अमर उजाला ने बना ली ‘संवाद न्यूज़ एजेंसी’, बरेली में छपने लगी खबरें

उत्तर प्रदेश के प्रमुख हिंदी दैनिक अमर उजाला ने फिलहाल बरेली यूनिट के 90 फ़ीसदी कर्मचारियों से किनारा कर लिया है। अब ये कर्मचारी ‘अमर उजाला प्रकाशन’ के नहीं बल्कि ‘संवाद न्यूज़ एजेंसी’ के कर्मचारी माने जाएंगे। इनके द्वारा लिखी जा रही खबरों का प्रकाशन भी ‘संवाद न्यूज़ एजेंसी’ से किया जा रहा है। खबर …

NAPM Condemns the Branding of Sandeep Pandey as Naxal and Termination of His Contract from IIT BHU

Dr. Sandeep Pandey – an engineer, distinguished academic, grassroots activist, peace crusader and a highly esteemed member of the contemporary Indian milieu has been unceremoniously sacked from his post as a guest faculty in the Indian Institute of Technology BHU, Uttar Pradesh. People’s Movements from all across India are extremely angry as well as hurt at this conspiratorial manoeuvre in academic institutions that has become common place after BJP led coalition government has come to power. The progressive professor of Chemical and Mechanical Engineering Department has always been active in both classrooms and in the field as a champion of human rights.

अनिल शर्मा को भास्कर और संजीव रतन सिंह को टीओआई से हटाए जाने की चर्चा

चर्चा है कि दैनिक भास्कर भोपाल के संपादक अनिल शर्मा को पद से हटा दिया गया है. अनिल शर्मा लंबे समय से ऑक्सीजन पर चल रहे थे. उन पर कार्य में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं. भोपाल से ही एक अन्य अपुष्ट जानकारी के मुताबिक टाइम्स आफ इंडिया के संपादक संजीव रतन सिंह को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. संजीव रतन सिंह की कार्यवधि में टीओआई के भोपाल संस्करण से कई कर्मचारियों ने, विशेषकर महिलाओं ने नौकरी छोड़ी और कुछ ने तो इस संबंध में प्रशासन को लिखित में शिकायत भी की थी.

मध्य प्रदेश दूरदर्शन का समाचार एकांश : जात ही पूछो साधू की…

मध्य प्रदेश दूरदर्शन के समाचार एकांश में जात और अर्थ (धन) को लेकर उठापटक मची हुई है. पुराने लोगों से काम लेना बन्द कर पैसा लेकर नये लोगों से काम लेना शुरु कर दिया गया है. वही जात के आधार पर लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. डेस्क पर काम करने वाले 5 लोगो को तो बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. गौरतलब है कि सत्ता सम्भलने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दूरदर्शन को सशक्त करने की पहल शुरु की थी. अपने विदेश दौर के समय वे सिर्फ दूरदर्शन की टीम को ही साथ लेकर गये थे. इतना ही उन्होनें अपने सरकार के साथियों और अधिकारियों को निर्देश भी दिया था कि कोई भी योजना या खबर पहले दूरदर्शन को दे उसके बाद निजी चेनल को.

दैनिक जागरण मुरादाबाद में संपादक का आतंक

दैनिक जागरण मुरादाबाद में इस समय आतंक का माहौल है। बताया जाता है कि इस समय संपादकीय के सारे साथी संपादक के रवैये से परेशान हैं। इसी वजह से एक के बाद एक आदमी यहां से कम होता जा रहा है। जब से संपादक धर्मेंद्र किशोर त्रिपाठी यहां कार्यभार ग्रहण किए हैं तब से आधा दर्जन से अधिक लोग अखबार छोडकर जा चुके हैं। सबसे पहले यहां से सब एडिटर लवलेश पांडे संपादक की गाली गलौज से त्रस्त होकर अखबार छोडे। उसके बाद मणिकांत शर्मा ने हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया। इसके बाद डेस्क से सीनीयर साथी रमेश मिश्रा संपादक के रवैये से त्रस्त होकर अखबार छोड गए। इसके बाद अभिषेक आनंद ने अखबार छोडकर हिंदुस्तान हल्द्वानी ज्वाइन कर लिया।

‘इंडिया नाऊ’ चैनल ज्वाइन कर सकते हैं अमिताभ अग्निहोत्री

चर्चा है कि अमिताभ अग्निहोत्री नए आने वाले रीजनल न्यूज चैनल ‘इंडिया नाऊ’ के संपादक बन सकते हैं. ‘इंडिया नाऊ’ में पहले अतुल अग्रवाल गए थे लेकिन लांच से पहले ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया और न्यूज वर्ल्ड इंडिया के हिस्से बन गए. ‘इंडिया नाऊ’ प्रबंधन पर आरोप है कि इनका पास पर्याप्त फंड नहीं है लेकिन चैनल लाने के नाम पर ढेर सारे पत्रकारों को सपने दिखा रहे हैं और जिलों के पत्रकारों से सेक्युरिटी मनी के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं.

पिता की तेरहवीं में छुट्टी लेकर गए फोटो जर्नलिस्ट की चार दिन की तनख्वाह काट ली

राजस्थान पत्रिका समूह में उत्पीड़न और प्रताड़ना की ढेर सारी कहानियां सामने आती रही हैं. एक ताजे घटनाक्रम के मुताबिक पत्रिका ग्वालियर के फोटो जर्नलिस्ट शशि भूषण पाण्डेय अपने पिता की तरेहवीं में हिस्सा लेने के लिए अवकाश पर गए थे. जब वे लौटकर आए तो पता चला उनका अवकाश मंजूर नहीं किया गया है और उनके वेतन से चार दिन की सेलरी काट ली गई है. इससे आहत पांडेय ने प्रबंधन को पत्र लिखकर न्याय करने की गुहार की है.

महिला कर्मचारी को ब्लैकमेल करने वाले अखबार मालिक पर महिला आयोग ने कसा शिकन्जा

वाराणसी। पत्रकारिता की आड़ में साप्ताहिक समाचार पत्र को हथियार बना अपने महिला कर्मचारी को अनैतिक कार्य करने के लिए विवश करने वाले कथित सम्पादक पर राज्य महिला आयोग ने बुधवार को शिकन्जा कस दिया। आयोग ने सम्पादक और उसके सहकर्मी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश सिगरा थाने को दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच सीओ कोतवाली को सौंपा है।

भक्तों की सरकार, अफवाहों की सोशल मीडिया, सेल्फी पत्रकार, खबरों का नाश

खबरों के मामले में इन दिनों बड़ी मजेदार स्थिति है। हर तरह की खबर है आप चाहे जो ले लीजिए, जिसपर विश्वास कीजिए या आपको जो मिल जाए। सब संभव है। आप चाहें तो केंद्र सरकार की भक्ति वाली खबरें देख सुन पढ़ सकते हैं, थोड़ी मेहनत करें तो अधिकृत खबर पा सकते हैं, थोड़ा और मेहनत-खर्च करें तो वास्तविक स्थिति जान सकते हैं। कहने का मतलब कि अधिकृत बताई जाने वाली खबर भी आधी-अधूरी, एक पक्षीय या जैसा कल मैंने लिखा था, विचार घुसेड़ी हुई हो सकती है।

विज्ञापन घोटाला : क्या सिर्फ वेबसाईट संचालक ही घोटालेबाज हैं, दूसरी तरफ नजर टेढ़ी क्यों नहीं?

मध्यप्रदेश में मचे विज्ञापन घोटाले के हंगामे के बीच निशाने पर सिर्फ और सिर्फ वेब मीडिया यानी समाचार वेबसाईट्स हैं। वेबसाईट्स को दिये गये विज्ञापनों को लेकर एक हद तक काफी चीजें सही भी हैं जो बताती हैं कि गड़बड़ तो हुई है लेकिन सवाल ये है कि क्या गड़बड़ सिर्फ वेबसाईट्स को लेकर ही है? सुना है किसी मीडिया सन्घ के पदाधिकारी द्वारा कोर्ट में विज्ञापन घोटाले को लेकर सीबीआई जांच की मांग की गई है इस पूरे मामले में ऐसा प्रतीत होता है कि एकतरफा खेल खेला जा रहा है हर तरफ सिर्फ वेबसाइट्स की चर्चा है। जताया ऐसा जा रहा है कि सबसे बड़े घोटालेबाज सिर्फ और वेबसाईट संचालक पत्रकार ही हैं। वेबसाईट संचालक पत्रकारों पर सबकी टेढ़ी नजर है मगर क्यों?

अंतत: अरेस्ट हो गए चिटफंड कंपनियों पीएसीएल और पर्ल्स ग्रुप के दिग्गज निर्मल सिंह भंगू, सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह और सुब्रत भट्टाचार्य

सीबीआई ने 45 हजार करोड़ रुपये के घोटाले में पीएसीएल व पर्ल्स ग्रुप के सीएमडी निर्मल सिंह भंगू तथा इनके तीन सहयोगी एमडी सुखदेव सिंह, गुरमीत सिंह, सुब्रत भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें पोंजी स्कीम केस के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि ये लोग लगातार बयान बदल रहे थे और जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भंगू के साथ पीएसीएल के प्रमोटर-डायरेक्टर तथा एमडी सुखदेव सिंह, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (फाइनेंस) गुरमीत सिंह तथा ईडी सुब्रत भट्टाचार्य से शुक्रवार को एजेंसी के मुख्यालय में विस्तृत पूछताछ की गई।

खुद को और बरखा दत्त को सोशल मीडिया पर गाली देने वाले को रवीश कुमार ने अपनी कलम के जरिए दिखाया आइना

आपकी गाली और मेरा वो असहाय अंग

कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छन कर
वही बात हर बार निकलती है
बालकनी के बाहर लगी रस्सी पर
जहाँ सूखता है पजामा और तकिये का खोल
वहीं कहीं बीच में वही बात लटकती है
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है
बातों से घेर कर मारने के लिए
बातों की सेना बनाई गई है
बात के सामने बात खड़ी है
बात के समर्थक हैं और बात के विरोधी
हर बात को उसी बात पर लाने के लिए
कुछ ही तो वाक्य हैं बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बात निकलती है
लोग कम हैं और बातें भी कम हैं
कहे को ही कहा जा रहा है
सुने को ही सुनाया जा रहा है
एक ही बात को बार बार खटाया जा रहा है
रगड़ खाते खाते बात अब बात के बल पड़ने लगे हैं
शोर का सन्नाटा है, तमाचे को तमंचा बताने लगे है
अंदाज़ के नाम पर नज़रअंदाज़ हो रहे हैं हम सब
कुछ ही तो वाक्य है बाज़ार में
जिन्हें तल कर
जिनसे छनकर
वही बात हर बार निकलती है ।
बात हमारे बेहूदा होने के प्रमाण हैं
वात रोग से ग्रस्त है, बाबासीर हो गया है बातों को
बकैती अब ठाकुरों की नई लठैती है
कथा से दंतकथा में बदलने की किटकिटाहट है
चुप रहिए, फिर से उसी बात के आने की आहट है।

सहारा मीडिया के सीईओ और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय की माताजी का गाजीपुर में निधन

यूपी के गाजीपुर जिले से सूचना मिली है कि सहारा मीडिया के सीईओ और एडिटर इन चीफ उपेंद्र राय की माता जी का निधन हो गया है. गाजीपुर के शेरपुर कलां स्थित गांव में माताजी ने आज दिन में दो बजे अंतिम सांस ली. उनकी उम्र 74 साल की थी. वे अपने पीछे भरा पूरा …

मैनेजिंग एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री ने ‘समाचार प्लस’ चैनल से इस्तीफा दिया

यूपी उत्तराखंड केंद्रित रीजनल न्यूज चैनल समाचार प्लस को बड़ा झटका तब लगा जब इसके मैनेजिंग एडिटर अमिताभ अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया. चैनल की लांचिंग से ही अमिताभ इसके साथ जुड़े हुए थे और चैनल के जाने माने चेहरे बन चुके थे. अमिताभ अग्निहोत्री का प्राइम टाइम डिबेट प्रोग्राम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में काफी पसंद किया जाता था. उनकी नेताओं और सिस्टम पर धारधार टिप्पणियां आम दर्शकों के मन में जगह बना चुकी थीं जिसके कारण अमिताभ अग्निहोत्री की अच्छी खासी फालोइंग हो गई है. माना जा रहा है कि अमिताभ के जाने से समाचार प्लस चैनल के दर्शक वर्ग पर असर पड़ेगा.

