अमेठी में हरा पेड़ काटने का रेट फिक्स है, 2000 रुपये पिकअप, 4000 रुपये ट्राली

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अमेठी जिले के गाँव ओटिया, पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज के नफीस खान ने अपने गाँव में एक हरा पेड़ कटता देखा एएसपी अमेठी मुन्ना लाल को 03 अक्टूबर को सूचित किया जिसके बाद पुलिस ठेकेदार ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ को पकड़ कर ले गयी, जो चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा को 15,000 रुपये दे कर छूट गया.

तजऊ ने पुलिस द्वारा नफीस का नाम बताने पर फोन पर उसे भला-बुरा कहा. नफीस ने एसपी अमेठी हीरा लाल को पूरी बात बतायी तो एसपी ने कार्यवाही करने की जगह उल्टा कहा कि आप ये सब बात मुझे क्यों बता रहे हैं, यह भी कहा कि इस सब से आपको क्या मिलता है.

अत्यंत मायूसी की दशा में नफीस ने आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन कर पूरी बात बतायी और मौके के फोटो भेजे. ठाकुर ने आईजी ज़ोन लखनऊ को फोन पर पूरी बात बताते हुए उन्हें लिखित शिकायत भेजी.

आज अमिताभ ठाकुर ने मौके पर जा कर अपने स्तर से जांच की तो उपरोक्त बातों के अलावा गांववालों ने यह भी बताया कि अमेठी में हरा पेड़ काटने का तय रेट है दो हज़ार रुपये प्रति पिकअप और चार हज़ार रुपये ट्राली, जो पेड़ कटने के पहले पुलिस के पास पहुँच जाना चाहिए.

नफीस खान ने बताया कि चौकी इंचार्ज ने एसपी अमेठी द्वारा डांट लगाए जाने के बाद कई माध्यम से ठेकेदार का पैसा लौटाते हुए मामला समाप्त करने की पेशकश की है. अभी तक मामले में कोई अन्य कार्यवाही नहीं हुई है. ठाकुर ने कहा है कि वे इन सभी साक्ष्यों के साथ अब प्रदेश के डीजीपी से मिलकर उचित कार्यवाही की मांग करेंगे.

 

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संतुलित जीवनशैली और खान-पान अपना कर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है: डॉ. अमित अग्रवाल

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हंसना कैंसर से लड़ रहे या निजात पा चुके लोगो के लिए आवश्यक है

बीएलके हॉस्पिटल के सीनियर डॉक्टर एवं कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर अमित अग्रवाल ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ब्रैस्ट कैंसर वर्कशॉप सेमिनार आयोजित किया। इस सेमिनार में मुंबई की ममता गोयनका बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थीं, जो खुद एक ब्रैस्ट कैंसर सर्वाइवर है। इस सेमिनार में डॉ. अग्रवाल के उपचार से ठीक हुए लगभग 100 से अधिक मरीज़ भी मौजूद थे, जिन्होंने आपस में अपनी समस्याओ को एक दूसरे से साझा किया तथा अपनी समस्याओ के बारे में डॉ. अमित अग्रवाल से सलाह ली। Continue reading

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ईरान सरकार ने वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार की पत्नी को रिहा किया

तेहरान ने एक ईरानी महिला पत्रकार को रिहा कर दिया है। उन्हें बीती जुलाई से उनके पत्रकार पति के साथ हिरासत में रखा गया था, जो वॉशिंगटन पोस्ट के लिए तेहरान में ब्यूरो चीफ के तौर पर कार्यरत थे।

वॉशिंगटन पोस्ट ने महिला के देवर के हवाले से खबर दी है कि पिछले सप्ताह के मध्य में यगनेह सलेही को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। महिला सप्ताह के अंत में अमेरिका और ईरान की नागरिकता वाले अपने पति जेसन रेजैन से मिल सकती हैं। पत्रकार ने अपने भाई को बताया कि 2 महीने से अधिक समय तक जेल में रहने के बावजूद वे दोनों शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं।

जेसन रेजैन को हाई ब्लड प्रेशर है जिसके लिए उन्हें रोजाना दवा लेनी पड़ती है। सलेही ने हिरासत पर चर्चा करने से मना कर दिया है। हिरासत में लिए जाने के बाद ईरान ने उनकी प्रेस मान्यता रद्द कर दी है। उनके परिवार ने एक बयान में कहा है कि यगनेह सलेही को जमानत पर रिहा करने को लेकर हम लोग शुक्रगुजार हैं।

उन्होंने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि जेसन ने कोई अपराध नहीं किया है। हम लोग ईरानी सरकार से अनुरोध करते हैं जेसन को भी रिहा कर दिया जाए।

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जेण्डर संवेदनशीलता पर ‘लाडली मीडिया अवार्ड, 2013-14’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित

भोपाल। पॉपुलेशन फर्स्ट द्वारा जेंडर संवेदनशीलता पर छठवें लाडली मीडिया एवं विज्ञापन अवार्ड, 2013-14 उत्तर क्षेत्र, के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं। यूएनएफपीए के समर्थन से इन राष्ट्रीय पुरस्कारों में प्रिंट मीडिया, विज्ञापन, टेलीविजन, रेडियो, वेब मीडिया से संस्थागत या स्वतंत्र रूप से जुड़े वह सभी प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं, जिन्होंने न्यूज़ फीचर, खोजपरक रिपोर्ट, संपादकीय, आलेख, विज्ञापन, ई-मैगजीन, ब्लॉग, वेब ग्रुप्स, सोशल मीडिया कैम्पेन, डाक्यूमेंट्री, धारावाहिक, रेडियो नाटक, टॉपिक्स एवं मुद्दों पर आधारित कार्यक्रम के माध्यम से लिंग आधारित भेदभाव को चुनौती देते हुए विभिन्न मुद्दों को उठाया तथा बालिकाओं की सकारात्मक छवि चित्रित की है।

आवेदन के लिए वे सभी प्रविष्ठियां मान्य होंगी, जो 1 जुलाई 2013 से 30 जून 2014 के बीच प्रकाशित, प्रसारित हुई हों। उत्तरी क्षेत्र के लिए प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर, 2014 है। उत्तरी क्षेत्र के पुरस्कार चंडीगढ़, छतीसगढ़. दिल्ली, हरियाणा हिमाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर, मध्यप्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड के विज्ञापन तथा मीडिया के प्रोफेशनल्स,/फ्रीलांसर्स को दिए जाते हैं। उत्तरी क्षेत्र का पुरस्कार वितरण समारोह दिसंबर माह में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में प्रस्तावित है। प्रविष्टि फार्म पापुलेशन फर्स्ट की वेवसाइट  www.populationfirst.org से डाउनलोड किया जा सकता है।

लाडली मीडिया अवार्ड की पात्रता के लिए संतुलित प्रस्तुतिकरण के निम्न मापदंड निर्धारित किये गए हैं। इसके तहत कार्यक्रमों और कानूनों का लैंगिंक दृष्टिकोण से विश्लेषण करना, पुरुषों और महिलाओं को केन्द्रित करते हुए लैंगिक रूढि़वादिता को चुनौती देना, जिससे लैंगिक समीकरणों को पुनर्परिभाषित किया जा सके।

उदाहरण के लिए पुरुषों और महिलाओं की बदलती कार्य पद्धति, घरों में पुरूषों और महिलाओं का कार्यवितरण इत्यादि। इसके साथ ही उन सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारकों का विश्लेषण करना, जिससे लैंगिक असमानता और लैंगिक हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। जन्म से पहले लिंग चुनाव के बारे में जागरूकता निर्माण, लैंगिक हिंसा के शिकार लोगों के अनुभवों को बयान करना, जेण्डर को प्रभावित करने वाली आपदा, साम्प्रदायिक दंगे, खेल की घटना, थर्ड जेण्डर के बारे में संतुलित प्रस्तुतिकरण को मापदंड माना गया है।

मप्र-छत्तीसगढ़ की प्रविष्टियों के लिए समन्वयक कुमुद सिंह से संपर्क कर सकते हैं। मप्र-छतीसगढ़ राज्यों के मीडिया प्रोफेशनल्स हिन्दी, उर्दू, अंग्रेजी में अपनी प्रविष्टियां इस पते पर भेजें :- सुश्री कुमुद सिंह, ए-31, फ्लैट नंबर-102, सेवॉय अपार्टमेंट, हाउसिंग बोर्ड कालोनी, कोहेफिजा, भोपाल- 462001

अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर-9926311225 और ई-मेल sarokarzindagi@gmail.com पर संपर्क किया जा सकता है।

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जब निजी चैनल भागवत के संबोधन का सजीव प्रसारण कर सकते हैं तो दूरदर्शन क्यों नहीं: जावड़ेकर

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नई दिल्ली: कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं ने रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन कर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि जावड़ेकर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत के भाषण का नागपुर से सीधा प्रसारण दिखाने के लिए दूरदर्शन को मजबूर किया था।

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे पार्टी कार्यकर्ताओं को मध्य दिल्ली स्थित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय के बाहर उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब उन्होंने दूरदर्शन कार्यालय की तरफ मार्च करने की कोशिश की।

लवली ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘सरकार दूरदर्शन को मजबूर कर रही है कि वह भगवाकरण के आरएसएस के एजेंडा का प्रसार करे। कांग्रेस पार्टी यह बर्दाश्त नहीं करेगी और हम सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे की मांग करते हैं।’

वहीं नागपुर में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दूरदर्शन पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के संबोधन के सजीव प्रसारण का बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया को व्यावसायिकता सिखाना चाहती है। प्रेसवार्ता में एक सवाल के जवाब में जावड़ेकर ने कहा कि दूरदर्शन एक स्वायत्त संगठन है और हमारा इसकी कार्यप्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं है।

भाजपा इसका यह कहकर बचाव किया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने देशभक्ति में वास्तविक तौर पर योगदान दिया है और उसके दर्शन में सभी के लिए न्याय शामिल है। कांग्रेस और माकपा की आलोचना पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने दूरदर्शन पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। उन्होंने सवाल किया कि जब निजी चैनल भागवत के संबोधन का सजीव प्रसारण कर रहे थे, तो दूरदर्शन के इसे दिखाने में क्या बुराई थी।

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हटा विधायक के देवर ने घटना कवर कर रहे पत्रकार को बुरी तरह पीटा, कैमरा छीना

