उन्नीस का चुनाव बीजेपी जीत गई तो हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए संविधान संशोधन हो जाएगा! देखें वीडियो

पुलिस महकमें में ऊँचे ओहदे पर तैनात अमिताभ ठाकुर जो विगत में भी लगातार विवादित टिप्पणिया करते रहे हैं, इसी क्रम में इन्होंने कल 28 अगस्त 2014 को फेसबुक महात्मा गाँधी एवं महिला समाज पर बेहद ही आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि बापू “गैर औरतों के साथ नंगे अथवा अन्यथा सार्वजनिक रूप से सोते थे” और महात्मा गाँधी विवाहित और अविवाहित महिलाओ के साथ शारीरिक संबध बनाया करते थे। कल से इस पोस्ट पर तमाम सरकारी और गैरसरकारी लोग राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी पर घिनौनें लेख लिख रहे हैं जिसमें यहाँ तक लिखा गया कि वे गाँधी को अपना राष्ट्रपिता मानने से इनकार करते हैं।

फेसबुक के फ्री बेसिक्स प्लान को ट्राई ने दिया झटका

कई महीनों से फेसबुक जिस फ्री इंटरनेट बेसिक का अभियान चला रहा था, ट्राई ने उसकी हवा निकाल दी. ट्राई यानि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डेटा सर्विसेज की भेदभावपूण दामों पर अंतिम दिशानिर्देश की घोषणा कर दी है. ट्राई ने एक बयान में कहा, “कोई भी सेवा प्रदाता किसी भी ऐसी व्यवस्था या अनुबंध को जारी नहीं करेगा जिससे डाटा सेवाओं पर भेदभावपूर्ण शुल्कों का असर हो”. ट्राई के अनुसार, सेवा प्रदाताओं को अलग-अलग शुल्क के लिए अनुमति देना पूरी इंटरनेट डेटा संरचना के साथ समझौता कर हो सकता है. ट्राई ने कहा कि किसी भी वर्जित नया लॉन्च पैकेज/ प्लान या वाउचर को अनुमति नहीं दी जाएगी.

छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर ज्यादती रोकने और दर्ज प्रकरणों की उच्च स्तरीय समीक्षा के लिए समिति गठित

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि स्वस्थ लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में पत्रकारों की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। उन्हें कर्तव्य निर्वहन के दौरान पूर्ण रूप से हर प्रकार का कानूनी संरक्षण मिलेगा। डॉ. सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता की स्वस्थ परम्परा को निरंतर बनाए रखने के लिए गृह (पुलिस) विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। 

सुब्रत राय की रिहाई के लिए अपनी संपत्तियों को बेचेगा सहारा

2 साल से जेल में बंद सहारा प्रमुख की रिहाई के लिए धन का बंदोबस्त करने हेतु सहारा समूह ने अपनी संपत्तियों को बेचने के बारे में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को नया प्रस्ताव पेश किया. इस प्रस्ताव के आधार पर प्रधान न्यायाधीश तीरथ सिंह ठाकुर, न्यायमूर्ति ए आर दवे और न्यायमूर्ति ए के सीकरी की पीठ ने सेबी से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है.

अमर उजाला पर विज्ञापन न मिलने से डीजीपी के खिलाफ खबर छापने का आरोप

अमर उजाला को विज्ञापन न देने पर डीजीपी के खिलाफ 31 जनवरी और 1 फरवरी को प्रकाशित खबरों के मामले ने तूल पकड लिया है। पुलिस अधिकारियों ने अमर उजाला न पढ़ने की चेतावनी जारी कर दी है। साथ ही अमर उजाला के विज्ञापन कर्मी के खिलाफ नगर कोतवाली देहरादून में मुकदमा दर्ज कर लिया है। सूत्रों की मानें तो अब अमर उजाला के पदाधिकारी मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलकर मामले में समझौता कराने के प्रयास में लगे हैं।

मुंबई में वरिष्ठ पत्रकार रवि किरण देशमुख का सम्मान

मुंबई : सरकार के बदलते ही मुंबई विश्वविद्यालय में बनने वाले हिंदी भवन का कार्य रुक गया. कांग्रेस-राकांपा सरकार के दौरान भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन किया गया था. काम रुकने के बाद में एक बार फिर हिन्दीभाषी समाज ने राज्यमंत्री विद्या ठाकुर के सामने यह मांग रखी है कि हिंदी भवन बनाने का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए. इस पर उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस बारे में वे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवनीस से चर्चा करेंगी. मौका था मुंबई हिंदी पत्रकार संघ की तरफ से आयोजित समारोह का. समारोह में मुंबई के मीडिया सलाहकार वरिष्ठ पत्रकार रवि किरण देशमुख का सम्मान किया गया.

Assam newspapers are more workers friendly

Two major newspaper houses of Assam namely; Assam Tribune Pvt. Ltd., the publishers of ‘Assam Tribune’, ‘Dainik Asom’, ‘Asom Bani’ and ‘Gariyashi’ and Omega Printers & Publishers Pvt. Ltd., which publishes ‘Sentinel’ (English) and ‘Sentinel’ (Hindi) have implemented the Majithia Wage Board Award. The ‘Joint Inspection Team’ (JIT) constituted by the Govt. of Assam in compliance with the order of the Supreme Court of India has said in its report.

बारहवीं विकास संवाद मीडिया फैलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित  

भोपाल : विकास और जनसरोकार के मुद्दों पर दी जाने वाली विकास संवाद मीडिया लेखन और शोध फैलोशिप की घोषणा कर दी गई है। फैलोशिप के बारहवें साल में पोषण सुरक्षा पर चार फैलोशिप के साथ प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता पर भी एक फैलोशिप के लिए आवेदन किए जा सकते हैं। फैलोशिप के चार विषय पिछले दो साल की तरह वंचित, उपेक्षित या हाशिये पर खड़े समुदाय की पोषण सुरक्षा पर केन्द्रित होंगे।

गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों को नाकाफी मदद

वाराणसी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को लेकर की गयी घोषणा के सम्बन्ध में शुक्रवार को पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमण्डल कमिश्नर नितीन रमेश गोकर्ण से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकार व गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को दो भाग में बांट दिया गया है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को घटना, दुर्घटना होने पर 20 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है, जबकि उनके घोषणा पत्र में गैर मान्यता प्राप्त मीडियाकर्मियों के लिए नाकाफी मदद की बात कही गयी है।

पत्रकार के घर चोरी मामले में बागपत पुलिस की सुस्त कार्यवाही के खिलाफ मीडियाकर्मियों का धरना

बागपत कलक्‍ट्रेट पर धरनारत पत्रकारों से वार्ता करते डीएम व एसपी

बागपत पुलिस की सुस्त कार्यवाही के खिलाफ पहली फरवरी को बागपत के सभी मीडियाकर्मियों ने धरना दिया. ज्ञात हो कि दैनिक जनवाणी के प्रभारी अमित पंवार के आवास पर 13 जनवरी की रात में तकरीबन 8 लाख रुपये की चोरी हुई थी. इस घटना का बागपत पुलिस द्वारा अब तक कोई खुलासा नहीं किया गया है. इसके विरोध में जिले के समस्त पत्रकारों ने उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले बागपत कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया. धरने के दौरान उपजा के जिलाध्यक्ष व हिन्दुस्तान के ब्यूरो चीफ नाजिम आजाद ने बताया कि पहले भी पुलिस कप्तान व जिलाधिकारी बागपत से मिलकर घटना के जल्द खुलासे की मांग की गई थी. परंतु 17 दिन गुजर जाने के बाद भी बागपत पुलिस आश्वासन देने के अलावा और कुछ नहीं कर पाई.

इन 23 मौतों पर मीडिया चुप क्यों है?

जेसिका लाल हत्याकांड पर आए कोर्ट के फैसले को लेकर नाखुश मीडिया ने इसे यूं सुर्खी बनाया- “नो वन किल्ड जेसिका”. इसके बाद मीडिया सहित तमाम लोगों की आत्मा जाग उठती है और नतीजा जेसिका को इंसाफ के रूप में सामने आता है. उपहार सिनेमा कांड में भी मीडिया की सक्रियता से अंसल बंधुओं को 60 करोड़ रुपए का जुर्माना होता है लेकिन जालंधर में एक फैक्ट्री की छत गिरने से हुई 23 मजदूरों की मौत के मामले में जब अदालत का फैसला आता है तो न तो नेशनल मीडिया की आत्मा जगती है और न ही इस खबर को रिपोर्ट करने लायक तक समझा जाता है.

पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कार्ट ने कमेटी बनाई

हाल ही में करीब 50,000 करोड़ रूपये की हेराफरी के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने पर्ल ग्रुप के मालिक निर्मल सिंह भंगू को गिरफ्तार किया था. उन पर निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगा था. अब खबर आ रही है कि पर्ल ग्रुप की संपत्तियों की नीलामी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी बना दी है. कोर्ट ने पूर्व जज आर एम लोढा की अध्यक्षता में कमेटी बनाई. सेबी के जरिये लोगों को पैसे लौटाया जाएगा और यह कमेटी इस बात की निगरानी रखेगी कि किस तरह अगले 6 महीनों में लोगों के कर्ज को चुकाया जा सके. सेबी को इस केस से जुड़े सारे दस्तावेज़ इस कमेटी को सौंपना होगा.

गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर लेखक-संगठनों और पत्रिकाओं की ओर से रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या पर एक बयान

गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर हम लेखक और संस्कृतिकर्मी भारतीय गणतंत्र की संकल्पना पर आये उस संकट के प्रति अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हैं जिसे हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी रोहित वेमुला की आत्महत्या ने एक बार फिर गहरे अवसादपूर्ण रंगों में रेखांकित कर दिया है. एक-के-बाद-एक जिस तरह के तथ्य सामने आये हैं, उन्हें देखते हुए रोहित की आत्महत्या को हिन्दुत्ववादी गिरोह, शासन में घुसे उसके नुमाइंदों और उनके इशारे पर काम करते मंत्रालयी एवं विश्वविद्यालयी प्रशासन द्वारा अंजाम दी गयी एक सुनियोजित हत्या कहना ही न्यायसंगत लगता है. इस रूप में यह घटना हिंसक और हत्यारी असहिष्णुता के एक चले आते सिलसिले की सबसे ताज़ा कड़ी है, और शायद सबसे खौफ़नाक भी.

भास्कर ने शोलापुर से रांची तबादला किया तो हेमंत कोर्ट से स्टे ले आए

भास्कर समूह डीबी कार्प को उसके इंप्लाई हेमंत चौधरी ने तगड़ा सबक सिखाया है. मजीठिया वेज बोर्ड के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने वाले भास्कर के मीडियाकर्मी हेमंत चौधरी को प्रबंधन ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट उमेश शर्मा के माध्यम से मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर अवमानना याचिका लगाने वाले हेमंत चौधरी का पिछले दिनों भास्कर प्रबंधन ने शोलापुर से रांची तबादला कर दिया.

हमने कोई मिस्ड काल नहीं किया लेकिन भाजपा का मेंबर बनाकर बधाई तक मैसेज कर दिया!

