भास्कर के छायाकार ने बचायी महिला की जान

चंडीगढ़। बंग भवन, सेक्टर-35 में शुक्रवार दोपहर सिंदूर खेला के दौरान आरती के दीपक से एक महिला की साड़ी में आग लग गई। मां दुर्गा से सिंदूर खेला के लिए महिलाएं लाइन में लगी हुई थीं। भास्कर के फोटो जर्नलिस्ट रविंदर भाटिया वहां मौजूद थे। आग लगी तो भाटिया ही महिला के सबसे करीब थे। उन्होंने तुरंत ही पास पड़ी कुर्सी के कवर को निकालकर आग बुझानी शुरू कर दी। इतने में कुछ और लोग भी आगे आए और पानी डालकर आग बुझाई। बंग भवन के प्रेजिडेंट अरुण नाग सरकार ने भाटिया के इस साहसिक कार्य की सराहना की।

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डॉ. सत्यदेव बने दिबियापुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष, मनोज महामंत्री

दिबियापुर। गुरूवार को दिबियापुर में प्रेस क्लब का गठन किये जाने के लिये राघव पैलेस में एक बैठक बुलायी गयी जिसमें डॉ. सत्यदेव राजपूत को सर्वसम्मति से प्रेस क्लब का अध्यक्ष चुना गया। मनोज दुबे को महामंत्री पद के लिए चुना गया है।

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लीड खबर का शीर्षक गड़बड़ होने से पूरा अख़बार पिटा नज़र आने लगता है

भड़ास पर नवभारत टाइम्स मुंबई में दशहरा की तैयारी की फोटो खबर में बुराई पर अच्छाई की जीत की जगह अच्छाई पर बुराई की जीत की खबर पढ़ी।

ये चूक पत्रकार साथियों से अक्सर होती है। अभी तक के पत्रकारिता जीवन में मैंने कई बार इस तरह की गड़बड़ी देखी है। कुछ साल पहले अमर उजाला मेरठ में एक साथी से यह गलती हो गई थी। तब संपादक शशिशेखर जी थे। नवभारत टाइम्स की खबर में तो फोटो के साथ दी गई पंक्तियों में दशहरा से कुछ पहले यह गड़बड़ हुई है, लेकिन अमर उजाला में ठीक दशहरा के अगले दिन सुबह को जब लोगों ने अखबार खोला तो सिटी के पेज पर लीड खबर का शीर्षक लगा था- अच्छाई पर बुराई की विजय।

नदियां जीवनदायिनी हैं, उनका संरक्षण और शुद्धिकरण ज़रूरी है

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यमुना के जल पर तैरता औद्योगिक अपशिष्ट

सब जानते हैं कि नदियों के किनारे ही अनेक मानव सभ्यताओं का जन्म और विकास हुआ है। नदी तमाम मानव संस्कृतियों की जननी है। प्रकृति की गोद में रहने वाले हमारे पुरखे नदी-जल की अहमियत समझते थे। निश्चित ही यही कारण रहा होगा कि उन्होंने नदियों की महिमा में ग्रंथों तक की रचना कर दी और अनेक ग्रंथों-पुराणों में नदियों की महिमा का बखान कर दिया। भारत के महान पूर्वजों ने नदियों को अपनी मां और देवी स्वरूपा बताया है। नदियों के बिना मनुष्य का जीवन संभव नहीं है, इस सत्य को वे भली-भांति जानते थे। इसीलिए उन्होंने कई त्योहारों और मेलों की रचना ऐसी की है कि समय-समय पर समस्त भारतवासी नदी के महत्व को समझ सकें। नदियों से खुद को जोड़ सकें। नदियों के संरक्षण के लिए चिंतन कर सकें।

ईटीवी के मनीष का लखनऊ तबादला, रीतेश का हिन्दुस्तान से इस्तीफा

ईटीवी राजस्‍थान, जयपुर की मॉर्निंग शिफ्ट के डेस्‍क प्रभारी मनीष कुमार का तबादला लखनऊ कर दिया गया है। वे लखनऊ में पूर्व की भांति चीफ रिपोर्टर के पद पर तैनात होंगे। मनीष कुमार का इसी साल फरवरी में लखनऊ से जयपुर तबादला हुआ था।