हटा/दमोह। हटा विधायक के देवर गिरीश खटीक और उनके साथियों ने शनिवार की रात शराब पीकर हटा थाने में जमकर हंगामा मचाया और आरक्षक से मारपीट और अभद्रता की। विधायक के देवर ने इस घटना की कवरेज कर रहे पत्रकार को भी पीटा और उसका कैमरा छीन लिया। दुर्गा चल समारोह के दौरान एक व्यक्ति से पुलिस द्वारा तलवार जब्त करना हटा विधायक उमादेवी खटीक के देवर को इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने हटा थाने में जाकर हंगामा मचाना शुरू कर दिया और पुलिस के साथ अभद्रता करते हुए तलवार वापस करने पर अड़ गए।

पुलिस ने आरोपी गिरीश खटीक व उनके साथियों पर धारा 353, 332, 294, 147, 148, 149, 506बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरु कर दी है।

स्थानीय पत्रकार रामकृष्ण चक्रतर्वी रात करीब डेढ़ बजे हटा थाने के अंदर हो रहे घटनाक्रम की कैमरे से कवरेज कर रहे थे तो गिरीश ने गालियां देना शुरू कर दी। इसी दौरान विधायक के पति लालचंद खटीक व भाजपा नेता अपने भाई हरि खटीक, पप्पू वर्म, कमलेश साहू, अंकेश खटीक पिता टीकाराम खटीक सहित अन्य करीब बीस लोगों के साथ थाने पहुंचे और कैमरे से कवरेज करते देख भड़क उठे और अपने साथियों के साथ पत्रकार जान से मारने की धमकी देने लगे। विधायक के पति की बात सुनकर उनके साथियों ने पत्रकार बुरी तरह मारा।

पुलिस ने पत्रकार को किसी तरह बचा लिया। इतना ही नहीं जब पत्रकार अपने घर जाने लगा तहसील कचहरी के सामने लालचंद खटीक भाजपा नेता उनके भाई व दो दर्जन उनके साथियों ने पुनः घेर लिया और बुरी तरह मारते हुए कैमरा छीन लिया और धमकी दी गई कि अगर इस घटना कि पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई तो तुम्हें जान से खत्म करवा देंगे।

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पत्रकार को जबरन पकड़ कर पुलिस लाइन ले जाने पर रेंढ़र एसओ निलंबित

उरई: दो किशोरियों की हत्या के बाद पुलिस के खिलाफ हुए प्रदर्शन और पत्थरबाजी में कई की गाड़ियां टूट गए और कई पत्रकार जख्मी हो गए।  घटना को कवर कर रहे पत्रकारों पर खुन्नस निकालते हुए रेंढ़र एसओ ने एक पत्रकार को जबरन पकड़ कर गाड़ी में डाला और पुलिस लाइन पहुंचा दिया। बाद में पत्रकार एकजुट हो गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने पूरे मामले में खेद जताते हुए रेढ़र थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

दो लड़कियों की हत्या के बाद पुलिस के खिलाफ हुए बवाल में दोनों तरफ से हुई पत्थरबाजी में कई पत्रकार जख्मी हो गए। पत्रकारों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं। बवाल के बीच रेढ़र थानाध्यक्ष जितेंद्र यादव ने एक दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार अकील अहमद को पकड़ लिया, अकील का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया। अकील को गाड़ी में डालकर कोतवाली के बजाए पुलिस लाइन पहुंचा दिया। बाद में इसका पता चलने के बाद पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर ने पूरे मामले पर खेद जताया। उन्होंने रेढ़र थानाध्यक्ष जितेंद्र यादव को निलंबित करने की घोषणा की। जिसके बाद पत्रकार शांत हुए। वहीं, दो अन्य दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार जगत यादव व विनय गुप्ता भी पथराव में घायल हो गए।

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पाकिस्तान में एक टीवी पत्रकार की गोली मार हत्या

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में निजी टीवी चैनल के एक पत्रकार की रविवार को आज अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। एक्सप्रेस न्यूज के संवाददाता याकूब शहजाद गुजरावालां शहर में एक कार्यालय में एक दोस्त के साथ बैठे थे, उसी दौरान कुछ सशस्त्र लोग आए और उन्होंने उन पर गोलियां चला दीं। उन्हें तीन गोलियां लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनके बगल में बैठा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत जुटाए।

पुलिस ने शहजाद की पिछले कुछ दिनों की न्यूज रिपोर्ट भी खंगालने की योजना बनाई है ताकि यह पता किया जा सके कि कहीं उन्हें उनके कार्य के चलते निशाना तो नहीं बनाया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने हत्या का संज्ञान लिया है और पुलिस से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।

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रीवा के वरिष्ठ पत्रकार अनिल वाजपेयी का निधन

रीवा के वरिष्ठ पत्रकार अनिल वाजपेयी का पूना में निधन हो गया है। वे 57 वर्ष के थे। श्री वाजपेयी विगत कुछ वर्षों से कैंसर रोग से पीड़ित थे। उन्होने स्वदेश और जागरण सहित विभिन्न समाचार पत्रों में कार्य किया और रीवा नगर एवं जिले की पत्रकारिता में उन्हे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था। वे दो बेटे- दो बेटियों सहित भरा- पूरा परिवार अपने पीछे छोड़ गये हे।

प्रदेश के जनसम्पर्क मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने अनिल बाजपेयी के निधन पर गहन दुख व्यक्त करते हुये पीड़ित परिवार के प्रति अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देते हुए शोक-संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है।

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बदमाशों से शरीर की मालिश करवा और फल खा कर सुरक्षित लौटे ज्योतिषाचार्य और संपादक लक्ष्मण दास

Avanindr singh Aman : वाराणसी। क्राइम ब्रांच की आंखों में धूल झोंक कर ज्योतिषाचार्य लक्ष्मणदास अपहरण के 11वें दिन अचानक अपने आवास पहुंच गए। ज्योतिषाचार्य की तलाश में क्राइम ब्रांच की टीम चंदौली, बिहार के विभिन्न जनपदों में खाक छान रही थी, मगर क्राइम ब्रांच के हाथ कुछ नहीं लगा। रविवार को ज्योतिषाचार्य ने अपने आवास पर पत्रकारवार्ता कर जो आपबीती बताई उसमे छेद ही छेद नजर आए। लक्ष्मणदास ने बताया कि तीन लोगों ने टेंगडा मोड़ पर भूमि पूजन की बात कहकर हमें सामने घाट साईं मंदिर से गाड़ी में बिठाकर ले गए। गाड़ी में बैठने के बाद ज्योतिषाचार्य ने प्यास लगने की बात कही और पानी माँगा जिस पर गाड़ी में बैठे एक व्यक्ति ने ज्योतिषाचार्य को पानी की बोतल पकड़ाई जिसके बाद ज्योतिषाचार्य अर्धमूर्च्छा की हालत में हो गए।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जब वह होश में आए तो अपने आंख पर पट्टी बधी पायी जिस पर ज्योतिषाचार्य ने बदमाशों से आंख पर पट्टी बंधने के बाबत पूछा तो बदमाशो ने उनका मोबाइल छिनते हुए उनसे कहा कि चुपचाप चलो भूमि पूजन कराओ या गोली खाओ। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि बदमाशो ने आंख पर पट्टी बांधकर ही नवरात्री के प्रथम व तृतीय दिन शक्ति आराधना का अनुष्ठान कराया। इसी बीच ज्योतिषाचार्य से बदमाशो ने धार्मिक ज्ञान भी लिया। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि बदमाशो ने मेरे शरीर मालिश से लेकर खूब सेवा की। उन्होंने कहा कि बदमाशो ने हमें खूब फल भी खिलाए उतने फल मै कभी अपने घर पर भी नहीं खाए हैं।

बार-बार अपहरण की बात पूछे जाने पर ज्योतिषाचार्य अपहरण की बात मानने से इनकार करते रहे। उनसे जब यह पूछा गया कि चौराहों पर यह चर्चा व्याप्त थी कि आप नवरात्री के बाद आ जायेंगे जैसा हुआ भी तो ज्योतिषाचार्य का कहना था कि यह कोई मेरी सोची समझी साजिश नहीं थी, बदमाशो ने पहले ही कहा था कि पूजा ख़त्म होने के बाद आप को वहीं छोड़ दिया जाएगा जहां से आप को उठाया गया है। जब उनसे यह पूछा गया कि आप का अपहरण जमीन के विवाद को लेकर हुआ है तो उनका कहना था कि मैं कोई भी जमीन का व्यवसाय नहीं करता।

जब उनसे यह पूछा गया कि आप अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक सोची समझी साजिश के तहत आप गायब थे तो उनका कहना था कि मै कोई कायर व्यक्ति नही मुझे कोई सुरक्षा की आवश्यकता नही है। उनसे जब यह पूछा गया कि आप उन बदमाशो के खिलाफ कोई क़ानूनी कार्यवाही करेंगे तो इस बात का जबाब देने से ज्योतिषाचार्य कन्नी काटते हुए बताया कि अपने दोस्तों से चर्चा करने के बाद कोई निर्णय लूँगा। बताते चलें कि 24 सितम्बर को शुकुलपुरा निवासी ज्योतिषाचार्य व सांध्यकालीन समाचार पत्र के संपादक लक्ष्मणदास दोपहर में अपने घर से लक्सा के लिए निकले थे। लक्सा में अपने अखबार के दफ्तर में तीन घंटे गुजारने के बाद वह सामनेघाट स्थित अपने साईं मंदिर चले गए।

इसी बीच रामकिशोर शर्मा के साले का फ़ोन भूमि देखने के लिए आया जिसके बाद ज्योतिषाचार्य लक्ष्मणदास ने अपने कार के ड्राइवर को गाड़ी घर ले जाने को कहा और खुद रामकिशोर शर्मा के साले की गाड़ी में बैठकर निकल लिए।
करीब साढ़े छह बजे जब एक कर्मचारी ने ज्योतिषाचार्य के मोबाइल पर फ़ोन कर बात करनी चाही तो उनका फ़ोन स्विच ऑफ़ मिला जिसके बाद लगातार देर रात तक उनका मोबाइल स्विच ऑफ़ आने लगे। अगले दिन 25 सितम्बर को ज्योतिषाचार्य की पत्नी पूनम दास ने लंका थाने पहुचकर लापता होने की रपट दर्ज कराई। जिसके बाद तो पुलिस महकमा हरकत में आ गया।

नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़े के मुताबिक हमारे देश में हर आठ मिनट में 1 बच्चा चोरी होता है लेकिन खबर के नाम पर 4 लाइन से अधिक कोई भी अखबार नही प्रकाशित करता मगर अखबारों के बड़े विज्ञापनदाता होने के कारण अखबारों के विज्ञापन बीट पर कार्य करने वाले कर्मचारी उनके लापता होने से हर छोटी-बड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करने लगा। प्रतिदिन खबर प्रकाशित होने से पुलिस महकमा भी हरकत में थी ही लेकिन पुलिस के हाथ खाली के खाली ही रहे।

ज्योतिषाचार्य अपहरण के शिकार हुए थे या फिर उनकी सोची समझी चाल थी इस पर हम मुहर नहीं लगा सकते परन्तु अपहरण से ज्योतिषाचार्य लक्ष्मणदास का जमकर प्रचार हुआ।

 

बनारस के युवा पत्रकार अवनींद्र सिंह अमन के फेसबुक वॉल से।

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वनस्थली विद्यापीठ में चल रहा फर्जी नियुक्तियों का गोरखधंधा, शिकायतकर्ता प्रोफेसर को अहित की आशंका

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श्रीमान् न्यायप्रिय सुधीजनों,

विषय: ‘वनस्थली विद्यापीठ में फर्जी नियुक्तियों के सन्दर्भ में पत्राचार’

विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि 48 केन्द्रीय, 322 राज्य, 128 डीम्ड, 192 प्राइवेट, राष्टपति भवन, प्रधानमन्त्री कार्यालय, मानव संसाधन मंत्रालय, श्रीमती स्मृति जुबी इरानी, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इण्डिया, राजस्थान उच्च न्यायालय, राजस्थान सरकार (श्रीमती वसुंधरा राजे एवं महामिहम श्री कल्याण सिंह), UGC, NAAC, जमशेदपुर सिविल कोर्ट एवं थाना, जयपुर सिटी पुलिस कमिशनर सहित देश के कई नामी न्यूज चैनलों एवं नेशनल मीडिया तक बात मेरी बात पहुंचे इसीलिए पत्राचार कर रहा हूँ.

