क्यों मीडिया को शीशे के घर में कैद करना चाहती है सत्ता?

साल भर पहले जब प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने ही न्यूज ट्रेडर शब्द इस्तेमाल किया तो संकेत तभी मिल गये थे कि सत्ता बदलते ही सत्ता के निशाने पर मीडिया तो होगा। लेकिन उस वक्त यह अंदेशा बिलकुल नहीं था कि मीडिया नामक संस्थान की साख को भी खत्म करने की दिशा में कदम बढेंगे। क्योंकि मनमोहन सिंह के दौर में राडिया कांड से चंद बडे नाम वाले पत्रकारों के संग क्रोनी कैपटलिज्म का खेल जब खुलकर उभरा तो मीडिया की साख पर बट्टा तो लगा लेकिन यह भरोसा भी जागा की देश में सत्ता बदलेगी तो मीडिया के भीतर पत्रकारों की अहमियत बढ़ेगी क्योंकि प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने ही न्यूज ट्रेडर शब्द कहकर दागी पत्रकारों को संकेत दे दिये हैं। लेकिन नई सत्ता ने साल भर के भीतर ही खुले संकेत दे दिये कि मीडिया की निगरानी सत्ता को बर्दाश्त नहीं है। 

जगेंद्र हत्याकांड पर मुख्यमंत्री की हठधर्मिता और शिवपाल का बयान शर्मनाक

शाहजहांपुर : पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत के बाद उनके परिवार के लिए उत्तर प्रदेश के सीएम अखिलेश यादव से मदद मिलने के बजाय सरकार अपनी हठधर्मिता पर उतारू है। सपा के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह ने जो बयान जगेंद्र की हत्या को लेकर दिया, वह शाहजहांपुर ही नहीं, पूरे देश को शर्मसार करने वाला है। 

पत्रकार आकार पटेल एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के नए प्रमुख बने

पत्रकार और लेखक आकार पटेल एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के नए कार्यकारी निदेशक, भारत में एमनेस्टी इंटरनेशनल के कामकाज के प्रभारी हो गए हैं। संगठन के मुख्य राजनीतिक सलाहकार, रणनीतिकार और प्रवक्ता के रूप में वह एमनेस्टी के भारत में लक्ष्य को दिशा देंगे। पटेल ने कहा है कि एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के साथ काम करने को लेकर मैं स्वयं को गौरवान्वित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं।

यूपी : टीवी रिपोर्टर पर अटैक, माइक आईडी, कैमरा, मोबाइल लूटा

यूपी में ध्वस्त कानून व्यवस्था के चलते पत्रकारों पर हो रहे हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। खबरों की खुन्नस एक बार फिर निकली और एक बार फिर पत्रकार पर दबंगों ने सरेराह हमला बोल दिया और मारपीट करने के बाद उसका कैमरा, माइक आईडी व मोबाइल भी छीन कर ले गए। फिलहाल, पुलिस ने दो नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है लेकिन सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

दलित एजेंडाः2050 की बात करें तो आने वाले 35 साल घनघोर असंतोष के – दिलीप मंडल

देश की राजधानी दिल्ली से प्रकाशित मासिक पत्रिका “दलित दस्तक” का चौथा स्थापना दिवस समारोह 14 जून को वैशाली, गाजियाबाद में मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायधीश जस्टिस खेमकरण और मुख्य वक्ता इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विवि, अमरकंटर, मप्र के कुलपति प्रो. टी.वी कट्टीमनी थे. जबकि विशिष्ट अतिथि बौद्ध चिंतक एवं साहित्यकार आनंद श्रीकृष्णा, प्रखर समाजशास्त्री एवं जेएनयू के प्रो. विवेक कुमार एवं वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता जे.सी आदर्श ने की.

महीना वही, मरने वाले का जज्‍़बा वही, मारने वाले की हैवानियत भी वही

उत्‍तर प्रदेश के शाहजहांपुर में जून 2015 में एक पत्रकार को जिंदा जलाकर मार दिया जाता है। लोगों को पता था कि ऐसा हो सकता है, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा। हत्‍या के बाद बेशर्मी की हद देखिए कि पत्रकार बिरादरी ने जगेंद्र को कलमकार मानने से ही इनकार कर दिया। अपनों की बेरुखी एक जुनूनी को ले डूबी। 

यूपी : मंत्री ने कार्यकर्ताओं से कहा- गद्दारों को बीस-बीस जूते मारो

बस्ती : समाजवादी पार्टी में जनता को गाली देने वाले मंत्री पार्टी आलाकमान के लिये सिरदर्द बनते जा रहे हैं। पंडित सिंह के बाद अब बाहुबली मंत्री ने भाषा की मर्यादा लांघी है। प्रदेश सरकार में पशुधन प्रसार और लघु सिंचाई मंत्री राजकिशोर सिंह ने अपने ही क्षेत्र की जनता के लिये अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिसकी आडियो क्लिप उस वक्त किसी ने बना ली और कुछ ही घंटों में मंत्री जी की यह अभद्र टिप्पणी वाट्सअप पर वायरल हो गई। 

‘भैंस’ वाली फिल्म के निदेशक कापड़ी को खोजते मुंबई पहुंचे हरियाणवी मुस्टंडे

विनोद कापड़ी इन दिनों काफी परेशान और अपनी सुरक्षा को लेकर सशंकित हैं। फिल्‍म प्रदर्शन की तैयारियों के सिलसिले में वह मुंबई में हैं। अंधेरी वेस्‍ट (मुंबई) के वीआईपी प्‍लाजा में मौजूद साउंड स्‍टूडियो के मालिक ने उन्‍हें बताया है कि हरियाणवी वेशभूषा वाले तीन लोग उन्‍हें पूछते हुए स्‍टूडियो पहुंचे थे। डरे-सहमे कापड़ी ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।   

यूपी में कहर जारी, दरोगा ने पत्रकार को गांव वालों के सामने दौड़ा दौड़ा कर पीटा, जेल भेजा

अमेठी : दरोगा ने पत्रकार को गांव वालों के सामने दौड़ा दौड़ा कर पीटा। फिर बाल पकड़कर घसीटते हुए जीप में डाल ले गया थाने। फर्जी धाराओं में जेल भेज दिया। 

बिना जांच कार्रवाई पर अड़े पत्रकारों को यूपी सरकार का ठेंगा …

जाइये, नहीं करते राज्यमंत्री को बर्खास्त, नहीं भेजते जेल… अब जो करना है, मीडिया कर ले। कुछ ऐसे ही भाव थे प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चाचा व सरकार में नम्बर दो के दर्जा प्राप्त कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव के। सोशल मीडिया पर खिलने वाले पत्रकार के मामले में एनडीटीवी वाले रवीश कुमार ने भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नाम खुला पत्र लिखा और कहा कि अगर राज्यमंत्री पर कार्रवाई करें तो संबंधित पत्र के साथ मेरा पत्र नत्थी कर दें। 

जगेंद्र हत्याकांड पर पीएम, सीएम से बात करेंगे राज्यपाल, अखिलेश अपनो की करतूत से विचलित

यूपी के राज्यपाल राम नाइक ने पत्रकार जगेंद्र सिंह के परिजनों को भरोसा दिया है कि वह घटना की विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करेंगे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बहराइच में गत दिवस संकेतों में कहा कि हमारी सरकार के कुछ लोग गलत काम कर रहे हैं। उधर, जगेंद्र सिंह का परिवार पिछले कई दिनो से धरने पर बैठा है लेकिन आरोपी मंत्री के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूरे घटनाक्रम पर रिपोर्ट तलब कर ली है। मामले की अगली सुनवाई आगामी 24 जून को होगी।

भारत में 14 करोड़ से अधिक हुए सोशल मीडिया वाले लोग, गांवों में ढाई करोड़

भारत में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 14.3 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इसमें से ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं की संख्या पिछले एक साल में 100 प्रतिशत तक बढ़कर ढाई करोड़ पहुंच गई है।

ललित मोदी से मिला, खबर से न समझौता होना था और न हुआ

मुझे याद है, राजस्थान में संपादकी कर रहा था। चैंपियंस ट्रॉफी से ठीक पहले हमारे अखबार की वजह से तिरंगा कांड हुआ और ललित मोदी के साथ शहर के एसपी के खिलाफ वारंट जारी हो गया। ललित ने मिलना चाहा और अपन मिलने से मना करने को लोकतंत्र विरोधी मानते हैं। ललित से छोटी सी मुलाकात रामबाग पैलेस होटेल के स्यूट में हुई, साफ था, खबर से ना समझौता होना था और ना हुआ। लेकिन जब और पड़ताल हुई तो शहर कलेक्टर के बारे में लोगों ने बताया किलैंड यूज चेंज के खेल में ललित के साथ कलेक्टर साहेब ने भी करीब 1200 करोड़ कमा लिए। 

जगेन्द्र हत्याकांड पर लखनऊ में पत्रकार संगठन ऐसे खामोश क्यों?

पूरे उत्तर प्रदेश में, लगभग हर जनपद में पत्रकार संगठन मौत के घाट उतारे गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवार का साथ दे रहे हैं तथा आन्दोलनरत हैं, परन्तु लखनऊ के कई पत्रकार संगठन बिलकुल मौन हैं। सहायता करना तो दूर, यहां तक कि जगेन्द्र सिंह में ही कमियां गिनाते फिर रहे हैं। उन्हें याद रखना चाहिए कि पति/पिता की मृत्यु का दर्द उसकी निर्बल विधवा तथा अनाथ हुए बच्चे ही जान सकते हैं और आज उत्तर प्रदेश के माहौल में यह दिन किसी अन्य का भी आ सकता है। पिछले दस दिनों में तीन पत्रकारों पर हमले हुए हैं, यह अच्छा संकेत नहीं है।

दो हफ्ते से कोमा में पड़े पत्रकार धीरज पांडेय मगर अमर उजाला को उनकी रत्ती भर चिंता नहीं

अमर उजाला के बस्ती ब्यूरो प्रभारी धीरज पांडेय का एक्सीडेंट हुए दो हफ्ते होने को आ गए। एक पैर बुरी तरह डैमेज हो गया है। कोमा पूरी तरह टूटा नहीं है। डाक्टर कह रहे हैं कि फ्रैक्चर्स काफी है। पूरे बाडी में। सिर में गहरी चोट है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भरती हैं धीरज, जहां जिंदगी और मौत से लड़ाई चल रही है। परिणाम अच्छा ही होगा, ऐसा मन कह रहा है।

एक मरेगा, सौ जगेंद्र पैदा होंगे, कितने पत्रकार मारोगे सत्ताधारी गुंडों !