Badal Saroj : दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी…. जिसे ढंगढौर से चोट्टयाई करना भी नहीं आता…  हमने कोई मिस्ड काल नहीं किया – कोई बटन नहीं दबाया, किसी मेल में दिए ऑप्शन को क्लिक नहीं किया। मगर हमारे दोनों सेल फ़ोन नंबर्स पर हमें भाजपा का सदस्य बनने के लिए बधाई दी जा चुकी है। इनके अलावा दो और नंबर्स हैं हमारे पास – जिन्हे हम फिलहाल इस्तेमाल नहीं कर रहे है, संभवतः उन पर भी इसी तरह की सदस्यता प्राप्ति के मेसेज आये होंगे। इस तरह हम एक ऐसी पार्टी के चार बार सदस्य बन चुके हैं, जिसकी किसी भी बात से हम सहमत नहीं हैं।

जानिए, अंकित लाल ने क्यों दिया ‘आप’ के सोशल मीडिया प्रमुख पद से इस्तीफा

अंकित लाल ने आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है. इस तरह उन्होंने आम आदमी पार्टी के फेसबुक ग्रुप की एडमिनशिप छोड़ दिया है. इसके पीछे क्या कारण रहे, इसे अंकित लाल ने एक पत्र के जरिए स्पष्ट किया है जो उन्होंने फेसबुक पर शेयर किया है. अंकित ने आहत मन से पार्टी संग अपने सफर को याद किया और कार्यकर्ताओं के नाम चिट्ठी लिखी जिसमें अन्ना आंदोलन से लेकर केजरीवाल के दूसरी बार सत्तारोहण व झगड़े का जिक्र है. अंकित की मूल चिट्ठी अंग्रेजी में है.

श्री ग्रुप चेयरमैन मनोज द्विवेदी मेरा पैसा दबाए है, मैंने खुद नोटिस देकर इस्तीफा दिया : पंकज वर्मा

Dear Yashwant ji, Apropos our telecon of date I am forwarding you the copy of my E-mail dt 12.02.15 addressed to Mr Manoj Dwivedi, Chairman-Shri Group indicating my willingness to part from the Orgn on my own due to non-payment of salary and other expeses for over 6 months. The news carried by you quoting a so called letter dt 20.02.15 of Mr Umesh Azad, ED regarding my termination from the Orgn is totally wrong as no such letter whatsoever has been either served on me or intimated to me so far.

पुलिस विभाग में “लीडरशिप” को कुत्सित प्रयास बताने पर आईपीएस का विरोध

लखनऊ पुलिस लाइन्स के मुख्य आरक्षी बिशन स्वरुप शर्मा ने अपने सेवा-सम्बन्धी मामले में एक शासनादेश की प्रति लगा कर अनुरोध किया कि उन्हें इस बात का अपार दुःख और कष्ट है कि शासनादेश जारी होने के 33 साल बाद भी इसका पूर्ण लाभ पुलिस कर्मचारियों को नहीं दिया गया. पुलिस विभाग के सीनियर अफसरों को श्री शर्मा की यह बात बहुत नागवार लगी कि “उसने विभाग के पुलिस कर्मचारियों की सहानुभूति प्राप्त करने का एक प्रयास किया है” और पुलिस विभाग के कर्मचारियों को लाभ दिलाने की सामूहिक बात लिखित रूप से प्रकट की है.

Newspapers readership IRS 2014 Download

Download Topline Newspapers Readership numbers… देश के बड़े अखबारों, मैग्जीनों आदि की लैटेस्ट या बीते वर्षों की प्रसार संख्या जानने के लिए नीचे दिए गए शीर्षकों या लिंक्स पर क्लिक करें…

पिंकसिटी प्रेस क्लब चुनाव नतीजे घोषित, राधारमण शर्मा अध्यक्ष और हरीश गुप्ता महासचिव निर्वाचित

जयपुर : पिंकसिटी प्रेस क्लब लि. जयपुर की प्रबन्ध कार्यकारिणी वर्ष 2015-16 के चुनाव नतीजे घोषित कर दिए गए है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल.एल.शर्मा ने बताया कि अध्यक्ष पद पर श्री राधारमण शर्मा और महासचिव पद पर श्री हरीश गुप्ता निर्वाचित घोषित किए गए है। श्री शर्मा अध्यक्ष पद पर लगातार दूसरी बार चुने गए है। श्री हरीश गुप्ता राजस्थान श्रमजीवी पत्रकार संघ के भी अध्यक्ष है।

Excuse Me MR. PM, Passengers to starve in Non VVIP trains as my Wife does in Amritsar Express for your Bullet PPP Dream!

My wife Sabita Biswas,aged 56 is travelling by 13049 Amitsar Express. Coach B-one,Berth number 48.She is in mourning as her elder brother died and she has to join her family in Bijnore. I saw her leaving Howrah on 13:50 by the train.Since,I could not go,we opted for 3A ticket and it was only available as all trains remain full until May 2nd. We could not manage a return ticket as she has to look for Tatkal on her return.

किताब के रूप में उतरी प्रभात खबर की उपलब्धियां, सीएम ने किया लोकार्पण

रांची में ‘प्रभात खबर : प्रयोग की कहानी’ पुस्‍तक के विमोचन के अवसर पर मुख्‍यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ‘प्रभात खबर’ की सोच के अनुसार राज्‍य का विकास करेंगे. उन्‍होंने कहा कि समय-समय पर मीडिया की सलाह पर सरकार अमल करेगी और इन पांच सालों में राज्‍य का हर क्षेत्र में विकास करेगी. उन्‍होंने कहा कि इस पुस्‍तक के लिए अनुज कुमार सिन्‍हा बधाई के पात्र हैं. उन्‍होंने कहा कि वे ‘प्रभात खबर’ की विकास यात्रा के एक प्रत्‍यक्ष गवाह हैं. उन्‍होंने ‘प्रभात खबर’ का संघर्ष जमशेदपुर में काफी नजदीक से देखा है.

न्यूज चैनल के बाद जिया इंडिया मैग्जीन का भी डिब्बा गोल

जिया न्यूज चैनल का भट्ठा बैठाने के बाद वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकार एसएन विनोद ने पाक्षिक पत्रिका जिया इंडिया का भी डिब्बा गोल करवा दिया है। जिया इंडिया के नोएडा स्थित ऑफिस में तालाबंदी कर दी गयी है। दर्जनों कर्मचारी फिर से बेरोजगार हो गए हैं। एडिटोरियल और नॉन एडिटोरियल सभी कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। जिया इंडिया में पिछले तीन महीने से सेलरी भी नहीं दी गयी है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं जिनकी चार-चार महीने की सेलरी बकाया है।

एलआईसी के कैलेण्डर पर कानूनी कार्यवाई करेगी छत्तीसगढ़ की ‘सम्पदा’

जीवन बीमा (एलआईसी) के नये साल के कैलेण्डर को लेकर एक बड़ा बवाल खडा़ हो गया है. कैलेण्डर के जून महीने के पन्ने पर जो कला कृति दिखायी गयी है, उसी पर यह बवाल है. इस पूरे विवाद पर छत्तीसगढं की सम्पदा नाम की सामाजिक संस्था ने आपत्ति की है. सम्पदा के कर्ताधर्ताओं का कहना …

दिल्ली के चौराहों पर नहीं सजेंगे अब चुनावी चर्चाओं के मंच

कम से कम अब दिल्ली के गली-चौबारों और चौराहों पर कैमरा-लाइट और रोल न दिखाई देगा और न सुनाई देगा. दिल्ली पुलिस ने आदेश जारी किए हैं कि गली-मुहल्लों और चौक-चौबारों पर भीड़ इकट्ठी कर और मंच सजाकर चुनावी बहस के सीधे प्रसारण की अनुमति नहीं दी जाएगी.

क्या नयी शक्ल मे मीडिया सेंसरशिप लाने वाली है मोदी सरकार…?

भारत के न्यूज चैनलों में मची नम्बर वन की होड़ और सबसे पहले खबर दिखाने की कोशिशों पर अब पानी फिरने वाला है. मोदी सरकार बहुत जल्दी कुछ ऐसे दिशा टनिर्देश जारी करने वाली है जिससे आतंकी और देश विरोधी घटनओं के सीधे प्रसारण और कवरेज पर रोक लग सकती है.

आरके लक्ष्मण वेंटिलेटर पर, हालत गंभीर

पिछले कई दशकों से अपने कार्टून्स के जरिए दुनिया भर को गुदगुदाने वाले जाने-माने कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण की हालत गंभीर है. वो काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. उनका इलाज मुंबई के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में चल रहा है. उनके शरीर के महत्वपूर्ण अंग निष्क्रिय हो गये हैं. उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है. …

नौकरी नहीं दी, तो आत्महत्या कर लूंगा…!!!

‘माननीय सर, मुझे उम्मीद है कि मेरे शब्द आपको आहत नहीं करेंगे. आप मेरी स्थिति से भली भांति परिचित हैं. मैं आपको पिछले एक साल से लगातार इसके बारे में बता रहा हूं. आपका मानव संसाधन विभाग आपके कहने पर मेरे बारे में अवश्य विचार करेगा. महोदय मैं और मेरा परिवार भूखे मरने की स्थिति …

उपजा फैजाबाद की नयी कार्यकारिणी गठित, कृपा शंकर अध्यक्ष बने

फैजाबाद प्रेस क्लब में उ०प्र० जर्नलिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई के वार्षिक अधिवेशन में नयी समिति का गठन हुआ. अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से वरिष्ठ पत्रकार कृपाशंकर पाण्डेय और महामंत्री पद के लिए लगातार दूसरी बार कमलेश श्रीवास्तव के नाम पर मुहर लगी.

ट्रेन में चाय बेचने से लेकर 7 रेसकोर्स तक का सफरः नरेंद्र मोदी- एक शोध

कुलदीप सिंह राघव अपनी पीढी के उभरते लेखक हैं. हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन काल पर एक छोटे-मोटे शोध प्रबंध जैसी एक किताब लिखी है. किताब भारतीय जनता पार्टी और संघ के स्वयं सेवकों में कितनी लोक प्रिय होगी इसका जायजा तब ही हो जाता है जब पूर्व सासंद राजनाथ सिंह …

बिक्रम मजीठिया को सम्मन भेजने की सजा कोलकाता ट्रांस्फर…!

गठबंधन का फायदा किसी राजनीतिक परिवार को सीखना हो तो उसे पंजाब जाना चाहिए. पंजाब सरकार के हालिया ठेकेदार बादल पिता-पुत्र ने गठबंधन की राजनीति के नफे-नुकसान का बड़ा अच्छा उदाहरण पेश किया है. बताया जा रहा है कि ‘बादलों’ के दबाव में प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के रेवेन्यु मिनिस्टर बिक्रम मजीठिया पर लगे आरोपों की जांच कर रहे अधिकारी को कोलकाता ट्रांस्फर कर दिया है.

सिल्वर स्क्रीन पर अब ‘मंडल’ की कहानी

देश में जब जातिगत राजनीति अपने चरम पर है तब निर्देशक सागर सहाय अपनी फीचर फिल्म ‘मंडल’ लेकर आ रहे हैं. जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि, ‘मंडल’ भारत में जाति आधारित आरक्षण की विवादास्पद नीति पर एक सामाजिक-राजनीतिक फिल्म है.

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में मनायी गयी विवेकानन्द की जयंती

भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानन्द की जयंती को युवा दिवस के रूप मनाया गया. इस अवसर पर अमरीका से आए डॉ. सुदेश अग्रवाल ने वैज्ञानिकों को विज्ञान की भाषा में अध्यात्म सिखाने की बीड़ा स्वामी विवेकानंद ने ही उठाया था.

पत्रकारों की खुद लिखी किताबों का पीसीआई में मेला

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पहली बार तीन दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ हुआ। रविवार तक चलने वाले इस आयोजन में शिल्पायन, राजकमल, भारतीय ज्ञानपीठ, वाणी प्रकाशन, पेंग्विन, नेशनल बुक ट्रस्ट, साहित्य अकादमी, सुरेंद्र कुमार एंड संस, राजपाल एंड संस आदि प्रमुख प्रकाशनों ने हिस्सा लिया।

उपजा ने मांगा पीजीआई में फ्री इलाज तो एआईआरए बोली मत करो बिरादरी के टुकड़े, स्टिंगरों को भी देखो

उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के एक पत्र से पत्रकार बिरादरी में असंतोष फैल रहा है. ऑल इंडिया रिपोर्टर्स एसोसिएशन (एआईआरए) के महामंत्री एमके त्रिपाठी का कहना है कि अरविंद शुक्ला पत्रकारों के परिजनों को स्वास्थ्य एंव चिकित्सा सुविधा दिलाए जाने के नाम पर पत्रकारों को बड़ा-छोटा या अगड़ा-पिछडा जैसे वर्गों में विभाजित कर रहे हैं.

