उपजा फैजाबाद की नयी कार्यकारिणी गठित, कृपा शंकर अध्यक्ष बने

फैजाबाद प्रेस क्लब में उ०प्र० जर्नलिस्ट एसोसिएशन की जिला इकाई के वार्षिक अधिवेशन में नयी समिति का गठन हुआ. अध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से वरिष्ठ पत्रकार कृपाशंकर पाण्डेय और महामंत्री पद के लिए लगातार दूसरी बार कमलेश श्रीवास्तव के नाम पर मुहर लगी.

ट्रेन में चाय बेचने से लेकर 7 रेसकोर्स तक का सफरः नरेंद्र मोदी- एक शोध

कुलदीप सिंह राघव अपनी पीढी के उभरते लेखक हैं. हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन काल पर एक छोटे-मोटे शोध प्रबंध जैसी एक किताब लिखी है. किताब भारतीय जनता पार्टी और संघ के स्वयं सेवकों में कितनी लोक प्रिय होगी इसका जायजा तब ही हो जाता है जब पूर्व सासंद राजनाथ सिंह …

बिक्रम मजीठिया को सम्मन भेजने की सजा कोलकाता ट्रांस्फर…!

गठबंधन का फायदा किसी राजनीतिक परिवार को सीखना हो तो उसे पंजाब जाना चाहिए. पंजाब सरकार के हालिया ठेकेदार बादल पिता-पुत्र ने गठबंधन की राजनीति के नफे-नुकसान का बड़ा अच्छा उदाहरण पेश किया है. बताया जा रहा है कि ‘बादलों’ के दबाव में प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के रेवेन्यु मिनिस्टर बिक्रम मजीठिया पर लगे आरोपों की जांच कर रहे अधिकारी को कोलकाता ट्रांस्फर कर दिया है.

सिल्वर स्क्रीन पर अब ‘मंडल’ की कहानी

देश में जब जातिगत राजनीति अपने चरम पर है तब निर्देशक सागर सहाय अपनी फीचर फिल्म ‘मंडल’ लेकर आ रहे हैं. जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि, ‘मंडल’ भारत में जाति आधारित आरक्षण की विवादास्पद नीति पर एक सामाजिक-राजनीतिक फिल्म है.

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में मनायी गयी विवेकानन्द की जयंती

भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानन्द की जयंती को युवा दिवस के रूप मनाया गया. इस अवसर पर अमरीका से आए डॉ. सुदेश अग्रवाल ने वैज्ञानिकों को विज्ञान की भाषा में अध्यात्म सिखाने की बीड़ा स्वामी विवेकानंद ने ही उठाया था.

पत्रकारों की खुद लिखी किताबों का पीसीआई में मेला

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में पहली बार तीन दिवसीय पुस्तक मेले का शुभारंभ हुआ। रविवार तक चलने वाले इस आयोजन में शिल्पायन, राजकमल, भारतीय ज्ञानपीठ, वाणी प्रकाशन, पेंग्विन, नेशनल बुक ट्रस्ट, साहित्य अकादमी, सुरेंद्र कुमार एंड संस, राजपाल एंड संस आदि प्रमुख प्रकाशनों ने हिस्सा लिया।

उपजा ने मांगा पीजीआई में फ्री इलाज तो एआईआरए बोली मत करो बिरादरी के टुकड़े, स्टिंगरों को भी देखो

उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (उपजा) की लखनऊ इकाई के अध्यक्ष अरविंद शुक्ला के एक पत्र से पत्रकार बिरादरी में असंतोष फैल रहा है. ऑल इंडिया रिपोर्टर्स एसोसिएशन (एआईआरए) के महामंत्री एमके त्रिपाठी का कहना है कि अरविंद शुक्ला पत्रकारों के परिजनों को स्वास्थ्य एंव चिकित्सा सुविधा दिलाए जाने के नाम पर पत्रकारों को बड़ा-छोटा या अगड़ा-पिछडा जैसे वर्गों में विभाजित कर रहे हैं.

अब वाड्रा के हंटर पर डांस करेंगे बड़का टीवी संपदक !!

