‘बीबीसी की गाइडलाइन के अनुरूप है डॉक्यूमेंट्री’

बीबीसी-4 ने दिल्ली गैंगरेप के दोषी मुकेश सिंह के इंटरव्यू वाली लेज़्ली उडविन की डॉक्यूमेंट्री लंदन में 4 मार्च को प्रसारित कर दी। बीबीसी का कहना है, “डॉक्यूमेंट्री हमारे एडिटोरियल गाइडलाइन के अनुरूप है और इस संवेदनशील मुद्दे को पूरी जिम्मेदारी के साथ पेश करती है। इसलिए ‘बीबीसी-4 ने इसका प्रसारण ब्रिटेन में किया है।”

केजरीवाल के करीबी ने किया पत्रकार का स्टिंग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्सर जनता से अपील करते हैं कि भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए स्टिंग करो। अब खुलासा ये हुआ है कि केजरीवाल की टीम ने एक पत्रकार का ही फोन रिकार्ड कर लिया है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक केजरीवाल के करीबी बिप्लव कुमार नामक व्यक्ति ने पत्रकार …

भारतीय संस्कृति का दर्शन कर विदेशी छात्र गद्गद्

हिन्दू हैरिटेज फ़ाउण्डेशन की ओर से गंगा तट पर 15वीं हैरिटेज सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें नौ देशों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्हें ऋषिकेष-हरिद्वार के परमार्थ आश्रम ऋषिकेश के स्वामी चिदानन्द, पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के योग गुरु बाबा राम देव, आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण, गायत्री परिवार के प्रमुख डा. प्रणव पांण्डया, विहिप के अंतर्राष्ट्रीय सयुंक्त महासचिव स्वामी विज्ञानानन्द और केन्द्रीय मंत्री प्रशांत हरतालकर आदि ने आशीर्वाद दिया। सेमीनार 27 फरवरी से 01 मार्च 2015 तक चली।

पत्रकार पर बरसे विराट, गाली-गलौज

भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान विराट कोहली ने एक भारतीय पत्रकार को जमकर गालियां दीं। बाद में हकीकत पता चलने के बाद पत्रकार से माफी मांग ली।

जौहर संस्थान परिवाद : नूतन ठाकुर ने दिया लोकायुक्त को जवाब

लखनऊ : सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने जौहर अली शोध संस्थान मंत्री आज़म खान के निजी ट्रस्ट को सौंपने के मामले में प्रस्तुत परिवाद पर लोकायुक्त की आपत्तियों का जवाब दिया। अपने उत्तर में उन्होंने कहा है कि गोपनीयता की शर्त पर जानकारी देने वाले अधिकारियों का नाम जानने की बजाए मामले की फाइल तलब की जाए ताकि तथ्यों का खुलासा हो सके। 

मासूम की मौत की खबर पी गए अखबार

सुलतानपुर। ट्रेन से फेंकी गई मासूम की खबर प्रभात और श्री टाइम्स को छोड़ और किसी अखबार ने नहीं छापी। पहले तो पुलिस भी इतनी दर्दनाक घटना पर लीपापोती करती रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अब वह घटना का ब्योरा जुटाने में लग गई है। 

मासूम का शव दफनाते समाजसेवी एवं पत्रकार

Lathi charge on Hundreds of Delhi Metro Rail Corporation contract employees

The real face of Aam Admi Party Government gets exposed. Kejriwal government ordered lathi charge on hundreds of Delhi Metro Rail Corporation contract employees protesting at the Delhi Secretariat to remind Mr. Kejriwal of his promise to abolish contract system on perennial nature work. TOM operators, Housekeepers and Security guards working in DMRC held a protest demonstration at the Delhi Secretariat today to raise their demands in front of the newly formed Kejriwal government. The demonstration was organized under the banner of Delhi Metro Rail Contract Workers Union by the contract workers to highlight  their  plight  and  the  discrimination  faced  by  them  at  the  hands  of  Delhi  Metro  Rail Corporation.