वनस्थली विद्यापीठ में फर्जी नियुक्तियों का गोरखधंधा चल रहा है. जिसका मैंने मुखर विरोध किया है. जिसका सबसे बड़ा प्रमाण इसका पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग है. जिसमें एक ऐसे व्यक्ति को जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अनुसार असिस्टेंट प्रोफ़ेसर के लिए न्यूनतम अभियोग्यता NET भी नहीं रखता उसे बिना पीएचडी डीग्री के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है. डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ के आड़ में फर्जी नियुक्तियों, कम वेतनमान एवं सेवा शर्तों के उल्लंघन के मामले यहाँ आम हैं. ऐसे कई अन्य विभागों में भी इस तरह के गोरखधंधे चल रहे हैं.

National Assessment and Accreditation Council (NAAC) के वेबसाइट में स्पष्ट उल्लेख है कि यदि कोई भी विश्वविद्यालय नियमों एवं सेवा शर्तों के उल्लंघन का दोषी पाया जाता है तो उसकी पुनः assessment and accreditation की संभावना हो सकती है एवं संबध विश्वविद्यालय को प्रदत्त ‘A’ ग्रैड वापस भी लिया जा सकता है. अतः NAAC द्वारा प्रदत्त ‘A’ ग्रेड का भी पुनर्मूल्यांकन होना चाहिए.

मानव संसाधन मंत्री श्रीमती स्मृति जुबी इरानी जी एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के वर्तमान चयरमैन प्रो. वेद प्रकाश जी से मेरा ख़ास आग्रह है की मामले की गंभीरता को देखते हुए अविलंब एक जांच कमिटी गठित कर डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े में संलिप्त विश्वविद्यालय के कुलपति, इसके ऑडिट एवं इसके अन्य पदाधिकारियों के फर्जीवाड़े की जांच की जाय.

चूँकि वनस्थली विद्यापीठ महिलाओं का विश्वविद्यालय है अतएव पूरे घटनाक्रम को उजागर करने के बदले में वनस्थली विद्यापीठ प्रशासन (कुलपति सहित एक ही परिवार द्वारा संचालित) द्वारा भविष्य के किसी भी घिनौने अन्याय, षड्यंत्र एवं दुर्घटना हेतु पूर्व सूचना दे रहा हूँ.

इसके अलावा यदि भविष्य में मुझे विश्वविद्यालय परिसर या परिसर के बाहर किसी भी प्रकार का शारीरिक, मानसिक एवं अकादमिक क्षति पहुंचे या पूर्व नियोजित षड्यंत्र के तहत किसी भी मामले में फंसाया जाय तो सीधे-सीधे विश्वविद्यालय के कुलपति को दोषी माना जाय.

आपसे न्याय की उम्मीद में,     

भवदीय,

Dr. Ramesh Chandra Pathak

Assistant Professor
Department of Journalism & Mass communication
Banasthali University(NAAC ‘A’ Grade University)
Banasthali Vidyapith-304022
Tonk-Rajasthan INDIA
Phone:7073252751         
e-mail : rcp.cmp@gmail.com

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लोकप्रियता का मतलब आश्वस्ति नहीं है मोदी जी, आप कैसे करेंगे इस सिस्टम में बदलाव

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नरेंद्र मोदी अमरीका में लोकप्रिय पहले से ही थे, अब लोकप्रियता के प्रचंड शिखर पर पहुंच चुके हैं। लेकिन, उनकी लोकप्रियता भर से क्या अमरीका में रह रहे भारतीय वतन लौट आएंगे? शायद नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुप्रचारित अमरीका यात्रा संपन्न हो गई। कूटनीतिज्ञ कह रहे हैं कि यह बेहद सफल यात्रा रही, तो कांग्रेस का कहना है कि इस यात्रा में नया कुछ भी नहीं था। वैसे, मोदी की एक झलक पाने को बेकरार भारतीय-अमरीकी समाज के लोगों ने इस पूरे दौरे को यादगार बना दिया। जहां-जहां मोदी गए, भारतीय-अमरीकी भी वहां गए। पर इसका कोई और अर्थ लगाने से हमें बचना चाहिए। अगर आप उम्मीद कर रहे हैं कि ये एनआरआई भारत लौट आएंगे तो आप गलत हैं।

मोदी लगातार लोगों में उम्मीद का संचार कर रहे हैं। वह सकारात्मक बातें कह रहे हैं। लेकिन, उम्मीदों का ज्वार एक बार अगर चढ़ गया तो फिर उसे पूरा करना बेहद दुरूह हो जाता है। मैडिसन स्कवायर की सभा में मोदी ने कहा कि वह ऐसा कुछ भी नहीं करेंगे जिससे भारत का नाम बदनाम हो। लेकिन, यह इतना आसान नहीं है। इसके लिए कठोर तप की जरूरत है जो मोदी के अतिरिक्त शायद ही कोई कर सके। अकेला चना कब भांड़ फोड़ सका है?

अमरीका की चार दिनों की यात्रा में मीडिया हावी रहा। लेकिन, अगर कोई एक बिजनेसमैन की तरह पूछे कि मोदी क्या लेकर आए तो एक शब्द का जवाब होगा- आश्वासन। यही सत्य है। आश्वासन से किसका भला हुआ है? कभी होगा भी नहीं।

मोदी बार-बार कहते रहे हैं कि वह सिस्टम में बदलाव करेंगे लेकिन कैसे? नौकरशाही करने देगी? नौकरशाही को आप एनसीआर में या बहुत हुआ तो भाजपा शासित क्षेत्रों में नियंत्रित कर अपने अनुकूल ढाल सकते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड या गैर भाजपा शासित राज्यों में आप नौकरशाही को कैसे दुरुस्त करेंगे? यह संभव ही नहीं है।

एक छोटा उदाहरण देखें। प्रधानमंत्री ने जन-धन योजना की शुरूआत की है। इस योजना में नियम है कि किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में आपका खाता जीरो बैलेंस पर खुलना है। लेकिन, गोरखपुर में अनेक बैंक ऐसे हैं जो कम से कम 1000 रुपये की मांग कर रहे हैं। ऐसा ही पश्चिम बंगाल में भी है। वहां भी 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की मांग की जा रही है। ऐसा क्यों? ऐसा इसलिए कि नौकरशाही यहां प्राय: बेलगाम है।

अमरीका यात्रा में एक उत्साह तो देखने को मिला पर अमरीका में रह रहे भारतीयों को भरोसा नहीं कि अगर वे भारत में अपना व्यापार शुरू करेंगे तो उन्हें कोई मुश्किल नहीं आएगी। वे मोदी के रूख से सहमत हैं, आश्वस्त नहीं। कोई नहीं चाहता कि उसे धंधा फैलाने के लिए सात समंदर पार जाना पड़े। पर वह जाता है तो एक तड़प लेकर जाता है। मोदी अगर वाकई बाजार को उद्यमियों के अनुकूल बनाना चाहते हैं तो उन्हें आमूल-चूल परिवर्तन करना पड़ेगा। उस चेंज के लिए उन्हें पांच नहीं, पच्चीस बरस चाहिए। संभव है?

 

आनंद सिंह

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सिर्फ दस दिनों में सुमंत मिश्र ने अख़बार के तेवर बदल दिए

सुमंत मिश्र जन्म से ठेठ बनारसी और कर्म से पक्के मुंबईकर हैं। दो दशक तक नवभारत टाइम्स में फिल्म पत्रकारिता करने के दौरान उन्होंने इस विधा में नए प्रतिमान गढ़े। सात साल पहले वे अमर उजाला और नई दुनिया में गए, तो उनका एक नया रूप सामने आया। पत्रकारिता की अन्य विधाओं में भी उन्होंने अपना सिक्का जमा दिया। सुमंत को जो भी काम मिलता है, वे आगे बढ़कर उसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हैं और एक नौजवान के से जोश के साथ उसे पूरा कर जाने में लग जाते हैं।

महज दस दिन पहले उन्होंने एक नई चुनौती ले ली- मुंबई के अखबार दक्षिण मुंबई का संपादक बनकर। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने इतनी कम अवधि में इस अखबार के तेवर ही बदल दिए और एक संपादक के रूप में आते ही छा गए। सबसे पहले उन्होंने अखबार का ले-आउट बदला। फिर खबरों की बारी आई। रोचक शीर्षकों से अखबार में जान आ गई। वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश हिंदुस्तानी ने ठीक ही कहा है कि सुमंत को पाठकों की नब्ज का पता है। दरअसल यह सुमंत का उत्साह ही है जो उनसे हर नया काम बेहतरीन तरीके से करा ले जाता है। दक्षिण मुंबई में उनकी बड़ी सफलता यह है कि वे एक छोटी सी टीम से इतना बड़ा काम करवाने में सफल रहे हैं।

मुंबई के एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित।

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सर, सपा नेता हमारे खलियान पर कब्जा कर रहा है, हमारी ख़बर दैनिक जागरण में नहीं आती मगर उन लोगों की आ जाती है