अब वाड्रा के हंटर पर डांस करेंगे बड़का टीवी संपदक !!

खबर आ रही है कि नवीन जिंदल की तर्ज पर कोई वाड्रा भी चैनल ला रहे हैं. मीडियी की शतरंज में नवीन जिंदल तो सीधे मीडिया में कूदे थे लेकिन वाड्रा एक मोहरे को आगे रख कर आगे बढ. रहे हैं. खबर सही मानने की कई वजह बतायी जा रही हैं. कौन सी वजह सही …

एनडीटीवी इंडिया अब साउथ अफ्रीका में भी

एनडीटीवी भले ही हिन्दुस्तानी दर्शकों के बीच अच्छी पैठ न बना पाया हो इसके बावजूद उसने साउथ अफ्रीका में दो चैनलों को अफ्रीकन केबल टेलीविजन नेटवर्क पर ऑन एयर कर दिया है। यह दोनों चैनल एनडीटीवी इंडिया और एनडीटीवी प्रोफिट प्राइम शामिल है। अफ्रीकन केबल टेलीविजन नेटवर्क का खास तौर पर खासा दबदबा है। माना …

अरुण अग्रवाल आईटीवी लौटे, प्रदीप परमेश्वरन बने डेन के सीईओ

कुछ समय तक एनडीटीवी के साथ रहने और ओवरसीज प्रोजेक्ट पूरे करने के बाद अरुण अग्रवाल फिर से कार्तिक शर्मा के आईटीवी नेटवर्क के साथ जुड़ गये हैं. अरुण पहले भी आईटीवी नेटवर्क में सीएफओ के पद पर कार्यरत थे। कार्तिक शर्मा उन्हें फिर से उसी जिम्मेदारी पर लेकर आये हैं. अरुण अग्रवाल जी मीडिया …

ज्वलंत स्वरूप बने साकाल मीडिया समूह के सीईओ

ओशो याना कंसलटेंट्स के सीईओ ज्वलंत स्वरूप ने साकाल मीडिया समूह ज्वाइन कर लिया है. वे यहां भी सीईओ बनाये गये हैं और साकाल के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों मीडिया को देखेंगे. ज्वलंत स्वरूप को मीडिया का काफी लंबा अनुभव है. वो महाराष्ट्र के मीडिया समूह लोकमत से लगभग 20 साल तक जुड़े  रहने के …

मोदी नाखुश, सुषमा कैंप पर आरोप- मीडिया तक पहुंचाया नये विदेश सचिव की नियुक्ति का मामला !!!

भारत की सत्ता के साउथ ब्लाक में कानाफूसी है कि मोदी अपनी विदेश मंत्री सुषमा से नाराज़ है. उनकी नाराजगी नये विदेश सचिव की नियुक्ति पर उठे सवालों को मीडिया तक पहुंचाने पर है. मोदी और उनके सलाहकार चाहते हैं कि विदेश सचिव के पद पर सुब्रहमण्यम जयशंकर को नियुक्त किया जाये.

सुनंदा हत्याकांड : मीडिया के कुछ वरिष्ठ लोग कर रहे हैं संदिग्ध को बचाने की लायजनिंग!

कानाफूसी चौकाने वाली है. सुनंदा पुष्कर की हत्या के कथित संदिग्धों में से एक की लायजनिंग इंडियन मीडिया के बडे ‘शर्माज़’ ने शुरू कर दी है. इनमें से ‘एक शर्मा’ पहले कांग्रेसी नेता शशि थरूर को मोदी कैंप के नजदीक लाने की कोशिश कर चुके हैं. बताया गया है कि इन ‘शर्माज़’  का प्रयास कथित संदिग्ध को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से बचाने और सत्ता पक्ष की रहमदिली और नरमदिली का फायदा दिलाने की है.

दिल्ली पुलिस को मुहब्बत… वो भी झुग्गियों और कूड़ा बीनने वालों से ?

लगता है कि दिल्ली में फुटपाथिये, कूड़ा बीनने वाले और झु्ग्गियों में रहने वालों के दिन जरूर फिर गये हैं. दिल्ली पुलिस को झुग्गियों और कूड़ा बीनने वालों से मुहब्बत हो गयी है.  हालांकि ये चार दिन की चांदनी जैसी बात हो सकती है फिर भी फुटपाथिये, कूड़ा बीनने वाले और झुग्गियों में रहने वाले आजकल दिल्ली पुलिस के माई-बाप बने हुए हैं. दिल्ली पुलिस के सामान्य सिपाही से लेकर आला अफसर तक झुग्गी वालों के पास पहुंच रहे हैं. उनकी मान-मनुहार कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस इन सभी का दिल जीत लेना चाहती है.

जी़ मीडिया को मिलेगा मोदी का भोंपू बजाने का ‘मीठा’ फल

लोक सभा और हाल ही में हुए विधान सभा चुनावों में मोदी का भोंपू बजाने का मीठा फल  जी मीडिया कार्पोरेशन को मिलने जा रहा है. हरियाणा के विधानसभा चुनाव में तो जी मीडिया कार्पोरेशन के चेयरमेन सुभाष चन्द्रा ने तो भजपा की चुनावी रैलियों में भी हिस्सा लिया था.

संकिसा स्तूप के संबंध में झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित करता है दैनिक जागरण, बुद्ध के अनुयायियों में रोष

फर्रूखाबाद। विश्व विख्यात कहे जाने वाले दैनिक जागरण, कानपुर के समाचार पत्र ने झूठी खबर प्रकाशित कर विश्व गुरू भगवान बुद्ध व उनके समर्थकों का घोर अपमान किया है। इससे बौद्धों में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया है। झूठी खबर का खंडन प्रकाशित न करने पर बौद्धों ने दैनिक जागरण के विरूद्ध मानहानि का मुकदमा दायर करने की रणनीति बनाई है। संकिसा मुक्ति संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड कर्मवीर शाक्य ने दैनिक जागरण में प्रकाशित झूठी खबरों पर नाराजगी जाहिर करते हुये बताया कि आगाह करने के बाबजूद भी दैनिक जागरण ने बीते दिनों संकिसा महोत्सव सम्बंधी समाचार में भगवान बुद्ध के स्तूप को टीला एवं स्तूप परिसर में सम्राट अशोक महान के द्वारा निर्मित कराये गये राष्ट्रीय चिन्ह स्तम्भ को हाथी मंदिर बताया है।

विचारों को स्थाई रूप देते-देते एक आईपीएस अफसर बन गया साहित्यकार

वरिष्ठ आपीएस अधिकारी सतीश शुक्ल की एक और कृति बाजार में आई है। दो दर्जन छोटी छोटी कहानियों के संग्रह के साथ ‘लड़की जीत गई’ नाम से उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में पहली बार कदम रखा। इसके ठीक एक साल बाद ‘इत्ती सी बात’ नाम का एक लघु उपन्यास हाल ही में प्रकाशित हुआ है। पिछली बार से सबक लेते हुए इस बार उनकी कृति को पढ़कर यह नहीं लगता कि पुलिस की व्यस्त नौकरी करने वाला एक अधिकारी इस तरह का साहित्य सृजन कर सकता है। ‘इत्ती सी बात’ से सतीश शुक्ल ने खुद को मंझे हुए कलमची की फेहरिस्त में शामिल कर लिया है। उपन्यास में उन्होंने गहराई में उतरकर दो दोस्तों के बीच की मुक़दमेबाजी का खूबसूरत अंदाज में वर्णन किया है।

अमर उजाला के ब्यूरो चीफ को अंग्रजी से बहुत प्यार हैं इसलिए हिन्दी लेखों में अंग्रेजी हेडिंग घुसेड़ देते हैं

आठ अक्टूबर को हिन्दी के प्रमुख स्तंभकार और साहित्य मनीषी आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की जयंती थी। आचार्य शुक्ल हिन्दी के कवि थे। उनका ज्यादातर जीवन मीरजापुर जिले में बीता। यहां पर उनका पैतृक आवास भी है जहां पर उनके पौत्र रहते है। पर यहां चिंता की बात बड़े अखबार के बड़े पत्रकारों के लेखनी की है। जो हिन्दी अखबार में अंग्रेजी को ऐसे घुसेड़ते हैं जैसे कि वह अंग्रेजी का अखबार हो और उनका पाठक अंग्रेजी मर्मज्ञ हैं।

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आर्थिक संकट से जूझ रहे पर्ल्स ग्रुप के सभी चैनल ठप, गबन के आरोपी निदेशक की वापसी से कर्मचारियों में नाराज़गी

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कहते है डूबती नाव को बचाना बहुत ही मुश्किल होता है और कुछ ऐसा ही इनदिनों हो रहा है पर्ल्स ग्रुप के साथ। पर्ल्स ग्रुप की शुक्रवार और बिंदिया जैसी नामी मैगज़ीन बंद होने के बाद अब पी7 की बारी है। चैनल इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है क्योंकि सेबी के चाबुक के बाद पर्ल्स ग्रुप को निवेशकों का 50000 करोड़ रुपये की रकम चुकानी है। चैनल के कर्मचारियों ने बगावती सुर अपनाते हुए जुलाई से सैलरी न मिलने पर मामले को लेकर लेबर कमिश्नर का दरवाज़ा खटखटाया है और अब सैलरी टाइम से न मिलने पर चैनल के कर्मचारियों ने चैनल के काम-काज को ठप करते हुए चैनल को फ्रिज कर दिया।

महाराष्ट्र चुनाव में वोटरों के सामने से मुद्दे गायब हैं, बीजेपी-शिवसेना का मनमुटाव हावी है

3 जनवरी 1969 को पहली बार नागपुर में बालासाहेब ठाकरे की मुलाकात तत्कालीन सरसंघचालक गुरु गोलवरकर और सरकार्यवाहक देवरस से हुई थी। उस वक्त बालासाहेब ठाकरे बंबई से गये तो थे नागपुर विघापीठ में विघार्थी संघ के सम्मेलन में भाषण देने। लेकिन सीपीएम की धमकी की ठाकरे नागपुर से जिन्दा वापस लौट नहीं पायेगें के बाद ही संघ हरकत में आया और नागपुर के महाल के टाउन हाउन में एक हजार स्वयंसेवक ठाकरे की सुरक्षा के लिये दर्शक बनकर बैठ गये। उस वक्त ठाकरे के साथ प्रमोद नवलकर, सुधीर जोशी और मनमोहर जोशी समेत 12 शिवसैनिक ठाकरे के बाडीगार्ड बन कर गये थे। और 45 बरस पहले टाउन हाल में दिये भाषण में ठाकरे ने जिस अंदाज में मराठी मानुष से लेकर हिन्दुराष्ट्रवाद का जिक्र किया उसके बाद से आरएसएस को कभी लगा ही नहीं बालासाहेब ठाकरे संघ के स्वयंसेवक नहीं हैं।

बिना पूर्व सूचना दाम बढ़ाने पर हॉकर संघ ने जागरण के खिलाफ खोला मोर्चा

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गोंडा। श्रमजीवी समाचार पत्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुधीर यादव ने स्थानीय गांधी पार्क में हुई बैठक के दौरान बताया कि दैनिक जागरण द्वारा शनिवार एवं रविवार को पेपर का रेट 5 रूपये किये जाने के कारण सभी वितरकों ने निर्णय लिया है कि पेपर का रेट प्रतिदिन 5 रूपये किया जाय यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो आने वाले शनिवार एवं रविवार को दैनिक जागरण का वितरण नहीं किया जायेगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि सभी वितरकों को एक-एक चांदी का सिक्का एवं एक-एक साइकिल नहीं दी जायेगी तो दिपावली के दिन से सभी समाचार पत्रों का वितरण बन्द कर दिया जायेगा।

सरकारी एजेंट के रूप में काम कर रहा प्रभात ख़बर, सच कहने वाले ब्रजवाशी को कर रहा टार्चर

‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा.’ कल इंटरनेट पोर्टल पर सूबे के 4 लाख नियोजित शिक्षकों को भ्रामक जानकारी देने वाली खबर क्या छपी. प्रभात खबर ने अपनी गलती नहीं सुधारी. उल्टे मुजफ्फरपुर संस्करण के रिपोर्टर के द्वारा प्रबंधन के ईशारे पर परिवर्तन प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवाशी को भी परेशान किया जा रहा है.