स्वावलंबन पेंशन कार्ड में 4 करोड़ की ठगी

भारत सरकार की स्वावलंबन पेंशन योजना के तहत निःशुल्क प्रान कार्ड बनाने के नाम पर चार करोड़ की ठगी उजागर हुई है। इस सम्बन्ध में हजरतगंज थाने में सुशील अवस्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। टाइम इनफार्मेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (बख्शूपुर, जमानिया रोड, गाजीपुर) द्वारा ये कार्ड बनाने के नाम पर 700 रुपये लेने के सम्बन्ध …

‘आप’ का संकट : नई राजनीति बनाम वैकल्पिक राजनीति

पहली लड़ाई संघर्षशील कार्यकर्ता और वैचारिक राजनीति के बीच हुई। जिसमें कार्यकर्ताओं की जीत हुई क्योंकि सड़क पर संघर्ष कर आमआदमी पार्टी को खड़ा उन्होंने ही किया था। तो उन्हें आप में ज्यादा तवोज्जो मिली। दूसरी लड़ाई समाजसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओ और राजनीतिक तौर पर दिल्ली में संघर्ष करते कार्यकर्त्ताओं के बीच हुई । जिसमें आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय तौर पर चुनाव में हार मिली । क्योंकि सिर्फ दिल्ली के संघर्ष के आसरे समूचे देश को जीतने का ख्वाब लोकसभा में उन सामाजिक संगठन या कहें जन आंदोलनों से जुड़े समाजसेवियों ने पाला, जिनके पास मुद्दे तो थे लेकिन राजनीतिक जीत के लिये आम जन तक पहुंचने के राजनीतिक संघर्ष का माद्दा नहीं था । इस संघर्ष में केजरीवाल को भी दिल्ली छोड़ बनारस जाने पर हार मिली। क्योंकि बनारस में वह दिल्ली के संघर्ष के आसरे सिर्फ विचार ले कर गये थे। और अब तीसरी लडाई जन-आंदोलनों के जरीये राजनीति पर दबाब बनाने वाले कार्यकत्ताओं के राजनीति विस्तार की लड़ाई है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ा अपराधों का ग्राफ

उत्तरप्रदेश की बागडोर जब से सपा ने संभाली है, तब से कानून व्यवस्था को लेकर उसकी किरकिरी होती रही है। लूट, हत्या, डकैती, चोरी, बलात्कार जैसे संगीन अपराध रोक पाने में पुलिस फिसड्डी साबित हो रही है। बेलगाम पुलिस सदैव कटघरे में नजर आती है। बढ़ते अपराधो और कार्यशैली को लेकर पुलिस महकमा एक बार फिर चर्चा में है।

‘फ्री प्रेस’ से श्रवण गर्ग ने की नई पारी की शुरुआत

नई दुनिया से अलग हुए श्रवण गर्ग ने इंदौर के प्रतिष्ठित अखबार ‘फ्री प्रेस’ के एडिटर इन चीफ के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत की है। वह लंबे समय तक दैनिक भास्कर के संपादक और समूह संपादक के रूप में कार्यरत रहे हैं. पत्रकारिता में लगभग 40 सालों से सक्रि‍य श्रवण गर्ग ने …

भास्कर प्रबंधन से तंग सब एडिटर का इस्तीफा

कोटा के दैनिक भास्कर प्रबंधन से तंग आकर उपसंपादक दीपेश तिवारी ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने मजीठिया वेजबोर्ड का लाभ सभी अखबार कर्मियों को देने की मैनेजमेंट को नसीहत दी थी। उनका कहना है कि जिन भास्कर कर्मियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है, उन सभी को मैनेजमेंट आज नहीं तो कल कार्यवाही …

