महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा और पेंशन कानून बनने के आसार, राज्य कैबिनेट लाएगी प्रस्ताव

मुंबई। महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून बनने की संभावना व्यक्त की जा रही है। राज्य के गृहमंत्री आरआर पाटील ने कल मुंबई मे कहा कि अगली कैबिनेट की मीटिंग के सामने पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकार पेन्शन के विषय में प्रस्ताव लाकर उस विषय पर सकारात्मक फैसला लिया जायेगा। राज्य के विधानसभा का वर्षाकालीन अधिवेशन का कल समापन हो गया। इस अधिवेशन के आखिरी दिन विधानसभा के अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटील ने राज्य के पत्रकारों की समस्या के विषय में चर्चा करने के लिए पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति को आमंत्रित किया था। इस बैठक मे आरआर पाटील भी उपस्थित थे।

भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा पर पुलिसिया हमले की चहुंओर निंदा, जांच की मांग

पत्रकारों पर भांजी हर लाठी का हिसाब होगा : अर्पण जैन

इन्दौर, 14 जून 2014। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर लगातार हो रहे हमले और राज्यशासन द्वारा पत्रकारो की सुरक्षा की उपेक्षाए दुखद है । कलम का सिपाही दिनरात एक कर के खबरो पर नजर बनता है और उसमे भी अपनी जान पर खेल कर किंतु इस स्तिथि मे भी शासन द्वारा उसे कोई सुरक्षा नही उपलब्ध करवाई जाती है बल्कि उसी कलम के सिपाही पर हमले होते है। कल भोपाल के पत्रकार अजय वर्मा ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए थाने मे आत्मदाह करते हुए व्यक्ति का फोटो लेना चाहा तो पुलिसकर्मियो ने उस पर लाठिया बरसाना शुरू कर दिया । हमले मे अजय वर्मा बुरी तरह घायल हुए और गंभीर हालत मे उन्हे अस्पताल मे भर्ती कराया गया । पत्रकार संचार परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्पण जैन ने इस संबंध मे भोपाल आई जी योगेश चैधरी से मुलाकात की भोपाल आई. जी. चौधरी ने श्री जैन को बताया की दोषी पुलिसकर्मीयो को तत्काल लाइन अटेच भी कर दिया है तथा एक कमेटी इसकी जाँच के लिए बनाई गई है जो जाँच कर रही है तथा दोषियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का भरोसा भी दिलाया । आई. जी. चैधरी से मुलाकात के बाद प्रदेश कार्यालय पर श्री जैन ने परिषद के साथियो की मीटिंग भी ली तथा सभी पत्रकारो को संगठित होने का आव्हान भी किया और कहा की ‘‘ ये हमला लोकतंत्र पर हमला है जो निंदनीय है तथा हमारे साथी अजय पर बरसाई हर लाठी का हिसाब लिया जाएगा ।’’

‘न्यूज़ फर्स्ट’ टीवी का सॉफ्ट लांच

देश के सबसे नए लाइव वेब न्यूज़ चैनल ‘न्यूज़ फर्स्ट डॉट टीवी’ का सॉफ्ट लांच हो गया। गौरी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड समूह के इस नए वेब न्यूज़ चैनल के सीएमडी और समूह संपादक डॉक्टर ललित भारद्वाज हैं। मेरठ में हुई लांच पार्टी में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत देश के तमाम बड़े आईएएस और आईपीएस अफसर, उद्योगपति, राजनेता, मंत्री, सांसद, विधायक, यूनिवर्सिटी के चांसलर्स, नामचीन डॉक्टर्स और पत्रकार शामिल हुए। इस मौक़े पर डॉक्टर ललित भारद्वाज के पुत्र अधिराज वर्द्धन भारद्वाज का नाम करन संस्कार भी किया गया।

श्रवण गर्ग का कैंसर पीड़ित मीडियाकर्मी दिनेश जोशी से यह बर्ताव कतई उचित नहीं कहा जाएगा