शराब पी कर पत्रकार से अभद्रता करने वाला दरोगा सस्पेंड

लोनी। जनपद के लोग खुद को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते है, जब उनकी सुरक्षा की कमान संभालने वाली खाकी ही नशे में बहकने लगे। ताजा मामला लोनी थाना क्षेत्र का है। इन्द्रपुरी चौकी के दरोगा कविश कुमार ने नशे में जमकर हंगामा किया और एक पत्रकार से अभ्रदता भी की। पत्रकार राजीव मिश्र किसी मामले की जानकारी के लिये बुधवार रात इन्द्रापुरी पुलिस चौकी गए थे जहां दरोगा ने उनके साथ अभद्रता की। राजीव ने दरोगा के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। उधर घटना के बाद से लोनी पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों में रोष व्याप्त है। पदाधिकारियों ने एसएसपी से मिलकर से दरोगा के खिलाफ कारवाई की मांग की।

लड़की छेड़ने वाले पत्रकार को पुलिस ने हवालात में डाला

बड़े बड़े चैनल अपने यहां नौकरी देते वक्त कई बार अपने कर्मचारियों के अपराधिक रिकॉर्ड की जांच तक नहीं करवाते। इस कारण कई अवांछित लोग माडिया में प्रवेश पा जाते हैं। ऐसे ही एक महाशय ज़ी मप्र/छग चैनल, रायपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। राह चलती लड़की को छेड़ने और पुलिस वालों को धमकाने के आरोप में जेल की हवा खाने पहुंच गए। घटना मंगलवार रात की है। अभिषेक झा नामक पत्रकार ने पहले तो लड़की को छेड़ा, उसके मंगेतर से झगड़ा किया और थाने में पत्रकार होने का रौब झाड़ने भी पहुंच गए। पुलिस ने रात भर पत्रकार को थाने में बैठाकर रखा और बुधवार को कोर्ट में पेश किया। ये ख़बर केवल नवभारत में प्रकाशित हुई।

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प्रिंट एवं ईलेक्ट्रॉनिक मिडिया के पत्रकारों के लिए रामगढ़ प्रेस क्लब का गठन

रामगढ़ (झारखंड) जिले में प्रेस क्लब के गठन को लेकर 11 सदस्यीय तदर्थ कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी के निर्देशन में चलाया जा रहा सदस्यता अभियान अंतिम दौर में है। लगभग 130 पत्रकारों को इस संस्था से जोड़ने के प्रयास के तहत सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है। सदस्यता शुल्क के रूप में सहयोग राशी 51 रू. रखी गई है। दुर्गा पूजा के बाद संभवतः इसी माह में चुनाव होने की संभावना है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब प्रिंट एवं ईलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी पत्रकार एक संगठन के लिए कार्य करेंगे।

जानो दुनिया न्यूज़ चैनल का भूतपूर्व आईएएस मालिक पत्रकारों को ओछा और दो कौड़ी का समझता है

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जानो दुनिया के मालिक भूतपूर्व आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता

Naresh Soni: अहमदाबाद से एक बेहद बुरी खबर आई कि जानो दुनिया न्यूज़ चैनल बंद हो गया है… कुछ महीनों तक मैं भी इस चैनल से जुड़ा रहा, लेकिन यहां की अव्यवस्था देखकर काफी पहले मैंने किनारा करना सही समझा.. अब जो लोग वहां रह गए, क्या आप सब उनकी मदद के लिए आगे आएंगे?

नवभारत टाइम्स मुंबई के लिए दशहरा मतलब अच्छाई पर बुराई की जीत

अपने आप को बहुत ज्ञानी समझने वाले नवभारत टाइम्स मुंबई ने इस बार अच्छाई पर बुराई की विजय करवा दी। वह दिन दूर नहीं जब ये लोग राम के दहन का जश्न मनाएंगे। वैसे भी एनबीटी वाले हिंदी भाषा को अपनी दासी समझते है इसलिए कभी भी उसके साथ खिलवाड़ कर लेते हैं। हिंदी के बीच अंग्रेजी लिख देते हैं। एक ऐसा अखबार जहां के लोग खुद को बड़ा पंडित समझते हैं। एक दूसरे को पंडित जी कह कर जय जय करते है। ये लोग दशहरे के लिए तैयार हो रहे रावण के मुखौटे छापते हैं और लिखते है कि विजया दशमी के दिन उसे फूंक कर अच्छाई पर बुराई की जीत की रीत बखूबी निभाई जा सके। लगता है एनबीटी मुंबई वालों को रावण ही अच्छाई का प्रतिक लगता है।

