से आपातकाल के डर से इंकार नहीं किया जा सकता। 

मुंबई में वरिष्ठ पत्रकार आलोक भट्टाचार्य का निधन

मुंबई : प्रख्यात कवि पत्रकार, साहित्यकार आलोक भट्टाचार्य का शनिवार रात डोंबिवली के नवजीवन अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे पिछले एक साल से बीमार चल रहे थे। वह अपने पीछे पत्नी, पूत्र और पूत्रवधू का भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं। उनके निधन पर मुंबई के पत्रकारो में शोक की लहर है। 

अखिलेश सरकार सीबीआई से नहीं कराएगी जगेंद्र हत्याकांड की जांच, अब हाईकोर्ट की सुनवाई का इंतजार

शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग को प्रदेश सरकार ने ठुकरा दिया है। अब देश-प्रदेश के आंदोलित पत्रकारों और संगठनों की निगाह 25 जून को इस मामले की हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। हत्याकांड का मुख्य आरोपी प्रदेश सरकार का एक आरोपी राममूर्ति वर्मा के होने से इस मांग को ठुकराए जाने की मुख्य वजह माना जार हा है। हत्याकांड में कोतवाली प्रभारी समेत पांच पुलिस वाले भी अभियुक्त हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है लेकिन एक भी हत्यारोपी अब तक गिरफ़्तार नहीं किया गया है।

शाहजहांपुर में धरने पर बैठे पत्रकार जगेंद्र सिंह के पत्नी बच्चे व अन्य

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर छह महीने तक मीडिया से बात नहीं करेंगे

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा है कि वह छह महीने तक मीडिया से बात नहीं करेंगे। इससे पहले गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर शायद ही कभी मीडिया के सवालों पर जवाब देने से कतराए हों। वह पिछले तीन दिनों से गोवा में हैं। विभिन्न मुद्दों पर उनके बयान की मीडिया आलोचना कर रहा है। 

मंत्री प्रजापति के खिलाफ एफआईआर के लिए डीजीपी दफ्तर के सामने प्रदर्शन

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आज मंत्री गायत्री प्रजापति द्वारा महिला आयोग अध्यक्षा जरीना उस्मानी, सदस्य अशोक पाण्डेय और कुछ पुलिसवालों के साथ कूटरचना कर और फर्जी महिला खड़ी कर उन दोनों को बलात्कार और मारपीट जैसी गंभीर मामलों में फंसाए जाने के सम्बन्ध में एफआईआर नहीं दर्ज करने के सम्बन्ध में डीजीपी कार्यालय के सामने अपना विरोध प्रदर्शन किया.  

लखनऊ में डीजीपी दफ्तर के सामने विरोध प्रकट करते आईपीएस अमिताभ ठाकुर और सामाजिक कार्यर्ता डॉ.नूतन ठाकुर

बांदा में जनकवि केदारनाथ अग्रवाल का घर ढहाने का विरोध, जलेस ने संरक्षण की मांग उठाई

जनवादी लेखक संघ के महासचिव मुरली मनोहर प्रसाद सिंह एवं उप-महासचिव संजीव कुमार ने विश्वविख्यात हिंदी जनकवि केदारनाथ अग्रवाल का वह घर ढहाए जाने का प्रबल विरोध किया है, जो कभी देश भर के यशस्वी रचनाकारों का अड्डा रहा है। उन्होंने कहा है कि यह बहुत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है, दिवंगत जनकवि केदारनाथ अग्रवाल के बांदा स्थित घर को व्यावसायिक प्रयोजनों से ज़मींदोज़ करने की तैयारियां चल रही है. केदार बाबू ने जिस घर में जीवन के 70 साल गुज़ारे, जहां हिंदी के सभी प्रमुख साहित्यकारों का लगातार आना-जाना रहा, जिस घर में आज भी उस महान कवि का पुस्तकों-पत्रिकाओं का संचयन – बदतर हाल में ही सही – मौजूद है, उसे संरक्षित करने में उनके परिजनों की कोई दिलचस्पी नहीं है. 