अपने गुस्से के लिए चर्चित श्रवण गर्ग (नईदुनिया के प्रधान संपादक) ने एक और बेकसूर कर्मचारी का शिकार किया है। पिछले 15 साल से संस्थान की सेवा कर रहे चीफ सब एडिटर दिनेश जोशी को कुछ माह पूर्व ब्रेन टयूमर हो गया था। कंपनी नियमों के अनुसार श्री जोशी ने चिकित्सकीय अवकाश के लिए आवेदन दिया और दक्षिण भारत में उपचार करवाया। वापस लौटने पर अपनी पत्नी के साथ प्रधान संपादक से मिलने कार्यालय पहुंचे। उन्हें देखते ही प्रधान संपादक का पारा सांतवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्हें तुरंत काम पर लौटने का फरमान सुना दिया।

आर. अनुराधा का निधन

नई दिल्ली । भारतीय सूचना सेवा की वरिष्ठ अधिकारी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग में संपादक आर. अनुराधा नहीं रहीं। वे लम्बे समय से कैंसर से जूझ रही थी। 2005 में अनुराधा ने कैंसर से अपनी पहली लड़ाई पर आत्मकथात्मक पुस्तक लिखा था, “इंद्रधनुष के पीछे-पीछे : एक कैंसर विजेता की डायरी”। यह किताब राधाकृष्ण प्रकाशन से 2005 में प्रकाशित हुई थी। उनकी एक और महत्वपूर्ण कृति है- “पत्रकारिता का महानायकः सुरेंद्र प्रताप सिंह संचयन” जो राजकमल से जून 2011 में प्रकाशित हुआ था।  वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल की पत्नी होने के वावजूद आर. अनुराधा की अपनी अलग लेखकीय पहचान थी।

भारतीय मीडिया का एक हिस्सा अब पहले से कम ‘स्वतंत्र और विश्वसनीय’ है

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ द्वारा नेटवर्क18 के अधिग्रहण पर मुख्यधारा के मीडिया में बहुत कम विमर्श हुआ। ‘इकोनॉमिक एंड पोलिटिकल वीकली’ के एक लेख में वरिष्ठ पत्रकार प्रान्जॉय गुहा ठाकुरता लिखते हैं कि रिलायंस और नेटवर्क18 के इस गठबंधन का असर सूचना और मतों के प्रसार की विजातीयता और विविधता पर पड़ेगा। इससे भारत जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में मीडिया की बहुलता में कमी आएगी।

संजय पांडेय, नीलाभ, शिवेंद्र सिंह चौहान बन गए अंबानी के कर्मचारी, रिलायंस से जुड़े

कभी अंबानी का नौकर बनना मीडिया वालों के लिए गाली की तरह माना जाता था लेकिन बदले वक्त में सबसे बड़ा मीडिया मुगल बन चुके अंबानी के यहां नौकरी करने की होड़ मच चुकी है पत्रकारों में. मुकेश अंबानी वाले रिलायंस के मीडिया वेंचर के साथ कई लोग जुड़ने लगे हैं. इनमें कार्टूनिस्ट नीलाभ, संजय पांडे,  शिवेंद्र चौहान आदि शामिल हैं. इसके पहले गौतम चिकरमाने, उमेश उपाध्याय, बी.वी.राव, आलोक अग्रवाल आदि रिलायंस के मीडिया उपक्रम से जुड़ चुके हैं.

मजीठिया के नाम पर चवन्नी बढ़ा, पत्रिका ने भी जबरन साइन कराया हलफनामा

जयपुर से सूचना है कि राजस्थान पत्रिका ने एडिटोरियल विभाग सहित सभी कर्मचारियों से जबरन एक हलफनामा साइन कराया है कि वे मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के नाम पर बढ़ाए गए वेतन-भत्तों से खुश हैं। गौरतलब है कि मजीठिया सिफारिशों की धज्जियां उड़ाते हुए पत्रिका ने सिर्फ 1000 से 3000 रुपए ही बढ़ाए हैं। जैसा कि अन्य संस्थानों में हुआ है, नौकरी खोने के डर से पत्रिका कर्मियों ने इस हलफनामे पर साइन कर दिए हैं।

अभिव्यक्ति की रचनात्मक परंपरा है ‘हस्तलिखित भित्ती पत्र-पत्रिकाएं’

“तुम जो बोलते हो मैं उसका समर्थन कभी नहीं करूंगा लेकिन तुम्हारे बोलने के अधिकार का समर्थन मैं मरते दम तक करूंगा”…. वॉल्टेयर द्वारा कहा गया यह वाक्य एक स्वस्थ समाज में अभिव्यक्ति व विरोध की उपस्थिती की अनिवार्यता को दर्शाता है।