घपलों-घोटालों और कैलाश सत्यार्थी का चोली-दामन का साथ रहा है, नोबेल मिलना कुशल मीडिया मैनेजमेंट का नतीजा है

वर्ष 2006 में कैलाश सत्यार्थी पहली बार नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित हुए थे। उस वक्त हिंदी साप्ताहिक अख़बार द संडे पोस्ट ने उनके काम, व्यक्तित्व, विवाद और जीवन के आयामों का जायजा लेते हुए एक स्पेशल रिपोर्ट प्रकाशित की थी। यह रिपोर्ट इस वर्ष के नोबल शांति पुरस्कार के विजेता कैलाश सत्यार्थी के काम की जांच करते हुए उनके जिस रूप को सामने लाती है वह इस पुरस्कार के विजेता को कठघरे में खड़ा करने के साथ पुरस्कार की चयन प्रक्रिया को ही विवादित बना देता है। और ऐसा शायद पहली ही बार हुआ है कि इतने बड़े सम्मान से एक भारतीय के सम्मानित होने पर भी प्रशंसा से अधिक सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है इसे जानने के लिए पढ़िए स्पेशल  रिपोर्ट-

फॉरवर्ड प्रेस एक व्यावसायिक पत्रिका है और अभी तक इसी दक्षिणपंथी सरकार में राजनीतिक स्पेस खोज रही थी

आज से कोई साढ़े आठ साल पहले यानी 2006 के फरवरी में ”सीनियर इंडिया” नाम की व्‍यावसायिक पाक्षिक पत्रिका पर छापा पड़ा था। विवादास्‍पद अंक ज़ब्‍त कर लिया गया था। संपादक आलोक तोमर समेत प्रकाशक को जेल हुई थी। आरोप था कि पत्रिका ने डेनमार्क के कार्टूनिस्‍ट का बनाया मोहम्‍मद साहब का कथित विवादित कार्टून छापा है जिससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सच्‍चाई यह थी कि उस वक्‍त दुनिया भर में चर्चित इस कार्टून पर पत्रिका ने एक कोने में करीब दो सौ शब्‍द की अनिवार्य टिप्‍पणी की थी जिसके साथ कार्टून का एक थम्‍बनेल प्रकाशित था, जिसे आधार बनाकर दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर ने अपने ही सिपाही से पत्रिका के खिलाफ एक एफआइआर इसलिए करवा दी क्‍योंकि दो अंकों से पत्रिका की आवरण कथा कमिश्‍नर के खिलाफ़ छप रही थी जिसे मैंने और अवतंस चित्रांश ने संयुक्‍त रूप से अपने नाम से लिखा था। स्‍पष्‍टत: यह दिल्‍ली पुलिस द्वारा बदले की कार्रवाई थी, लिहाज़ा प्रभाष जोशी से लेकर राहुल देव तक पूरी पत्रकार बिरादरी का आलोकजी के समर्थन में उतर आना बिल्‍कुल न्‍यायसंगत था।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश, दो माह के भीतर देना होगा मजीठिया वेतनमान

मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू ने करने संबंधी अवमानना के तीन मामलों की सुनवाई करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्‍यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरिमन की खंडपीठ ने सोमवार को ऐतिहासिक आदेश दिया। जैसे ही तीनों मामले उनके समक्ष सुनवाई के लिए पेश किए गए। उन्‍होंने वरिष्‍ठ वकील श्री कोलिन गोंजाल्विस से इस संबंध में पूछा।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया मालिकों से मजीठिया लागू करने को कहा, अन्यथा होगी कार्यवाही

मजीठिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है। 13 अक्टूबर को अवमानना याचिकाओं की सुनवायी करते हुए कोर्ट ने सभी मामलों को दो महीने के बाद लिस्ट करने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि प्रतिवादियों भास्कर, जागरण और इंडियन एक्सप्रेस ने मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया है तो इस दो महीने की अवधि के दौरान अनुपालन सुनिशचित करें अन्यथा विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

एआईआर ने 37 ज्ञानवाणी एफएम स्टेशनों को बंद किया

ऑल इंडिया रेडिया ने अपने 37 ज्ञानवाणी शैक्षणिक एफएम स्टेशनों को बंद कर दिया है। इन स्टेशनों का उपयोग इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि (इग्नू) के शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए किया जाता था। स्टेशनों को बंद करने का कराण इग्नू द्वारा बकाया रकम का न चुकाया जाना बताया जा रहा है।

500 एआईआर कर्मियों को चार महीनों से नहीं मिला वेतन, यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने की मिल रही सज़ा

नई दिल्ली। ऑल इंडिया रेडियो के करीब 500 कर्मचारियों के लिए आने वाली दीपावली काली हो सकती है। एफएम गोल्ड, एफएम रेनबो और अन्य रेडियो स्टेशनों के रेडियो जॉकियों, प्रस्तोताओं और अन्य कर्मचारियों को पिछले चार महीनो से वेतन नहीं मिला है। इन सबके वेतन की करीब एक करोड़ रुपए की रकम जून से बकाया है लेकिन इस देरी का कोई भी संतोषजनक कारण नहीं बताया जा रहा है।

शिक्षक से उठक-बैठक करवाना आपराधिक कृत्य, दुर्गा शक्ति के पति की मानवाधिकार आयोग को शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के पति अभिषेक सिंह द्वारा शिक्षक फौरन सिंह से उठक-बैठक करवाने को आपराधिक कृत्य बताते हुए इस सम्बन्ध में कार्यवाही किये जाने की मांग की है.

मीडिया को कैलाश जैसों से मतलब नहीं वो तो आमिर-अमिताभ को महिमामंडित करता है जिनके पीछे करोड़ों का बाज़ार खड़ा है

बचपन में फिल्मों के प्रति दीवानगी के दौर में फिल्मी पत्र-पत्रिकाएं भी बड़े चाव से पढ़ी जाती थी। तब यह पढ़ कर बड़ी  हैरत होती थी कि फिल्मी पर्दे पर दस-बारह गुंडों से अकेले लड़ने वाले होरी वास्तव में वैसे नहीं है। इसी तरह दर्शकों को दांत पीसने पर मजबूर कर देने वाले खलनायक वास्तविक जिंदगी में बड़े ही नेक इंसान हैं। समाज के दूसरे क्षेत्र में भी यह नियम लागू होता है। कोई जरूरी नहीं कि दुनिया के सामने भल मन साहत का ढिंढोरा पीटने वाले सचमुच वैसे ही हों। वहीं काफी लोग चुपचाप बड़े कामों में लगे रहते हैं। बचपन बचाओ आंदोलन के लिए नोबल पुरस्कार पाने वाले कैलाश सत्यार्थी का मामला भी कुछ ऐसा ही प्रतीत होता है। ये कौन हैं… किस क्षेत्र से जुड़े हैं… किसलिए… वगैरह – वगैरह। ऐसे कई सवाल हवा में उछले जब कैलाश सत्यार्थी को नोबल पुरस्कार मिलने की घोषणा हुई। क्योंकि लोगों की इस बारे में जानकारी बहुत कम थी।

मजीठिया के लिए इधर-उधर भटकने से बेहतर है कि सीधे कोर्ट जाएं या फिर सुप्रीम कोर्ट और केन्द्रीय श्रम मंत्रालय में आरटीआई लगाएं

मजीठिया वेतनमान को लेकर पत्रकारों के लिए 10 नबंवर का दिन खास हो सकता है। इस दिन गुजरात हाईकोर्ट पत्रकारों के केस की अंतिम सुनवाई करने वाला है यदि इसी दिन फैसला आ जाता है तो मजीठिया वेतनमान को लेकर प्रेस मलिकों की आफत तो तय है। जाहिर है इस केस का आधार लेकर हर राज्य में पत्रकार हाईकोर्ट जा सकते। दरअसल लेबर कोर्ट पत्रकारों का केस यह कहकर लेने से मना करता है कि वेतन भुगतान अधिनियम के तहत हम 14 हजार वेतन तक के मामलों की सुनवाई कर सकते है उससे अधिक वेतन पाने वाले अधिकारिक वेतनमान की श्रेणी में आते है और हाईकोर्ट ही मामले की सुनवाई कर सकता है।

भारत में ग़ैर सरकारी संगठनों का उभार और कैलाश सत्यार्थी को नोबेल मिलना महज़ इत्तेफाक नहीं

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यह संभवतः सन 2005 की बात है, एक शाम मैं सहारा समय समाचार चैनल देख रहा था तो एक समाचार प्रसारित हुआ कि कैलाश सत्यार्थी का नाम नोबल पुरस्कार के लिए प्रस्तावित हुआ है। मुझे इस  बात पर आश्चर्य हुआ। मैं तब मध्य प्रदेश के धार जिले में था वहां से मैंने इस बात की पुष्टि करनी चाही। उन दिनों सहारा समय के विदिशा के पत्रकार बृजेन्द्र पांडे हुआ करते थे वहीँ से यह समाचार लगा था।  बृजेंद्र पांडे, मेरे और कैलाश के सहपाठी थे सन 1967-69 में विदिशा के हायर सेकेण्ड्री स्कूल में। बाद को कैलाश ने इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमीशन ले लिया, मैंने और बृजेंद्र ने बीएससी में।

केपी गंगवार बने जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखण्ड की रुद्रपुर इकाई के अध्यक्ष, गोपाल भारती महामंत्री

रुद्रपुर। जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ उत्तराखण्ड की नगर ईकाई का गठन करते हुये यूनियन के जिलाध्यक्ष नारायण दत्त भट्ट ने के.पी. गंगवार को पुनः यूनियन का नगरध्यक्ष घोषित किया है। इसके अलावा गोपाल भारती को महामंत्री, अमन सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बंगलूरू के टीवी पत्रकार ने फांसी लगा कर जान दी

बंगलूरू। एक चैनल के पत्रकार संजय, 29 वर्ष, ने शुक्रवार की रात घर में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। वे चैनल में कापी एडिटर थे।

सुब्रत रॉय की रिहाई के लिए हेज फंड से कर्ज़ लेगा सहारा समूह

सहारा ग्रुप अपने चीफ सुब्रत रॉय की रिहाई वास्ते धन जुटाने के लिए दो अमरीकी हेज फंज फंडों से बात कर रहा हैं। इस सौदे से सहारा ग्रुप करीब एक अरब डॉलर (6000 करोड़ रुपए) का कर्ज़ जुटाना चाहता है। मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक ये दोनों हेज फंड, विदेशों में सहारा समूह के तीन होटलों पर कुल एक अरब डॉलर से अधिक (6,000 करोड़ रुपये) के ऋण के वित्त पोषण के लिए धन दे सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकार किरन खरे के निधन पर शोक व्यक्त किया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकार किरन खरे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना भी व्यक्त की है। किरन खरे सूचना विभाग में कार्यरत दिनेश खरे की पत्नी थीं।

आईएसआईएस ने इराकी टीवी पत्रकार समेत 13 की हत्या की

समारा (इराक) : इस्लामिक स्टेट के आतंकियों ने उत्तरी बगदाद के विभिन्न शहरों एवं गांवों में एक इराकी समाचार कैमरामैन और 12 अन्य की हत्या कर दी। इस बात की जानकारी अधिकारियों, मारे गए लोगों के संबंधियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने दी।

आईजी से शिकायत का हुआ असर, चौकी इंचार्ज ने लौटाए घूस के रुपए लेकिन दो हज़ार काट के

अमेठी जिले के गाँव ओटिया, पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज में एक हरा पेड़ काटने के मामले में चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा द्वारा ठेकेदार ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ को पकड़ कर 15,000 रुपये वसूलने के मामले में आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा आईजी ज़ोन लखनऊ सुभाष चंद्रा को शिकायत करने के बाद 13,000 रुपये वापस हो गए हैं. चौकी इंचार्ज ने 2,000 रुपये इसलिए वापस नहीं किये क्योंकि यह हरा पेड़ काटने का पुलिस चौकी का अपना रेट है.