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30 सितंबर, 2014 को प्रकाशित फोटो

वसूली के चक्कर में पिटे दो नामी प्रेस छायाकार

फैजाबाद। वसूली के चक्कर में गये दो समाचार पत्रों के फोटोग्राफरों को कुछ लोगों ने ऐसा धुना की मामला पुलिस तक पहुंच गया। हुआ यूं कि लखनऊ से प्रकाशित समाचार पत्रों के दो फोटोग्राफर 29 सितम्बर को शहर के फतेहगंज क्षेत्र में दुर्गापूजा के दौरान वसूली करने गये थे, वहां कुछ लोगो ने उन दोनो को जमकर पीटा। हालात इतने बिगड़ गये पिटे छायाकारों को शिकायत लेकर थाना कोतवाली नगर जाना पड़ा। पत्रकारों का मामला होने के कारण बड़ी से बड़ी घटना को दर्ज करने में आनाकानी करने वाली पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए पीड़ित छायाकारो की तहरीर पर अपराध संख्या 774/14- धारा 279, 337, 429, 523, 504, 506 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी युवक की शीघ्र गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।

अपने पीआरओ पर इतना क्यों मेहरबान हैं डीजीपी सिद्धू

उत्तराखंड के भूमाफिया डीजीपी बीएस सिद्धू का एक और कारनामा सामने आया है। डीजीपी साहब के एक पीआरओ हैं उनको साल भर में पुलिस विभाग ने दो बार विशिष्ट सेवा सम्मान दे दिया। 26 जनवरी 2014 को पहली बार सराहनीय सेवा सम्मान चिन्ह दिया गया था, 15 अगस्त 2014 को उत्कृष्ट सेवा सम्मान भी दे दिया गया। नियम यह है कि एक बार पुरस्कार मिलने के बाद 6 साल बाद ही अगला पुरस्कार दिया जा सकता है। और उस पर तुर्रा यह कि सम्मान देने वाली कमेटी के अध्यक्ष डीजीपी खुद ही हैं। लेकिन डीजीपी कहते हैं कि सब कमेटी करती है मुझे तो याद ही नहीं कि किसको कितनी बार पुरस्कार मिला है।

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लौट के सुब्रत जेल को आए

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तिहाड़ के कांन्फ्रेंस हॉल में बनाए गए अस्थायी जेल-दफ्तर में करीब दो महीने रहने के बाद सुब्रत राय वापस कारागार लौट आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने रॉय को उनकी विदेशी संपत्ति बेचने के लिए तिहाड़ के कॉन्फ्रेंस हॉल के इस्तेमाल की इजाज़त दी थी।

दबंग दुनिया भोपाल के न्यूज़ एडिटर ने उड़ाई जागरण जोश की स्टोरी

इंदौर। एक सितंबर से दबंग दुनिया की नई मैगजीन मुंबई से शुरू हुई है। इसमें पहली स्टोरी ‘इनोवेशन में सुनहरा भविष्य’ हेडिंग से प्रकाशित हुई। स्टोरी भोपाल संस्करण के न्यूज एडिटर अमित देशमुख ने अपने नाम और फोटो से प्रकाशित की है। इतना ही नहीं अपनी ईमेल आईडी भी बाईलाइन के साथ लगाई।

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सफाई के इस तमाम प्रचार अभियान में सफाईकर्मी ही गायब हैं

आज ही गांधी जी का जन्मदिन है. उनके कामों से और जो भी मतभेद हों पर गांधी जी अपना टॉयलेट अपने बड़े, बहुत बड़े व्यक्तित्व बन जाने तक खुद साफ़ करते थे। आज उन्ही के नाम पर सफाई की बातें हो रही हैं, पर बड़ी सफाई से सफाईकर्मियों के बदहाल जीवन की बातें इसमें बताई ही नहीं जा रही। सफाई के तमाम प्रचार अभियान में सफाईकर्मी का कोई चेहरा नहीं है। ऐसा कैसे हो जाता है! मूल मुद्दा गायब और कास्मेटिक मुद्दा हावी। clean day 640x480