News World India in panic mode; staff salary cut by 10% without advance information

Yashwant Ji, You can be already informed by NewsWorld India staff that Jindal has cut salary of employee without advance information.  Our salary was coming on last day of month and due on Dec 31 for period of 1 to 31 december. but salary got delayed. we got mail that salary of decemebr will come by january 7. but today we shocked to hear that salary of december has been given to us with 10% reduction. on asking it is rumour that salary cut has been direction of Naveen Jindal himself for all staff who get monthly salary of above 25000 rupee.

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने किया हमला (देखें वीडियो)

बलिया के तहसील बेल्थरा रोड के एसडीएम प्रवरशील बरनवाल पर वकीलों ने हमला कर दिया. बेल्थरा रोड तहसील के वकीलों का एसडीएम पर आरोप है कि एसडीएम साहब बिना पैसा लिए कोई काम नहीं करते. वकीलों का आरोप यह भी था कि हर केस पर एसडीएम साहब पैसा लेने के लिए एजेंट रखे हुए हैं. इस सबको लेकर आज वकील काफ़ी गुस्से में थे.

संदीप पाण्डेय को हटाया जाना बीएचयू का साम्प्रदायिक संस्थानीकरण का उदाहरण

: शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण का ही अभियान है संदीप पांडे का बीएचयू से निकाला जाना : मैग्सेसे पुरस्कार विजेता गांधीवादी नेता संदीप पांडे काे बनारस हिंदू विश्वविद्‍यालय से बतौर गेस्ट फैकल्टी के बर्खास्त किए जाने के पीछे असल कारण नक्सली होना या राष्ट्र विरोधी होना नहीं है जैसा कि आरोप लगाया गया है बल्कि देश के शिक्षण संस्थानों के भगवाकरण अभियान का हिस्सा है।

बलिया में सिपाही ने की अवैध वसूली की शिकायत तो एसपी ने किया सस्पेंड, आहत सिपाही ने दिया इस्तीफा (देखें वीडियो)

उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद के नरही थाने के पिकेट पर हो रही अवैध वसूली की शिकायत करना एक सिपाही को महंगा पड़ गया. एसपी ने शिकायत करने वाले सिपाही को ही सस्पेंड कर दिया. इससे आहत निलम्बित सिपाही ने पुलिस हेड क्वार्टर इलाहाबाद को अपना त्याग पत्र भेज दिया है. उसने जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी की है.

IBF urges Centre to grant Infrastucture Status to Broadcasting Industry

January 6, 2016 New Delhi: The Indian Broadcasting Foundation (IBF) today urged the Union Government to grant “Infrastructure Status” to the Broadcasting Industry, including DTH and Cable sectors, to push the digitisation agenda. At a pre-Budget consultation meeting, chaired by Union Finance Minister Shri Arun Jaitley, IBF stressed that the expected investment in STBs (set-top boxes) and optical fibre network alone would be to the tune of Rs 25,000 to Rs 30,000 crores.

नेशनल बुक ट्रस्ट का चेयरमैन बनने के बाद भी बलदेव भाई शर्मा नहीं छोड पा रहे हैं अखबार के सम्पादक पद का मोह

नोएडा । नेशनल दुनिया के वरिष्ठ स्थानीय सम्पादक बलदेव भाई शर्मा की कारगुजारियों के कारण इस समय अखबार की स्थिति पहले से ज्यादा खराब हो गयी है। इसके पीछे सबसे बडा कारण यह माना जा रहा है कि बलदेव भाई शर्मा जबसे नेशनल बुक ट्रस्ट के चेयरमैन बने हैं, वह अखबार को बिल्कुल भी समय नहीं दे रहे हैं। अखबार के सम्पादक पद का मोह भी उन्हें इस पद को नहीं छोडने दे रहा है। अखबार के नाम पर उन्हें टीवी पर होने वाली डिबेट के लिए शेखी बघारने और भाजपा सरकार की बटरिंग करने का मौका मिल जाता है।

डीएनए इंडिया की एक खबर का पोस्टमार्टम : खबरों में विचार घुसेड़ने की पत्रकारिता कहां सिखाई जाती है…

खबर और विचार बिल्कुल अलग चीजें हैं। पत्रकारिता की पहली सीख होती है, खबर में विचारों का घालमेल ना हो। उसपर कोई राय भी ना दी जाए। संपादित खबरों को यथासंभव जस का तस प्रस्तुत कर दिया जाए। निर्णय लेने या विचार बनाने का काम पाठकों पर छोड़ दिया जाए। पत्रकारिता के ह्रास के साथ साथ खबरों और विचारों का अंतर भी खत्म होता जा रहा है। पत्रकारिता में विचारों की बेईमानी वैसे ही मिलाई जा रही है जैसे दूध में मिलाया गया पानी मिनरल वाटर है। आज इस शीर्षक पर नजर गई तो लगा कि यह कौन सी पत्रकारिता है और क्या यह आम पाठक के लिए की जा रही है। खबर का शीर्षक ही – एक उद्देश्य की पूर्ति करता लगता है।

आज है कमलेश्वर का जन्मदिन : तेरह साल पहले मोहम्मद जाकिर हुसैन ने जो इंटरव्यू लिया था, उसे आज फिर पढ़ें

12 जनवरी 2003 को प्रख्यात कथाकार कमलेश्वर भिलाई गए थे। तब पत्रकार मोहम्मद जाकिर हुसैन ने उनका एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू लिया था। वह तब ”हरिभूमि” में प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था। आज 6 जनवरी को स्व. कमलेश्वर जी का जन्मदिन है। पूरा इंटरव्यू आज की परिस्थिति में भी बेहद प्रासंगिक है। जो पढ़ चुके हैं वो दुबारा पढ़ें और जो नए हैं वो जरूर पढ़ें।

एमपी पुलिस का शर्मनाक चेहरा : तीन पत्रकारों से इस कदर बदतमीज़ी और बेइज़्ज़ती…

सिवनी (मध्य प्रदेश) : नया साल इस तरह से पुलिस के नये चेहरे को लेकर आयेगा इसका भान सपने में भी नहीं था। पुलिस के द्वारा 31 दिसंबर और 01 जनवरी की दर्म्यानी रात में दो जिम्मेदार संपादकों के साथ जिस तरह का बर्ताव किया गया है उसको पाठकों के समक्ष रखा जा रहा है अब पाठक ही फैसला करें और अपना निर्णय दें।

भाजपा और कांग्रेस दोनों अपराधी पार्टियां : जस्टिस काटजू

Markandey Katju : Criminal Organizations… I regard the Congress and the BJP as criminal organizations. In 1984 that criminal gangster Indira Gandhi, who imposed a fake ‘ Emergency’ in 1975 in India in order to hold on to power after she had been declared guilty of corrupt election practices by the Allahabad High Court, an ‘ Emergency in which even the right to life was suspended, and lacs of Indians were falsely imprisoned, was assassinated.

रीता बहुगुणा को परेशान करने के लिए फेसबुक पर कट्टरपंथी हिंदूदवादी ग्रुप ने किया कारनामा, मुकदमा दर्ज

कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता व विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने फेसबुक और कुछ अन्य सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री डाले जाने के आरोप में शुक्रवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। रीता ने यहां संवाददाताओं को बताया कि कुछ शरारती और कट्टरपंथी तत्वों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत उनकी फोटो सहित झूठा बयान फेसबुक और कुछ अन्य सोशल नेटवर्किंग साइटों पर पोस्ट किया गया है। इसमें अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उनका निजी मोबाइल नंबर डाला गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे इस पोस्ट को शेयर करें और रीता जोशी को फोन करके परेशान करें।

राम रहीम की मिमिक्री करने पर जीटीवी चैनल और उसके प्रोड्यूसर व कलाकारों पर दर्ज हुआ केस

कैथल (हरियाणा) : डेरा सच्चा सौदा प्रेमियों की शिकायत पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने जीटीवी, इस चैनल पर प्रसारित एक कार्यक्रम के कलाकारों और प्रोड्यूसर पर धार्मिक भावनाओं को भड़काने के आरोप में केस दर्ज किया है। डेरा सच्चा सौदा समर्थक गांव ग्योंग निवासी दलशेर सिंह और गांव नौच निवासी उदय सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 दिसंबर को जीटीवी पर प्रसारित जश्ने उम्मीद कार्यक्रम में बाबा राम रहीम की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया। इससे डेरे से जुड़ी संगत की भावनाओं को ठेस पहुंची है।

दैनिक जागरण नोएडा मीडियाकर्मी आंदोलन : जिला प्रशासन मध्यस्थता को आगे आया

नोएडा। दैनिक जागरण अख़बार में तीन महीने से चल रहे कर्मचारियों के आंदोलन को कुचलने के लिए जागरण संस्थान द्वारा उठाये जा रहे श्रम विरोधी कदमों को गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने उप श्रमायुक्त के यहाँ चल रही वार्ता को अब अपनी निगरानी में ले लिया है। सिटी मजिस्ट्रेट श्री बच्चू सिंह अब खुद प्रबंधन और जागरण कर्मचारियों के बीच होने वाली वार्ता को संभालेंगे। एडीएम श्री के पी सिंह और पुलिस के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।

मध्य प्रदेश विज्ञापन घोटाले के बहाने उघड़ती असलियत को कोई दिन के उजाले में भी नहीं देखना चाहता

एक घोटाला मध्यप्रदेश का जिसे विज्ञापन घोटाला कहा जा रहा है। बहरहाल इस घोटाले के बहाने कई और भी परतें उधड़ रही हैं और कुछ असलियतें सामने आ रही हैं जिनकी तरफ कोई दिन के उजाले में भी देखने को तैयार नहीं है।  इस मामले की लिखी गई खबर में वेबसाईटस की संख्या लिखी 235 जबकि सूची में वेबसाईटस हैं 259 । गिनती फिर से करिये। दे कॉपी पेस्ट दे कॉपी पेस्ट किये जा रहे हैं। सूची के अनुसार जितना पूरी वेबसाई्टस को विज्ञापन को नहीं दिये गये उससे कहीं ज्यादा तो सिर्फ एक चैनल को पकड़ा दिये गये। बाजी मार गईं तमाम तरह की सोसयटीज और क्षेत्रीय प्रचार कंपनियां इनमें कई करोड़पतिये हैं।

स्व. मोहन सिंह की सम्पत्ति के बंटवारे को लेकर उनकी दो पुत्रियों के बीच छिड़ी जंग

देवरिया । जिस नेता के नाम पर समाजवादी पार्टी के लोग कसमें खाते है तथा पार्टी का उन्हें सच्चा समाजवादी नेता बताते हुए नहीं थकते हैं आज उन्ही नेता की सम्पति के बंटवारे को लेकर उनके दो पुत्रियों के बीच जंग छिड़ गई है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद स्व0 मोहन सिंह की पुत्रियों के बीच उनकी चल अचल सम्पति के बंटवारे का मामला अब गाजियाबाद और देवरिया जिले के कोर्ट में पहुंच चुका है। यही नहीं, स्व0 मोहन सिंह की द्वितीय पुत्री श्रीमती रीता सिंह तथा उनके एकमात्र पुत्र प्रतीक सिंह ने पुलिस अधीक्षक देवरिया को प्रार्थना पत्र देकर समाजवादी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं पर धमकी देने का आरोप लगाते हुए अपने जान माल की रक्षा की गुहार लगाई है।

साईं प्रसाद के मालिक शशांक भापकर भी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा पुलिस हिरासत में

मुबंई से सूचना है कि मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने साईं प्रसाद ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के तीसरे मालिक की भी गिरफ्तारी कर ली है. कंपनी के चेयरमैन बालासाहेब भापकर के बेटे शशांक भापकर को परसों गोवा के मडगांव के एक बंगले से गिरफ्तार किया गया. बताया जा रहा है कि शशांक भापकर गोवा में नए साल का जश्न मनाने के लिए पहुंचे थे. उन पर आर्थिक अपराध शाखा की पैनी नज़र थी.