केजरीवाल को अकल नहीं थी…भाग गया कुर्सी छोड़ कर…मुझे नहीं लगता उसका भविष्य उज्ज्वल है: ओमपुरी

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व्यवस्था के खिलाफ अपनी फिल्मों में उन्होंने शुरूआती दौर में जो आक्रोश दिखाया था, आज भी वैसा ही तेवर उनमें मौजूद है। फिल्म अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता ओम पुरी आज भी मानते हैं कि व्यवस्था बदलने के लिए जन आंदोलन बेहद जरुरी है। पर्यावरण जैसे मुद्दों से लेकर वह ‘निर्भया’ जैसे बड़े आंदोलन के हिमायती हैं। 4-5 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर हुए वाइल्ड लाइफ फिल्म फेस्टिवल शिरकत करने ओम पुरी खास तौर पर आए थे। दो दिन के व्यस्त कार्यक्रम के बाद फुरसत पाते ही ओमपुरी ने बातचीत  के लिए वक्त निकाला। इस दौरान उन्होंने साफगोई के साथ बहुत कुछ अपनी कही और कुछ आज के मुद्दों पर बात की।

आत्महत्या करने को मजबूर हैं उत्तराखंड के आपदा प्रभावित व्यापारी

देश के कई राज्यों में पिछले कई सालों से किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। आत्म हत्याओं का यह सिलसिला थम नहीं रहा है। इसके लिए संबधित राज्यों की सरकारों के साथ केन्द्र सरकार भी जिम्मेदार है। देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तराखंड में इस तरह के मामले न के बराबर हैं। लेकिन पिछले साल आई प्राकृतिक आपदा के चलते यहां एक नई परेशानी पैदा हो गई है। आपदा प्रभावित इलाकों के व्यापारी आत्महत्या करने लगे हैं। पहले गुप्तकाशी में एक युवा व्यापारी ने मौत को गले लगाया और अब उत्तरकाशी में दूसरे व्यापारी ने सरकार की उपेक्षा के चलते आत्महत्या कर ली। आपदा प्रभावित क्षेत्र में रह रहे प्रभावित अभी पहली घटना के कारणों का अध्ययन कर ही रहे थे कि दूसरी घटना ने राज्य सरकार की प्रभावितों के बारे में की जा रही कोरी बयानबाजी को उजागर कर दिया है।

नेपाल के राष्ट्रपति के आमंत्रण पर काठमाण्डू गए मधेपुरा वरिष्ठ पत्रकार देवाशीष बोस

मधेपुरा के वरिष्ठ पत्रकार और बिहार जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेश महासचिव देवाशीष बोस नेपाल के राष्ट्रपति डॉ. राम बरन यादव के निजी आमंत्रण पर आज काठमाण्डू के लिए रवाना हो गये। डॉ. बोस नेपाल में पांच दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस अवसर पर वे नेपाली राष्ट्रपति से भारत-नेपाल मैत्री और सांस्कृतिक एकता के अलावा दोनों देशों के संयुक्त आपदा प्रबंधन पर वार्ता करेगें तथा उन्हें बिहार यात्रा के लिए आमंत्रण देंगे।

फॉरवर्ड प्रेस पर दिल्ली पुलिस का छापा मोदी सरकार का फासीवादी कदम: जेयूसीएस

लखनऊ। जर्नलिस्टस् यूनियन फॉर सिविल सोसाईटी (जेयूसीएस) ने फॅारवर्ड प्रेस के दिल्ली कार्यालय पर दिल्ली की बसंतनगर थाना पुलिस द्वारा 8 अक्टूबर को छापा मारने तथा उसके चार कर्मचारियों को अवैध रूप से हिरासत में लिए जाने की घटना की कठोर निंदा की है। जेयूसीएस ने दिल्ली पुलिस की इस कारवाई को फॉसीवादी हिन्दुत्व के दबाव में आकर उठाया गया कदम बताते हुए इसके लिए नरेन्द्र मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। इसके साथ ही फॉरवर्ड प्रेस की मासिक पत्रिका के अक्टूबर-2014 के अंक ’बहुजन श्रमण परंपरा विशेषांक’ को भी पुलिस द्वारा जब्त करने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए इसे मुल्क में फासीवाद के आगमन की आहट कहा है।

जी हां, मुझे मलाल है कि उस सत्यार्थी को नोबल मिला जिसने हज़ारों हाथों को तराशने के बजाय भिखमंगा बना दिया

मुझसे कई मित्रों ने पूछा कि क्या आपको मलाल है कि सत्यार्थी को नोबल पुरस्कार मिला? फिर मेरे देश प्रेम पर सवाल उठाया कि आप कैसे भारतीय हैं? तो मैं कहना चाहूंगा कि जी हां, मुझे मलाल है। क्योंकि मैं हर बजते ढोल की ताल पर नाचने में यकीन नहीं रखता। मुझे मलाल है क्योंकि शांति और अहिंसा के विश्वदूत “गांधी” अभी तक खारिज हैं, और मेरा भारत खामोश है।

मासूम रुद्राक्ष की हत्या के गुनहगार हैं मीडिया और पुलिस

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Sumant Bhattacharya थोड़ी देर पहले ही एक राष्ट्रीय टीवी चैनल के राजस्थान प्रमुख का फोन आया और कहा कि सुमंत भाई इस पर कुछ लिखो। मुद्दा बेहद गैरजिम्मेदाराना किस्म की पत्रकारिता की वजह से एक मासूम की मौत का है। राजस्थान के कोटा में दो एक रोज पहले किन्ही बैंक मैनेजर के पांच सात साल के बेटे का अपहरण हो गया। अपहर्ताओं ने आज शुक्रवार को शाम तक का वक्त दिया और एक करो़ड़ बतौर फिरौती मांगी। पर आज ही राजस्थान के दो प्रमुख अखबारों राजस्थान पत्रिका और दैनिक भास्कर ने इस खबर को पहले पेज पर जोरदार तरीके से छाप दिया। सुबह पांच बजे खबर अखबारों में आई और दो घंटे के बाद मासूम की लाश तलाब से मिली। मीडिया ने पुलिस को अपना काम करने का वक्त ही नहीं दिया, खबर के बाद अपहर्ताओं को लगा कि बच्चा रहा तो पकड़े जाएंगे। सनसनी फैलाने वाले और सबसे तेज खबर के कारोबारियों ने अपने बाजारवाद में एक बच्चे को दुनिया से विदा कर डाला।

चंदन के भोजपुरी गानों को सभी घर-परिवार में बैठ सुन सकते हैं

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पिछले कई महीनों से यहां-वहां सुन रहा था। लोग कह रहे थे कि भोजपुरी को नई शारदा सिन्‍हा व विंध्‍यवासिनी देवी मिलती दिख रही है। कोई चंदन तिवारी है, जो भोजपुरी गाती है। उम्र अभी कम है, लेकिन टपकेबाजों को सुनने के लिए नहीं गाती। सड़कछाप भी दूर हैं। चंदन की भोजपुरी को सभी घर-परिवार में बैठ सुन सकते हैं। मैंने कभी सुना नहीं था, सो कहने वालों के लिए कुछ जोड़-घटा नहीं सकता था। पिछले महीने रांची के रास्ते जमशेदपुर जा रहा था। बाहर झमाझम बारिश हो रही थी। थकान के कारण मन अलसाया था। तभी सारथी समीर ने कोई सीडी बजा दी। भोजपुरी सुन पहले तो मन नहीं रमा। तभी अचानक ‘बेटी की विदाई’ की गीत के बोल निकले। विदाई की कसक थी, दर्द भरे शब्‍द थे। मन की अलसाहट खत्‍म हुई। ध्‍यान से सुनता गया। रोने के अलावा कुछ नहीं बचा था। लगा घर से मेरी बिटिया जाएगी, तब भी ऐसा ही होगा।

भाजपा और मोदी को कोसने में बीत गया सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन

कुछ बड़े राजनेताओं का जब मुंह खुलता हैं तो उनके श्रीमुख से जहरीली वाणी ही निकलती है। मनोरोगी की तरह व्यवहार करने वाले इन नेताओं को अपने अलावा सारी दुनिया साम्प्रदायिक, चोर, भ्रष्टाचारी, खूनी, वहशी नजर आती है। न यह उस मिट्टी का मान रखते हैं जिसमें वह पल कर बढ़े हुए हैं, न ही इन्हे देश-समाज की प्रतिष्ठा की चिंता रहती है। भारत मां को डायन कहने वाले ऐसे नेता अपने आप को बहुत ही समझदार और काबिल मानते हैं, लेकिन किसी गंभीर मसले पर बात करते समय इनके मुंह पर ताला जड़ जाता है। हां, बात का बतंगड़ बनाने की महारथ इन्हें जरूर हासिल होती है, जिसकी नुमाईश यह समय-समय पर करते रहते हैं। दूसरों की बैसाखियों के सहारे अपनी राजनीति चमकाने वाले इन नेताओं की भले ही उनके अपने जिले में कोई न पूछता लेकिन यह अपने आप को राष्ट्रीय नेता समझने का मुगालता पाले रहते है।

अरनब गोस्वामी का महान दुख और प्रधानमंत्री-पत्रकारों के रिश्ते

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सुनने में आ रहा है कि इन दिनों टाइम्स नॉउ के अरनब गोस्वामी बेहद दुखी हैं। करीब सवा सौ ईमेल भेज चुके हैं फिर भी उन्हें नरेंद्र मोदी ने मुलाकात के लिए समय देना तो दूर रहा, जवाब तक नहीं दिया। चुनाव के पहले भी यही हुआ था। अरनब को लग रहा था कि जैसे वे राहुल गांधी का इंटरव्यू हासिल करने में कामयाब हो गए थे वैसे ही मोदी भी तैयार हो जाएंगे। मगर मोदी ने उनकी जगह ईटीवी को चुना।

पत्रकारिता के सिद्धांत, नैतिक मूल्य और उनकी सच्चाई

एक दिन मैं विश्वविद्यालय से घर के लिए निकल रहा था। थोड़ी ही दूर पहुंचा तो देखा कि जाम लगा था। मैंने अपनी गाड़ी को सड़क किनारे लगाया और पास ही बनी चाय की दुकान पर चाय पीने लगा। ट्रैफिक जाम ज्यादा बड़ा तो नहीं था लेकिन सबको जल्दी थी इसलिए साफ नहीं हो रहा था। मैं चाय पी ही रहा था कि अचानक से एक एंबुलेंस बहुत तेजी में आई। उसे देखकर समझ आ गया कि कोई इमरजेंसी है। लेकिन लोग उस एंबुलेंस को निकलने ही नहीं दे रहे थे।