ये है अंदर की राजनीति, शिवराज ने बंधवाया कैलाश का बोरिया-बिस्तर

अंतत: कैलाश विजयवर्गीय नई दिल्ली पहुंच ही गए और अब वे प्रदेश की बजाय राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे। कल शाम भाजपा आलाकमान ने उन्हें राष्ट्रीय महासचिव का महत्वपूर्ण जिम्मा सौंप दिया। पर्दे के पीछे का राजनीतिक सच यह भी है कि प्रदेश की राजनीति से कैलाश विजयवर्गीय को बाहर रखने के इच्छुक मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी थे। ताई और भाई का झगड़ा भी पुराना चलता रहा है, लिहाजा लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ताकतवर हो चुकी श्रीमती सुमित्रा महाजन यानि ताई ने भी इस मामले में पर्दे के पीछे सक्रिय भूमिका निभाई। दिल्ली दरबार ने भी इस निर्णय से पहले मुख्यमंत्री से सलाह मशवरा करते हुए उन्हें पूरी तवज्जो भी दी। दिल्ली स्थित राजनीतिक सूत्रों का यह भी कहना है कि इंदौर और भोपाल से कैलाश विजयवर्गीय का बोरिया-बिस्तर बंधवाने में शिवराज की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है।

सीएम अरविंद केजरीवाल के टीवी विज्ञापन पर भाजपा का प्रहार, सुप्रीम कोर्ट जाने की धमकी

इन दिनों टीवी पर केजरीवाल सरकार का एक ऐड चल रहा है जिसमें अरविंद केजरीवाल को छोड़ कर बाकी सभी नेताओं को बेईमान बताया जा रहा है। विज्ञापन को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का ‘उल्लंघन’ करार देते हुए भाजपा ने धमकी दी है कि अगर इसे तुरंत नहीं हटाया गया तो वह सुप्रीम कोर्ट जाएगी। केजरीवाल सरकार विज्ञापन पर पैसे की बर्बादी कर रही है।

पूर्व सपा विधायक की सफारी से अमर उजाला के पत्रकार धीरज पांडेय को कुचलने वाला गिरफ्तार

बस्तीः सपा के पूर्व विधायक की सफारी गाड़ी से देर रात अमर उजाला के पत्रकार धीरज पांडेय को कुचलने वाले चालक को घटना के ग्यारह दिन बाद स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

यही है पत्रकार धीरज पांडेय को कुचल कर भागा पूर्व विधायक की गाड़ी का चलक प्रमोद यादव 

एक तरफ ‘मेक इन इंडिया’ का नारा, दूसरी तरफ छंटनी से लेकर मंदी तक की परिघटनाएं

कांग्रेस की श्रम विरोधी व कारपोरेट परस्त नीतियों से त्रस्त जनता को मोदी सरकार के ‘मेक इन इंडिया‘ और ‘कौशल विकास‘ के नारे से बहुत उम्मीद जगी थी। परन्तु आशा की यह किरण धुंधली पड़ने लगी है। उद्योगों  के निराशाजनक व्यवहार को साबित करते हुये देश की दूसरे नम्बर की ट्रैक्टर बनाने वाली कम्पनी ने अपने संयत्रों से 5 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। गनीमत यह रही कि एक प्रतिष्ठित दक्षिण भारतीय महिला की छत्रछाया में चलने वाले इस औद्योगिक समूह से निकाले जाने वाले कर्मियों के प्रति संवेदना दिखाते हुये प्रबन्धन ने उन्हें पहले से ही सूचना देने के साथ साथ न केवल तीन माह का ग्रोस वेतन दिया। बल्कि छंटनी ग्रस्त कर्मियों के लिये एक सुप्रसिद्व जॉब कन्सलटेंट की सेवायें दिलवाकर उन्हें दूसरी कम्पनियों में नौकरी दिलवाने की भी कोशिश की। 