वाकई मन बहुत विचलित है। सत्ता की गुंडई में चूर मंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा के ऊपर पत्रकार जागेंद्र सिंह को जिन्दा जलाने सरीखा बेहद गंभीर आरोप है। क्या सच है और क्या झूठ, ये तो मैं भी नहीं जानता लेकिन जब जागेंद्र की फेसबुक पोस्ट देखी तो इतना तो समझ गया कि एक पत्रकार की हैसियत से साक्ष्यों के साथ अवैध खनन से लेकर जमीन कब्जाने तक की सारी खबरें शाहजहाँपुर से लेकर पूरे उत्तरप्रदेश की तस्वीर दिखा रही हैं पर इन खबरों से जिलों में बैठे सारे डीएम और एसपी को तनिक भी फर्क नहीं पडा क्योंकि ये अफसर अब सिर्फ जिलों में बैठे राममूर्ति वर्मा जैसे सफेदपोश गुंडों के दलाल बन चुके हैं।

पूंजी-पोषित नेता और सत्ता-पोषित मीडिया : क्षमा करना जागेंद्र सिंह, इस चक्रव्यूह में हम अकेले !

शाहजहांपुर के जगेंद्र सिंह हत्याकांड से थोड़ा हटकर, मौजूदा पूरे मीडिया परिवेश पर सोचें तो साफ साफ लगता है कि टकराव पत्रकारिता और सियासत के बीच नहीं, बल्कि दो जरायम वर्गों के बीच है। भ्रष्ट सत्ता-पोषित मीडिया खबर की धौंस में यदि राजनेताओं या उनकी पार्टियों की लूट में हिस्सेदारी के बूते अपना कारपोरेट चेहरा चमकाना चाहता है और पत्रकारों का एक बड़ा तबका पुलिस, प्रशासन, नेता, माफिया ठिकानों पर चौथ-कर्मकांडों से उपकृत होते रहना चाहता है, तो मान लेना चाहिए कि इस टकराव की जड़ें कहीं और हैं। स्थितियां बहुत ही भयानक हैं। जगेंद्र हत्याकांड में तो उसकी मद्धिम सी आहट भर सुनाई देती है। 

मजीठिया वेतनमान: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूपी श्रम विभाग के भी सख्त निर्देश जारी

गोरखपुर : राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों की तरह अब उत्तर प्रदेश शासन ने भी मजीठिया वेज बोर्ड की संस्तुतियों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन का सख्त निर्देश जारी कर दिया है।  श्रम आयुक्त शालिनी प्रसाद ने प्रदेश के समस्त श्रम अधिकारियों को आदेशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्र के समाचार पत्र प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर तत्काल इस संबंध में रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। आदेश में कहा गया है कि समाचार पत्र प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान वहां कार्यरत पत्रकारों और गैर पत्रकारों की संख्या, उनके मौजूदा वेतनमान आदि के सम्बन्ध में पूरी जानकारी रिपोर्ट में दें। निरीक्षण के लिए जिलाधिकारियों से स्वीकृति लेना आवश्यक नहीं है। मजीठिया वेतनमान से संबंधित क्षेत्रीय स्तर पर कोई रिपोर्ट दर्ज कराई गई हो तो श्रम आयुक्त ने उसके भी त्वरित निस्तारण का आदेश दिया है। 

जालंधर ‘पंजाब केसरी’ को पत्रकारों की आवश्यकता

हिंदी समाचारपत्र दैनिक ‘पंजाब केसरी’ को जालंधर यूनिट के लिए सब एडिटर, चीफ सब एडिटर एवं डिप्टी न्यूज एडिटर पदों पर पत्रकारों की आवश्यकता है। वेतन योग्यता के अनुसार दिया जाएगा। इच्छुक पत्रकार फोन नंबर 9592916993 पर संपर्क करने के साथ ही punjabkesari.hr@gmail.com पर अपना बायोडाटा मेल कर सकते हैं।   

जंगल राज के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन करेगा रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने कहा है कि पत्रकारों और उनके परिजनों पर हो रहे हमले साफ कर रहे हैं कि सूबे में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। पत्रकार जगेन्द्र सिंह और आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला हत्याकांड, बांदा में किसान देवी दयाल को जिंदा जला देने, राज्य मंत्री कैलाश चैरसिया द्वारा आरटीओ चुन्नी लाल प्रजापति पर थप्पड़ तानने व गंगा में मारकर फेकवा देने की धमकी, झांसी में अवैध खनन को रोकने वाले तहसीलदार को सपा राज्य सभा सांसद चन्द्र पाल सिंह यादव द्वारा धमकी, सीतापुर में गैंग रेप में सपा नेता, बीडीओ और जेई की संलिप्तता, बरेली में अफरोज का अपहरण, पीलीभीत के पत्रकार हैदर, कानपुर के पत्रकार दीपक मिश्रा समेत बस्ती, मिर्जापुर, रायबरेली में पत्रकारों को निशाना बनाना सपा सरकार की विफलता है। सूबे को मंत्री, विधायक और नेताओं ने आपातकाल से भी बदतर स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां खुलेआम मुख्यमंत्री तक हत्यारोपियों का संरक्षण कर रहे हैं। मंच सपा सरकार के खिलाफ आपातकाल की बरसी पर जीपीओ, लखनऊ में धरना-प्रदर्शन करेगा ।

जगेंद्र सिंह : पत्रकारों के लिए सबक, पत्रकारिता के लिए आदर्श

लगभग दो-ढाई वर्ष पुरानी बात होगी. फेसबुक पर किसी ने एक समाचार का लिंक शेयर किया कि काकोरी कांड के अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह की पौत्रवधू की झोपड़ी गाँव के दबंगों ने जला दी है. कड़कड़ाती सर्दी में खुले आसमान के नीचे शहीद के वंशज रात गुजारने को मजबूर हैं . समाचार पढ़कर धक्का लगा . समाचार का स्रोत थे शाहजहांपुर समाचार के नाम से फेसबुक पर सक्रिय जगेन्द्र सिंह . मैं उन दिनों किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन में व्यस्त था पर मैंने सोशल मीडिया पर मुहिम चलायी और मेरी उस मुहिम में जगेन्द्रसिंह, सिराज फैसल खान, अमित त्यागी,  भारतीय वायुसेना में वरिष्ठ अधिकारी श्रीकांत मिश्र कान्त आदि जुड़े. 

कैंसर से ज्यादा खतरनाक है कैंसर का treatment

मित्रो कैंसर हमारे देश मे बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है । हर साल बीस लाख लोग कैंसर से मर रहे हैं और हर साल नए केस आ रहे हैं । सभी डॉक्टर्स हाथ-पैर डाल चुके हैं। एक छोटी सी विनती है, याद रखना, कैंसर के पेसेंट को कैंसर से मृत्यु नहीं होती है, जो treatment उसे दिया जाता है उससे मृत्यु सबसे अधिक होती है । माने कैंसर से ज्यादा खतरनाक कैंसर का treatment है । Treatment कैसा है, सभी जानते है, Chemotherapy दे दिया, Radiotherapy दे दिया, Cobalt-therapy दे दिया ।

जनसंदेश के जीएम ने 15 कर्मचारियों को निकाला, अखबार बंद होने के कगार पर

मध्यप्रदेश जनसंदेश में मनमानी का आलम यह है कि बिना बताए 15 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। अब अखबार बंदी की कगार पर है। सेलरी लेने के लिए लोगों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। जीएम की मनमानी चल रही है, जिसे चाहे सेलरी दे या नहीं। कई पूर्व कर्मचारियों को सेलरी नहीं दी गई। पीड़ित कर्मियों का कहना है कि जीएम अजय सिंह से जब सेलरी की बात की जाए तो उनका जवाब होता है, आप को तो नोटिस नहीं दिया। जिन 15 लोगों को नौकरी से निकाला गया है, क्या उन्हें नोटिस दिया गया है, नहीं, ये मनमानी ही है। 

पत्रकारों पर हमले के विरोध में हाथरस प्रेस क्लब ने जुलूस निकाला

हाथरस : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र को जिंदा जलाकर हत्या करने और कानपुर, बस्ती व पीलीभीत में हुए पत्रकारों पर जालनलेवा हमले के विरोध में हाथरस प्रेस क्लब के पत्रकार भी सड़कों पर उतर पड़े। मौन जुलूस निकालकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा।

पत्रकारों पर हमले के विरोध में जुलूस निकालते हाथरस प्रेस क्लब के पत्रकार

झारखंड में पत्रकारों का धरना, जगेंद्र के परिजनों को 50 लाख देने की मांग

कोडरमा (झारखण्ड) : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या को लेकर कोडरमा जिले के पत्रकारों ने समाहरणालय परिसर में सांकेतिक धरना दिया। इसके पहले सूचना भवन स्थित पत्रकार सदन में पत्रकारों ने शोक सभा भी की और पत्रकार जगेन्द्र सिंह की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा। धरना प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने गजेन्द्र की हत्या के आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा और पुलिस कर्मियों को बर्खास्त कर उन्हें जेल भेजने, मृतक पत्रकार के परिजनों को 50 लाख रुपया मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। 

शोक सभा और धरना में शामिल पत्रकार

जगेंद्र हत्याकांड के खिलाफ सड़क पर उतरे जौनपुर के पत्रकार, धरना-प्रदर्शन

जौनपुर : जनपद के पत्रकारों ने शाहजहांपुर के साथी जगेन्द्र सिंह की गत दिवस की गयी निर्मम हत्या के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जहां पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट परिसर में घूमकर प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, वहीं पुतला फूंकने के बाद मुख्यमंत्री के नाम सम्बोधित 4 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि नगर मजिस्ट्रेट धर्मेन्द्र सिंह को सौंपा। 

 

जौनपुर कलेक्ट्रेट में धरना-सभा को सम्बोधित करते वरिष्ठ पत्रकार कैलाशनाथ : छाया-कुमार कमलेश

हमलों से सीतापुर के पत्रकारों में रोष, महेंद्र अग्रवाल ने कहा- बनाया जा रहा भय का माहौल

सीतापुर : प्रदेश में प्रशासन की निष्क्रियता के चलते अराजक तत्वों द्वारा पत्रकारों पर लगातार हमले कर भय का माहौल बनाया जा रहा है। निष्पक्ष पत्रकारिता को डरा-धमका कर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। यह बात उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष महेन्द्र अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन एडीएम सर्वेश दीक्षित को सौंपते हुए कही। 

पत्रकारों पर हमलों के विरोध में ज्ञापन देते सीतापुर के पत्रकार 

शीघ्र आ रहा लोकप्रिय हिंदी पत्रिका ‘पहल’ का सेंचुरी अंक

हिंदी जगत की अनिवार्य पत्रिका के रूप में मान्‍य ‘पहल’ का 100वां अंक शीघ्र ही प्रकाशित होने जा रहा है। जबलपुर जैसे मध्‍यम शहर से पहल जैसी अंतरराष्‍ट्रीय पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 1973 में शुरू हुआ और इसने विश्‍व स्‍तर को प्राप्‍त किया। ‘पहल’ के जरिए इसके संपादक ज्ञानरंजन ने लगातार जड़ता तोड़ने के काम किया। इसलिए पिछले 42 वर्षों से ‘पहल’ गंभीर लेखन व विचारों से जुड़ी पत्रिकाओं के बीच शीर्ष स्‍थान पर है और नए संपादकों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका भी निभाती जा रही है। 