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सर, मैं ग्राम सुल्तानपुर सेक्टर 128 नोएडा का मूल निवासी हूँ। हमारे अपने ग्राम की खलियान की जमीन का खसरा नं. 598 है। इस ज़मीन पर सपा का एक नेता उच्चाधिकारियों के साथ मिलकर अवैध कब्ज़ा कर रहा है। हमारी कहीं भी सुनवायी नहीं हो रही है। मीडिया वाले भी मेरी सुनवायी नहीं कर रहे हैं। अतः मैं आपको पत्र लिख सब कुछ बता रहा हूँ। हमारी खबर दैनिक जागरण पेपर में नहीं आती मगर उन लोगों की आ जाती है।

सर, कल हमारे गाँव में उपजिलाधिकारी महोदय आये और उन्होंने मौके का मुआयना किया तथा परिस्थिति को समझने कर प्रयत्न किया। परन्तु सपा के नेताओं के दबाव में उन्होंने गलत फैसला कर दिया है जिससे पूरा गाँव सहमत नहीं है। अगर मीडिया मेरी मदद कर सुनवाही करती है तो पूरा ग्राम सुल्तानपुर गवाही देने को तैयार है। 

सर, इस विषय में हमारी मदद कीजिए।

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बंटी त्यागी। buntytyagi4@gmail.com

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न्यूज़ चैनलों द्वारा मोदी की अमरीका यात्रा की कवरेज चारण-भाट क़िस्म की थी

अति हर चीज़ की बुरी होती है। फिर चाहे वो किसी का मण्डन ही क्यों न हो। मोदी के अमरीका की धरती पर चरण रखने से पहले ही भारतीय न्यूज़ चैनलों के पत्रकार वहां पहुंच चुके थे। और फिर शुरू हुआ मोदी का गुणगान। पूरे हफ्ते चली इस सांस रोक देने वाली कवरेज ने मोदी के बारे में हमें इतना बता दिया है कि अब कल्पना के लिए कुछ भी शेष नहीं है।

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देशी मीडिया सरकारी भोंपू की तरह मोदीमय रहा। अमरीका में भारत की छवि पर इस मोदी यात्रा का क्या और कितना असर पड़ा ये तो आने वाले समय में पता चलेगा। लेकिन भारत द्वारा मंगलयान की सफलता के बाद अमरीकी अख़बार न्यूयार्क टाइम्स ने एक आपत्तिजनक कार्टून (ऊपर देखें) को छाप कर नई बहस शुरु कर दी, क्या अमरीकी जनमानस भारत को लेकर अब भी प्रजातीय पूर्वाग्रहों से ग्रसित है। कार्टून में एक पगड़ी पहने ग़रीब भारतीय को गाय ले जाते हुए दिखाया गया है जो एक ‘एलीट स्पेस क्लब’ के दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी तब अमरीका में ही थे।

वहीं अमरीका के राजनीतिक व्यंगकार जॉन स्टेवार्ट ने मोदी की यात्रा और परफार्मेंस पर खूब चुटकी ली। विडियो देखने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करेंः

Jon Stewart Reacts To Narendra Modi Visit To USA

चलते-चलते पढ़ें बिज़नेस स्टैण्डर्ड ने अपने एडिटोरियल में मोदी यात्रा के दौरान मीडिया की भूमिका पर क्या कहाः

“Prime Minister Modi’s trip to the United States was marred by news reporting that was excessively fawning. Coverage was, in fact, reminiscent of the bad old days of state-controlled media, when the nightly news bulletin on Doordarshan was little more than a paean of praise to Rajiv Gandhi or Indira Gandhi. In fact, the saturation coverage was so disproportionate to the actual scope or achievements of the prime minister’s visit that it was embarrassing….
 
“Modi has begun a new tradition since taking office. Journalists no longer travel with him on Air India One. This is part of a larger attempt to keep the media as distant as possible. Only a few journalists from state-controlled agencies went along with the prime minister. Others went there themselves. But the cost of the tickets was wasted when they wound up sounding like state-controlled media themselves.”

 

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क्या अमरीका के लिए भारत उतना महत्वपूर्ण है जितना ये मीडिया उछल-कूद कर बता रहा है

 

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बंसल टीवी के रिपोर्टर विशाल का डेंगू से निधन

इंदौर से 20 किमी दूर महू सैन्य क्षेत्र में बंसल टीवी के रिपोर्टर विशाल शर्मा का रविवार को निधन हो गया। विशाल डेंगू बुखार से पीड़ित थे। स्वभाव से हंसमुख स्व. विशाल शर्मा ने महू में सांस्कृतिक कार्यक्रम गरबा उत्सव शुरू करवाया, जिसे उन्होंने पत्रकार उत्सव समिति नाम दिया। उनकी असमय मौत ने मप्र के इंदौर शहर की सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं की पाल खोल दी है और यह भी बता दिया कि डेंगू मच्छरों के प्रकोप से निपटने के प्रति कैण्ट बोर्ड कितनी उदासीन है।

 

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ब्रजेश राजपूत को मिला यशवंत अरगरे हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार

भोपाल। मध्यप्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने एबीपी न्यूज के विषेप संवाददाता ब्रजेश राजपूत को ‘यशवंत अरगरे हिंदी पत्रकारिता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति की ओर से हिन्दी भवन में हुये सम्मान समारोह में ये पुरस्कार प्रदान किया गया।

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चयनकर्ताओं ने ब्रजेश राजपूत को इलेक्टॉनिक मीडिया के साथ-साथ अखबारों में लिखने और हाल के विधानसभा चुनावों पर आयी उनकी किताब ‘चुनाव राजनीति और रिपोर्टिंग’ के माध्यम से सहज और सरल हिंदी को बढ़ावा देने के लिये चुना। पुरस्कार में अभिनंदन पत्र के साथ पांच हजार रूपये की नगद राशी भी दी गयी।

इस मौके पर मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ओर पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा भी मौजूद थे। इलेक्टॉनिक मीडिया में लंबे समय से सक्रिय ब्रजेश राजपूत की विधानसभा चुनावों पर लिखी चर्चित किताब ‘चुनाव राजनीति और रिपोर्टिंग’ का दूसरा संस्करण भी आ रहा है। ब्रजेश राजपूत मध्यप्रदेश विधानसभा पत्रकार सलाहकार समिति और प्रदेश स्तरीय अधिमान्यता कमेटी के सदस्य भी है।

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विदेशी सैलानियों की अवैध ऐशगाह ने छीना ग्रामीणों का हक

Illegal construction

पौड़ी गढ़वाल। विदेशी सैलानियों को गंगा नदी के विहंगम दृष्य की झलक दिखाने की खातिर पौड़ी तहसील के भंडालू में निर्माणाधीन एक आलीशान बंगले ने गांव के ग्रामीणों से लिपाई-पुताई में प्रयुक्त होने वाली लाल मिट्टी से भी महरूम कर दिया है। विदेशी नागरिकों के लिए बन रही इस ऐशगाह के लिए जिस जमीन का उपयोग किया जा रहा है उसका एक बड़ा हिस्सा राज्य सरकार की कैसरहिंद भूमि है। पीआईओ कार्ड धारक एक विदेशी द्वारा राजस्व विभाग की भूमि पर निर्माण से विभाग के स्थानीय कारिंदों पर भी उंगली उठना स्वाभाविक है। यह विदेशी इतना ढीठ है कि उसने एसडीएम सदर को भी धमकी दे डाली है।

जनपद गढ़वाल की पौड़ी तहसील की बनेलस्यूं पट्टी के भंडालू गांव में इन दिनों ग्रामीण गांव की कृषि भूमि के बीचों बीच स्थित टीले पर बन रहे एक बंगले के चलते परेशान हैं। दरअसल यह बंगला एक विदेशी नागरिक द्वारा कुछ ग्रामीणों को लालच देकर बनाया जा रहा है। इस स्थान से व्यासघाट स्थित गंगा नदी का विहंगम दृष्य नजर आता है। बताया जा रहा है कि भविष्य में इस बंगले का उपयोग विदेशी सैलानियों को गंगा के विहंगम दृष्य से रूबरू कराने के लिए किया जाएगा।

लेकिन विदेशी सैलानियों के लिए बन रहा यह बंगला भंडालू गांव के ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन गया है। जिस स्थान पर इस बंगले का निर्माण किया जा रहा है कभी उस स्थान से गांव के ग्रामीण अपनी रसोई व अन्य भवनों की लिपाई पुताई करने के लिए विशेष प्रकार की लाल मिट्टी खोदते थे। लेकिन अब ग्रामीण इस मिट्टी से भी महरूम हैं। वहीं पूर्व में यह स्थान पशुओं के चारागाह के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता था। गांव की महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुशीला नेगी बताती हैं कि जैसे ही महिलाएं इस स्थान मिट्टी लेने जाती हैं तो विदेशी नागरिक व निर्माण में लगे मजदूरों द्वारा उन्हे खदेड़ दिया जाता है। इतना ही नहीं इस स्थान से मवेशियों की आवाजाही को भी बंद कर दिया गया है।

विदेशियों की दस्तक से महिलाएं असहज

महिला मगल दल की अध्यक्ष सुशीला नेगी यह भी बताती  हैं कि अभी भले ही बंगले का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है लेकिन गांव में विदेशी नागरिकों की आवाजाही शुरू हो चुकी है। अमर्यादित वस्त्र पहन कर आने वाले विदेशी नागरिकों के कारण गांव की महिलाएं खेतों में आने में भी स्वयं को असहज महसूस कर रही हैं। उन्होने जोड़ा कि विदेशी नागरिक द्वारा गांव के गरीब व प्रवासी भूस्वामियों को भी पैसे का लालच देकर मनमानी दरों पर गांव में और भूमि खरीदी जा रही है। वहीं अवैध तरीके से सड़क का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है।
फोटो फाईल-सुशीला देवी अध्यक्ष महिला मंगल दल भंडालू

पटवारी की भूमिका भी संदिग्ध

कैसरहिंद भूमि पर विदेशी द्वारा निर्माण किए जाने के बावजूद मात्र दो किमी दूर तैनात राजस्व उपनिरीक्षक द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर भी सवालिया निशान लगने लगे हैं। ग्रामीण यह आरोप भी लगाते रहे हैं कि क्षेत्रीय पटवारी द्वारा विदेशी नागरिक से पैसे लेकर इस मामले से आंखे फेर ली गईं। हालांकि इस बीच संबंधित पटवारी हिरासत में मौत के एक मामले में निलंबित चल रहा है।

व्यासघाट में भी चला रहा गतिविधि

इस विदेशी नागरिक की गतिविधियां भंडालू गांव तक ही सीमित नहीं हैं, बताया जा रहा है कि व्यासघाट के निकट भोटा नामक स्थान पर भी इस नागरिक द्वारा गंगा तट पर अनेक प्रकार की गतिविधियां संचालित करने के साथ ही निर्माण कार्य कराने की तैयारी भी चल रही है। इतना ही नहीं इस विदेशी ने व्यासघाट में अपने शौचालयों की नालियां भी सीधे गंगा में ही डाल दी है।