सावन स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सीएम से फरियाद

दिल्ली के भट्ठी माइन रोड स्थित सावन पब्लिक स्कूल प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री से मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की गई है। बताया गया है कि प्रबंधन के अनुचित कदम से स्टॉफ और छात्र ही नहीं, पूरे स्कूल का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। 

कवियत्री मधुरिमा सिंह नहीं रहीं

सुप्रसिद्ध कवियत्री डॉ. मधुरिमा सिंह नहीं रहीं। लगभग 59 वर्ष की आयु में मंगलवार को उनका लखनऊ में निधन हो गया। दोपहर बाद यहां गोमती तट पर ‘वैकुण्ठ धाम’ स्थित श्मशान घाट पर उनका अन्तिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार, बुद्धिजीवी, प्रशासनिक अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से उन्हें अन्तिम विदाई दी। मुखाग्नि पति जगन्नाथ सिंह ने दी। डॉ. मधुरिमा के एक पुत्र और पुत्री हैं। 

उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ.ज्ञान चतुर्वेदी को ढींगरा फ़ाउण्डेशन साहित्य सम्मान

उत्तरी अमेरिका की प्रमुख त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘हिन्दी चेतना’ के भारत समन्वयक तथा पत्रिका के सह सम्पादक पंकज सुबीर के मुताबिक ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ तथा ‘हिन्दी चेतना-कैनेडा’ के साहित्य सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। निर्णायक समिति के समन्‍वयक लेखक नीरज गोस्‍वामी के अनुसार सम्मान के लिए प्रसिद्ध साहित्यकार उषा प्रियंवदा, चित्रा मुद्गल एवं डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी को चयनित किया गया है। सम्मान समारोह 30 अगस्त 2015 को मोर्रिस्विल, नार्थ कैरोलाइना, अमेरिका में आयोजित किया जाएगा। तीनों रचनाकारों को ‘ढींगरा फ़ाउण्डेशन-अमेरिका’ की ओर से पांच-पाँच सौ डॉलर (लगभग 31 हज़ार रुपये) प्रदान किए जाएंगे।

Journalist Kashi Prasad honoured at Munger

Munger, March 04.The Munger Commissioner,Sunil Kumar Singh on March 03 evening honoured the seniormost journalist of Munger,Kashi Prasad by presenting him a ‘shawl’ as a token of love for his  contribution to the society for several decades at the launch of a city news channel  at Munger.The D.I.G(Munger Range),S.P.Shukla,the  District & Session Judge(Munger), Santosh Kumar Shrivastawa,the Collector(Munger), Amrendra Pd Singh and   other senior officials of Munger were present on the occasion. 

 

Munger Commissioner,Sunil Kumar Singh presents the seniormost journalist ,Kashi Prasad  a ‘shawl’ as a token of love  for his contribution to the society at Munger on March 03 evening.

प्रताप सिंह राठौड़ लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष निर्वाचित

उदयपुर। उदयपुर पत्रकार हितों की रक्षा करने के उद्देश्य से गठित हुए लेकसिटी प्रेस क्लब के 11वें अध्यक्ष के रूप में प्रतापसिंह राठोड निर्वाचित हुए। प्रेस क्लब के इतिहास में लंबे अरसे बाद हुई मतदान प्रक्रिया में प्रताप सिंह राठोड ने 61 मतों से जीत हासिल कर अपने प्रतिद्वंदियों को करारा जवाब दिया। दरअसल चुनाव प्रक्रिया के दौरान इलेक्ट्रोनिक मीडिया से जुडे प्रतापसिंह के सामने ओम पुर्बिया और प्रमोद गौड जनाधार नहीं होने के बावजुद अपनी जिद पूरी करने के लिये चुनावी मेदान में उतरे लेकिन क्लब से जुडे पत्रकारों ने क्लब में हुए विकास कार्यो को प्रमुखता देते हुए प्रतापसिंह राठोड को भारी मतों से विजयी बनाया।