विश्व हिंदी सचिवालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी लघुकथा प्रतियोगिता के लिए अपनी प्रविष्टियां भेजें, देखें विज्ञापन

भारत सरकार व मॉरीशस सरकार की द्विपक्षीय संस्था ‘विश्व हिंदी सचिवालय’ द्वारा विश्व हिंदी दिवस 2015 के उपलक्ष्य में अंतरराष्ट्रीय हिंदी लघुकथा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। आप दुनिया के किसी भी हिस्से में हो अपने भौगोलिक क्षेत्र का जिक्र करते हुए नियम व शर्तों के अनुरूप अपनी प्रविष्टि भेज सकते हैं। प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र के विजेताओं को प्रमाण पत्र व नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रथम पुरस्कार 300 डॉलर, द्वितीय पुरस्कार 200 डॉलर और तृतीय पुरस्कार 100 डॉलर है। प्रविष्टियां भेजने की अंतिम तिथि 15 नवम्बर, 2014 है। स्वयं भाग लें और मित्रों को भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। अधिक जानकारी के लिए नीचे विज्ञापन को पढ़ें:

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एनबीटी के अनुसार कोई अमित शर्मा नामक शख्स भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष है

ऑन लाइन खबरों की भागम-भाग भरी दुनिया में ग़लतियां होना एक आम बात है। वर्तनी की अशुद्धियां, तथ्यातमक ग़लतियां अक्सर हो जाया करती हैं। एक बड़े ब्राण्ड से ये अपेक्षा की जाती है की उसका कंटेंट दोषमुक्त होगा और बाकियों के लिए एक उदाहरण होगा। लेकिन जब नवभारत टाइम्स की वेबसाइट के कंटेंट में ही तथ्यात्मक ग़लतियां होने लगें तो क्या कहा जाए। ग़लती भी ऐसी जिसे कोई बच्चा भी पकड़ ले। अंबाला में भाजपा चुनाव प्रचार की एक ख़बर में किसी अमित शर्मा नामक शख्स को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया गया। अब ये टाइपिंग की गलती है या सामान्य ज्ञान की कमी ये तो एनबीटी वाले ही बता सकते हैं। देखें स्क्रीनशॉटः

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राजदीप जैसे राष्ट्रीय पत्रकार को जनता ने एक झापड़ में अन्तर्राष्ट्रीय बना दिया

बारात  में अक्सर कोई शराबी या बिना पिए ही कोई किसी से लड़ जाए और पिट जाए तो कोई नहीं कहता कि दूल्हे ने पिटवा दिया या उसके बाप ने पिटवा दिया। या दुल्हन ने और उसके बाप ने पिटवा दिया। तो फिर अमेरिका में राजदीप की करतूतों के लिए वह पिट गये तो मोदी इसके लिए कैसे जिम्मेदार हैं? यह आसानी से समझ में आ जाने वाली एक सामान्य सी बात है। और इसके लिए अमेरिका की सरकार जिम्मेदार नहीं है, यह भी कैसे समझ लिया जाए।

हिन्दी अंग्रेजी का स्थान ले तो मुझे अच्छा लगेगा, अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है लेकिन वह राष्ट्रभाषा नहीं हो सकती: महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के सपनों के भारत में एक सपना राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी को प्रतिष्ठित करने का भी था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रभाषा के बिना कोई भी राष्ट्र गूँगा हो जाता है। हिन्दी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में एक राजनीतिक शख्सियत के रूप में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। महात्मा गांधी की मातृभाषा गुजराती थी और उन्हें अंग्रेजी भाषा का उच्चकोटि का ज्ञान था किंतु सभी भारतीय भाषाओं के प्रति उनके मन में विशिष्ट सम्मान भावना थी। प्रत्येक व्यक्ति अपनी मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करे, उसमें कार्य करे किंतु देश में सर्वाधिक बोली जाने वाली हिन्दी भाषा भी वह सीखे, यह उनकी हार्दिक इच्छा थी।

खंडूड़ी साहब, लोगों के घर वोट मांगने क्या आप अपॉइंटमेंट लेकर जाते हैं?