वयोवृद्ध पत्रकार कुंवर नेगी ‘कर्मठ’ का निधन

कोटद्वार: समाज सेवी एवं गढ़गौरव पत्रिका के प्रधान सम्पादक कुंवर नेगी कर्मठ का 103 साल की उम्र में निधन हो गया। कुंवर सिंह नेगी कर्मठ के निधन पर सामाजिक संगठनों एवं पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया है। वरिष्ठ पत्रकार एवं गढ़गौरव पत्रिका के सम्पादक कुंवर सिंह नेगी के आकस्मिक निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर का यहां गाड़ीघाट स्थित मुक्तिधाम में सैकड़ों लोगों ने नम आंखों के साथ उनका अतिंम संस्कार किया।

निर्वाचन आयोग ने ‘राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार’ के लिए आवेदन आमंत्रित किए

चंडीगढ़। निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान लोगों को वोट डालने हेतु शिक्षित एवं जागरूक करने के लिए प्रिंट एवं इलैक्ट्रोनिक मीडिया हाउसेज़ से ‘राष्ट्रीय मीडिया पुरस्कार’ के लिए 30 अक्टूबर तक आवेदन आमंत्रित किए हैं।

भाजपा का चुनावी वादा, सत्ता में आने पर महाराष्ट्र के पत्रकारों को मिलेगी पेंशन

महाराष्ट्र बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में राज्य के वयोवृध्द पत्रकारों को हर माह 1500 रूपये पेन्शन देने का वादा किया है। महाराष्ट्र पत्रकार हमला विरोधी कृती समिती के ओर से राज्य के सभी प्रमुख राजनैतिक दलों को एक पत्र लिखकर पत्रकारो के मांगों के विषय में अपनी भूमिक चुनाव घोषणा पत्र के माध्यम से स्पष्ट करने की मांग की थी।

खस्ताहाल हैं कन्नौज के स्ट्रिंगर, कई ने दिया इस्तीफा

कन्नौज को वीवीआईपी जिला कहा जाता है लेकिन यहां काम करने वाले स्ट्रिंगरों (पत्रकारों) की हालत खस्ता है। उनको संस्थान से नए-नए निर्देश और प्लान तो दिए जाते हैं लेकिन वेतन नहीं बढ़ाया जाता है। कोई पत्रकार समय से वेतन नहीं मिलने, तो कोई अन्य समस्याओं के कारण संस्थानों से इस्तीफा दे रहा है।

जब कैलाश सत्यार्थी को ग्रेट रोमन सर्कस के मालिक ने बुरी तरह मारा था

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हर भारतीय की तरह मैं श्री कैलाश सत्यार्थी के नोबेल शांति पुरस्कार जीतने की ख़ुशी में फूला नहीं समा रहा हूँ और जून 2004 की करनैलगंज, गोंडा की उस घटना को याद कर रहा हूँ जब श्री सत्यार्थी को नेपाली सर्कस बालाओं को मुक्त करने के प्रयास में ग्रेट रोमन सर्कस के मालिक द्वारा बुरी तरह मारा-पीटा गया था.

बवाल कर रहे युवकों ने एएनआई संवाददाता को धमकाया, कैमरा छीनने का प्रयास

फर्रुखाबाद जनपद के एशियन न्यूज़ इंटरनेश्नल (ANI) जिला संवाददाता देर रात तकरीबन साढ़े दस बजे डॉ. के एम द्विवेदी अस्पताल में एक घायल पुलिस कर्मी की न्यूज़ कवर करने गए थे। वापस लौटते समय बस स्टैंड के सामने स्थित एक होटल पर करीब 15-18 युवकों को मार-पीट, गाली गलौज करते देख ANI रिपोर्टर घटना को अपने कैमरे से शूट करने लगे। कैमरा देख वहां मौजूद एक युवक रिपोर्टर के निकट आया और स्वयं को एक राजनैतिक दल का नेता बताते हुए हथियार निकाल कर धमकाने लगा।

लोक कवि जब अपनी सफलता के लिए डांसर लड़कियों के मोहताज़ हो जाते हैं

DN Pandey

दयानंद पांडेय

लोक कवि अब गाते नहीं

यह उपन्यास एक ऐसे भोजपुरिया लोक कवि के बारे में है जो दरिद्रता और फटेहाली का जीवन व्यतीत करते हुए  गांव से शहर की दुनिया में प्रवेश करता है। और फिर संघर्ष करते हुए धीरे-धीरे उस के जीवन की काया पलट होने लगती है या कहिए कि जैसे घूरे के दिन किसी दिन बदलते हैं वैसे ही उस की घूरे जैसी जिंदगी भी पैसा व शोहरत की मेहरबानी से चमकने लगती है। कुछ लोगों के अँधेरे जीवन में किस्मत से अचानक आशा की किरने फूटती हैं और रोशनी का समावेश होने लगता है तो ऐसा ही होता है लोक कवि के साथ भी। वरना पिछड़े वर्ग के कम पढ़े-लिखे गरीब इंसान कहां इतने ऊंचे सपने देख पाते हैं।

कैलाश सत्यार्थी और मलाला यूसुफज़ई को मिला शांति का नोबेल पुरस्कार

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इस साल शांति का नोबेल पुरस्कार भारत के सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी और पाकिस्तान की मलाला यूसुफज़ई को संयुक्त रुप से दिया गया है।

मोदी की रैली में पुलिस ने पत्रकारों को अंदर जाने से रोका, चपरासी को पास थमा गायब हुए भाजपा के पीआरओ

मोदी मीडिया की परवाह नहीं करते, ये बात तो सुर्खियों में है ही। यहां संगठन के निचले स्तर पर भी यह झलकने लगा है। बुधवार को हरियाणा के यमुनानगर में हुई मोदी की रैली में पत्रकारों को अपमान का वो घूंट पीना पड़ा, जो वो इस जन्म में तो भूलेंगे नहीं। रैली के लिए पत्रकारों को पास देने का जो जिम्मा स्थानीय भाजपा के जनसंपर्क अधिकारी राजेश सपरा को दिया गया था, वो ही जनाब ऐन मौके पर पास देने की बजाए गायब हो गए।

आसाराम मामले में हाई कोर्ट ने दीपक चौरसिया की ज़मानत अर्जी खारिज की

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एक आपराधिक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इंडिया न्यूज टीवी चैनल के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। चौरसिया व अन्य पर आसाराम बापू के विषय में आपत्तिजनक कार्यक्रम प्रसारित करने का आरोप है।

रामविलास शर्मा आर्य-अनार्य की बहस को साम्राज्यवाद का हथियार मानते थे

डॉ. रामविलास शर्मा (10 अक्टूबर 1912- 30 मई, 2000) हिंदी के महान समालोचक और चिंतक थे। 10 अक्टूबर, 1912 को जिला उन्नाव के ऊंचगांव सानी में जन्मे रामविलासजी ने 1934 में लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी साहित्य में एम.ए. और फिर 1938 में पी-एच.डी की। 1943 से 1971 तक आगरा के प्रसिद्ध बलवंत राजपूत कॉलेज में …

फ्री-टू-एयर चैनलों को विज्ञापनों के लिए निर्धारित समय सीमा से मुक्त करेगी सरकार

सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि सरकार फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनलों को विज्ञापन समय की सीमा के नियम से मुक्त करना चाहती है। इस संबंध में जल्दी ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। सरकार का ये निर्णय उन न्यूज़, म्यूज़िक व क्षेत्रीय ब्रॉडकास्टरों के लिए खुशखबरी है जो विज्ञापन समय की सीमा थोपे …

हुड्डा राज में हरियाणा हरामखोर-भ्रष्ट नौकरशाहों और कालोनाइज़रों के लिए स्वर्ग बन गया

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा अपनी सभाओं में बड़े गर्व से कहते हैं कि उनकी रगों में स्वतंत्रता सेनानी चौ. रणबीर सिंह का खून है इसलिए वे ईमानदारी से अपनी सरकार चला रहे हैं। मुख्यमंत्री बनने से पहले एक बार हुड्डा हरिद्वार जाते हुए नदी में डूबते-डूबते बचे थे तब उनके समर्थकों ने उन्हें गंगापुत्र के नाम से नवाज़ा था। मुख्यमंत्री बनने के बाद अपनी सभाओं में भूपेंद्र हुड्डा कहते थे कि नदी में डूबने से बचा हूं और मैने मौत को करीब से देखा है, इंसान के साथ कुछ नहीं जाता, इसलिए मैंने फैसला लिया है कि मैं बिना किसी के दबाव के अपनी आत्मा की आवाज़ पर चलुंगा। लेकिन कथनी और करनी में दिन रात का फर्क वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए उनके सारे काम इसके उलट ही साबित हुए हैं।

सम्पादक मण्डल जौनपुर के नये पदाधिकारियों ने ली शपथ, पत्रकार और समाजसेवी सम्मानित

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सम्पादक मण्डल के नये पदाधिकारियों को शपथ दिलाते आरक्षी अधीक्षक बबलू कुमार

जौनपुर। सम्पादक मण्डल जौनपुर का शपथ ग्रहण समारोह कलेक्ट्रेट स्थित पत्रकार भवन के सभागार में सम्पन्न हुआ। समारोह में चयनित पदाधिकारियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी गयी। इसके पहले मुख्य अतिथि आरक्षी अधीक्षक बबलू कुमार सहित विशिष्ट अतिथि एमएलसी प्रभावती पाल, नगर पालिकाध्यक्ष दिनेश टण्डन, तरूणमित्र के समूह सम्पादक कैलाशनाथ ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित किया। तत्पश्चात् सभी पदाधिकारियों सहित अन्य सम्पादक व पत्रकार बंधुओं ने मंचासीन अतिथियों को माल्यार्पण किया।

हिन्दुस्तान की उदारता, अमर उजाला के विज्ञापन को ख़बर बना के छापा

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हिन्दुस्तान में छपी ख़बर

गलाकाट व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के बीच क्या एक अखबार किसी दूसरे अखबार की विज्ञापन योजना को प्रोत्साहित कर सकता है? कतई नहीं। लेकिन 9 अक्टूबर को हिन्दुस्तान में छपी एक खबर को इस का उदाहरण कहा जा सकता है।

क्या जागरण बठिंडा वालों ने नाम न छापने के लिए पार्षद और भिवानी स्वीट्स की मिठाई खाई

देश भर में मिलावटखोरी के खिलाफ मुहिम चलाने का दावा करने वाले दैनिक जागरण के बठिंडा संस्करण के लोकल पुलआउट में गुरुवार को नकली मिठाई पकड़े जाने वाली ख़बर प्रकाशित की। ख़बर में पूर्व कांग्रेसी पार्षद के कोल्ड स्टोर और मिठाई बनाने वाले प्रतिष्ठान के नाम का ज़िक्र नहीं किया गया। बिना नाम वाली ये खबर दिन भर लोगों और पत्रकारों में चर्चा का विषय बनी रही। जबकि दैनिक भास्कर समेत अन्य अखबारों के लोकल पुलआउट में इसी खबर को पूरी आक्रामकता और पूर्व कांग्रेसी पार्षद तथा मिठाई बनाने वाले प्रतिष्ठान के नाम के साथ प्रमुखता से छापा गया।

गंगा को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले कर देना चाहती है सरकारः जलपुरुष राजेन्द्र सिंह

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मुंगेर। विश्वबैंक की नज़र गंगा की कमाई पर है, जबकि गंगा माई किसानों, मछुआरों के साथ गंगा तट पर बसे लोगों की जीविका का आधार है। गंगा के नाम पर वोट तो बटोरे गये, लेकिन सत्ता के गलियारें में पहुंचते ही वोट मांगने वाले गंगा को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले करने पर अमादा हैं। आज जिस तरह प्राकृतिक संसाधनों पर से आम लोगों का हक छिनता जा रहा है, उस स्थिति में मीडिया एक्टिविस्ट की भूमिका अदा करनी होगी। ये उद्गार मैग्सेसे एवार्ड से सम्मानित राजेन्द्र सिंह ने सूचना भवन, मुंगेर में मुंगेर पत्रकार समूह द्वारा ‘प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को रोकने में मीडिया की भूमिका’ पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किये।