आज जबकि सोशल नेटवर्किंग का दौर है लोगों के हाथों में टैबलेट्स, मोबाईल, गैजेट्स, लैपटॉप सहित अन्य आधुनिक उपकरणों ने संचार की गति को अत्यधिक तीव्रता प्रदान की है। मीडिया कर्न्वजेंस ने आज दैनिक समाचार पत्र  जैसे पारंपरिक मुद्रित माध्यम के किसी भी क्षेत्रीय अंक को भी लोगों के एनराइड सेट्स तक पंहुचा दिया है। मोबाईल में उपलब्ध एफएम व विविध भारती ने रेडियो को स्मृति चिन्ह के रूप में तब्दील कर दिया। माध्यम के साथ अभिव्यक्ति का स्वरूप और भाष बदलने लगी। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति या समूह बहुत पुराने परंपरागत माध्यम द्वारा हाथ से लिखकर, पृष्ठसज्जा कर, कार्टून व कैरिकेचर बनाकर शिद्दत के साथ अलग-अलग दीवारों पर जाकर अपने विचारों को अभिव्यक्त करे तो निश्चित ही एक उत्सुकता का विषय बनता है। आखिर ये युवा ऐसा कर क्यों रहें हैं? तमाम अत्याधुनिक संचार माध्यमों को छोड़कर इस प्रकार से विचारों की अभिव्यति का क्या उद्देश्य हो सकता है?

लगता है अखिलेश सबसे नाकारा मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र का भी रिकार्ड तोड़ देंगे!

Dayanand Pandey : अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव अगर परिवारवाद की जकड़न और प्रशासन में यादव वर्चस्व से मुक्ति दे दें, थाना प्रभारियों में यादवों का जोर काम कर दें और कि अपना हस्तक्षेप भी कम से कम कर दें तो शायद अखिलेश सरकार की फजीहत में कुछ कमी आ जाए । नहीं तो लगता है कि एक समय के सबसे नाकारा मुख्यमंत्री श्रीपति मिश्र का भी सारा रिकार्ड तोड़ देंगे। श्रीपति मिश्र के कार्यकाल में एक स्लोगन चलता था नो वर्क, नो कंप्लेंड!

‘आज समाज’ से जुड़े रवीन ठुकराल, ‘संडे गार्डियन’ की भी संभाली कमान

वरिष्ठ पत्रकार रवीन ठुकराल को हिन्दी दैनिक अख़बार ‘आज समाज’ का एडिटर-इन-चीफ और अंग्रेज़ी के साप्ताहिक अखबार ‘द संडे गार्डियन’ का ग्रुप एडिटर बनाया गया है। उन्होंने दिल्ली स्थित कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण किया। रवीन की एक लंबे अंतराल के बाद सक्रिय पत्रकारिता में वापसी हो रही है।

टीआरपी : इंडिया टीवी ने एबीपी न्यूज को इंडिया न्यूज ने न्यूज नेशन को पीछे किया

23वें हफ्ते की टीआरपी में इंडिया नामधारी दो चैनलों ने अपने करीबियों को पछाड़ने में कामयाबी हासिल की है. इंडिया टीवी ने एबीपी न्यूज को पछाड़कर नंबर दो का रुतबा हासिल कर लिया है. वहीं इंडिया न्यूज ने न्यूज नेशन को पीछे करके पांचवें नंबर के चैनल का अपना पुराना स्थान हासिल कर लिया है.

‘न्यूज नेशन’ चैनल ने अपने संवाददाताओं को पहुंचाया भुखमरी की कगार पर

YASHWANT SIR, आज देश का एक बड़ा युवा वर्ग मीडिया की ओर आकर्षित हो रहा है और इस पेशे में वह भविष्य देख रहा है। मगर वह इस सच्चाई से कोसों दूर है कि जिस पेशे के सपने वह संजो रहा है उस पेशे से जुड़े लोगों की कितनी बुरी दशा है। आज वह किस हालत में अपनी जिंदगी बसर कर रहे हैं। उनके बच्चों की पढ़ाई का क्या हाल है और वह अपने परिवार के लिए किस मुश्किल से दाल रोटी का जुगाड़ कर पा रहे हैं। इस पेशे से जुड़े कई लोग और उनका परिवार तो आज भुखमरी की कगार पर खड़ा हो गया है।