पीआईओ कार्ड धारक है विदेशी

बताया जा रहा है कि यह विदेशी नागरिक पीआईओ-पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन कार्ड धारक है। जिसके तहत भले ही इसे बिना वीजा के लंबी अवधि तक भारत में रहने, शिक्षा व रोजगार पाने का हक हो, लेकिन कृषि, वनीकरण व संपत्ति खरीदने का अधिकार इस श्रेणी के कार्ड धारक को प्राप्त नहीं है।

अवैध पाया गया तो ध्वस्त किया जाएगा

उपजिलाधिकारी सदर पीएल शाह का कहना है कि इस बावत पूर्व में भी शिकायत मिली हैं। उनके द्वारा मौके पर जाकर निर्माणाधीन बंगले के लिए प्रयुक्त हो रही भूमि का मुआयना कर कार्रवाई की जाएगी। यदि निर्माण अवैध पाया गया तो उसे ध्वस्त किया जाएगा। मामले में लिप्त राजस्व कर्मियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

 

लेखक अनिल बहुगुणा पत्रकार हैं।

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‘सेवा’ को मिला भारत के प्रतिनिधित्व का मौका, गर्ल राइट्स अम्बेसडर और पत्रकार अर्चना यादव का सम्मान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की प्रख्यात सामाजिक संस्था स्मार्ट एजुकेशन एण्ड वैलफेयर एसोसिएशन (सेवा) की उपलब्धियों में एक उपलब्धि और जुड़ गयी। सेवा को भारत में एशियन गर्ल्स कैम्पैन पार्टनर के तौर पर एशियन ह्यूमन गर्ल्स राइटस् कान्फ्रेंस में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया गया। यही नहीं कान्फ्रेंस के दौरान बनी स्टेटमेन्ट कमेटी में बेहतर प्रदर्शन करने के लिये सेवा की गर्ल राइट्स अम्बेसडर अर्चना यादव को सम्मानित भी किया गया। अर्चना यादव लखनऊ शहर की एक जानी-मानी पत्रकार हैं जिन्होने महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हमेशा आवाज़ उठाई।

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प्रदेश के सहारनपुर, आगरा, लखनऊ समेत एनसीआर में सर्व शिक्षा, बालिका अधिकार, महिला स्वावलम्बन और स्वास्थ जागरुकता आदि के लिये काम करने वाली संस्था सेवा के सराहनीय कार्यों से प्रभावित होकर 2012 में गार्ड़न ऑफ होप फॉउन्डेशन, ताईवान ने एशियन गर्ल कैम्पेन के लिये भारत में अपना पार्टनर बनाया था। तभी से सेवा ने एशियन गर्ल कैम्पेन को सार्थक बनाने के लिये कई आयोजन किये। सेवा के कार्यों और सकारात्मक सोच के चलते ही भारत में पहली बार आयोजित किये गये एशियन ह्यूमन गर्ल्स राइटस् कान्फ्रेंस में सेवा को भारत की और से प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।  

पंजाब यूनीवर्सिटी में 29 सितम्बर से 1 अक्टुबर 2014 तक आयोजित इस कान्फ्रेंस में एशियाई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुये। कान्फ्रेंस के दौरान बालिका अधिकारों और उनके प्रति होने वाली हिंसा पर गहरी चिन्ता व्यक्त की गयी। सेवा की ओर से भारतीय बालिकाओं की स्थिति को उजागर करने के साथ-साथ बालिका अधिकारों के प्रति लोगों को जागरुक करने में टेलीवज़न की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। यही नहीं कान्फ्रेंस की स्टेटमेन्ट कमेटी में बतौर सदस्य शामिल सेवा की गर्ल राइट अम्बेसड़र अर्चना यादव को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिये गार्डन ऑफ होप फॉउन्डेशन की ओर से सम्मानित किया गया।

ब्रिटेन से आये एन्थॉनी कारलिसले ने उन्हे कान्फ्रेंस हाल के मंच पर तालियों के बीच सम्मानित किया। सम्मान पाने के बाद उत्साहित सेवा की गर्ल राइट अम्बेसडर अर्चना यादव ने कहा कि वो शुक्रगुज़ार हैं सेवा की और गार्डन ऑफ होप फॉउन्डेशन की जिन्होने उनके काम को सम्मान देकर उनकी हौंसला अफज़ाई की है। उन्होने कहा कि उनकी संस्था सेवा और पीएसएफ निरन्तर महिलाओं और बालिकाओं के हक की आवाज़ उठाती रहेगी। अर्चना के मुताबिक हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि हम हम पिछले पांच सालों से निरन्तर बिना किसी सरकारी आर्थिक सहायता के शिक्षा, बालिका अधिकार और समाजसेवा के काम कर रहे हैं।

स्मार्ट एजुकेशन एण्ड वैलफेयर एसोसिएशन (सेवा) और अर्चना की इस उपलब्धि पर संस्था के पदाधिकारियों और स्वंयसेवियों ने हर्ष जताया है। संस्था की इस उपलब्धि पर लखनऊ, आगरा और सहारनपुर समेत कई शहरों के समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने अपनी शुभकामनाऐं दी हैं। स्मार्ट एजुकेशन एण्ड वैलफेयर एसोसिएशन (सेवा) अपने सहयोगी संगठन पीएसएफ के साथ मिलकर जल्द ही तीसरे सेवा एक्सीलेन्स अवार्ड का आयोजन करने जा रही है। इस समारोह के दौरान बालिका शिक्षा और विकास पर आधारित एक सेमीनार भी आयोजित किया जायेगा। इस आयोजन में देश के कई जाने-माने लोग भागीदारी करेंगे। (प्रेस रिलीज)

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ग्रामीणों ने शराबियों के खिलाफ़ छेड़ी मुहिम, दी उठक-बैठक लगाने की सज़ा (देखें विडियों)

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अवैध शराब विक्रेता को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के डूंगरीडीह गाँव के ग्रामीणो ने ग्राम प्रधान श्याम दास सोरेन की अध्यक्षता में पिछले एक माह से शराबियों के खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है। इसी के तहत शुक्रवार को जादूगोड़ा हाता मुख्य सड़क पर अवैध दारू बेचते हुए डॉ. सोरेन और रामपोदो को ग्रामीणो ने पकड़ा और शराब पीने वालो को 100 उठक-बैठक लगाने की सजा दी। शराब विक्रेताओं पर कार्यवाई के लिए जादूगोड़ा थाना प्रभारी को बुलाया गया।

थाना प्रभारी ने ग्रामीणो के साथ जाकर कई शराब विक्रेताओ को पकड़ा और कई हज़ार का माल भी बरामद किया। थाना प्रभारी ने विक्रेताओ की जमकर ठुकाई की और आइन्दा शराब न बेचने की चेतावनी देकर छोड़ दिया।

विडियो देखने के लिए नीचे लिंक पर क्लिक करेंः

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जादूगोड़ा से संतोष अग्रवाल की रिपोर्ट।

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भाषा के प्रति दूसरों को सचेत करनेवालों को स्वयं की त्रुटियों पर भी ध्यान देना चाहिए

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विकास मिश्रा जी ने हिंदी भाषा की वर्तनी संबन्धी त्रुटियाँ बताईं- ”पत्रकारिता में हिंदी का नरक युग” नामक लेख में। हिंदी भाषा की शुद्धता पर ध्यान देने के लिए निश्चत रूप से मिश्राजी धन्यवाद के पात्र हैं। मेरे विचार से हिंदी भाषा में की जाने वाली कुछ त्रुटियाँ ऐसी हैं, जो चलन में हैं और उनसे भाषा की बड़ी क्षति भी नहीं है। जिस तरह उन्होंने बताया कि नरक को नर्क लिखना। हाँ, कुछ त्रुटियाँ ऐसी की जाती हैं, जो वास्तव में भाषा समझने वाले पाठक को दु:खी करती हैं, असहनीय हैं और भाषा के विकास के लिए हानिप्रद हैं।

हिंदी भाषा पर सही में ध्यान देने की आवश्यकता है और मुझे उसके अस्तित्व पर ही संकट दिख रहा है। मेरा मत है कि किसी भी एक भाषा में दूसरी भाषा के शब्दों का आटे में नमक की तरह प्रयोग चल सकता है, लेकिन जिस तरह हिंदी में अंग्रेज़ी और उर्दू भाषाओं को भरने का चलन बढ़ रहा है, वह हिंदी के लिए चिंता का विषय है। इसी तरह उर्दू, अंग्रेज़ी या अन्य किसी भाषा को खिचड़ी बना देना उसी प्रकार चिंता की बात होगी।

बहरहाल, विकास जी द्वारा लिखे पत्र में भी भाषा और वर्तनी की त्रुटियाँ हैं। क्योंकि वे शब्द चलन में आ चुके हैं। शायद मिश्रा जी ने इस पर कभी ध्यान नहीं दिया होगा। अन्यथा न लें और सोचें कि यदि भाषा के प्रति दूसरों को सचेत करनेवाले स्वयं त्रुटियाँ करेंगे, तो मामला गड़बड़ रहेगा? यह सच है कि सर्वज्ञ कोई नहीं होता, किन्तु सहज त्रुटियों से तो बचना ही होगा। कृपया देखें-

* जब हम भाषा की शुद्धता की बात करते हैं, तो उर्दू भाषा के शब्दों को इस्तेमाल करते समय उनके नुक्तों पर भी ध्यान देना होगा।

-विकास जी के पत्र में उर्दू के कई शब्द प्रयोग किए गए हैं, लेकिन नुक्ते नहीं लगाए। कम-से-कम नकवी, रमज़ान और नमाज़ जैसे शब्दों में तो प्रयोग किया जाना ही चाहिए। उर्दू के कई शब्दों में नुक्ते लगाने या नहीं लगाने से अनर्थ हो जाता है, इस पर हिंदी भाषी ध्यान नहीं देते हैं। आमतौर पर लोग अंग्रेज़ी शब्दों में नुक्ते लगा देते हैं, उर्दू में नहीं, यह भाषानुगत ठीक बात नहीं।

* अशुद्धि, शुद्ध, सिद्धम्, विरुद्धम्

-इन शब्दों में द अक्षर आधा चाहिए, जब कि प्रयोग में ध को आधा किया जाता है, यह गलत है। यहाँ तकनीकी समस्या बताकर हम त्रुटि होने की बात से बच नहीं सकते हैं, त्रुटि को स्वीकारना होगा। इन्हें लिखना चाहिए- अशुद्धि, शुद्ध, सिद्धम़्, विरुद्धम्।

* एक वाक्य में लिखा है- जनरुचि को मनाकर…।

-यह विन्यास गलत है। आप जन को मना सकते हैं, जनरुचि को नहीं। उसे तो परिवर्तित  किया जाएगा।

* एक वाक्य में लिखा है- तब वो आजतक में नहीं थे।

-वो शब्द लोग बोलचाल में प्रयोग कर लेते हैं, लेकिन लिखने के लिए उचित नहीं। यहाँ सीधा समानसूचक वे शब्द आना चाहिए था।

* यह और ये का प्रयोग…

-पत्र में कहाँ यह शब्द प्रयोग होगा और कहाँ ये, इसका ध्यान नहीं दिया। जहाँ यह शब्द आना चाहिए था, वहाँ ये प्रयोग किया है। ऐसी गलती आप अंग्रेज़ी में नहीं कर सकते।

* एक वाक्य में लिखा है- भाषा ऐसी चीज़ है…।

-भाषा वस्तु नहीं है? उसे चीज़ कैसे लिख सकते हैं।

* दरअसल

-दरअसल गलत है, सही है दरअस्ल, लेकिन हिंदी लेखन में दरअसल ही चलन में हो गया है।

* ओपेन?