मध्य प्रदेश में गुपचुप तैयार हो गई पत्रकारों की यूनियन, सभी बड़े अखबारों से सदस्यता

इंदौर : मजीठिया की लड़ाई में अब तक सबसे ठन्डे माने जा रहे मध्यप्रदेश में इसे लेकर गुपचुप तरीके से बड़ी लड़ाई की तैयारी चल रही है। यहाँ के कुछ पत्रकारों ने इस लड़ाई में पंजीकृत ट्रेड यूनियन का महत्व समझते हुए चुपचाप इसका गठन कर लिया है। 

पत्रकारों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : अनुमंडल पत्रकार संघ

जादूगोड़ा के पत्रकारों के सम्मान समारोह के दौरान घाटशिला अनुमंडल के सभी पत्रकारों ने एक स्वर मे कहा की पत्रकारों पर अब और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब भी किसी पत्रकार पर किसी प्रकार की मुसीबत आएगी, सभी पत्रकार एक जुट होकर उसका मुक़ाबला करेंगे। पत्रकारों पर हमला काफी चिंताजनक है। पत्रकारों को हमेशा मजबूती एक रहना पड़ेगा।

जादूगोड़ा के पत्रकारों के सम्मान समारोह की एक झलक

खगड़िया में पत्रकार पर लाठी से हमला, जान बची, दो चाचा घायल

खगड़िया (बिहार) थाना क्षेत्र के बौरने गांव के रहने वाले पत्रकार रणवीर कुमार सिंह पर जानलेवा हमला किया गया लेकिन वह बाल-बाल बच गए। हमलावरों ने उनके दो चाचा को लाठी-डंडे से पीट-पीट कर घायल कर दिया। रणवीर सिंह ने अपने गांव के ही संतोष कुमार, रितेश कुमार एवं उमेश्वर सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

धरनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं जगेंद्र सिंह की पत्नी सुमन

शाहजहांपुर (उ.प्र.) के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए सपरिवार धरने पर बैठीं सुमन धरना स्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। आनन-फानन में पास के डॉक्टरो की टीम बुलाकर उन्हें ग्लूकोज चढ़ाया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। पल्स रेट डाऊन होने से उनकी हालत बिगड़ गई। डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन परिवारवाले राजी नहीं हुए और धरनास्थल पर ही इलाज करने की जिद पर अड़े रहे। उधर, मंत्री के विरोधी एवं सपा से निष्कासित पूर्व विधायक और देवेंद्र पाल सिंह भी धरने पर बैठ गए हैं।

तू यूँ ही चाटते, खुजाते रह

(नोट : जिसे दिनकर की बात का बुरा लगे वो डूब मरे।) अशोक की लाट तुझे पहनने को मिलती है, सलामी तू तिरंगे की लेता है, कसम तिरंगे के नीचे लेके आता है, फिर तू कुर्सी पे आता है, तेरी कुर्सी और तेरी तशरीफ़ के नीचे तौलिया भी होता है। अरे तुझे इज्जत से जीने के लिए कितने पैसे चाहिए होते हैं? 

समाचार प्लस के इटावा संवाददाता मनोज दुबे का सड़क दुर्घटना में निधन

‘समाचार प्लस’ इटावा के संवाददाता मनोज दुबे का असामयिक निधन हो गया। तीन साल से समाचार प्लस परिवार का हिस्सा रहे मनोज का सड़क हादसे में निधन हुआ।

मोदी समर्थक क्रोनी कैपिटल के ऐतिहासिक साइज के प्रपंच से दयनीय स्तर तक अनभिज्ञ है

Sheetal P Singh : BJP के हाथियों के दंगल में पैदल सेना की बड़ी दुर्गति है. बीजेपी की पैदल सेना मुख्यत:दरिद्र सवर्णो की रुग्णशाला से आती है। रुग्णशाला का मतलब यहाँ उन प्रतिभागियों से है जो आर्थिक शैक्षिक शारीरिक मोर्चों पर दोयम दर्जा रखते हैं पर मनु महाराज की अनुकम्पा से उन्हे अपने से बुरे हाल में सड़ रहे ग़रीब नसीब हैं, जिन्हें देखकर उन्हे ख़ुद के “बड़े” होने का एक झूठा अहसास तरावट देता रहता है. तो यह पैदल सेना अपनी दो हज़ार से बीस हज़ार के मध्य झूलती सामुदायिक विपन्नता के दौर में अरबों ख़रबों के वारे न्यारे करने वाले फ़ैसलों /विवादों के पैरवीकारों के रूप में अपने आप को पाकर समझ ही नहीं पाती कि बैटिंग किधर करनी है. इंतज़ार करती है कि कुछ ऊपर से ज्ञान छिड़का जाय तो वह भी लोकल बघारे.

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में बदायूं के पत्रकारों ने किया धरना-प्रदर्शन

बदायूं : मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर पत्रकारों ने पहले शाहजहांपुर निवासी पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या पर गुस्से का इजहार किया, फिर प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। 

Massive rally at Jantar Mantar for journalist Jagendra Singh

A huge protest demonstration and a rally was organised today at Jantar Mantar of New Delhi demanding justice for the late journalist Jagendra Singh, who was burnt alive by an Inspector of Police in Shahjahanpur at the instance of a minister Ram Murti Singh Verma in the Akhilesh Yadav Government. Journalists, Trade Unionists, artists, playwrights, bloggers and university teachers assembled in the scorching heat to condemn the brutal murder of Jagendra Singh. Speaker after speaker denounced the lawless government of Uttar Pradesh, which is shamelessly harbouring the goondas. Those who raise their voice against the anti-social elements and the rampant corruption, prevailing in the present government of Uttar Pradesh, they are attacked and murdered and go scot-free because they enjoy the patronage of the leadership of the State.

पत्रकारों पर हमले के विरोध में उरई कलेक्ट्रेट में धरना, मंगलवार को कैंडल मार्च

उत्तर प्रदेश में पिछले तीन सप्ताह में शाहजहाँपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिन्दा जलाने, जालौन में दो पत्रकारों, कानपुर के पत्रकार दीपक मिश्रा तथा लखनऊ के पत्रकार अमित सिंह पर हमलों के विरोध में जिला पत्रकार संघर्ष समिति उरई कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। पत्रकारों ने आरोपी राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा तथा पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार करने और घटना की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने की मांग की। 

न्यूयॉर्क टाइम्स ने जगेंद्र हत्या कांड को बड़ी खबर के रूप में छापा

विश्व के सबसे प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार ‘द न्यूयार्क टाइम्स’ ने जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर विस्तार से समाचार प्रकाशित किया है। समाचार अंग्रेजी में पढ़ें –

जगेंद्र का पूरा परिवार धरने पर बैठा, शिवपाल ने कहा – जांच पूरी होने से पहले मंत्री को नहीं हटाएंगे

लखनऊ : कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव से शाहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार डालने के आरोपी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा को हटाये जाने की सम्भावना के बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि जांच पूरी हुए बगैर किसी भी मंत्री को नहीं हटाया जाएगा। उधर न्याय पाने के लिए पत्रकार जगेंद्र सिंह का पूरा परिवार धरने पर बैठ गया है। 

जगेंद्र को फूंकने में नेता, अपराधी, पुलिस और पत्रकार की साजिश

मृत्‍योपरान्‍त किसी व्‍यक्ति को वास्‍तविक पहचान दिलाते हुए शहीद के तौर पर सम्‍मानित करना और अपने पापों का सार्वजनिक क्षमा-याचना करते हुए पश्‍चाताप करना बड़ी बात माना जाती है। इतिहास तो ऐसे मामलों से भरा पड़ा हुआ है, जब सरकार या किसी समुदाय ने किसी को मार डाला, लेकिन बाद में उसके लिए माफी मांग ली। ठीक ऐसा ही मामला है शाहजहांपुर के जांबाज शहीद पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह और उसके प्रति मीडिया के नजरिये का। इसी मीडिया ने पहले तो उसे ब्‍लैकमेलर और अपराध के तौर पर पेश किया था। फेसबुक आदि सोशल साइट पर अपना पेज बना कर खबरों की दुनिया में हंगामा करने वाले जागेन्‍द्र सिंह को शाहजहांपुर से लेकर बरेली और लखनऊ-दिल्‍ली तक की मीडिया ने उसे पत्रकार मानने से ही इनकार कर लिया था। लेकिन जब इस मामले ने तूल पकड़ लिया, तो मीडिया ने जागेन्‍द्र सिह को पत्रकार के तौर पर सम्‍बोधन दे दिया।

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (2) : फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों से कराया गया था नवीनीकरण

कुछ स्वयंभू पत्रकारों ने स्वार्थ पूरा करने के लिए एक सम्मानित संस्था ( एनजीओ ) कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर पर धोखाधड़ी कर और क्लब के संस्थापक सदस्यों को दर किनार कर न सिर्फ कब्ज़ा किया बल्कि फ़र्ज़ी कागजों के दम पर उसका नवीनीकरण करा कर 7 के स्थान पर 17 लोगों की फ़र्ज़ी कार्यकारिणी बना दी। आरटीआई में प्राप्त कागजों से कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर का फर्जीवाड़ा खुल रहा है।

कानपुर में पत्रकार को गोली मारने वाले दो हमलावर पुलिस ने दबोचे

कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्रा को गोली मारने वाले दो हमलावरों दो आरोपियों सचिन पांडेय और मोहनीश उर्फ जीतू पांडेय को पुलिस ने नौबस्ता के हंसपुरम क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तीसरे आरोपी राजा पांडेय को पुलिस तलाश रही है। 

सड़क पर उतरे गोंडा के पत्रकार, मौन जुलूस, कलेक्ट्रेट में धरना

गोंडा (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड के विरोध में रविवार को यहां के पत्रकारों ने मौन जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट में धरना दिया। पत्रकारों ने जगेंद्र को जलाकर मार डालने की साजिश रचने वाले राज्य सरकार के मंत्री राम मूर्ति वर्मा को मंत्रिपरिषद से तत्काल बर्खास्त करने, घटना की सीबीआइ से जांच, निलम्बित पुलिस कर्मियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने तथा मृतक पत्रकार के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। पत्रकारों ने तय किया कि पीड़ित परिवार को गोंडा से आर्थिक सहायता भी भेजी जाएगी। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में गोंडा में जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट की ओर जाते पत्रकार 

यूपी : मीडिया सलीब पर और इंसाफ मुजरिमों की मुट्ठी में !