राघवेन्द्र पाण्डेय K News से और संजय तिवारी राष्ट्रीय सहारा से जुड़े

लखनऊ से सूचना है कि संजय तिवारी ने न्यूज एडिटर के रूप में राष्ट्रीय सहारा अखबार ज्वाइन किया है. संजय कई अखबारों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके हैं. उधर, दिल्ली से मिली सूचना के मुताबिक युवा पत्रकार राघवेन्द्र पाण्डेय ने साल के अंत में संचार टाइम्स पत्रिका को अलविदा करते हुये नये वर्ष की …

दस जनवरी से ‘नया लक्ष्य’ नाम से कंपटीशन मैग्जीन निकालेंगे संजय शर्मा

Sanjay Sharma : मैंने सोचा आप सबको नये साल की शुभकामनाओं के साथ एक अच्छी सूचना भी दी जाये.. 4 PM और वीकएंड टाइम्स को आपने जितना प्यार दिया उसके लिये मैं आपका आभारी हूँ. एक दैनिक सांध्य और एक साप्ताहिक अखबार के बाद अब दस जनवरी से एक प्रतियोगी पाक्षिक पत्रिका ‘नया लक्ष्य’ निकालने …

ओम थानवी जेएनयू के सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज में गेस्ट फेकल्टी बने

Om Thanvi : चलिए, आपको कुछ खबर दें! जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के आमंत्रण पर आज मैंने विश्वविद्यालय का सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज जॉइन किया है, गेस्ट फेकल्टी (विजिटिंग स्कॉलर) में। मेरे दादा शिक्षक रहे, मेरे पिताजी, चाचाजी, मामाजी … घर-परिवार में पुराना सिलसिला है। सोचा, जेएनयू जैसे शिक्षालय के परिवेश का थोड़ा अनुभव मुझे भी …

वेब मीडिया को विज्ञापनों पर हंगामा क्यों? दूसरा पहलू भी आये सामने

सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिये अपनी ही बिरादरी के लोगों को नीचा दिखाने पर उतारू न हो जायें। मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र तो सामान्य हंगामेदार रहा लेकिन असली हंगामे की एक जड़ छोड़ गया भोपाली मीडिया में। इस बहाने कांग्रेस विधायक बाला बच्चन भी अच्छे—खासे चर्चा में आ गये हैं। उन्होंने सवाल ही कुछ ऐसा पूछ डाला। इसके कारण एक और काम सबसे अच्छा हुआ है कि सबकी असली मानसिकता और असली चेहरे सामने आ गये। सोशल मीडिया में ये बहुत अच्छा प्लेटफॉर्म मिला है कि लोगों के असली चेहरे और उनकी असली मानसिकता जल्दी सामने आ जाती है।

मजीठिया मामले में फर्जी रिपोर्ट तैयार करने पर मुंबई के श्रम आयुक्त की होगी लोकायुक्त से शिकायत

मजीठिया वेज बोर्ड मामले में मुंबई के श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय को फर्जी रिपोर्ट भेजे जाने के मामले में मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह ने श्रम आयुक्त को एक पत्र लिखकर साफ शब्दों में आग्रह किया है कि वे इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की कृपा करें और एक सप्ताह के अंदर मुझे सूचित करें अन्यथा लोकायुक्त से शिकायत की जायेगी और माननीय सर्वोच्च न्यायालय से भी गुहार लगाई जायेगी।

आज़म खान, रामपुर की पुलिस और दोगला चरित्र

Kanwal Bharti : कल रामपुर पुलिस ने फेसबुक पर आज़म खान के खिलाफ लिखने वाले किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। खबर है कि उसने आज़म और उसके परिवार पर कोई टिप्पणी की थी। किन्तु रामपुर पुलिस दोगली चरित्र की है।

शर्मनाक : गायकी के उस्ताद अहमद हुसैन और मुहम्मद हुसैन को दैनिक जागरण ने पाकिस्तानी फ़नकार बताया!

शर्म से डूब मरने की बात है। हिंदी के सबसे बड़े अख़बार होने का दावा करने वाले दैनिक जागरण ने जयपुर की माटी में खिलकर, गायकी के उस्ताद बने अहमद हुसैन और मुहम्मद हुसैन को पाकिस्तानी फ़नकार बताया है। यह हाल है पराड़कर जी के शहर वाराणसी की पत्रकारिता का। नाक़ाबिले माफ़ी यह है ग़लती, क्योंकि सवाल किसी वर्तनीदोष या छपाई का नहीं है..इन उस्ताद भाइयों के परिचय में कुछ जोड़ा गया है यानी संपादनकला का परिचय दिया गया है…!

पंकज सिंह विलक्षण प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील और बेबाक इंसान थे

Shiv Kant : कुछ ही क्षण पहले रूपा झा के फ़ेसबुक संदेश से पता चला कि जाने-माने कवि और बीबीसी के पूर्व प्रसारक पंकज सिंह नहीं रहे। हिंदी कविता और पत्रकारिता के लिए यह समाचार एक निर्मम आघात है। पंकज सिंह से एक महीने पहले ही इंडिया इंटरनेशनल सेंटर पर संक्षिप्त सी मुलाक़ात हुई थी। विश्वास नहीं होता कि वे इतनी जल्दी अंतिम विदा ले लेंगे। उन के साथ चार साल काम करने और बहुत कुछ सीखने का सौभाग्य मिला था। किसी चलते-फिरते क़िस्सा-कोश की तरह उनके पास हर अवसर, विभूति और क्षेत्र को लेकर दिलचस्प क़िस्सों का एक ख़ज़ाना रहता था। वे विलक्षण प्रतिभा के धनी होने के साथ-साथ बेहद संवेदनशील और बेबाक इंसान थे। हम उनके परिवार, मित्रों और पाठकों के दुःख में शामिल हैं…

टीवी टुडे ग्रुप के वरिष्ठ पत्रकार संजय सिन्हा ने सम-विषम पर अरविंद केजरीवाल को दिखाया आइना, आप भी पढ़ें..

Sanjay Sinha : आदरणीय अरविंद केजरीवाल जी, नया साल मंगलमय हो। मैं संजय सिन्हा, दिल्ली का एक आम नागरिक, आज खुद को बहुत लाचार और त्रस्त महसूस कर रहा हूं। मैं पत्रकार हूं और रोज सुबह फेसबुक पर एक पोस्ट लिखना मेरा शौक है। मैं आम तौर पर रिश्तों की कहानियां लिखता हूं। मैं स्वभाव से खुश और अपनी ज़िंदगी से संतुष्ट व्यक्ति हूं। मैं दफ्तर में राजनीति की ख़बरें लिखता हूं, लेकिन कभी निज़ी ज़िंदगी में राजनीति की बातें नहीं करता।

दसवीं के पाठ्यक्रम में गर्भपात कराने की बात, डा. प्रीति ने CSB से शिकायत की

रायपुर : गर्भपात विषय में शोध कर चुकी डा. प्रीति सतपथी ने छत्तीसगढ़ के स्कूलों में 10वीं कक्षा की किताब में गर्भपात को जनसंख्या नियंत्रण का उपाय बताने वाली बात को अपराध करार दिया है। उन्होंने कहा कि गर्भपात को रोकने के लिए कई कानून बने हैं जिसमें दोषी पाये जाने पर सजा का प्रावधान है। ऐसे में सरकार जन संख्या रोकने के लिए गर्भपात को बढ़ावा देने वाली शिक्षा दे रही है जो समझ से परे है। या तो इस पुस्तक को लिखने वाले लेखक या स्कूल शिक्षा से जुडे़ उच्च अधिकारियों को मालूम नहीं कि गर्भपात कराना एक अपराध है जिसके लिये बाकायदा कई कानून भी बने हैं।

यूपी के देवरिया में एसओ ने पत्रकार के सिर पर रिवाल्वर की बट से मारा

खाकी की गुंडई का शिकार बना पत्रकार

उत्तर प्रदेश पुलिस की खुलेआम गुंडई एक बार फिर सामने आयी है. देवरिया जिले के खुखुन्दु थाने के एसओ अंशुमान यदुवन्शी ने एक पत्रकार पर कातिलाना हमला करते हुए उसे फर्जी मुकदमें में फसांने की धमकी दे डाली. इतना ही नहीं शिकायत करने गये लोगों पर जमकर लाठिया भी बरसाई. खुखुन्दु थाना क्षेत्र के पडरी गांव मे वारावफात का जुलूस निकलना था जो पत्रकार अरविन्द पाण्डेय के घर के सामने से होकर जाना था.

दो गुना बढ़ गया था पत्रकार अक्षय का दिल!

व्यापमं घोटाले की रिपोर्टिंग के दौरान आकस्मिक मौत का शिकार बने दिल्ली के पत्रकार अक्षय सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीबीआई को मिली पीएम रिपोर्ट में अक्षय के दिल का आकार सामान्य से दो गुना बताया गया है। सामान्य दिल का वजन 320 ग्राम होता है जबकि अक्षय का दिल 700 ग्राम पाया गया। हृदय के असामान्य आकार को लेकर विशेषज्ञ कोई कारण तो नहीं बता सके लेकिन मौत की वजह हृदयाघात बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल और विसरा में किसी प्रकार का जहर नहीं पाया गया है।

‘विषबाण’ अखबार के कार्यक्रम में आईएएस सूर्यप्रताप बोले- नौकरशाही गुलाम हो गई है खादी की

मथुरा । विषबाण साप्ताहिक अखबार के तृतीय स्थापना दिवस एवं व्यापारिक समाचार पत्र व्यापार मार्केट के शुभारम्भ के मोके पर आयोजित समारोह में कई रंग बरसे। आयोजन में जहाँ में मीडिया एवं जनसेवा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले बुद्धीजीवियों ने समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखें वहीं कार्यक्रम समापन से पूर्व कवियों ने ओज और हास्य का मिश्रण प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के मध्य में आयोजित जादूगर अशोक ने अपने हैरतअंगेज जादूगरी से उपस्थितजनों का भरपूर मंनोरंजन कर यादगार शाम बना दी। आयोजन में उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस और शासन में चर्चित प्रमुख सचिव डॉ सूर्यप्रताप सिंह विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। फेसबुक जैसी शोसल साईटस पर जुड़े हुये जनपद से बाहर के प्रशेसक भी उन्हें देखने सुनने के लिये कार्यक्रम में शामिल हुये। 

वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार गौतम की सड़क हादसे में मौत

बिहार के आरा-सासाराम मुख्य मार्ग से पटना लौट रहे वरिष्ठ पत्रकार सुनील कुमार गौतम की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गयी. पटना निवासी पत्रकार सुनील गौतम अपने साथी जय शंकर बिहारी के साथ नोखा से बाइक से आरा की तरफ आ रहे थे. इसी दौरान विपरीत दिशा से तेज गति से आ रही टैंक  लॉरी ने बाइक में टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही सुनील गौतम की मौत हो गयी. वहीं, जयशंकर बिहारी गंभीर रूप से जख्मी हो गये.