खबर आ रही है कि नवीन जिंदल की तर्ज पर कोई वाड्रा भी चैनल ला रहे हैं. मीडियी की शतरंज में नवीन जिंदल तो सीधे मीडिया में कूदे थे लेकिन वाड्रा एक मोहरे को आगे रख कर आगे बढ. रहे हैं. खबर सही मानने की कई वजह बतायी जा रही हैं. कौन सी वजह सही …

एनडीटीवी इंडिया अब साउथ अफ्रीका में भी

एनडीटीवी भले ही हिन्दुस्तानी दर्शकों के बीच अच्छी पैठ न बना पाया हो इसके बावजूद उसने साउथ अफ्रीका में दो चैनलों को अफ्रीकन केबल टेलीविजन नेटवर्क पर ऑन एयर कर दिया है। यह दोनों चैनल एनडीटीवी इंडिया और एनडीटीवी प्रोफिट प्राइम शामिल है। अफ्रीकन केबल टेलीविजन नेटवर्क का खास तौर पर खासा दबदबा है। माना …

अरुण अग्रवाल आईटीवी लौटे, प्रदीप परमेश्वरन बने डेन के सीईओ

कुछ समय तक एनडीटीवी के साथ रहने और ओवरसीज प्रोजेक्ट पूरे करने के बाद अरुण अग्रवाल फिर से कार्तिक शर्मा के आईटीवी नेटवर्क के साथ जुड़ गये हैं. अरुण पहले भी आईटीवी नेटवर्क में सीएफओ के पद पर कार्यरत थे। कार्तिक शर्मा उन्हें फिर से उसी जिम्मेदारी पर लेकर आये हैं. अरुण अग्रवाल जी मीडिया …

ज्वलंत स्वरूप बने साकाल मीडिया समूह के सीईओ

ओशो याना कंसलटेंट्स के सीईओ ज्वलंत स्वरूप ने साकाल मीडिया समूह ज्वाइन कर लिया है. वे यहां भी सीईओ बनाये गये हैं और साकाल के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों मीडिया को देखेंगे. ज्वलंत स्वरूप को मीडिया का काफी लंबा अनुभव है. वो महाराष्ट्र के मीडिया समूह लोकमत से लगभग 20 साल तक जुड़े  रहने के …

मोदी नाखुश, सुषमा कैंप पर आरोप- मीडिया तक पहुंचाया नये विदेश सचिव की नियुक्ति का मामला !!!

भारत की सत्ता के साउथ ब्लाक में कानाफूसी है कि मोदी अपनी विदेश मंत्री सुषमा से नाराज़ है. उनकी नाराजगी नये विदेश सचिव की नियुक्ति पर उठे सवालों को मीडिया तक पहुंचाने पर है. मोदी और उनके सलाहकार चाहते हैं कि विदेश सचिव के पद पर सुब्रहमण्यम जयशंकर को नियुक्त किया जाये.

सुनंदा हत्याकांड : मीडिया के कुछ वरिष्ठ लोग कर रहे हैं संदिग्ध को बचाने की लायजनिंग!

कानाफूसी चौकाने वाली है. सुनंदा पुष्कर की हत्या के कथित संदिग्धों में से एक की लायजनिंग इंडियन मीडिया के बडे ‘शर्माज़’ ने शुरू कर दी है. इनमें से ‘एक शर्मा’ पहले कांग्रेसी नेता शशि थरूर को मोदी कैंप के नजदीक लाने की कोशिश कर चुके हैं. बताया गया है कि इन ‘शर्माज़’  का प्रयास कथित संदिग्ध को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से बचाने और सत्ता पक्ष की रहमदिली और नरमदिली का फायदा दिलाने की है.

दिल्ली पुलिस को मुहब्बत… वो भी झुग्गियों और कूड़ा बीनने वालों से ?

लगता है कि दिल्ली में फुटपाथिये, कूड़ा बीनने वाले और झु्ग्गियों में रहने वालों के दिन जरूर फिर गये हैं. दिल्ली पुलिस को झुग्गियों और कूड़ा बीनने वालों से मुहब्बत हो गयी है.  हालांकि ये चार दिन की चांदनी जैसी बात हो सकती है फिर भी फुटपाथिये, कूड़ा बीनने वाले और झुग्गियों में रहने वाले आजकल दिल्ली पुलिस के माई-बाप बने हुए हैं. दिल्ली पुलिस के सामान्य सिपाही से लेकर आला अफसर तक झुग्गी वालों के पास पहुंच रहे हैं. उनकी मान-मनुहार कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस इन सभी का दिल जीत लेना चाहती है.

जी़ मीडिया को मिलेगा मोदी का भोंपू बजाने का ‘मीठा’ फल

लोक सभा और हाल ही में हुए विधान सभा चुनावों में मोदी का भोंपू बजाने का मीठा फल  जी मीडिया कार्पोरेशन को मिलने जा रहा है. हरियाणा के विधानसभा चुनाव में तो जी मीडिया कार्पोरेशन के चेयरमेन सुभाष चन्द्रा ने तो भजपा की चुनावी रैलियों में भी हिस्सा लिया था.