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को लगता है कि उनके मंत्रियों को फंसाया जा रहा है, साथ ही कहना है कि सरकार पर दबाव बनाये रखने के लिए विरोधी दलों के नेता आये दिन मंत्रियों के त्याग पत्र मांगते रहते हैं। आरोप यह भी है कि समाजवादी पार्टी पर मीडिया हमलावर रहता है। समाजवादी पार्टी के नेताओं की इस दलील का आशय यह है कि उनकी सरकार में सब कुछ ठीक है एवं सभी मंत्री संवैधानिक दायरे में रह कर ही कार्य कर रहे हैं, जिन्हें सिर्फ बदनाम किया जा रहा है, लेकिन यह स्पष्ट होना शेष है कि समाजवादी पार्टी के नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित संविधान के दायरे में रहने की बात करते हैं, या समाजवादी पार्टी का कोई और संविधान है?

रायबरेली और मिर्जापुर के दो और पत्रकारों की जान को खतरा

उत्तर प्रदेश के शाहजंहापुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह को राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा द्वारा जिंदा जलवा देने की घटना, बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला की हत्या, कानपुर में पत्रकार को गोली मारने और बस्ती में पत्रकार पर हमले के बाद मिर्जापुर के थाना जिगना ग्राम मनकथा निवासी पत्रकार अनुज शुक्ला की पैत्रिक जमीन पर समाजवादी पार्टी के दबंग राधेश्याम यादव पुत्र अनन्त यादव, स्थानीय विधायक भाई लाल कोल के प्रतिनिधि विनोद यादव के संरक्षण में पुलिस की मदद से अदालती स्टे के बावजूद जबरन कब्जा किया जा रहा है।

अब पीलीभीत में चैनल के रिपोर्टर पर अटैक, बहाने से बुलाकर पीटा

पीलीभीत में एक चैनल में कार्यरत पत्रकार को धोखे से बुलाकर छह लोगों ने जमकर मारापीटा। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पत्रकार ने घायल अवस्था में पहुंच कर कोतवाली में सूचना दी। सूचना के आधार पर थाना पुलिस ने घटना की एनसीआर दर्ज कर ली है। 

जगेंद्र की हत्या से हाथरस के पत्रकारों में रोष, मंत्री पर कार्रवाई के लिए ज्ञापन

हाथरस : शहजहांपुर में पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जलाकर हत्या किये जाने से स्थानीय मीडियाकर्मियों में तीव्र आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रविवार को प्रेस क्लब सिकंदराराऊ द्वारा उपजिलाधिकारी एनपी पाण्डेय को प्रदेश के राज्यपाल के नाम सम्बोधित एक ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही तथा पीड़ित परिवार को 25 लाख रूपये मुआवजा दिये जाने की मांग की गई। पत्रकारों ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया।

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में ज्ञापन देते हाथरस के पत्रकार

‘ज़ी पुरवइया’ ने अपने आठ मीडिया कर्मियों को नौकरी से निकाला

ज़ी मीडिया के बिहार-झारखंड के चैनल ज़ी पुरवईया से आठ लोगों को निकाल दिया गया है। लोगों का कहना है कि ज़ी मीडिया के इतिहास में ऐसा कम ही होता है जब किसी को निकाला जाता है। हालांकि ज़ी पुरवईया से जिन लोगों को निकाला गया है, संस्थान ने उनसे (दबाव देकर) त्यागपत्र लिया है। खबर ये भी है कि अगले कुछ दिनों बाद फिर कुछ लोगों को निकाला जाएगा। 

युवती की लाश से बरसे 40 लाख के नोट और फूंक डाला गया जगेन्‍द्र

बहुत दिलचस्‍प है शाहजहांपुर में नेता-पुलिस-अपराधी-पत्रकार गठजोड़। लाखों की रकम खुद डकार लेना चाहते थे चुनिन्‍दा नेता-पत्रकार। शाहजहांपुर में तीन पत्रकारों का एक गुट बन गया था। जागेन्‍द्र सिंह, अमित भदौरिया और राजू मिश्र। यह करीब चार साल पहले की बात है। इनमें सबसे ज्‍यादा तेज-तर्रार था जागेन्‍द्र। खुटार के मूलत: जागेन्‍द्र को पत्रकार की दुनिया में सबसे पहले अमर उजाला के प्रभारी अरूण पाराशरी ने प्रवेश कराया था। 

क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में 72 रन से जीती पत्रकारों की टीम

जौनपुर : नगर के राज कालेज के मैदान पर चल रही जेकेपी त्रिकोणीय क्रिकेट प्रतियोगिता के फाइनल मैच में पत्रकार क्रिकेट क्लब ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुये जेसीआई को 72 रन के भारी अंतर से हराकर चैम्पियन का खिताब हासिल कर लिया। विजेता टीम के कुमार कमलेश को लगातार तीसरे मैच में मैन आफ द मैच दिया गया। पूरी प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुये 135 रन बनाने के साथ 12 विकेट लेने वाले जेसीआई के कप्तान आलोक सेठ को मैन आफ द सीरिज दिया गया। मुख्य अतिथि नगर पालिकाध्यक्ष दिनेश टण्डन ने विजेता व उपविजेता टीमों को ट्राफियां प्रदान कीं। 

जौनपुर के राज कालेज मैदान पर दिनेश टण्डन से विजेता ट्राफी लेते पत्रकार। छाया-कुमार कमलेश

देहरादून सहारा से अमित सिंह के जाने की खबर

सहारा को बेसहारा करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है । आये दिन कोई न कोई कर्तव्य योगी (सहारा में कोई कर्मचारी नहीं है सारे के सारे कर्तव्य योगी हैं तब यह हाल है) संस्थान का दामन छोड़ रहा है। 

बड़े धनवान ला रहे छोटे अखबार, पत्रकारों के शोषण की इंतहा

अखबार मालिकों ने पत्रकारों को इतना व्‍यस्‍त कर दिया है कि उनके पास दूसरी नौकरी तलाशने तक का समय नहीं है। फोर्थ पिलर ने कई छोटे अखबारों का सर्वे किया है, जहां अत्‍याचार की इंतहा है। कुछ बड़े धनपशु चोला बदलकर अखबारबाजी के क्षेत्र में उतर रहे हैं। इन्‍हें पहचानना थोड़ा कठिन होगा। इनका अखबार तो इतना छोटा होता है कि वहां वेज बोर्ड की बात करना भी बेमानी ही होगी, लेकिन शोषण की कहानी बड़े अखबारों से भी बदतर है।

‘नई दुनिया’ ग्वालियर के संपादक बने अजीत सिंह

मध्यप्रदेश, बिहार में विभिन्न अखबारों में लंबे समय तक शीर्ष संपादकीय पदभार संभालते रहे अजीत सिंह ने ‘नई दुनिया’ ग्वालियर के संपादक के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

नई दुनिया ग्वालियर के नए संपादक अजीत सिंह

खामोशी से बाज आओ पत्रकारों वरना ये सिलसिला अब थमने वाला नहीं

इस देश में क्या हो रहा है, कहीं कोर्ट परिसर में मर्डर तो कहीं जर्नलिस्ट का मर्डर तो कहीं ४२० के केस में पुलिस एनकाउंटर करती है, तो कहीं पुलिस मर्डर के अभियुक्त को समोसे खिलाती है, आखिर कितने जगेंद्र सिंह जैसे बेगुनाह और कलम के सिपाहियों की बलि लेगा ये देश।

न्यूज चैनल की हरकत से टॉपर छात्रा पहुंची अस्पताल, पिता ने की पुलिस से शिकायत

आखिर मीडिया राजस्थान बोर्ड की इस टॉपर छा़त्रा की मार्कशीट पर लाल घेरा फेर कर क्या साबित करना चाहता है?

शाहजहाँपुर की डीएम ने कहा – जगेन्द्र के घर जाने से विवादित हो जाऊंगी

कल आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने पत्रकार जगेन्द्र सिंह के गाँव खुटार जा कर उनके परिवार वालों से मिल कर मौजूदा स्थिति, विवेचना और उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी ली. स्थितियों पर उन्होंने पूरी तरह असंतोष जाहिर करते हुए मुआवज़े और घटना की सीबीआई जांच की मांग की. 

झूठी खबर प्रसारित कर ईटीवी ने करा दिया बंद, भारी नुकसान

ई टीवी बिहार/झारखंड न्यूज़ चैनल में ११ जून २०१५ को रात्रि में एक ब्रेकिंग न्यूज़ पहले चली कि झारखंड के पलामू जिले के बकोरिया थाना इलाके में पुलिस नक्सली मुठभेड़ में मारे गए। नक्सलियों के पक्ष में भाकपा माओवादियों ने १२ , १३ एवं १४ जून को पांच राज्य बंद करने का आवाहन किया है। यह आवाहन नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी के बयान पर बताया गया।  और यह भी दिखाया गया की पुलिस मुख्यालय इसकी पुष्टि नहीं करता है।  

नक्सली प्रवक्ता गोपाल जी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति की छाया प्रतियां

जगेंद्र की मौत से सुलगते सवाल : दुनिया के हक की बात करने वालो अपने हक के लिये आवाज बुलंद कब करोगे?

प्रजातांत्रिक भारत का सिस्टम भी अजब—गजब है। देश की राजधानी दिल्ली की सरकार में एक मंत्री की डिग्री फेक होने के कारण उन्हें जेल में डाला गया है और पूछताछ जारी है तो दूसरी तरफ उत्तरप्रदेश की सरकार है,​जिसमें उसके एक मंत्री और के गुर्गों द्वारा एक पत्रकार को जिंदा जला दिया गया उसकी मौत हो गई आरोप साबित हैं सबकी आंखों के सामने फिर भी समाजवादी सरकार के नेता कहते हैं क्या ए​फआईआर दर्ज होने से कोई आरोपी साबित हो जाता है। 

आरटीआई कार्यकर्ता गुरु प्रसाद की हत्या के लिए सपा सरकार जिम्मेदार : रिहाई मंच

लखनऊ : रिहाई मंच ने कहा है कि शाहजहांपुर में पत्रकार की हत्या के बाद जिस तरीके से बहराइच में आरटीआई कार्यकर्ता गुरू प्रसाद शुक्ला की दिन दहाड़े हत्या, आरटीओ चुन्नी लाल पर बेसिक शिक्षा एवं बालपुष्टाहार मंत्री कैलाश चैरसिया द्वारा थप्पड़ तानने और उन्हें जान से मारकर गंगा में फेंकने की धमकी दी गई, इस सबने साबित कर दिया है कि सपा सरकार इंसाफ मांगने की हर आवाज का कत्ल कर देना चाहती है। 

हम शर्मिन्दा हैं लेकिन हमें शर्म नहीं आती

सुनते आये हैं जो आया है वो जाएगा भी। सभी को जाना है लेकिन किस तरह से ? क्षमा करेंगे, एक और चला गया, पहले भी कई गए हैं। एकता के नारे लगाये जा रहे हैं। हक़ और बदले की भी बातें हो रहीं। कोई कम तो कोई ज्यादा आक्रमक भी है, जमात के लोग अपने अपने अंदाज में अपने अपने झंडे भी बुलंद कर रहे हैं। परिणाम की सुधि किसे है, ये बड़ा प्रश्न हो सकता है।