अमरीका-वियतनाम युद्ध को कवर करने वाले एकमात्र भारतीय पत्रकार थे हरिश्चन्द्र चंदोला

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हरिश्चन्द्र चंदोला ने वर्ष 1950 में दिल्ली से प्रकाशित हिन्दुस्तान टाइम्स से अपने पत्रकारिता कैरियर की शुरूआत की। यह वह समय था, जब देश को आजाद हुऐ ज्यादा समय नहीं हुआ था। भारत में संचार माध्यमों का खास विकास नहीं हुआ था। मुद्रित माध्यमों में भी ज्यादातर अंग्रेजी अखबार ही प्रचलन में थे। उसमें भी टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स व इंडियन एक्सप्रेस ही प्रमुख अखबारों में थे। ऐसे में देश के प्रमुख समाचार पत्र में नौकरी मिलना हरिश्चन्द्र जी के लिए अच्छा मौका था। हरिश्चन्द्र जी की पारिवारिक पृष्ठभूमि पत्रकारिता से जुड़ी रही। यही कारण रहा कि उन्होंने देश के नहीं बल्कि विदेशी समाचार पत्रों में भी लेख लिखे। चंदोला विश्व के प्रमुख युद्ध पत्रकारों में पहचाने जाते हैं। उन्होंने सन् 1968 से लेकर 1993 तक के सभी महत्वपूर्ण युद्धों व क्रांतियों के बारे में घटना स्थल पर जाकर लिखा।

राजनीति के जंगल में औरतों के भूखे न जाने कितने भेड़िये रहते हैं जो उन की देह चाटते रहते हैं

DN Pandey

अब तक मैं दयानंद जी की 25 कहानियों में गोता लगा चुकी हूं …यानि उन्हें पढ़ चुकी हूं। जिन में  कुछ प्रेम कहानियां , कुछ पारिवारिक जीवन और कुछ व्यवस्था पर हैं। आप के लेखन में समकालीन जीवन के रहन-सहन और उनकी समस्यों का विवरण बड़े खूबसूरत और व्यवस्थित ढंग से देखने व पढ़ने को मिलता है।  आपकी ये सात कहानियां व्यवस्था पर हैं। अगर जीवन में व्यवस्था सही ना हो तब भी बहुत समस्या हो जाती है।

सुब्रत रॉय की हिरासत पर कानूनविदों ने उठाए सवाल

Subrat Roy

नई दिल्ली। सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को तिहाड़ जेल में छह महीने से अधिक हो चुके हैं। इन छह महीनों में उनकी रिहाई की संभावनाएं कई बार बनीं और औंधे मुंह गिरीं। अब जैसै-जैसे दिन बीतते जा रहे है ये कहना मुश्किल होता जा रहा है कि वो सुप्रीम कोर्ट की शर्त के अनुसार अपनी रिहाई के लिए सेबी को 10,000 करोंड़ रुपए दे भी पाएंगे या नहीं।

अखबारी दुनिया के मालिकों व इस के कर्मचारियों की ज़िंदगी में झांकना हो तो ‘हारमोनियम के हज़ार टुकड़े’ उपन्यास ज़रूर पढ़ें

DN Pandey

दयानंद पांडेय

मैं दयानंद जी के ‘बांसगांव की मुनमुन’ उपन्यास को भी पढ़ चुकी हूं जो एक सामाजिक उपन्यास है। समय के साथ हर चीज़ में परिवर्तन होता रहा है। चाहें वो प्रकृति हो या इंसान, सामाजिक रीति-रिवाज या किसी व्यावसायिक संस्था से जुड़ी धारणाएं। इस उपन्यास ‘हारमोनियम के हज़ार टुकड़े’ में समय के बदलते परिवेश में अखबारी व्यवस्था का बदलता रूप दिखाया गया है। जिस किसी भी को अखबारी दुनिया के मालिकों व इस के कर्मचारियों की ज़िंदगी में झांकना हो उन से मेरा कहना है कि वो इस उपन्यास को ज़रूर पढ़ें। उपन्यास के आरंभ में सालों पहले अस्सी के दशक की दुनिया की झलक देखने को मिलती है जो आज के अखबारों की दुनिया से बिलकुल अलग थी। धीरे-धीरे अखबार के मालिक, संपादक और कर्मचारियों के संबंधों में बदलते समय की आवाज़  गूंजने लगती है।

आरटीआई संगठनों ने यूपी के सूचना आयुक्तों को दी एक्ट पर खुली बहस की चुनौती, 12 अक्टूबर को करेंगे धरना-प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयोग के निराशाजनक प्रदर्शन के विरोध में प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने  ‘तहरीर’ नामक  संस्था के साथ इकट्ठे होकर राजधानी लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान धरना स्थल पर 12 अक्टूबर 2014 को पूर्वान्ह 11 बजे से अपरान्ह 03 बजे तक धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम में येश्वर्याज सेवा संस्थान, एक्शन ग्रुप फॉर राइट टु इनफार्मेशन, आरटीआई कॉउंसिल ऑफ़ यूपी, ट्रैप संस्था अलीगढ, सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन, मानव विकास सेवा समिति, मुरादाबाद, जन सूचना अधिकार जागरूकता मंच, भ्रष्टाचार हटाओ देश बचाओ मंच, एसआरपीडी मेमोरियल समाज सेवा संस्थान, आल इण्डिया शैडयूल्ड कास्ट्स एंड शैडयूल्ड ट्राइब्स एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन आदि संगठन शिरकत कर रहे हैं।

पैसों के अभाव में इलाज को मोहताज ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित पत्रकार सुरजीत, मदद को आगे आए हाथ

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सुरजीत और उनका परिवार

जादूगोड़ा क्षेत्र के पत्रकार सुरजीत सिंह को पिछले डेढ़ वर्ष से ब्रेन ट्यूमर है। इस दौरान उसका दो बार असफल ऑपरेशन हो चुका है। जादूगोड़ा व आसपास के सामाजिक संगठनो से सुरजीत के परिवार ने मदद की गुहार भी लगाई लेकिन डेढ़ वर्षो के दौरान कोई भी सरकारी या सामाजिक मदद सुरजीत को नहीं मिल पायी। इस कारण आज सुरजीत जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। सुरजीत की पत्नी नीतू कौर ने बताया की पिछले कई माह से सुरजीत बिस्तर पर हैं, वह न तो कुछ खाते हैं और न ही कुछ बोलते हैं। किसी तरह उनके मुंह मे तरल पदार्थ डाला जाता है और पिछले डेढ़ साल मे उनके इलाज़ पर घर का सबकुछ बिक चुका है।

सपा राष्ट्रीय अधिवेशन में बसपा पर चुप्पी का मतलब किसी को समझ नहीं आया

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन का पहला दिन अपने पीछे कई खट्टे-मीठे अनुभव छोड़ गया। उम्मीद के अनुसार मुलायम सिंह यादव को नौंवी बार अध्यक्ष चुने जाने की औपचारिकता पूरी करने के अलावा अगर कुछ खास देखने और समझने को मिला तो वह यही था कि समाजवादी नेताओं ने यह मान लिया है कि अब उनकी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी के साथ ही होगी। यही वजह थी वक्ताओं ने भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर खूब तंज कसे। इसके साथ ही समाजवादी मंच से एक बार फिर तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट भी सुनाई दी। जनता दल युनाइटेड(जेडीयू) के अध्यक्ष शरद यादव की उपिस्थति ने इस सुगबुगाहट को बल दिया। मुलायम के अध्यक्षीय भाषण के बाद शरद यादव बोलने के लिये खड़े हुए तो उनके तेवर यह अहसास करा रहे थे कि दोनों यादवों को एक-दूसरे की काफी जरूरत है।

वेब मीडिया पर संगोष्‍ठी 16 अक्‍टूबर को, दस वेब लेखक होंगे सम्‍मानित

विचार पोर्टल प्रवक्‍ता डॉट कॉम ‘वेब मीडिया की बढ़ती स्‍वीकार्यता’ विषय पर एक संगोष्‍ठी का आयोजन करने जा रही है। यह संगोष्‍ठी 16 अक्‍टूबर 2014 को स्‍पीकर हॉल, कांस्टिट्यूशन क्‍लब, नई दिल्‍ली में सायं 4.30 बजे आयोजित होगी। ‘प्रवक्‍ता’ के छह साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्‍वविद्यालय, रायपुर (छत्‍तीसगढ़) द्वारा संचालित कबीर संचार अध्‍ययन शोधपीठ के सहयोग से संपन्‍न होगा।

गांधीवादी राजनीति का सपना देखने वाला, आज की जातिवादी और सांप्रदायिक राजनीति से हारता आनंद

DN Pandey

दयानंद पांडेय

आज के जमाने में सिद्धांतों और आदर्शों पर चलना हर किसी के वश  की बात नहीं। इंसान जीवन के आदर्शों को अपने स्वार्थ की खातिर भेंट चढ़ा देता है, कभी विवशता से और कभी स्वेच्छा से। दयानंद जी के इस उपन्यास ‘वे जो हारे हुए ‘ में राजनीति में उलझे या ना उलझे लोगों का ऐसा जखीरा है जिस में इंसान किसी और इंसान की कीमत ना आंकते हुए दिन ब दिन अमानवीय होता जा रहा है।

दैनिक भास्कर अजमेर ने छापी ईद की एक साल पुरानी फोटो

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हिन्दुस्तान का सबसे बड़ा अखबार होने का दावा करने वाला दैनिक भास्कर अब लगता हैं बासी व पुरानी फोटोज़ से ही अपनी गुजर बसर कर रहा हैं। भास्कर के कर्मचारियों के आलस्य का अनुमान आप इसी बात से लगा सकते हैं कि एक फोटो जो साल भर पहले भास्कर ने ही अपने अखबार में छापी थी उसे फिर से आज अखबार में छाप दिया गया। अगर कोई खड्ड़ा या कोई ऐसी समस्या की फोटो होती जो साल भर पूर्व भी ऐसी थी और अब भी वैसी हैं तो समझ आता हैं मगर फोटो तो थी ईद पर नमाज अदा कर रहे अकीदतमंदों की।

अकस्मिक घटना नहीं थी चौरी-चौरा विद्रोह: प्रो. चमनलाल

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प्रसिद्ध क्रांतिकारी दुर्गा भाभी के जन्म दिन 07 अक्टूबर, 2014 को सुभाष चन्द्र कुशवाहा की चर्चित पुस्तक- चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आन्दोलन पर लखनऊ मॉन्टेसरी इन्टर कॉलेज के सरदार भगत सिंह सभागार में चर्चा, परिचर्चा आयोजित की गई । सबसे पहले शहीद भगत सिंह और दुर्गा भाभी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद कॉलेज की छात्राओं ने प्रसिद्ध क्रांतिकारी राम प्रसाद बिस्मिल का गीत ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’, गा कर माहौल में गर्मजोशी पैदा कर दी। लखनऊ विश्वविद्यालय की डॉ. रश्मि कुमारी ने दुर्गा भाभी के योगदान पर वृत्त चित्र प्रस्तुत किया। ‘चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता आन्दोलन’ पुस्तक के लेखक सुभाष चन्द्र कुशवाहा ने इतिहासकारों से उनके कार्य पर प्रकाश डालने का अनुरोध किया और इस कार्य को करने की प्रेरणा तथा दस्तावेजों को हासिल करने की मशक्त को संक्षेप में उल्लेख किया।