संकिसा स्तूप के संबंध में झूठी और भ्रामक खबरें प्रकाशित करता है दैनिक जागरण, बुद्ध के अनुयायियों में रोष

फर्रूखाबाद। विश्व विख्यात कहे जाने वाले दैनिक जागरण, कानपुर के समाचार पत्र ने झूठी खबर प्रकाशित कर विश्व गुरू भगवान बुद्ध व उनके समर्थकों का घोर अपमान किया है। इससे बौद्धों में जबरदस्त रोष व्याप्त हो गया है। झूठी खबर का खंडन प्रकाशित न करने पर बौद्धों ने दैनिक जागरण के विरूद्ध मानहानि का मुकदमा दायर करने की रणनीति बनाई है। संकिसा मुक्ति संघर्ष समिति के संयोजक कामरेड कर्मवीर शाक्य ने दैनिक जागरण में प्रकाशित झूठी खबरों पर नाराजगी जाहिर करते हुये बताया कि आगाह करने के बाबजूद भी दैनिक जागरण ने बीते दिनों संकिसा महोत्सव सम्बंधी समाचार में भगवान बुद्ध के स्तूप को टीला एवं स्तूप परिसर में सम्राट अशोक महान के द्वारा निर्मित कराये गये राष्ट्रीय चिन्ह स्तम्भ को हाथी मंदिर बताया है।

विचारों को स्थाई रूप देते-देते एक आईपीएस अफसर बन गया साहित्यकार

वरिष्ठ आपीएस अधिकारी सतीश शुक्ल की एक और कृति बाजार में आई है। दो दर्जन छोटी छोटी कहानियों के संग्रह के साथ ‘लड़की जीत गई’ नाम से उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में पहली बार कदम रखा। इसके ठीक एक साल बाद ‘इत्ती सी बात’ नाम का एक लघु उपन्यास हाल ही में प्रकाशित हुआ है। पिछली बार से सबक लेते हुए इस बार उनकी कृति को पढ़कर यह नहीं लगता कि पुलिस की व्यस्त नौकरी करने वाला एक अधिकारी इस तरह का साहित्य सृजन कर सकता है। ‘इत्ती सी बात’ से सतीश शुक्ल ने खुद को मंझे हुए कलमची की फेहरिस्त में शामिल कर लिया है। उपन्यास में उन्होंने गहराई में उतरकर दो दोस्तों के बीच की मुक़दमेबाजी का खूबसूरत अंदाज में वर्णन किया है।

अमर उजाला के ब्यूरो चीफ को अंग्रजी से बहुत प्यार हैं इसलिए हिन्दी लेखों में अंग्रेजी हेडिंग घुसेड़ देते हैं

आठ अक्टूबर को हिन्दी के प्रमुख स्तंभकार और साहित्य मनीषी आचार्य रामचन्द्र शुक्ल की जयंती थी। आचार्य शुक्ल हिन्दी के कवि थे। उनका ज्यादातर जीवन मीरजापुर जिले में बीता। यहां पर उनका पैतृक आवास भी है जहां पर उनके पौत्र रहते है। पर यहां चिंता की बात बड़े अखबार के बड़े पत्रकारों के लेखनी की है। जो हिन्दी अखबार में अंग्रेजी को ऐसे घुसेड़ते हैं जैसे कि वह अंग्रेजी का अखबार हो और उनका पाठक अंग्रेजी मर्मज्ञ हैं।

mirzapur

आर्थिक संकट से जूझ रहे पर्ल्स ग्रुप के सभी चैनल ठप, गबन के आरोपी निदेशक की वापसी से कर्मचारियों में नाराज़गी

P7 1

कहते है डूबती नाव को बचाना बहुत ही मुश्किल होता है और कुछ ऐसा ही इनदिनों हो रहा है पर्ल्स ग्रुप के साथ। पर्ल्स ग्रुप की शुक्रवार और बिंदिया जैसी नामी मैगज़ीन बंद होने के बाद अब पी7 की बारी है। चैनल इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है क्योंकि सेबी के चाबुक के बाद पर्ल्स ग्रुप को निवेशकों का 50000 करोड़ रुपये की रकम चुकानी है। चैनल के कर्मचारियों ने बगावती सुर अपनाते हुए जुलाई से सैलरी न मिलने पर मामले को लेकर लेबर कमिश्नर का दरवाज़ा खटखटाया है और अब सैलरी टाइम से न मिलने पर चैनल के कर्मचारियों ने चैनल के काम-काज को ठप करते हुए चैनल को फ्रिज कर दिया।