रविवार, 28 सितम्बर को एक मित्र के आग्रह पर कार्यक्रम के लिए उत्तराखंड के सांसदों को न्योतने का प्रोग्राम बना। कुल जमा सात लोग थे। विश्वस्त सूत्रों से मालूम हुआ कि फिलहाल दिल्ली में सिर्फ एक सांसद माननीय बीसी खंडूड़ी मौजूद हैं। लिहाजा तय हुआ कि पहले उन्हीं से मिल लिया जाए।

‘प्रवक्ता डॉट कॉम’ की लेख प्रतियोगिता के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित, पढ़ें विज्ञप्ति

विचार पोर्टल ‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ (www.pravakta.com) के छह साल पूरे होने पर तृतीय ऑनलाइन लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस बार प्रतियोगिता का विषय है- ‘वेब मीडिया की बढ़ती स्‍वीकार्यता’। प्रथम पुरस्‍कार: रु. 2500, द्वितीय पुरस्‍कार: रु. 1500 एवं तृतीय पुरस्‍कार 1100 रुपए तय किया गया है।

स्वाधीनता संघर्ष के दौरान गांधी ने पत्रकारिता का उपयोग एक हथियार के रूप में किया था

जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूविवि के जनंसचार विभाग में महात्मा गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर ‘गांधी, पत्रकारिता एवं समाज’ विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर छात्रों को महात्मा गांधी द्वारा लिखित ‘दक्षिण अफ्रीका के सत्याग्रह का इतिहास’ पुस्तक भेंट की गयी। गोष्ठी में विभाग के प्राध्यापक डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि पत्रकारिता, समाज सेवा एवं राजनीति करने वालों के लिए गांधी आदर्श है। पत्रकारिता के क्षेत्र में सच को उजागर करना पहली जिम्मेदारी है। इसकी शुरूआत स्वयं महात्मा गांधी ने की थी।

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गोष्ठी को सम्बोधित करते डाॅ. मनोज मिश्र

टीवी पत्रकार सौम्या विश्वनाथन की हत्या के आरोपी को तीन साल की सजा

दिल्ली। मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने टीवी जर्नलिस्ट सौम्या विश्वनाथन की हत्या मामले में मुख्य आरोपी रवि कपूर को एक दूसरे केस में तीन साल की सज़ा सुनाई है। अशोक पर 2009 में पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च झोंक कर हिरासत से भागने को प्रयास का आरोप था।

क्या सिर्फ ‘बिकाऊ ब्रांड’ ही पत्रकारिता करते हैं, बाकी सब भाड़ झोंकते हैं

टीवी पत्रकारिता आज जिस दौर में पहुंच चुकी है और मार्केटिंग के जिस खेल में आज के पत्रकार चाहे अनचाहे शामिल हो चुके हैं उसमें एक ब्रांड बन जाना तो आसान होता है लेकिन उस ब्रांड की गरिमा को बरकरार रखना और अपनी पेशेगत ईमानदारी बनाए रखना खासा मुश्किल। न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर के पास जो कुछ हुआ उसे लेकर तमाम बहस चल रही है। किसने सही किया किसने गलत, पत्रकारिता कितनी शर्मसार हुई, देश के पत्रकारों की छवि कितनी खराब हुई और क्या एक वरिष्ठ पत्रकार को इस तरह की हरकत शोभा देती है?

बुरा न मानना बापू, तुम्हारे फलसफों की अब किसी को ज़रूरत नहीं रही

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बापू इस बार आपको जन्मदिन में हम चरखा नहीं, वालमार्ट भेंट कर रहे हैं. गरीबी तो खत्म नहीं कर पा रहे हैं, इसलिये गरीबों को खत्म करने का अचूक नुस्खा हमने इजाद कर लिया है. खुदरा बाजार में हम विदेशी पूंजी निवेश को अनुमति दे दी है. हमें ऐसा लगता है कि समस्या को ही नहीं, जड़ को खत्म कर देना चाहिए और आप जानते हैं कि समस्या गरीबी नहीं बल्कि गरीब है और हमारे इन फैसलों से समस्या की जड़ गरीब ही खत्म हो जाएगी. बुरा मत मानना, बिलकुल भी बुरा मत मानना.