पत्रकारों की शहादत, बेशर्म सियासत

सारी दुनिया में पत्रकारों के सिर पर 24 घंटे मौत का साया मंडराता रहता है। कलम पर हमले जारी हैं। भारत के कई राज्यों में स्थिति बेहद संवेदनशील है। खासकर उत्तर प्रदेश में पत्रकार बेखौफ होकर काम नहीं कर पा रहे हैं। सत्ता और कानून के पहरेदारों (पुलिस) की संगीने हर पल कलम का पीछा कर रही हैं। बात अस्सी के दशक से शुरू करते हैं। मैं ग्रुजुएशन करके निकला था। दिल्ली के नवभारत टाइम्स, दिनमान और असली भारत के अलावा बांदा से छपने वाले दैनिक मध्ययुग, कर्मयुग और बम्बार्ड में लिखने लगा था। इस दशक की वो काली तारीख अब मुझे याद नहीं है, जब बबेरू कस्बे में तत्कालीन दरोगा अरुण कुमार शुक्ला के इशारे पर भुन्नू महाराज एंड कंपनी ने दैनिक जागरण कानपुर के तत्कालीन संवाददाता और मध्ययुग के संपादक सुरेशचंद गुप्ता की दिनदहाड़े लाठियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। वर्ष जरूर मुझे याद है-1983। सुरेश चंद गुप्ता का कुसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने पुलिस के फर्जी एनकाउंटर की रिपोर्ट छापी थी।

पत्रकार जगेंद्र सिंह के हत्यारोपी इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित, विभागीय जांच भी शुरू

लखनऊ : आईजी कानून-व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि शाहजहांपुर के पत्रकार हत्याकांड में इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। तफ्तीश में तेजी से जुटी पुलिस फिलहाल मंत्री राममूर्ति वर्मा से पूछताछ नहीं करेगी। जांच में अगर सुबूत और साक्ष्य मिले तभी पूछताछ होगी।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को रवीश कुमार की चिट्ठी- ‘पढ़ते ही राममूर्ति को संस्पेड करें’

आदरणीय अखिलेश जी,

इस उम्मीद से यह ख़त लिख रहा हूं कि पढ़ते ही आप मंत्री राममूर्ति वर्मा को सस्पेंड कर देंगे। पद और पार्टी दोनों से।

पत्रकार जगेन्द्र की हत्या की हो सीबीआई जांच-आइपीएफ

लखनऊ : शाहजंहापुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की जिंदा जलाकर हत्या कर दिए जाने पर आल इण्डिया पीपुल्स फ्रंट (आइपीएफ) ने गहरा दुख व्यक्त किया है। आइपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अजेय नहीं है और उसे जनमत का सम्मान करना चाहिए। यह अफसोसनाक है कि पत्रकार की हत्या के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा को सरकार अपने मंत्रिमण्डल में बनाए हुए है और जिन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज है, उन्हें निलंम्बित तक नहीं किया गया है।

मौत से पहले छटपटाते जगेंद्र सिंह का दर्दनाक वीडियो वायरल हुआ

पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाकर मार देने के मामले में सीबीआई जांच की मांग की गई है। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल हो गई है। मंत्री राममूर्ति वर्मा के खिलाफ संघर्षरत रहे जगेंद्र सिंह की मौत से पहले का एक दर्दनाक विडियो पुलिस की करतूत का खुलासा करता है। …

मल्टी टैलेंटेड विजुअली चैलेंज्ड मोनिका-अंकिता पर कोई मां-पिता क्यों न करे गर्व…

मोनिका और अंकिता के साथ करीब 4 घंटे का समय बिताने का मौका मिला और उस समय उनसे बातचीत कर अहसास हुआ कि हम जैसे रोशन आंखों वालों की दुनिया से कहीं ज्यादा रोशनी है उनकी दुनिया में। मासूमियत, सच्चाई, इंसानियत की रोशनी। ये हमसे कहीं ज्यादा संवेदनशील हैं समाज के प्रति, इंसानियत के प्रति। हम लोग हर दर्जे में इनसे कमतर हैं। पढिय़े मोनिका और अंकिता की रोचक, सुरीली और साहसी कहानी मध्य प्रदेश की पत्रकार ममता यादव की जुबानी….

सीएम खट्टर ने मुझे मीडिया के पास जाने से मना किया है : सांसद अश्विनी चोपड़ा

सोनीपत / पानीपत (हरियाणा) : सांसद अश्विनी चोपड़ा ने खुलासा किया है कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने उन्हें मीडिया के पास जाने से मना किया है। सीएम ने कहा कि वे उनसे सीधी बात करें। आगे से अपने मुद्दों को लेकर मीडिया के पास न जायें। सांसद के अनुसार सीएम ने कहा- ‘क्या जरूरत है, आपको मीडिया में जाने की, मुझे बताओ, मैं सब ठीक करूंगा।’ इस पर चोपड़ा का सीएम को जवाब था – ‘मैं भी चाहता हूं कि आपसे बतौर सांसद बात करूं, पर क्षेत्र की उपेक्षा सहन नहीं कर पाता और मेरे भीतर का पत्रकार जाग उठता है, मैं क्या करूं?’

यूपी के आला पुलिस अफसरों ने खाकी को चुल्लू भर पानी में डुबोया

उत्तर प्रदेश में खाकी अपनी करतूतों के चलते अक्सर ही शर्मसार होती रहती है, लेकिन जब भ्रष्टाचार के आरोप विभाग के मुखिया पर ही लगे तो हालात कितने खराब हैं, इसका अंदाजा सहज लगाया जा सकता है। खाकी पर अबकी से उसके दो ‘हाकिमों’ (पूर्व पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) के कारण दाग लगा है। दोनों डीजीपी ने अपनी तैनाती के दौरान ट्रांसफर-पोस्टिंग को धंधा बना लिया।

जगेंद्र सिंह की वक्त पर मदद न कर पाने के लिए मैं गुनहगार, लखनऊ के पत्रकार शर्मसार : के. विक्रम राव

मैं खुद को गुनेहगार मान रहा हूँ, क्योंकि मै “जगेन्द्र सिंह” की समय पर सहायता नहीं कर पाया। यह बात अलग है कि मैं लखनऊ के बाहर था, पर वह कोई उचित तर्क नहीं हो सकता। सात दिनों तक लखनऊ के अस्पताल में शाहजहाँपुर का एक खोजी पत्रकार जगेन्द्र सिंह ज़िन्दगी से जूझता रहा, उसके घर में घुस कर जलाने वाले आज़ाद हैं। सिर्फ इसलिए की एक राज्यमंत्री की दबंगई थी। जगेन्द्र सिंह घोटोलो का भंडाफोड़ करता रहा।

जगेंद्र हत्याकांड पर मेरठ के पत्रकार गुस्से में, काली पट्टी बांधकर सत्याग्रह

मेरठ : यहां के पत्रकारों में शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या से जबरदस्त गुस्सा है। पत्रकारों का सत्याग्रह शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार 12जून को पूर्वाह्न 11 बजे शहर के लगभग सभी प्रमुख पत्रकार और मीडियाकर्मचारी जिला कलेक्ट्रेट में जुटे। 

जगेंद्र के लिए इंसाफ की लड़ाई जारी, शाहजहांपुर में कैंडल मार्च

शाहजहांपुर (उ.प्र.) : ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन शाहजहांपुर के आह्वान पर जगेन्‍द्र सिंह के परिजनों को न्‍याय, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, जगेन्‍द्र सिंह के बच्‍चों के लिये शासन से 50 लाख रूपये का मुआवजा, एक बेटे या बेटी को नौकरी दिलाने की मांग करते हुए पत्रकारों ने कैंडिल जुलूस निकाला। 

यूपी में एक और पत्रकार पर सपा नेता का अटैक, हालत मरणासन्न, लखनऊ ट्रामा सेंटर में भर्ती

बस्ती (उत्तर प्रदेश) : एक और पत्रकार को समाजवादी पार्टी के विधायक ने मौत के घाट उतारने की कोशिश की। पत्रकार की हालत गंभीर है। लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भरती कराया गया है। वह पांच जून की रात से लगातार कोमा में हैं। बताया गया है कि अमर उजाला प्रबंधन, प्रशासन और पुलिस सब इस मामले को दबाने में लगे हुए हैं। 

लखनऊ के ट्रामा सेंटर में भर्ती पत्रकार धीरज पांडेय

जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र को अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद

वो सफेद झूठ बोल रहे हैं, जो कह रहे हैं कि जागेन्‍द्र सिंह का धन्‍धा उगाही, वसूली और रंगदारी ही था। सच बात तो यह है कि शाहजहांपुर की ही पुलिस ने उसके ऊपर लगे एक मुकदमे में उसे पूरी तरह निर्दोष पाया था। लेकिन इस तथ्‍य के बावजूद चंद पुलिस और अपराधियों द्वारा पेट्रोल डाल कर सरेआम फूंक डाले गये शाहजहांपुर के जांबाज पत्रकार जागेन्‍द्र सिंह को अब ब्‍लैकमेलर, उगाही करने वाला और रंगदारी वसूली करने वाले अपराधी के तौर पर पेश करने की कवायद चल रही है। मकसद यह कि किसी न किसी तरीके से इस मामले पर मंत्री राममूर्ति वर्मा की खाल बचा ली जाए। उधर पता चला है कि समाजवादी पार्टी ने अपने एक स्‍थानीय नेता और ददरौल से विधानसभा चुनाव लड़ चुके देवेन्‍द्र पाल को पार्टी से बर्खास्‍त कर दिया है।

हत्या के आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा के बचाव में उतरे रामगोपाल यादव

शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की हत्या के मामले में समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने मंत्री राममूर्ति वर्मा का बचाव करते हुए कहा है कि सिर्फ एफआईआर दर्ज होने से कोई दोषी नहीं हो जाता।

अब ‘ईटी नाऊ’ की कमान भी संभालेंगे अर्नब गोस्वामी

टाइम्स नाऊ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी अब ‘टाइम्स नाऊ’ और ‘ईटी नाऊ’ दोनों का प्रेसिडेंट-न्यूज़ और एडिटर-इन-चीफ बना दिए गए हैं। चश्मिश गोस्वामी अब अंग्रेज़ी बिजनेस न्यूज चैनल ईटी की संपादकीय टीम का नेतृत्व भी करेंगे। 

Jagran Prakashan completes acquisition of Radio City

Leading media group Jagran Prakashan Ltd said it has completed the acquisition of Music Broadcast Pvt Ltd, which operates the popular Radio City FM stations. “We are delighted to announce that Radio City has now become a part of Jagran Prakashan Ltd. The acquisition marks JPL’s foray into the high growth radio industry and catapults the company to a leadership position in the radio segment of the media industry,” said Jagran Prakashan CMD Mahendra Mohan Gupta.