आजतक और न्यूज24 को फायदा, इंडिया न्यूज व जी न्यूज को तगड़ा झटका

साल के 51वें हफ्ते की टीआरपी से पता चलता है कि दो न्यूज चैनलों ने जबरदस्त फायदा पाया है. ये हैं आजतक और न्यूज24. दोनों को टीआरपी में 1.1 की उछाल मिली है. वहीं नुकसान की बात करें तो इंडिया न्यूज और जी न्यूज सबसे ज्यादा घाटे में रहे. टीआरपी में इंडिया न्यूज को कुल 1.8 और जी न्यूज को 1.3 का पतन झेलना पड़ा. इस गिरावट के कारण इंडिया न्यूज फिर से न्यूज नेशन से पिछड़ कर पांचवें पोजीशन से छठें पोजीशन पर आ गिरा है.

10 करोड़ दर्शकों वाला पहला न्यूज चैनल बना आजतक

लगातार चार हफ्तों की रेटिंग में ‘आज तक’ ने सभी न्यूज चैनलों को पीछे छोड़ते हुए 10 करोड़ से ज्यादा दर्शकों का रिकॉर्ड कायम किया है. BARC और HSM समेत दूसरे रेटिंग सिस्टम में भी ‘आज तक’ की बादशाहत कायम है. कवरेज के मामले में ‘आज तक’ जहां अंग्रेजी न्यूज चैनलों से पांच गुना आगे …

वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ के पिता श्री अमरनाथ शर्मा का निधन, ब्रह्मभोज चार जनवरी को

नई दिल्ली : वरिष्ठ पत्रकार रजत अमरनाथ के पिता श्री अमरनाथ शर्मा का देहांत बीते महीने चौबीस दिसंबर को हो गया. आत्मा की शांति के लिए 4 जनवरी को प्रार्थना सभा और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया है. श्री अमरनाथ शर्मा दिल्ली में डेसू में कैशियर के पद पर कार्यरत थे और हेड कैशियर के …

पूर्वोत्तर यात्रा-2 : चौदह पेज का अखबार आठ रुपए में

सिर्फ 50 रुपए में बन गए राजा

-विजय सिंह ‘कौशिक’-

शिलांग से चेरापूंजी के लिए रवाना होने के वास्ते 23 नवंबर 2015 कि सुबह 7 बजे का समय तय किया गया था। लेकिन हम भारतीयों में से अधिकांश समय प्रबंधन के मामले में कच्चे ही हैं। कुछ साथी तैयार हो रहे थे इस लिए बाकी साथी राजस्थान विश्राम भवन के पास में स्थित होटल में नास्ता करने चले गए। होटल के काउंटर पर बैठे सज्जन को हिंदी अखबार पूर्वोदय पढ़ते देखा तो समझ में आ गया कि महोदय हिंदी भाषी हैं। पूर्वोत्तर में हिंदीभाषियों के खिलाफ हिंसा की खबरे आती रहती हैं। उनसे यहां के हालात जानने के लिए बातचीत करने की उत्सुकता हुई। पता चला होटल के मालिक राजेंद्र शर्मा मूलतः राजस्थान के सिलचर जिले के रहने वाले हैं। 40 सालों पहले उनका परिवार राजस्थान से शिलांग आ गया था। मौजूदा हालात के बारे में पूछने पर शर्मा बताते हैं कि अभी स्थिति थोड़ी अच्छी है।

मध्य प्रदेश में व्यापमं के बाद विज्ञापन घोटाला!

रतलाम। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजपुर विधायक बाला बच्चन को विधानसभा में उठाए सवाल के जवाब में मिली जानकारी ने प्रदेश के पत्रकारों के कान खड़े कर दिये हैं। विधायक बाला बच्चन द्वारा जनसंपर्क विभाग के मंत्री राजेन्द्र शुक्ल (जो कि ऊर्जा मंत्री भी है) से जनसंपर्क विभाग की विज्ञापन नीति विषय से जुड़े चार सवाल पूछे गए। इन सवालों के जवाब में जो जानकारी विधानसभा में जनसंपर्क विभाग द्वारा दी गई, उसके मुताबिक विभाग द्वारा 235 वेबसाईट/वेबपोर्टलों को साढ़े चार साल में लगभग सवा बारह करोड़ रूपए के विज्ञापन बांट दिए गए। 70 न्यूज चैनलों को लगभग 72 करोड़ रूपए और क्षेत्रीय प्रचार के नाम पर लगभग 58 करोड़ रूपए दे दिए गए।

‘इंडिया न्यूज राजस्थान’ चैनल बंद, न्यू इयर पर सैकड़ों कर्मियों के लिए बैड न्यूज

विनोद शर्मा और उनके बेटे कार्तिक शर्मा को अपने मीडियाकर्मियों को दुख देने और प्रताड़ित करने में आनंद आता है. शायद कारण वही हो कि मीडिया वालों ने मीडिया ट्रायल के जरिए मनु शर्मा को जेसिका लाल मर्डर केस में सजा दिलवाने में सफलता पाई इसलिए बदला लेने के लिए बाप बेटे ने न्यूज चैनल से लेकर अखबार मैग्जीन सब खोल डाला और हर साल इस मीडिया हाउस से सैकड़ों लोगों को निकालते रखते रहते हैं. ताजी सूचना है कि इंडिया न्यूज राजस्थान चैनल को प्रबंधन ने बंद कर दिया है.

‘सामना’ के संपादक पद से प्रेम शुक्ला का इस्तीफा, भाजपा में शामिल होंगे, मंत्री या प्रवक्ता बनने के आसार

मुंबई से मीडिया जगत और राजनीति की एक बड़ी खबर सामने आ रही है. शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादक प्रेम शुक्ला ने पद से इस्तीफा दे दिया है. सूत्रों के मुताबिक प्रेम शुक्ला भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा में प्रवक्ता का पद दिया जा सकता है या फिर मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में होने वाले फेरबदल में मंत्री पद से नवाजा जा सकता है.

जा जा रे केजरिया… तू तो एहसासे करा दिए हम गरीबों को कि हम सब ब्लडी गरीब टाइप लोग भेरी भेरी गरीब हैं

Yashwant Singh : कृपया कोई दिल्ला वाला आपाई विशेषज्ञ मेरी इस भड़ास का जवाब दे…

मेरी मारुति अल्टो कार छह सात साल पुरानी है… इसके अलावा मेरे पास कोई दूसरी कार या बाइक या साइकिल नहीं है… मेरी कार का आखिरी अंक 7 पड़ता है. परसों दो तारीख को सिनेमा जाने का प्लान है.. फिर घूमने का… तो क्या मैं परसों बच्चों को कार पर बिठाकर सिनेमा दिखाकर उसके बाद इंडिया गेट घुमाने ले जा सकता हूं… या कार को घर पर धो पोंछकर रखें और हम चार पांच जच्चा बच्चा युक्त सकल परिवार मम पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ठुंसियाने को मजबूर होवें?

गल्तियां करके भी न सीखने वाले को भारतीय वामपंथ कहा जाता है…

Mahendra Mishra : प्रयोग करने वाले गल्तियां करते हैं। हालांकि उन गल्तियों से वो सीखते भी हैं। लेकिन गल्तियां करके नहीं सीखने वाले को शायद भारतीय वामपंथ कहा जाता है। 1942 हो या कि 1962 या फिर रामो-वामो का दौर या न्यूक्लियर डील पर यूपीए से समर्थन वापसी। घटनाओं का एक लंबा इतिहास है। इन सबसे आगे भारतीय समाज और उसमें होने वाले बदलावों को पकड़ने की समझ और दृष्टि। सभी मौकों पर वामपंथ चूकता रहा है। भारत में वामपंथ पैदा हुआ 1920 में लेकिन अपने पैर पर आज तक नहीं खड़ा हो सका। कभी रूस, तो कभी नेहरू, कभी कांग्रेस, तो कभी मध्यमार्गी दलों की बैसाखी ही उसका सहारा रही।

odd-even : केजरीवाल जैसा मूर्ख मुख्यमंत्री इस देश में दूसरा नहीं देखा…

Nadim S. Akhter :  अरविन्द केजरीवाल जैसा मूर्ख मुख्यमंत्री इस देश में दूसरा ने नहीं देखा, जिसन वाहवाही बटोरने के चक्कर में बिना सोचे-समझे पूरी जनता को odd-even की खाई में धकेल दिया। पहले से ही मरणासन्न दिल्ली का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इतनी बड़ी आबादी के सफ़र को कैसे झेलेगी, इस पर एक पल भी नहीं सोचा। ऊपर से ये महामूर्ख मुख्यमंत्री स्कूल में बच्चों के बीच जाकर कह रहे हैं कि बेटे, अपने मम्मी-पाप को इस नियम का पालन करने की सीख देना, उनसे जिद करना। लेकिन ये नहीं बता रहे कि जब टाइम से ऑफिस न पहुचने पे पापा की सैलरी कटेगी और ऑटो लेकर जाने में उनकी जेब से दोगुने नोट ढीले होंगे, घर का बजट बिगड़ेगा, तो पापा घर कैसे चलाएंगे?

जोधपुर में कई साहित्यकारों और पत्रकारों को किया गया सम्मानित

: राज्य स्तरीय कथा अलंकरण समारोह-2015 : सामंतवादी और जातिवादी संस्कारों के खिलाफ चेतना जगाने का मूलभूत दायित्व साहित्यकारों का – न्यायाधीश माथुर : जोधपुर । राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश गोविन्द माथुर ने कहा है कि सामन्तवादी और जातिवादी संस्कारों के खिलाफ चेतना जगाने का मूलभूत दायित्व साहित्यकारों का है। आज का साहित्य लोगों की जुबान पर नहीं चढ़ रहा और साहित्य में युवा रचनाकारों की भागीदारी बहुत कम होती जा रही है, यह चिंता की बात है। दूसरी तरफ अच्छा लेखन भी हो रहा है, लेकिन साहित्यिक पत्र-पत्रिकाएं और उत्कृष्ट सृजन का प्रचार-प्रसार अभी भी आम पाठक से दूर है। ऐसे में साहित्य के प्रति सचेतन रहना समाज की जिम्मेदारी है। न्यायाधीश माथुर शनिवार को कथा साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्थान की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कथा अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे।

‘समाचार फर्स्ट’ पोर्टल को जरूरत है 18 पत्रकारों की, करें आवेदन

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा से ‘समाचार फर्स्ट’ नाम का यह पोर्टल शुरू होने जा रहा है। अभी यह निर्माणाधीन है। ऐंड्रॉयड और iOS ऐप के साथ लोगों तक पहुंच बनाने के इरादे से इसे फरवरी के पहले हफ्ते में विधिवत लॉन्च किया जाएगा। इस पोर्टल का इरादा हिमाचल प्रदेश पर केंद्रित रहते हुए भारत और दुनिया की सभी जरूरी खबरों को लोगों तक पहुंचाना है।

प्रसून शुक्ला और अतुल अग्रवाल की नई पारी, अमित त्रिपाठी का इस्तीफा

प्रसून शुक्ला ने ईटीवी से इस्तीफा देने के बाद नई पारी की शुरुआत सहारा मीडिया के साथ की है. उन्हें सहारा समूह के न्यूज चैनलों का ग्रुप इनपुट हेड बनाया गया है. वे पहले भी सहारा में 7 वर्षों तक काम कर चुके हैं. ईटीवी में कंसल्टिंग एडिटर के पहले वे न्यूज एक्सप्रेस चैनल के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ थे.

प्रिया, बंशी, आदेश, महेश, अमित, सौरभ, नीति, मुरली, आशीष, धर्मेंद्र, सूरज, संजीत के बारे में सूचनाएं

कांगडा से खबर है कि हिमाचल की पहली मल्टी मीडिया कंपनी ‘हिमाचल अभी अभी’ के साथ साहित्यकार और पत्रकार प्रिया आनंद उर्फ सुनीता तिवारी ने जुड़ गई हैं. उन्होंने बतौर चीफ प्रोड्यूसर ज्वाईन किया है. प्रिया आनंद पिछले 13 साल तक दिव्य हिमाचल अखबार से जुडी रहीं. इस दौरान उन्होंने धार्मिक पुलआउट के साथ-साथ एडिटोरियल पन्ने को नया स्वरूप प्रदान किया था.