कमल शर्मा को मिला ‘माणक अलंकरण’ पुरस्कार

पत्रकारिता के क्षेत्र में राजस्थान का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘माणक अलंकरण’ जन टीवी के कार्टूनिस्ट कमल शर्मा को प्रदान किया गया है। कमल शर्मा को कार्टूनिस्ट की श्रेणी में विशिष्ट पुरस्कार के लिए पिछले वर्ष चयनित किया गया था। जोधपुर में गांधी जयंती पर 32वां माणक अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरिदेव जोशी, पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति सनी सेबिस्टियन, सांसद गजेंद्र सिंह, जसवंत सिंह विश्नोई ने पुरस्कार प्रदान किए। गौरतलब है कि कमल शर्मा पिछले बारह सालों से बतौर कार्टूनिस्ट कार्य कर रहे हैं।

होमगार्ड के क़त्ल का आरोपी है ज़ी संगम का हापुड़ संवाददाता

जी मीडि़या का भगवान ही मालिक हैं यहां कत्ल के आरोपियों को रिर्पोटर बनाया जा रहा है। यूपी के हापुड़ जनपद में पिलखुवा निवासी मौ. ताहिर नाम का शख्स जी संगम के लिए रिर्पोटिंग कर रहा है। जानकारी के अनुसार मौ. ताहिर पुत्र मौ. यामीन, निवासी पिलखुवा, जनपद हापुड़, पर गाजियाबाद के थाना लिंक रोड़ क्षेत्र में 13.07.2012 को डयूटी पर तैनात होमगार्ड विकास तिवारी की अपने साथियों के साथ पीट पीटकर हत्या करने का आरोप है।

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मौ. ताहिर, कैमरे से शूट करते हुए

राष्ट्रीय सहारा वाराणसी के स्ट्रिंगरो पर काम का बोझ अधिक लेकिन वेतन कम, विरोध करने पर किया जा रहा परेशान

सर जी, आपको अवगत करना चाहते है की राष्ट्रीय सहारा, वाराणसी यूनिट को शुरु हुए चार साल होने जा रहे हैं लेकिन यहां काम करने वाले स्ट्रिंगरों का वेतन एक रुपया भी नहीं बढ़ा है। सहारा श्री के जेल जाने से पहले तक अधिकारी सभी को परमानेंट कर देने का आश्वासन दे रहे थे। अब इस संबंध में बात भी करो तो अधिकारी नौकरी छोड़ देने की बाते करते हैं। स्ट्रिंगरो का वेतन यहाँ 36सौ रुपये से शुरु है जो अधिकतम 9 हजार तक है।

कैनविज टाइम्स से जुड़े तारिक, रज़ा का जोश प्लस से इस्तीफा

पीलीभीत से सूचना है कि पत्रकार तारिक कुरैशी ने अपनी नई पारी की शुरुआत कैनविज टाइम्स के साथ की है। उन्हे पीलीभीत का नया ब्यूरो चीफ बनाया गया है। तारिक इससे पूर्व अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में सीनियर रिपोर्टर रह चुके हैं।

बांध परियोजना के नाम पर गांव उजड़ेंगे, करोड़ों के वारे-न्यारे होंगे तभी विकास की धारा बहेगी

PUNYA

जिस दिन वोट पड़ेंगे उस दिन हम उजड़ जायेंगे। कोई नेता, कोई मंत्री, कोई अधिकारी इस गांव में झांकने तक नहीं आता। छह महीने पहले तक गांव में हर कोई आता था। छह महीने पहले चुनावी बूथ भी गांव में बना था। छह महीने पहले मिट्टी की दीवार पर लगा पंतप्रधान नरेन्द्र मोदी का पोस्टर तो अभी भी चस्पा है। लेकिन पीढ़ियों से जिस मिट्टी की गोद पर सैकड़ों परिवार पले बढे उनके पास सिर्फ 15 अक्टूबर तक का वक्त है। हमारी खेती छिन गयी। हमारा घर गया। बच्चो को लगता है घूमने जाना है तो वह अपनी कॉपी किताब तक को बांध रहे हैं। बुजुर्गो को लगता है उनकी सांस ही छिन गयी।

दिग्विजय-अमृता की लीक तस्वीरों के मामले में गूगल ने क्राइम ब्रांच को सौंपी रिपोर्ट

 

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह और राज्यसभा चैनल की एंकर अमृता राय की निजी तस्वीरें सोशल मीडिया पर लीक होने के मामले में सर्च इंजन गूगल ने दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। गूगल ने बताया है कि फरवरी से मई तक अमृता के 1030 आइपी लॉग मिले हैं। इस अवधि के दौरान अमृता का ईमेल भारत के विभिन्न शहरों के अलावा विदेशों में 1030 बार खोला गया। अब क्राइम ब्रांच अमृता से इस संबंध में पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश करेगी कि जहां-जहां आइपी लॉग मिले हैं वे उस समय वहां थीं अथवा नहीं।

अब सहाराश्री को जेल में चाहिये फाइव स्टार सुविधाएं

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय ने तिहाड़ जेल में पुनः विशेष सुविधाओं की मांग की है जो उन्हें 30 सितंबर तक कोर्ट के आदेश से मिली थी। इसके लिए उनकी ओर से तिहाड़-प्रशासन को पत्र लिखा गया है। हालांकि तिहाड़ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना अदालत के आदेश के उस तरह की सुविधा नहीं दी जा सकतीं। रॉय ने कहा है कि होटल बेचने के लिए खरीदारों से बातचीत उन सुविधाओं के बिना संभव नहीं है। रॉय के अनुसार होटलों की बिक्री के लिए बातचीत लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। उक्त सौदों के लिए पहले उन्हें तिहाड़ में एसी कार्यालय, फोन, इंटरनेट और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधाएं दी गईं थी, जो बाद में वापस ले ली गईं।

सीबीआई रिपोर्ट में हुआ खुलासा, पत्रकार सुशील पाठक को दो पिस्तौलों से गोली मारी गयी थी

बिलासपुर। पत्रकार सुशील पाठक हत्याकाण्ड की जांच कर रही सीबीआई ने हाईकोर्ट में जवाब पेश कर दिया है। शपथ पत्र में सीबीआई ने कहा है कि जांच किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं है। रिश्वत लेने वाली जांच टीम को पूरी तरह बदल दिया गया है और नई टीम जांच कर रही है। अभी तक 78 लोगों के बयान हुए है और जांच ठोस स्थिति में है।

अर्जियों से लेकर अनशन में बीत गए सत्रह साल, विकलांग अध्यापक को नहीं मिली स्थायी नियुक्ति

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रविन्द्रपुरी स्थित सांसद/प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्रक सौंपते डॉ. केशव ओझा

वाराणसी। 17 साल के कड़वे अनुभवों को परे रखकर विकालांग अध्यापक डॉ. केशव ओझा ने बीते 8 सितंबर को जब प्रधानमंत्री मोदी के रविन्द्रपुरी कार्यालय पहुंच अपने अच्छे दिनों के लिए दस्तक देते हुए अर्जी दी थी तो शायद उन्हें नहीं मालूम था, कि सत्ता की सूरत भले ही बदल गयी हो पर सीरत नहीं बदली, महीना भर बीत जाने के बाद भी डॉ. ओझा का प्रार्थना प्रत्र सत्ता की अंधी गलियों में कही गुम हो कर रह गया है और डॉ. ओझा का संघर्ष वहीं का वहीं खड़ा है।

सुब्रत रॉय को हमले का डर, सुरक्षित जेल में शिफ्ट किए गए

नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय इन दिनों काफी डरे हुए हैं। उन्होंने जेल प्रशासन से कहा है कि उन्हें डर है कि कहीं कोई उन पर जानलेवा हमला न कर दे। उनके इसी डर को देखते हुए उन्हें जेल नंबर-3 से जेल नंबर-1 में शिफ्ट किया गया है। वहां उनकी सुरक्षा का रिव्यू करके सिक्युरिटी दी गई है।

नितिन का बीबीसी से इस्तीफा, माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े

बीबीसी के भारत संवाददाता नितिन श्रीवास्तव ने बीबीसी से इस्तीफा दे दिया है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में वे बीबीसी से कार्यमुक्त हो जाएंगे। नितिन पिछले आठ वर्षों से बीबीसी से जुड़े हुए थे।

गुहा जैसों की वजह से ही भागवत पहले भी खबर थे और आगे भी बने रहेंगे

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उम्मीद नहीं थी कि इतिहासकार राम चन्द्र गुहा आरएसएस की खिलाफत के लिए इतना कमजोर दांव खेलेंगे। उन्हें दूरदर्शन पर मोहन भागवत के भाषण दिखाने पर आपत्ति है। वे कहते कि आरएसएस कम्यूनल है। लगे हाथ मोहन भागवत की तुलना इमामों और पादरियों से कर बैठे। तो क्या वे कहना चाहते कि इस देश के इमाम और पादरी कम्यूनल होते हैं?

अमेठी में हरा पेड़ काटने का रेट फिक्स है, 2000 रुपये पिकअप, 4000 रुपये ट्राली

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अमेठी जिले के गाँव ओटिया, पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज के नफीस खान ने अपने गाँव में एक हरा पेड़ कटता देखा एएसपी अमेठी मुन्ना लाल को 03 अक्टूबर को सूचित किया जिसके बाद पुलिस ठेकेदार ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ को पकड़ कर ले गयी, जो चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा को 15,000 रुपये दे कर छूट गया.

संतुलित जीवनशैली और खान-पान अपना कर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है: डॉ. अमित अग्रवाल

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हंसना कैंसर से लड़ रहे या निजात पा चुके लोगो के लिए आवश्यक है

बीएलके हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर एवं कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर अमित अग्रवाल ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ब्रैस्ट कैंसर वर्कशॉप सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार में मुंबई की ममता गोयनका बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थीं, जो खुद एक ब्रैस्ट कैंसर सर्वाइवर है। इस सेमिनार में डॉ. अग्रवाल के उपचार से ठीक हुए लगभग 100 से अधिक मरीज़ भी मौजूद थे, जिन्होंने आपस में अपनी समस्याओ को एक दूसरे से साझा किया तथा अपनी समस्याओ के बारे में डॉ. अमित अग्रवाल से सलाह ली।

ईरान सरकार ने वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार की पत्नी को रिहा किया

तेहरान ने एक ईरानी महिला पत्रकार को रिहा कर दिया है। उन्हें बीती जुलाई से उनके पत्रकार पति के साथ हिरासत में रखा गया था, जो वॉशिंगटन पोस्ट के लिए तेहरान में ब्यूरो चीफ के तौर पर कार्यरत थे।

जेण्डर संवेदनशीलता पर ‘लाडली मीडिया अवार्ड, 2013-14’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

भोपाल। पॉपुलेशन फर्स्ट द्वारा जेंडर संवेदनशीलता पर छठवें लाडली मीडिया एवं विज्ञापन अवार्ड, 2013-14 उत्तर क्षेत्र, के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। यूएनएफपीए के समर्थन से इन राष्ट्रीय पुरस्कारों में प्रिंट मीडिया, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो, वेब मीडिया से संस्थागत या स्वतंत्र रूप से जुड़े वह सभी प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने न्यूज़ फीचर, खोजपरक रिपोर्ट, संपादकीय, आलेख, विज्ञापन, ई-मैगजीन, ब्लॉग, वेब ग्रुप्स, सोशल मीडिया कैम्पेन, डाक्यूमेंट्री, धारावाहिक, रेडियो नाटक, टॉपिक्स एवं मुद्दों पर आधारित कार्यक्रम के माध्यम से लिंग आधारित भेदभाव को चुनौती देते हुए विभिन्न मुद्दों को उठाया तथा बालिकाओं की सकारात्मक छवि चित्रित की है।

जब निजी चैनल भागवत के संबोधन का सजीव प्रसारण कर सकते हैं तो दूरदर्शन क्यों नहीं: जावड़ेकर

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नई दिल्ली: कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि जावड़ेकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के भाषण का नागपुर से सीधा प्रसारण दिखाने के लिए दूरदर्शन को मजबूर किया था।