अब 10 हजार करोड़ का डीमेट घोटाला

व्यापमं महाघोटाले की जांच तो चल ही रही है, वहीं अब निजी डेंटल और मेडिकल कॉलेजों में बीते 10-11 सालों में हुए डीमेट घोटाले की परतें भी खुलने लगी हैं। 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के इस डीमेट घोटाले में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेसी भी फंस रहे हैं। निजी कॉलेजों ने 20 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ और उससे भी अधिक राशि लेकर हजारों एडमिशन दे डाले। इस मामले में गिरफ्तार किए गए डीमेट के कोषाध्यक्ष रहे योगेश उपरित ने कई चौंकाने वाली जानकारियां भी दी हैं।

मजीठिया वेतनमानः अभी निर्णायक संघर्ष का समय, इसके बाद शुरू होगा मालिकों का नंगनाच

पत्रकारों के लिए अब निर्णायक समय आ गया है क्योंकि हर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार श्रम अधिकारियों की विशेष टीमें गठित कर दी हैं और ये टीम 31 जुलाई तक सक्रिय रहेंगी. 

लंदन में जारी हुई ‘इश्क़ कोई न्यूज़ नहीं’ की प्रोमो पुस्तिका

लंदन : ‘लप्रेक : फेसबुक फिक्शन श्रृंखला की दूसरी किताब ‘इश्क़ कोई न्यूज़ नहीं’ को पाठकों के बीच लाने की तैयारियाँ जब ज़ोरों  पर हैं, इसी बीच इसका प्रोमो लंदन में आयोजित एक कार्यशाला के उपरान्त अनौपचारिक रूप से लांच किया गया।

कानपुर प्रेस क्लब पोलखोल (1) : पत्रकारों की आँखों में धूल झोक कर चुनाव क्या सिर्फ दिखावा !

एस.आर.न्यूज़ टीम : दोस्तों आज हम खुलासा करने जा रहे हैं कुछ ऐसे स्वयंभू पत्रकारों के बारे में जिन्होंने न सिर्फ एक सम्मानित संस्था ( एनजीओ ) कानपुर प्रेस क्लब कानपुर महानगर पर धोखाधड़ी कर और क्लब के संस्थापक सदस्यों को दर किनार कर न सिर्फ कब्ज़ा किया बल्कि उस संस्था के सदस्यों की संस्था के प्रति आस्था से भी खिलवाड़ किया। चुनाव के नाम पर दे दिया सदस्यों और पदाधिकारियों को हार का लालीपाप।

उनकी डिग्रियां भी जाली हो सकती हैं मगर उन्हे शर्म क्यों नहीं आती !

क्यों नहीं सभी विधायकों, सांसदों, मंत्रियों व नौकरशाहों की डिग्रियों का सत्यापन करके देखा जाये? हो सकता है, काफी लोगों की डिग्री फर्जी निकले। कुछ तो नेता व मंत्रियों के फर्जी डिग्री के मामले आज कल चर्चा में भी है, यहां तक कि तमाम ऐसे लोग विदेशी डिग्री भी लिए फिरते हैं। लोक सेवा आयोग, इलाहाबाद के अध्यक्ष, अनिल यादव की डिग्री/मार्कशीट का सत्यापन कराया जाये, हो सकता है कि अवश्य फर्जी निकले ! आम आदमी क्या करे, उसे तो जेल में डालना आसान है, इन बड़ों को कौन पकड़े?

यूपी का इतिहास पत्रकारों की लाश पर नहीं लिखने देंगे, हर पत्रकार जगेंद्र बनेगा

उत्तर प्रदेश  में पत्रकारों पर हमले बढ़ रहे हैं। पहले शाहजहाँपुर के जगेंद्र सिंह को जिन्दा जला कर मार दिया गया। फिर कानपुर में पत्रकार दीपक मिश्रा को पांच गोलियां मारी गयीं। साफ़ है कि अगर पहली घटना में अखिलेश सरकार तुरंत कार्यवाही करती तो कानपुर की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होती। पहली घटना  में आरोपी मंत्री और पुलिस कर्मियों पर प्रभावी कार्यवाही न होने से माफिया के हौसले और बढ़ गए और उन्होंने एक और पत्रकार को  निशाना बना दिया। अब जगेंद्र की तरह दीपक मिश्रा के हमलावर भी गिरफ्तार नहीं हुए।

व्यापम घोटाला : निजी मेडिकल कॉलेजों ने काउंसिलिंग के बाद ज्वॉइनिंग को छिपाया

भोपाल : प्रदेश शासन द्वारा निजी चिकित्सा महाविद्यालय में भरी जाने वाली सीटों की प्रक्रिया को लेकर जांच कर रही एएफआरसी ने अपने 21 मई 2015 के खुलासे में भारी अनियमितता का उल्लेख करते हुए बताया है कि धोखाधड़ी से महाविद्यालयों में निजी उम्मीदवारों को प्रवेश दिलवाया गया। 

पत्रकारों को इंसाफ चाहिए, राज्यपाल से गुहार, ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन

अलीगढ़ : पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति ने अध्यक्ष सुबोध सुहृद के नेतृत्व में बुधवार को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन कमिश्नरी पर ज्वांइट कमिश्नर राजाराम को दिया। ज्ञापन में समिति के पदाधिकारियों ने मांग की कि प्रदेश में हो रहे पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए एक संस्था का गठन किया जाना चाहिए और मृत पत्रकार जगेन्द्र सिंह के परिवारीजनों को मुआवजा व आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। 

जगेंद्र सिंह हत्याकांड के विरोध में ज्वॉइंट कमिश्नर को ज्ञापन देते अलीगढ़ के पत्रकार

यूपी में पत्रकारों की जान को खतरा, जगेन्द्र हत्याकांड पर कैंडल मार्च

मुगलसराय : उत्तर प्रदेश में पत्रकारों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में नगर के पत्रकारों ने गुरुवार की शाम एक कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च लाल बहादुर शास्त्री पार्क से आरम्भ होकर जीटी रोड होता हुआ सुभाष पार्क पहॅुचा, जहां दिवंगत पत्रकार जगेंद्र सिंह को श्रद्वांजलि अर्पित की गयी। 

प्रेस परिषद की तीन सदस्यीय टीम शाहजहांपुर में 13 जून को जगेंद्र हत्याकांड की छानबीन करेगी

शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) : पत्रकार जगेन्द्र सिंह हत्याकांड की जांच के लिए 13 जून को भारतीय प्रेस परिषद की तीन सदस्यीय टीम शाहजहांपुर आएगी। यह टीम मौके पर घटना से संबंधित-असंबंधित सभी पक्षों से घटना के संबंध में पूछताछ, छानबीन करेगी। सर्वोच्चन्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद की ओर से घटनास्थल पर छानबीन के लिए भेजी जा रही इस तीन सदस्यीय टीम में प्रेस परिषद की सदस्य सुमन गुप्ता भी हैं। यह टीम जगेंद्र के परिजनों, आरोपी पक्ष, पुलिस, स्थानीय पत्रकारों के साथ ही जन साधारण से भी घटना पर प्रतिक्रिया लेगी। 

 

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सी.के. प्रसाद

मीडिया पर भारी पड़ सकता है महाराष्ट्र सरकार का हलफनामा

एक जनहित याचिका के जवाब में महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर किया है। उसमें कोर्ट को बताया गया है कि आरोपी और पीड़ित की निजता बनाए रखने के लिए पुलिस को दिशा-निर्देश जारी किया है, जिसमें आरोपी का नाम, उसकी तस्वीर और उससे जुड़ी कोई भी जानकारी मीडिया को देने के लिए मना किया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि कहीं ये महाराष्ट्र में मीडिया ट्रायल के नाम पर मीडिया पर पाबंदी की कोशिश तो नहीं है? 

उत्तरांचल में क्रशर माफिया के हाथों की कठपुतली बना इलैक्ट्रॉनिक मीडिया

क्रशर माफिया से जूझ रहे उत्तरांचल के ग्रामीणों पर लाठीचार्ज हुआ। सीता देवी, हेमंती देवी, दस-दस दिनों तक भूख हड़ताल पर बैठीं, लेकिन अपने को जनता का हितैषी बाताने वाले श्रीनगर, गढ़वाल, उतराखंड के इलैक्ट्रानिक मीडिया ने अपने कैमरे कभी भी इन पीड़ित ग्रामीणों की ओर नहीं घुमाये। घुमाये भी तो उसे प्रसारण के लिए नहीं भेजा। भेजें भी कैसे, नगर के अधिकांश इलैक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार क्रशर माफिया के मित्र जो ठहरे। जी हां  श्रीनगर से लगे टिहरी जिले के मलेथा गांव में जल-जगंल-जमीन के खिलाफ पिछले आठ महीने से एक आन्दोलन चल रहा है।

अशोक मिश्रा ने ‘न्यू ब्राइट स्टार’ ज्वॉइन किया

वरिष्ठ पत्रकार अशोक मिश्रा ने एनबीएस मीडिया ग्रुप के एनसीआर से प्रकाशित समाचार पत्र ‘न्यू ब्राइट स्टार’ में स्थानीय संपादक का पद भार संभाल लिया है। वह व्यंग्यकार भी हैं। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल क्या इन पांच सवालों के जवाब देंगे!