मौजूदा मीडिया बनाम आपातकाल के दौर की पत्रकारिता

क्या मौजूदा वक्त में मीडिया इतना बदल चुका है कि मीडिया पर नकेल कसने के लिये अब सरकारों को आपातकाल लगाने की भी जरुरत नहीं है। यह सवाल इसलिये क्योंकि चालीस साल पहले आपातकाल के वक्त मीडिया जिस तेवर से पत्रकारिता कर रहा था आज उसी तेवर से मीडिया एक बिजनेस मॉडल में बदल चुका है, जहां सरकार के साथ खड़े हुये बगैर मुनाफा बनाया नहीं जा सकता है। और कमाई ना होगी तो मीडिया हाउस अपनी मौत खुद ही मर जायेगा। यानी 1975 वाले दौर की जरुरत नहीं जब इमरजेन्सी लगने पर अखबार के दफ्तर में ब्लैक आउट कर दिया जाये। या संपादकों को सूचना मंत्री सामने बैठाकर बताये कि सरकार के खिलाफ कुछ लिखा तो अखबार बंद हो जायेगा। या फिर पीएम के कसीदे ही गढ़े। अब के हालात और चालीस बरस पहले हालात में कितना अंतर आ गया है। 

पत्रकारिता को उसका पुराना मिशन और चेहरा दिया जगेन्द्र ने

लगता है लोगों का इतिहासबोध कमजोर पड़ता जा रहा है। पढ़ने की शगल खत्म होती जा रही है, खास तौर पर राजनीतिक जीवधारी, अब किताबों से दूर होते जा रहें हैं। राजनीति की नई कोपलें तो अपनी इतिहास और भूगोल दोनों की सामान्य जानकारी से भी दूर होती जा रही हैं। वर्तमान में जीने वाली पीढ़ी अतीत से शायद कुछ सीखना ही नहीं चाहती। जबकि पहले के राजनेता अध्ययन में रूचि लेते थे और देश व दुनिया के इतिहास और आंदोलन की कहानी पढ़ते थें, पढ़ते ही नहीं थे, बल्कि अध्ययन से अपनी विचारधारा को भी परिपक्व और पुष्ट करते थें। गाँधी, नेहरू, लोहिया, जे.पी, दीन दयाल उपाध्याय आदि अनेक राजनेता और ‘जननायक’ स्वअध्ययन में गहरी रूचि लेने वाले थे।

जगेंद्र हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं, खूनियों के खिलाफ आज से आरपार की लड़ाई शुरू : सौवीर

चौरी-चौरा हत्‍याकाण्‍ड में पकड़े गये 170 लोगों पर भी जघन्‍य आरोप लगे थे और अंग्रेजी हुकूमत ने इन सब को फांसी पर लटका देने का हुक्‍म दे दिया था। लेकिन उस समय महामना मदनमोहन मालवीय ने अपनी शिक्षक की नौकरी छोड़कर इन वकालत की पुरानी डिग्री निकाली और बिना कोई पारिश्रमिक हासिल किये, इनमें से 151 लोगों को फांसी के फंदे से आजाद कराने के लिए जी-जान लड़ा दिया। 

नवेंदु कुमार को दूरदर्शन झारखंड की कमान

नवेंदु कुमार को डी डी झारखंड चैनल का एडवाइजर बनाया गया है। प्रसार भारती और दूरदर्शन महानिदेशालय ने उनकी नियुक्ति बतौर चैनल एडवाइजर दूरदर्शन झारखंड के लिए कर दी है।

दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट मनोरंजन सिंह पर रांची में हमला

रांची : दैनिक जागरण के फोटो जर्नलिस्ट मनोरंजन सिंह के साथ कल शाम को अधिकारियों के गुंडों और ठेकेदारों ने मारपीट की, कैमरा और मोबाइल तोड़ दिया. मनोरंजन सिंह एक समाचार के सिलसिले में भवन निर्माण विभाग में पहुंचे थे, जहां एक संगठन के लोग कार्यपालक अभियंता का घेराव करने पहुंचने वाले थे. इसी दौरान पत्रकार पर हमला हुआ. हालाकि बुधवार की रात मुख्यमंत्री ने आयुक्त को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आदेश दिए हैं लेकिन पत्रकारों का कहना है कि एक अधिकारी की मिलीभगत के कारण निष्पक्ष जांच संभव नहीं है.