नेशनल हेराल्ड केस मे सोनिया-राहुल की बदनामी के बाद लगता नहीं शुरू हो पाएगा शिवराज के स्वप्नों का दैनिक अखबार

नेशनल हेराल्ड मामले मे सत्ता के शर्मनाक दुरुपयोग का खुलासा होने के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि राजनैतिक पार्टियों द्वारा अपना अखबार, खासतौर पर दैनिक अखबार निकालने की क्या तुक है? मजबूरी में खरीदने वाले भी इन्हे रद्दी की टोकरी मे डालना पसंद करते हैं। वैसे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की दिली तमन्ना है कि एक दैनिक अखबार शुरू किया जाए जो पार्टी की विचारधारा और उनकी सरकार की उपलब्धियों को आमजन तक सीधे पहुंचाने का काम करे। इसका खुलासा उन्होने पिछले बरस पार्टी पदाधिकारियों को दिए गए रात्रिभोज मे किया था। इसके लिए उन्होने प्रमुख सहयोगी शिवसेना के मुखपत्र सामना का जिक्र भी किया था। मुख्यमंत्री का मानना है की प्रस्तावित दैनिक पार्टी के दस लाख कार्यकर्तायों तक पहुँच सकेगा। वैसे प्रदेश भाजपा का मासिक पत्र चरैवेति प्रकाशित होता है।

जागरण समूह के अखबार नवदुनिया के भोपाल संस्करण से एक साथ पांच ने दिया इस्‍तीफा

जागरण समूह के अखबार नवदुनिया में एक साथ पांच बड़े इस्‍तीफे हो गए हैं. इनमें भोपाल नवदुनिया के स्‍टेट ब्‍यूरो में कार्यरत स्‍पेशल रिपोर्टर हरीश दिवेकर का भी इस्तीफा शामिल है. दूसरा बड़ा इस्‍तीफा है सिटी डेस्‍क डिप्‍टी न्‍यूज एडिटर सांध्‍यदीप काशिव का. सांध्‍यदीप ने दैनिक भास्‍कर से नाता जोड़ लिया है. चीफ रिपोर्टर वीरेंद्र राजपूत ने भी इस्‍तीफा दे दिया है. वीरेंद्र अभी नोटिस पर चल रहे हैं.

दैनिक जागरण चंदौली में गलत खबर छपने पर संपादक को नोटिस जारी

वर्ष 2012 के अक्टूबर व नवम्बर माह में दैनिक जागरण के चंदौली संस्करण में मुगलसराय से प्रकाशित हुये दो भ्रामक समाचारों की शिकायत को संज्ञान में लेने के बाद भारतीय प्रेस परिषद ने वादी व जागरण के वाराणसी के सम्पादक को सुनवाई के लिये नोटिस जारी किया है। सुनवाई वर्ष 2016 के 5 जनवरी को सुनिश्चित है। विदित हो कि वर्ष 2012 के अक्टूबर माह के 19 तारीख को जागरण के पृष्ठ संख्या 02 पर ”बिजली कटौती के विरोध में क्रमिक अनशन” नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ था जो पूरी तरह गलत था। वादी राजीव कुमार ने स्पष्ट किया था कि दिनांक 17 अक्टूबर को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल किया जायेगा और किया भी गया था। इसका समाचार लगभग सभी समाचार पत्रों ने प्रमुखता से 18 अक्टूबर के अंक में प्रकाशित किया था, जागरण को छोड़कर। उसी समाचार को दैनिक जागरण ने 19 अक्टूबर को क्रमिक अनशन के रूप में दिखाया।

पीएसीएल वाले निर्मल सिंह भंगू के कई ठिकानों पर ईडी ने की छापेमारी

पीएसीएल और इसके प्रमोटर रहे निर्मल सिंह भंगू के खिलाफ शिकंजा कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के कई शहरों में पीएसीएल के दफ्तरों पर छापे मारे। ईडी निवेशकों से गैरकानूनी तरीके से जुटाई गई करीब 60 हजार करोड़ रुपये की राशि के मामले में मनी लांड्रिंग के पहलू की जांच कर रहा है। यह राशि कई पोंजी स्कीमों के जरिये जुटाई गई।

मेरी अंतिम इच्छा : एक जनपक्षीय व्यवसायी कामरेड महादेव खेतान ने मरने के दो दिन पहले जो वसीयत तैयार की, उसे पढ़ें

करेंट बुक डिपो कानपुर के संस्थापक महादेव खेतान का अब से तकरीबन 16 वर्ष पूर्व 6 अक्टूबर 1999 को निधन हुआ। महादेव खेतान ने अपनी पुस्तकों की इस दुकान के जरिए वामपंथी विचारधारा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान किया और उनके इस योगदान को हिन्दी भाषी क्षेत्रों में काफी सराहा गया। विचारों से साम्यवादी होने के साथ वह एक सफल व्यवसायी भी थे लेकिन उन्होंने अपने व्यवसायी हित को कभी-भी व्यापक उत्पीड़ित जनसमुदाय के हित से ऊपर नहीं समझा। यही वजह है कि अपनी पीढ़ी के लोगों के बीच वह कॉमरेड महादेव खेतान के रूप में जाने जाते थे… अपने निधन से दो दिन पूर्व उन्होंने अपनी वसीयत तैयार की। हम उस वसीयत को यहां अक्षरशः प्रकाशित कर रहे हैं ताकि एक जनपक्षीय व्यवसायी के जीवन के दूसरे पहलू की भी जानकारी पाठकों को मिल सके. -आनंद स्वरूप वर्मा, संपादक, समकालीन तीसरी दुनिया

फेसबुक के फ्रॉड 5 : जो वाकई में फ्री बेसि‍क्‍स है, वो फेसबुक के फ्री बेसि‍क्‍स में शामि‍ल नहीं है

Rahul Pandey : मैं सोच रहा हूं उस वक्‍त और उस वक्‍त के रि‍जल्‍ट्स के बारे में, जब भारत के आम चुनाव कब होने चाहि‍ए, कैसे होने चाहि‍ए और क्‍यों होने चाहि‍ए और उसका रि‍जल्‍ट क्‍या होना चाहि‍ए, फेसबुक इस बारे में हमारे यहां के हर मॉल, नुक्‍कड़ और सड़कों पर बड़ी बड़ी होर्डिंग्‍स लगाएगा। यकीन मानि‍ए, तब भी उसका यही कहना होगा कि वो जो कुछ कह रहा है, सही कह रहा है क्‍योंकि उसके पास भारत में पौने एक अरब यूजर्स हैं। मेरी मांग है कि मुझे कान के नीचे खींचकर एक जोरदार रहपटा लगाया जाए ताकि मैं इस तरह की वीभत्‍स और डरा देने वाली सोच से बाहर आ सकूं। मेरे देश के लोगों के अंग वि‍शेष पर उगे बाल बराबर भी नहीं है ये कंपनी और कि‍सी देश के बारे में ऐसा सोच रही है…एक्‍चुअली हम ही ढक्‍कन हैं और सिर्फ घंटा बजाने लायक हैं, अक्‍सर थामने लायक भी।

फेसबुक के फ्रॉड 4 : तीन सबसे बड़ी लुटेरी कंपनियों एयरटेल, रि‍लायंस और वोडाफोन की फेसबुक से यारी के मायने

Rahul Pandey : अब इसका क्‍या करेंगे? देशभर में जि‍न तीन कंपनि‍यों के खि‍लाफ हम लोगों सहि‍त प्राइवेट कंपनि‍यों और सरकारी वि‍भागों ने सबसे ज्‍यादा शि‍कायत की है, वो एयरटेल, रि‍लायंस और वोडाफोन है। इनकी कहानी तो याद होगी। रि‍लायंस भारत में इस फ्री के फ्रॉड के साथ साझेदारी कर रहा है तो अफ्रीका में एयरटेल पहि‍लेन फेसबुक के साथ फ्रॉड इंटरनेट डॉट ओआरजी लॉन्‍च कर चुका है और यहां भी कि‍सी न कि‍सी तरह से (चाहे सरकार में पैसे खि‍लाकर लांबिंग हो) अपना हि‍स्‍सा बनाएगा। अगर फेसबुक फ्री बेसि‍क्‍स का फ्रॉड काम कर गया तो पड़े करते रहि‍ए इनके खि‍लाफ शि‍कायत, ये घंटा कुछ नहीं करने वाले। अभी भी कौन सा कुछ कर ही दे रहे हैं। कॉल ड्रॉप पर कोर्ट की कइयो फटकार के बावजूद क्‍या कॉल ड्रॉप होनी बंद हो गई?

फेसबुक के फ्रॉड 3 : भारतीयों को उल्‍लू बनाने के लिए एड कैंपेन पर सौ करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर चुका है फेसबुक

Rahul Pandey :  फेसबुक कह रहा है कि भारत में उसके बहुत ज्‍यादा यूजर्स हैं, इसलि‍ए फ्री बेसि‍क्‍स का अधि‍कार उसे मि‍लना चाहि‍ए। अंबानी अंकल का हाथ है तो पैसे की कोई कमी नहीं। फ्री बेसि‍क्‍स के लि‍ए फेसबुक ने भारत में जो एड कैंपेन चलाई, उस पर सौ करोड़ रुपये (सोर्स-द वायर) से भी ज्‍यादा खर्च कि‍या जा चुका है और अभी और भी खर्च होंगे। ये सारा का सारा पैसा भारतीयों को सिर्फ उल्‍लू बनाने के लि‍ए खर्च हो रहा है।

फेसबुक के फ्रॉड 2 : दलाली में हिस्सा पाने की लाइन में लगे बीबीसी, इंडि‍या टुडे, नेटवर्क 18, एक्‍यूवेदर, बिंग सहि‍त सौ से अधि‍क मीडि‍या हाउस

Rahul Pandey : आखि‍र क्‍या बात है जो मेनस्‍ट्रीम मीडि‍या फेसबुक के इस कदम का खुलकर वि‍रोध नहीं कर पा रहा है। जो मेरी समझ में आ रहा है, उसमें दो बातें हैं। एक तो मेनस्‍ट्रीम मीडि‍या की समझदानी इंटरनेट को लेकर अभी बहुत ही कमजोर है। कई डि‍जि‍टल कॉन्‍फ्रेंसों में मैने मेनस्‍ट्रीम के लोगों को सुपर बेवकूफी के सवाल पूछते पाया, मसलन फेसबुक के लाइक कैसे बढ़ते हैं या खबर लोग कैसे शेयर करते हैं। दसूरी ये कि मीडि‍या मालि‍क पहले भी चुपचाप दलाली कि‍या करते थे और इस बार भी इस बड़ी दलाली में हि‍स्‍सा पाने का ख्‍़वाब देख रहे हैं। वैसे चिंता की कोई बात नहीं है, फेसबुक ज्‍यादा बड़ा वाला है, वो खुद से जुड़ रहे मीडि‍यावालों को कोई इनकम नहीं देने वाला।

फेसबुक के फ्रॉड 1 : मार्क जुकरबर्ग अब तक भारत के 32 लाख लोगों को धोखा दे चुके हैं!