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पांच सवाल ऐसे हैं, जो अनेक लोगों के मन में आजकल गूंज रहे हैं। क्या अरविंद केजरीवाल इन वांच सवालों का जवाब दे सकते हैं? अरविंद केजरीवाल के पास इन सवालों का क्या जवाब है-  

‘दबंग दुनिया’ में संपादक की कुर्सी संभालते ही पत्रकारों की नौकरी से खेलने लगे विजय शुक्ला

भोपाल : एजेंट से संपादक बने विजय शुक्ला इस समय भोपाल के ‘दबंग दुनिया’ अखबार में संपादक बन गए हैं। संपादक बनने के बाद से ही वह वर्षों से काम कर रहे पत्रकारों को परेशान करने लगे हैं। उनके कारण संस्थान से कई लोग बाहर जा चुके हैं। बाहर जाने वालों में प्रशासनिक संवाददाता राजेंद्र वर्मा, विजेंद्र उपाध्याय, मनोहर पाल, सकुर्लेशन हेड प्रवीण शर्मा, अजय द्विवेदी, आरबी सिंह आदि हैं। अमित देशमुख, जो शुरूआत से काम कर रहे हैं, उन्होंने किसी तरीके से अपना ट्रांसफर दिल्ली कराकर अपनी नौकरी बचाई है। 

जवाब तो देना ही पड़ेगा केजरीवाल को

दिल्ली के कानून मंत्री रहे जितेन्द्र तोमर को पुलिस ने फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार किया है और कोर्ट द्वारा दी गई रिमांड पर अब पुलिस तोमर को साथ ले जाकर फर्जी डिग्री कांड की जांच में जुटी है और प्रथम दृष्ट्या तो साबित भी हो रहा है कि तोमर के पास वैध नहीं, बल्कि अवैध डिग्रियां ही हैं। यह भी सोचने वाली बात है कि दिल्ली पुलिस इतनी भी मूर्ख नहीं है कि वह केजरीवाल सरकार के एक मंत्री को इस तरह गिरफ्तार करे, जब तक कि उसके पास पुख्ता सबूत ना हों, क्योंकि यह मामला दिल्ली पुलिस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि केन्द्र की मोदी सरकार के साथ चल रहे केजरीवाल सरकार के पंगे का भी बड़ा मामला है।

जगेंद्र हत्याकांड पर कई राज्यों की पत्रकार यूनियनों में रोष, आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने शाहजहाँपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह की हत्या के दोषियों की अविलंम्ब गिरफ़्तारी की मांग करते हुए मृतक के परिजनों को 25 लाख की आर्थिक सहायता की मांग की है । यूनियन अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने एक बयान जारी कर इस मामले में दर्ज एफआईआर में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त  से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है । आईएफडब्लूजे के सेक्रेटरी (दक्षिण) क़ादरख़ान असदुल्लाह ने बताया कि तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र  प्रदेश एवं अन्य प्रदेशों में हुई शोक सभाओं में पत्रकारों ने घटना पर गुस्सा जताते हुए तुरंत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

इंडिया टीवी को तगड़ा झटका, एक्जिक्यूटिव एडिटर शुभाशीष मलिक का इस्तीफा

इंडिया टीवी को एक तगड़ा झटका लगा है। यहां कार्यरत बेहद प्रतिभाशाली और एक्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर तैनात शुभाशीष मलिक ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है ।

दैनिक जागरण प्रबंधन के होश उड़े, कर्मचारियों का अल्टीमेटम, मांगें पूरी करो वरना सीधे टकराएंगे

इलाहाबाद हाईकोर्ट में गर्मियों की छुट्टियां शुरू होने से ठीक एक दिन पहले यूनियन पर स्टे लेने वाले दैनिक जागरण प्रबंधन की खुशियां बहुत दिन टिक नहीं पाईं इसके पहले कि वह कर्मचारियों के शोषण व उत्‍पीड़न के अपने इरादों को अंजाम देने की दिशा में कोई कार्रवाई कर पाता, जागरण के कर्मचारियों ने श्रम कानूनों में ही निश्चित प्रावधानों के तहत अपनी एक सभा कर अपने बीच से ही सात प्रतिनिधियों का चुनाव कर प्रबंधन को पटखनी दे दी। इन सात प्रतिनिधियों के मार्फत एक सूत्रीय मांग पत्र तैयार कर जागरण प्रबंधन को थमा दिया गया है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो पिछली सात फरवरी की तरह वह हड़ताल पर चले जाएंगे।

दैनिक जागरण प्रबंधन को दिए गए मांगपत्र की छाया प्रति (पृष्ठ-1)

पत्नी लिपिका मित्रा के आरोपों पर भारती ने मीडिया से निजता का वास्ता दिया, ट्विटर पर ट्रेंड में

सोमनाथ भारती ने ट्विटर पर लिखा है, ‘मैं पार्टी के काम के सिलसिले में केरल में हूँ। मैं बहुत आहत हूँ कि मेरी पत्नी ने घरेलू मामले को सार्वजनिक कर दिया है। घरेलू हिंसा के अगर आरोप लगे हैं तो ये बेबुनियाद हैं। मैं अपनी पत्नी और बच्चों से प्यार करता हूँ। मैं मीडिया से अपील करता हूँ कि मेरी निजता का सम्मान करें।” भारती की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई पड़ी है। शाम चार बजे जैसे ही उनकी पत्नी लिपिका मित्रा महिला आयोग पहुंचीं और भारती पर मारपीट के आरोप की खबर उड़ी, वैसे ही ट्विटर पर सोमनाथ भारती ट्रेंड में आ गए। महज 30 मिनट में हजारों टवीट्स हो गए। ट्रेंड तीसरे पायदान पर पहुंच गया।

लिपिका मित्रा और सोमनाथ भारती

जगेंद्र हत्याकांड से यूपी के पत्रकारों में रोष, सीबीआई जांच की मांग

गाजीपुर (उ.प्र.) : शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह हत्याकांड पर यहां विरोध प्रकट करते हुए पत्रकारों ने कचहरी कैम्प कार्यालय पर शोकसभा की। बैठक में पत्रकारों ने इसे चौथे स्तम्भ पर करारा आघात करार दिया। पत्रकारों ने राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा और कोतवाल श्रीप्रकाश राय के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की मांग के साथ ही घटना की जांच सीबीआई से कराने, परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने, नौकरी के साथ 50 लाख रूपये का मुआवजा एवं जगेंद्र के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दिए जाने की मांग की है। 

जगेंद्र हत्याकांड के विरोध में प्रभारी जिलाधिकारी को ज्ञापन देते गाजीपुर के पत्रकार

यूपी : फिल्म उद्योग की भरपूर संभावनाएं, विलेन पटकथा का टेंशन नहीं

बचपन में कई हिन्दी फिल्मों में मजबूर आम आदमी, सच के पहरेदारों और ईमानदार चरित्रों को जालिम नौकरशाह, हैवान नेता और बिकी हुई पुलिस के हाथों मरते देखा है। तब केवल फिल्मों की कहानी समझकर 3 घंटे बाद भूल जाते थे । लेकिन आज हालात दूसरे हैं। फिल्में देखने की जरूरत ही नहीं है । रोजाना अखबारों के पन्ने, टी.वी, मोबायल की स्क्रीन पर नयी फिल्मों के चित्र और पहले से ज्यादा हिला देने वाली स्टोरी दिखायी देती है। 

सन टीवी लाइसेंस : मारन भाइयों के सामने मालिकाना हक छोड़ने की चुनौती

सन टीवी नेटवर्क के पास 33 सेटलाइट चैनल हैं। इसके प्रमोटर कलानिधि मारन पूर्व मंत्री दयानिधि मारन के भाई हैं। गृह मंत्रालय ने सन टीवी नेटवर्क को चैनल के लाइसेंस नवीनीकरण पर अब शर्त लगा दी है कि इस समय मुकदमों में फंसे दोनो भाई इसका मालिकाना हक छोड़ दें।  

बे-मन की बात : आकाशवाणी के कैजुअल एनाउंसरों पर लटक रही छंटनी की तलवार

न्यायालय और संसदीय कमेटी के आदेश को भी दरकिनार करते हुए आकाशवाणी में कार्यरत कैज़ुअल एनाउंसरों को असंवैधानिक तरीके से बाहर निकालने की साजिश चल रही है। ख़ासकर वे कैज़ुअल एनाउंसर, जो पिछले पंद्रह वर्षों से अधिक समय से कार्यरत हैं, उन्हें एक अंडरटेकिंग के माध्यम से निकाले जाने का अंदेशा गहराता जा रहा है। 

गजेंद्र की हत्या पर एनयूजे, यूजेए ने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग बुलंद की

लखनऊ : नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स(इंण्डिया) व यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन से जुडे सभी पत्रकारों ने शाहजहांपुर के सोशल मीडिया के पत्रकार जोगेन्द्र की हत्या की कडी निंदा की है। नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स (इंण्डिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उप्पाला लक्ष्मण व महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने घटना की कडी भर्त्सना करते हुए केन्द्र सरकार से मांग की कि पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर इसे लागू किया जाय। 

मीडिया मालिकों का बांड एवं फार्मों पर साइन कराना अवैध, पत्रकारों को कत्तई डरने की जरूरत नहीं

सबसे बड़ी अदालत के फरमान ने श्रम विभाग को कितना और किस तरह सक्रिय कर दिया है, यह अब पर्दे में नहीं रह गया है। चहुंओर दिखने, नजर आने लगा है। फरमान जारी होने के बाद महीने भर तक तो सब कुछ शंकाओं-आशंकाओं-अटकलों-अनुमानों, यहां तक कि अफवाहों के गर्दो-गुबार, परतों में दबा-छिपा-ढंका था। कुछ पता ही नहीं लग रहा था, समझ ही नहीं आ रहा था कि होगा क्या? क्या माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल होगा? कुछ कार्रवाई-कार्यवाही होगी? प्रदेश सरकारों का तंत्र मुख्य सचिवों के निर्देश-निगरानी-देखरेख में श्रमजीवी पत्रकार कर्मचारियों एवं गैर पत्रकार कर्मचारियों के भले के लिए कुछ करेगा या नहीं? लेबर कमिश्नरों की अगुआई में नोडल अफसरों/लेबर इंस्पेक्टरों/अफसरों का कुनबा, टीम कुछ सार्थक करेगी या नहीं? या फिर यह महकमा श्रमिक हितों के चोले में उनके हितों पर हमेशा की तरह खंजर ही चलाएगा?

Rajasthan Government Appoints 39 Special Labour Inspectors to Enquire the Majithia Status

Ram P. Yadav (Secy. IFWJ) : After Delhi and Madhya Pradesh, the Rajasthan Government has appointed the Special Labour Inspectors in compliance with the direction of the Hon’ble Supreme Court of India. The Government has appointed 39 Labour Inspectors of different ranks under Section 17B of the Working Journalists Act.

खनन माफिया पर कार्रवाई न कर यूपी सरकार ने बढ़ाया राम मूर्ति जैसों का मनोबल

लखनऊ : रिहाई मंच ने आरोप लगाया है कि खनन माफिया और प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री राम मूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय व अन्य द्वारा शाहजहांपुर के पत्रकार जगेन्द्र सिंह को जिंदा जलाने की घटना ने प्रदेश में गुंडा और माफिया की सरकार होने को फिर से पुष्ट कर दिया है। मंच ने कहा है कि राम मूर्ति जैसे लोगों की जगह मंत्रालय नहीं बल्कि जेल में है। मंच ने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करते हुए राम मूर्ति सिंह को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है।

 

फेसबुक पर ‘ट्रोजन’ पोर्न वायरस का अटैक, शर्मिंदा हो रहे लोग

फेसबुक यूजर्स के लिये चेतावनी है। पिछले कुछ दिनों से फेसबुक ‘पोर्न वायरस’ के हमले से जूझ रहा है । इन्टरनेट के जरिये तेजी से फैलता यह वायरस फेसबुक जैसी लोकप्रिय सोशल मंच के एकाउन्ट यूजर्स के वाल पर अश्लील वीडियो के लिंक भेज रहा है । इस लिंक को क्लिक करते ही यह यूजर्स के 20 से 25 फेसबुक मित्रों को टैग कर देता है और इसके साथ ही कई हजार फैसबुक एकाउन्टस पर अश्लील वीडियो के दृश्य दिखायी देने लगते हैं । 

हत्या की रिपोर्ट से तिलमिलाए मंत्री की पत्रकारों को धमकियां !