जेल में ही दिन काटेंगे सुब्रत राय, बैंक गारंटी का इंतजाम नहीं हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय की जमानत मंजूर करते हुए शर्त लगा दी कि रिहाई के लिए उन्हें 5 हजार करोड़ रुपए की बैंक गारंटी और 5 हजार करोड़ कैश जमा करने होंगे। रिहाई के 18 महीनों के भीतर 9 किश्तों में 36000 करोड़ रुपए अदा करने होंगे। यही नहीं, रिहाई के बाद सुब्रत रॉय को हर 15 दिन में दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में हाजिरी लगानी होगी। लेकिन कोर्ट के इस फैसले के बावजूद रॉय जेल में ही रहेंगे, क्योंकि सुब्रत रॉय बैंक गारंटी का इंतजाम नहीं कर पाए हैं।

जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ अलीगढ़ में जुलूस निकाला, राज्यपाल को ज्ञापन

अलीगढ़ : बुधवार सुबह लगभग 11.00 बजे सेंटर पाइन्ट चैराहे पर मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति, रीजनल इलैक्ट्रानिक मीडिया, अलीगढ़ इलैक्ट्रोनिक मीडिया, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन व गणेश शंकर विद्यार्थी प्रैस क्लब के पदाधिकारी, शहर के पत्रकारों ने जगेंद्र हत्याकांड पर जुलूस निकाल कर कड़ा विरोध प्रकट किय। 

सीतापुर में कैंडिल मार्च निकाल कर जगेन्द्र को श्रद्धांजलि

सीतापुर : पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्या कांड के विरोध में मंगलवार देर शाम पत्रकारों, समाज सेवियों व व्यापारियों ने लालबाग चैराहे से शहीद लालबाग पार्क तक कैंडिल मार्च निकाला। निर्ममता से मारे गए पत्रकार जगेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि दी। पत्रकारों ने कहा कि लगातार हमले हो रहे हैं और सरकार खामोश है। ऐसे वक्त में सभी पत्रकारों को एकजुट रहने की जरूरत है। 

पत्रकार जगेंद्र हत्याकांड में नया मोड़, बाहुबलियों के दबाव में मुकर गई चश्मदीद महिला गवाह

‘पत्रकार जगेंद्र सिंह को किसी ने नहीं जलाया, उसने ही खुद को आग के हवाले किया। इस प्रकरण में कोई हत्यारा नहीं है और न ही कोई दोषी है। सब निर्दोष हैं, न राममूर्ति वर्मा का इसमें कोई हाथ है, और न ही उनके करीबी गुफरान का, बस यही सच है, जो मैं कह रही हूं।’ ये कहना किसी और का नहीं बल्कि जगेंद्र की एक महिला सुपरिचित का है। 

जगेंद्र हत्याकांड : ताकतवर आरोपियों की साजिश-दर-साजिश, अब महिला बनी मोहरा

दुनिया भर में चर्चित शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र हत्या कांड को ‘हत्या और आत्म हत्या’ के बीच उलझाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रभावशाली नामजद आरोपी, पुलिस और कुछ मीडिया संस्थान शर्मनाक तरीके से दिवंगत पत्रकार का चरित्र हनन तक करने लगे हैं, जबकि बड़ा कारण हत्या, आत्म हत्या और चरित्र नहीं, बल्कि मृत्यु है। बड़ी बात यह नहीं है, जगेन्द्र मरे कैसे? बड़ी बात यह बात है कि जगेन्द्र मरे क्यों?

‘पहल प्रसंग’ का आयोजन नौ और दस जुलाई को

हिंदी जगत की अनिवार्य पत्रिका के रूप में मान्‍य पहल के चालीस वर्ष पूरे होने और सेंचुरी अंक के प्रकाशन के अवसर पर विवेचना रंग मण्डल, कहानी मंच और सुर पराग के संयुक्त तत्वावधान में 9 व 10 जुलाई को पहल प्रसंग का आयोजन रानी दुर्गावती संग्रहालय की कला वीथि‍का में किया गया है। इस दो दिवसीय आयोजन में देश भर के लगभग 25 साहित्यकार, चित्रकार और रंगकर्मी शामिल होंगे।

झारखंड से प्रकाशित ‘खबर मंत्र’ ने जीते जी पूर्व सांसद को दिलवायी श्रद्धांजलि

झारखंड से प्रकाशित ‘खबर मंत्र’ ने धनबाद से कई बार सांसद रहे एके राय को जीते जी श्रद्धांजलि दिलवा दी.