-क्षमा करें। जब भाषा की शुद्धता पर बात करनेवालों को तो छोटी-से-छोटी त्रुटियों पर ध्यान देना होगा, वरना हम दूसरों की त्रुटियों पर कैसे सवाल कर सकते हैं?

ऐसे में अपनी व्याकरण और विन्यास दोनों के प्रति बेहद सचेत रहना पड़ेगा। मैं भी पेशे से पत्रकार हूँ।

 

भूपेन्द्र शर्मा
9893634566
bhopendrak.sharma@gmail.com

मूल लेखः

पत्रकारिता में हिंदी का ‘नरक’ युग

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देश में स्वास्थ्य चिंतन को बढ़ावा देगी वेबसाइट ‘स्वास्थ्य न्यूज’

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गांधी जयंती के अवसर पर एक ओर जहां सरकार स्वच्छ भारत की बात कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ नागरिक समाज ने पहल करते हुए ‘स्वास्थ्य न्यूज’ पोर्टल लॉन्च किया है। मुंबई स्थित प्रेस क्लब में www.swasthbharat.in न्यूज वेब पोर्टल का लोकार्पण दैनिक दबंग दुनिया के संपादक अभिलाष अवस्थी की अध्यक्षता में हुआ। मुख्य अतिथि थे गौ भक्त फैज़ खान।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में अभिलाष अवस्थी ने कई मसलों को उठाया। इस वेबसाइट की पूरी टीम को शुभकामना देते हुए उन्होंने कहा कि एलोपैथ के साथ-साथ आयुर्वेद में जो धांधली है, उसको भी उजागर करने की जरूरत है। उनका मानना था कि प्राकृतिक औषधियों का दोहन करने वाले लोग आम जनता से ज्यादा पैसा ले रहे हैं। ऐसे लोगों को जेल में होना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ गौभक्त फैज़ खान ने स्वास्थ्य के लिए गौ-वंश की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए गौ-वंश की रक्षा जरूरी है। दिल्ली से आए एडवोकेट प्रवीण झा ने स्वास्थ्य के कानूनी पक्ष पर अपनी बात रखी। वहीं डॉ. भारती भट्ट ने मैगनेट थेरेपी के बारे में जानकारी देते हुए यह आशा व्यक्त की कि इस वेबसाइट से स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई क्रांति आयेगी।

इस वेबसाइट के बारे में बात करते हुए स्वस्थ भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि देश में स्वास्थ्य क्रांति लाने की दिशा में यह वेबसाइट मील का पत्थर साबित होगी। इस वेबसाइट के संस्थापक संपादक श्री आशुतोष ने बताया कि देश में स्वास्थ्य चिंतन का घोर अभाव है, जिसे दूर करने में यह वेबसाइट कारगर साबित होगी।

कार्यक्रम की शुरूआत जानी-मानी गायिका ज्योति मतवांकर की सरस्वती वंदना से हुई। उसके बाद राष्ट्रगान गाकर उपस्थित लोगों ने अपनी राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रेषित किया। प्रख्यात पर्यावरण संरक्षिका नुसरत खत्री ने युवा पत्रकार व इस वेबसाइट के संस्थापक आशुतोष कुमार सिंह का परिचय कराया। उसके बाद कार्यक्रम संचालिका वरिष्ठ पत्रकार अलका अग्रवाल ने श्री आशुतोष को वेबसाइट की जानकारी देने के लिए मंच पर बुलाया। उसके बाद गौभक्त फैज खान ने दमदार तरीके से अपनी बात रखी।

माहौल में उस समय और जोश बढ़ गया जब वरिष्ठ कवि शेखर अस्तित्व ने अपनी कविता पढ़ी। तीर थे कमान हो गए…सिर्फ एक पान के लिए लोग पीकदान हो गए…इस कविता को सुनकर उपस्थित सभी लोगों की ऊर्जा दोगुनी हो गयी। युवा लेखक कल्याण गिर ने महात्मा गांधी को याद करते हुए बेहतरीन कविता सुनाई। स्वस्थ भारत अभियान से जुड़े बॉलीवुड के गीतकार डॉ. सागर ने धन्यवाद ज्ञापन किया, साथ ही अपनी भोजपुरी कविता से माहौल को सुगंधित कर दिया।

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता अफजल खत्री, टीवी कलाकार अजय यादव, प्रदीप तिवारी, नैना सिंह, गौ भक्त प्रदीप पांडेय, रंभाकर शर्मा सहित कई सामाजिक लोग उपस्थित हुए। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार व लेखिका अलका अग्रवाल ने किया। वहीं दूसरी तरफ भारत की पहली हिन्दी हेल्थ वेबसाइट के लॉन्च होने की चर्चा सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है। पूर्व एफडीए कमिश्नर महेश झगड़े, साहित्यकार सूरज प्रकाश, सुरेश चौधरी, अमिताभ अग्निहोत्री सहित देश के जाने-माने लेखक-चिंतकों ने इस वेबसाइट के शुरू होने पर अपनी शुभकामना संदेश प्रेषित किया है।  

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एसपी अमेठी ने पेड़ कटान शिकायतकर्ता को हड़काया, पुलिस ने पैसा लेकर आरोपी को छोड़ा

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मुंबई से अपने गाँव ओटिया, थाना शिवरतनगंज, जनपद अमेठी आये नफीस खान से आम का एक हरा पेड़ कटता नहीं देखा गया. उन्होंने 02 अक्टूबर 12 बजे एएसपी अमेठी मुन्ना लाल के सीयूजी नंबर 1977 पर इसकी सूचना दी और कोई कार्यवाही नहीं होने पर 03 तारीख को सुबह 10 बजे फिर से बताया.

करीब 1.30 बजे पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज की पुलिस आई और ठेकेदार ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ को पकड़ कर ले गयी. तजऊ चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा को 15,000 रुपये दे कर छूटा और उसने पुलिस द्वारा बताये नफीस के फोन पर उसे भला-बुरा कहा.

नफीस ने एसपी अमेठी हीरा लाल को उनके सीयूजी मोबाइल नंबर 0427 पर लगभग 3.00 बजे पूरी बात बतायी तो एसपी ने कहा कि आप ये सब बात मुझे क्यों बता रहे हैं, ये बात भी आप एएसपी को ही बता देते. साथ ही यह भी कहा कि इस सब से आपको क्या मिलता है.

इसके बाद अत्यंत मायूसी की दशा में नफीस ने आइपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को फोन कर पूरी बात बतायी और मौके के फोटो भेजे. नफीस ने ठाकुर की ठेकेदार तजऊ से भी बात कराई जिसने बताया कि उसने पेड़ काटने के पहले 2,000 चौकी इंचार्ज महेश चंद्रा को दिया था पर शिकायत पहुँचते ही उसने रेट बढ़ा कर  50,000 कर दिया और अंत में 15 हज़ार रुपये में बात बनी.

अमिताभ ठाकुर ने आईजी ज़ोन लखनऊ को फोन पर पूरी बात बताते हुए उन्हें लिखित शिकायत भेजी है जिसमे उन्होंने आवश्यक विधिक तथा प्रशासनिक कार्यवाही किये जाने, नफीस की सुरक्षा सुनिश्चित कराने और तजऊ के 17 हज़ार रुपये वापस दिलवाए जाने की मांग की है. सुभाष चंद्रा ने घटना पर आक्रोश जताते हुए कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है.

सेवा में,
      श्री सुभाष चंद्रा,
      पुलिस महानिरीक्षक,
      लखनऊ ज़ोन,
      लखनऊ।

विषय- एसपी और एएसपी, अमेठी को हरा पेड़ कटने की सूचना देने के बाद भी कार्यवाही नहीं होने विषयक

महोदय,
      कल (03/10/2014) रात्रि करीब 8.52 बजे मेरे मोबाइल नंबर 094155-34526 पर मोबाइल नंबर 096281-10502 से एक फोन आया जिनसे मेरी करीब 25 मिनट तक बात हुई. वे काफी घबराये और परेशान से जान पड़ते थे और उन महोदय ने शुरुआत इस बात से की कि वे बहुत ही दुखी और डिस्टर्ब हैं और चूँकि उन्होंने मेरे बारे में अच्छा सुन रखा है, मेरे कार्यों से परिचित हैं और उनके मित्र यूपी के पूर्व आईपीएस अफसर श्री किरण जाधव मेरी काफी प्रशंसा करते हैं अतः वे इस कष्ट की घड़ी में मुझसे अपनी बात कहना चाहते हैं.
 
मेरी सहमति प्राप्त होने पर उन्होंने बताया कि वे ग्राम ओटिया, थाना शिवरतनगंज, जनपद अमेठी के रहने वाले हैं. वे आम तौर पर मुंबई में रहते हैं और वर्तमान समय में अपने गाँव आये हुए हैं. दिनांक 02/10/2014 को उन्होंने अपने गाँव और बगल के गाँव शेखनगाँव के बीच में ईदगाह पर एक पुराने और बड़े आम का हरा पेड़ कटते हुए देखा. सुबह पेड़ कटना शुरू हुआ. स्वयं को सामाजिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार आदमी समझने के कारण उन्होंने इसे अपना कर्तव्य समझा कि वे इस तरह नाजायज़ तरीके से हरे आम का पेड़ कटने की सूचना पुलिस को दें.