महाराष्ट्र चुनाव में वोटरों के सामने से मुद्दे गायब हैं, बीजेपी-शिवसेना का मनमुटाव हावी है

3 जनवरी 1969 को पहली बार नागपुर में बालासाहेब ठाकरे की मुलाकात तत्कालीन सरसंघचालक गुरु गोलवरकर और सरकार्यवाहक देवरस से हुई थी। उस वक्त बालासाहेब ठाकरे बंबई से गये तो थे नागपुर विघापीठ में विघार्थी संघ के सम्मेलन में भाषण देने। लेकिन सीपीएम की धमकी की ठाकरे नागपुर से जिन्दा वापस लौट नहीं पायेगें के बाद ही संघ हरकत में आया और नागपुर के महाल के टाउन हाउन में एक हजार स्वयंसेवक ठाकरे की सुरक्षा के लिये दर्शक बनकर बैठ गये। उस वक्त ठाकरे के साथ प्रमोद नवलकर, सुधीर जोशी और मनमोहर जोशी समेत 12 शिवसैनिक ठाकरे के बाडीगार्ड बन कर गये थे। और 45 बरस पहले टाउन हाल में दिये भाषण में ठाकरे ने जिस अंदाज में मराठी मानुष से लेकर हिन्दुराष्ट्रवाद का जिक्र किया उसके बाद से आरएसएस को कभी लगा ही नहीं बालासाहेब ठाकरे संघ के स्वयंसेवक नहीं हैं।

बिना पूर्व सूचना दाम बढ़ाने पर हॉकर संघ ने जागरण के खिलाफ खोला मोर्चा

gonda

गोंडा। श्रमजीवी समाचार पत्र सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुधीर यादव ने स्थानीय गांधी पार्क में हुई बैठक के दौरान बताया कि दैनिक जागरण द्वारा शनिवार एवं रविवार को पेपर का रेट 5 रूपये किये जाने के कारण सभी वितरकों ने निर्णय लिया है कि पेपर का रेट प्रतिदिन 5 रूपये किया जाय यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो आने वाले शनिवार एवं रविवार को दैनिक जागरण का वितरण नहीं किया जायेगा। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यदि सभी वितरकों को एक-एक चांदी का सिक्का एवं एक-एक साइकिल नहीं दी जायेगी तो दिपावली के दिन से सभी समाचार पत्रों का वितरण बन्द कर दिया जायेगा।

सरकारी एजेंट के रूप में काम कर रहा प्रभात ख़बर, सच कहने वाले ब्रजवाशी को कर रहा टार्चर

‘जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो क्या होगा.’ कल इंटरनेट पोर्टल पर सूबे के 4 लाख नियोजित शिक्षकों को भ्रामक जानकारी देने वाली खबर क्या छपी. प्रभात खबर ने अपनी गलती नहीं सुधारी. उल्टे मुजफ्फरपुर संस्करण के रिपोर्टर के द्वारा प्रबंधन के ईशारे पर परिवर्तन प्रारंभिक शिक्षक संघ, बिहार के अध्यक्ष वंशीधर ब्रजवाशी को भी परेशान किया जा रहा है.

घपलों-घोटालों और कैलाश सत्यार्थी का चोली-दामन का साथ रहा है, नोबेल मिलना कुशल मीडिया मैनेजमेंट का नतीजा है

वर्ष 2006 में कैलाश सत्यार्थी पहली बार नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित हुए थे। उस वक्त हिंदी साप्ताहिक अख़बार द संडे पोस्ट ने उनके काम, व्यक्तित्व, विवाद और जीवन के आयामों का जायजा लेते हुए एक स्पेशल रिपोर्ट प्रकाशित की थी। यह रिपोर्ट इस वर्ष के नोबल शांति पुरस्कार के विजेता कैलाश सत्यार्थी के काम की जांच करते हुए उनके जिस रूप को सामने लाती है वह इस पुरस्कार के विजेता को कठघरे में खड़ा करने के साथ पुरस्कार की चयन प्रक्रिया को ही विवादित बना देता है। और ऐसा शायद पहली ही बार हुआ है कि इतने बड़े सम्मान से एक भारतीय के सम्मानित होने पर भी प्रशंसा से अधिक सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसा क्यों हो रहा है इसे जानने के लिए पढ़िए स्पेशल  रिपोर्ट-

फॉरवर्ड प्रेस एक व्यावसायिक पत्रिका है और अभी तक इसी दक्षिणपंथी सरकार में राजनीतिक स्पेस खोज रही थी