आरएनआई यानी रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया घूसखोरी का अड्डा है

Samarendra Singh : आरएनआई यानी रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स फॉर इंडिया घूसखोरी का अड्डा है. टाइटल क्लियर करने के लिए भी इशारों में रिश्वत मांगते हैं. रजिस्ट्रेशन के लिए तीस दिन तय किया हुआ है. लेकिन तीन-तीन, चार-चार महीने से फाइल पड़ी रहती है और बंदा दौड़ता रहता है तो भी बताते नहीं हैं कि आखिर क्यों नहीं रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जा रहा बहुत चिकचिक कीजिएगा तो कोई ना कोई गलती निकाल कर काम को लटका देंगे. लेकिन सबकुछ जुबानी होगा. मतलब कोई भी बातचीत लिखित तौर पर नहीं होगी. बीते कुछ महीने से मैं और मेरे साथी भी एक टाइटल रजिस्ट्रेशन को लेकर यही सब झेल रहे हैं.

विधायकजी ने पत्रकारजी को मैनेज किया, अब पत्रकारजी मीडिया को मैनेज करेंगे

ज्वालामुखी (हिप्र)। अपने विरूद्ध छप रही खबरों से परेशान ज्वालामुखी के विधायक ने मीडिया को मैनेज करने का एक अनोखा तरीका ईजाद किया है। उन्होंने इलाके के पत्रकारों को रिझाने के लिये चारा फेंकना शुरू कर दिया है। पत्रकारों को अब विज्ञापनों के लिये नहीं गिगिड़ाना होगा। इसके साथ ही विधायक जी ने उदारता का परिचय देते हुए एक प्रमुख समाचार पत्र के पत्रकार को गुपचुप तरीके से एक प्रमुख मंदिर के लंगर का ठेका भी दे दिया। ये ठेका पिछले पांच महीनों से येन-केन-प्रकारेण चल रहा है। हर बार बहाना बनाया जाता है कि ठेका केवल एक माह के लिेय ही दिया गया है। लेकिन उसके बाद एक्सटेंशन दे दी जाती है।

हिन्दी विज्ञान वेबसाइट ‘विज्ञान दृष्टि’ शुरू, मनीष शुक्ला संपादक

जयपुर । राजस्थान विश्वविद्यालय के जन संचार केन्द्र के विद्यार्थियों ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2014 को वैज्ञानिक विषयों पर केन्द्रित हिन्दी भाषा की वेबसाइट vigyandrishti.com शुरू की है। वेबसाइट के संपादक मनीष शुक्ला ने बताया कि इस वेबसाइट में विज्ञान के क्षेत्र में होने वाले नये  आविष्कार, शोध, स्कूल, काॅलेज और विश्वविद्यालयों के विज्ञान के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट आदि से सम्बन्धित समाचार एवं आलेख नियमित रूप से दिये जायेंगे।  इस वेबसाइट का लोकार्पण आज राजस्थान विश्वविद्यालय के जन संचार केन्द्र के अध्यक्ष प्रो॰ संजीव भानावत ने किया।

वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से इस्तीफा दिया, मानीटरिंग डिपार्टमेंट पर समीर अहलूवालिया ने गिराई गाज

वरिष्ठ पत्रकार मधुसूदन आनंद ने जी न्यूज से अपना नाता तोड़ लिया है. उन्होंने 31 मई 2014 को अपना इस्तीफा प्रबंधन को सौंप दिया. वे जी न्यूज के मानीटरिंग डिपार्टपेंट के हेड  हुआ करते थे. वे यह काम नवंबर 2013 से कर रहे थे. माना जा रहा है कि आलोक अग्रवाल के जी न्यूज से जाने के बाद मधुसूदन आनंद ने भी एक रणनीति के तहत इस्तीफा दिया  है. सूत्रों का कहना है कि मधुसूदन आनंद ने अपना इस्तीफा अपने स्वाभिमान के कारण दिया है. उन्हें कहा गया था कि वे आलोक अग्रवाल के जाने के बाद अंतरिम तौर पर सीईओ  बनाए गए रिश्वतकांड के आरोपी समीर अहलूवालिया को रिपोर्ट करें. ग्रुप सीईओ भास्कर दास ने मधुसूदन आनंद को जब समीर अहलूवालिया को रिपोर्ट करने संबंधी निर्देश दिया तो इससे मधुसूदन आनंद का इगो हर्ट हो गया.