उन्होंने दिनांक 02/10/2014 को समय लगभग 12-12.30 बजे एएसपी अमेठी के सीयूजी नंबर 1977 पर फोन कर इस मामले की सूचना दी. एएसपी ने इस सूचना पर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया लेकिन इसके बाद भी दिनांक 02/10/2014 को मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई और पेड़ पूर्ववत कटता रहा. जब अगले दिन भी पेड़ इसी तरह कटता रहा तो उन्होंने दिनांक 03/10/2014 को सुबह लगभग 10 बजे एएसपी, अमेठी को पुनः फोन कर बताया. इसके बाद करीब 1.30 बजे पुलिस चौकी इन्होना, थाना शिवरतनगंज की पुलिस आई और मौके पर पेड़ कटवा रहे ठेकेदार को करीब दो बजे दिन में अपने साथ पकड़ कर पुलिस चौकी ले गयी.
 
फिर करीब 3.00 बजे उन्हें उस ठेकेदार का फोन आया जो उनसे काफी नाराज़ था. उसने पूछा कि उनकी ठेकेदार से क्या दुश्मनी थी जो इस प्रकार उसकी शिकायत पुलिस से की. ठेकेदार ने बताया कि उसे पुलिस ने 15,000 रुपये ले कर छोड़ दिया और कहा कि सिर्फ उनके चक्कर में 15,000 का नुकसान हो गया. ठेकेदार ने कहा कि यह सब करने से उनका क्या फायदा हुआ? ठेकेदार ने उन्हें भविष्य में देख लेने की धमकी भी थी. जब उन्होंने ठेकेदार से पूछा कि उनका नाम और फोन नंबर उसे कैसे ज्ञात हुआ तो ठेकेदार ने बताया कि चौकी के ही एक सिपाही ने उन्हें यह सब बताया था.
 
वे सज्जन इन बातों से काफी आहत हुए कि एक तो पुलिस ने मामले में कोई कार्यवाही नहीं की, ऊपर से उनका नाम भी सामने रख दिया जिसके कारण उनकी नाहक ठेकेदार से दुश्मनी हो गयी है. उन्हें इस बात का भी बेहद मलाल था कि उनके साथ यह सब एएसपी जैसे सीनियर पुलिस अफसर को सूचना देने के बाद हो रहा था.
 
इसी मनःस्थिति में उन्होंने एसपी अमेठी को उनके सीयूजी मोबाइल नंबर 0427 पर लगभग 3.00 बजे फोन किया और उन्होंने तब तक की पूरी बात बतायी. लेकिन उन्हें बेहद कष्ट तब हुआ जब एसपी ने उनकी बात बड़े ही अनमने ढंग से सुनी और सब कुछ सुनने के बाद कहा कि आप ये सब बात मुझे क्यों बता रहे हैं, ये बात भी आप एएसपी को ही बता देते. साथ ही यह भी कहा कि इस सब से आपको क्या मिलता है. एसपी द्वारा इस तरह की बात सुन कर वे एकदम से मायूस और डिस्टर्ब हो गए. उन्होंने कहा कि मुझसे गलती हो गयी और फोन काट दिया.
 
उनके अनुसार उन्होंने सपने में नहीं सोचा था कि इस प्रकार की सूचना एसपी और एएसपी जैसे सीनियर अफसरों को देने के बाद उन्हें ऐसी प्रतिक्रिया मिलेगी और उनके साथ इस प्रकार की स्थितियां आएँगी जिसमे एक तो कोई कार्यवाही नहीं होगी, पैसे ले कर हरा पेड़ काटने वाला ठेकेदार छोड़ दिया जायेगा, ठेकेदार से दुश्मनी हो जायेगी और जिले का एसपी ऊपर से यह कहेगा कि आपको इस तरह के काम से क्या मिलता है.

फिर उन्होंने देखा कि शाम लगभग 6.00 बजे उस जगह दो ट्रेक्टर लगे थे और लकड़ी लोड हो रही थी. तब से वे अत्यंत आहत थे और परेशान भी लेकिन उनकी हिम्मत दुबारा एसपी से बात करने की नहीं हुई. उन्होंने रात में बड़ी हिम्मत करके मुझे फोन किया और पूरी बात बतायी.

मैंने उनसे कहा कि मैं इस मामले को सीनियर अफसरों तक ले जाऊँगा तो क्या वे सामने आना चाहेंगे. पहले वे हिचके क्योंकि उन्हें यह डर था कि इससे ठेकेदार के साथ तमाम पुलिसवालों से भी दुश्मनी हो जायेगी पर मैंने अपने स्तर पर उनका हौसला बढ़ाया. मेरे थोडा सा कहने पर ही वे तैयार हो गए. उन्होंने अपना नाम श्री नफीस खान पुत्र श्री अज़ीम निवासी ग्राम ओटिया थाना शिवरतनगंज बताया और कहा कि वे अब हर स्तर पर अपनी बात कहने को तैयार हैं.
आज सुबह मैंने लगभग 08.15 पर उनसे दुबारा बात की और कहा कि वे मुझे मौके की कुछ तस्वीरें सबूत के तौर पर भेजें जो उन्होंने व्हाट्सएप के जरिये भेजी हैं.
 
व्हाट्सअप पर फोटो भेजने के बाद जब श्री नफीस खान ने मुझसे आज समय 10.52 पर 4 मिनट तथा समय 11.31 पर 5 मिनट बात किया तो उन्होंने अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारियां बतायीं. उन्होंने बताया कि पेड़ काटने वाले ठेकेदार आज फिर उनके गाँव आये थे और पहले उन्होंने श्री नफीस के प्रति नाराजगी दिखाई थी लेकिन जब गांववाले श्री नफीस की तरफ खड़े हो गए तो ठेकेदार शांत हुए. बाद में ठेकेदार और श्री नफीस में बातचीत हुई जिसमे ठेकेदार ने उन्हें बताया कि उन्होंने पेड़ काटने के पहले ही पुलिस चौकी जा कर चौकी इंचार्ज को दो हज़ार रुपये दे दिए थे लेकिन जब बाद में श्री नफीस ने एएसपी को शिकायत कर दी और पुलिसवाले ठेकेदार को पकड़ कर चौकी ले गए तो चौकी इंचार्ज ने यह कहते हुए कि अब ऊपर तक शिकायत हो गयी है, मुकदमे से बचत की एवज़ में 50,000 रुपये मांगने शुरू कर दिए. बातचीत पहले 20,000 रुपये तक पहुंची, फिर 18 हज़ार, 16  हज़ार से होते हुए अंत में सौदा 15 हज़ार रुपये में पक्का हुआ. इस तरह दो हज़ार के साथ ठेकेदार को 15,000 रुपये ऊपर से देने पड़े. इसके बाद चौकी इंचार्ज ने ठेकेदार को इस शर्त पर छोड़ा कि वे रातोंरात लकड़ी उठवा लेंगे. ठेकेदार की श्री नफीस की यही नाराजगी थी कि उन्होंने दो हज़ार के ऊपर 15,000 रुपये का दंड लगवा दिया.

श्री नफीस ने मुझे बताया कि ठेकेदार उनके सामने खड़े हैं और उन्होंने मुझसे फोन पर एक आदमी से बात कराया जो संभवतः ठेकेदार थे. मेरे पूछने पर उन्होंने अपना नाम श्री ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ पुत्र श्री इन्साद निवासी ग्राम पुरे नवाज़पूर बताया. उन्होंने मुझे बताया कि उन्होंने मंगलवार को चौकी जा कर चौकी इंचार्ज को दो हज़ार रुपये दे दिए थे और चौकी इंचार्ज ने उन्हें पेड़ काटने की अनुमति दे दी थी लेकिन जब शिकायत हुई तो पुलिस ने रेट एकदम से बढ़ा कर 50,000 कर दिया जो  20, 18, 16 हज़ार से होते 15 हज़ार पर तय हुआ. श्री ताज ने अपना मोबाइल नंबर 096708-88713 बताया. उन्होंने बताया कि यह पेड़ किसी श्री शग्गु की थी जिनके घर में शादी थी और इसी मजबूरी में उन्हें अपना पेड़ बेचना पड़ रहा था. उन्होंने यह भी बताया कि वे लकड़ी का ही काम करते हैं.

मैंने श्री ताज मोहम्मद को आश्वस्त किया कि मैं पुलिस से उनका पूरा पैसा वापस कवराऊंगा जिस पर वे काफी संतुष्ट लगे. यदि श्री नफीस और श्री ताज मोहम्मद की कही बातें सही हैं (जो उनकी आवाज़, भाव-भंगिमा और बातचीत के क्रम से मुझे व्यक्तिगत रूप से पूरी तरह सही लगती हैं) तो मुझे यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि यह प्रकरण कितना संगीन और गंभीर है. अतः मैं आपसे सादर निम्न तीन निवेदन कर रहा हूँ-

1. कृपया इस मामले की तत्काल अपने स्तर से उच्च-स्तरीय जांच करा कर इस प्रकरण में दोषी पाए गए जिम्मेदार पुलिस अफसर सहित सभी व्यक्तियों के विरुद्ध समस्त आवश्यक विधिक तथा प्रशासनिक कार्यवाही कराये जाने की कृपा करें।

2. श्री नफीस से संपर्क करा कर उनकी आवश्यक सुरक्षा सुनिश्चित कराये जाने की कृपा करें ताकि ठेकेदार श्री ताज अथवा पुलिस की ओर से उन्हें किसी भी प्रकार की कोई भी क्षति नहीं पहुंचे।

3. श्री ताज मोहम्मद उर्फ़ तजऊ से लिया गया 17 हज़ार रुपये (15+2 हज़ार) की धनराशि उन्हें वापस दिलवाए जाने की कृपा करें। 

                                                        
पत्रांक संख्या- AT/Comp/01/14 
दिनांक – 04/10/2014                                                                                 

भवदीय,                         

अमिताभ ठाकुर
5/426, विराम खंड,
गोमती नगर, लखनऊ 
#94155-34526

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डीआईजी करेंगे सिपाही से कार्बाइन लूटने की कोशिश मामले की जांच

Saharanpur Constable 4

सहारनपुर जिले के सिपाही गौरव कुमार के साथ 06 सितम्बर 2014 को हुई आपराधिक घटना में एफआईआर दर्ज नहीं होने के सम्बन्ध में सामाजिक कार्यकर्त्ता डॉ नूतन ठाकुर द्वारा डीजीपी को की गयी शिकायत की जांच डीआईजी सहारनपुर एन रविंदर को सौंपी गयी है.

आईजी लोक शिकायत मुथा अशोक जैन ने डीआईजी को आदेशित किया है कि वे इन आरोपों की जांच करा कर अपने स्तर से अग्रिम विधिक कार्यवाही करें और इस कार्यवाही से डीजीपी कार्यालय और शिकायतकर्ता को सूचित करें.