आज से कोई साढ़े आठ साल पहले यानी 2006 के फरवरी में ”सीनियर इंडिया” नाम की व्‍यावसायिक पाक्षिक पत्रिका पर छापा पड़ा था। विवादास्‍पद अंक ज़ब्‍त कर लिया गया था। संपादक आलोक तोमर समेत प्रकाशक को जेल हुई थी। आरोप था कि पत्रिका ने डेनमार्क के कार्टूनिस्‍ट का बनाया मोहम्‍मद साहब का कथित विवादित कार्टून छापा है जिससे कुछ लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। सच्‍चाई यह थी कि उस वक्‍त दुनिया भर में चर्चित इस कार्टून पर पत्रिका ने एक कोने में करीब दो सौ शब्‍द की अनिवार्य टिप्‍पणी की थी जिसके साथ कार्टून का एक थम्‍बनेल प्रकाशित था, जिसे आधार बनाकर दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर ने अपने ही सिपाही से पत्रिका के खिलाफ एक एफआइआर इसलिए करवा दी क्‍योंकि दो अंकों से पत्रिका की आवरण कथा कमिश्‍नर के खिलाफ़ छप रही थी जिसे मैंने और अवतंस चित्रांश ने संयुक्‍त रूप से अपने नाम से लिखा था। स्‍पष्‍टत: यह दिल्‍ली पुलिस द्वारा बदले की कार्रवाई थी, लिहाज़ा प्रभाष जोशी से लेकर राहुल देव तक पूरी पत्रकार बिरादरी का आलोकजी के समर्थन में उतर आना बिल्‍कुल न्‍यायसंगत था।

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश, दो माह के भीतर देना होगा मजीठिया वेतनमान

मजीठिया वेतन बोर्ड की सिफारिशों को लागू ने करने संबंधी अवमानना के तीन मामलों की सुनवाई करते हुए माननीय सुप्रीम कोर्ट के न्‍यायमूर्ति रंजन गोगोई और न्‍यायमूर्ति रोहिंगटन एफ नरिमन की खंडपीठ ने सोमवार को ऐतिहासिक आदेश दिया। जैसे ही तीनों मामले उनके समक्ष सुनवाई के लिए पेश किए गए। उन्‍होंने वरिष्‍ठ वकील श्री कोलिन गोंजाल्विस से इस संबंध में पूछा।

सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया मालिकों से मजीठिया लागू करने को कहा, अन्यथा होगी कार्यवाही

मजीठिया के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है। 13 अक्टूबर को अवमानना याचिकाओं की सुनवायी करते हुए कोर्ट ने सभी मामलों को दो महीने के बाद लिस्ट करने का आदेश दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि यदि प्रतिवादियों भास्कर, जागरण और इंडियन एक्सप्रेस ने मजीठिया वेज बोर्ड से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया है तो इस दो महीने की अवधि के दौरान अनुपालन सुनिशचित करें अन्यथा विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।

एआईआर ने 37 ज्ञानवाणी एफएम स्टेशनों को बंद किया

ऑल इंडिया रेडिया ने अपने 37 ज्ञानवाणी शैक्षणिक एफएम स्टेशनों को बंद कर दिया है। इन स्टेशनों का उपयोग इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विवि (इग्नू) के शैक्षणिक कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए किया जाता था। स्टेशनों को बंद करने का कराण इग्नू द्वारा बकाया रकम का न चुकाया जाना बताया जा रहा है।

500 एआईआर कर्मियों को चार महीनों से नहीं मिला वेतन, यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज़ उठाने की मिल रही सज़ा

नई दिल्ली। ऑल इंडिया रेडियो के करीब 500 कर्मचारियों के लिए आने वाली दीपावली काली हो सकती है। एफएम गोल्ड, एफएम रेनबो और अन्य रेडियो स्टेशनों के रेडियो जॉकियों, प्रस्तोताओं और अन्य कर्मचारियों को पिछले चार महीनो से वेतन नहीं मिला है। इन सबके वेतन की करीब एक करोड़ रुपए की रकम जून से बकाया है लेकिन इस देरी का कोई भी संतोषजनक कारण नहीं बताया जा रहा है।

शिक्षक से उठक-बैठक करवाना आपराधिक कृत्य, दुर्गा शक्ति के पति की मानवाधिकार आयोग को शिकायत

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर ने आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के पति अभिषेक सिंह द्वारा शिक्षक फौरन सिंह से उठक-बैठक करवाने को आपराधिक कृत्य बताते हुए इस सम्बन्ध में कार्यवाही किये जाने की मांग की है.