वाराणसी : शाहजहाँपुर के सोशल मीडिया पत्रकार जोगेन्द्र सिंह प्रकरण में सरकार की सच्चाई और मंत्री की मनमानी खुल कर सामने आ गई है। अब समाजवादी पार्टी के नेता पत्रकारों को गालियां देने लगे हैं और मंत्री धमकियां दिलवा रहा है। लखनऊ प्रेस क्लब में कल मीटिंग कर पत्रकारों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आगाह कर दिया है कि सरकार इस हरकत को नहीं रोकती तो कीमत चुकानी पड़ेगी। 

सहारा कर्मियों को मिल गया भत्ता, भागते भूत की लंगोटी ही भली

आखिरकार सहारा मीडिया के कर्तव्य योगियों को इस महीने की खुराक ( दो बूंद जिंदगी की) मिल गई। हालाँकि यह चकित करने वाला है, क्योंकि बीते सवा साल से कभी भी समय पर वेतन नहीं मिला, सिवाय जून को छोड़ कर। 

एक श्रद्धा पुष्प जगेंद्र के नाम

कुछ क्रूर भेड़िए सफेदपोश का लबादा ओढ़े समाज में छिपे बैठे हैं उन्हें चेतावनी ? तुम सुधर जाओ हमारी कलम कब तक तोड़ोगे एक जुगेन्द्र को जिंदा जला कर मार डाला चुनौती तुम्हारे गुनाहों पर पर्दा नहीं डाल सकेगा हम सभी खबरनबीसों को शूली पर चढ़ा दो तब भी कितनी मांओं की कोख से और …

दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी से कानून खुद के शिकंजे में

परिपक्व संविधान मजबूत लोकतंत्र और युवा भारत दुनिया में भारत की फिलहाल यह भी एक मजबूत पहचान है लेकिन कानून के उपयोग और व्याख्या को लेकर अक्सर जो माजरा खड़ा होता है उससे एक अजीब से राजनीतिक मकसद की बू आती है जिसे लेकर कहीं न कहीं लोकतंत्र पर ही सवाल और कानून खुद-ब-खुद शिकंजे में दिखाई देने लगता है। कई बार ऐसा लगता है कि जंग कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच है तो कई बार यह जंग विधायिका और न्यायपालिका के बीच दिखती है। मजबूत लोकतंत्र और दुनिया में अपना डंका बजाने के लिए बेताब भारत के लिए यह हितकर नहीं कहा जाएगा। 

IFWJ Condemns Murder of Journalist Jagendra Singh

Ram P. Yadav (Secretary-IFWJ) : Indian Federation of Working Journalists (IFWJ) has strongly condemned the murder of Jagendra Singh, a brave and fearless journalist and social activist of Shahjahapur. In a statement, the IFWJ’s Secretary General Parmanand Pandey has demanded that the Akhilesh government of Uttar Pradesh must immediately sack the State Minister Ram Murti Singh Verma at whose instance the Police Inspector Prakash Rai burnt Jagendra Singh after sprinkling petrol on his body.

भास्कर होशंगाबाद के पाँच कर्मचारियों को वापस काम पर रखने के सख्त आदेश

दैनिक भास्कर होशंगाबाद के कर्मचारियों द्वारा गुजरात हाई कोर्ट में मजीठिया का केस लगाने के बाद भास्कर प्रबंधन ने 25 में से 5 कर्मचारियों का अलग-अलग राज्यो में ट्रांसफर कर दिया था। साथ ही वहां ज्वॉइन कराने को लेकर प्रबंधन लगातार दबाव बना रहा था । कर्मचारियों ने ट्रांसफर को चुनौती दे दी। श्रम आयुक्त ने सुनवाई करते हुए भास्कर प्रबंधन को आदेश दिया कि आप कर्मचारियों को परेशान न करें। जब तक कोर्ट से केस का फ़ैसला नहीं आ जाता, ट्रान्सफर किये गए सभी 5 कर्मचारियों से पहले की तरह होशंगाबाद में काम लें और उनका रुका हुआ वेतन दें। 

बजरंगी भाईजान की धमकी, नकारात्मक बातें होती रहीं तो ट्विटर छोड़ दूंगा

‘बजरंगी भाईजान’ यानी सलमान खान ने ट्विटर छोड़ने की धमकी दी है। अपने फैन्स को जमकर लताड़ लगाई है। सलमान के फैंस जितना उन्हें प्यार करते हैं, उतना ही वह भी अपने फैंस पर जान छिड़कते हैं, लेकिन कुछ फैंस ने सल्लू को नाराज कर दिया है। उनकी कुछ ऐसी हरकतें हैं, जो सलमान को बिलकुल पसंद नहीं हैं। उन्होंने ट्वीट कर अपने इन फैंस को कहा है कि ऐसे लोग उनके प्रशंसक नहीं हो सकते हैं, जो फर्जी अकाउंट बनाते हैं। 

भड़ास की खबर ने फिर दिखाया असर, भर्ती में भ्रष्टाचार पर घिरे राज्य सभा टीवी अफसर

भड़ास फॉर मीडिया की खबर ने एक बार फिर अपना असर दिखाया है. राज्य सभा टीवी में हुई भर्ती में भ्रष्टाचार की खबर भड़ास पर प्रसारित होने के तत्काल बाद राज्य सभा टीवी के कर्ता-धर्ता  पूरे मामले पर लीपा-पोती की कोशिश में जुट गए हैं. 

ऑनलाइन टिकट के नाम पर लूट रहे आईआरसीटीसी और रेलवे

वाराणसी (उ.प्र.) : आईआरसीटीसी (irctc) और रेलवे मिलकर ऑनलाइन टिकट के नाम पर लोगों को लूट रहे हैं। अगर आपने ऑनलाइन टिकट को बुक कराकर कैंसिल किया तो कोई गारंटी नहीं कि वो पैसा आपके खाते में वापस आये।

फर्जी डिग्री व रिमाण्ड तो एक बहाना है… असल में कुछ और निशाना है…

दिल्ली के कानून मंत्री जीतेन्द्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी ने कई विवाद खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तारी की अन्दरूनी सच्चाई भले ही कुछ भी हो लेकिन देश हित में जीतेन्द्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी ने सवालों की झड़ी लगा दी है। सवाल यह नहीं कि देश की राजधानी का कानून मंत्री खुद शिकंजे में है। सवाल यह भी नहीं कि डिग्री फर्जी है या नहीं। सवाल यह है कि गिरफ्तारी का जो तरीका अपनाया गया वह कितना जायज है। 

जगेंद्र हत्याकांड : जांच में सबसे बड़ा रोड़ा सत्ता की खाल में छिपे दलाल पत्रकार

उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव की सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, कोतवाल श्रीप्रकाश राय और मंत्री के चार अन्य गुर्गों के खिलाफ पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जलाकर मारने के मामले में खुटार थाने में रिपोर्ट दर्ज तो दर्ज हो गई, अब देखिए इस मामले का अंत किस तरह होता है। चाहिए तो था कि हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही मंत्री को सरकार से बाहर कर दिया जाता, और उसके बाद जांच अमिताभ ठाकुर जैसे किसी ईमानदार आईपीएस से कराई जाती। लेकिन ऐसा कहां संभव है। मंत्री हत्यारोपी है, उस पर और भी कई मामले पहले से सुर्खियों में हैं। हकीकत है कि सब हाथीदांत जैसा चलता लग रहा है। जब सारे छंटे-छंटाए सियासत के टीलों पर सुस्ता रहे हैं, जिसकी नकाब हटाओ, वही अपराधियों के सरगना जैसा, तो फिर ऐसी जांच की संभावना कहां बचती है। 

 

जलाए गए पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मौत के साक्ष्य देंगे अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने शाहजहाँपुर निवासी सोशल मीडिया पत्रकार जगेन्द्र सिंह की मौत के बाद दर्ज किये गए एफआईआर को देर से उठाया गया कदम बताया है और इस बात पर कष्ट व्यक्त किया है कि जगेन्द्र के जीते जी उनका मुक़दमा दर्ज नहीं हुआ.

क्या अपने राज्यमंत्री को बर्खास्त करेंगे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

जी हां, जांबाज शहीद पत्रकार जगेन्द्र मामले में आरोपी राज्यमंत्री राममूर्ति वर्मा व घूसखोर इंस्पेक्टर श्रीप्रकाश राय के खिलाफ रपट दर्ज हो जाने के बाद भी अगर कार्रवाई नहीं हो पा रही है तो अखिलेश सरकार पर सवाल खड़ा होना लाजिमी है। क्या ऐसे ही मंत्रियो, बाहुबलियों, श्रीप्रकाश राय, संजयनाथ तिवारी जैसे लूटेरा व घुसखोर इंस्पेक्टर, भ्रष्ट आईएएस अमृत त्रिपाठी व आईपीएस अशोक शुक्ला आदि के सहारे समाजवादी पार्टी 2017 की वैतरणी पार करने का सपना संजो रखी है? अगर ऐसा नहीं है तो सच सबके सामने आ जाने के बाद इंस्पेक्टर समेत राज्यमंत्री को बर्खास्त करने में इतनी देर क्यों की जा रही है

डीजीपी ए एल बनर्जी और ए सी शर्मा ने मांगे एसएमएस से घूस : आईपीएस अमिताभ ठाकुर

आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने दावा किया है कि आगरा के जालसाज सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल का जिन दो पूर्व डीजीपी के साथ पैसे के लेन देन के संपर्क का खुलासा हुआ है वे ए एल बनर्जी और ए सी शर्मा हैं. 

अखबार मालिकों को सीएम और पीएम से बांस की आशंका थी तो जाकर लोट गए उनके चरणों में

जो हमें बांस करता है, हम उसी को नमस्‍कार करते हैं। इस समय सूर्य ने बांस कर रखा है तो सारी दुनिया उसे नमस्‍कार कर रही है। यही नहीं, जहां से हमें बांस होने की आशंका होती है, हम वहां भी नमस्‍कार करने से नहीं चूकते हैं। अखबार मालिकों को सीएम और पीएम से बांस की आशंका थी, तो लोट गए चरणों में। छाप दिया बड़ा-बड़ा इंटरव्‍यू। कर्मचारियों को जब अखबार मालिकों के बिचौलियों से बांस होने की आशंका थी तो घेर-घेर कर नमस्‍कार करते थे। …और जब दैनिक जागरण के कर्मचारियों ने बांस किया तो प्रबंधन ने सूर्य नमस्‍कार करना शुरू कर दिया और चार लोगों को वापस ले लिया। जिन लोगों ने बांस नहीं किया, उनको बाहर का रास्‍ता दिखा दिया। हमें बांस की आदत सी पड़ गई है।