ढ़ूंढो आजादी कहां खो गई ……

तीसरी आँख धुंधली हो गई,   चौथा स्तम्भ हिलने लगा है।  आजादी का हुआ ऐसा हाल,   शहीदों के आंसू भी बहने लगे हैं।   वो कलमकार जाने कहाँ खो गए,   रियल-चिटफंडिया मीडिया हाउस हो गए।   पत्रकार अब स्ट्रिंगर हो गए,   पैरवीकार राष्ट्र के सौदागर हो गए।  गाँव की खबरें एफटीपी में …

‘हिंदुस्तान’ 200 करोड़ विज्ञापन घोटाले में संलिप्त मंत्रियों और सरकारी बाबुओं की भी उड़ी नींद

सुप्रीम कोर्ट ने करीब 200 करोड़ के दैनिक हिन्दुस्तान सरकारी विज्ञापन घोटाला मामले में बिहार सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। पूर्व में सरकार के निर्देश पर मुंगेर के पुलिस अधीक्षक वरूण कुमार सिन्हा पुलिस अनुसंधान की अद्यतन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेज चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अब बिहार सरकार से भी विस्तृत रिपोर्ट मांगने से घोटाला में संलिप्त बिहार सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के विज्ञापन शाखा से जुड़े सरकारी बाबुओं और संबंधित मंत्रियों की नींद उड़ गई है।

बैंक अधिकारी के खिलाफ अनर्गल खबरें छापने वाले अखबार के मालिक, प्रकाशक और संपादक को करानी पड़ी बेल

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक हिन्दी समाचार पत्र ‘आखिरी पन्ना’ के सम्पादक, प्रकाशक ओर स्वत्वाधिकारी को मानहानि के एक प्रकरण में गुरुवार को न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जमानत करवानी पड़ी। मानहानि का यह मामला श्रीगंगानगर के एक बैंक अधिकारी की ओर से इस साल 7 मई को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दायर किया गया था। समाचार पत्र ‘आखिरी पन्ना’ के सम्पादक विकास सचदेवा, प्रकाशक राजेश अग्रवाल एव स्वत्वाधिकारी मनीष शर्मा को धारा 500, 501, 502 आई.पी.सी. के तहत आरोपी बनाया गया है।

इन अच्छे दिनों से भगवान बचाए

मेरी मां गायत्री देवी इस देश की उन करोड़ों सामान्य महिलाओं की तरह है जिनकी राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं। बजट, संसद और विदेश नीति किस चिड़िया का नाम है, ये वह नहीं जानती और जानना भी नहीं चाहती। उसे इतना मालूम है कि नरेंद्र मोदी अब देश के सबसे बड़े नेता बन गए हैं। इसके अलावा कौन किस पद पर है, उसे मालूम नहीं। वे राजनीति का ककहरा भी नहीं जानतीं, लेकिन हाल ही में उनकी एक टिप्पणी ने सोचने पर मजबूर कर दिया।

मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया पर धोखाधड़ी के मामले में ईओडब्ल्यू ने चालान पेश किया

 

मध्य प्रदेश पत्रकार संघ के अध्यक्ष शलभ भदौरिया पर डाक शुल्क में छूट पाने के लिए एक पत्रिका के पंजीयन क्रमांक का अपने अखबार के लिए दुरुपयोग कर, शासन को चूना लगाने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा, यानी ईओडब्ल्यू ने शिकंजा कस दिया है। ईओडब्ल्यू ने विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले की जांच पूरी कर, अदालत में चालान पेश कर दिया है।  घटना की शुरुआत करीब बीस साल पहले हुई थी, जब शलभ भदौरिया और  उनके साथी विष्णु विद्रोही ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर श्रमजीवी पत्रकार समाचार पत्र का डाक पंजीयन कराया था।