Rahul Pandey : बराबरी का एक ही मतलब होता है दस नहीं। कान के नीचे खींच के रहपट धरे जाने का काम कर रहे फेसबुक के मालि‍क मार्क ज़करबर्ग से पूछेंगे तो वो सत्‍तर और मतलब बता देंगे कि बराबरी ये भी होती है, वो भी होती है और जो कुछ भी वाया फेसबुक हो, वही होती है। बराबरी के सत्‍तर गैर-बराबर कुतर्क जि‍से वो फ्री बेसि‍क्‍स का नाम देकर हम पर थोपना चाह रहे हैं, उसके लि‍ए वो हर कि‍सी के बराबर से इतना गि‍र गए हैं कि उन्‍हें नीच कहना नीचता को मुंह चि‍ढ़ाना होगा।

माकपा के सवर्ण कम्युनिस्टों को सदबुद्धि आ गई…

Mukesh Kumar : शुक्र है कि माकपा को अब जाति व्यवस्था से उपजी सामाजिक विषमता के कारण होने वाले अत्याचारों एवं भेदभाव को अपनी नीति-रीति का हिस्सा बनाने की सद्बुद्धि आ गई है। सवर्णों के नेतृत्व ने उसे ऐसा करने से रोक रखा था, लेकिन सफाचट हो रहे जनाधार ने उसे मजबूर कर दिया कि वह अपना रवैया बदले और भारतीय परिस्थितियों में सामाजिक-आर्थिक विषमता को जोड़कर देखे।

जेटली का चाबुक और मीडिया घरानों का घुटने टेकना… : चौथे खंभे का ‘आपरेशन’ शुरू

: इमरजेंसी के विद्याचरण भी पानी मांगे : वित्तमंत्री अरुण जेटली नये प्रयोगकर्ता के तौर पर सामने आए हैं। उन्होंने डीडीसीए में अगर ‘चारा मॉडल’ को आगे बढ़ाया है। तो सूचना प्रसारण मंत्रालय के जरिये ‘लोकतंत्र में इमरजेंसी’ का नया माडल दिया है। जेटली जी ने छह महीने के भीतर ही चौथे खंभे की ऐसी कमर तोड़ी है कि फिर से उठने में उसे सालों लग जाएंगे। यह सब कुछ सरकारी कोड़े से संभव हुआ है। जेटली की चाबुक क्या चली एक-एक कर सारे मीडिया घराने घुटने टेक दिए। विरोध जताने वाले सरकारी कहर का सामना कर रहे हैं। पत्रकारिता का यह हाल उन जेटली साहब ने किया है जो इमरजेंसी की पैदाइश हैं। सरकारी शिकंजा ऐसा है कि संजय गांधी और विद्याचरण शुक्ल की जोड़ी भी शरमाने लगे।

पंकज सिंह जी की अंतेष्टि में मैंने अनायास उनके पैर छू लिए

Shashi Bhooshan Dwivedi : पता नहीं क्यों मृत्यु के बाद किसी की लाश या चिता की फोटो लगाना मुझे अच्छा नहीं लगता। शायद दिक्कत मेरी ही होगी। लेकिन आज एक सीख मिली। आमतौर पर मैं हिंदी साहित्य के किसी बुजुर्ग के पैर नहीं छूता। सिवाय विश्वनाथ त्रिपाठी के। आज तक उनसे कोई लाभ लिया नहीं और सोच रखा है कि कभी कोई लाभ उनसे मिलने वाला भी होगा तो लूंगा नहीं। आज पंकज सिंह जी की अंतेष्टि में मैंने और उमाशंकर चौधरी ने अनायास उनके पैर छू लिए तो उन्होंने पास बैठाकर कहा कि देखो कई लोग मेरे पैर छू गए मैंने किसी से नहीं कहा लेकिन तुम लोगों से तो कहूँगा कि श्मशान में मृतक के सिवा किसी के पैर नहीं छूने चाहिए। यह हमारी परंपरा है। मैं शर्मिंदा था।

जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देखिए, वो सरकारी भोंपू बना हुआ है

Mukesh Kumar : अरूण जेटली ने सही फरमाया है कि चैनलों की चर्चाएं शोरगुल और उत्तेजना से भरी होती हैं। उन्होंने ये समझाइश भी ठीक ही दी है कि उन्हें इस पर विचार करना चाहिए यानी सुधारना चाहिए। भला कौन उसे असहमत होगा, क्योंकि सभी चैनलों की चर्चाओं से त्रस्त हैं। लेकिन जेटली साहब ज़रा अपने दूरदर्शन को भी देख लिया कीजिए। वो किस कदर एक पक्षीय और सरकारी भोंपू बना हुआ है। उसे तथ्यों-कथ्यों से कुछ लेना-देना नहीं होता, बस सरकार का अंधाधुंध प्रचार और विपक्षियों के खिलाफ़ निंदा अभियान। आखिर प्रसार भारती का गठन इसलिए तो नहीं किया गया था। अगर जेटली सचमुच में भारतीय मीडिया के चरित्र को लेकर चिंतित हैं और उसमें बदलाव चाहते हैं तो शुरूआत प्रसार भारती से ही करें। उसे मुक्त करें और समूचे मीडिया के लिए रोल मॉडल बनने दें। अगर नहीं कर सकते तो ये पाखंड उनको शोभा नहीं देता।

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कवि-पत्रकार पंकज सिंह को जसम की श्रद्धांजलि : वे हमारी आवाजें थें…

मशहूर कवि और पत्रकार पंकज सिंह का निधन देश के क्रांतिकारी वामपंथी सांस्कृतिक आंदोलन के लिए एक बड़ी क्षति है। 26 दिसंबर को दिल्ली में दिल के दौरे से उनका निधन हो गया। निधन के चार दिन पहले ही उन्होंने अपने जीवन का 67वां साल पूरा किया था। वसंत के वज्रनाद ‘नक्सलबाड़ी जनविद्रोह’ ने मुक्ति का जो स्वप्न दिया, उसके साथ पंकज सिंह का आजीवन गहरा सरोकार रहा। राजनीति का क्षेत्र हो या साहित्य और कला का, जिन ‘हाथों पर युवा वसंत के उल्लास का खून’ लगा था, उनकी शिनाख्त करना वे कभी नहीं भूले। 1985 में दिल्ली मे हुए जन संस्कृति मंच के स्थापना सम्मेलन में वे बतौर प्रतिनिधि शामिल हुए थे। 1998 के दिल्ली सम्मेलन में वे जसम के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने। भाकपा-माले से उनका अत्यंत दोस्ताना संबंध रहा। आखिरी वक्त तक वे मार्क्सवादी-लेनिनवादी राजनीतिक धारा के साथ ही जुड़े रहे। जीवन की आखिरी सांस तक सत्ता की तानाशाही और उसके फासीवादी मुहिम के विरुद्ध वे सक्रिय रहे।

पंकज सिंह को जनसत्ता के संपादक मुकेश भारद्वाज की श्रद्धांजलि : अनजान शहर में जान-पहचान

एक बेतकल्लुफ-सी मुलाकात थी वो। दिल्ली में औपचारिक तौर पर काम संभालने के बाद एक पुराने वरिष्ठ सहयोगी के इसरार पर मैं अजित राय के जन्मदिन की पार्टी में शिरकत के लिए पहुंचा। यह पहला मौका था कि मैंने किसी आयोजन में शमूलियत की हामी भरी थी। जनसत्ता के पूर्व संपादक अच्युतानंद मिश्र, प्रख्यात कवि केदारनाथ सिंह और मशहूरो-मारूफ बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की सोहबत का मौका मिला।

नेट न्यूट्रलिटी जरूरी… ताकि इंटरनेट का विस्तार न बाधित हो और इस पर बड़ी कंपनियों का एकाधिकार न स्थापित हो

नेट न्यूट्रलिटी यानी बिना किसी अवरोध के अपनी इच्छा से इंटरनेट का उपभोग करने की स्वतंत्रता का मुद्दा एक बार फिर बहस में है. भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण (ट्राइ) ने इस साल दूसरी दफे लोगों से इस मसले पर राय मांगी है. नेट न्यूट्रलिटी के विवाद के एक सिरे पर सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और कुछ इंटरनेट सेवा प्रदाता हैं तथा दूसरे सिरे पर इंटरनेट के इस्तेमाल की मौजूदा स्थिति को बरकरार रखने की मांग करते उपभोक्ता और कार्यकर्ता. फेसबुक और उसके साथ खड़े सेवा प्रदाताओं का कहना है कि वे बेसिक इंटरनेट सेवा के माध्यम से जरूरी साइटें और सेवाएं उन लोगों तक मुफ्त या कम शुल्क में पहुंचाना चाहते हैं, जो अभी तक इसका उपभोग नहीं कर पा रहे हैं या फिर सीमित रूप में करते हैं.

अख़बारों-मैग्जीनों में छपने वाला साल का साहित्यिक आकलन मालिश पुराण के सिवा कुछ भी नहीं

Dayanand Pandey : अख़बारों और पत्रिकाओं में छपने वाला साल का साहित्यिक आकलन के नाम पर मालिश पुराण चार सौ बीसी के सिवा कुछ भी नहीं है। जैसे न्यूज चैनल न्यूज दिखाने की जगह चार ठो पैनलिस्ट बैठा कर चीखते -चिल्लाते आप का समय नष्ट करते हैं, अपना धंधा चोखा करते हैं। वैसे ही यह साहित्य के रैकेटियर कुछ लोगों की चरण वंदना करते हैं। यह किताबों की चर्चा नहीं करते, चेहरे की चर्चा करते हैं। नाम जानते हैं यह, काम नहीं।

जिन सब्जियों का यह पीक सीज़न है, उनका भी दाम आसमान पर, जियो रजा हुक्मरानों… खूब लूटो!

Dayanand Pandey :  हरी मटर पचास रुपए किलो, टमाटर चालीस रुपए किलो, गोभी तीस रुपए पीस, पत्ता गोभी बीस रुपए, पालक चालीस रुपए किलो, बथुआ चालीस रुपए किलो, चना साग अस्सी रुपए किलो। इन सब्जियों का यह पीक सीज़न है। फिर लहसुन दो सौ रुपए किलो। फल और दाल तेल तो अय्यासी थी ही, अब लौकी, पालक आदि भी खाना अय्यासी हो गई है। जियो रजा हुक्मरानों! ख़ूब जियो और ख़ूब लूटो! दूधो नहाओ, पूतो फलो! यहां तो किसी संयुक्त परिवार में रोज के शाम के नाश्ते में मटर की घुघरी और भोजन में निमोना नोहर हो गया है। हम लखनऊ में रहते हैं। यहीं का भाव बता रहे हैं। अब कोई मुफ़्त में ही खा रहा है या कम भाव में, तो खाए। अपनी बला से। हमें क्या?

क्या गूगल, क्या माइक्रोसॉफ्ट और क्या फेसबुक… आप सबके लिए मोहरे हैं…

Sanjay Tiwari : इंटरनेट पर आजादी की दुहाई के दिन फिर से लौट आये हैं। फेसबुक अगर नयी तैयारी से मुफ्त सेवा देने के लिए कमर कसकर दोबारा लौटा है तो उसी फेसबुक पर उसकी इस मुफ्त सेवा का मुखर विरोध भी शुरू हो गया है। अच्छा है। जनता के हक हित और आजादी की मांग तो होनी ही चाहिए लेकिन आजादी की यह दुहाई थोड़ी बचकानी है। जिन दिनों फेसबुक मैदान में उतरा ही था उन दिनों भी कहा गया था कि यह प्राइवेसी में बहुत बड़ी सेंध लग रही है। लेकिन सेंध क्या? फेसबुक ने तो पूरा पनारा ही खोल दिया। क्या हुआ प्राइवेसी का? यह जानते हुए कि आपकी प्राइवेसी को सचमुच खतरा है फिर भी क्या बिना फेसबुक एकाउण्ट बनाये रह सकते हैं आप?