श्री गौरव के अनुसार रात लगभग 11:50 बजे कचहरी के सामने कुछ अज्ञात लोगों ने उन पर हमला किया, मारपीट कर उनका सरकारी कार्बाइन लूटने का प्रयास किया. गौरव ने एक का मोटरसाइकिल नंबर UP 11 R 6166 नोट कर लिया, 100 नंबर और थाना सदर को सूचना दी लेकिन उनका एफआईआर दर्ज नहीं किया गया और बाद में 16 सितम्बर को अभियुक्त पकड़ कर थाने आये पर इंस्पेक्टर, सदर बिजेंद्र सिंह यादव ने एकतरफा समझौता करा दिया.

कहीं कोई कार्यवाही नहीं होने पर श्री गौरव ने डॉ ठाकुर से इस मामले में ईमेल पर मदद मांगी थी.

 

मूल ख़बरः

अपने सिपाही पर हुए हमले की रिपोर्ट नहीं लिख रही पुलिस, इंस्पेक्टर ने जबरन कराया एकतरफा समझौता

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आईएसआईएस ने ब्रिटेन के बंधक पत्रकार एलन हेनिंग का भी सर कलम किया

alan henning

चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने एक नया वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में ब्रिटेन के बंधक पत्रकार एलन हेनिंग का सिर कलम करते हुए दिखाया गया है। उत्तरी इंग्लैंड के रहने वाले हेनिंग को पिछले साल सीरिया में बंधक बनाया गया था। हेनिंग की पत्नी बारबारा ने इसी हफ्ते रिहाई के लिए अपील की थी।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरॉन ने वीडियो पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आईएसआईएस के हाथों एलन हेनिंग का कत्ल दर्शाता है कि ये आतंकवादी कितने बर्बर हैं। डेविड ने ये भी कहा कि हम इन कातिलों को पकड़ने और सजा देने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले ब्रिटेन के बंधक डेविड हेन्स का सिर कलम किए जाने का वीडियो आईएसआईएस ने जारी किया था। आईएसआईएस अमेरीकी पत्रकारों जेम्स फॉली और स्टीवेन सोटलोफ के सिर कलम किए जाने का वीडियो भी जारी कर चुका है। अमेरिका ने भी ब्रिटेन के पत्रकार की हत्या को दुखद बताया है।

 

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शाहरुख की लेटलतीफी से नाराज़ पत्रकारों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार

shahrukh khan

मुंबई। बॉलीवुड के “किंगखान” शाहरूख को मीडियाकर्मियों को इंतजार करवाना भारी पड़ गया। खबर है कि शाहरूख के 4 घंटे देरी से पहुंचने से नाराज़ पत्रकारों ने उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस का बायकॉट कर दिया। दरअसल, शुक्रवार को फिल्म “हैप्पी न्यू ईयर” के प्रमोशन के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी गई थी। इसमें शाहरूख को शाम 4 बजे तक पहुंचना था। चेन्नई आईटीसी ग्रैंड चोला में इवेंट का शेड्यूल 4.30 था। जबकि शाहरूख 8 बजे पहुंचे।

ऐसे में मीडियाकर्मी लगभग 4 घंटे तक अभिनेता की राह देखते रहे। चार घंटे तक इंतजार करने के बाद गुस्साए पत्रकारों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का बायकॉट कर दिया। जब शाहरूख इवेंट में पहुंचे मीडियाकर्मियों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई। शाहरूख ने हर एक मीडियाकर्मी को एक्सक्लुसिव इंटरव्यू देने का वादा भी किया लेकिन गुस्साए पत्रकार प्रेस कॉन्फ्रेंस छोड़कर चले गए।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में शाहरूख ने कहा था कि वह जिस फिल्म में होते है, वह अपने आप बड़ी हो जाती है। शाहरूख की आगामी फिल्म “हैप्पी न्यू ईयर” दिवाली के मौके पर 24 अक्टूबर को रिलीज होने जा रही है। इसमें शाहरूख के साथ दीपिका पादुकोण, अभिषेक बच्चन, बोमन ईरानी, सोनू सूद और विवान शाह मुख्य भूमिका में है।

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चुनाव ख़त्म तो काम और धंधा ख़त्म, तैयारी साधना-हरियाणा न्यूज़ चैनल को बंद करने की

न्यूज़ चैनल मालिकों के लिए ये कोई नइ बात नहीं है। मन आया तो कभी भी न्यूज़ चैनल खोल लिया और जब मन हुआ चैनल बंद करके कर्मचारियों को रस्ते पर ला कर खड़ा कर दिया। जब साधना को जरुरत थी साधना-हरियाणा की तो साधना-बिहार बंद कर के रिपोर्टर्स को रस्ते पर ला खड़ा किया। और अब जब जरुरत पूरी हो गइ तो साधना-हरियाणा को भी इलेक्शन के बाद बंद करने की तयारी चल रही है। बेचारे रिपोर्टर और चैनल के सारे लोग फिर रस्ते पर आ जाएंगे। मालिको ने चैनल में काम करने वाले लोगो का मजाक बना कर रख दिया है।

साधना-हरियाणा के एक अधिकारी का अपने खास लोगों से कहना है कि हमारा कॉन्ट्रैक्ट सिर्फ इलेक्शन तक के लिए था। इलेक्शन के बाद चैनल बंद करना ही पड़ेगा और हमने जो वर्कर साधना-बिहार से लिया था हम उन्हें वापस कर देंगे। कोई पूछे, जब साधना-बिहार चैनल है ही नहीं, चैनल बंद हो चुका है तो साधना वाले अपने पुराने वर्कर को वापस ले कर क्या करेंगे। बात यहीं पर अटकी हुइ है।  20 अक्टूबर से चैनल ऑफ एयर होने के बात चल रही है। इधर सारे वर्कर्स का ऑफ कैंसल कर दिया गया है और कहा गया है के इलेक्शन के बाद सब को ऑफ दे दिया जायेगा।

भाई साहब इलेक्शन के बाद चैनल ही नहीं रहेगा तो ऑफ किस बात का?

भड़ास को भेजे गए पत्र पर आधारित।

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बंधक बनाए गए ब्रिटिश पत्रकार के पिता ने आईएसआईएस से की बेटे को छोड़ने की अपील

आईएसआईएस द्वारा बंधक बनाए गए ब्रिटाश पत्रकार जॉन केंटली के पिता ने अपने बेटे की रिहाई की भावुक अपील की है। जॉन केंटली का 2012 में सीरिया में इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों ने अपहरण कर लिया था। अस्पताल में भर्ती जॉन केंटली के पिता पॉल केंटली ने कहा कि दो साल में पहली बार उन्होंने अपने बेटे को देखा इससे उन्हें काफी सुकून मिला है लेकिन वो असहाय हैं।

paul cantlie

पॉल केंटली ने अपील की कि जॉन को उन लोगों के लिए जिसे वो प्यार करते हैं और उन लोगों के लिए जो जॉन को प्यार करते हैं उनके लिए रिहा कर दिया जाए। हाल ही में उनका एक वीडियो सामने आया था और उस वीडियो में वो नारंगी रंग के कपड़े में कह रहे है कि वो एक क़ैदी हैं।

इस्लामिक स्टेट अब तक तीन बंधकों की हत्या के वीडियो जारी कर चुका है। इनमें से दो अमरीकी पत्रकार और एक ब्रितानी सहायता कर्मी था। हाल ही में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस्लामिक स्टेट के ख़िलाफ़ अभियान की घोषणा की थी लेकिन उन्होंने ये भी कहा था कि अमरीकी सैनिक किसी ज़मीनी युद्ध में शामिल नहीं होंगे।

 

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सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इंकार किया

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुब्रत रॉय की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इंकार कर दिया। रॉय ने अपनी बुआ के अंतिम संस्कार में शामिल होने और अन्य रस्म निभाने के लिए कोर्ट से ज़मानत की अपील की थी। सूत्रों के अनुसार रॉय ने 15 दिनों के लिए जमानत पर छोड़े जाने की अपील की थी।

याचिका मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू के आवास पर प्रस्तुत की गई थी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में कोई तात्कालिता नहीं है और इसे सुनवाई के लिए नियमित कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए।

रॉय की बुआ, जो उनके परिवार के साथ लखनऊ में रहती थी, का गुरुवार को 92 वर्ष की अवस्था में देहांत हो गया था।

बुधवार को ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समायावधि समाप्त हो जाने के बाद रॉय को तिहाड़ के कांन्फ्रेंस हॉल में बनाए गए अस्थायी दफ्तर से वापस जेल कोठरी में भेज दिया गया था।

 

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लौट के सुब्रत जेल को आए

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शशिशेखर की हिटलरशाही से परेशान है नोएडा का स्टाफ

हिन्दुस्तान को दिल्ली से नोएडा लाकर भी इस अखबार के मुख्य संपादक के दिल को चैन नहीं पड़ा। यहां लाकर उसने कर्मचारियों की जुबान पूरी तरह बंद कर दी। लगता नहीं कि ये लोग दिल्ली के अखबार हिन्दुस्तान से आए हैं या पूरे बंधुआ मजदूर हैं। यहां आकर मुख्य संपादक शशिशेखर का व्यवहार एकदम बदल गया है। वह पूरी तरह से हिटलर हो गए हैं। इनमें और रावण में कई समानताएं हैं। ये बहुत घमंडी हैं। अखबार की क्वालिटी सुधारने के बजाय फालतू चीजों में लोगों को परेशान करना, अचानक काम करते हुए कर्मचारी को पीछे से आकर डराना-धमकाना और बेइज्जत करना इनका रोज का काम हो गया है।

ये न सिर्फ डेस्क के कर्मचारियों को घोर दुख दे रहे हैं बल्कि ये बड़े एचओडीज़ और अन्य संपादकों को भी बिना बात के जमकर बेइज्जत करने में कोई देरी नहीं करते। शायद ये भूल गए कि ये एक भारत के बड़े अखबार में काम कर और करवा रहे हैं। बल्कि लगता हैं कि ये किसी कारखाने में किसी मजदूर से मजदूरी करा रहे हैं। इन्हें ध्यान रखना चाहिए कि ये पढ़े लिखे लोगों को और उन लोगों को डील कर रहे हैं जिन्होंने इस अखबार में इतने सालों से अपना पूरा तन-मन दिया है। यह 80 साल पुराना अखबार कोई यूं ही नहीं जो चल रहा है।

इनको अपने झूठे घमंड को त्यागकर, अच्छा माहौल जो मीडिया के लिए बहुत जरूरी है उसे बनाए रखना चाहिए। जैसा दिल्ली में था, न कि बदला लेना चाहिए। इतने बड़े व्यक्ति को ये सब शोभा नहीं देता। अब उमर के इस पड़ाव पर ये ऐसा कुछ करें जिससे लोग इनकी इज्जत दिल से करें न कि मजबूरी से।

 

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित।

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