ऑन लाइन फ्रॉड से बचें, किसी को अपना 16 अंकों का क्रेडिट या डेबिट कार्ड नम्बर न बताएं

पिछले कई महीनों से पूरे देश में ऑन लाइन फ्रॉड हो रहे हैं। प्रायवेट बैंकों में भी और राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी। क्रेडिट कार्ड पर भी और डेबिट कार्ड पर भी। हैरत की बात ये है कि अभी तक पुलिस ऐसे किसी संगठित गिरोह या ठग को पकड़ नहीं पाई है जो ऐसे कारनामे अंजाम दे रहे हैं। ये लोग हमेशा मोबाइल से ही लोगों को फोन करते हैं। ऐसे ठगों के पास कोई ऐसी तकनीक है कि ये पता ही नहीं चलता कि कॉल करने वाले का मोबाइल किस कम्पनी का है। सिम कार्ड किसके नाम है या वो किस जगह से बोल रहा है। हाँ इतना ज़रूर पता चला है कि इन ठगों ने कई लोगों के क्रेडिट कार्ड से सिंगापुर, दुबई, बैंकाक, कनाडा आदि बाहर के देशों में ख़रीददारी की है। इसलिए ये भी सम्भव है कि ये मोबाइल सिमकार्ड विदेशों के हो।

शपथ पत्र की आड़ में पत्रकारों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा इकट्ठा कर रही शिवराज सरकार

मध्यप्रदेश सरकार पत्रकारों की जन्म कुंडली तैयार करा रही है। खासतौर से आवंटित सरकारी आवासों को लेकर शिवराज सरकार अचानक कुछ ज्यादा ही संजीदा हो गई है। सरकार ने पुरानी और नई पीढ़ी के बीच संतुलन और सामंजस्य बनाकर जायज पत्रकारों को उनका हक देने का जो फार्मूला बनाया है उसने मीडिया जगत में एक नई बहस छेड़ दी कि आखिर मीडिया फ्रेंडली कहे जाने वाले शिवराज के राज में पत्रकारों को ही क्यों निशाने पर लिया जा रहा है। सवाल उठना लाजमी है कि जिस शपथ पत्र की आड़ में पत्रकारों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा इकट्ठा किया जा रहा है क्या ये ही फार्मूला नेताओं चाहे फिर वो मंत्री, विधायक और सांसद के साथ-साथ नौकरशाहों पर भी लागू होगा। आखिर शिवराज अचानक मीडिया के प्रति इतने सख्त क्यों हो गए।

कंटाप मारना जूता मारने से अधिक इकोनोमिकल है

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आजकल थप्पड़ वाला फैशन चल रहा है| पहले जूते फेंकने का था| पर अब वो आउटडेटेड हो गया है| जूता वाला फैशन सक्सेसफुल नहीं था| कई पेंच थे उसमे सबसे बड़ा झंझट था निशाना लगाने का| अब हर कोई अभिनव बिंद्रा तो है नहीं जो 4 करोड़ खर्च कर निशाने बाजी सीखे| अपने यहाँ लोग या तो गुलेल से कबूतर उड़ा के निशाना लगाना सीखते हैं या देशी तमंचे से लोगो को उड़ा कर| अब कबूतर तो साइबेरिया चले गए और तमंचे सारे सपाइयो ने हथिया लिए| ऐसे में आम आदमी निशाना लगाना सीखे भी तो भला कैसे?

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मिंट के साथ कंटेंट शेयरिंग समझौता समाप्त किया

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‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने एचटी मीडिया के बिज़नेस दैनिक ‘मिंट’ के साथ अपने कंटेंट और रेवेन्यू समझौते को समाप्त कर दिया है। इसके बाद से वॉल स्ट्रीट जर्नल का कंटेंट केवल उसकी वेब साइट के लिए ही होगा।

आशीष पंडित बने ज़ी मीडिया के सीईओ, समीर अहलूवालिया सीईओ कंटेंट

ज़ी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (ज़ेडएमसीएल) ने ज़ी बिजनेस के संपादक समीर अहलूवालिया को सीईओ, कंटेंट बनाया है। अहलूवालिया एक लम्बे अर्से से कंपनी में काम कर रहे हैं। मई में आलोक अग्रवाल के रिलायंस इंडस्ट्रीज़ से जुड़ जाने के बाद से उन्हे कार्यवाहक सीईओ की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी निभानी पड़ रही थी।