सम-विषम दौर-दौरे में इस बड़े फच्चर को दूर करने का जतन तुरंत किया जाना चाहिए

Om Thanvi : मुझे बहुत खुशी होगी, अगर सम-विषम प्रयोग सफल होता है। लेकिन सरकार को भी चाहिए कि आवागमन के वैकल्पिक, प्रदूषण रहित, साधनों की उपलब्धि में जी-जान लगा दे। दिल्ली की छाती पर एनसीआर हलकों में धुँआ उगलते वाहनों पर नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों की सरकारों से सहयोग की गुजारिश करनी चाहिए। एक और समस्या, जिसे तुरंत हल किया जाना चाहिए। रेडियो टैक्सी एक बेहतर सुविधा के रूप में विकसित हो रही है। लेकिन अपनी सफलता पर इतरा कर कंपनियां बेजा फायदा भी उठाने लगी हैं। मसलन ऊबर (Uber) को लें। “पीक आवर” अर्थात ज्यादा भीड़ के घंटों में चार-छः गुणा किराया झटकने लगे हैं। यह किसी की मजबूरी का फायदा उठाना है, सरासर ब्लैकमेलिंग है। दूसरी कंपनियां – जैसे मेरु (Meru) – तो ऐसा नहीं करतीं। कुछ टैक्सी संचालकों को लूट की यह आजादी क्यों?

शिवना सम्‍मानों की घोषणा : ब्रजेश राजपूत, लालित्‍य ललित तथा सौरभ पाण्‍डेय होंगे सम्‍मानित

सीहोर : शिवना प्रकाशन द्वारा प्रति वर्ष दिये जाने वाले तीन सम्‍मानों की घोषणा कर दी गई है। शिवना प्रकाशन के शहरयार ख़ान ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष सम्‍मानों के लिये साहित्‍यकारों के नाम चयन हेतु जो समिति बनाई गई थी उस समिति ने शिवना के तीनों सम्‍मानों हेतु सर्वसम्‍मति से नामों का चयन कर लिया है। इस चयन समिति में साहित्‍यकार श्री नीरज गोस्‍वामी, डॉ. सुधा ओम ढींगरा, श्रीमती इस्‍मत ज़ैदी, तथा पत्रकार श्री चंद्रकांत दासवानी सदस्‍य थे।

वर्धा में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष बने डॉ. कृपाशंकर चौबे, विभाग के शिक्षकों ने किया स्वागत

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. कृपाशंकर चौबे को अध्यक्ष बनने पर विभाग के सभी शिक्षकों ने शाल और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में डॉ. चौबे  सन् 2009 में रीडर बनकर आए थे। इस मौके पर जनसंचार विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार राय, सहायक प्रोफेसर डॉ. धरवेश कठेरिया, डॉ. अख्तर आलम, संदीप वर्मा, राजेश लेहकपुरे और अंजनी राय उपस्थित रहे।

महेश मोतेवार दो दिन के रिमांड पर, 58 जगहों पर छापे, सतीश के सिंह भी नपेंगे

विवादित निवेश योजना की समृद्ध जीवन कंपनी में चिटफंड घोटाला के संबंध में कंपनी के प्रबंध निदेशक महेश मोतेवार के पुणे के 40 कार्यालयों समेत 58 जगहों पर पुलिस व सीबीआई टीमों ने छापा मारा है. गिरफ्तार मोतेवार को उस्मानाबाद की उमरगा अदालत ने दो दिन यानि 31 दिसंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है. मोतेवार को उस्मानाबाद पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया था. बताया जा रहा है महेश मोतेवार की मीडिया कंपनी में सतीश के सिंह भी डायरेक्टर हैं और वे लंबे समय से मोतेवार के इशारे पर तरह तरह के काम करते आए हैं. पुलिस और सीबीआई की टीम सतीश के सिंह से भी पूछताछ कर सकती है क्योंकि मोतेवार के ढेर सारे राज इस वरिष्ठ पत्रकार के पास सुरक्षित हैं.

डीएम ने सीजीएम से फोन कर कहा- अखबार में ढेर सारी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती हैं (सुनें टेप)

धंधेबाज मीडिया के सच को अधिकारी भी अच्छी तरह जानते हैं लेकिन बस वह आन द रिकार्ड इस पर कुछ नहीं बोलते. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के डीएम नीरज बंसोड़ ने यहां के सीजीएम प्रभाकर ग्वाल से फोन पर बातचीत में मीडिया को लेकर अपनी राय का खुला मुजाहरा कर दिया. डीएम साब ने सीजीएम साब से कहा कि अखबारों की बातों का वह संज्ञान लेकर एफआईआर आदि न किया करें क्योंकि अखबारों में तो बहुत सी चीजें छपती हैं जो सब वसूली टाइप रहती है.

कैप्टन टीवी के मालिक और एक पार्टी के नेता विजयकांत ने पत्रकारों पर थूक दिया

पत्रकारों के सवाल के जवाब में कैप्टन टीव के मालिक और डीएमडीके के नेता विजयकांत इस कदर बिफरे कि पत्रकारों पर थूक दिया. विजयकांत कैप्टन टीवी के मालिक और डीएमडीके के चीफ होने के अलावा तमिल फिल्मों के एक्टर भी रहे हैं. एक ब्लड डोनेशन कैंप में शामिल विजयकांत से पत्रकारों ने सवाल पूछा कि क्या एआईडीएमके यानि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता फिर से राज्य की सत्ता में आ सकती है? इसी सवाल पर वो इतना भड़के कि जवाब देने की बजाय पत्रकारों पर थूक दिया और पत्रकारों से ये तक कह दिया कि किसी पत्रकार में इतनी हिम्मत नही है कि वो यही सवाल जयललिता से पूछे.

न्यूज चैनल में रोबोट बना एंकर, पढ़ दिया मौसम से संबंधित समाचार

दुनिया में पहली बार न्यूज चैनल पर खबरों को पढ़ने के लिए एक रोबो को भर्ती किया गया है। इसकी शुरुआत चीन के एक न्यूज चैनल ने की है। चैनल में मौसम की खबर एक रोबो पढ़ता है और यह लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है, लेकिन इससे दूसरे एंकरों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें डर सताने लगा है कि कहीं यह रोबो उनकी नौकरी न खा ले। रोबो जायोल्स ने मंगलवार से अपने एंकरिंग के करियर की शुरुआत की है।

सुभाष चंद्रा और आनंद माधव के बारे में सूचनाएं

जी समूह के चेयरमैन डा. सुभाष चंद्रा ने पुलिस को बताया है कि फोन पर उन्हें किसी शख्स ने जान के खतरे के बारे में आगाह किया है. हिसार के सिटी थाना में शिकायत के बाद पुलिस ने रपट दर्ज की है. चंद्रा के अनुसार किसी ने फोन पर उन्हें कहा कि वह हिसार मत आएं, उनकी जान को खतरा है. फोन करने वाले ने एक ग्रुप और भाजपा के ही एक नेता का नाम लेते हुए बताया कि कुछ लोग डा. चंद्रा को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रच रहे हैं. डा. चंद्रा ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि फोन पर चेतावनी देने वाला उन्हें डराना चाहता था.

संघ और कांग्रेस के मुखपत्रों में हलचल, एक जगह बर्खास्तगी, दूसरी जगह चुप्पी

संघ के मुखपत्र पांचजन्‍य और ऑर्गनाइजर में काम करने वाले लोगों ने वेतन बढ़ाने और कुछ अन्‍य सुविधाओं की मांग करते हुए आरएसएसस के सरसंघचालक मोहन भागवत को चिट्ठी लिखी है। ये मुखपत्र छापने वाली कंपनी भारत प्रकाशन लिमिटेड (बीपीएल) के प्रबंधन पर घटिया व्यवहार करने और कम पैसे में काम कराने का आरोप कर्मियों ने लगाया है।

लोकसभा टीवी में वैकेंसी, करें अप्लाई

लोकसभा टीवी में कंसल्टेंट, चीफ प्रोड्यूसर पद के लिए वैकेंसी निकली है. चैनल को योग्य चीफ प्रोड्यूसर यानि कंट्रोलर आफ प्रोग्राम्स की तलाश है. मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या संस्थान से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन / इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातक की डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले वो लोग अप्लाई करें जिन्हें 15 सालों का टीवी या फिल्म इंडस्ट्री का अनुभव हो. साथ ही कम से कम 5 साल का अनुभव प्रोग्राम प्रोडक्शन या डॉक्यूमेंट्री प्रोडक्शन में हो या फिर स्टूडियो ऑपरेशन व लाइव कवरेज के संचालक रहे हों.

भारत में क्रांति के लिए माहौल तैयार… वजह गिना रहे हैं जस्टिस काटजू

जस्टिस मार्कंडेय काटजू

मैं कह चुका हूं कि भारत एक तरह की फ्रेंच क्रांति की ओर बढ़ रहा है। कई इतिहासकार फ्रेंच नेशनल असेम्बली के टेनिस कोर्ट ओथ को (इस्टेट्स जनरल में तीसरा इस्टेट) जो 20 जून 1789 को लिया गया था, फ्रेंच क्रांति की शुरुआत मानते हैं। मेरा मानना है कि राजेन्द्र कुमार के दफ्तर पर छापा, जिसे दिल्ली के मुख्यमंत्री के दफ्तर पर छापा माना जा रहा है, और इसपर उनकी प्रतिक्रिया (प्रधानमंत्री मोदी को मनोरोगी कहना) भारतीय क्रांति का अग्रदूत है क्योंकि अब सरकारी संस्थाएं (दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार) ने एक-दूसरे से लड़ना शुरू कर दिया है। किसी क्रांति के लिए सिर्फ लोगों का व्यथित होना पर्याप्त नहीं है। यह भी आवश्यक है कि शासक एक दूसरे से लड़ने लगें।

इन तथ्यों पर विचार करें…

दुर्लभ व्यक्तित्व था पंकज सिंह का… श्रद्धांजलि सभा में जुटे संस्कृतिकर्मी

कवि, पत्रकार और कला समीक्षक पंकज सिंह का सोमवार को जब दिल्ली के निगमबोध घाट पर अन्तिम संस्कार हो रहा था, लखनऊ में भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए संस्कृतिकर्मी एकत्र हुए थे। कलास्रोत के तत्वावधान में सोमवार को श्रद्धांजलि सभा ‘हमारी छायाएं..’ का आयोजन किया गया था जिसमें नगर के साहित्यकारों, कलाकारों, रंगकर्मियों ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व बहुआयामी और दुर्लभ था। अच्छे साहित्यकार और पत्रकार होने के साथ ही वे शास्त्रीय संगीत, कला और सिनेमा में भी गहरी दखल रखते थे।

लाइव इंडिया का मालिक महेश मोतेवार चिटफंड घोटाले में गिरफ्तार

हिंदी न्यूज चैनल ‘लाइव इंडिया’, मराठी न्यूज चैनल ‘मी मराठी’, लाइव इंडिया नाम से अखबार और मी मराठी नाम से अखबार की संचालक कंपनी समृद्ध जीवन के एमडी व चेयरमैन महेश मोटेवर उर्फ महेश किसान मोतेवार को चिटफंड घोटाले के चलते गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर है. सेबी ने समृद्ध जीवन फूड्स के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था.

महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून का ड्राफ्ट तैयार, जानिए क्या क्या है खास बातें

महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून बनने की संभावना अब बढी है. राज्य सरकार ने पत्रकार सुरक्षा बिल लाने का निर्णय लिया है. इसी हेतु बिल का डॉफ्ट बनाया गया है जो विपक्ष एवं पत्रकार हमला विरोधी कृती समिती को भेजा गया है. विपक्ष और हमला विरोधी समिती एक महीने के अंदर इस ड्राफ्ट का अध्ययन करेगी और इस पर सुझाव देगी. ड्राफ्ट पर सुझाव के लिए एक महीने का अवधि देने से नागपुर मे चल रहे हिमकालीन अधिवेशन में बिल पेश होने की कोई गुंजाईश नहीं दिख रही. लेकिन अगले बजेट अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा बिल ला जाने के आसार अब बढे हैं.