औरैया डीएम के स्टेनो ने बीवी के नाम हड़पी पंचायत की जमीन, आरटीआई में खुलासा

यूपी में कानून व्यवस्था तो चौपट है ही, प्रशासन में भी भर्राशाही मची हुई है। औरैया जिले में पदस्थ डीएम के स्टेनो राजकुमार ने पद का नाजायज लाभ उठाते हुए पत्नी गीता देवी के नाम गांव की पंचायत की जमीन का ही पट्टा जारी करवा दिया और वह भी उस गांव में, जहां वह कभी रहा ही नहीं। इस भ्रष्टाचार का भी खुलासा नहीं होता, यदि इस संबंध में आरटीआई दाखिल नहीं की जाती।  अब जिलाधिकारी ने मामले की जांच के आदेश जरूर दिए हैं, लेकिन आरोपी पद पर बना हुआ है।

जिया न्यूज की बढ़ी मुश्किलें: पूर्व एचआर हेड सहित 18 कर्मी पहुंचे कोर्ट, प्रबंधन को नोटिस

जिया न्यूज की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। ताजा मामले में एक बार फिर से चैनल के 18 पूर्व कर्मचारी, जो कि बिना कारण बर्खास्त कर दिए गए थे, ने अपना बकाया लेने के लिए लेबर कमिश्नर का दरवाजा खटखटाया है। आमतौर पर ऐसा होता नहीं है, लेकिन जिया न्यूज में जो हो जाए कम है क्योंकि इस चैनल के तो एचआर/एडमिन हेड को अपने अधिकार के लिए लेबर कोर्ट जाना पड़ा है। 

इलाहाबाद के एजी आफिस की अंधेरगर्दी से कवि यश मालवीय इंग्लैंड में काव्यपाठ नहीं कर सकेंगे

इलाहाबाद। मनमानी की इंतिहां देखिए। एजी ऑफिस की मनमानी के चलते प्रसिद्ध कवि यश मालवीय इंग्लैंड में होने वाले कवि सम्मेलन के आयोजन में शिरकत नहीं कर सकेंगे। एजी ऑफिस ने वीजा के लिए उन्हें एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्रद्ध) देने से इंकार कर दिया है। लिहाजा, इंग्लैंड में 20 अगस्त से पहली सितंबर तक होने वाले विराट कवि सम्मेलन में शामिल होने से यश वंचित हो रहे हैं। इस आयोजन में प्रख्यात शायर निदा फाजली, भारतीय ज्ञानपीठ के निदेशक लीलाधर मंडलोई सरीखे रचनाकार को शामिल होना है। 

दिल्ली के वेब जर्नलिस्ट संदीप अग्रवाल पुलिस और छुटभैय्ये नेताओं की साजिश के शिकार हुए

 

आदरणीय यशवंत भाई नमस्कार, लम्बे समय से भड़ास को वाच करता रहा हूँ व काफी सोचने के पश्चात आपको ये पत्र लिखने के लिए अपने आपको मानसिक रूप से तैयार कर पाया हूँ। मैं (संदीप अग्रवाल) समाचार मंत्रा डॉट कॉम पोर्टल चलाता हूँ। डीडीए फ्लैट्स जीटीबी इन्क्लेव में रहता हूँ। काफी लम्बे समय तक प्रिंट मीडिया से भी जुड़ा रहा। दरअसल आजकल जीटीबी इन्क्लेव थानाध्यक्ष व कुछ स्थानीय छुटभैय्ये किस्म के नेताओं का कोप भाजन बना हुआ हूँ जिनकी वजह से एक छोटे से गाड़ी पार्किंग के डिस्प्यूट में मेरे ऊपर एक 61 वर्षीय महिला द्वारा 354 व 27 आर्म्स एक्ट व कुछ अन्य मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मुझे मानसिक, शारीरिक व आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है व मेरी हत्या की कोशिश तक की जा रही है। मैं विस्तार से इस घटना का जिक्र करना चाहूंगा…