सरकार के इशारे पर पत्रकार की लाश पर दूकानें खोल दीं बड़े पत्रकारों ने

पत्रकारों की लड़ाई नहीं, पत्रकारिता को कलंकित करने में जुटे हैं बड़े नेता। इन नेता जी की जिम्‍मेदारी मानी जाती है कि वे कम से कम अपनी बिरादरी के लोगों के प्रति थोड़ी संवेदनशीलता और संवेदना रखेंगे और पत्रकारों पर होने वाले अन्‍याय-अत्‍याचार पर अपनी आवाज निकालेंगे। लेकिन खुद को बड़ा पत्रकार मानने-कहलाने वाले यह पत्रकार-अगुआ लोग न सिर्फ इस मसले पर चुप्‍पी साधे हुए हैं, बल्कि जागेन्‍द्र की लाश को खरीदने-बेचने की गुपचुप कवायद में भी जुटे हैं। जागेन्‍द्र सिंह के जिन्‍दा-दाहकाण्‍ड वाले हौलनाक हादसे के बाद इन इस पत्रकार-शिरोमणि ने ठीक वही स्‍टैण्‍ड लिया, जो सरकार के इशारे पर यूपी पुलिस कर रही है। बजाय इसके कि जिन्‍दा जागेन्‍द्र को मौत की नींद सुलाने वाले अपराधियों पर यह पत्रकार-नेता आंदोलन करते और हुंकारें भरते, इन लोगों ने पूरे मामले की आग पर ही पानी फेर दिया। पत्रकारिता को कलंकित करते इन पत्रकारों ने इस मामले में जो करतूत की है, उससे बड़े से बड़ा दलाल भी शरमा जाएगा।

जगेंद्र हत्याकांड पर राज्यपाल नाइक से मिले मुख्यमंत्री, निष्पक्ष जांच और मदद पर वार्ता

लखनऊः उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक से आज राजभवन में प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलाकात की तथा शाहजहांपुर जिले के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मृत्यु के मामले पर विस्तृत चर्चा की. राजभवन से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल ने मुख्यमंत्री यादव से कहा कि पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए जिससे सही तथ्य सामने आयें.

जगेंद्र हत्याकांड : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री से सीबीआई जांच की गुजारिश

वाराणसी : सोशल मीडिया जर्नलिस्ट अवनिन्द्र कुमार सिंह ने पत्रकार जगेंद्र सिंह मामले की सीबीआई जांच कराने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल राम नाइक और उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को पत्र लिख कर मांग की है कि सीबीआई जांच कराई जाए, तभी ऐसे क्रूरतम कृत्य की सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

मशहूर शायर इनआम हनफी का इलाहाबाद में इंतिकाल

इलाहाबाद : शायर इनआम हनफी का बुधवार सुबह निधन हो गया। शाम सवा पांच बजे अतरसुरइसा के हसन मंजिल स्थित कब्रिस्तान में न्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार मुनेश्वर मिश्र ने कहा कि इनआम साहब एक अच्छे शायर के साथ ही एक बेहतरीन इंसान भी थे। उन्होंने बाटनिकल सर्वें आफ इंडिया में बतौर साइंटिस्ट असिस्टेंट के रूप में नौकरी की और 1997 में सेवानिवृत्त हुए।  

कांग्रेस के पास रॉबर्ट वाड्रा, भाजपा के पास दुष्यंत, अब खेल बराबरी का

मेरे पास माँ है… यह फिल्मी डायलॉग तो पुराना हो गया है। अब तो राजनीति में नया डायलॉग चल रहा है कि तुम्हारे पास (कांग्रेस) अगर रॉबर्ट वाड्रा है तो हमारे पास (भाजपा) भी दुष्यंत सिंह है। भला हो ललित मोदी का, जिसने कम से कम कांग्रेस की कुछ तो लाज रख ली और दामादजी वाले मामले पर पीट रही भद के बीच अब वसुंधरा के लाड़ले का मामला उजागर हो गया।