चुनाव की झूठी खबर चलाने वाले उपजा के जिलाध्यक्ष पंकज दीक्षित गिरफ्तार

फर्रूखाबाद। रिश्वत देकर प्रधानी का प्रमाण पत्र मिलने की झूठी खबर चलाने वाले उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन उपजा के जिलाध्यक्ष एवं बेव पोर्टल जेएनआई के पत्रकार पंकज दीक्षित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आवास विकास चौकी प्रभारी महेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कोतवाली फतेहगढ़ जेएनआईबी रोड़ निवासी पंकज दीक्षित पुत्र चन्द्र विहारी के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के मुताबिक पंकज दीक्षित आवास विकास कालोनी 2बी/116 स्थित कार्यालय में जेएनआई न्यूज के नाम से बेव पोर्टल चलाते है।

दैनिक जागरण की ऑनलाइन परीक्षा परिणाम घोषित, चंडीगढ़ टीम ने किया बेहतर प्रदर्शन

लुधियाना। दैनिक जागरण की ऑनलाइन परीक्षा के नतीजे आ गए हैं। चंडीगढ़ टीम पहली बार परीक्षा देने के लिए लुधियाना प्रैस में गई थी और दैनिक जागरण चंडीगढ़ टीम ने बेहतर परफार्मेंस की है। लुधियाना में हुई इस परीक्षा के नतीजे वीरवार को घोषित कर दिए गए हैं। अब देखना होगा कि इस परीक्षा का इन रिपोर्टरों को कितना लाभ होगा और किस पद पर इन्हें दैनिक जागरण प्रबंधन नवाजता है। मजीठिया देने से बच रही दैनिक जागरण प्रबंधन इन सफलार्थियों को क्या इनाम देता है।

पूर्वोत्तर यात्रा-1 : शिलांग में पश्चिम का राजस्थान

शिलांग में राजस्थानी समाज द्वारा 1959 में बनाया गया राजस्थान विश्राम भवन।

जिंदगी यादों का कारवाँ है। हम भी अपने इस यादों के कारवे में आप सब को शामिल करने जा रहे है। देश के पूर्वी हिस्से जिसे नार्थ ईस्ट यानि पूर्वोत्तर के नाम से जानते हैं। भारत का यह इलाका देश के बाकी हिस्से से लगभग कटा हुआ है। हालाँकि हाल के वर्षों में लोगों की दिलचस्पी पूर्वोत्तर में बढ़ी है। काफी दिनों से पूर्वोत्तर यात्रा के बारे में सोच रहा था। इसी साल सितम्बर की एक दोपहर मंत्रालय में खबरों की तलाश के दौरान  एशियन एज के विशेष संवाददाता मेरे मित्र विवेक भावसार ने बताया की हम कुछ पत्रकार मित्र पूर्वोत्तर यात्रा की योजना बना रहे हैं। पूछा क्या आप भी चलना चाहेंगे ? मैं तो पूर्वोत्तर देखने के लिए कब से लालायित था। इस लिए हा कहने में जरा भी देर नहीं की। धीरे धीरे पूर्वोत्तर जाने वाले पत्रकार साथियों की संख्या बढ़ते बढ़ते 18 तक पहुच गई। आख़िरकार पूर्वोत्तर यात्रा की तिथि भी तय हो गई। एयर टिकट सस्ते मिले इस लिए एक माह पहले ही टिकटों की बुकिंग कराई गई।

शोध रिपोर्ट : महिलाओं को सशक्त बना रहा सोशल मीडिया

डॉ. कठेरिया के नेतृत्व में महिला फेसबुक उपयोगकर्ता पर हिंदी विवि में हुआ शोध
फेसबुक उपयोग करने वाली 47 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक के नियम, कानून से परिचित हैं
34 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सामाजिक सरोकार के लिए करती हैं
55 प्रतिशत प्रतिभागी फेसबुक का उपयोग सूचना प्राप्त करने के लिए करती हैं
मित्रों से चैट करने के लिए केवल 13 प्रतिशत ही इसका उपयोग करती हैं
युवतियां फेसबुक का उपयोग सामाजिक मुद्दों एवं महत्वपूर्ण विषयों के संदर्भ में अधिक करती हैं
विचारों के आदान-प्रदान के लिए फेसबुक को सशक्त माध्यम की संज्ञा दी गई है

31 दिसंबर को पंकज, अनिल, प्रदीप समेत कई लोग होंगे जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से सम्मानित

लखनऊ। लोकबंधु राजनारायण के लोग संस्‍था ने 31 दिसम्‍बर 2015 को अपने-अपने क्षेत्र में विशिष्‍ट कार्य करने वालों को लोकबंधु राजनारायण स्‍मृति सम्‍मान और जयप्रकाश शाही स्‍मृति सम्‍मान से विभूषित करने का निर्णय लिया है। लोकबंधु राजनारायण के निर्वाण दिवस पर आयोजित स्‍मृति समारोह में प्रदेश सरकार के पर्यटन मंत्री श्री ओमप्रकाश सिंह, राष्‍ट्रपुरुष चन्‍दशेखर पुस्‍तक के विचार संपादक व विधान परिषद सदस्‍य श्री यशवंत सिंह और हिन्‍दुस्‍तान, दैनिक जागरण तथा राष्‍ट्रीय सहारा जैसे अखबारों में दो दशक से अधिक समय तक संपादक रहे श्री सुनील दुबे खास मेहमान के रूप में उपस्थित रहेंगे।

वाट्सएप पर मुस्लिमों के बारे में घटिया टिप्पणी करने वाले कथित पत्रकार के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक कथित पत्रकार पर आई टी एक्ट के तहत मामला दर्ज़ हुआ है. कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ थाणे में राजेश मंगतानि नाम के व्यवसायी पर मुस्लिम समुदाय पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में आई टी एक्ट की धारा 66क लगी है। घटना के संबंध में मनेन्द्रगढ़ के शिकायतकर्ता ने बताया की राजेश मंगतानि ख़ुद को “सहारा समय mp cg का पत्रकार बताता है।

योग शरीर की यात्रा करके समाधि तक जाता है… (साक्षात्कार : योगी अरुण तिवारी)

यूं तो भारत और योग का संबंध हज़ारों साल से भी ज़्यादा पुराना है। लेकिन हाल के कुछ दशकों में इसकी लोकप्रियता तथा स्‍वीकार्यता तेज़ी से बढ़ी है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यही है कि पुरातन प्रयासों के समानान्तर आज भी भारतीय ज्ञान की वर्षा सम्पूर्ण विश्व-जगत में हो रही है, भले ही औसतन उसका प्रतिशत कम हो किन्तु निःसंदेह रूप से हमारे योगियों, ज्ञानियों, ऋषियों और महात्माओं के द्वारा आज भी उसके पोषण के प्रयास निरन्तर जारी रहते हैं। ऐसे ही प्रयासों में लगातार ख़ुद को समर्पित करने वाले हैं योग व समाज-सेवा के क्षेत्र में भारत के राष्ट्रपति व देश-विदेश की अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सम्मानित योगी अरुण तिवारी जिन्होने भारत के अलावा संयुक्त राष्ट्र संघ सहित दुनिया के अनेक देशों जैसे श्रीलंका, यूरोप, स्वीडन, नार्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, लुथवेनिया, अमेरिका और कनाडा आदि में योग-सुधार कार्यक्रम के माध्यम से हज़ारों लोगों तक योग को सही रूप में पहुँचाया है। योग को लेकर दुनिया भर में उनके प्रयासों की पड़ताल कर रहे हैं अमित राजपूत

आईपीएस सिकेरा से पत्रिका के संपादक महेंद्र ने माफीनामा छापने का वादा किया (सुनें टेप)

Navniet Sekera : भगवान से भी तेज UP.Patrika.com … अभी अभी एक नयी जानकारी आई है , कि उपरोक्त न्यूज़ दिनाँक Patrika news network Posted: 2015-12-25 17:07:54 IST से स्पष्ट है कि यह न्यूज़ 25 दिसंबर को शाम को 5 बजकर 7 मिनट 54 वें सेकंड में अपलोड की गयी…

भास्कर के बाद अब पत्रिका वालों ने की बदमाशी, आईपीएस नवनीत सिकेरा के बारे में सरासर झूठी खबर छाप दी

भास्कर वालों ने पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने की झूठी खबर छापकर अपनी थू थू सोशल मीडिया पर कराई तो इस काम में भला राजस्थान पत्रिका क्यों पीछे रहता. पत्रिका वालों के यूपी के पत्रकारों ने आईपीएस नवनीत सिकेरा के बारे में बिलकुल उलटी खबर छाप दी है. खुद नवनीत सिकेरा ने सोशल मीडिया पर इस झूठ का पर्दाफाश कर अपना पक्ष रखा है. इसके बाद लोग सिकेरा की पोस्ट को शेयर लाइक कर पत्रिका वालों को इस किस्म का सरासर झूठ छापने के लिए लानत भेज रहे हैं. पहले पढ़िए सिकेरा ने क्या लिखा है और उनके बार में पत्रिका में खबर क्या छपी है….

सम-विषम के नाम पर आम जनता को परेशान करने के लिए अड़ गई आम आदमी पार्टी की सरकार

Sanjaya Kumar Singh : पत्नी और सरकार के आगे तर्क!! दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए जांच के तौर पर शुरू की जा रही सम विषम नंबर की कारों को सम विषम तारीखों को ही चलने देने के फैसले की घोषणा में इतनी छूट है कि – यह प्रयोग सफल हो या असफल कोई खास मतलब नहीं है। सम-विषम नंबर के नाम पर असल में दिल्ली की आबादी को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। एक आबादी जो इससे बेसर है। चाहे वह वीआईपी हो या मोटरसाइकिल चलाने वाली या महिलाएं। दूसरी आबादी इससे प्रभावित होने वालों की है और यह दिल्ली में रोज दफ्तर आने जाने वालों का है जो सबसे ज्यादा परेशानी झेलेगी। चूंकि मामला स्थायी नहीं है इसलिए परेशानी और ज्यादा है। वरना परेशान होने वाला अपने लिए कोई इंतजाम करता।

बीजेपी महासचिव राम माधव ने मोदी की लाहौर यात्रा पर संघी गोबर डाल दिया

Mahendra Mishra : भारत, पाक और बांग्लादेश एक ही जिगर के टुकड़े हैं। क्रूर हालात ने इन तीनों को एक दूसरे से अलग कर दिया। इनके बीच दोस्ती और मेल-मिलाप हो। एकता और भाईचारा का माहौल बने। अमन और शांति में विश्वास करने वाले किसी शख्स की इससे बड़ी चाहत और क्या हो सकती है । इस दिशा में किसी पहल का स्वागत करने वालों में हम जैसे लाखों लोगों समेत व्यापक जनता सरहद के दोनों तरफ मौजूद है। इसी जज्बे में लोग प्रधानमंत्री मोदी की लाहौर यात्रा का स्वागत भी कर रहे हैं। लेकिन इस यात्रा का क्या यही सच है? शायद नहीं। यह तभी संभव है जब मोदी जी नागपुर को आखिरी प्रणाम कह दें।

कैंसर हो गया तो ये रुपया ही काम आएगा, कोई सगा संबंधी नहीं, इसलिए खूब भ्रष्टाचार करो, रुपया कमाओ!

Kanwal Bharti : अभी बरेली से मेरे एक मित्र ने बताया कि उनकी पत्नी को कैन्सर है और दिल्ली में राजीव नाम के एक अस्पताल में वे इलाज करा रहे हैं। अब तक 11 लाख रूपये खर्च हो चुके हैं और इलाज अभी जारी है। मुझे याद आया कि ओमप्रकाश वाल्मीकि के इलाज में कोई 22 लाख रूपये खर्चे में आये थे। फिर भी वे बच नहीं सके थे। मेरे मित्र ने बताया कि 70-70 हजार रूपये के इंजेक्शन लगते हैं, क्योंकि यहां सरकार को लकवा मार गया है। उन्होंने यह भी बताया कि करीबी लोगों ने भी मुंह मोड़ लिया है, ताकि हम उनसे पैसा न मांग लें। अब तक वे 6 लाख रूपये के कर्जदार हो चुके हैं।