ईटी ने एचटी मीडिया के आंकड़ों को अविश्वसनीय बताया

आईआरएस 2013 के आंकड़ों पर लगी रोक के तकरीबन पांच महीने बाद ‘द इकोनॉमिक्स टाइम्स (ईटी)’ ने आज फ्रंट पेज पर छपी रिपोर्ट में एचटी मीडिया के रीडरशिप आंकड़ों को ‘अविश्वसनीय’ बताया है। ईटी में छपे लेख ‘All Down, HT Up. Entire Media Industry Foxed’ में बताया है कि कैसे देश के विभिन्न हिस्सों के ‘रीडर्स पर कॉपी(आरपीसी)’ के आंकड़े अविश्वसनीय हैं। आरपीसी आंकड़ों की तुलना उन क्षेत्रों में करते हुए जहां एचटी मीडिया पब्लिकेशंस प्रसारित होता है, ईटी ने यह बताया है कि एचटी मीडिया पब्लिकेशन के आंकड़े काबिले यकीन नहीं हैं। ईटी की इस बात का समर्थन डीएनए के सीईओ मैल्कॉम मिस्त्री भी करते हैं। मिस्त्री कहते हैं कि अधिकतर प्रकाशक जानते हैं कि एचटी के आंकड़े बकवास हैं।

भोपाल में पत्रकार अजय वर्मा को पुलिस वालों ने पीटा, मीडियाकर्मियों में गुस्सा

भोपाल। शुक्रवार की शाम लगभग 6 बजे टीटी नगर थाने पर रिपोटिंग करने पहुंचे पीपुल्स समाचार के पत्रकार अजय वर्मा पर थाना प्रभारी राजकुमार सर्राफ और एसआई सेंगर ने साथी सिपाहियों के साथ मिलकर मारपीट की। इस घटना में अजय को गंभीर चोटें आयी हैं। गम्भीर रूप से घायल अजय को प्राथमिक उपचार के बाद काटजू अस्पताल से जेपी अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही राजधानी के पत्रकार थाने पर जमा हो गए। सभी पत्रकार गृह मंत्री से आरोपी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग कर रहे थे।

‘पूरब का बेटा’ का लोकार्पण, कुलदीप नैयर बोले- हिंदी को उसका स्थान आज तक नहीं मिला

देश की आजादी के समय कहा गया था कि दस साल तक अंग्रेजी रहेगी उसके बाद हिंदी आ जाएगी लेकिन दुर्भाग्य से आज तक दस साल पूरे नहीं हुए। अभी तक हिंदी को उसका स्थान नहीं मिला।  उक्त बात कुलदीप नैयर ने कुलदीप नैयर ने  दिल्ली स्थित गांधी शांतिप्रष्ठिान में नवोदित लेखक जैनेन्द्र जिज्ञासु के उपन्यास ‘पूरब का बेटा’ का लोकार्पण के दौरान कही।  उन्होंने कहा कि यदि कोई जाति, धर्म और क्षेत्र की खाई को पाटने का काम करता है तो यह सराहनीय है । जैसा कि इस उपन्यास का मुख्य पात्र और कुछ और पात्र भी करते हैं। सबसे अच्छी बात है कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर किसी युवा लेखक ने हिंदी में लिखा है। देश आजादी से आज तक हिंदी को उसका स्थान नहीं मिला इस के लिए किसी युवा का इस तरह का प्रयास बहुत प्रशंसनीय है।

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सीनियर मीडिया एनालिस्ट और मीडिया प्लानर एएस रघुनाथ पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए पुराने और नए मीडिया के साथ साथ आनलाइन दुनिया के बढ़ते ग्राफ के बारे में समझाते हुए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट उमेश शर्मा ने प्रतिभागियों को आनलाइन दुनिया के कानूनी पहलुओं के बारे में समझाया…

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सीनियर मीडिया एनालिस्ट और मीडिया प्लानर एएस रघुनाथ प्रतिभागियों को आनलाइन दुनिया के बारे में समझाते हुए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सवाल-जवाब सेशन के दौरान प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते यशवंत सिंह. भड़ास एडिटर ने अपनी टिप्पणियों से माहौल को सहज बनाए रखने और सबको हंसाते रहने की नीति अपनाई ताकि वर्कशाप नीरस न हो जाए….